SP-DSP समेत 500 पुलिस वालों ने डाली रेड, मिली 20 करोड़ की अफीम, अफीम की खेती को की नष्ट

रोहतास नशे के खिलाफ बिहार में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20 करोड़ की अफीम की खेती को नष्ट किया है। बताया जा रहा है कि रोहतास जिले में बिहार- झारखंड के सीमा पर स्थित नौहट्टा थाना के बेलौजा सोनडीला पर एसपी रौशन कुमार के नेतृत्व मे बड़ी छापेमारी की गई। इस दौरान बीस करोड़ के अफीम की खेती को नष्ट किया गया। इस दौरान शराब की कई भट्ठियों को भी ध्वस्त किया गया है। बताया जा रहा है कि एसपी-डीएसपी, 23 थानाध्यक्ष समेत करीब पांच सौ पुलिस बल छापामारी में शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की इस छापेमारी से हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस दौरान अफीम की खेती को नष्ट कर नशे पर जोरदार प्रहार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहतास जिले के सुदूर सिंहपुर गांव में अफीम की यह खेती की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पूरे इलाके को सीज कर दिया। ट्रैक्टर ला कर पुलिस ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। कहा जा रहा है कि अफीम की यह पूरी खेती 10 एकड़ में की गई थी। 10 एकड़ की अफीम की खेती की कीमत 20 करोड़ बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि फसल के पूरी तरह से तैयार होने के बाद इसकी कीमत और भी ज्यादा हो सकती है। खुले आसमान के नीचे अफीम की यह फसल लहलहा रही थी और अफीम की मोटी-मोटी गांठें लहरा रही थीं। हालांकि, अफीम की यह खेती किसने की थी अभी इसके बारे में पुलिस की तरफ से विशेष जानकारी नहीं दी गई है। recent visitors 87

केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी, एमपी के 10 शहरों में ‘कचरे’ से बनेगी ‘बिजली’

electricity will be produced from waste in 10 urban bodies of mp नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रहीरीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी। recent visitors 149

पडोसी देश पाकिस्तान से 400 हिंदुओं की अस्थियां भारत पहुंची, मृतकों को भारत में मिलेगा मोक्ष; हरिद्वार में होगा गंगा विसर्जन

अमृतसर  पाकिस्तान से लगभग 400 हिंदुओं की अस्थियां लेकर एक समूह भारत आया है। ये लोग इन अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित करना चाहते हैं। साथ ही महाकुंभ में प्रयागराज जाकर पवित्र स्नान करने की भी इच्छा रखते हैं। यह तीसरी बार है जब विभाजन के बाद पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत लाई गई हैं। पहले 2011 और 2016 में भी अस्थियां लाई जा चुकी हैं। यह समूह सोमवार को अटारी बॉर्डर पहुंचा। दिल्ली के निगम बोध घाट पर 4 से 21 फरवरी तक अस्थियां रखी जाएंगी। 22 फरवरी को हरिद्वार के कनखल में सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति भी दी जाएगी। वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद पाकिस्तान से आए हिंदू समूह के पास लखनऊ और हरिद्वार जाने का वीजा है। वे प्रयागराज जाने के लिए वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद कर रहे हैं ताकि महाकुंभ में पवित्र स्नान कर सकें। कराची के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत राम नाथ मिश्र महाराज ने बताया कि पाकिस्तान में कई हिंदुओं की इच्छा होती है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएं। उनके परिजन उनकी यह अंतिम इच्छा पूरी करना चाहते हैं। ऐसे में अस्थियों को मंदिरों में कलश में सुरक्षित रखा जाता है। जब पर्याप्त संख्या में कलश इकट्ठे हो जाते हैं, तो भारत का वीजा लेने का प्रयास किया जाता है। इस तरह मृतक या उनके परिवार की अंतिम इच्छा पूरी होती है। राम नाथ मिश्र ने बताया कि वे लगभग 400 कलश लेकर आए हैं। ये अस्थियां पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित की गई हैं। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन दिल्ली की श्री देवोथान सेवा समिति के महासचिव विजय शर्मा और अन्य लोग अटारी बॉर्डर पर अस्थियां लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 4 से 21 फरवरी तक अस्थियों को दिल्ली के सबसे पुराने और बड़े श्मशान घाट, निगम बोध घाट पर रखा जाएगा। लोग यहां आकर श्रद्धांजलि दे सकेंगे। 21 फरवरी को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थियों को हरिद्वार ले जाया जाएगा। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति दी जाएगी। यह एक पारंपरिक हिंदू रस्म है। विजय शर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वे उन हिंदुओं को वीजा जारी करें जो अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार हरिद्वार में करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी मंचों के माध्यम से अपनी मांग उठाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तानी हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो। recent visitors 55

गुजरात में जल्द लागू होगा UCC,सीएम भूपेन्द्र पटेल ने किया कमेटी का ऐलान

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद अब एक और बीजेपी शासित राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, गुजरात सरकार समान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर मंगलवार को घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि गुजरात सरकार आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूसीसी समिति के बारे में घोषणा कर सकती है। इस समिति में तीन से पांच लोग हो सकते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूसीसी को लेकर ऐलान करेंगे। गुजरात में वर्तमान में भाजपा की सरकार है, इसे भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। पिछले 30 सालों से यहां की सत्ता पर भाजपा काबिज है। उत्तराखंड में यूसीसी लागू गुजरात में 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यूसीसी को लेकर अपने इरादों को जाहिर किया था। बता दें कि उत्तराखंड में 27 जनवरी को यूसीसी लागू किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम को लॉन्च किया। उन्होंने बताया था कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के लिए काफी बातों पर विचार-विमर्श किया। यूसीसी में अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। इसके अनुसार, यूसीसी उत्तराखंड और उससे बाहर रहने वाले राज्यों के निवासियों पर लागू होगा। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। UCC के प्रावधान – विवाह और तलाक के लिए कानून एक समान होगा। एक पुरुष और महिला के बीच विवाह तभी हो सकता है जब वे विवाह के लिए योग्य आयु प्राप्त कर चुके हों और विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का भी कोई जीवित जीवनसाथी न हो। – कपल को मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और विवाह के लिए सहमति देने में सक्षम होना चाहिए। – UCC के अनुसार, पुरुष की कानूनी विवाह आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष होनी चाहिए, और दोनों पक्ष निषिद्ध संबंधों के दायरे में नहीं होने चाहिए। – UCC 60 दिनों के भीतर विवाह पंजीकरण को भी अनिवार्य बनाता है। हालांकि, यूसीसी का कहना है कि केवल पंजीकरण न होने के कारण विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा। – जिन व्यक्तियों ने पहले ही नियमों के अनुसार अपना विवाह पंजीकृत करा लिया है, उन्हें फिर से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पावती देनी होगी। – विवाह पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कराया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उप-पंजीयक को निर्णय लेना अनिवार्य है। यदि 15 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं होता है, तो अधिनियम के अनुसार आवेदन स्वचालित रूप से रजिस्ट्रार को भेज दिया जाएगा। – आवेदन खारिज होने पर पारदर्शी अपील प्रक्रिया उपलब्ध है। साथ ही, गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान है। – राज्य सरकार विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार नियुक्त करेगी। – यह वसीयत और कोडिसिल (वसीयतनामा उत्तराधिकार) के निर्माण और निरस्तीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करती है। recent visitors 72

SC ने बांग्लादेशियों उनके देश भेजने के बजाय सुधार गृहों में रखने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत पर सवाल उठाया है। अदालत ने इन्हें उनके देश भेजने के बजाय पूरे भारत के सुधार गृहों में लंबे समय तक हिरासत में रखने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने इस बात पर बल दिया कि जब किसी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को पकड़ा जाता है और विदेशी अधिनियम 1946 के अंतर्गत उसे दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी सजा पूरी होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित किया जाना चाहिए। पीठ ने पूछा कि विदेशी अधिनियम के अंतर्गत अपनी सजा पूरी करने के बाद फिलहाल कितने अवैध आप्रवासियों को विभिन्न सुधार गृहों में हिरासत में रखा गया है? शीर्ष अदालत ने लगभग 850 अवैध प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत पर चिंता व्यक्त की। एससी ने 2009 के परिपत्र के खंड 2 (v) का पालन करने में सरकार की विफलता पर सवाल उठाया, जो निर्वासन प्रक्रिया को 30 दिनों में पूरा करने का आदेश देता है। न्यायालय ने इस बात पर भी केंद्र से ठोस स्पष्टीकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से क्या कदम अपेक्षित हैं। 'सजा पूरी होने के बाद सुधार गृहों में कैद' माजा दारूवाला बनाम भारत संघ का मामला 2013 में कलकत्ता उच्च न्यायालय से उच्चतम न्यायालय में भेजा गया था। यह मामला मूल रूप से 2011 में शुरू हुआ जब एक याचिकाकर्ता ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला, जिन्हें उनकी सजा पूरी होने के बाद भी पश्चिम बंगाल सुधार गृहों में कैद रखा गया था। शीर्ष अदालत में स्थानांतरित होने से पहले कलकत्ता एचसी ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था। पीठ ने कहा कि ये प्रथाएं मौजूदा दिशा-निर्देशों के विपरीत हैं, जो तेजी से निर्वासन प्रक्रियाओं की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी। recent visitors 74

यूक्रेन को मिलने वाली US मदद पर रोक, जंग के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी समर्थन इस शर्त पर जारी रखने पर सहमत हैं कि यूक्रेन अपनी धरती पर मिलने वाले दुर्लभ खनिज तत्वों तक अमेरिकी पहुंच को लेकर समझौता करे। ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय) में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को अपने यूरोपीय सहयोगियों की तुलना में कहीं अधिक सैन्य और आर्थिक सहायता भेजी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यूक्रेन के साथ एक ऐसा समझौता करना चाहते हैं, जिसके तहत हम उन्हें जो कुछ भी दे रहे हैं, उसके बदले में वे हमें अपने दुर्लभ खनिज तत्व दें।’’ ट्रंप ने सुझाव दिया कि उन्हें यूक्रेन की सरकार से यह संदेश मिला है कि वह आधुनिक उच्च प्रौद्योगिकी वाली अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण तत्वों तक अमेरिका को पहुंच प्रदान करने संबंधी एक समझौता करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा, ‘मैं धरती पर मिलने वाले इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। हम सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रहे हैं। उनके पास बहुत बढ़िया दुर्लभ खनिज तत्व हैं और मैं इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। वे ऐसा करने के लिए तैयार हैं।’ ट्रंप ने पहले कहा था कि वह युद्ध को तेजी से समाप्त करेंगे औ इसके लिए बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा, ‘हमने रूस और यूक्रेन के मामले में बहुत प्रगति की है। देखते हैं कि क्या होता है। हम उस बेतुके युद्ध को रोकने जा रहे हैं।’ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को कहा कि उनके देश की मौजूदगी के बिना अमेरिका और रूस के बीच कोई भी बातचीत अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ट्रंप प्रशासन के संपर्क में है, लेकिन ये चर्चाएं अभी सामान्य स्तर पर हैं और उनका मानना ​​है कि अधिक विस्तृत समझौते के लिए आमने-सामने की बैठकें जल्द होंगी। जेलेंस्की ने कहा, ‘हमें इस पर और काम करने की जरूरत है।’ recent visitors 91

डीजे बजाया कैसे तूने… शोर सुनकर थानेदार पर चढ़ी वर्दी की गर्मी!

How did you play DJ? Hearing the noise, the heat of the uniform reached the police officer! सीधी ! यहां पर डीजे कैसे बजाया तूने, अभी सब सो रहे हैं तुम्हें नहीं पता है क्या… अपने बंगले से तमतमाए निकले टीआई साहब वर्दी की गर्मी से उबल रहे थे। डीजे बजाने वालों की मां-बहन एक करने पर उतारू थे। एक बुजुर्ग हाथ जोड़कर उनसे माफी मांग रहे थे लेकिन टीआई पर कोई असर नहीं हो रहा था। वह सिंघम वाले अंदाज में डीजे बजाने वाले कर्मियों की पिटाई करने में लगे थे। एक-एक को पकड़कर गाड़ी के अंदर डाल रहे थे। अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो टीआई का कहना है कि इसे काट छांट कर पेश किया गया है। वहीं, रीवा डीआईजी ने अब इस पर एक्शन लिया है। वायरल वीडियो पर सफाई वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद टीआई की सफाई आई है। उन्होंने कहा कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उसे काट छांट कर वायरल किया जा रहा है। टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि टीआई साहब की माने तो डीजे बजाने के वक्त मौजूद काफी लोग नशे में थे। पहले तो उन्हें तेज आवाज में डीजे बजाने से रोका गया और जब नहीं माने तो गुस्सा आ गया। पुष्पेंद्र मिश्रा चुरहट थाने में टीआई हैं। क्या है मामला बताया जा रहा है कि सीधी जिले के चुरहट में 31 जनवरी को गणपति पटेल नाम के शख्स पीएचई विभाग से रिटायर हुए, गणपति जब रिटायर्ड हुए तो पीएचई विभाग के उनके परिवार और साथियों ने उनकी विदाई के लिए पार्टी रखी, इसमें डीजे भी आया। दावा किया जा रहा है कि विदाई का काफिला जब सरकारी, पुलिस कॉलोनी के पास से गुजरा तो जनचर्चा के मुताबिक टीआई साहब अपने बंगले में आराम कर रहे थे। डीजे के शोर की वजह से चुरहट के टीआई साहब और भी ज्यादा भड़क गए। फोन पर बुलाया पुलिस बल उन्होंने फोन पर अपने दल-बल को बुलाया और अभद्र गालियां देते हुए कुछ लोगों के बाल पकड़कर गाड़ी में ठूंसकर थाने ले गए। तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। पुलिस के व्यवहार को लेकर हो रही किरकिरी हालांकि प्रशासनिक तौर डीजे संचालकों के लिए मापदंड तय हैं। प्रावधान से अधिक आवाज में बजाने पर कार्रवाई के नियम हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर गाली गलौज के नियम हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस अधिकारी वर्दी की धौंस दिखा रहे हैं। इससे पुलिस की फजीहत हो रही है। कांग्रेस ने शेयर किया वीडियो वहीं, इस घटना का वीडियो कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है। साथ ही एमपी पुलिस के रवैए पर सवाल उठाया है। छह धाराओं में केस दर्ज इसके साथ ही चुरहट पुलिस ने तीन आरोपियों आर्यन पटेल, प्रकाश पटेल और कार्तिक पटेल के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के सेक्सन 15 के अलावा बीएनएस की धारा 132, 121, 221, 351 (3) 3 (5) के तहत व अपराध दर्ज करते हुए, उन्हें जेल भेज दिया है। बचाव में टीआई ने क्या कहा इस मामले में चुरहट टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि दिन में भी डीजे बजाने के लिए अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल साढ़े 4 मिनट का वीडियो पूरा सच नहीं है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम का पूरा वीडियो 50 मिनट का है। टीआई ने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायत पर जब सतेन्द्र द्विवेदी और प्रतीक पांडेय ने हस्तक्षेप किया तो आरोपी ने पुलिसकर्मियों से मारपीट शुरु कर दी, जिससे उन्हें चोटें भी आई हैं। थानेदार पर हो गया एक्शन वीडियो सामने आने के बाद थानेदार पर एक्शन हो गया है। डीआईजी रीवा ने थाना प्रभारी चुरहट को 1 वर्ष की वेतन वृद्धि रोके जाने के दंड से दंडित किया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। [/more] recent visitors 192