कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल से अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर माफ़ी मांगने की मांग की, किया प्रदर्शन

नई दिल्ली पूर्व सांसद उदित राज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर से बाहर प्रदर्शन किया और पंजाब के अमृतसर में बाबा साहब डॉ़ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर उनसे माफी मांगने की मांग की। इस दौरान श्री उदित राज ने कहा, 'श्री केजरीवाल को डॉ. अंबेडकर का सम्मान करना सीखना चाहिए। अमृतसर में डॉ. अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ा गया है। वहां उनकी सरकार है। मैं यहां कोई बाधा डालने नहीं आया हूं। हमारा कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। मैं यहां सिर्फ उन्हें बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति भेंट करने आया हूं…उन्हें अमृतसर में राज्य के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।' कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने श्री केजरीवाल के घर से सामने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाये हैं। गौरतलब है कि 26 जनवरी को एक वीडियो सोशल मीडिया में सामने आया था जिसमें एक व्यक्ति पंजाब के अमृतसर में सीढ़ी लगाकर बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर चढ़ते और हथौड़े से उसे क्षतिग्रस्त करते हुए नजर आ रहा था। इस घटना को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी, पंजाब सरकार और श्री केजरीवाल की तीखी आलोचना की थी।   recent visitors 48

श्रद्धालुयो को सत्ता रहा भगदड़ का भय!, प्रयागराज में करीब 25 फीसदी होटलों की बुकिंग कैंसिल

प्रयागराज मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के बाद तीर्थयात्रियों ने होटलों से बुकिंग कैंसिल कराई. एडवांस पेमेंट करने वाले श्रद्धालु अब आगे की डेट मांग रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रयागराज में करीब 25 फीसदी बुकिंग कैंसिल करा दी गई है. पहले दिन से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इस वक्त प्रयागराज में 200 होटल संचालित हो रहे हैं. बता दें कि मौनी अमावस्या से ठीक पहली रात को संगम क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी. जिसमें 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई. साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए. इस हादसे के चलते उस दिन का अमृत स्नान स्थगित कर दिया गया था. हालांकि बाद में अखाड़ों के केवल गिनती के सन्यासी स्नान के लिए आए थे. वो भी बिना किसी शोभायात्रा या गाजे-बाजे के. साधारण तरीके से परंपरा के निर्वहन के लिए अखाड़ों ने उस दिन स्नान किया था. अलर्ट मोड पर प्रशासन हालांकि इधर भगदड़ से सबक लेते हुए शासन-प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है. वहीं 3 फरवरी यानी कल होने वाले बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए श्रद्धालु अभी से महाकुंभ नगर पहुंच चुके हैं. प्रशासन ने स्नान की तैयारी पूरी कर ली है. मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है. स्नान घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. साथ ही डीप वाटर बैरिकेडिंग लगाई गई है. श्रद्धालुओं के आने-जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है. पुलिस के जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है. पूरे मेले की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है. बसंत पंचमी पर करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. recent visitors 58

गोंगाडी तृषा ने किया कमाल का प्रदर्शन, प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ जीता प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड

नई दिल्ली गोंगाडी तृषा ने कमाल का प्रदर्शन आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 में टीम इंडिया के लिए किया। एक ऑलराउंडर के तौर पर आने वाले समय में भारतीय महिला टीम को एक जबरदस्त प्लेयर मिल सकती है। गोंगाडी तृषा ने बल्ले और बॉल से तूफानी प्रदर्शन फाइनल में भी जारी रखा। तीन विकेट चटकाने के साथ-साथ लो स्कोरिंग मैच में 44 रनों की नाबाद पारी खेली। इस तरह उनको ना सिर्फ फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला, बल्कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी उन्होंने ही अपने नाम किया। लगातार दूसरी बार गोंगाडी तृषा ने इस टूर्नामेंट का फाइनल खेला। हालांकि, अगले टूर्नामेंट के लिए वे योग्य नहीं होंगी, क्योंकि उनकी उम्र ज्यादा हो चुकी होगी। 19 वर्षीय गोंगाडी तृषा ने इस टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा रन बनाए। अब तक दो बार ये टूर्नामेंट आयोजित हो चुका है, लेकिन कोई भी खिलाड़ी 300 से ज्यादा रन नहीं बना पाया है। उन्होंने कुल सात मैचों में 309 रन बल्ले से बनाए और गेंदबाजी में 7 विकेट अपने नाम किए। फाइनल में उनको 3 सफलताएं मिलीं। इस तरह साउथ अफ्रीका के सामने उन्होंने अद्भुत प्रदर्शन किया। बता दें कि गोंगाडी तृषा एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप में शतक जड़ा है। पिछली बार ये टूर्नामेंट खेला गया था, उस समय किसी बल्लेबाज ने शतक नहीं जड़ा था, जबकि इस बार सिर्फ गोंगाडी तृषा ने ये कमाल किया और वे दुनिया की पहली क्रिकेटर अंडर 19 टी20 वर्ल्ड कप में सेंचुरी जड़ने वाली बनीं। गोंगाडी तृषा ने प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद बताया कि वे अपने ही देश की पूर्व क्रिकेटर मिताली राज को अपना आइडल मानती हैं। इसके अलावा उन्होंने अपना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड अपने पिता को डेडिकेट किया, क्योंकि पिता के योगदान के कारण ही गोंगाडी तृषा यहां तक पहुंच सकी हैं। recent visitors 53

दूल्हे ने अपनी बारात में किया चोली के पीछे गाने पर किया डांस, दामाद के डांस से नाराज ससुर ने तोड़ी शादी

नई दिल्ली भारतीय शादियों में फिल्मी गानों पर दूल्हा-दुल्हन का डांस करना आम बात है। सोशल मीडिया पर इस तरह के अनेक वीडियो देखने को मिल जाते हैं। हम सभी ने ऐसे कई वायरल वीडियो और रील देखे हैं, जिनमें दूल्हे या दुल्हन को अपनी शादी में डांस करते दिखाया जाता है। सोशल मीडिया में वायरल ऐसी ही एक खबर के मुताबिक, दिल्ली में एक दूल्हे को अपनी शादी में डांस करना काफी महंगा पड़ गया। दूल्हे के डांस से भड़के दुल्हन के पिता ने नाराज होकर शादी तोड़ दी। अपने रिश्तेदारों का मनोरंजन करने के लिए दूल्हे ने चोली के पीछे गाने पर डांस किया तो लड़की के पिता ने शादी की कैंसल कर दी। इस खबर के साथ एक विज्ञापन है, जिसमें लिखा है – फ्री मनोरंजन तो सबको अच्छा लगता है। 'जेवियर अंकल' नाम के यूजर ने कैप्शन लिखा – यकीनन मैंने आज से पहले विज्ञापन का ऐसा प्लेसमेंट नहीं देखा! रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में 18 जनवरी को एक शादी समारोह में कथित तौर पर दूल्हे द्वारा दोस्तों की फरमाईश पर बॉलीवुड के मशहूर सॉन्ग 'चोली के पीछे क्या है' पर डांस करना दोनों पक्षों के परिवारों के लिए महंगा साबित हुआ। ऐसा दावा है कि दूल्हे का डांस देख दुल्हन के पिता ने नाराज होकर शादी तोड़ दी। बैंड की धुनों पर नाचते हुए, दूल्हे के दोस्तों ने जोर देकर कहा कि वह उनके साथ लोकप्रिय गाने 'चोली के पीछे क्या है' पर डांस करे। इस दौरान कुछ मेहमानों और परिवार के सदस्यों ने नाचते हुए दूल्हे का उत्साहवर्धन किया, तभी अचानक वहां पहुंचे दुल्हन के पिता को अपने होने वाले दामाद की हरकतें पसंद नहीं आईं। उन्होंने इस पर ऐतराज जताते हुएए जश्न में हस्तक्षेप किया। इतना ही नहीं, दुल्हन के पिता ने दूल्हे के डांस से नाराज होकर शादी समारोह रोक दिया और शादी रद्द कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, दुल्हन के पिता ने यह कहते हुए गुस्से में आकर अपनी बेटी की शादी तोड़ दी कि दूल्हे की हरकतों से उनके परिवार के संस्कार का अपमान हुआ है। बताया जा रहा है कि दुल्हन रो पड़ी, जबकि दूल्हे ने दुल्हन के पिता को सांत्वना देने की कोशिश की। हालांकि, उसकी कोशिशें बेकार गईं और शादी रद्द कर दी गई। recent visitors 44

खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा- ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ धीरे-धीरे एक उत्सव का रूप ले रही है

नई दिल्ली 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' लोगों को फिटनेस अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा कि यह पहल धीरे-धीरे एक उत्सव का रूप ले रही है। 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम में शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया गया तथा बताया गया कि सफलता प्राप्त करने के लिए स्वस्थ शरीर महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया 'फिट इंडिया' अभियान का समर्थन कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य पूरे देश में फिटनेस और स्वास्थ्य की संस्कृति का निर्माण करना है। केंद्रीय खेल मंत्री ने साइकिलिंग इवेंट की बढ़ती सफलता पर कहा, "फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' धीरे-धीरे एक उत्सव का रूप ले रहा है, जिसमें प्रत्येक रविवार को अलग-अलग थीम पर पूरे देश में साइकिलिंग इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं। आज, मुझे दिल्ली और पूरे देश के डॉक्टरों को रविवार को साइकिल चलाते और अपना संदेश फैलाते हुए देखकर खुशी हो रही है। मोटापे से लड़ने के लिए हमें अपने आहार पर नियंत्रण रखना चाहिए। एक अच्छा आहार एक स्वस्थ भारत और मोटापे के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई सुनिश्चित करेगा।" यह पहल अनेक लोगों को पसंद आई है, जिनमें साइकिल चालक और एथलीट भी शामिल हैं, जो इसे जागरूकता पैदा करने और फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं। साइकिल चालक महेश कुमार ने फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "हमारे वेदों में इस बात पर जोर दिया गया है कि फिटनेस हर किसी के लिए जरूरी है। एक फिट व्यक्ति सफल होता है और इससे एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। खेल मंत्री और प्रधानमंत्री मोदी सक्रिय रूप से 'फिट इंडिया' अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं। इस बड़े पैमाने की पहल का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को स्वस्थ भविष्य के लिए प्रेरित करना है।" एथलीट भी इस अभियान को अपना समर्थन दे रहे हैं। पैरालंपिक एथलीट और कांस्य पदक विजेता शूटर रुबीना फ्रांसिस ने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा, "एक एथलीट के तौर पर मैं जानती हूं कि 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' अभियान युवा पीढ़ी के लिए बहुत फायदेमंद है। विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस अभियान के लिए एक साथ आए हैं और मैं उनका समर्थन करने के लिए यहां हूं। सरकार की यह पहल भावी पीढ़ियों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें फिटनेस के प्रति प्रेरित करने का एक शानदार तरीका है।" 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम भारत में फिटनेस के बढ़ते महत्व का प्रमाण है, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।   recent visitors 48

कल लोकसभा में पेश होगी वक्फ विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति (JPC) की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। वहीं पैनल में मौजूद कई विपक्षी सांसदों का कहना है कि उनके असहमति नोट को बिना उनकी जानकारी के ही हटा दिया गया। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल और सदस्य संजय जायसवाल सोमवार को लोकसभा में रिपोर्ट पेश करेंगे। समिति ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रिपोर्ट सौंप दी थी। समिति ने बुधवार को बहुमत से रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था, जिसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सदस्यों द्वारा सुझाए गए संशोधन शामिल किए गए थे। जिसके बाद विपक्ष ने इस प्रक्रिया को वक्फ बोर्डों को नष्ट करने का प्रयास करार दिया। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने मसौदा कानून पर रिपोर्ट को 15-11 बहुमत से अपनाया। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। भाजपा सदस्यों ने जोर देकर कहा कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की व्यवस्था करता है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इसे मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर हमला और वक्फ बोर्डों के कामकाज में हस्तक्षेप करार दिया। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि उन्होंने असहमति पत्र दिया था जिसे हटा दिया गया। ऐसे में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, बिना मेरी जनकारी के ही डिसेंट नोट को हटा दिया गया। वक्फ विधेयक पर बनी जॉइंट कमेटी का पहले ही तमाशा बना दिया गया। वहीं अब विपक्षी सांसदों को भी दरकिनार कर दिया गया। हमें चुप कराने के लिए यह सब क्यों किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर उनके विस्तृत असहमति नोट को समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने उनकी जानकारी के बिना हटा दिया। समिति के सदस्य ओवैसी ने इस रिपोर्ट पर 231 पृष्ठों का असहमति नोट दिया था। ओवैसी ने ‘एक्स’ पर लिखा, था‘मैंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ संयुक्त समिति को एक विस्तृत असहमति नोट सौंपा था। यह चौंकाने वाली बात है कि मेरे नोट के कुछ हिस्सों को मेरी जानकारी के बिना संपादित किया गया। हटाए गये खंड विवादास्पद नहीं थे; उनमें केवल तथ्य बताए गए थे।’ उन्होंने कहा, ‘‘(समिति के) अध्यक्ष जगदंबिका पाल जैसी रिपोर्ट चाहते थे, वैसी रिपोर्ट तैयार करवा ली , लेकिन विपक्ष की आवाज को क्यों दबाया गया? चूंकि उन्होंने मेरी रिपोर्ट को बदलने के लिए एक नियम का दुरुपयोग किया है, इसलिए मैं जल्द ही अपना पूरा असहमति नोट जनता को पढ़ने के लिए जारी करूंगा।’ recent visitors 48

योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण पर केरल की एक अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वारंट, बढ़ी मुश्किल

नई दिल्ली योग गुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें फिर एक बार बढ़ गई हैं। केरल की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। रामदेव के अलावा पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। पलक्कड़ जिले की कोर्ट दोनों के ही खिलाफ यह वारंट उनकी गैरहाजिरी के कारण जारी किया है। आपको बता दें कि वे केरल के ड्रग्स इंस्पेक्टर द्वारा दिव्य फार्मेसी के खिलाफ दायर किए गए आपराधिक मामले में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ 15 फरवरी को पेश होने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इससे पहले कोर्ट ने 1 फरवरी को इन आरोपियों के खिलाफ जमानत योग्य वारंट जारी किया था, ताकि वे कोर्ट में पेश हो सकें। यह मामला दिव्य फार्मेसी द्वारा कथित रूप से भ्रामक चिकित्सा विज्ञापन प्रसारित करने से जुड़ा है, जिस पर केरल ड्रग्स इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की है। आपको बता दें कि योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर कई मामले रहे हैं। इनमें भ्रामक विज्ञापन, अवमानना और ट्रेडमार्क उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि को राहत दे चुकी है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर वे फिर से कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें सजा हो सकती है। पतंजलि के खिलाफ अब तक के मामले पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की माफी स्वीकार कर ली थी। इस मामले में मानहानि का केस बंद कर दिया गया था। पतंजलि के कपूर वाले उत्पादों को बेचने पर रोक लगाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने पतंजलि पर चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। कोविड-19 ठीक करने का दावा करने और मॉडर्न मेडिसिन को बेकार कहने के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने बाबा रामदेव पर आरोप लगाए थे। recent visitors 38