केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की

भोपाल केन्द्रीय मंत्री उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का निरीक्षण किया। यह परियोजना मध्यप्रदेश की प्रथम, देश की सबसे बड़ी तथा विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में से एक है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति हो रही है। इस क्षेत्र में भारत विश्व गुरु बन रहा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में स्थित फ्लोटिंग सोलर प्लांट से अभी 278 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने कहा कि प्रोजेक्ट से दिल्ली मेट्रो को भी बिजली देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक अनोखा प्रोजेक्ट है और देश में अन्य जगह पर यह प्रोजेक्ट लगाये जायेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में इस क्षेत्र में 90 गीगावॉट की संभावना है और इसको बढ़ावा देने के लिए पूर्ण प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विशेषज्ञों को यहाँ आकर देखना चाहिए और जहां संभावना है वहां इस तरह के प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करना चाहिए। जिससे अत्यधिक मात्रा में बिजली का उत्पादन हो सके। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट और 2047 तक 1800 गीगावॉट बिजली का उत्पादन करना है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। अपतटीय पवन, ज्वारीय ऊर्जा,भू-तापीय ऊर्जा आदि के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का निर्माण मध्यप्रदेश को विश्वपटल पर नवाचार एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में स्थापित करेगा। केन्द्रीय मंत्री उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में विश्व प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा ओंकार से देश की जनता की सुख, समृद्धि एवं तरक्की की कामना की। इसके अलावा उन्होंने ममलेश्वर मंदिर में दर्शन कर जलाभिषेक किया।  इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, मांधाता विधायक नारायण पटेल, ए.सी.एस. मनु श्रीवास्तव, कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौडा़ उपस्थित रहे।   recent visitors 104

राज्यपाल वित्त सेवा अधिकारी संघ के सर्विस मीट समापन समारोह में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में कार्य और परिवर में संतुलन बनाकर रखना जरूरी है। परिवार के सदस्यों के प्रति आत्मीय व्यवहार और जिम्मेदारियों के प्रति सजग होना आवश्यक है। प्रयास करें कि जिस उत्साह के साथ घर से जाये, उसी प्रसन्नता के साथ घर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पारिवारिक उत्तरदायित्वों की उपेक्षा कर प्राप्त पद, मान और प्रतिष्ठा व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्ग मां-बाप की उपेक्षा के मामले आज-कल सुनाई दे रहे है। यह सामाजिक विसंगति अत्यंत चिंतनीय है। राज्यपाल पटेल, मध्यप्रदेश वित्त सेवा अधिकारी संघ के द्वारा आयोजित सर्विस मीट गेट-टू-गेदर के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वित्त, शासन-प्रशासन की रीढ़ होती है। वित्त एवं संस्कृति का एक साथ गठजोड़ बहुत कम देखने को मिलता है। इस दिशा में मध्यप्रदेश वित्त सेवा अधिकारियों की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था में वित्त सेवा के अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे राज्य के खजाने के प्रबंधक है। शासन के सभी विभागों के वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन का पालन और विकास की जरूरतों के लिए वित्त की उपलब्धता का कार्य जटिल और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। जरूरी है कि अधिकारी सक्रिय, संवेदनशील, प्रगतिशील, व्यवसायिक रूप से सक्षम, ऊर्जावान और विनम्र हो। उनका दृष्टिकोण व्यापक और समावेशी होना बहुत जरूरी है। आवश्यक है कि कार्य और परिवार के बीच संतुलन बनाते हुए कार्य की प्राथमिकताओं और परिवार की जिम्मेदारियों के प्रति समन्वय बना रहे। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वित्त अधिकारियों की जिम्मेदारी और भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वित्त सेवा के अधिकारियों ने कर्तव्यनिष्ठा के उच्च मानदण्डों को स्थापित किया है। वर्ष में एक बार आयोजित होने वाले सर्विस मीट के आयोजन के अवसर पर भी अधिकारियों ने अपने दायित्वों को प्राथमिकता दी है। अवकाश दिवस होने पर भी कई अधिकारी सर्विस मीट को बीच में छोड़ कर कार्यालय के लिए चले गए। उन्होंने मीट के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई दी। वित्त सेवा संघ के अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम के प्रारम्भ में वित्त सेवा संघ के पदाधिकारियों ने शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राज्यपाल पटेल ने संघ के द्वारा सायबर सुरक्षा पर प्रकाशित वर्ष 2025 के कैलेण्डर का लोकार्पण किया। उन्होंने संघ की पुस्तक वित्त व्यवस्था गत वर्ष प्रकाशित पुस्तक के निर्माण में योगदान के लिए सेवा निवृत्त अधिकारी गौरीशंकर गुर्जर, अनिल श्रीवास्तव को सम्मानित किया। गौरीशंकर गुर्जर की अनुपस्थिति में उनका पुरस्कार उनके बैच मेट डी.के. श्रीवास्तव ने प्राप्त किया। राज्यपाल ने मीट के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में बच्चों की ड्राईंग प्रतियोगिता में विजेता अन्वेषा ठाकुर, उप विजेता प्रिशा बघेल, बच्चों की जलेबी दौड़ प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग के विजेता तन्मय धाकड़, उप विजेता राघव मिश्रा, जूनियर वर्ग में विजेता भावमन्यु, उपविजेता प्रारब्ध, सोलो प्रेजेन्टेशन प्रतियोगिता गायन पुरूष विजेता नितेश पंवार, उप विजेता सतीश उपाध्याय, प्रतियोगिता गायन महिला विजेता सुमधु चौधरी, उप विजेता श्रीमती रश्मि सुब्बा शामिल है। कार्यक्रम में सचिव वित्त लोकेश जाटव, मध्यप्रदेश वित्त सेवा संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष श्रीमती अमिता श्रीवास्तव, मनीषा मिश्रा और आदित्य भदौरिया मंचासीन थे।   recent visitors 56

इंदौर में लवकुश चौराहा पर 174 करोड़ की लागत बनेगा डलब डेकर फ्लाईओवर, एक साल में होगा तैयार

इंदौर लवकुश चौराहा पर बनाए जा रहे डबल डेकर फ्लाईओवर के पियर तैयार होने के बाद स्पान पर सेगमेंट की लांचिंग का काम एक सप्ताह पहले शुरू किया गया था। एक स्पान पर 1500 टन वजनी 13 सेगमेंट रखने का काम पुरा कर लिया गया है। अब ग्लू लगाकर स्टेचींग की जाएगी। इसके साथ ही कुसवेरियर और मेडीयन का काम भी होगा। फ्लाईओवर के स्पान पर एक साल में 30 हजार टन वजन के 247 सीमेंट के सिगमेंट रखे जाएंगे। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) द्वारा लवकुश चौराहा पर 174 करोड़ की लागत से डलब डेकर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके 39 पीयर तैयार होने के बाद अब सेगमेंट रखने का काम शुरू किया गया है।   एक साल चलेगा सेगमेंट रखने का काम 24 स्पान पर सीमेंट और स्टील के स्पान रखे जाएंगे। एक स्पान में 13 सेगमेंट रखे जाएंगे और एक माह में दो स्पान में सेगमेंट रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अनुसार स्पान पर सेगमेंट रखने का काम एक साल चलेगा। सेगमेंट का निर्माण सुपर कारिडोर पर ही किया जा रहा है। अब तक 60 सेगमेंट बनाए जा चुके है। रात में होगा सेगमेंट रखने का काम आइडीए सीईओ आरपी अहिरवार का कहना है कि पियर पर सेगमेंट रखने का काम रात्रि में किया जाना तय किया गया है, ताकि आवागमन बाधित नहीं हो और रखने का काम आसानी से पूरा हो सके। एक साल में इसका निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। 25 मीटर चौड़ा है सीमेंट का एक सिगमेंट लवकुश फ्लाईओवर पर रखे जाने वाले सीमेंट के एक सेगमेंट की चौड़ाई 27 मीटर और वजन 120 टन हैं। इसके अनुसार 13 स्पान की चौड़ाई 351 मीटर और वजन 1560 टन होगा। सेगमेंट में लगे सरीयों की मदद से डिवाइडर बनाया जाएगा। सभी सेगमेंट रखने के बाद ब्लेंसिंग कर ऊपर सिर्फ डामर की डबल परत चढ़ाई जाएगी। चौराहे पर सबसे बड़ी स्टील गर्डर लगेगी लवकुश चौराहा पर डबल डेकर फ्लाईओवर में 65 मीटर लंबी स्टील की गर्डर लगाई जाएगी। यह गर्डर अब तक की सबसे लंबी गर्डर होगी। यह गर्डर 23 मीटर ऊंचाई पर मुख्य चौराहे पर लगेगी। इसके अलावा दोनों तरफ दो-दो स्पान में 40 मीटर लंबी स्टील की गर्डर भी लगेगी। यह गर्डर अहमदाबाद और चंदीगड़ में बन रही है और इंदौर पहुंचने लगी है। यहां इनको जोड़ने का कार्य किया जाएगा। recent visitors 65

महाकुंभ मेला: चार अलग-अलग एंटी ड्रोन सिस्टम मेला संपंन होने तक 24 घंटे एक्टिव रहेंगे

प्रयागराज महाकुंभ मेला की सुरक्षा में पहली बार तैनात किए गए एंटी ड्रोन सिस्टम दस जनवरी से काम करना शुरू कर देगा। चार अलग-अलग एंटी ड्रोन सिस्टम मेला संपंन होने तक 24 घंटे एक्टिव रहेंगे। महाकुंभ मेला को लेकर मिल रहीं धमकियों से निपटने के लिए यह एंटी ड्रोन सिस्टम मेला क्षेत्र में अभेद्य किला के रूप में काम करेंगे। बिना अनुमति आसमान में किसी भी ड्रोन को यह मड़राने नहीं देगा। पलभर में ही उसे निष्क्रिय कर देगा। शनिवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने पत्रकारों से यह बातें कहीं। इसके पहले डीजीपी प्रशांत कुमार वीआईपी घाट, संगम क्षेत्र, पुलिस लाइन और मेला परिसर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों को परखा। बोट से संगम नोज, किला घाट समेत अन्य घाटों पर पानी के रास्ते सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता और तत्परता बनाए रखें। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पुलिस लाइन का दौरा करते हुए डीजीपी ने पुलिसकर्मियों की तैयारियों और ड्यूटी के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।  उन्होंने जवानों को निर्देश दिया कि वे मेला क्षेत्र में अपनी ड्यूटी के दौरान संवेदनशील रहें और श्रद्धालुओं के प्रति शालीन व्यवहार करें। उन्होंने पुलिसकर्मियों को चौकसी बनाए रखने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि हर पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और सतर्कता से करना होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने अधिकारियों से मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य निगरानी उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन उपकरणों का उपयोग सतत निगरानी और भीड़ नियंत्रण के लिए करें। उन्होंने मेला क्षेत्र में बनाए गए मेला एसएसपी के अस्थायी कुंभ कार्यालय का भी उद्घाटन किया। इसके बाद एटीएस की तैयारियों को देखा। डीजीपी प्रशांत कुमार के सामने एटीएस के जवानों ने संगम नोज पर माक ड्रिल, आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों क प्रदर्शन किया। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि महाकुंभ मेले की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। थल, जल व नभ में सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। सभी विभागों के समन्वय से कार्य चल रहा है। इस दौरान एडीजी भानु भास्कर, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी आदि रहे। अंतरराज्यीय बार्डरों पर भी चेक प्वाइंट पर हो रहा काम डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि अंतरराज्यीय बार्डरों पर भी महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर चेक प्वाइंट पर काम हो रहा है। मुख्य स्नान पर्वों पर पुख्ता इंतजाम रहेंगे। पिछले कुंभ के मुकाबले इस बार 40 प्रतिशत अधिक सुरक्षा इंतजाम हुए हैं। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ आईट्रिपलसी में हो रही कैमरों की मानीटिरिंग देखी और जरूरी निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों को दिए गए विशेष निर्देश सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और समय रहते कार्रवाई करें। पुलिसकर्मियों से आग्रह किया गया कि वे श्रद्धालुओं से संयमित और विनम्र व्यवहार करें, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम हो। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने को कहा गया।   recent visitors 145

24 जनवरी को योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत करेंगे, बिना ब्याज के मिलेगा लोन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त लोन दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर 24 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत हर वर्ष एक लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। पहले चरण में 25,000 लाभार्थियों को लोन उपलब्ध कराया जाएगा। एमएसएमई विभाग की तरफ से युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए पंजीकरण व आवेदन की ऑनलाइन सुविधा विभाग की वेबसाइट (https://msme.up.gov.in) पर उपलब्ध कराई गई है। वेबसाइट पर उद्योग शुरू करने के लिए 400 परियोजना रिपोर्ट और लगभग 600 बिजनेस आइडिया भी विभिन्न फार्मेट में दिए गए हैं। 21 से 40 साल तक के युवा कर सकते हैं आवेदन एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि यह अभियान प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत उन्हीं युवाओं का चयन किया जाएगा जो न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण हों और 21 से 40 आयु वर्ष के हों। 5 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन गाजियाबाद के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाएगी योगी सरकार मार्च 2025 तक गाजियाबाद के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाया जाएगा। युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त लोन मिलेगा। शासन के आदेश पर जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र को शुरुआत में 15 जनवरी तक जिले से 100 युवाओं का चयन करना है। इससे जिले में रोजगार को गति मिलेगी। प्रदेश में योगी सरकार युवाओं को बनाएगी उद्यमी बता दें कि प्रदेश में रोजगार का स्तर बढ़ाने के लिए युवाओं को उद्यमी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के उद्योग विभाग मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत युवाओं को उद्यमी बनाना है। 50 हजार रुपये का मिलेगा अनुदान आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही कौशल विकास मिशन, आइटीआइ, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के डिग्रीधारियों को लोन दिया जाएगा। आवेदक करने वाले की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें 50 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। recent visitors 105

मध्यप्रदेश में तबादलों पर दो वर्ष से लगा प्रतिबंध मार्च से हटेगा, कलेक्टर-कमिश्नर के इसी माह होंगे स्थानांतरण

भोपाल प्रदेश में तबादलों पर दो वर्ष से लगा प्रतिबंध अब मार्च में ही हटेगा। हालांकि, कलेक्टर-कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों के तबादले जनवरी में होंगे। छह जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम तहसीलदार सहित 65 हजार कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध हट जाएगा। प्रदेश में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने तबादला नीति घोषित नहीं की थी, तब से तबादले केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से ही हो रहे हैं। चुनाव के बाद से लगातार मंत्री और जनप्रतिनिधि तबादला नीति जारी करने की मांग भी कर रहे हैं।   मार्च से हटाया जा सकता है प्रतिबंध मुख्यमंत्री ने अनौपचारिक कैबिनेट में मंत्रियों को आश्वस्त भी किया है कि तबादले पर से प्रतिबंध जल्द ही हटाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि मार्च से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। इसमें भी सीमित संख्या में ही तबादले करने के अधिकार मंत्रियों को दिए जाएंगे। प्रभार के जिले में पूरा अधिकार प्रभारी मंत्री का रहेगा। प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा पदस्थ उधर, सरकार जनवरी में मैदानी स्तर पर जमावट करेगी। इसमें उन अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर जिलों में पदस्थ किया जाएगा, जिन्हें दो वर्ष तक काम करने का मौका दिया जा सके। इसके लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में प्रदर्शन के साथ जनप्रतिनिधियों से समन्वय को भी आधार बनाया जाएगा। वही मंत्रालय स्तर पर भी कुछ परिवर्तन होंगे अपर मुख्य सचिव गृह एसएन मिश्रा एक फरवरी को सेवानिवृत हो जाएंगे। कई अधिकारी सचिव और प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नति हो चुके हैं। उनकी जिम्मेदारियां में भी परिवर्तन किया जाएगा। recent visitors 91

महाकुंभ: श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर श्रेणी के लिए अलग-अलग ई-पास जारी किए जा रहे

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम व्यवस्था और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए छह अलग-अलग रंग के ई-पास जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, इस बार श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर श्रेणी के लिए अलग-अलग ई-पास जारी किए जा रहे हैं। ई-पास को विभिन्न कैटेगिरी के आधार पर वितरित किया जाएगा, जैसे कि उच्च न्यायालय, वीआईपी, विदेशी राजदूत, विदेशी नागरिक और अप्रवासी भारतीयों के लिए सफेद रंग का पास, अखाड़ों और संस्थाओं के लिए केसरिया रंग का पास, कार्यदायी संस्थाओं, वेंडर, फूड कोर्ट, और मिल्क बूथ के लिए पीला रंग का पास, मीडिया के लिए आसमानी रंग का पास, पुलिस बल के लिए नीला रंग का पास, और आपातकालीन सेवाओं के लिए लाल रंग का पास जारी किया जाएगा। सुरक्षा के साथ-साथ व्यवस्थाओं की सुचारु कार्यप्रणाली के लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित किए जा रहे हैं, जो आवश्यकताओं और अनुमोदन के आधार पर पास जारी करेंगे। इसके अतिरिक्त, महाकुंभ के दौरान वाहनों के लिए भी ई-पास जारी किए जाएंगे। इन पासों का वितरण विभागीय स्तर पर होगा और प्रत्येक वाहन पास के लिए आवेदक को अपना व्यक्तिगत विवरण, कलर्ड पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड, वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, और ड्राइविंग लाइसेंस की स्वहस्ताक्षरित छाया प्रति प्रस्तुत करनी होगी। बाइक या कार के लिए पास प्राप्त करने प्रक्रिया 1. पास की श्रेणियाँ और रंग: महाकुंभ में विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग रंग के ई-पास जारी किए जाएंगे: सफेद रंग: उच्च न्यायालय, वीआईपी, विदेशी राजदूत, विदेशी नागरिक, अप्रवासी भारतीय, केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए। केसरिया रंग: अखाड़ों और संस्थाओं के लिए। पीला रंग: कार्यदायी संस्थाओं, विक्रेताओं, फूड कोर्ट और मिल्क बूथ के लिए। आसमानी रंग: मीडिया कर्मियों के लिए। नीला रंग: पुलिस बल के लिए। लाल रंग: आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के लिए। 2. आवेदन प्रक्रिया: आवेदन पत्र: ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें, जिसमें व्यक्तिगत विवरण, वाहन की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें। दस्तावेज़: आवेदक का आधार कार्ड या पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की स्वहस्ताक्षरित छाया प्रति आवश्यक होगी। प्रक्रिया: यूपी डेस्को (यूपी राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम) के माध्यम से ई-पास प्रणाली लागू की जाएगी। विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जो पास के अनुमोदन के लिए जिम्मेदार होंगे। 3. पास की प्राप्ति: स्वीकृति: आवेदन की स्वीकृति के बाद, ई-पास संबंधित विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। प्रिंटिंग: ई-पास को प्रिंट करके मेला पुलिस कार्यालय से प्राप्त किया जा सकेगा। 4. सुरक्षा और नियंत्रण: बार कोड: ई-पास पर बार कोड होगा, जिससे पासधारक और वाहन की जानकारी सत्यापित की जा सकेगी। रंग कोडिंग: पास के रंग से यह पता चलेगा कि पासधारक मेला क्षेत्र में कहां तक जा सकता है, जिससे अनावश्यक भीड़ से बचा जा सकेगा। उत्तर प्रदेश की नोडल आईटी संस्था यूपीडेस्को द्वारा ई-पास प्रणाली की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे वाहनों के पास के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी, मेला पुलिस और संस्थाओं के प्रतिनिधि वाहन पासों के आवेदनों की सत्यता की जांच करेंगे। इस व्यवस्था से महाकुंभ के आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।   recent visitors 94