हिन्दी भाषा पाठ्यक्रम का बैगानी और गोंडी बोली में हो रहा अनुवाद

शिक्षा के प्रसार के लिए डिंडोरी के बजाग में नया प्रयोग जनजातीय विद्यार्थियों को उनकी बोली में प्राथमिक शिक्षा देने का प्रयास हिन्दी भाषा पाठ्यक्रम का बैगानी और गोंडी बोली में हो रहा अनुवाद पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई में मिलेगा लाभ भोपाल जनजातियों की देशज कला, संस्कृति, वानस्पतिक ज्ञान और जड़ी-बूटी रोग उपचार कौशल के संरक्षण और संवर्धन के लिए केन्द्र और मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न कदम उठा रही हैं। जनजातियों की अपनी बोलियां होती हैं। वे अपनी बोली में ही बात करना पसंद करते हैं। ज्ञान अर्जन हो या तथ्यों को समझने की बात हो, जनजातीय समुदाय अपनी बोली में ही ज्यादा सहज होते हैं। जनजातियों के इसी मानस को समझकर केन्द्र एवं राज्य सरकार ने अब जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को उनकी बोली में प्राथमिक शिक्षा देने का मन बना लिया है। इस काम की शुरुआत ट्राईबल डामिनेटेड डिंडोरी जिले से की जा रही है। यहां विशेष रूप से पिछड़ी और आर्थिक रूप से कमजोर मानी जाने वाली (पीजीटीजी समूह की) बैगा जनजाति के अलावा गोंड जनजाति की बड़ी आबादी रहती है। जन सांख्यिकीय अनुपात में इन जनजातियों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन्हीं विद्यार्थियों के हित में डिंडोरी जिले के बजाग ब्लॉक में एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम उठाया जा रहा है। अत्यंत पिछड़ी बैगा जनजाति की विलुप्त होती बोलियां और संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए प्राथमिक स्तर पर पहली से पांचवीं तक के छात्रों के लिए हिन्दी भाषा के पाठ्यक्रम का बैगानी और गोंडी बोली में अनुवाद किया जा रहा है। यह नवाचार न केवल शिक्षा को सरल और सुलभ बनाएगा, बल्कि जनजातीय छात्रों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बोली संरक्षण के लिए बड़ा कदम कार्य योजना के तहत हिंदी भाषा में तैयार विषयवार पाठ्यपुस्तकों को बैगानी और गोंडी बोली की शब्दावली में अनुवादित किया जा रहा है। विशेष रूप से हिंदी, गणित और पर्यावरण विज्ञान विषयों पर जोर दिया गया है, जबकि अंग्रेज़ी भाषा को पाठ्यक्रम से बाहर रखा गया है। जनजातीय कार्य विभाग के अधीन ट्राईबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (टीआरआई) भोपाल की पहल पर इस परियोजना को राज्य शिक्षा केंद्र के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। बैगानी बोली के संरक्षण और शिक्षा में उपयोग के लिए शब्दकोश से शब्दों का संग्रह किया गया है। यह प्रयास जनजातीय छात्रों को उनकी ही बोली में सुलभ शिक्षा देने का अनूठा प्रयास है। यह बैगा जनजाति की बोली और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेगा। शिक्षकों और विशेषज्ञों की टीम कार्य योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए 35 शिक्षकों और भाषा/बोली विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है। ये शिक्षक दो शिफ्टों में काम करते हुए हिंदी भाषा के पाठ्यक्रम को बैगानी और गोंडी बोली की शब्दावली में अनुवादित कर रहे हैं। परियोजना का लगभग 55 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसे अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने की योजना है। शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, बजाग के ऑडिटोरियम हॉल में छह मेजों पर इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। विशेषज्ञ शिक्षक हर शब्द और वाक्य की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं, ताकि पाठ्यक्रम जनजातीय छात्रों की समझ और उनकी संस्कृति के अनुरूप ही हो। उम्मीदों का उज्जवल भविष्य जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि जनजातियों की बोलियों के संरक्षण के लिए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ मिलकर राज्य सरकार पूरा प्रयास कर रही है। डिंडोरी जिले में बैगानी और गोंडी बोली में पाठ्यक्रम का अनुवाद एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है। सफल होने पर अन्य जनजातीय क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकेगा। इस नवाचार से न केवल बोलियों और संस्कृति के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि बैगा जनजाति के सभी विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार होकर उनका बौद्धिक विकास भी होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में डिंडोरी जिले (बैगांचल) के वन्या रेडियो केंद्र, चांडा ने भी बैगानी बोली में कार्यक्रम प्रसारित किए थे। अब इस योजना के माध्यम से वही प्रयास और अधिक बेहतर स्वरूप में क्रियान्वित किया जा रहा है। जिले के लिए यह कदम न केवल शैक्षणिक विकास, वरन् संस्कृति संरक्षण के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। इस अनूठी पहल से बैगा जनजाति की आने वाली पीढ़ियां अपनी कला, संस्कृति, बोली और पहचान से जुड़ी रहेंगी। डिंडोरी जिले में इस कार्य के नोडल अधिकारी धनेश परस्ते बताते हैं कि हमने बैगानी और गोंडी बोली की शब्दावली तैयार कर ली है। हम हिन्दी भाषा के पाठ्यक्रम को जिले की जनजातियों की सामान्य बोलचाल की भाषा में अनुवादित कर रहे हैं। चूंकि यहां की जनजातियां मुख्यतः बैगा और गोंडी बोली में सहज होकर वार्तालाप करती हैं, इसीलिए हम टीआरआई के मार्गदर्शन में आंगनवाड़ी में पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों और प्रायमरी कक्षाओं के पाठ्यक्रमों का इन्हीं दो बोलियों में अनुवाद कर रहे हैं। हम जल्द ही यह काम पूरा कर लेंगे।   recent visitors 51

शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के डाटा का सत्यापन आईएफएमआईएस के तहत समग्र आईडी से सत्यापित किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के डाटा का सत्यापन आईएफएमआईएस के तहत समग्र आईडी से सत्यापित किया जायेगा। साथ ही शासकीय सेवकों का वेतन भुगतान आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के माध्यम से होगा। इस व्यवस्था में सभी शासकीय सेवकों का दायित्व होगा कि वे आईएफएमआईएस के अंतर्गत एम्प्लाई सेल्फ सर्विस प्रोफाइल के माध्यम से अपनी समग्र आईडी की प्रविष्टि कर जानकारी सत्यापित करना सुनिश्चित करें। आईएफएमआईएस में समग्र आईडी की प्रविष्टि करने की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएफएमआईएस) में समग्र आईडी की प्रविष्टि एवं सत्यापन से पूर्व समस्त शासकीय सेवकों द्वारा उनकी समग्र आईडी का पंजीयन/अद्यतन एवं आधार से लिंक समग्र पोर्टल के माध्यम से कराया जाना होगा। कर्मचारियों के वेतन प्राप्त करने वाले बैंक खातों को भी आधार से लिंक कराया जाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में शासन के समस्त विभागों के बजट नियंत्रण अधिकारी एवं आहरण संवितरण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 28 फरवरी 2025 तक समस्त शासकीय सेवकों की समग्र आईडी की प्रविष्टि आईएफएमआईएस अंतर्गत एम्प्लाई प्रोफाइल में हो जाये। आईएफएमआईएस अंतर्गत बजट नियंत्रण अधिकारी/आहरण संवितरण अधिकारियों की लॉगइन पर मॉनिटरिंग हेतु रिपोर्ट उपलब्ध करायी जायेगी। कर्मचारियों के डाटा के समग्र आईडी से सत्यापन कार्य के प्रथम चरण में नियमित शासकीय सेवकों के लिये समग्र आईडी के प्रविष्टि की कार्यवाही की जाना है। द्वितीय चरण में मानदेय/संविदा/दैनिक वेतनभोगी शासकीय सेवकों का भी सत्यापन एवं आधार से लिंक किया जायेगा। समग्र पोर्टल से संबंधित सहयोग/सहायता के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। समग्र आईडी बनवाने/अद्यतन करवाने/सुधार करवाने संबंधी जानकारी/यूजर मैनुअल समग्र पोर्टल https://samagra.gov.in/ से प्राप्त किये जा सकते हैं।…पत्र के लिए क्लिक करें   recent visitors 64

WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे। recent visitors 297

17 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। लंबे समय के बाद कार्यों के पूरा होने पर खुशी महसूस होगी। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। किसी खास प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। रोजाना एक्सरसाइज करें। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि– आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। पारिवारिक जीवन में बदलाव हो सकते हैं। दोस्त आपकी सलाह की तारीफ करेंगे। कुछ तनाव से नींद न आने की समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मिथुन राशि- लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होगी। कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। फैमिली मेंबर्स के मूड स्विंग से पारिवारिक जीवन में तनाव रह सकता है। कोई ऐसा काम न करें, जो साथी को ना पसंद हो और जिसकी वजह से रिश्तों में तनाव बढ़े। कर्क राशि- अपने फिटनेस पर ध्यान दें। निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। मूड खराब होने की वजह से पारिवारिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सिंगल जातकों को किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। सिंह राशि- स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। बकाया हुआ धन वापस मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ जातक सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। प्रियजनों का इमोशनल सपोर्ट मिलेगा। घर में मैरिज या किसी फंक्शन के लिए इनविटेशन आ सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। कन्या राशि- लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रिश्तों में साथी संग आपसी समझ और मान-सम्मान बनाए रखें। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। तुला राशि- स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। डॉक्टर की सलाह लेने पड़ सकती है। कर्ज से छुटकारा पाएंगे। कार्यों का दबाव कम होगा। धार्मिक स्थल पर यात्रा के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। प्रेमी के प्यार और सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। वृश्चिक राशि- निवेश के कई मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ दिक्कतों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। धैर्य बनाए रखें। परिस्थित को बड़े पिक्चर में देखने का प्रयास करें। जो लोग प्रेमी के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा समय है। धनु राशि– धन बचत पर फोकस करें। निवेश के नए विकल्पों की तलाश करें। व्यापार में विस्तार होगा। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। घर के किसी गुस्सैल सदस्य की वजह से मूड खराब हो सकता है। ऑफिस में अतिरिक्त कार्य की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव होंगे। मकर राशि- घर के किसी छोटे सदस्य की वजह से मूड खराब हो सकता है। स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ छोटी समस्याओं को लेकर घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं। अघर आप ट्रिप का प्लान बना रहे हैं ,तो यह उत्तम समय है। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। लव लाइफ शानदार रहेगी। कुंभ राशि– आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रियजन के संग नजदीकियां बढ़ेंगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। हेल्दी डाइट लें। रोजाना एक्सरसाइज करें। अपने लक्ष्यों पर फोकस करें और सफलता पाने के लिए खूब मेहनत करें। मीन राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर के किसी फैमिली मेंबर्स से तीखी बहस के कारण तनाव हो सकता है। विनम्र रहें। वाणी पर संयम रखें और क्रोध से बचें। recent visitors 91

सीएम योगी ने कहा संभल में कोई गिरफ्तारी बिना सबूत नहीं हुई, एक भी पत्थरबाज नहीं बचेगा

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में संभल और बहराइच को लेकर विपक्ष पर जमकर बरसे। सीएम योगी ने कहा कि संभल में कोई गिरफ्तारी बिना सबूत नहीं हुई है। यह भी कहा कि संभल का एक भी पत्थरबाज नहीं बचेगा। सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों का एक-एक कर जवाब दिया। संभल में निर्दोषों की गिरफ्तारी का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा को घेरने की कोशिश की थी। सीएम योगी ने कहा कि संभल में 1947 से ही दंगा होता रहा है। हमारी सरकार बनने के बाद कोई दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने 2017 से पहले संभल-बहराइच के साथ ही यूपी के अलग अलग जिलों में हुए दंगों का ब्योरा भी विधानसभा में पेश किया। कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा का माहौल है। कानून व्यवस्था का जो माहौल है उसी के कारण 40 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला है। सीएम योगी ने बहराइच में हुए दंगे की चर्चा करते हुए कहा कि मोहर्रम हो या मुस्लिम समाज का कोई जुलूस हिंदू मुहल्ले से निकल जाता है। जब हिन्दू समाज का जुलूस निकलता है तो क्यों समस्या आती है। सवाल उठाया कि झंडा क्यों नहीं लग सकता है। रास्ते में झंडा लगाने में क्या दिक्कत है। बहराइच में राम गोपाल मिश्रा की घर के अंदर से गोली चलाकर हत्या की गई है। कट्टे लहराते वीडियो वायरल हुए हैं। यह दंगा सड़क पर नहीं हुआ है। घर के अंदर खींचकर हत्या की गई है। पुलिस घर के अंदर घुसती तो कई आरोप लगते। कहा कि आप चाहते हैं कि आपके पर्व त्योहार शांति से निपट जाएं लेकिन दूसरे का पर्व हो तो बवाल हो जाए। सीएम योगी ने कहा कि संभल में शिया सुन्नी का विवाद हो या लखनऊ का ऐसा ही विवाद, दोनों भाजपा की सरकार में खत्म हुआ है। शोभायात्रा के रास्ते में केसरिया झंडा क्यों नहीं लग सकता है। मोहर्रम का जुलूस हिंदू मुहल्ले से निकल जाता है, लेकिन शोभायात्रा मस्जिद के सामने से क्यों नहीं निकल सकती है। संविधान में कहां लिखा है कि मुस्लिम बहुल मुहल्ले से हिन्दू शोभायात्रा नहीं निकल सकती। बहराइच में परंपरागत जुलूस था। उसी जुलूस को आगे बढ़ाने के लिए सभी कार्यक्रम संपन्न हुए और आगे भी संपन्न होंगे। योगी ने कहा कि आपत्तिजनक नारे लगाने का आरोप लगाया गया। जयश्रीराम का नाम आपत्तिजनक कैसे हो गया? कल हम अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाने से रोकेंगे तो आपको अच्छा लगेगा? कोई हिंदू कहेगा कि हमें भी आपत्ति है तो आप मान जाएंगे? शोभायात्रा में भजन और भक्ति गीत बजते ही हैं, सारा विवाद इसी पर है। भाजपा विधायक के आरोपों को दंगों से जोड़ने पर सीएम योगी ने कहा कि उनके आरोपों तोड़मरोड़ कर पेश किया गया। भाजपा विधायक की गाड़ी पर पथराव घटनास्थल से तीस किलोमीटर दूर हुआ है। सीएम योगी ने कुंदरकी में मिली भाजपा की जीत पर भी विपक्ष पर तंज कसा। कहा कि कुंदरकी में लोगों को एहसास हुआ है, आपको भी होगा। कुंदरकी में हुई जीत सनातक की जीत है। recent visitors 70

Justice Shekhar Yadav के विवादित बयान पर Supreme Court सख्त, CJI की अध्यक्षता में होगी चर्चा

नईदिल्ली 'देश बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा' वाला बयान देकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव विवादों में घिर गए हैं। हंगामा होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर बड़ा एक्शन लिया है। SC कॉलेजियम ने जस्टिस शेखर कुमार यादव को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा है। जस्टिस शेखर कुमार यादव को अपने विवादास्पद बयान पर स्पष्टीकरण देने को भी कहा गया है। गौरतलब है कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने विश्व हिंदू परिषद की लीगल सेल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश का कानून बहुसंख्यकों की इच्छा के मुताबिक चलेगा। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया कि देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाला कॉलेजियम इस मामले पर जल्द ही सुनवाई करेगी। खबरों के मुताबिक शीर्ष अदालत के शीतकालीन अवकाश यानी 17 दिसंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विचार विमर्श करेगी। इससे पहले 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बयान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट से रिपोर्ट मांगी थी। शीर्ष अदालत के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस शेखर कुमार यादव द्वारा दिए गए भाषण की खबरों पर संज्ञान लिया है। हाइकोर्ट से दूसरी डिटेल भी मांगे गए हैं और मामला विचाराधीन है।" 8 दिसंबर को प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यक्रम में जस्टिस यादव ने समान नागरिक संहिता में बोलते हुए कहा, "यह कानून है। कानून असल में बहुमत के अनुसार ही काम करता है। इसे परिवार या समाज के संदर्भ में देखें। बस वही स्वीकार किया जाएगा जिससे बहुसंख्यक को खुशी और लाभ मिलें।" सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर खूब हंगामा हुआ था। विपक्षी नेताओं ने जज की इस टिप्पणी को विभाजनकारी और असंवैधानिक बताया था। वहीं कानून जगत से जुड़े लोगों ने भी इस पर गंभीर प्रश्न उठाए थे। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को चिट्ठी लिखकर कहा था कि यह टिप्पणी जज के पद की शपथ का उल्लंघन है। बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी इस टिप्पणी की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। इस बीच 55 विपक्षी सांसदों ने पिछले शुक्रवार को राज्यसभा में जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग करते हुए एक नोटिस दाखिल किया था। recent visitors 66

जायसवाल इस सीरीज में तीसरी बार मिचेल स्टार्क का शिकार बने

 ब्रिस्बेन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला ब्रिस्बेन के गाबा में है. इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया टीम ने पहली पारी में 445 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही और उसने 44 रनों के स्कोर पर 4 विकेट गंवा दिए. तीसरे दिन (16 दिसंबर) स्टम्प तक भारत का स्कोर चार विकेट पर 51 रन था और वो इस मुकाबले में बैकफुट पर है. यशस्वी ने फिर किया निराश, ये कमजोरी आई सामने पहली पारी में भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए और दूसरी गेंद पर चलते बने. यशस्वी ने पहली गेंद पर चौका लगाया था, लेकिन अगली गेंद पर उनकी पारी खत्म हो गई. यशस्वी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की गेंद पर शॉर्ट मिडविकेट रीजन में आउट हुए. यशस्वी का कैच मिचेल मार्श ने लपका. यशस्वी गेंद को फ्लिक करना चाहते थे, लेकिन शॉट की टाइमिंग गलत बैठ गई. जायसवाल को यकीन नहीं हुआ कि उन्होंने किस तरह का शॉट खेला. बाएं हाथ के बैटर जायसवाल इस सीरीज में तीसरी बार मिचेल स्टार्क का शिकार बने हैं. इससे पहले यशस्वी पर्थ टेस्ट की पहली पारी में खाता खोले बिना स्टार्क का शिकार बने थे. जबकि एडिलेड टेस्ट की पहली गेंद पर भी वह इस तेज गेंदबाज का शिकार बने थे. देखा जाए तो टेस्ट क्रिकेट में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ यशस्वी जायसवाल संघर्ष करते नजर आए हैं. यशस्वी जायसवाल ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में 9 पारियों में खब्बू तेज गेंदबाजों का सामना किया है. इस दौरान वह छह मौकों पर आउट हुए. मिचले स्टार्क के अलावा यशस्वी को साउथ अफ्रीकी गेंदबाज नांद्रे बर्गर ने भी तीन बार आउट कर चुके हैं. बर्गर ने 2023-24 की टेस्ट सीरीज में ऐसा किया था. बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ यशस्वी अब तक 158 गेंद खेलकर 104 रन बना सके हैं और उनका औसत 17.33 रहा है. वैसे 22 साल के यशस्वी जायसवाल का टेस्ट रिकॉर्ड काफी शानदार रहा. वह अब तक 31 टेस्ट पारियों में 53.20 की औसत से 1596 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 8 अर्धशतक निकले. यशस्वी ने भारत के लिए 23 टी20 भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 36.15 के एवरेज से 723 रन बनाए हैं. टी20 इंटरनेशनल में यशस्वी ने 1 शतक और 5 अर्धशतक जड़े हैं. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के खिलाफ यशस्वी कुल इनिंग्स- 9 गेंद- 158 गेंद रन- 104 रन आउट- 6 औसत- 17.33   recent visitors 70