आधार कार्ड अपडेशन के लिए मुफ्त ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा 14 जून 2025 तक बढ़ी

नई दिल्ली आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लाखों आधार धारकों को राहत दी है। अपडेशन के लिए मुफ्त ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा 14 जून 2025 तक बढ़ा दी है। मुफ्त अपडेट की समय सीमा शुरू में 14 जून, 2024 के लिए निर्धारित की गई थी, फिर 14 दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने से पहले इसे बढ़ाकर 14 सितंबर, 2024 कर दिया गया था। एक्स पर प्राधिकरण ने पोस्ट किया है कि UIDAl लाखों आधार संख्या धारकों को लाभान्वित करने के लिए 14 जून 2025 तक मुफ्त ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा का विस्तार करता है। यह मुफ्त सेवा केवल myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है। यूआईडीएआई लोगों को अपने Aadhaar में दस्तावेजों को अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जो लोग अपने आधार कार्ड की जानकारी बदलने की योजना बना रहे हैं, उनके पास ऐसा करने के लिए 14 जून 2025 तक का समय है। इससे पहले, मुफ्त अपडेट के लिए विंडो 14 दिसंबर को बंद हो गई थी। ऑनलाइन आधार डिटेल्स अपडेट करने के स्टेप्स 1. यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर आधार सेल्फ सर्विसपोर्टल पर जाएं अपने मोबाइल पर भेजे गए अपने आधार नंबर, कैप्चा और ओटीपी का उपयोग करके लॉग इन करें। अब दस्तावेज़ अपडेट वाले मेन्यू पर जाएं और मौजूदा डिटेल्स की समीक्षा करें। 4. ड्रॉप-डाउन सूची से उपयुक्त दस्तावेज के प्रकार का चयन करें और सत्यापन के लिए मूल दस्तावेजो की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें। 5. सेवा अनुरोध संख्या को नोट करना याद रखें। यह आपके आधार अपडेट अनुरोध की प्रक्रिया के चरण को ट्रैक करने में आपकी सहायता करेगा। क्यों जरूरी है आधार अपडेट करना यदि आपके आधार डेटाबेस में कोई बदलाव शामिल करने की आवश्यकता है, तो आपको बाद में किसी भी परेशानी से बचने के लिए इसे अपडेट करना चाहिए। बच्चों के लिए, आपको यह ध्यान रखना होगा कि यदि आपने अपने बच्चे को आधार के लिए नामांकित किया है , जब वह पांच वर्ष से कम आयु का था, तो आपको कम से कम दो बार बायोमेट्रिक रिकॉर्ड अपडेट करवाना होगा- एक बार 5 वर्ष की आयु पार करने के बाद और दूसरा 15 वर्ष पूरा करने के बाद। बॉयोमीट्रिक जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या फोटो से जुड़े अपडेट के लिए, व्यक्तियों को आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाना होगा। ऑफ़लाइन अपडेट के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें… फॉर्म डाउनलोड करें: यूआईडीएआई की वेबसाइट से नामांकन/अपडेट फॉर्म डाउनलोड करें। केंद्र पर जमा करें: फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज लगाएं और जमा करें। बायोमेट्रिक डेटा प्रदान करें: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रॉसेस को पूरा करें। रसीद प्राप्त करें: ट्रैकिंग प्रगति को ट्रैक करने के लिए अपने यूआरएन के साथ एक पर्ची प्राप्त करें। recent visitors 76

दिल्ली-एनसीआर में कोल्ड वेव का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा, तेज हवाओं ने ठंड का एहसास बढ़ाया

नोएडा दिल्ली-एनसीआर में लगातार चल रही तेज हवाओं ने ठंड का एहसास को बढ़ा दिया है। कोल्ड वेव का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में लोगों को घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान पारे में और भी ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 14 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 8 दर्ज किया गया है। वहीं 15 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहने की संभावना है। 16 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है और घना कोहरा छाया रह सकता है। 16 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो 16 दिसंबर के बाद से एनसीआर के लोगों को लगातार कोहरे का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान पारे में भी लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस बार पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। इसका असर एनसीआर में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। जिन पहाड़ों पर बीते कई सालों से बर्फबारी नहीं हुई थी, वहां पर वादियां बर्फ से पटी पड़ी हैं। इस कारण दिल्ली-एनसीआर में कोल्ड वेव की दस्तक हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिनों न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। दिल्ली का न्यूनतम तापमान आगे और भी गिरने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ से ढकी पहाड़ियों से आ रही ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण तापमान में गिरावट आई है। लगातार बढ़ती ठंड के साथ-साथ दिल्ली समेत पूरे एनसीआर का मौसम भी साफ बना हुआ है, जिसकी वजह से पारे में ज्यादा गिरावट दर्ज की जा रही है।   recent visitors 82

एस जयशंकर से मिली कांग्रेस सांसद सुधा, श्रीलंकाई सरकार से बात कर भारतीय मछुआरों को रिहा कराने की मांग उठाई

नई दिल्ली तमिलनाडु के मयिलादुथुराई से कांग्रेस सांसद आर सुधा ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से बात कर भारतीय मछुआरों को रिहा कराने की मांग उठाई। कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि, वो श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका पर दबाव बनाए कि वे 15-17 दिसंबर को तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारतीय मछुआरों को रिहा करें। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अनुरोध किया, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा कैद किए गए 141 भारतीय मछुआरों और भारतीय मछुआरों के स्वामित्व वाली 198 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को तत्काल छोड़ दिया जाए। कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों के मुद्दे के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से कच्चाथिवु समझौते पर ध्यान देने और तमिलनाडु के 14 तटीय जिलों में रहने वाले 2.1 करोड़ लोगों के जीवन में शांति लाने के लिए कार्रवाई करने की भी अपील की। जयशंकर को दिए ज्ञापन में इस बात का जिक्र है। इसमें लिखा गया है, “श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायको की 17 दिसंबर, 2024 को प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा, भारत और श्रीलंका से संबंधित कुछ गंभीर सामाजिक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों को सामने लाने का एक और अवसर है। इस दौरान श्रीलंकाई जेलों में बंद अवैध रूप से गिरफ्तार भारतीय मछुआरों और श्रीलंका द्वारा अवैध रूप से जब्त की गई मछली पकड़ने वाली नौकाओं और ट्रॉलरों की रिहाई सुनिश्चित करने का भी अवसर है।” बता दें कि तमिलनाडु का तट 1,076 किलोमीटर तक लंबा है, जो भारत की कुल तटीय लंबाई का लगभग 15 प्रतिशत है। प्रदेश के कुल 38 जिलों में से 14 तटीय हैं। इसमें मयिलादुथुराई भी शामिल है। वहीं, अन्य तटीय जिले तिरुवल्लूर, चेन्नई, चैंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी हैं।   recent visitors 92

पुलिस से परेशान होकर शंभू किसानी मोर्चे में शामिल एक किसान ने मानसिक तनाव के कारण पिया ज़हर, हालत बिगड़ी

पटियाला शंभू किसानी मोर्चे में शामिल एक किसान ने हरियाणा पुलिस द्वारा सख्ती किए जाने के बाद मानसिक तनाव के कारण सल्फास (ज़हर) पी लिया। इस घटना के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे तत्काल पटियाला के सरकारी राजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर्स के अनुसार, किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस द्वारा अचानक सख्ती की गई। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से वहां मौजूद किसान खासे तनाव में थे। इस दौरान जोरा सिंह, जो लुधियाना जिले के खन्ना स्थित गांव रतन खेड़ी का निवासी है और उम्र 50 साल है, पुलिस की इस बर्बरता को देख पाता है कि उसके आत्मविश्वास को गहरा धक्का लगा। मानसिक अवसाद के चलते जोरा सिंह ने एक हताशा की स्थिति में सल्फास पी लिया। किसान नेता सुरजीत सिंह फुल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह घटना बहुत ही दुखद है। उन्होंने कहा कि “किसान शांतिपूर्वक अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें बुरी तरह से पीटा। इस घटना को देखकर जोरा सिंह, जो अपनी भूमि के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था, मानसिक रूप से टूट गया और उसने सल्फास पी लिया।” फुल ने आगे कहा कि “हमारे किसान भाइयों पर इस तरह की हिंसा दुखद है। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और सरकार से अपील करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।” जोरा सिंह की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर नहीं हुई है। उसे तुरंत इलाज के लिए भर्ती किया गया और चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। recent visitors 55

पाकिस्तान के सरेंडर वाली तस्वीर को भारतीय सेना ने हटाई, उस तस्वीर की जगह एक नई पेंटिंग ने ली

नई दिल्ली 53 साल पहले जब पाकिस्तानी जनरल नियाजी ने भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था, उसकी एक ऐतिहासिक तस्वीर ने भारतीय सेना की शक्ति को दुनिया के सामने रखा था। लेकिन अब, भारतीय थलसेना प्रमुख के ऑफिस में वह तस्वीर हटा दी गई है और उसकी जगह एक नई पेंटिंग लगाई गई है, जो भारतीय सेना के नए सैन्य फोकस को दर्शाती है। यह पेंटिंग न केवल सेना की आधुनिक रणनीति और तकनीकी विकास को दिखाती है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि अब भारत का ध्यान पाकिस्तान पर नहीं, बल्कि चीन पर केंद्रित है।   क्या है  खास पेंटिंग में? 1971 की प्रसिद्ध तस्वीर में जनरल नियाजी भारतीय सेना के सामने सरेंडर करते हुए नजर आ रहे थे, लेकिन अब थलसेना प्रमुख के लॉन्ज में उस तस्वीर की जगह एक नई पेंटिंग ने ली है। इस पेंटिंग में लद्दाख के पैंगांग लेक का दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसमें आधुनिक टैंक, बोट, ऑल-टेरेन व्हीकल्स और अपाचे हेलिकॉप्टर जैसे युद्ध उपकरण हैं। पेंटिंग में महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ को खींचने वाले भगवान कृष्ण, चाणक्य की युद्ध नीति, और भारतीय सेना के तीनों अंगों के समन्वय को दिखाने वाले चित्र भी हैं। यह सब मिलकर एक संदेश देते हैं कि अब भारतीय सेना का मुख्य फोकस पाकिस्तान पर नहीं, बल्कि चीन पर है। भारत का नया सैन्य फोकस चीन पर दुनिया में बदलते समय और रणनीतियों के साथ भारतीय सेना ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पेंटिंग में दिखाए गए आधुनिक सैन्य उपकरण, जैसे टैंक, बोट, हेलिकॉप्टर और ऑल-टेरेन व्हीकल्स, यह दर्शाते हैं कि भारतीय सेना अब समन्वित तरीके से और उच्च तकनीकी स्तर पर युद्ध के लिए तैयार है। रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल अशोक कुमार का कहना है कि यह पेंटिंग भारतीय सेना के तीनों अंगों – थलसेना, वायुसेना और नौसेना – के समन्वय को दिखाती है, जो मिलकर किसी भी संभावित युद्ध में तेज और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए सक्षम हैं। इसके अलावा, यह पेंटिंग आत्मनिर्भर भारत की सैन्य रणनीति और सोच को भी प्रदर्शित करती है, जिसमें भारतीय सेना ने आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता के आधार पर अपनी ताकत को बढ़ाया है। चीन को स्पष्ट संदेश: चाणक्य और गीता की नीति चीन, जो शुन त्जू की प्रसिद्ध "आर्ट ऑफ वॉर" से प्रेरित होकर युद्ध की रणनीति अपनाता है, भारतीय सेना से 2020 में पूर्वी लद्दाख में हार चुका है। भारतीय सेना ने चाणक्य की नीति और गीता के सिद्धांतों से प्रेरित होकर एक ऐसी रणनीति अपनाई, जिसने न केवल चीन के आक्रमण को नाकाम किया, बल्कि उसे बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर कर दिया। इस पेंटिंग में भारतीय सेना की ताकत और उसकी आधुनिकता को दिखाने के साथ यह संदेश भी दिया जा रहा है कि भारतीय सेना अपने विरोधियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सेना के तीनों अंगों का समन्वय, जमीन, हवा और समुद्र में ऑपरेशन की क्षमता, और उच्च तकनीकी प्रणालियों के उपयोग से यह पेंटिंग यह संदेश देती है कि भारत के पास चीन जैसी शक्तियों को हराने के लिए रणनीति और संसाधन दोनों हैं। सैन्य रणनीति का प्रतीक यह पेंटिंग भारतीय सेना के धार्मिक और शाश्वत दृष्टिकोण को भी दर्शाती है, जैसे महाभारत की गीता और चाणक्य की नीति में दिखाया गया है। सेना अब केवल देश की रक्षा नहीं कर रही, बल्कि वह राष्ट्र के मूल्यों, न्याय और धर्म की रक्षा करने के लिए भी संघर्ष कर रही है। यह पेंटिंग भारत की सेना की तैयारी और उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। भारत की तैयारी और चीन के खिलाफ संदेश इस पेंटिंग से यह भी स्पष्ट हो जाता है कि चीन के पास शुन त्जू की "आर्ट ऑफ वॉर" हो सकती है, लेकिन भारत के पास चाणक्य की नीति और गीता का सार है, जो किसी भी युद्ध में न केवल धार्मिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से प्रभावी साबित होते हैं, बल्कि आधुनिक तकनीकी युद्ध के साथ पूरी तरह से सक्षम हैं। यह पेंटिंग केवल एक सैन्य चित्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना की शक्ति, आधुनिकता, और चाणक्य की नीति के साथ दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गई है, जो भविष्य में किसी भी संघर्ष में भारत की सफलता की कुंजी साबित हो सकती है। recent visitors 111

नए साल से किसानों को बिना गारंटी के मिलेगा ₹2 लाख तक का लोन, आरबीआई ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने किसानों को बड़ी राहत दी है। खेती में बढ़ते खर्च को देखते हुए सेंट्रल बैंक ने किसानों को बिना गारंटी के किसानों को मिलने वाले लोन की सीमा को 2 लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। पहले लिमिट 1.6 लाख रुपये थी। एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री ने शनिवार को जारी किए गए बयान में कहा है कि यह नई लिमिट 1 जनवरी 2025 से प्रभावी रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस योजना का फायदा करोड़ों किसानों को मिलेगा। आरबीआई ने कृषि क्षेत्र को बिना गांरटी के लोन देने की शुरुआत 2010 में की थी। तब सेंट्रल बैंक ने एक लाख रुपये बिना गांरटी के देने का ऐलान किया। 2019 में जिसकी सीमा बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये कर दी गई थी। अब एक बार इसमें इजाफा किया गया है। छोटे किसानों को होगा बड़ा फायदा एग्रीकल्चर सेक्टर में बढ़ती महंगाई की वजह से छोटे और मझोले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जिसकी वजह से उनकी खेती प्रभावित हो रही थी। रिजर्व बैंक ने जो सीमा बढ़ाई है उसका इन किसानों को होगा। खेती किसानी करने वाले लोगों के पास बहुत सीमित संसाधन होते थे। ऐसे में बिना गारंटी के मिलने वाले इस लोन का फायदा किसानों को होगा। कृषि मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है “यह कदम विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों (क्षेत्र के 86% से अधिक) के लिए लोन पहुंच को बढ़ाता है। ये कम उधार लागत और अतिरिक्त आवश्यकताओं को हटाने से लाभान्वित होते हैं।” सेंट्रल बैंक का यह फैसला संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) जैसी सरकारी कोशिश के अनुरूप है। जोकि किसानों को 3 लाख रुपये के लोन पर 4 प्रतिशत के ब्याज की पेशकश करता है। ये फैसले भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास से किया जा रहा है। सरकार की तरफ से मिलता है डायरेक्ट पैसा किसानों को केंद्र सरकार की तरफ से साल में 2000-2000 रुपये की तीन किश्त मिलती है। कुछ राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी किसानों को इस राशि में कुछ जोड़कर अलग से भुगतान करती हैं। बता दें, इसके अलावा किसानों को सब्सिडी के जरिए सस्ती खाद भी उपलब्ध करवाई जाती है। recent visitors 348

पत्नी और ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने पर बेंगलुरु पुलिस के हेड कांस्टेबल ने वर्दी में की आत्महत्या

बेंगलुरु एक दिल दहला देने वाली घटना में बेंगलुरु पुलिस के हेड कांस्टेबल ने वर्दी में आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि यह कदम उन्होंने पत्नी और ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बाद उठाया। यह घटना बिहार के इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले के बाद सामने आई है, जिन्होंने सोमवार को एक वीडियो और नोट जारी करते हुए अपनी पत्नी पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया और आत्महत्या कर ली। हेड कांस्टेबल थिप्पन्ना ने दी जान बेंगलुरु के हुलिमावु ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में तैनात 34 वर्षीय हेड कांस्टेबल थिप्पन्ना, विजयपुरा जिले के सिंधगी के पास हैंडिगनुर गांव के निवासी थे। उन्होंने शुक्रवार रात शहर के हीलालिगे रेलवे स्टेशन और कार्मेलाराम हुसागुरु रेलवे गेट के बीच रेल पटरियों पर जान दे दी। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें थिप्पन्ना ने अपनी पत्नी और ससुर यमुनप्पा को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। नोट में उन्होंने लिखा, "12 दिसंबर को उन्होंने मुझे रात 7:26 बजे फोन किया और 14 मिनट तक बात की। इस दौरान उन्होंने मुझे धमकी दी। अगले दिन जब मैंने अपने ससुर से बात की, तो उन्होंने मुझे मर जाने को कहा और कहा कि उनकी बेटी मेरे बिना बेहतर रहेगी।" नोट में लिखा है, “उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार भी किया।” पुलिस ने दर्ज किया मामला थिप्पन्ना के शव को अस्पताल के मोर्चरी में भेजा गया और बयप्पनाहल्ली रेलवे पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 108, 351(3), और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इंजीनियर अतुल सुभाष का मामला इस घटना से पहले बेंगलुरु में कार्यरत एक इंजीनियर अतुल सुभाष ने आत्महत्या की थी। उन्होंने एक घंटे लंबे वीडियो और 24 पन्नों के सुसाइड नोट में पत्नी और उसके परिवार पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। नोट में अतुल ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया ने तलाक के लिए 3 करोड़ रुपये की मांग की थी। उन्होंने लिखा, "अगर अदालत मेरे आरोपों को नकार देती है, तो मेरी अस्थियों को अदालत के बाहर नाले में डाल देना। जब तक मेरे दोषियों को सजा न मिले, मेरी अस्थियों का विसर्जन मत करना।" अतुल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और सुप्रीम कोर्ट को ईमेल भेजकर प्रताड़ित पतियों के लिए मदद की गुहार भी लगाई थी। सोशल मीडिया पर उठा #MenToo अभियान अतुल की आत्महत्या के बाद सोशल मीडिया पर #MenToo और #JusticeForAtulSubhash ट्रेंड हुआ। कई पुरुषों ने इस अभियान के जरिए अपनी पीड़ा और अनुभव साझा किए। दोनों घटनाओं ने समाज में पुरुषों के अधिकारों और विवाह संबंधी विवादों में न्याय की मांग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है। recent visitors 81