उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना विस्तार कार्यों की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सरकार मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा नेटवर्क तैयार करने के सतत कार्य किये जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में एमवाय हॉस्पिटल, इंदौर के विस्तार, उन्नयन और नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समग्र और प्रभावी बनाने के लिये भविष्योनुमुखी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाते हुए मरीजों की सुविधा और चिकित्सकीय सेवाओं की सहजता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने इंदौर में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1350 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक हॉस्पिटल के प्रस्ताव को शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने नर्सिंग हॉस्टल और कैंसर हॉस्पिटल के प्रस्ताव को अंतिम रूप प्रदान कर अग्रेषित करने के लिये निर्देशित किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन उन्नयन कार्यों से इंदौर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता को नए आयाम मिलेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सतना में प्रस्तावित 650 बिस्तरों वाले मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और उससे जुड़ी एप्रोच रोड के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने रीवा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहे उन्नयन कार्यों की स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिये। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, एमडी बीडीसी डॉ. पंकज जैन सहित स्वास्थ्य विभाग, पीआईयू और मध्यप्रदेश भवन निर्माण निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 68

60 लाख विद्यार्थियों को 332 करोड़ रूपये की राशि होगी अंतरित

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग की समेकित छात्रवृत्ति योजना में 14 दिसंबर को पहले चरण में 60 लाख विद्यार्थियों को 332 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से सीधे विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट में अंतरित की जायेगी। प्रदेश में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना लागू की गई है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। जिन विभागों की छात्रवृत्ति अंतरित की जायेगी, उनमें स्कूल शिक्षा के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग शामिल है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को वर्तमान में 6 विभागों की लगभग 20 प्रकार की छात्रवृत्ति शिक्षा पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत की जा रही है। छात्रवृत्ति योजना में प्रत्येक विद्यार्थी का नाम समग्र यूनिक आईडी के आधार पर उसके स्कूल के कोड के साथ मेपिंग कर कक्षावार, स्कूलवार नामांकन ऑनलाइन किये जाने सिस्टम शिक्षा पोर्टल एनआईसी के माध्यम से तैयार कराया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति शामिल है। अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था प्रदेश के शासकीय स्कूलों में नियमित शिक्षक की उपलब्धता न होने पर शैक्षणिक व्यवस्था के संचालन के लिये अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में अधिकतर विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत एवं शाला विकल्प चयन के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जा चुकी है। दिसम्बर माह में होने वाली रिक्तियों पर अतिथि शिक्षक की व्यवस्था के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किये है। अतिथि शिक्षक की व्यवस्था के लिये जीएफएमएस पोर्टल पर शाला प्रभारी के लॉगइन पर विकासखण्ड पेनल की मेरिट सूची उपलब्ध कराई गई है। इस सूची के आधार पर अतिथि शिक्षकों के आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर उसी विद्यालय आमंत्रित किया जा सकेगा।   recent visitors 90

रोजगार कौशल विकास संबंधी कार्यशाला के माध्यम से देश के युवाओं की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा- मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में 3 दिवस से चल रही राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर कहा है कि रोजगार कौशल विकास संबंधी कार्यशाला के माध्यम से देश के युवाओं की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा। मंत्री परमार ने कहा कि, भारत विविधताओं का देश है और रोजगार संबंधी समस्याओं के लिए स्थायी समाधान खोजे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि, हमें अपने स्नातकों को नौकरी देने के साथ-साथ उनमें मानवीय मूल्यों के विकास के लिए भी प्रयास करना होगा। उन्होंने आजकल के युवाओं में गिरते मूल्यों के बारे में चिंता व्यक्त की। परमार ने कहा कि, सहयोग और कृतज्ञता की भावना भारत को दुनिया से अलग करती हैं। हमारे विद्यार्थियों में देशभक्ति, समाज के प्रति जवाबदारी और प्रकृति के प्रति जवाबदारी की भावना होना अत्यंत आवश्यक है और यह काम हमारे शिक्षण संस्थाओं का प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। श्रेष्ठ नागरिक एवं एक श्रेष्ठ व्यक्ति का निर्माण विश्वविद्यालयों का प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को यदि विश्व गुरु बनाना है तो, हमें अपने संस्कृति एवं दर्शन की ओर लौटना होगा। भारतीय परंपराओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दुनिया के सामने रखना होगा। उन्होंने कहा कि, भारत आज खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर है और हमें 2047 तक भारत को दुनिया का भरण पोषण करने का सामर्थ्य रखने वाला देश बनाना होगा। उन्होंने कहा भारत अवश्य ही विश्व गुरु बनेगा । हमें अपनी देश की क्षेत्रीय भाषाओं को भी सीखने के लिए प्रयास करना चाहिए। मध्य प्रदेश शीघ्र ही ऐसे केंद्र विकसित करने जा रहा है जिसमें भारत की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं को सीखा जा सकेगा। इस अवसर पर सेमका के डायरेक्टर एवं संरक्षक डॉ. बी सेड्रेक ने कार्यशाला के उद्देश्य और तीन दिवस में की गई कार्यवाहियों से अवगत कराया। मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं इस कार्यशाला के प्रमुख संरक्षक प्रो. संजय तिवारी ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और भारतीय ज्ञान परंपरा तथा मूल्य वर्धित शिक्षा के संबंध में मध्य प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एस. अरुगम ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें रोजगार पाने लायक कौशलों का विकास करना है तो हमारी पाठ्यचर्या को लगातार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार अपडेट करते रहना होगा। कार्यशाला में भारत के 16 मुक्त विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक एवं अधिकारीगण ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत अन्य देशों के विशेषज्ञ भी ऑनलाइन जुड़े। समापन अवसर में उपस्थित अन्य अतिथियों में विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. गोयल, सेवानिवृत सलाहकार, NSDC, नई दिल्ली, मंचासीन रहे। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुशील कुमार मंडेरिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय, कॉमन वैल्थ ऑफ लर्निंग, कनाडा एवं कॉमन वैल्थ एजुकेशन मीडिया सेंटर फॉर एशिया, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। कार्यशाला के अंत में भारत के विभिन्न मुक्त विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।   recent visitors 94

कूनो नेशनल पार्क के अंदर घुसे बंदूकधारी शिकारी, चली गोलियां, चीतों को खतरा?

श्योपुर ! कूनो नेशनल पार्क के मोरावन क्षेत्र में फायरिंग और कुछ शिकारियों के घुसने की खबर सामने आई है. पार्क प्रबंधन के मुताबिक मोरावन क्षेत्र में मंगलवार को गश्ती दल ने फायरिंग की आवाज सुनी थी. इसके बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया तो तीन बंदूकधारी नजर आए. हालांकि, पार्क प्रबंधन ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन बंदूकधारी शिकारी छिपकर भाग निकलने में कामयाब रहे. वहीं डीएफओ ने चीतों के सुरक्षित होने की बात कही है. इस पूरी घटना को लेकर जब श्योपुर DFO आर थिरुकुरल से बात की गई तो उन्होंने MYSECRETNEWS.COM को बताया, ” दो-तीन दिन पहले एक पॉइंट मिला था कि कुछ शिकारी पार्क के कुछ इलाकों से घुसने का प्रयास कर सकते हैं. इसके आधार पर लगातार कॉम्बिंग टीमों द्वारा गश्त की जा रही थी. इसी दौरान मंगलवार को अचानक वन क्षेत्र में गोली चलने की आवाज सुनाई दी, तो गश्ती दल तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन शिकारियों को इस बात का आभास हो गया और वे मौके से फरार हो गए.” DFO के मुताबिक कूनो नेशनल पार्क के कुछ संवेदनशील पॉइंट हैं, जहां से 2-3 शिकारियों के घुसने की आशंका है. हालांकि, गश्ती दल के सक्रिय होने से संभवत: शिकारी किसी घटना को अंजाम नहीं दे सके. एहतियातन कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन ने पार्क के अंदर गश्त बढ़ा दी है और अन्य संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है. पार्क में लगे कैमरों की मदद से भी शिकारियों का पता लगाया जा रहा है. गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क अपने विदेशी चीतों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहता है. यहां चीतों को फिर से बसाने के लिए सरकार का एक बड़ा प्रोजेक्ट जारी है. इस प्रोजेक्ट के चलते श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कई चीते लाए गए थे. इन्हीं में से दो चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं. ऐसे में बंदूकधारी शिकारियों का यहां घुसना कई तरह के सवाल पैदा कर रहा है. हालांकि, यह पहली घटना नहीं है जब कूनो नेशनल पार्क में शिकारियों की घुसपैठ की कोशिश हुई हो. पिछले साल 12 जून को भी ऐसे ही तीन शिकारियों को पार्क में गश्ती दल ने पकड़ा था. ऐसी घटनाएं कूनो नेशनल पार्क और खासतौर पर यहां लाए गए विदेशी चीतों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं. recent visitors 179

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से डॉ. तिवारी ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और भविष्य-उन्मुख बनाने के लिए विशेषज्ञों और विद्वानों के सुझावों का स्वागत करती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन में एसोसिएट प्रोफेसर और इमेजिंग एंड रेडिएशन साइंसेज की सह-निदेशक डॉ. पल्लवी तिवारी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। डॉ. तिवारी, जो एआई और प्रिसिजन मेडिसिन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी शोधकर्ता हैं, ने अपने गृह राज्य और देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए सहयोग की इच्छा व्यक्त की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डॉ. तिवारी को उनके कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं और सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि डॉ. तिवारी के नाम पर 70 से अधिक शोध प्रकाशन, 14 पेटेंट (8 जारी, 6 लंबित) और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा "100 वूमेन अचीवर्स" में शामिल कर राष्ट्रपति द्वारा भी सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें अमेरिका में भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें जॉनसन एंड जॉनसन वीमेन इन एसटीईएम स्कॉलर अवार्ड, ऑनरेरी अर्ली करियर अचीवमेंट अवार्ड और इमेजिंग इनफॉर्मेटिक्स इनोवेशन अवार्ड शामिल हैं। उनका शोध कार्य, विशेष रूप से मस्तिष्क ट्यूमर के क्षेत्र में, व्यापक रूप से सराहा गया है और इसे ओहायो राज्य की महासभा और वहां के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने भी मान्यता दी है। डॉ. तिवारी ने 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर व्याख्यान दिए हैं।   recent visitors 92

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह अभियान सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का प्रमाण है

भोपाल मध्यप्रदेश के 16 अति-संवेदनशील जिलों में 8 से 10 दिसंबर 2024 तक पल्स पोलियो अभियान का विशेष चरण सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 38 लाख 64 हज़ार लक्षित बच्चों में से 36 लाख 74 हज़ार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई, जो लक्ष्य का 95.08% है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी ग्राउंड वर्कर्स, चिकित्सा अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता स्वास्थ्य कर्मियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अभियान में लगे सभी कर्मियों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह अभियान सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाया जाए, जिससे हर बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ रहे। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से भविष्य में भी इसी प्रकार के समर्पण की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा पोलियो सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे इसके लिये सतत प्रयास किये जायें। उल्लेखनीय है कि अभियान के पहले दिन 29.08 लाख बच्चों, दूसरे दिन 5.06 लाख बच्चों और तीसरे दिन 2.59 लाख बच्चों को कवर किया गया। भोपाल में 3.35 लाख (87.76%) बच्चों को, विदिशा में 2.25 लाख (99.57%), और ग्वालियर में 3.27 लाख (94.35%) बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। भिंड में 2.83 लाख (97.31%) बच्चों को, दतिया में 1.14 लाख (98.08%) को, और शिवपुरी में 1.39 लाख (96.68%) बच्चों को कवर किया गया। इसी प्रकार टीकमगढ़ में 2.00 लाख (88.52%), निवाड़ी में 81,413 (89.99%), और कटनी में 1.73 लाख (99.92%) बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। नरसिंहपुर में 1.65 लाख (97.35%), छिंदवाड़ा में 2.34 लाख (86.64%), सतना में 3.60 लाख (99.86%), और इंदौर में 5.08 लाख (97.38%) बच्चों को कवर किया गया। इसी तरह खरगोन में 2.59 लाख (95.30%), मंदसौर में 1.57 लाख (99.72%) और नीमच में 1.04 लाख (96.06%) बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई।   recent visitors 68

मंत्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की

पं. खुशीलाल आयुर्वेद संस्थान अन्य संस्थानों के लिए अभिप्रेरक बने: आयुष मंत्री परमार पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान की साधारण सभा की बैठक हुई मंत्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की संस्थान परिसर में इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण की स्वीकृति भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में गुरुवार को भोपाल स्थित शासकीय पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान की साधारण सभा की बैठक संपन्न हुई। मंत्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की। साधारण सभा में महाविद्यालय के लिए इस वित्तीय वर्ष के बजट का अनुमोदन किया गया। महाविद्यालय परिसर में बालक छात्रावास निर्माण एवं इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण सहित विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा हुई। संस्थान परिसर में इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए राशि की स्वीकृति दी गई। विधायक भगवान दास सबनानी ने एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि देने की सहमति भी दी। आयुष मंत्री परमार ने महाविद्यालय में पदस्थ व्याख्याताओं एवं अधिकारियों के समयमान एवं वेतनमान संबंधी प्रक्रिया नियत समय पर पूर्ण करने संतोष व्यक्त किया । परमार ने कहा कि उच्च पद प्रभार प्रक्रिया का भी नियत समयावधि पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि महाविद्यालय में वास्तविक रिक्त पदों की स्थिति के अनुरूप पदों की पूर्ति की प्रक्रिया नियत समय पर पूर्ण हो सके। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालयीन छात्रों के लिए नवीन छात्रावास भवन निर्माण के लिए शासन के समक्ष प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक समस्त संसाधनों की उपलब्धता, नियत समय अवधि पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परमार ने कहा कि संस्थान अपनी विशेषता पर उत्कृष्ट एवं व्यापक कार्य करे ताकि विशिष्ट संदर्भ में संस्थान का नाम आलोकित हो और संस्थान की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो।संस्थान, कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करे ताकि अन्य संस्थानों के लिए अभिप्रेरक बनें। इस अवसर पर भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी, प्रमुख सचिव आयुष डीपी आहूजा, आयुक्त आयुष सुनिधि निवेदिता, संभागीय आयुक्त अधिकारी डॉ एस पी वर्मा एवं संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ उमेश शुक्ला सहित साधारण सभा के अन्य सदस्यगण सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 82