मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय यूनानी चिकित्सा महाद्यिालय भोपाल की साधारण सभा सम्पन्न हुई

भोपाल आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार की अध्यक्षता में शासकीय यूनानी चिकित्सा महाद्यिालय भोपाल की साधारण सभा सम्पन्न हुई। बैठक में विधायक भगवान दास सबनानी आयुष विभाग के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, आयुक्त निधि निवेदिता सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्री परमार ने महाविद्यालय के प्रस्तावित हम्माम, टीचिंग फार्मेसी, लैब एवं अग्निशमन (फायर सैफ्टी) संबंधी कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रेषित किए जाने के निर्देश दिये। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मेहमूदा बेगम द्वारा बैठक में बजट संबंधी एजेन्डा प्रस्तुत किया गया। भवष्यि की योजनाओं पर चर्चा की गई एवं महाव़िालय की उन्नति के लिये अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। साथ ही मंत्री परमार द्वारा महाविद्यालय के कार्यों की समीक्षा करते हुए आमजन को उच्च स्तरीय नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान किए जाने के निर्देश भी दिये। महाद्यिालय के सभागार में म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित प्रशिक्षणरत चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री परमार द्वारा अधिकारियों को जन-सेवा की भावना से प्रदेश के दूर अंचलों में अपनी सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से भारत के पारम्परिक रूप के संवर्धन एवं परिणाम आधारित प्रयास किये जाने के निर्देश दिये, जिससे देश एवं प्रदेश का विकास हो सके।   recent visitors 68

मुख्यमंत्री यादव आज गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 13 दिसम्बर को गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे। इसमें विशिष्ट अतिथि राज्य वन पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार होंगे। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अभिनेता, लेखक, निदेशक रणदीप हूड्डा रातापानी टाइगर रिजर्व की जागरूकता के लिये "विरासत से विकास की अनूठी दौड़" बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रैली गोल जोड़ चौराहे से एकांत पार्क तक निकाली जाएगी। रातापानी टाईगर रिजर्व का लोकार्पण 13 दिसम्बर 2024 को सुबह 10:30 बजे होगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का 8वाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन बढ़ने से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।   recent visitors 193

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में 'हर घर जल गांव' बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह 'गांव' 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां 'जल जीवन मिशन' बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर 'पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान' थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के 'बाल विहट' गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में 'जल मंदिर' भी बनाया जाएगा। 'जल मंदिर' में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। 'जल मंदिर' में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा। recent visitors 113

गत श्रावण मास में 1 करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने त्रिनेत्रधारी अवंतिकानाथ भगवान महाकाल के दर्शन किए

उज्जैन उज्जयिनी एक महान धार्मिक सांस्कृतिक, साहित्यिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक सिध्द नगरी है। पृथ्वी के नाभिस्थल पर स्थित होने से कुण्डलिनी शक्ति-जागरण के सुविज्ञ योगियों एवं आध्यात्मविदों के लिए यह सफलदायी महत्ती सिध्द भूमि है। यहां पर प्रत्येक 12वें वर्ष में सिंह राशि में गुरू के स्थित होने पर कुम्भ महापर्व का आयोजन सुदीर्घकाल से होता आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और निरंतर विकास के कार्य कर रहे हैं। उज्जयिनी नगरी का विश्व प्रसिध्द बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन की जीवन शैली का केन्द्र बिन्दू है। अवंतिकानाथ भगवान महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल महालोक बनने के बाद से देश-विदेश से श्रध्दालुओं का अधिकाधिक संख्या में आगमन हो रहा है और निरंतर श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशानुरूप भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की सवारियों व राजसी सवारी ने सम्पूर्ण भारतवर्ष का ध्यान आकर्षित किया। भगवान महाकालेश्वर का राजसी वैभव व ठाट-बाट देखने देश-विदेश से 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालु सिर्फ श्रावण के एक माह में पधारें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष सवारी में आकर्षण का केन्द्र देश की विभिन्न जनजातिय दलों के कलाकारों द्वारा लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां, पुलिस बैंड द्वारा मधुर धुन की सवारी मार्ग में प्रस्तुति, डमरूवादन का विश्व रिकॉर्ड व राजसी सवारी में भगवान महाकालेश्वर की पालकी रामघाट पहुंचने पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा रही। श्रावण मास 22 जुलाई 2024 से 19 अगस्त 2024 में 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालुओं ने उज्जैन आकर भगवान महाकाल के देव दर्शन कर महाकाल महालोक को निहारा व सवारियों में सम्मिलित हुए। उज्जयिनी में दिन-प्रतिदिन श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि होने से उज्जैन, मालवा क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन, आर्थिक, सामाजिक केन्द्र बनकर उभरा है। व्यापार के क्षेत्र में बढ़ोतरी होने से नागरिकों को बहुआयामी रोजगार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप सम्राट विक्रमादित्य के समय का गौरव अवंतिका नगरी पुन: प्राप्त करें इसके लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष के साधु-संत-महंत, विद्वानों, चिन्तकों, विचारकों, साहित्यकारों, अनुसंधानकर्ताओं का केन्द्र उज्जैन विभिन्न आयोजनों, सेमीनार, संगोष्ठी, महोत्सवों से सम्पूर्ण वर्ष रहा। क्षिप्रा नदी के पावन तट रामघाट पर चैत्र नवरात्रि गुडी पड़वा के अवसर पर "शिवज्योति अर्पणम" भव्य कार्यक्रम आयोजित कर दीप दान किया गया। विक्रमोत्सव व अखिल भारतीय कालिदास महोत्सव के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक व विज्ञान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश की महान विभूतियां पधारी और उज्जैन निरंतर वर्ष भर साहित्यकारों, विचारकों, चिंतकों और वैज्ञानिकों का केन्द्र बना रहा।  recent visitors 202

भोपाल, छतरपुर समेत 28 जिलों में शीतलहर: एमपी में अगले 4 दिन कड़ाके की सर्दी

भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक कड़ाके की सर्दी पड़ने का अलर्ट है। शुक्रवार को भोपाल, जबलपुर समेत 28 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) चलेगी। रात के साथ दिन भी ठंडे रहेंगे। पहाड़ों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से सर्द हवा चलना इसकी वजह है। इंदौर और उज्जैन में थोड़ी राहत रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, ‘शुक्रवार को जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, सिवनी, नर्मदापुरम में सर्द हवा चलेगी। भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, नीमच, विदिशा, सीहोर, रायसेन, कटनी, सीधी में कोल्ड-डे और सर्द हवाएं दोनों का असर रहेगा। मंडला, मंदसौर, रतलाम, बैतूल, नरसिंहपुर में कोल्ड डे यानी ठंडा दिन रहेगा।’ उधर, कड़ाके की ठंड पड़ने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल गई है। स्कूल 1 घंटे बाद 9 बजे से लग रहे हैं। भोपाल के वन विहार, इंदौर, ग्वालियर के जू में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के जतन हो रहे हैं। इस साल दिसंबर की सर्दी ने ट्रेंड बदल दिया है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड और ट्रेंड देखें, तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का असर है। भोपाल और इंदौर की रात तो पिछले 2 साल में सबसे ठंडी रही है, यानी दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। recent visitors 178

गाबा मैदान पर तीसरे टेस्ट मैच में एक बार फिर से पारी का आगाज करते हुए दिख सकते है रोहित शर्मा

 गाबा टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर 14 दिसंबर से शुरू होने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरे टेस्ट मैच में एक बार फिर से पारी का आगाज करते हुए दिख सकते हैं। रोहित शर्मा सीरीज का पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे, जहां उनकी गैरमौजूदगी में जसप्रीत बुमराह ने कप्तानी की थी और केएल राहुल ने पारी का आगाज किया था। पर्थ टेस्ट में केएल राहुल ने जिस तरह से बैटिंग की, एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच के लिए उन्हें फिर से ओपन करने का मौका मिला, जबकि टीम में कप्तान रोहित वापसी करने के बाद मिडिल ऑर्डर में उतरे। ब्रिसबेन टेस्ट की तैयारियों में टीम इंडिया जुटी हुई है और इस दौरान रोहित को नेट्स में नई गेंद से प्रैक्टिस करते हुए देखा गया, जिसके बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ब्रिसबेन में रोहित ही यशस्वी जायसवाल के साथ पारी का आगाज कर सकते हैं। रोहित ने भारत की ओर से कुल 65 ही टेस्ट मैच खेले हैं और इस दौरान उनके खाते में 4279 रन दर्ज हैं। रोहित कुल 12 टेस्ट शतक लगा चुके हैं। ओपनिंग की बात करें तो रोहित ने 42 टेस्ट मैचों में पारी का आगाज किया है और इस दौरान उनका औसत करीब 44 रहा है, वहीं नंबर छह पर उनका औसत करीब 50 का रहा है। नंबर छब पर बैटिंग करते हुए रोहित ने तीन शतक लगाए हैं, जबकि ओपन करते हुए उनके खाते में 9 टेस्ट शतक दर्ज हैं। कप्तानी की बात करें तो रोहित का आंकड़ा काफी औसत दर्जे का रहा है। रोहित की कप्तानी में भारत ने कुल 22 टेस्ट मैच खेले हैं। कप्तानी के दौरान रोहित की बैटिंग काफी औसत रही है। उन्होंने 22 टेस्ट मैचों में 32.42 के मामूली औसत से 1973 रन ही बनाए हैं। बतौर कप्तान रोहित के बैट से महज चार ही टेस्ट शतक आए हैं। रोहित के ओपन करने का मतलब होगा कि केएल राहुल एक बार फिर मिडिल ऑर्डर में बैंटिंग करने आ सकते हैं। रोहित और यशस्वी जायसवाल ओपन करते हैं, तो तीसरे नंबर पर शुभमन गिल और चौथे नंबर पर विराट कोहली का आना लगभग तय है और केएल को पांचवें नंबर पर भेजकर ऋषभ पंत को छठे नंबर पर उतारा जा सकता है।  recent visitors 174

अब बांग्लादेश से संघर्ष का समय आ गया, अब समय आ गया है कि पाकिस्तान के चार टुकड़े होने चाहिए- जी.डी बख्शी

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचे पूर्व जनरल जी.डी बख्शी ने देश में जाति की राजनीति करने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, बड़े अफसोस की बात है कि, आजादी के 75 साल बाद भी देश में जाति की राजनीति हो रही है। जीडी बख्शी ने आरक्षण जाती पर न देकर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की वकालत की। बख्शी ने कहा सब जातियों में बंट गए तो भारतीय कौन रहेगा। उन्होंने पाकिस्तान पर भी करारा हमला बोलते हुए कहा कि, अब समय आ गया है कि पाकिस्तान के चार टुकड़े होने चाहिए। वहीं, बांग्लादेश में हो रहे हिंदू मंदिरों पर हमले को लेकर जी.डी बख्शी ने कहा कि, बांग्लादेश को केप्चर कर हिंदू देश घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बांग्लादेश से संघर्ष का समय आ गया है। बख्शी ने हिंदुत्व को बीमारी बताने वाले बयान पर भी नाराजगी जाहिर की। वहीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का नाम लिए बगैर निशाना साधाते हुए बख्शी ने महबूबा मुफ्ती को आस्तीन के सांप की जीती जागती मिसाल बताया है। अग्निवीर पर एक बार फिर विचार की जरूरत- बख्शी वहीं, जनरल बख्शी ने अग्निवीर भर्ती योजना पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अग्निवीर जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। जनरल बख्शी ने कहा कि 4 साल में ना तो कोई जवान देश के लिए तैयार होता है और ना ही 4 साल में उसके अंदर देश और फौज के प्रति बॉन्डिंग पैदा होती है। बख्शी ने कहा कि देश के लिए लड़ने और फौज के प्रति समर्पण के लिए लंबे कार्यकाल की जरूरत होती है। लिहाजा अग्निवीर योजना पर एक बार फिर से विचार करने की जरूरत है। आपको बता दें कि, पराक्रम फॉउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जी.डी बख्सी जबलपुर पहुंचे थे।   recent visitors 64