मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुआलालम्पुर में 10 वें एशिया-पैसिफिक डेफ गेम्स 2024 में भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन और 55 पदक प्राप्त करने के लिए टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। यह स्पर्धा 1 से 8 दिसम्बर की अवधि में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने कुल 55 पदक हासिल किए हैं, जो एशिया पैसिफिक डेफ गेम्स में सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल की सफलता का क्रम अविराम जारी रखने की कामना की है।   recent visitors 61

सिर पर जमी डैंड्रफ की परत को एक हफ्ते में साफ कर देंगे ये नुस्खे

एक हफ्ते में डैंड्रफ पूरी तरह से हटाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आप इसे काफी हद तक कम करने के लिए कुछ प्रभावी उपाय अपना सकते हैं। भोपाल ! डैंड्रफ एक ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से बहुत से लोग तो काले रंग के कपड़े पहनना तक बंद कर देते हैं, क्योंकि रूसी उन कपड़ों पर झड़कर लोगों को शर्मिंदा करती है। खासतौर पर अब जब सर्दी का मौसम शुरू हो गया है तो हर दूसरा व्यक्ति इस परेशानी से जूझ रहा है। वैसे तो डैंड्रफ हटाने के लिए कई तरह के हेयर केयर ट्रीटमेंट आते हैं, लेकिन ये जेब पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इसी के चलते आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके इस्तेमाल से एक हफ्ते में सिर पर जमी डैंड्रफ की परत कम हो जाएगी। अगर आपके सिर पर रूसी काफी ज्यादा है तब एक हफ्ते में इसका कम होना मुश्किल है, लेकिन हां आपको इसका अच्छा असर ही देखने को मिलेगा। यदि आपको नींबू सूट करता है तो आप 2-3 चम्मच नारियल तेल में आधा नींबू का रस मिलाएं। इसे अपनी स्कैल्प पर लगाएं और हल्के हाथों से मालिश करें। 30 मिनट बाद हल्के शैंपू से बाल धो लें। नींबू का रस फंगस को खत्म करने में मदद करता है और नारियल तेल स्कैल्प को मॉइश्चराइज करता है। टी ट्री ऑयल को कभी भी सीधा बालों में न लगाएं। इस्तेमाल के लिए इसकी 2-3 बूंदें टी ट्री ऑयल शैम्पू में मिलाकर बाल धोएं। टी ट्री ऑयल में एंटी-फंगल गुण होते हैं जो डैंड्रफ को तेजी से कम करते हैं। विनेगर यानी कि सिरके के इस्तेमाल से भी आप सिर पर जमी रूसी को कम कर सकते हैं। इसके लिए बराबर मात्रा में पानी और एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं। इस मिश्रण को स्कैल्प पर स्प्रे करें और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर अपने बालों को धो लें। मेथी के पेस्ट और दही दोनों में ही ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो सिर को साफ करते हैं और सिर पर जमी रूसी की परत को हटाने का काम करते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए 2 चम्मच मेथी के दानों को रातभर भिगोकर पीस लें। इसमें 2 चम्मच दही मिलाएं और स्कैल्प पर लगाएं। इससे भी रूसी की परत हटने लगेगी। यदि आपके घर में एलोवेरा का पौधा लगा है तो उससे बेहतर कोई विकल्प कुछ हो ही नहीं सकता। सिर से रूसी हटाने के लिए ताजा एलोवेरा जेल स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। डिसक्लेमर : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। ” माइ सीक्रेट न्यूज़ ” इस लेख में दी गई जानकारी को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। त्वचा संबंधी किसी भी तरह की अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। recent visitors 202

आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का अभियान निरंतर जारी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों और आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का अभियान निरंतर जारी है। मंगलवार को छतरपुर निवासी श्रीमती राजकुमारी गुप्ता (52 वर्ष) को पीएमश्री एयर एम्बुलेंस के माध्यम से समय पर हायर सेंटर रेफर कर उनकी जान बचाई गई। आयुष्मान योजना हितग्राही श्रीमती गुप्ता को उपचार और एयर एम्बुलेंस की सुविधा निःशुल्क प्राप्त हुईं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों। यह सेवा उस संकल्प को साकार करती है, जिसमें जरूरतमंदों को हरसंभव मदद प्रदान कर उन्हें स्वस्थ जीवन का अधिकार दिलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रीमती राजकुमारी गुप्ता को पेट दर्द और रक्तचाप कम होने की शिकायत पर 10 दिसंबर को जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया था। जाँच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उनके बाएं गुर्दे में एक बड़ी चोट और आंतरिक रक्तस्राव हो रहा है। जिला अस्पताल के सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल भोपाल रेफर करने का निर्णय लिया। आयुष्मान कार्ड धारक होने के कारण मरीज को चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल में निःशुल्क उपचार के लिए रेफर किया गया। मरीज को जिला अस्पताल की टीम के सहयोग से खजुराहो एयरपोर्ट तक एम्बुलेंस से पहुँचाया गया और वहां से एयर एम्बुलेंस के जरिये भोपाल भेजा गया। चिरायु मेडिकल कॉलेज में पहुंचने पर मरीज का ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और डीएसए (डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी) जैसी एडवांस जांचें की गईं। जांच में पाया गया कि मरीज के बाएं गुर्दे में 11×7 सेमी का बड़ा और फटा हुआ एंजियोमायोलिपोमा (रक्त वाहिकाओं और वसा का ट्यूमर) है, जिससे लगातार रक्तस्राव हो रहा था। 3 घंटे के भीतर की गई जटिल सर्जरी मरीज की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने तत्काल एम्बोलाइजेशन और रक्तस्राव रोकने के लिए कॉइलिंग प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। यह जटिल प्रक्रिया इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अदनान खान और उनकी टीम ने सफलता पूर्वक 3 घंटे के भीतर पूरी की। इस जीवनरक्षक प्रक्रिया के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी। आयुष्मान योजना में शामिल नई चिकित्सकीय प्रक्रियाओं यह प्रक्रिया हाल ही में शामिल की गयी है। योजनान्तर्गत पहले कुल 1670 प्रकार के उपचार उपलब्ध थे इसका विस्तार करते हुए नया हेल्थ बेनिफिट पैकेज HBP-2022 लागू किया गया है, जिसमें 282 प्रकार के नए उपचार शामिल किये गए है। अब 1952 प्रकार के उपचार आयुष्मान योजनान्तर्गत उपलब्ध हैं। नए पैकेज में गंभीर बिमारियों जैसे की अंग प्रत्यारोपण, बोनमैरो ट्रांसप्लांट एवं कैंसर की जांच एवं उपचार हेतु हाई एंड इन्वेस्टीगेशन सहित कई अत्याधुनिक चिकित्सकीय सेवाओं को शामिल किया गया है।   recent visitors 93

आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया को दी राहत, जमानत शर्तों में ढील: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आबकारी नीति कथित घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राहत देते हुए जमानत की शर्तों में बुधवार को ढील दे दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने सिसोदिया की जमानत के मामले में अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की शर्त जरूरी नहीं है।हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियमित रूप से निचली अदालत में उपस्थित होना चाहिए। श्री सिसोदिया ने हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की जमानत की शर्तों में ढील के लिए शीर्ष अदालत से गुहार लगाई थी। उच्चतम न्यायालय ने 9 अगस्त 24 को श्री सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)- दोनों मामलों में जमानत देकर उन्हें बड़ी राहत दी थी। अदालत ने यह देखते जमानत दी थी कि मुकदमे की सुनवाई में देरी और आरोपी सिसोदिया के लंबे समय तक जेल में रहने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के उनके अधिकार पर असर पड़ता है। शीर्ष अदालत ने जमानत की शर्तों में सिसोदिया को प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से 11 बजे के बीच जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने जमानत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के 21 मई, 2024 के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिसोदिया को उपमुख्यमंत्री रहते हुए 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।   recent visitors 107

चैंपियंस ट्रॉफी से पीसीबी के लिए हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अगर चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण अगले साल फरवरी मार्च में होने वाली इस 50 ओवर की प्रतियोगिता से हटने का फैसला करता है तो उसको राजस्व के भारी नुकसान के अलावा मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा। इस अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (एमपीए) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है।’’ अधिकारी में कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैंपियंस ट्राफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे।’’ आईसीसी पिछले सप्ताह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था। इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा। इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी। इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा। प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं। प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा। उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला।   recent visitors 80

खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें उनके लिए विशेष प्रशिक्षण के प्रबंध करें: मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नेशनल गेम्स में पदक हासिल करने के लिए खेल प्रतिभाओं को निखारे। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें उनके लिए विशेष प्रशिक्षण के प्रबंध करें। उन्हें अच्छे तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के गेम्स भी दिखाए जाएं। मंत्री श्री सारंग ने बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में ताइक्वांडो और जूडो अकादमियों की वर्तमान गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही आगामी योजनाओं और आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और खेल प्रतिभाओं के समुचित विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अकादमियों में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री श्री श्री सारंग ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार किया जाए। इसके लिये खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नेशनल गेम्स के लिए प्लान कर खिलाड़ियों की एसओपी तैयार की जाए। उनके डाइट प्लान के साथ फिजिकल एक्सरसाइज आदि पर भी ध्यान दिया जाए। हर खिलाड़ी को अपग्रेड करने का प्रयास हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि अकादमियों में आगामी खेल प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने जा रहे सभी खिलाड़ियों की प्रोफाइलिंग की जाए। इसमें उनका प्रदर्शन, आवश्यक तकनीक में परिवर्तन सहित अन्य जानकारियों का विवरण हो, जिस पर फोकस कर उनके प्रदर्शन को सुधारा जा सके। मंत्री श्री सारंग ने अकादमी के बच्चों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। बैठक में खेल संचालक श्री रवि गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बीएल यादव, सहायक संचालक श्री विकास खराडकर सहित ताइक्वांडो और जूडो अकादमियों के कोच एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 51

राहुल गांधी ने संसद परिसर में जताया अनोखा विरोध, मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में एक अनोखे तरीके से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने संसद परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट किया। यह घटना तब घटी जब राजनाथ सिंह अपनी कार से संसद परिसर में प्रवेश कर रहे थे। जैसे ही उनकी कार रुकी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता उनके पास पहुंचे और उन्हें तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट कर दिया। यह प्रतीकात्मक रूप से उनके विरोध का इजहार था और केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में होने वाली चर्चा से बचने का आरोप था, खासकर अडानी समूह के साथ जुड़ी कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कदम गांधीवादी विचारधारा पर आधारित था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने तिरंगा और गुलाब का फूल संसद में सत्तापक्ष के सांसदों को भेंट कर यह संदेश देने की कोशिश की कि वे अडानी के खिलाफ आरोपों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने संसद को काम न करने देने की कसम खाई है और विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि अडानी मामले पर सदन में चर्चा की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और अडानी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, 20 नवंबर से संसद के सत्र के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामा देखा गया। कांग्रेस ने अडानी समूह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा की मांग की, जबकि बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के जॉर्ज सोरोस से संबंध हैं। बीजेपी ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित एक संगठन ने कश्मीर को भारत से अलग करने का समर्थन किया था। इस तरह के आरोपों को लेकर भी सदन में तू-तू, मैं-मैं का माहौल बना हुआ है। संसद में विपक्ष के प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने के साथ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। 10 दिसंबर को, विपक्षी गठबंधन के दलों ने राज्यसभा में धनखड़ को हटाने के लिए एक नोटिस दिया। इन दलों का आरोप है कि उपराष्ट्रपति के रूप में धनखड़ ने हमेशा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है। हालांकि, विपक्ष के पास राज्यसभा में धनखड़ के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने के लिए जरूरी सदस्य संख्या की कमी है, फिर भी यह कदम एक कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े हैं।   इन घटनाओं के बीच, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार अपनी आवाज़ उठाने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार अडानी मामले पर संसद में चर्चा कराए। उनका कहना है कि यदि इस मामले पर चर्चा नहीं की जाती है, तो यह संसद और लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। विपक्ष का यह मानना है कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर संसद में खुलकर चर्चा करने की अनुमति दे, ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके। राहुल गांधी द्वारा तिरंगा और गुलाब का फूल भेंट करने की यह घटना न केवल विरोध का प्रतीक बन गई, बल्कि यह देश की राजनीति में एक नई दिशा को भी जन्म देती है। इसने यह भी दिखा दिया कि कैसे विपक्ष अपनी असहमति को शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से व्यक्त कर सकता है, जैसा कि गांधी के समय में हुआ करता था। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच यह सवाल उठाया है कि क्या भारत की संसद में इस तरह के विरोध प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र की मजबूती का संकेत हैं या यह केवल राजनीतिक दांवपेंच का हिस्सा हैं।  recent visitors 139