नेशनल हाइवे पर मिला नर तेंदुए का शव, अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत की आशंका

सागर के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत नेशनल हाइवे-44 पर मंगलवार की रात्रि एक नर तेंदुआ का शव मिला है। तेंदुए के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। हाइवे पर तेंदुए के शव मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए जबलपुर वेटरनरी कॉलेज भिजवाया है। वन विभाग द्वारा तेंदुआ की मौत प्रारंभिक कारण अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बता रहा है। मामले में विभाग की टीम जांच कर रही है। ढाना फॉरेस्ट रेंज के ऑफिसर प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिली थी कि सागर-नरसिंहपुर नेशनल हाइवे-44 पर स्थित गुरु चौपड़ा के पास सड़क पर मृत अवस्था में तेंदुआ पड़ा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जांच शुरू की। मृत नर तेंदुआ करीब 3 से 4 साल का था। मौका स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहा होगा। तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी होगी। मृत अवस्था में मिले तेंदुए के मुंह, खोपड़ी सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान मिले हैं। बता दें करीब छह साल पहले भी गुरु चौपड़ा के पास में नेशनल हाइवे पर एक तेंदुए की मौत हो चुकी है। घटना स्थल के चारों ओर जंगल लगा हुआ है। बिजौरा, रानगिर बरकोटी, नाहरमऊ और केसली से सिलवानी के जंगल लगे हैं, जिनमें तेंदुआ का विचरण होना आम बात है। इस स्थान के पास नेशनल हाइवे पर तेज ढलान होने के चलते वाहन तीव्र गति से निकलते हैं। recent visitors 171

अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें, LG के आदेश पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस अब अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं और इन घुसपैठियों को पहचानने और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का काम शुरू कर दिया है। सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें। क्राइम ब्रांच की टीम भी इस अभियान में शामिल होगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि फर्जी पहचान पत्र बनाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एलजी ने क्यों दिए निर्देश? मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) सचिवालय ने मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जाए और उन्हें दो महीने के भीतर दिल्ली से बाहर निकाला जाए। यह कदम उस समय उठाया गया, जब शनिवार को हजरत निजामुद्दीन में मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने एलजी वीके सक्सेना से मुलाकात कर बांग्लादेश में हिंदू और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बारे में चिंता जताई थी। प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद एलजी ने इस मामले पर सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम वहीं, प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि इन घुसपैठियों को किराए पर मकान नहीं मिलना चाहिए, और जो पहले से मकान में रह रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। घुसपैठियों को किसी भी सरकारी दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड या वोटर कार्ड बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और ऐसे दस्तावेज़ों को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सड़कों, पार्कों, फुटपाथों और सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाने की मांग की गई थी। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि किसी मस्जिद या मदरसे ने घुसपैठियों को शरण दी है, तो उन्हें बाहर किया जाए। इस पर उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने के लिए कहा है। चुनाव से पहले घुसपैठियों का मुद्दा यह आदेश दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है, जिस कारण राजनीति में हलचल मच सकती है। पहले भी भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगाया था कि वह अवैध घुसपैठियों को वोटर के रूप में शामिल कर रही है। इस मुद्दे के राजनीतिक तूल पकड़ने की संभावना है, खासकर जब आम आदमी पार्टी तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी 25 साल बाद दिल्ली में सत्ता पाने के लिए संघर्ष कर रही है। recent visitors 81

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया- संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है

जम्मू-कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों ने अपनी रणनीतियों को और भी सख्त किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, आतंकी संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। यह कम भर्ती दर दर्शाता है कि सुरक्षाबलों की ओर से किए जा रहे ऑपरेशन्स, खुफिया जानकारी की बेहतर सांझेदारी और स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर संवाद के कारण आतंकी संगठनों के लिए स्थानीय समर्थन में कमी आई है। साथ ही, सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकवादियों के नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए ऑपरेशनल सक्रियता बढ़ा दी है, जिससे आतंकियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। यह स्थानीय युवाओं के लिए भी एक संदेश है कि आतंकवाद में शामिल होने के बजाय, वे विकास और शांति की दिशा में काम कर सकते हैं। इस प्रकार, सुरक्षाबलों का दबाव, बेहतर खुफिया जानकारी और स्थानीय समुदाय का सहयोग आतंकवादियों की भर्ती में कमी के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।  हाल के समय में सरकार ने आतंकवाद और ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। एक महीने के भीतर आतंकवादियों के समर्थकों और ड्रग डीलरों की कुल 7 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। इस प्रकार की कार्रवाइयों से आतंकवादियों को वित्तीय मदद और पनाह मिलना मुश्किल हो गया है। इसका उद्देश्य कश्मीरी युवाओं को आतंकवाद के रास्ते से दूर रखना और आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करना है। इस तरह की सख्त कार्रवाई से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और कश्मीर में शांति और विकास की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।   recent visitors 81

50 बड़े प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अमित बंसल का नाम शामिल

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अमित बंसल का नाम 50 बड़े प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल हुआ है। मैनेजिंग आईपी द्वारा जारी की गई लिस्ट में दोनों ने जगह बनाई है। जस्टिस ज्योति सिंह को यह सम्मान 2024 के अप्रैल महीने में उनके ऐतिहासिक फैसले के लिए मिला। इस फैसले में उन्होंने 14 साल लंबे पेटेंट विवाद में उन्होंने कम्युनिकेशन कंपोनेंट्स एंटेना (CCA) को मोबी एंटेना टेक्नोलॉजीज के खिलाफ 217 करोड़ का रिकॉर्ड हर्जाना देने का आदेश दिया। इस फैसले के साथ लंबे समय तक चल रहे एक कानूनी संघर्ष हो गया। साथ ही पेटेंट विवादों में हर्जाने की गणना के लिए एक नया मानक स्थापित किया। खोए हुए मुनाफे के आधार पर हर्जाने का निर्धारण किया गया था। CCA को दिया गया यह हर्जाना भारत में खोए हुए मुनाफे के आधार पर अब तक का सबसे बड़ा हर्जाना था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनेजिंग आईपी ने लिस्ट जारी करते हुए कहा, "जस्टिस सिंह की जटिल कानूनी मुद्दों की क्षमता ने इस मामले का निपटारा किया। इस फैसले ने आईपी कानूनी परिदृश्य पर उनके गहरे प्रभाव को उजागर किया।" जस्टिस अमित बंसल का भी नाम जस्टिस अमित बंसल को 2024 के मार्च में एक स्टैंडर्ड-एसेंशियल पेटेंट्स (SEPs) केस में उनके महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सराहा गया। उन्होंने एरिक्सन को भारतीय हैंडसेट निर्माता लावा के खिलाफ 244 करोड़ का हर्जाना देने का दिया था आदेश। यह केस इसलिए भी खास था क्योंकि यह भारत का पहला ऐसा मामला था जिसमें FRAND (Fair, Reasonable, and Non-Discriminatory) रॉयल्टी दरों का निर्धारण एक मुकदमे के बाद किया गया था। मैनेजिंग आईपी ने कहा कि जस्टिस बंसल ने हर्जाने की गणना अंतिम उपकरण के आधार पर की और एरिक्सन के एक पेटेंट के अमान्य होने को ध्यान में रखते हुए रॉयल्टी दरों को समायोजित किया। recent visitors 178

हिंदुओं की रक्षा के लिए बातचीत से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो केंद्र को दूसरें तरीके पर विचार करना चाहिए: आरएसएस

नई दिल्ली बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो केंद्र को दूसरें पर विचार करना चाहिए। नागपुर में 'सकल हिंदू समाज' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आंबेकर ने कहा, "केंद्र को इस मामले पर और अधिक गंभीरता से काम करना चाहिए और ठोस कदम उठाने चाहिए। मुझे उम्मीद है कि यह मुद्दा संवाद के जरिए हल हो सकता है, लेकिन अगर बातचीत विफल हो जाए तो हमें इसके लिए दूसरा समाधान ढूंढना होगा।" आंबेकर ने कहा कि बांगलादेश में हिंदू समुदाय पर जिस तरह से अत्याचार हो रहे हैं वह इस समय मुगल शासन की याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा, "हमारे मंदिर जलाए जा रहे हैं। लूटे जा रहे हैं। महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं। यह सब देखकर हर हिंदू को गुस्सा आना चाहिए। केवल इन घटनाओं की निंदा करना और परेशान होना पर्याप्त नहीं है। हमें सिर्फ गुस्से और दुख से बाहर आकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।" आरएसएस नेता ने यह भी कहा कि बांगलादेश में हो रही हिंसा का उद्देश्य हिंदू समुदाय को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने कहा, "न केवल बांगलादेश, पाकिस्तान और बांगलादेश में भी हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं। हम हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार सहन नहीं करेंगे। अगर हमने इस पर कुछ नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ियां हमारी चुप्पी पर सवाल उठाएंगी।" उन्होंने बांगलादेश के अंतरिम नेता मुहम्मद युनुस पर भी निशाना साधते हुए कहा, "जिस देश का नेतृत्व नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कर रहे हैं वहां शांति नहीं हो सकती है। वह अत्याचारों को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।" आंबेकर ने यह भी कहा कि कुछ वैश्विक शक्तियों को पहचानने की जरूरत है, जो बांगलादेश में हिंसा फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमें उन शक्तियों को पहचानने और उजागर करने की जरूरत है और उन्हें यह बताने की आवश्यकता है कि वे हमारे देश और अन्य देशों में हिंदुओं के खिलाफ ऐसी घटनाओं को बंद करें।" इससे पहले अक्तूबर महीने में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी बांगलादेशी हिंदुओं पर हो अत्याचार का मुद्दा उठाया था। recent visitors 117

पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किये

जबलपुर अभूतपूर्व कदम उठाते हुए जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने मंगलवार रात को पूरी पुलिस फोर्स को क्राइम ब्रांच से लाइन में ट्रांसफर कर दिया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। वहीं चारो ओर इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है। इसे लेकर भी एसपी ने मीडिया से बात करते हुए पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी है। इतने बड़े ट्रांसफर के पीछे उन सभी पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी है। इस कार्रवाई में जो अफसर शामिल हैं उनमें एक एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक एसपी को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इसे नजर में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। एसपी उपाध्याय ने बताई वजह एसपी उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ट्रांसफर किए गए पुलिसकर्मी चार साल से क्राइम ब्रांच में तैनात थे और यह फैसला एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल है। हालांकि, अचानक आए इस आदेश से विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर उन अफसरों में जो लंबे समय से एक ही थाने में तैनात हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। कई अफसरों पर जबरन वसूली की शिकायतें ट्रांसफर से पुलिस बल में हलचल मच गई है। सही वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है, जबकि अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कथित जबरन वसूली और लंबित मामलों की शिकायतें थीं। इस अफसरों में कई ने आम लोगों को भी सताया था जिसके बाद ही यह कदम उठाया गया है। recent visitors 183

नोएडा के सूरजपुर में मिला लिव इन रिलेशन में धोखा, विरोध करने पर भी वह नहीं सुधरा तो तंग आकर छात्रा ने आत्महत्या की

नई दिल्ली नोएडा के सूरजपुर में बीबीए स्टूडेंट की मौत के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। 19 साल की विक्टिम प्रेमी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। जांच में सामने आया है कि लिव इन पार्टनर को अब किसी दूसरी लड़की से प्यार हो गया था। इस वजह से वह शादी के वादे से भी मुकर गया था। प्यार में मिले इस धोखे ने अंज विरोध करने पर भी वह नहीं सुधरा तो तंग आकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। दो दिसंबर को अंजलि की सूरजपुर कस्बे ने संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई थी। सेंट्रल डीसीपी ने बताया कि आत्महत्या के उकसाने के आरोप में बलिया निवासी सतीश को दुर्गा गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। पहले आरोपी ने अंजली सिंह को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। बाद में उससे शादी करने मना कर दिया है। जिससे परेशान होकर अंजली सिंह ने आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि इसी बीच सतीश के किसी अन्य युवती से संबंध हो गए थे। जिसकी वजह से दोनों के बीच कहासुनी होती थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के मामा की शिकायत पर इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। सूरजपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अंजलि बलिया की रहने वाली थी और नोएडा में बीबीए की पढ़ाई करती थी। अंजलि और आरोपी युवक सतीश एक साथ सूरजपुर में रहते थे। सतीश एक कंपनी में काम करता है। घटना के बाद से आरोपी युवक फरार था, जिसे आज गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात को दुर्गा दत्त सिंह ने सूरजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 18 वर्षीय भांजी अंजलि सिंह के साथ 'लिव इन रिलेशनशिप' में रह रहे उसके पार्टनर सतीश उर्फ संतोष ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसकी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट के अनुसार, सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि एक दिन अंजलि ने अपनी मां और बहन को फोन करके बताया था कि सतीश अब उससे शादी करना नहीं चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि सतीश द्वारा शादी से मना करने से परेशान अंजलि ने दो दिसंबर को कस्बा सूरजपुर स्थित घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (किसी को आत्महत्या करने के लिए उकसाने, मजबूर करने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस ने फरार आरोपी युवक को बुधवार को सूरजपुर थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। recent visitors 110