गुजरात कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ‘शक से परे मामले को साबित नहीं कर सका, पूर्व IPS संजीव भट्ट को मिली बड़ी राहत

पोरबंदर गुजरात की एक अदालत से पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को बड़ी राहत मिली है। पोरबंदर की एक अदालत ने 1997 के हिरासत में यातना देने के मामले में उन्हें बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष 'शक से परे मामले को साबित नहीं कर सका।' एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने पोरबंदर के तत्कालीन पुलिस सुपरिटेंडेंट (एसपी) भट्ट को उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज मामले में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। आरोपी का कबूलनामा हासिल करने के लिए गंभीर चोट पहुंचाने और अन्य प्रावधानों के तहत पूर्व आईपीएस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। भट्ट को इससे पहले जामनगर में 1990 में हिरासत में हुई मौत के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा पालनपुर में राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स रखने के 1996 के मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह वर्तमान में राजकोट सेंट्रल जेल में बंद है। वहीं 1997 के मामले में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष 'शक से परे मामले को साबित नहीं कर सका' कि शिकायतकर्ता को अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। उसे खतरनाक हथियारों और धमकियों का उपयोग करके उसे स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया गया था। कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि आरोपी, जो उस समय अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा एक लोक सेवक था, के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी इस मामले में नहीं ली गई थी। भट्ट और कांस्टेबल वजुभाई चाऊ, जिनके खिलाफ उनकी मृत्यु के बाद मामला समाप्त कर दिया गया था, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 330 (स्वीकारोक्ति करवाने के लिए चोट पहुंचाना) और 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत आरोप लगाए गए थे। यह आरोप नारन जाधव नामक व्यक्ति ने लगाए थे। उसका कहना था कि आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम, 1987 (टाडा) और शस्त्र अधिनियम के मामले में पुलिस हिरासत में उसे शारीरिक और मानसिक यातना देकर कबूलनामा लिया गया था। 6 जुलाई, 1997 को मजिस्ट्रेट अदालत में जाधव की शिकायत पर अदालत के निर्देश के बाद, 15 अप्रैल, 2013 को पोरबंदर शहर बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में भट्ट और चाऊ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जाधव 1994 के हथियार लैंडिंग मामले के 22 आरोपियों में से एक था। recent visitors 75

फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 13 लोगों की सोने की चेन, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी, पुलिस में शिकायत दर्ज

मुंबई महाराष्ट्र में जब नई सरकार का शपथ ग्रहण का कार्यक्रम चल रहा था, तब चोरों ने हाथ साफ करने का मौका नहीं छोड़ा। समारोह के दौरान 13 लोगों की सोने की चेन, नकदी और अन्य कीमती सामान खो गई। लोग शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। इन घटनाओं में करीब 12.4 लाख का सामान चोरी हुआ है। आपको बता दें कि 7 दिसंबर को आजाद मैदान में यह समारोह आयोजित किया गया था। इसमें देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। इस कार्यक्रम में 50,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। उनमें कई फिल्मी सितारे और बड़े रैंक के अधिकारी भी थे। पुलिस के अनुसार, कई उपस्थित लोग चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे। अब तक 13 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये चोरी की घटनाएं शपथ ग्रहण समारोह के दौरान के अव्यवस्था और भीड़-भाड़ के कारण हुईं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब और शिकायतें आ रही हैं और मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है। इस घटनाक्रम में शामिल एक पीड़ित 64 वर्षीय शिवाजी गावली थे, जिन्होंने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, "जब मैं गेट नंबर 2 से बाहर निकल रहा था तब जगह बहुत भीड़-भाड़ वाली थी। बाहर आने के बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरी 30 ग्राम सोने की चेन गायब है। मैंने काफी खोजबीन की लेकिन बाद में पता चला कि किसी ने चोरी कर ली थी।" इसी तरह के अन्य मामलों में 50 साल के जयदेवी उपाध्याय की 20 ग्राम सोने की चेन चोरी हो गई, संतोष लछके की 17 ग्राम के सोने की चेन चोरी हो गई। इसके अलावा विलास चौहान की 20 ग्राम चेन की चेन और मोहन कामत की 35 ग्राम की चेन चोरी हो गई थी। इसके अलावा नकदी चोरी के मामले भी सामने आए। आनंद कोली की 20,000 और नितिन काले से 57,000 रुपये की चोरी की गई। इस समारोह में बॉलीवुड सितारे शाहरुख खान, सलमान खान, रणबीर कपूर और रणवीर सिंह सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं। हालांकि भीड़-भाड़ के कारण चोरों ने इसका फायदा उठाया और चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि इस तरह की चोरी की घटनाएं सार्वजनिक कार्यक्रमों, संगीत समारोहों, त्योहारों और राजनीतिक रैलियों में आम हो गई हैं। यहां तक कि ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने भी अपनी बैग चोरी होने की शिकायत की है। पुलिस चोरी की घटनाओं के आरोपियों को पकड़ने और चोरी गए सामान को बरामद करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अपने सामान को सुरक्षित रखें और सतर्क रहें। recent visitors 72

एडिलेड टेस्ट हारते ही टीम इंडिया को भारी नुकसान, खोया नंबर-1 का ताज, टॉप-2 से भी हुए बाहर

नई दिल्ली रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ 5 मैच की सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई है। एडिलेड टेस्ट का WTC पॉइंट्स पर बहुत तगड़ा असर पड़ा है। कंगारुओं ने भारत से नंबर-1 का ताज छीन लिया है। ऑस्ट्रेलिया 60.71 प्रतिशत अंकों के साथ पहले पायदान पर पहुंच गया है। वहीं इस हार से टीम इंडिया को भारी नुकसान हुआ है। भारत ने नंबर-1 का ताज तो खाया ही, साथ ही टीम टॉप-2 से भी बाहर हो गई है। जी हां, रोहित शर्मा एंड ब्रिगेड इस हार के साथ 57.29 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे पायदान पर खिसक गई है। साउथ अफ्रीका 59.26 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे पायदान पर है। साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट जारी है। अगर मेजबान टीम उस मैच को भी जीतने में कामयाब रहती है तो वह ऑस्ट्रेलिया को पछाड़ WTC पॉइंट्स टेबल में पहला पायदान हासिल कर लेगी। बात एडिलेड टेस्ट की करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 180 रन बोर्ड पर लगाए थे, इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ट्रेविस हेड के शतक के दम पर 337 रन बनाने में कामयाब रही थी। ऑस्ट्रेलिया की 157 रनों की बढ़त तो भारत उतारने में कामयाब रहा, मगर पूरी टीम 175 रनों पर सिमट गई और भारत ने मेजबानों के सामने 19 रनों का टारगेट दिया था। इस स्कोर को ऑस्ट्रेलिया ने बिना विकेट खोए हासिल किया। recent visitors 68

पिंक बॉल टेस्ट में एडिलेड में भारत एक बार फिर से चारों खाने चित नजर आया, ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट से जीता मैच

नई दिल्ली एडिलेड के ओवल में इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया दूसरा टेस्ट मैच खेला गया। पिंक बॉल टेस्ट मैच का नतीजा तीसरे दिन के पहले ही सेशन में निकल आया। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को 10 विकेट से जीता और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-1 की बराबरी कर ली। जीत के लिए सिर्फ 19 रनों का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया के सामने था। ओपनर नाथन मैकस्वीनी और उस्मान ख्वाजा ने चौथे ओवर में ही इस टारगेट को हासिल कर लिया। पिंक बॉल टेस्ट में एडिलेड में भारत एक बार फिर से चारों खाने चित नजर आया। इस मैच में ट्रैविस हेड ने शतक जड़ा और पैट कमिंस ने दूसरी पारी में पंजा खोला। पहली पारी में 6 विकेट मिचेल स्टार्क को मिले थे। भारत की तरफ से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक इस मैच में नहीं जड़ पाया। हेड को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला। भारत ने तीसरे दिन 128/5 से आगे खेलना शुरू किया था, लेकिन टीम 175 रनों पर ढेर हो गई। इस मैच में भारत ने पहली पारी में 180 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत 337 रन बनाए। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को 157 रनों की बढ़त पहली पारी के आधार पर मिली। इसके जवाब में भारत की दूसरी पारी में 175 रनों पर ढेर हो गई। ऑस्ट्रेलिया को 19 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे मेजबान टीम ने 3.2 ओवर में हासिल कर लिया और पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली। तीसरा मुकाबला 14 दिसंबर से ब्रिस्बेन में खेला जाएगा। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बराबर इस समय इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज बराबरी पर खड़ी है। पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दो मैचों के बाद 1-1 से बराबर है। पर्थ में भारत को और एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया को जीत मिली। ऑस्ट्रेलिया को मिली जीत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरा टेस्ट 10 विकेट के अंतर से जीता। मेजबान टीम के सामने महज 19 रनों का लक्ष्य था, जिसे 20 गेंदों में ऑस्ट्रेलिया ने हासिल कर लिया। भारत को दूसरी पारी में कोई सफलता नहीं मिली। recent visitors 173

बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही ज्यादती पर भारत के मुस्लिम उलेमाओं ने अपने गुस्से का किया इजहार, दी बड़ी चेतावनी

मुंबई बांग्लादेश इन दिनों हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर सुर्खियों में है और इस्लामी कट्टरपंथी लगातार अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहें। ऐसा शायद ही कोई दिन बीत रहा है जब वहां से हिंदुओं पर हमले और मंदिरों को तोड़े जाने की खबरें न आ रही हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही ज्यादती पर भारत के मुस्लिम उलेमाओं ने अपने गुस्से का इजहार किया है। मुंबई की हांडी वाली मस्जिद में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के मुद्दे पर आल इंडिया सुन्नी जमीयत उल्मा, रजा अकादमी और जमीयत उल्मा ए अहले सुन्नत ने संयुक्त रूप से उलेमाओं की आपात बैठक बुलाई, जिसमें स्थानीय उलेमा और शेखों ने हिस्सा लिया। ‘हम सड़कों पर उतरने के लिए तैयार’ बैठक की अध्यक्षता करते हुए रजा अकादमी के संस्थापक और प्रमुख हाजी मुहम्मद सईद नूरी ने कहा, ‘अत्याचार और ज़्यादती किसी भी देश में हो, वह न केवल दुखद, बल्कि निंदनीय है। अब जबकि बंग्लादेश, जो एक मुस्लिम बहुसंख्यक देश है, में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यह न केवल इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है, बल्कि मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है। बंग्लादेश सरकार को अपने देश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने और उनके मंदिरों की सुरक्षा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता, तो भारत के उलेमा ए सुन्नत बंग्लादेश के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।’ हाजी नूरी ने बांग्लादेश को दी चेतावनी रजा अकादमी के संस्थापक ने आगे कहा, ‘शेख हसीना के शासन में जो अशांति फैली, उसमें बंगाली मुस्लिम युवाओं को मंदिरों की सुरक्षा करते देखा गया था। अब ऐसा क्या हुआ कि वहां अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं?’ उन्होंने अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूसुफ से अपील की कि वह दंगाइयों पर कड़ी नजर रखें और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करें। हाजी नूरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बंग्लादेश सरकार ने इस पर कार्रवाई नहीं की, तो रजा अकादमी और अन्य संगठनों के सहयोग से भारतभर में बंग्लादेश के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। ‘बंग्लादेश की छवि पर असर पड़ेगा’ बैठक में शामिल शहज़ादा शेर मिल्लत मौलाना इज्ज़ाज़ अहमद कश्मीरी ने कहा, ‘अगर बंग्लादेश में उत्पन्न हालात को जल्दी नहीं रोका गया, तो इसके कारण दुनिया भर में बंग्लादेश की छवि पर असर पड़ेगा और वह कई समस्याओं में उलझ जाएगा। मुहम्मद यूसुफ को चाहिए कि वह हिंदुओं पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकें और जिन संगठनों का इसमें हाथ हो, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके। हम हर हाल में बंग्लादेशी अल्पसंख्यकों के साथ खड़े हैं। यदि हमले नहीं रुकते, तो हम दिल्ली में बंग्लादेशी दूतावास का घेराव करेंगे।’ ‘अत्याचार किसी भी रूप में अस्वीकार्य है’ मौलाना खलीलुर्रहमान नूरी ने कहा, ‘अत्याचार किसी भी रूप में अस्वीकार्य है, चाहे वह हमारे देश में हो, बंग्लादेश में हो या फिलिस्तीन में। हम हमेशा ज़ुल्म के खिलाफ और पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे। यह इस्लाम का सशक्त संदेश है, जिस पर अमल करके हम पीड़ितों की मदद कर सकते हैं।’ मौलाना अमानुल्ला रजा ने भारत सरकार से अपील की कि हिंदुओं पर हमले की घटनाओं की जांच कराए, ताकि वहां के हालात का फायदा हमारे देश के शरपसंद तत्व न उठा सकें। उन्होंने कहा, ‘भारत के सभी मुसलमान बंग्लादेशी अल्पसंख्यकों के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे।’   recent visitors 150

उधमपुर जिले में मंदिर के बाहर पुलिस वैन के अंदर पुलिसकर्मियों के गोलियों से छलनी शव मिले, आखिर कैसे हुई मौत?

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में रविवार तड़के दो पुलिसकर्मी मृत पाए गए और उनके शरीर पर गोलियां लगने के निशान मिले हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने संदेह जताया कि यह साथी पुलिसकर्मी की हत्या करने और आत्महत्या करने का मामला है। अधिकारियों ने बताया कि ये पुलिसकर्मी उत्तरी कश्मीर के सोपोर से जम्मू क्षेत्र में रियासी जिले के तलवाड़ा स्थित सहायक प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) जा रहे थे। उन्होंने बताया कि तड़के करीब साढ़े छह बजे जिला मुख्यालय स्थित काली माता मंदिर के बाहर पुलिस वैन के अंदर पुलिसकर्मियों के गोलियों से छलनी शव मिले। उन्होंने बताया कि पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘आज तड़के करीब साढ़े छह बजे रहमबल पुलिस थाने को सूचना मिली कि सोपोर से विभाग के एक वाहन में एसटीसी तलवाड़ा जा रहे दो पुलिसकर्मी गोलियां लगने से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह सहकर्मी को गोली मारकर आत्महत्या करने का मामला है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और जांच जारी है।’’ अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में वाहन चालक कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वाहन में यात्रा कर रहा चयन ग्रेड का एक कांस्टेबल सुरक्षित बच गया और उससे पूछताछ की जा रही है। recent visitors 80

सीरिया में विद्रोहियों ने कर दिया ऐलान, जेल से छोड़े जाएंगे कैदी, राष्ट्रपति बशर अल असद का शासन खत्म हुआ

दमिश्क सीरिया में विद्रोहियों ने ऐलान कर दिया है कि उन्होंने दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया है और इसके साथ ही राष्ट्रपति बशर अल असद का शासन खत्म हो गया है। दमिश्क की सड़कों पर बहुत सारे लोग जश्न मनाते हुए नजर आए। विद्रोहियों ने कहा कि असद भाग गए हैं और अब दमिश्क स्वतंत्र हो गया है। वहीं टीवी पर जारी एक बयान में विद्रोहियों ने कहा कि जेलों में बंद सभी कैदियों को रिहा कर दिया जाए। दमिश्क की सड़कें अल्लाह-हु-अकबर के नारों और गोलियों की आवाज से गूंज उठीं। विद्रोही हवा में फायरिंग करके जश्न मनाते हुए नजर आए। कुछ विद्रोही असद के पिता की प्रतिमा पर चढ़ गए और इसके साथ तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा, हम इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। आज सीरिया में नए युग की शुरुआत हो रही है। बता दें कि विद्रोही गुट इस्लामिस्ट हयात तहरीर अल शाम (HTS) को तुर्की का समर्थन प्राप्त है। इसने दो दिन पहले ही सबसे पहले अलेप्पो पर कब्जा किया था। इसके बाद एक-एक कर शहरों को फतह करते हुए दमिश्क तक पहुंच गए। विद्रोही गुट ने टेलीग्राम पर कहा, 50 साल के अत्याचार के बाद बाथ का शासन खत्म हो गया। इन सालों में बहुत सारे लोगों को अपना घरबार छोड़ना पड़ा। हम ऐलान करते हैं कि काले दिन खत्म हो गए हैं और अब सीरिया में नए युग की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री मोहम्मद अल जलाली ने कहा कि सीरिया के लोग जिस सरकार को चुनेंगे, वह उसके साथ सहयोग करने को तैयार हैं। इसके अलावा सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स रामी अब्देल रहमान ने कहा, दमिश्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रास्ते सीरिया से निकल गए हैं। हालांकि एएफपी ने भी इस रिपोर्ट पर मुहर नहीं लगाई है। रिपोर्ट के मुताबिक एचटीएस ने कहा कि उनके लड़ाके जेलों से कैदियो को रिहा कर रहे हैं। इससे पहले विद्रोहियों ने होम्स पर कब्जा किया था। होम्स से दमिश्क की दूरी मात्र 140 किलोमीटर थी। सीरियाई विपक्षी युद्ध निगरानी संस्था के प्रमुख ने दावा किया कि असद देश छोड़कर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। वहीं सीरिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद गाजी जलाली ने एक वीडियो बयान जारी करके कहा कि वह शासन की बागडोर शांतिपूर्ण तरीके से विपक्ष को सौंपने को तैयार हैं। जलाली ने कहा, ‘‘ मैं अपने आवास पर ही हूं और कहीं नहीं गया हूं और यह इसलिए क्योंकि मुझे अपने देश से प्रेम है।’’ उन्होंने कहा कि वह सुबह काम करने के लिए अपने कार्यालय जाएंगे। उन्होंने सीरियाई नागरिकों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने का आग्रह किया। यह 2018 के बाद पहली बार है जब विद्रोही दमिश्क के भीतर पहुंच गए हैं। सीरियाई सैनिकों ने वर्षों की घेराबंदी के बाद 2018 में राजधानी के बाहरी इलाकों पर फिर से कब्जा कर लिया था। सरकार समर्थक ‘शाम एफएम रेडियो’ ने बताया कि दमिश्क हवाई अड्डे को खाली करा लिया गया है और सभी उड़ानें रोक दी गई हैं। विद्रोहियों ने यह भी घोषणा की कि वे राजधानी के उत्तर में स्थित सैदनाया सैन्य जेल में घुस गए हैं और उन्होंने वहां से कैदियों को ‘‘मुक्त’’ करा लिया है। इससे एक रात पहले सरकारी बल सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स से पीछे हट गए जिसके बाद विपक्षी बलों ने इस पर कब्जा कर लिया। यह शहर, राजधानी दमिश्क और सीरिया के तटीय प्रांतों लताकिया और टारटस के बीच स्थित है। ये प्रांत सीरियाई नेता का गढ़ हैं और यहां रूस का नौसैनिक अड्डा भी है। इस बीच, सरकार ने असद के देश छोड़कर जाने की अफवाहों का खंडन किया। सरकार समर्थक ‘शाम एफएम’ ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि सरकारी बलों ने सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर के बाहर मोर्चा संभाल लिया है। अब्दुर्रहमान ने कहा कि सीरियाई सैनिक और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के कर्मी शहर से हट गए हैं तथा विद्रोही शहर के कुछ हिस्सों में घुस गए हैं। सीरिया के विद्रोही गुट ‘जिहादी हयात तहरीर अल-शाम’ समूह (एचटीएस) प्रमुख अबू मोहम्मद अल-गोलानी ने बृहस्पतिवार को सीरिया से ‘सीएनएन’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा था कि इस हमले का उद्देश्य असद की सरकार को सत्ता से बेदखल करना है। सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गीर पेडरसन ने सीरिया में ‘‘व्यवस्थित ढंग से राजनीतिक बदलाव’’ सुनिश्चित करने के लिए जिनेवा में तत्काल वार्ता का आह्वान किया है। इस बीच, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका को सीरिया में सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह हमारी लड़ाई नहीं है।’’ अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कैलिफोर्निया में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका सीरियाई गृहयुद्ध के बीच सैन्य हस्तक्षेप नहीं करेगा।’’ recent visitors 81