बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है, अब ढोंग करने वाले मौन क्यों : सीएम योगी

लखनऊ आज बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कट्टरपंथी मार रहे हैं। उन्हें जलाया जा रहा है। उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है। इतना ही नहीं माता और बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब तक वहां जिन्ना का जिन्न रहेगा तब तक इस तरह की अराजकता होती रहेगी। उन्होंने कहा कि वहां पर गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है। यह पाप 1947 में देश के विभाजन के रूप में सभी के सामने आया था। उसी का बदसूरत स्वरूप बांग्लादेश के रूप में फिर हमारे सामने है। बाबा साहेब ने 1946-47 में ही जनता को इसे लेकर आगाह कर दिया था, उन्होंने कहा था कि देश का बंटवारा मत होने दीजिए। अगर यह हो गया तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी, जो आज हमारे सामने है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा मार्ग स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं। वह समाज में झूठ फैला रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो उस समय हैदराबाद के निजाम और उनके रजाकारों द्वारा दलितों के गांव जलाए जा रहे थे तो चुप थे। उस दौरान उनका शोषण हो रहा था। उन पर अत्याचार किया जा रहा था। उस समय भी बाबा साहेब आंबेडकर ने खुला पत्र लिखा था कि हैदराबाद के निजाम की रियासत के सभी दलितों, जिन पर अत्याचार हो रहा है, वह निजाम की रियासत को छोड़कर महाराष्ट्र की ओर चले जाएं, लेकिन अपना धर्म और मत न बदलें। सीएम योगी ने आगे कहा कि वहीं, हैदराबाद के निजाम और पाक परस्त जिन्ना के लोगों ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए बाबा साहेब को प्रलोभन देने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने आदर्शों से टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा भारतीय ही रहूंगा। मैंने भारतीय के रूप में जन्म लिया है और मेरी अंतिम यात्रा भी भारतीय के रूप में ही निकलेगी। उन्होंने आजीवन इस व्रत का पालन भी किया। वह लगातार दलित और वंचितों के लिए काम करते रहे। जिन लोगों ने बाबा साहेब की बात मानी, वह आज भारत में सुरक्षित हैं और आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हमारी सरकार उन सभी का सम्मान करने के साथ उन्हें हर सुविधा उपलब्ध करा रही है। सीएम योगी ने कहा कि योगेंद्र नाथ मंडल की बातों में आकर जो लोग बहक गए थे, वह आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हैं। यह दृश्य आज हम सभी के सामने है। 1947 में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की बड़ी तादाद में आबादी थी। बांग्लादेश में 1971 तक 22 पर्सेंट हिंदू रहते थे, आज वह घटकर 6 से 8 फीसदी रह गए हैं। आज वहां जो कुछ भी हो रहा है, अगर इसी तरह नरसंहार चलता रहा तो यह संख्या बहुत सीमित रह जाएगी। जो लोग हमेशा दलितों को अपना वोट बैंक बना करके उनका शोषण करते आए हैं, वह बांग्लादेश की घटना पर मौन हैं। उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है क्योंकि वह सच स्वीकार नहीं कर सकते हैं और सच बोल भी नहीं सकते हैं। उनमें बोलने का सामर्थ्य नहीं है इसलिए वह बांग्लादेश के दृश्य पर मौन हैं। यह लोग सिर्फ संविधान की प्रति दिखाकर ढोंग कर रहे हैं। उन्हें बाबा साहेब के मूल्यों से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले भी इन्होंने बाबा साहेब के मूल संविधान पर कुठाराघात करके उसकी हत्या करने का प्रयास किया था। सीएम योगी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है। कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना से उसकी आत्मा हटाने का काम किया है। वर्ष 1975 में देश में इमरजेंसी लागू करके बाबा साहेब का अपमान किया था। आज भी कांग्रेस यही कर रही है। इन्होंने मूल संविधान की प्रस्तावना में संशोधन करके वह शब्द डालने का काम किया था, जो बाबा साहेब ने मूल संविधान में डाले ही नहीं थे। ऐसे में जो यह ढोंग कर रहे हैं, उसका वास्तविक चेहरा जनता और देश के सामने लाने की आवश्यकता है। बाबा साहेब हमेशा वंचित, पीड़ित और शोषित के लिए काम करते रहे। उन्होंने ही समाज को नई दिशा दिखाते हुए खुशहाल समाज की परिकल्पना दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बाबा साहेब के सपने को साकार करते हुए लगातार काम कर रही है। हमारी सरकार उन्हें फ्री टॉयलेट, आवास, जमीन के पट्टे उपलब्ध करा रही है। उन्हें पेंशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। एससी-एसटी वर्ग के छात्रों स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा रही है। वर्तमान में हम जीरो पावर्टी के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में गरीबी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। सभी वंचितों को राशन, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, हर घर तक पानी समेत अनेक सुविधाओं को लाभ दिया जाएगा। हमारी सरकार बाबा साहेब पर शोध हो सके, जीवन दर्शन को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए लखनऊ में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना करने जा रही है। अंबेडकर महासभा की मांग पर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां पर भव्य ऑडिटोरियम के साथ लाइब्रेरी भी होगी। यहां पर छात्राओं के लिए छात्रावास और अतिथि गृह के साथ बाबा साहेब का भव्य स्मारक भी होगा। recent visitors 98

कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म व हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई, 62 दिन में सुनाया फैसला

कोलकाता महानगर से सटे दक्षिण 24 परगना जिले के जयनगर में एक किशोरी से दुष्कर्म व हत्या के मामले में कोर्ट ने मुस्तकिन सरदार नामक दोषी को मौत की सजा सुनाई है। गुरुवार को बारुईपुर के त्वरित अपर जिला न्यायालय के न्यायाधीश सुब्रत चट्टोपाध्याय ने मामले के मुख्य आरोपित मुस्तकिन को दोषी ठहराया था। इसके बाद शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई गई। आरजी कर कांड को लेकर जिस समय राज्यभर में आंदोलन चल रहा था उसी दौरान जयनगर की घटना प्रकाश में आई थी। जिसके चलते पहले तो काफी शोर मचा। आरजी कर के आंदोलनकारी जयनगर में पीड़िता के घर भी गए। इतना ही नहीं, धर्मतल्ला में जूनियर डाक्टरों की भूख हड़ताल के सामने पीड़ित नाबालिग की 'प्रतीकात्मक मूर्ति' भी रखी गई थी। कोर्ट में आरजी कर मामले की चल रही सुनवाई प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर की मृत महिला डॉक्टर के लिए भी न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए थे, लेकिन चार महीने बाद भी आरजी कर मामले में न्याय नहीं मिला है। मामले की जांच सीबीआइ कर रही है। वहीं दूसरी पर जयनगर की घटना में मात्र 63 दिनों में सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुना दी। जयनगर मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाए जाने के ठीक बाद राज्य पुलिस की ओर से एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया गया। जिसमें लिखा है कि जयनगर के लिए न्याय! इसमें यह भी लिखा है, यह फैसला अभूतपूर्व है। बंगाल में इससे पहले कभी भी रेप-मर्डर केस के महज 63 दिनों के अंदर दोषी को फांसी देने का आदेश नहीं दिया गया था। इस मामले की जांच करने का हमारा एक ही उद्देश्य था, पीड़िता और उसके परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाना। लड़की वापस नहीं आएगी। लेकिन जिस अभूतपूर्व गति से हम उन्हें और उनके परिवार को 'न्याय' दे पाए, उससे हमें लंबे समय तक न्यायहीन नहीं रहना पड़ा, यही हमारी सांत्वना है, हमारी उपलब्धि है। कोर्ट के फैसले पर सीएम ममता बनर्जी ने जाहिर की खुशी सीएम ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर खुशी भी जाहिर की। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, चार अक्टूब को जयनगर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए क्रूर बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी को आज बरुईपुर की POCSO अदालत ने इस जघन्य घटना के मात्र 62 दिनों के भीतर ही मौत की सजा सुनाई है। इस तरह के मामले में मात्र दो महीने के भीतर दोषसिद्धि और मृत्युदंड राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व है। मैं इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए राज्य पुलिस और अभियोजन प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों को बधाई देता हूँ। सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता रखती है और यह सुनिश्चित करना जारी रखेगी कि न्याय में न तो देरी हो और न ही न्याय से वंचित किया जाए। recent visitors 91

RBI ने बिना कुछ गिरवी के कृषि लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक ने कोलैटरल फ्री कृषि लोन की सीमा को 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाना है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक द्वारा वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक को यूपीआई के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनें देने की अनुमति दी गई है। आरबीआई की ओर से इन दोनों निर्णय का ऐलान शुक्रवार की एमपीसी के बाद किया गया। कोलैटरल फ्री कृषि लोन के लिए पहले यह लिमिट 1.60 लाख रुपये थी, जिसे 2019 में तय किया गया था। इससे पहले यह लिमिट 2010 में एक लाख रुपये थी। आरबीआई ने जारी बयान में कहा कि तब से लेकर अब तक की कुल मुद्रास्फीति और कृषि इनपुट लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, बिना कुछ गिरवी के कृषि लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे औपचारिक ऋण प्रणाली में छोटे और सीमांत किसानों का कवरेज बढ़ेगा। इसका सर्कुलर जल्द ही जारी किया जाएगा। अधिक वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई ने स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) को यूपीआई के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनें प्रदान करने की अनुमति देने का भी निर्णय लिया है। सितंबर 2023 में यूपीआई के दायरे का विस्तार किया गया था। इससे पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनों को यूपीआई के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। पहले कमर्शियल बैंकों को ही यूपीआई के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन जारी करने की अनुमति थी। पेमेंट्स बैंकों, एसएफबी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को इस दायरे से बाहर रखा गया था। आरबीआई ने कहा, "यूपीआई पर क्रेडिट लाइन में नए ग्राहकों को कम-टिकट, कम-अवधि के लोन उपलब्ध कराने की क्षमता है। एसएफबी ग्राहकों तक पहुंचने के लिए एक उच्च तकनीक, कम लागत वाले मॉडल पर काम करते हैं और इससे पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।" recent visitors 169

सूरत पुलिस ने फर्जी डॉक्टर गिरोह का किया खुलासा, 70 हजार दो, बन जाओ डॉक्टर, 13 लोग हुए गिरफ्तार

सूरत गुजरात के सूरत में एक फर्जी डॉक्टर गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसमें 13 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 10 फर्जी डॉक्टर भी शामिल हैं। यह गिरोह ‘बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो-होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी’ (BEMS) डिग्री बेचता था। सूरत पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया और बताया कि ये लोग महज 70 हजार रुपए में बिना किसी योग्यतानुसार 8वीं पास लोगों को भी डॉक्टर बना रहे थे। कैसे काम करता था गिरोह गिरोह के सदस्य फर्जी डिग्रियां देने के लिए एक फर्जी वेबसाइट चला रहे थे, जिस पर बीईएमएस डिग्री का रजिस्ट्रेशन किया जाता था। आरोपियों ने एक बोर्ड की स्थापना की थी, जिसके तहत पांच लोग इलेक्ट्रो-होम्योपैथी में ट्रेनिंग देने का काम करते थे। शुरुआत में यह गिरोह डिग्रियां देने के लिए एक फर्जी बोर्ड का इस्तेमाल कर रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने गुजरात के आयुष मंत्रालय द्वारा जारी की गई डिग्रियां देना शुरू कर दिया। ये लोग दावा करते थे कि उनकी डिग्री राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त है। क्या करता था गिरोह गिरोह के सदस्य 70,000 रुपए में डिग्री बेचते थे और साथ ही ट्रेनिंग भी देते थे। इसके अलावा, वे हर साल रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस और प्रोटेक्शन मनी के नाम पर 1,500 से 5,000 रुपए और वसूलते थे। इन फर्जी डॉक्टरों ने अपने ग्राहकों को यह गारंटी दी थी कि वे बिना किसी समस्या के एलोपैथी, होम्योपैथी और आरोग्य में मेडिकल प्रैक्टिस कर सकते हैं। पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया इस मामले में पुलिस ने कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन आरोपी बीईएमएस डिग्रियां बेच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरत के निवासी बीके रावत, रसेश गुजराती और इरफान सैयद के रूप में हुई है। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि किस तरह कुछ लोग सूरत में मेडिकल डिग्री के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे थे और अवैध रूप से लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं से खिलवाड़ कर रहे थे। recent visitors 117

नेपाल पर चीन के बढ़ते कर्ज का बोझ चिंता का विषय बनता जा रहा है, BRI पर जतानी पड़ी सहमति

नेपाल नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चीन के साथ अपने संबंध मजबूत करने की नीति अपनाते हुए चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पर अपनी सहमति जताई है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत से दूरी बनाते हुए चीन के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत करने की नीति अपनाई है। लेकिन उनके इस कदम से नेपाल पर चीन के बढ़ते कर्ज का बोझ चिंता का विषय बनता जा रहा है। केपी शर्मा ओली इस साल चौथी बार प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने परंपरा तोड़ते हुए कार्यकाल की शुरुआत के बाद भारत के बजाए चीन का दौरा किया और चीन को खुश करने की कोशिश की। वहीं चीन ने भी नेपाल को स्थल से जुड़ा हुआ देश बताते हुए और वहां के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए समर्थन दे रहा है। बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बैठक में 9 पुराने समझौतों को दोहराया गया, जिनमें बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) प्रमुख है। इसके तहत नेपाल को चीन के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह सहयोग नेपाल को चीन के कर्ज के जाल में और गहराई तक धकेल सकता है। नेपाल अपने अधिकांश व्यापार और ईंधन आपूर्ति के लिए लंबे समय तक भारत पर निर्भर रहा है, अब चीन पर निर्भरता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। नेपाल का दो-तिहाई व्यापार भारत के साथ होता है, जबकि चीन के साथ केवल 14% व्यापार है। बावजूद इसके, चीन अब नेपाल का सबसे बड़ा कर्जदाता बन गया है। पोखरा में चीन द्वारा निर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस बढ़ती निर्भरता का प्रतीक है। लेकिन भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग न कर पाने जैसी चुनौतियों ने इस परियोजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओली की चीन-समर्थित परियोजनाओं को लेकर विपक्षी दल और गठबंधन सहयोगी आलोचना कर रहे हैं। उनका मानना है कि चीन से कर्ज लेकर शुरू की जा रही परियोजनाएं नेपाल को दीर्घकालिक आर्थिक संकट में डाल सकती हैं। 2016 में भारत द्वारा छह महीने के लिए तेल आपूर्ति रोकने के बाद ओली ने चीन से पेट्रोलियम आयात का समझौता किया था, जिससे भारत पर निर्भरता कम करने का प्रयास शुरू हुआ। लेकिन अब विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या चीन पर बढ़ती निर्भरता नेपाल के लिए भारत से दूरी बनाने का सही विकल्प है। कर्ज की बढ़ती मात्रा और परियोजनाओं के स्थायित्व को लेकर बढ़ती चिंताओं ने ओली की नीति पर गहरी बहस छेड़ दी है। नेपाल का यह झुकाव कूटनीति का एक नया अध्याय तो जरूर है, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभाव नेपाल के आर्थिक और रणनीतिक भविष्य के लिए कितने लाभकारी होंगे, यह समय ही बताएगा। recent visitors 121

मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा, दिया अल्टिमेटम

मुंबई मुंबई के आजाद मैदान में भव्य तरीके से महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के एक दिन बाद ही मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने नई सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा है। जारांगे ने कहा कि वह महायुति सरकार के गठन के लिए शुभकामनाएं देते हैं लेकिन अब लोगों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। मनोज जारांगे ने कहा, "अगर सरकार 5 जनवरी तक मराठा समुदाय की सभी मांगें पूरी नहीं करती है तो मराठा फिर से आंदोलन में खड़े होंगे और सरकार की नाक में दम कर देंगे।" उन्होंने मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम को बधाई देते हुए कहा कि आइए मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अब शुरुआत करें, नाटक बंद करें। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम समाज का ख्याल रखने के लिए सामूहिक भूख हड़ताल की तारीख की घोषणा करेंगे, ध्यान रहे, जनता ने आपको चुना है, आप लोगों का दिल जीतने के लिए काम करें। जारंग ने कहा कि अगर फडणवीस मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझा लेंगे तो यह अच्छी बात है। एक दिन पहले 5 दिसंबर को देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भव्य शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मंत्रालय पहुंचे। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को महायुति सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कई सवालों के विस्तार से जवाब दिए। मराठा आरक्षण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तथ्य पहले ही राज्य विधानसभा में उठाया जा चुका है। पिछली सरकार ने केंद्र को ऐसी रिपोर्ट भेजी थी कि उसे डेटा नहीं मिल रहा था। इस बीच काफी कार्रवाई हुई, हमने कोर्ट में सपोर्टिंग एफिडेविट दिया। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हमने अपना मामला स्पष्ट कर दिया है। देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि पिछली सरकार में हमने ही मराठा समुदाय को न्याय देने की कोशिश की थी और हम मराठा समुदाय को न्याय दिलाकर रहेंगे। recent visitors 88

भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई: श्रीमती गौर

भोपाल भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं के ज्ञान की अनदेखी नहीं की जा सकती। भारतीय समाज में प्राचीन वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक महिलाओं का सम्मानीय स्थान रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने उक्त आशय की बातें कहीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को विज्ञान भारतीय की महिला इकाई शक्ति द्वारा मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में आयोजित 3 दिवसीय “स्त्री’’ सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि समाज की उन्नति और अवनति का सीधा संबंध समाज में महिलाओं की प्रस्थिति और उनके सम्मान से रहा है। समाज में जब और जिस समय महिलाओं का सम्मान रहा है, उस समय के समाज ने उन्नति और प्रगति का सफर तय किया है। जब-जब समाज में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी है, तब के समाज में पतन की स्थिति देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में महिलाओं की सम्मानीय स्थिति और वैदिक काल के युग में भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता था। भारतीय समाज के निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय वेदों, शास्त्रों और ऋचाओं को लिखने वाली महिलाएँ थीं। महिलाएँ अनेक अवसरों पर शास्त्रार्थ करती थीं। प्राचीन भारत में महिलाओं को स्वतंत्रता और अनेक अधिकार प्राप्त थे। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भारतीय इतिहास के मध्य काल में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी। महिलाओं को अनेक अधिकारों से वंचित भी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज 21वीं सदी में महिलाएँ आत्म-निर्भर हैं। उन्होंने आज के युग की विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हम टेक्नालॉजी पर आधारित 21वीं सदी में आगे बढ़ रहे हैं। हमें टेक्नालॉजी और नवाचारों के साथ आगे बढ़ना है और साथ में अपनी परम्पराओं से भी जुड़े रहना है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने शक्ति के तत्वावधान में स्त्री-2024 के आयोजनकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में भाग ले रहे विभिन्न कलाकारों और उद्यमियों से उनके उत्पादों के संबंध में चर्चा की। स्त्री सम्मेलन को प्रो. चांसलर आरएनटीयू डॉ. अदिति चक्रवर्ती ने भी संबोधित किया। मेनिट के निदेशक प्रो. के.के. शुक्ला, महानिदेशक एमपीसीएसटी डॉ. अनिल कोठारी, निदेशक एनआईटीटीआर डॉ. सी.सी. त्रिपाठी, संयोजक स्त्री-2024 प्रो. अनुपमा शर्मा, शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य अतिथि उपस्थित थे।   recent visitors 106