नीमच सोलर प्रोजेक्ट की यूनिट 3 के लिये शुक्रवार को हुई निविदा

सौर ऊर्जा भविष्य में होगा अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच सोलर प्रोजेक्ट के ई-रिवर्स ऑक्शन में दर आई 2 रूपये 15 पैसे प्रति यूनिट : मंत्री शुक्ला नीमच सोलर प्रोजेक्ट की यूनिट 3 के लिये शुक्रवार को हुई निविदा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सौर और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के संकल्प की दिशा में मध्यप्रदेश भी निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश लक्ष्य की प्राप्ति के लिये संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में विकास और उद्योगों में ऊर्जा की आवश्यकता को देखते हुए प्रतीत होता है कि सौर ऊर्जा भविष्य में अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होगा। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में निरंतर बेहतर कार्य किया है। विगत 12 वर्षों में 14 गुना से अधिक की वृद्धि की है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को नीमच सोलर प्रोजेक्ट की 170 मेगावाट क्षमता की यूनिट 3 के लिये सम्पन्न हुई निविदा में न्यूनतम रेट आएं हैं। उन्होंने बताया कि ई-रिवर्स ऑक्शन के बाद 2 रूपये 15 पैसे प्रति यूनिट, अब तक की न्यूनतम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीमच सौर प्रोजेक्ट से राज्य को ग्रीन बिजली के साथ-साथ निर्माण एवं संचालन अवधि के दौरान प्रदेश में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार पाने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के विकास से प्रदेश में लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा और एवं समतुल्य तापीय विद्युत् की तुलना में प्रति वर्ष 3.34 लाख टन CO₂ का उत्सर्जन कम होगा। मध्यप्रदेश सरकार ऊर्जा के स्वच्छ एवं हरित विकल्पों को बढ़ावा देने एवं उपयोग करने के लिये निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 12 वर्षों में 14 गुना की वृद्धि कर वर्तमान में राज्य की कुल नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर लगभग 7000 मेगावाट हो गई है, जो राज्य की कुल ऊर्जा क्षमता लगभग 21 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार करने में भी अग्रणी है। रीवा सौर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्टर इसके उत्कृष्ट उदाहरण है। रीवा सौर परियोजना से देश में पहली बार कोयले से बनने वाली बिजली से कम दर पर सौर ऊर्जा मिली है। यहां से राज्य के अतिरिक्त दिल्ली मेट्रो को भी बिजली दी जा रही है। साथ ही प्रदेश के आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना से उत्पादित बिजली भारतीय रेलवे को भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-2024 में विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना में 278 मेगावाट ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को कमीशन किया गया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने बताया है कि शुक्रवार 6 दिसम्बर को नीमच परियोजना की 170 मेगावॉट क्षमता की यूनिट 3 के लिए हुई निविदा (ऑक्शन) प्रक्रिया में 10 विकासकों ने भाग लिया। ई-रिवर्स ऑक्शन के पश्चात 2 रूपये 15 पैसा प्रति यूनिट का न्यूनतम टैरिफ प्राप्त कर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की है। मंत्री शुक्ला ने बताया कि इस वितीय वर्ष में देश के प्रतिष्ठित विभिन्न संस्थानों, द्वारा जारी निविदाओं में न्यूनतम टैरिफ 2 रूपये 48 पैसे प्रति यूनिट SECI की निविदा प्राप्त हुई है। प्रदेश में हुई इस बिड ने एक बार पुनः रिवर्स ऑक्शन के बाद न्यूनतम टैरिफ प्राप्त किया जो SECI के द्वारा प्राप्त टैरिफ से लगभग 33 पैसे कम है। निविदा में प्राप्त दर केंद्र सरकार द्वारा 01 अप्रैल 2024 से ALMM की बाध्यता लागू करने के बाद संपन्न हुई निविदाओं में सबसे कम है। नीमच परियोजना हेतु प्राप्त परिणाम केंद्र अथवा राज्य के संस्थानों की तुलना में लगभग 7.25 प्रतिशत कम हैं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर आम उपभोक्ताओं के किसानों को भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिये तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इसका लाभ भी मिलने लगेगा।   recent visitors 50

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर बर्फबारी होने की संभावना, ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा

जम्मू-कश्मीर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर बर्फबारी होने की संभावना है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 7 दिसंबर की रात को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 8 और 9 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान है। इस बर्फबारी से दोनों राज्यों का तापमान गिर जाएगा और ठिठुरन बढ़ जाएगी।   जम्मू-कश्मीर में माइनस में तापमान हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में ठंड बढ़ गई है। श्रीनगर का तापमान -4.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सीजन की सबसे ठंडी रात रही। शोपियां -5.5 डिग्री सेल्सियस के साथ घाटी का सबसे ठंडा शहर रहा। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में तापमान -5.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। 8-9 दिसंबर को होने वाली बर्फबारी के बाद 10 से 14 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि 15-16 दिसंबर को फिर बर्फबारी और बारिश का अनुमान है।   हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश में 7 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, जिसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होगी। हालांकि, प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश नहीं होने से सूखा बना हुआ है। अभी तक हिमाचल के कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हो चुकी है। रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे में 2 इंच तक हिमपात हुआ है। आगामी दिनों में लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा, मंडी, शिमला, कांगड़ा और मनाली में बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश में मौसम हिमाचल प्रदेश में इस समय मनाली का न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री, शिमला का 9.2 डिग्री और ऊना का 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। प्रदेश के 6 जिलों में पिछले 65 दिनों से बारिश नहीं हुई है, और 2016 के बाद पहली बार नवंबर में लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य 11 जिलों में एक भी बूंद बारिश नहीं पड़ी। 6 दिसंबर को हिमाचल में अधिकतम तापमान 16.01 डिग्री सेल्सियस रहा और आने वाले दिनों में 6.11 डिग्री से 19.29 डिग्री तक तापमान रहने का अनुमान है। इस बर्फबारी और बारिश से ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में शीत लहर का असर दिखाई दे सकता है। recent visitors 74

एकलिंगजी मंदिर में मिनी स्कर्ट, बरमूडा और नाइट सूट जैसे छोटे कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया

उदयपुर धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए उदयपुर के एकलिंगजी मंदिर में मोबाइल फोन और छोटे कपड़े पहनकर प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नए दिशानिर्देशों के तहत मंदिर ने मिनी स्कर्ट, बरमूडा और नाइट सूट जैसे छोटे कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ड्रेस कोड का उद्देश्य मंदिर की पवित्रता को बनाए रखना और उसकी पवित्रता का सम्मान करना है। शुक्रवार को मंदिर परिसर में नए दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए एक बैनर लगाया गया। कपड़ों पर प्रतिबंध के अलावा मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले आगंतुकों को स्विच-ऑफ मोड में फोन लाने की अनुमति थी, हालांकि मंदिर के अंदर फोटोग्राफी हमेशा प्रतिबंधित थी। प्रबंधन ने यह भी दोहराया है कि मंदिर में पालतू जानवर और हथियार ले जाना प्रतिबंधित है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए इन नए नियमों का सम्मान करने का आग्रह किया है। मंदिर प्रबंधन ने कहा कि कई आगंतुकों ने मंदिर में अनुचित पोशाक को लेकर असहजता व्यक्त की थी, जिसके कारण ये परिवर्तन किए गए। उदयपुर से लगभग 22 किलोमीटर दूर कैलाशपुरी गांव में स्थित एकलिंगजी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें मेवाड़ के देवता के रूप में पूजा जाता है। इसे बप्पा रावल ने 734-753 ई. के बीच स्थापित किया था और महाराणा मोकल (1421-1433 ई.) ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। वर्तमान मूर्ति महाराणा रायमल (1473-1509 ई.) द्वारा स्थापित की गई थी। सफेद संगमरमर से निर्मित इस मंदिर परिसर में 108 छोटे मंदिर हैं। गर्भगृह में भगवान एकलिंगजी की चार मुख वाली काले संगमरमर की मूर्ति और बाहर नंदी की चांदी की मूर्ति है। राजस्थान के अन्य मंदिरों ने भी अनुशासन और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ड्रेस कोड लागू किया है। उदयपुर के जगदीश मंदिर में पिछले साल टी-शर्ट, बरमूडा और नाइट सूट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, हालांकि इस निर्णय से विवाद उत्पन्न हो गया था, जिसके कारण बैनर हटा दिए गए थे। जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में भी हाफ पैंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट और फटी जींस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं भीलवाड़ा के कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर में भी पहले ड्रेस कोड लागू किया गया था। recent visitors 81

राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की पीवीटीजी बहुल 21 जिलों के दूरस्थ गांवों की 1270 बसाहटों तक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) संचालित करने की योजना है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना के तहत सरकार द्वारा कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जाएंगी, जिन पर तीन वर्षों में लगभग 50 करोड़ 31 लाख 18 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को पीवीटीजी समुदाय के लोगों के घर-घर तक पहुंचाना है। योजना के तहत अब तक तेजी से काम किया गया है। कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में से आगामी 15 दिसंबर 2024 तक 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित कर दी जायेंगी। सरकार की यह पहल विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगी। सरकार के इन प्रयासों से पीवीटीजी समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। राज्य सरकार द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये पीवीटीजी बहुल जिले भी चिन्हित कर लिये गये हैं। सरकार द्वारा शिवपुरी जिले के लिये 11, शहडोल जिले के लिये 10, बालाघाट एवं सीधी के लिये 6-6, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर एवं मंडला के लिये 5-5, अशोकनगर 4, अनूपपुर 3, दतिया, मुरैना एवं श्योपुर के लिये 2-2 तथा छिंदवाड़ा, कटनी, नरसिंहपुर, सतना, जबलपुर, रायसेन, उमरिया एवं विदिशा जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों के लिये 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट की गई है। पीएम जन-मन में पीवीटीजी के लिये मंजूर 74 में से 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स जल्द ही संचालित हो जायेंगी। शेष 8 मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। वर्तमान में इन जिलों के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में वैकल्पिक तौर पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जा रही हैं।   recent visitors 60

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना

प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना भोपाल प्रदेश में धार्मिक ग्रंथों, साहित्य और वैज्ञानिक अनुसंधानों के सुलभ अध्ययन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिये विभाग ने 2 हजार 875 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। यह योजना आगामी 3 वर्षों में पूरी की जायेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 5 नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता और 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगमों में एक हजार बैठक क्षमता वाले एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। प्रदेश की 99 नगरपालिका परिषद और 298 नगर परिषद क्षेत्र में क्रमश 500 एवं 250 बैठक क्षमता के एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि गीता भवन का निर्माण राज्य शासन द्वारा कराया जायेगा। नगरीय निकाय पीपीपी मोड पर भी गीता भवन का निर्माण कर सकेंगे। नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि प्रत्येक गीता भवन में एक पुस्तकालय होगा। इनमें 3 रीडिंग रूम की व्यवस्था होगी। गीता भवन में ई-लायब्रेरी कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गयी है। गीता भवन में साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी विकसित कर सकेंगे। गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के होंगे प्रयास नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में बनाये जा रहे गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये नगरीय निकाय समुचित स्थान पर व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगे। जिन नगरीय निकायों में पूर्व से भवन हैं, उनका विस्तार कर गीता भवन के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। नगरीय निकायों में बनाये जाने वाले गीता भवनों में ऑडिटोरियम का भी प्रावधान रखा गया है। इन ऑडिटोरियम में नगरीय निकायों की आबादी के मान से सभागार की बैठक क्षमता निर्धारित रहेगी। गीता भवन में चार पहिया और दो पहिया की सुलभ पॉर्किंग व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है। गीता भवन का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जायेगा, जहाँ नागरिकों की पहुँच आसान हो। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि नगरीय निकाय ‘सुराज’ योजना की भूमि पर भी गीता भवन बना सकेंगे। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन संचालनालय नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्मित किये जायेंगे। गीता भवन की डिजाइन इस प्रकार की होगी कि जिसमें मध्यप्रदेश के विशेष ऑर्किटेक्चर की झलक देखने को मिले।   recent visitors 80

2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिये विशेष प्रयास कर रही है। बीते वर्षों के प्रगतिरत निर्माण कार्यों के अतिरिक्त सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये हैं। कुल 404 करोड़ 86 लाख रूपये की लागत से बनने वाले इन सभी 163 निर्माण कार्यों के लिये निविदा की प्रक्रिया प्रचलन में है। जल्द ही सभी कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। जनजातीय कार्य लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि नये निर्माण कार्यों में राज्य शासन द्वारा छात्रावास, आश्रम शालाओं, अप्रोच रोड एवं सामुदायिक भवन आदि मंजूर किये गये हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद-275(1) के तहत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिये राज्यों को भारत की संचित निधि से अनुदान दिया जाता है। संचित निधि से प्राप्त अनुदान से राज्य शासन द्वारा 161 करोड़ रूपये की लागत से 40 नये छात्रावास निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई। प्रत्येक छात्रावास 4 करोड़ 4 लाख रूपये की लागत से बनाया जायेगा। इसी प्रकार 143.22 करोड़ रूपये की लागत से 52 नई आश्रम शालाएं बनाई जायेंगी। प्रत्येक आश्रम शाला 2 करोड 75 लाख 43 हजार रूपये की लागत से बनाइ जायेगी। इसी क्रम में 5 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 13 छात्रावासों में उन्नयन कार्य, 44 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य, 5 करोड़ रूपये से 10 सामुदायिक भवनों का निर्माण (50 लाख प्रति सामुदायिक भवन), 6 करोड़ रूपये से 3 सामुदायिक भवनों का निर्माण (2 करोड़ प्रति सामुदायिक भवन), 11 करोड़ 91 लाख रूपये लागत से आधारताल, जबलपुर में 150 सीटर महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण कार्य एवं 9 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 8 कन्या शिक्षा परिसरों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य कराया जायेगा। जनजातीय कार्य मंत्री शाह ने बताया कि पीवीटीजी की संस्कृति के संरक्षण के लिये भी सरकार गंभीर होकर प्रयास कर रही है। पीवीटीजी कल्याण (सांस्कृतिक भवन) योजना के तहत 5 करोड़ रूपये लागत से ग्राम टिकटोली जिला श्योपुर में सहरिया जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, मंडला में 5 करोड़ रूपये की लागत से बैगा जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, धार में 2 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से भील जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य सहित 1.50 करोड़ लागत से शाहपुर जिला बैतूल के बालक क्रीडा परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत पिपलानी में 24 लाख रूपये की लागत से कोरकू समाज के लिये मंगल भवन का‍निर्माण कार्य तथा ग्राम ईंटखेड़ी जिला रायसेन में 3 करोड़ 98 लाख रूपये की लागत से सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य कराया जायेगा। recent visitors 74

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है, अब ढोंग करने वाले मौन क्यों : सीएम योगी

लखनऊ आज बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कट्टरपंथी मार रहे हैं। उन्हें जलाया जा रहा है। उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है। इतना ही नहीं माता और बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब तक वहां जिन्ना का जिन्न रहेगा तब तक इस तरह की अराजकता होती रहेगी। उन्होंने कहा कि वहां पर गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है। यह पाप 1947 में देश के विभाजन के रूप में सभी के सामने आया था। उसी का बदसूरत स्वरूप बांग्लादेश के रूप में फिर हमारे सामने है। बाबा साहेब ने 1946-47 में ही जनता को इसे लेकर आगाह कर दिया था, उन्होंने कहा था कि देश का बंटवारा मत होने दीजिए। अगर यह हो गया तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी, जो आज हमारे सामने है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा मार्ग स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं। वह समाज में झूठ फैला रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो उस समय हैदराबाद के निजाम और उनके रजाकारों द्वारा दलितों के गांव जलाए जा रहे थे तो चुप थे। उस दौरान उनका शोषण हो रहा था। उन पर अत्याचार किया जा रहा था। उस समय भी बाबा साहेब आंबेडकर ने खुला पत्र लिखा था कि हैदराबाद के निजाम की रियासत के सभी दलितों, जिन पर अत्याचार हो रहा है, वह निजाम की रियासत को छोड़कर महाराष्ट्र की ओर चले जाएं, लेकिन अपना धर्म और मत न बदलें। सीएम योगी ने आगे कहा कि वहीं, हैदराबाद के निजाम और पाक परस्त जिन्ना के लोगों ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए बाबा साहेब को प्रलोभन देने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने आदर्शों से टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा भारतीय ही रहूंगा। मैंने भारतीय के रूप में जन्म लिया है और मेरी अंतिम यात्रा भी भारतीय के रूप में ही निकलेगी। उन्होंने आजीवन इस व्रत का पालन भी किया। वह लगातार दलित और वंचितों के लिए काम करते रहे। जिन लोगों ने बाबा साहेब की बात मानी, वह आज भारत में सुरक्षित हैं और आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हमारी सरकार उन सभी का सम्मान करने के साथ उन्हें हर सुविधा उपलब्ध करा रही है। सीएम योगी ने कहा कि योगेंद्र नाथ मंडल की बातों में आकर जो लोग बहक गए थे, वह आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हैं। यह दृश्य आज हम सभी के सामने है। 1947 में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की बड़ी तादाद में आबादी थी। बांग्लादेश में 1971 तक 22 पर्सेंट हिंदू रहते थे, आज वह घटकर 6 से 8 फीसदी रह गए हैं। आज वहां जो कुछ भी हो रहा है, अगर इसी तरह नरसंहार चलता रहा तो यह संख्या बहुत सीमित रह जाएगी। जो लोग हमेशा दलितों को अपना वोट बैंक बना करके उनका शोषण करते आए हैं, वह बांग्लादेश की घटना पर मौन हैं। उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है क्योंकि वह सच स्वीकार नहीं कर सकते हैं और सच बोल भी नहीं सकते हैं। उनमें बोलने का सामर्थ्य नहीं है इसलिए वह बांग्लादेश के दृश्य पर मौन हैं। यह लोग सिर्फ संविधान की प्रति दिखाकर ढोंग कर रहे हैं। उन्हें बाबा साहेब के मूल्यों से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले भी इन्होंने बाबा साहेब के मूल संविधान पर कुठाराघात करके उसकी हत्या करने का प्रयास किया था। सीएम योगी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है। कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना से उसकी आत्मा हटाने का काम किया है। वर्ष 1975 में देश में इमरजेंसी लागू करके बाबा साहेब का अपमान किया था। आज भी कांग्रेस यही कर रही है। इन्होंने मूल संविधान की प्रस्तावना में संशोधन करके वह शब्द डालने का काम किया था, जो बाबा साहेब ने मूल संविधान में डाले ही नहीं थे। ऐसे में जो यह ढोंग कर रहे हैं, उसका वास्तविक चेहरा जनता और देश के सामने लाने की आवश्यकता है। बाबा साहेब हमेशा वंचित, पीड़ित और शोषित के लिए काम करते रहे। उन्होंने ही समाज को नई दिशा दिखाते हुए खुशहाल समाज की परिकल्पना दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बाबा साहेब के सपने को साकार करते हुए लगातार काम कर रही है। हमारी सरकार उन्हें फ्री टॉयलेट, आवास, जमीन के पट्टे उपलब्ध करा रही है। उन्हें पेंशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। एससी-एसटी वर्ग के छात्रों स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा रही है। वर्तमान में हम जीरो पावर्टी के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में गरीबी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। सभी वंचितों को राशन, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, हर घर तक पानी समेत अनेक सुविधाओं को लाभ दिया जाएगा। हमारी सरकार बाबा साहेब पर शोध हो सके, जीवन दर्शन को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए लखनऊ में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना करने जा रही है। अंबेडकर महासभा की मांग पर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां पर भव्य ऑडिटोरियम के साथ लाइब्रेरी भी होगी। यहां पर छात्राओं के लिए छात्रावास और अतिथि गृह के साथ बाबा साहेब का भव्य स्मारक भी होगा। recent visitors 98