उज्जैन में हुई जल जीवन मिशन की संभागीय समीक्षा बैठक

जिला पंचायत सीईओ लक्ष्य की पूर्ति कराया जाना सुनिश्चित करें : सचिव पीएचई नरहरि सिंगल विलेज स्कीम 31 मार्च तक करें शत-प्रतिशत पूर्ण : सचिव पीएचई नरहरि उज्जैन में हुई जल जीवन मिशन की संभागीय समीक्षा बैठक भोपाल सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने उज्जैन संभाग की जल जीवन मिशन की संभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संभाग के जिला पंचायत सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधिकारियों को सिंगल विलेज स्कीम 31 मार्च तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने जिले में ठेकेदार, जो समय पर काम नहीं कर रहे हों, उन्हें ब्लैक-लिस्ट किया जाये। उनके स्थान पर दूसरे ठेकेदारों से कार्य कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के लिये जल जीवन मिशन में दिन-रात काम कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाये। नरहरि ने कहा कि योजना में अधूरा कार्य नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। सचिव नरहरि ने जिलेवार जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन एवं संधारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। नरहरि ने कहा कि जिन गाँव में नल-जल योजना के अंतर्गत सड़कों की खुदाई की गयी है, उनका दुरुस्तीकरण समय-सीमा में करायें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की भी जिलेवार समीक्षा की और संबंधितों को समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में प्रमुख अभियंता पीएचई के.के. सोनगरिया ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि सौंपे हुए दायित्वों का निर्वहन समय-सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाये। उन्होंने कहा कि जिनके द्वारा समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया जायेगा, उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी। जल निगम के मुख्य महाप्रबंधक एम.के. मुदगल, मुख्य अभियंता इंदौर सोलंकी, उज्जैन संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ, जल निगम के अधिकारी और पीएचई के कार्यपालन यंत्री तथा सहायक यंत्री बैठक में उपस्थित रहे।   recent visitors 91

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज पर जमकर निशाना साधा

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर जमकर निशाना साधा है। श्री देव ने कहा कि बैज समेत सभी कांग्रेस नेता धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर प्रदेश के किसानों को गुमराह करने और प्रदेश में येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के टूलकिट एजेंडा पर चल रहे हैं। भाजपा प्रदेशअध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि सत्ता के लिए बौखलाती कांग्रेस ने पहले महतारी वंदन योजना को लेकर लगातार झूठ बोला। जब भाजपा सरकार ने तथ्यों के साथ कांग्रेस के झूठ की धज्जियाँ उड़ाई तो अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर नया टूलकिटिया एजेंडा चलाया। जब कांग्रेस के लोग ही अमूमन हर बड़े अपराध में संलिप्त पाए जाकर बेनकाब होने लगे, कानून के शिकंजे में जब खुद कांग्रेसी या उनके करीबी आने लगे तब अपने ही बुने षड्यंत्रों के जाल में फँसकर कांग्रेस छटपटाने लगी। महतारी वंदन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मुँह की खाने के बाद भी कांग्रेस अपनी ओछी और साजिशाना राजनीति से बाज नहीं आ रही है और अब वह धान खरीदी के मुद्दे पर फिर झूठ की राजनीति करने पर आमादा है। श्री देव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर किसी भी बिंदु पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार कांग्रेस को नहीं रह गया है। कांग्रेस को कोई भी आक्षेप लगाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस ने वादाखिलाफी करके अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में लगातार किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। किसानों को इन 5 वर्षों में धान बेचने के लिए सोसाइटियों में बारदाने की समस्या से लगातार जूझना पड़ा। भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को कभी गिरदावरी के नाम पर कटौती कर किसानों को परेशान किया तो कभी बारदाने नहीं है, कहकर किसानों को बारदाने खरीदने के लिए कहा और बाहर से बारदाने लाने का पैसा स्वयं देने का भी वादा किया लेकिन आज तक उन किसानों को बारदाने के पैसे का भुगतान नहीं किया गया। श्री देव  ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को लगातार 5 वर्षों तक धान खरीदी का पैसा हमेशा किश्तों में दिया जाता था। कभी भी किसानों को उनकी उपज का एकमुश्त भुगतान पिछली भूपेश सरकार ने नहीं किया जिसकी वजह से किसान  कोई बड़ा काम नहीं कर पाता था। श्री देव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का भुगतान किसानों को एकमुश्त किया जा रहा है जिससे आज प्रदेश का किसान खुशहाल है। recent visitors 39

योजनाओं की जानकारी पहुंचानें में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर निभाए अहम भूमिका

उमरिया सूचना का उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया में कंटेंट पोस्ट  करने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर लें तभी उस कंटेंट को पोस्ट करें। सोशल मीडिया के महत्व को देखते हुए जनसंपर्क विभाग द्वारा अलग-अलग तरीके से कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी आज उमरिया जिले के ताला बांधवगढ़ स्थित द सन रिसोर्ट में आयोजित सोशल मीडिया एवं न्यू एज मीडिया विषय पर संभाग स्तरीय कार्यशाला में अपर संचालक जनसंपर्क संजय जैन व्दारा दी गई।   कार्यशाला का शुभारंभ अपर संचालक जनसंपर्क श्री संजय जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया।  कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर संचालक जनसंपर्क  संजय जैन ने कहा कि सोशल मीडिया आमजन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । इसके लिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है जिससे सोशल मीडिया पर सकारात्मक रूप से कार्य करने वाले लोगों को और बढ़ावा दिया जा सके। जिससे आमजन को शासन की विभिन्न योजनाओ,कार्यक्रम तथा अभियानों से अवगत कराया जा सके।     कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप संचालक जनसंपर्क भोपाल  सुनील वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया रियल टाइम और खुद का मीडिया है। उहोंने कहा कि सूचना ही शक्ति है जिसका सही दिशा में उपयोग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अहम भूमिका निभाए। आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राजस्व महा अभियान जैसे अन्य जन कल्याणकारी योजनाएं  व केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय चलाए जा रहे अभियानों के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का प्रयास करें जिससे हर  पात्र व्यक्ति को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर जनता द्वारा न चुने जाने के बावजूद भी जनता के लिए कार्य करती है। उन्होंने बताया कि जनसंपर्क विभाग द्वारा लगभग 400 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।       द सन रिसोर्ट ताला बांधवगढ़ में आयोजित सोशल मीडिया एवं न्यू एज मीडिया विषय पर संभाग स्तरीय कार्यशाला में ग्राफिक्स डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट पोस्ट करने जैसे अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहायक संचालक जनसंपर्क उमरिया गजेन्द्र द्विवेदी, जिला सहायक जनसंपर्क अधिकारी शहडोल अरूणेंद्र सिंह, जिला सहायक जनसंपर्क अधिकारी अनूपपुर सुश्री कुसुम मरकाम, शहडोल संभाग के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर उपस्थित थे। recent visitors 43

अब मध्यप्रदेश में जनता सीधे चुन सकेगी जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिनियम में होगा संसोधन

भोपाल प्रदेश में जिस तरह महापौर सीधे जनता से चुने जाते हैं, वही व्यवस्था जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए भी बनाने की तैयारी है। अभी जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से चुने जाते हैं। अध्यक्षों के चुनाव में प्रलोभन की शिकायत पंचायत चुनाव वैसे तो गैरदलीय आधार पर होते हैं लेकिन इसमें राजनीतिक दलों का पूरा दखल रहता है। जिस दल की सदस्य संख्या अधिक होती है, उसका समर्थित व्यक्ति अध्यक्ष बन जाता है। जिन निकायों में एक दल के समर्थकों का बहुमत नहीं होता है, वहां सदस्यों को प्रलोभन दिए जाने के साथ धमकाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसे देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतराज अधिनियम में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पंचायतराज संचालनालय ने अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाई है ताकि उनका अध्ययन करके अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया जा सके। सदस्य करते हैं अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश में 52 जिला और 313 जनपद पंचायतें हैं। प्रत्येक जिला पंचायत में औसत 15 तक सदस्य होते हैं। वर्तमान व्यवस्था में सदस्यों का चुनाव होता है। निर्वाचन उपरांत सदस्यों का सम्मेलन बुलाया जाता है, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होता है। हॉर्स ट्रेडिंग की शिकायत कई बार मुकाबला बराबरी या नजदीकी होने के कारण सदस्यों को प्रलोभन देकर या डरा-धमकाकर उनका समर्थन प्राप्त कर अपना अध्यक्ष बनवा लिया जाता है। इससे चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं। यही कारण है कि नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का प्रविधान किया गया था लेकिन शिवराज सरकार ने नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता के स्थान पर पार्षदों के माध्यम कराने की व्यवस्था कर दी। इससे निकाय में जिस दल का बहुमत हुआ, उसका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बन गया। जहां बहुमत की स्थिति नहीं बनीं, वहां ठीक वैसा ही हुआ, जैसा जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में होता है। फिलहाल सरकार नगरीय निकाय तो नहीं पर पंचायत चुनाव की व्यवस्था में परिवर्तन करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर पंचायतराज संचालनालय ने इसकी तैयारी भी प्रारंभ कर दी है। इसके लिए अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाई गई है ताकि उनका अध्ययन करके अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया जा सके। हालांकि, विधानसभा के 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र में संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत होने की संभावना कम ही है। recent visitors 141

बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने सभी भगवानों को गर्म वस्त्र धारण कराने शुरू किए

भोपाल शहर में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ऐसे में लोगों ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को पहनना शुरू कर दिया है। बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए अलग-अलग मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, श्रीराधा-कृष्ण, गणेश जी सहित सभी भगवानों को गर्म वस्त्र धारण कराने शुरू कर दिए हैं। शाल ओढ़ाई जा रही हैं। वहीं ठंड के चलते भगवान जी को गर्म खाद्य पदार्थ खजूर, गुड़ सहित अन्य पदार्थों का भोग लगाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, भगवान के दरबार में ठंड का असर कम हो और गर्मी बनी रहे, इसके लिए हीटर और अलाव जैसे उपाय भी भक्तों ने करना शुरू कर दिया है। इसके साथ-साथ सुबह व शाम की आरती व्यवस्था में भी बदलाव होने लगा है।   बाबा बटेश्वर के समीप जलाया अलाव पुराने शहर के श्री बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति के द्वारा गुरु प्रदोष के अवसर पर बाबा बटेश्वर का रुद्राभिषेक किया गया। एक क्विंटल फूल, बेल पत्र, धतूरा व चंदन आदि से भोलेनाथ का अलौकिक श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही भगवान को गुड़ से बनी गजक व अन्य गर्म वस्तुओं का भोग लगाया गया। शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए बाबा के समक्ष अलाव भी जलाया गया। प्रतिदिन अब भगवान को ऊनी वस्त्र धारण कराए जाएंगे एवं गुड़ से बनी गजक तथा अन्य गर्म वस्तुओं का भोग लगेगा। रात्रि में महा आरती के बाद प्रसादी वितरण हुआ। इस अवसर पर संयोजक संजय अग्रवाल, सदस्य प्रमोद नेमा, शिशिर मित्तल, अभिषेक लाला, केशव फुलवानी, प्रकाश मालवीय सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। recent visitors 95

एक जिला-एक उत्पाद :बुरहानपुर के केलों की मिठास अब सबकी जुबां पर

भोपाल एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला "एक जिला-एक उत्पाद" पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए "बनाना फेस्टिवल" में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी रितिश अग्रवाल ने "बनाना पाउडर" बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। "बनानीफाय" ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को "प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना" के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। "बनानीफाय" ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुमंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुभव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट "एक जिला-एक उत्पाद" योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। "बनानीफाय" का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।   recent visitors 90

राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड संस्कृत शिक्षा को दे रहा है बढ़ावा

भोपाल प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड अरूण, उदय और प्रभात कक्षाओं का संचालन 53 चयनित एजुकेशन फॉर ऑल (ईएफए) स्कूल में कर रहा है। इन विद्यालयों में संस्कृत माध्यम की कक्षाएं इस वर्ष शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ हो गई हैं। देश की सांस्कृतिक विरासत में संस्कृत भाषा का प्राचीन काल से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत भाषा के विस्तार के लिये विशेष प्रावधान रखे गये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उल्लेख किया गया है कि संस्कृत भाषा केवल संस्कृत पाठशाला एवं विश्वविद्यालयों तक सीमित न रहे बल्कि इसे मुख्य धारा में लाया जाये। इसके अनुपालन में प्रदेश में प्री-स्कूल के 3 वर्ष तथा कक्षा 1 और 2 के 2 वर्ष इस प्रकार बच्चे की उम्र 3 से 8 वर्ष की अवधि में बच्चों को संस्कृत माध्यम से पढ़ाई कराये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग संस्कृत माध्यम के विद्यालयों के संचालन की निगरानी भी रख रहा है। संस्कृत भाषा एक बीज भाषा है। यह भाषा सभी भाषाओं की जननी है। बाल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास 6 वर्ष की अवस्था से पूर्व हो जाता है। शोध में यह बात भी सामने आयी है कि जो विद्यार्थी प्रारंभ से संस्कृत भाषा बोलते हैं, वे बाद के वर्षों में विश्व की किसी भी भाषा को बोलने की क्षमता रखते हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए 53 संस्कृत विद्यालय प्रदेश में प्रारंभ किये गये हैं। यह एक ऐसा अनोखा प्री-स्कूल है, जिसमें छोटे बच्चों को संस्कृत माध्यम से भारतीय संस्कृति और परम्परा के बारे में सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इन विद्यालयों में पुस्तकालय, प्रदर्शन क्षेत्र, कठपूतली का कोना, विश्राम क्षेत्र, कहानी का कोना, कला कोना, खिलौनों का कोना, उत्सव की दीवार, भोजन क्षेत्र, संस्कृत अध्ययन सामग्री, बाल उपवन, तुलसी का बर्तन और ध्यान कुटिया जैसी सुविधाएं बच्चों को उपलब्ध कराई गई हैं।   recent visitors 80