बांग्लादेश में ISKCON से जुड़े दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन के दौरान एक वकील की हत्या, बढ़ा बवाल

नई दिल्ली बांग्लादेश में ISKCON से जुड़े हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन के दौरान एक वकील की हत्या हो गई है। चट्टग्राम जिले के बार एसोसिएशन के सदस्य रहे 32 साल के सैफुल इस्लाम का कत्ल हो गया था। यह घटना उस वक्त हुई, जब जिला अदालत में पेशी के बाद चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को ले जाया जा रहा था। इस दौरान करीब 2 हजार की संख्या में चिन्मय कृष्ण ब्रह्मचारी के समर्थक मौजूद थे। इसके अलावा अन्य तमाम लोग भी मौजूद थे। पुलिस, वकील और हिंदू संत के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार की खबर के अनुसार इस हिंसा में वकील सैफुल इस्लाम मारे गए और 10 अन्य लोग जख्मी हुए हैं। अब तक पुलिस ने इस मामले में 30 लोगों को अरेस्ट किया है। इस बीच बवाल बढ़ गया है और पूरे बांग्लादेश की ही जिला अदालतों में वकीलों ने काम करने से इनकार किया है। माना जा रहा है कि आज भी प्रदर्शन हो सकता है। चट्टग्राम जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नाजिमुद्दीन चौधरी ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि कोर्ट परिसर के मुख्य गेट के बाहर ही सैफुल इस्लाम की हत्या की गई। यह वाकया दोपहर करीब 3:30 बजे का है। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनको मृत घोषित किया गया। बांग्लादेश पुलिस प्रशासन का आरोप है कि सैफुल इस्लाम की हत्या में चिन्मय कृष्णदास ब्रह्मचारी के समर्थकों का हाथ है। चिट्टग्राम के गुलाम रसूल मार्केट में काम करने वाले मोहम्मद दीदार का कहना है कि सैफुल इस्लाम को मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बचाने की कोशिश की थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। डेली स्टार के अनुसार स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्हें रोड के किनारे बुरी तरह पीटकर मार डाला गया। जिला अस्पताल के निदेशक तस्लीमुद्दीन का कहना है कि वकील सैफुल इस्लाम के सिर में भी गहरी चोटें आई हैं। इस मामले में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस का बयान भी आया है और उन्होंने जांच के आदेश भी दिए हैं। recent visitors 79

संभल हिंसा: जल्‍द ही इनके पोस्‍टर सार्वजन‍िक स्‍थानों पर लगाए जाएंगे, नुकसान की भरपाई कराई जाएगी,योगी का सख्त आदेश

संभल यूपी के संभल बवाल में पत्‍थरबाजी करने वाले सौ से अधिक उपद्रवियों को चिन्हित किया जा चुका है। योगी सरकार इनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करने जा रही है। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने इसे लेकर एक उच्‍चस्‍तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जल्‍द ही इनके पोस्‍टर सार्वजन‍िक स्‍थानों पर लगाए जाएंगे। उपद्रवियों से बवाल के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। उनसे नुकसान की वसूली होगी। योगी सरकार पहले ही उपद्रवियों अपराधियों के खिलाफ क्षतिपूर्ति संबंधी अध्यादेश जारी कर चुकी है। फरार उपद्रवियों पर इनाम भी घोषित हो सकता है। संभल बवाल में अब तक 27 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने इनकी फोटो भी जारी की है। इस बीच मुरादाबाद के कमिश्‍नर ने शासन को संभल बवाल पर संभल प्रशासन की ओर से तैयार रिपोर्ट भेज दी है। इसमें शासन को सभी पहलुओं से अवगत कराया गया है। रिपोर्ट में पहले दिन के सर्वे और बाद में हुए सर्वे के दौरान बवाल कैसे बढ़ा क्या साक्ष्य मिला सब कुछ भेजा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये निर्देश एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। उधर, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। मंगलवार को स्कूल तो खुले लेकिन, बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रही। हालांकि इंटरनेट सेवाएं मंगलवार को भी बहाल नहीं हो सकीं। प्रशासन ने एहतियातन प्रतिबंध 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। वहीं, जामा मस्जिद के आस-पास के इलाकों को छोड़कर शहर के बाजार पूरी तरह से खुले लेकिन वहां सन्नाटा फैला रहा। शहर में शांति बहाल करने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं। बता दें कि शाही जामा मस्जिद के पूर्व में हरिहर मंदिर होने के वाद पर कोर्ट ने रमेश राघव को कोर्ट कमिश्नर तैनात किया है। बीते रविवार को उनकी टीम जब दूसरी बार सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंची तो बवाल हो गया। आक्रोशित लोगों ने पथराव, फायरिंग और आगजनी कर दी थी। हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनभर अधिकारी पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सोमवार को पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक पुत्र सुहेल इकबाल समेत 2500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से कराने का भी निर्णय लिया गया है। पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए मंगलवार को मस्जिद के पीछे की दुकानों में लगे सीसीटीवी के डीवीआर भी जुटाए। हालांकि उपद्रवियों ने कई कैमरे हिंसा के दौरान तोड़ दिए थे। पुलिस अब तक सौ से से अधिक उपद्रवियों की पहचान कर लेने का दावा कर रही है। अधिकारी बोले मुरादाबाद के मंडलायुक्‍त आन्‍जनेय कुमार सिंह ने बताया कि संभल बवाल में नामजदों के फोटोयुक्त पोस्टर जारी होंगे। इसके लिए संभल के कप्तान ने तैयारी कर ली है। दोबारा ऐसा बवाल न हो इसके लिए सारे उपाय किए जा रहे हैं। उपद्रव करने वाले शेष लोगों की पहचान भी की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर है। मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराम जी के अनुसार किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी लेकिन जो भी बवाल में शामिल रहे हैं उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामाना करना होगा। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए साइबर सेल की लिए मदद ले रही है। फिलहाल संभल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आज दुकानें खुली हैं। आवागमन भी हो रहा है। पूरा जनजीवन शांति से चल रहा है। recent visitors 121

खतरे में महायुति? शिवसेना ने साफ कर दिया है कि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार नहीं करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र में बंपर जीत के बाद महायुति में मुख्यमंत्री पद को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि शिवसेना ने साफ कर दिया है कि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार नहीं करेंगे। खबरें थीं कि भारतीय जनता पार्टी देवेंद्र फडणवीस को राज्य के शीर्ष पद पर तैनात करना चाहती है, लेकिन शिवसेना से चर्चाएं जारी हैं। महाविकास अघाड़ी सरकार गिरने के बाद शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और सीएम बने थे। शिवसेना ने साफ कर दिया है कि शिंदे महाराष्ट्र के डिप्टी CM का पद स्वीकार नहीं करेंगे। मीडिया से बातचीत में शिवेसना ने संजय शिरसात ने कहा, 'विधानसभा चुनाव एकनाथ शिंदे के नाम पर लड़े गए थे। वह CM के तौर वापसी के हकदार हैं। वह उपमुख्यमंत्री के पद को स्वीकार नहीं करेंगे।' महायुति ने महाराष्ट्र की 288 में से 230 सीटों पर कब्जा किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना नेता दावा कर रहे हैं लोकसभा चुनाव में महायुति के खराब प्रदर्शन के बाद तय किया गया था कि विधानसभा में महायुति आती है, तो सीएम शिंदे को बनाया जाएगा। जबकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि पहले तय हुआ था कि चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद तीनों दलों के नेता साथ बैठकर फैसला लेंगे। जून-जुलाई 2022 में शिंदे समेत कई विधायक तब अविभाजित शिवसेना से अलग हो गए थे। तब शिंदे ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और सीएम पद हासिल किया था। उस दौरान पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। recent visitors 78

Kirodi Lal Meena की तबीयत हुई ख़राब, अस्पताल में भर्ती

जयपुर  भजनलाल सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत अचानक बिगड़ गए गई है। बीती रात को वे जयपुर स्थित अपने आवास पर ही थे। आज बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने से उनका स्टाफ उन्हें लेकर सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचा, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि डॉ. मीणा का पहले से ही इलाज चल रहा था। आज फिर से उनकी तबीयत बिगड़ने से उन्हें भर्ती किया गया है। सभी तरह की जांच की जा रही है। किरोड़ीलाल मीणा को पेट दर्द, उल्टी और जलन की शिकायत डॉ. मीणा की दवाइयां पिछले कुछ समय से चल रही है। आज सुबह उन्हें अचानक पेट दर्द, उल्टी, जलन और एसीडीटी की शिकायत ज्यादा हुई तो परिजन और स्टाफ उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा। पहले इमरजेंसी में दिखाया गया और फिर उन्हें भर्ती कर लिया गया। अस्पताल अधीक्षक ने डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया है जो डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वास्थ्य का लगातार अपडेट ले रहे हैं। डॉ. मीणा को जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. सीएल नवल की युनिट में भर्ती किया गया है। पिछले एक महीने रही काफी भागदौड़ डॉ. मीणा पिछले एक महीने से भारी भागदौड़ में रहे। विधानसभा उपचुनाव के पहले से वे चुनाव में व्यस्त हो गए थे। उनके छोटे भाई जगमोहन मीणा को भाजपा ने दौसा से चुनाव मैदान में उतारा था। अपने भाई के चुनाव प्रचार में डॉ. मीणा ने खूब मेहनत की। दिन रात भागदौड़ की। लगातार वे चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे। इस दौरान वे अपने स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रख पाए। चुनाव में जगमोहन मीणा चुनाव नहीं जीत पाए। इससे डॉ. मीणा को बड़ा धक्का लगा। शारीरिक और मानसिक रूप से वे अपने आप को एडजस्ट नहीं कर पाए। इस वजह से बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। recent visitors 181

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी इतिहास का सबसे तेज शतक, 28 गेंद, 11 छक्के, 7 चौके

नई दिल्ली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक मुकाबले में गुजरात के एक बल्लेबाज ने सिर्फ 28 गेंदों में शतक ठोक दिया, जबकि 35 गेंदों में नाबाद 113 रनों की पारी खेली। यह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी इतिहास का सबसे तेज शतक है। उसने भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत के रिकॉर्ड को चूर-चूर किया है। इस बल्लेबाज का नाम उर्विल पटेल और वह गुजरात की ओर से अक्षर पटेल की कप्तानी में त्रिपुरा के खिलाफ खेल रहे थे। आज यानी 27 नवंबर को खेले गए मुकाबले में उन्होंने 35 गेंदों में 7 चौके और 12 छक्के उड़ाए। उन्होंने 322.86 के स्ट्राइक रेट से रन बरसाए। यही वजह है कि उनकी टीम ने 156 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 10.2 ओवरों में ही हासिल कर लिया। दरअसल, यह मुकाबला इंदौर के Emerald High School Ground में खेला गया। मुकाबले में त्रिपुरा ने बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 155 रनों का स्कोर खड़ा किया। उसके लिए श्रीदम पॉल ने सबसे अधिक 49 गेंदों में 4 चौके और 4 छक्के उड़ाते हुए 57 रन ठोके, जबकि श्रीनिवास शरत ने 29 और अभिजीत सरकार ने 15 रनों की नाबाद पारी खेली। गुजरात के लिए कप्तान अक्षर पटेल सिर्फ एक विकेट ले सके, जबकि नगवासवाला ने 3 और चिंतन गाजा ने 2 विकेट झटके। जवाब में बैटिंग करने उतरी गुजरात की टीम को लगा होगा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए उसे संघर्ष करना पड़ेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। टीम के लिए आर्यन देसाई के साथ उर्विल पटेल ओपनिंग करने उतरे। उन्होंने देखते ही देखते 15 गेंदों में 4 चौके और 5 छक्के उड़ाते हुए हाफ सेंचुरी पूरी की। यह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दूसरी सबसे तेज हाफ सेंचुरी है, जबकि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में यह 28 गेंदों में शतक सबसे तेज शतक है। इसे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ऋषभ पंत 2018 में दिल्ली के लिए खेलते हुए हिमाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 32 गेंदों में शतक ठोका था। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साहिल चौहान के नाम है, जिन्होंने साइप्रस के खिलाफ एस्टोनिया के लिए 27 गेंदों में शतक ठोका था। बता दें कि उर्विल 2023 में गुतरात टाइटंस का हिस्सा थे। इस सीजन टीम फाइनल में पहुंची थी और चेन्नई सुपर किंग्स से हार गई थी। recent visitors 75

संभल में हुई हिंसा को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण लोक सभा की कार्यवाही दिन भर के लिये स्थगित

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण बुधवार को लोक सभा की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी गयी। आज दोपहर 12 बजे सदन के पुन: समवेत होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य विपक्षी सदस्य संभल में हुई हिंसा के विरोध में शाेरशराबा और नारेबाजी करने लगे। सपा सदस्य शोरगुल करते हुये सदन के बीचोबीच आ गये और ‘संभल के हत्यारों को फांसी दो, फांसी दो’ नारे लगाने लगे। कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदपवार) और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य भी इस दौरान अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर सपा सदस्यों की नारेबाजी का साथ दे रहे थे। इस बीच, पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये। श्री सैकिया ने शोरशराबा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने-अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने का बार-बार आग्रह किया लेकिन विपक्षी सदस्यों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को उनकी बात कहने का मौका दिया जायेगा, वे अपने-अपने स्थान पर जायें और सदन की कार्यवाही चलने दें। सदन का समय बहुत कीमती है और सारा देश इसे देख रहा है। हंगामा जारी रहने पर श्री सैकिया ने सदन की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिये स्थगित कर दी। इससे पहले आज पूर्वाह्न 11 बजे सदन के समवेत होते ही अडानी मामले में बहस कराने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा में आज प्रश्नकाल नहीं चल पाया और सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गयी। अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्वाह्न 11 बजे जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की और भारतीय जनता पार्टी के अरुण गोविल को प्रश्न पूछने के लिये पुकारा। इसी बीच विपक्षी सदस्य सदन के बीचोबीच जमा हो कर अडानी मामले में तुरंत चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। शोरगुल के बीच रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर दिया, लेकिन शोरशराबा बढ़ गया। अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि वे प्रश्नकाल चलने दें। इसके बाद उनके मुद्दे पर विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्ष नियोजित तरीके से सदन को चलने नहीं देना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। राज्यसभा में शून्यकाल बाधित, सदन दिन भर के लिए स्थगित राज्यसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति, और उत्तर प्रदेश के संभल और मणिपुर में हिंसा तथा अडानी समूह की कथित अनियमिताओं की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग को लेकर शोरशराबा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई और शून्यकाल बाधित हुआ। सभापति जगदीप धनखड़ ने पहले स्थगन के बाद 11 बजकर 30 मिनट पर जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की तो विपक्ष के सदस्य शोर शराबा करने लगे। श्री धनखड़ ने सदस्यों से शांत होने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए। इस बीच कांग्रेस के जयराम रमेश और प्रमोद तिवारी ने बोलने का प्रयास किया तो सभापति ने कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं लेने के निर्देश दिए। द्रविड़ मुनेत्र कषगम के तिरुचि शिवा व्यवस्था का प्रश्न उठाने की अनुमति मांगी तो श्री धनखड़ ने कहा की अव्यवस्था में व्यवस्था का प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। पहले सदस्यों को शांत होना होगा। इस पर सदन में हंगामा होने लगा। स्थिति को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 32 मिनट पर दिन भर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके कारण शीतकालीन सत्र में आज सदन में दूसरी बार शून्यकाल बाधित हुआ। इससे पहले सभापति ने सुबह सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए तीन सदस्यों बिकाश रंजन भट्टाचार्य, डा वानवैरोए खारलुखी और धर्मशिला गुप्ता को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाएं। इसके बाद सभापति ने कहा कि उन्हें नियम 267 के अंतर्गत 18 नोटिस मिले हैं। ये नोटिस दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति, उत्तर प्रदेश के संभल और मणिपुर में हिंसा तथा अडानी समूह में कथित अनियमिताओं की जांच करने के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने पर चर्चा कराने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस प्रावधानों के अनुरूप नहीं होने के कारण अस्वीकार किए जाते हैं। इसके बाद विपक्ष के सदस्य अपने आसन से आगे आ गये और जोर-जोर से बोलने लगे। सभापति ने कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं लेने के निर्देश दिए तथा सदस्यों से शांत होने की अपील की। उनकी इस अपील का कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने 11:10 बजे सदन की कार्यवाही 11:30 के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।   recent visitors 75

इंडिया ओपन शॉटगन प्रतियोगिता आज से हुई शुरू, क्वालीफिकेशन का रास्ता साफ

जयपुर नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) द्वारा आयोजित इंडिया ओपन शॉटगन प्रतियोगिता बुधवार को शुरू हुई। यह आयोजन राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने के इच्छुक एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण क्वालीफायर के रूप में काम करेगा, जिसमें देश भर से 329 निशानेबाज हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की दो श्रेणियां हैं: राष्ट्रीय नियम (एनआर) श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिन्होंने अभी तक राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई नहीं किया है, और अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) श्रेणी उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपना स्थान अर्जित कर लिया है। यह डिवीजन एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल सुनिश्चित करता है, जो उभरती हुई प्रतिभाओं को अनुभवी पेशेवरों के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करता है। 329 प्रतिभागियों में से 221 ने एनआर श्रेणी में पंजीकरण कराया है, जबकि शेष 108 आईएसएसएफ श्रेणी में हैं। भाग लेने वाले उल्लेखनीय एथलीटों में पूर्व ओलंपियन कीनन चेनाई के साथ-साथ प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज भवानीश मेंदीरत्ता, जोरावर सिंह संधू, मनीषा कीर, दर्शना राठौर, आशिमा अहलावत, प्रीति रजक, कार्तिकी सिंह शखावत और राजकुंवर इंगले शामिल हैं। इन शीर्ष निशानेबाजों के लिए, इंडिया ओपन एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मैदान के रूप में काम करेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय चैम्पियनशिप और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। इस आयोजन के बारे में बोलते हुए, एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा, “शॉटगन में इंडिया ओपन प्रतियोगिता भारत में निशानेबाजी खेलों को विकसित करने और उन्हें आगे बढ़ाने के हमारे निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह टूर्नामेंट न केवल राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के लिए एक महत्वपूर्ण योग्यता मार्ग प्रदान करता है, बल्कि हमारे निशानेबाजों को अपने कौशल का परीक्षण करने और उन्हें निखारने के लिए एक प्रतिस्पर्धी मंच भी देता है। उभरती प्रतिभाओं और अनुभवी एथलीटों दोनों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए, हम भारतीय निशानेबाजी के भविष्य को एक्शन में देख रहे हैं। मैं सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूं।” प्रतिभागियों की प्रभावशाली लाइनअप के साथ, टूर्नामेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा और उच्च-क्षमता वाले प्रदर्शन का वादा किया गया है, जो 2 दिसंबर को एक रोमांचक समापन के लिए मंच तैयार करता है।   recent visitors 136