संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दंगों से न अयोध्या रुकी है और ना ही संभल रुकेगा। संभल घटना पर दिल्ली भाजपा नेता ने कहा है कि कोर्ट का आदेश है, सर्वे होगा और सच सामने आएगा। उसके बाद जो होना चाहिए वह भी होगा। जो करोड़ों लोग जिस चीज़ की प्रतीक्षा में उसका निर्माण भी वहां होगा। अगर कोई सोचता है कि वे पत्थर फेंककर, गुंडागर्दी करके या दंगे कराकर अदालत के आदेश या लाखों लोगों की आस्था को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। संभल में एक अत्याचार हुआ था। अब उसे अत्याचार को दूर करने का समय आ गया है। मुझे लगता है कि न्याय की दृष्टि से कानून की दृष्टि से जो आदेश आया है उसका पालन होना चाहिए। संभल में दंगा करने की कोशिश की जा रही है। इस पर भाजपा नेता ने कहा है कि दंगों से न अयोध्या रुकी है और ना ही संभल रुकेगा, दंगों से ना काशी मथुरा रुका है। कानून अपना काम करेगा संभल में लोगों की जो आस्था है। वह सत्य वैज्ञानिक आधार पर सच सामने आएगा वह सच है जो वहां पर पहले था दोबारा बनेगा यह भी सत्य है, मुझे लगता है कुछ लोग जरूर उत्पाद करने की कोशिश करेंगे। लेकिन योगी आदित्यनाथ उनका इलाज कर देंगे। शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया था। जानकारी के अनुसार, जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान स्थिति बिगड़ गई और हिंसा फैल गई। मौके पर संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे, लेकिन फिर भी माहौल बिगड़ता चला गया। पुलिस द्वारा किए जा रहे सर्वे के खिलाफ स्थानीय लोगों ने रोष जताया। इसी बीच, हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया और साथ ही फायरिंग भी की गई। इस बीच, पुलिस को खुद को बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फायरिंग और पथराव के बीच पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। recent visitors 111

रूस अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल ओरेश्निक को तैनात कर चुका है, 24 घंटे में कर सकते है उपयोग

रूस यूक्रेन ने अमेरिकी लॉन्ग-रेंज मिसाइल ATACMS से रूस के कुर्स्क इलाके में हमला किया है। इसके जवाब में, रूस अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल  "ओरेश्निक" को तैनात कर चुका है। अब यह मिसाइल राष्ट्रपति पुतिन के आदेश का इंतजार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 24 घंटे में रूस इसका इस्तेमाल कर सकता है।  रूस की "ओरेश्निक" मिसाइल न केवल उसकी सैन्य ताकत का प्रदर्शन है बल्कि पश्चिमी देशों और नाटो को एक सीधी चेतावनी भी है। इस कदम से यूरोप में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अब दुनिया पुतिन के अगले कदम का इंतजार कर रही है।   यूरोप के 16 और 44 नाटो बेस रूस की रेंज में "ओरेश्निक" मिसाइल की ताकत इतनी है कि यह न केवल यूक्रेन बल्कि यूरोप के 16 देशों में फैले  44 नाटो देशों को भी निशाना बना सकती है। इनमें पोलैंड, जर्मनी, रोमानिया, इटली, बेल्जियम और इंग्लैंड जैसे महत्वपूर्ण नाटो बेस शामिल हैं।  पुतिन पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि रूस की सीमा पर किसी भी देश ने लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया, तो वह जवाबी हमले में देर नहीं करेगा। अब "ओरेश्निक" का तैनात होना पश्चिमी देशों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।   मिसाइल की अद्वितीय क्षमताएं   12,300 किमी/घंटा, जिससे यह रडार की पकड़ से बाहर रहती है।   5,500 किमी, एक बार लॉन्च होने पर कई देशों तक पहुंचने में सक्षम।   एक साथ 6-8 टारगेट पर हमला करने की क्षमता।   पारंपरिक और न्यूक्लियर दोनों तरह के हथियारों से लैस।   यह दिशा और एंगल बदलकर दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देती है।   नाटो बेस पर संभावित निशाने पोलैंड : अमेरिकी एयरफोर्स और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग साइट्स।  जर्मनी : रामस्टीन एयर बेस, जहां अमेरिकी और नाटो का मुख्यालय है।   रोमानिया : नाटो के पूर्वोत्तर बेस और एजीस एशोर मिसाइल सिस्टम।   इंग्लैंड : रॉयल एयर फोर्स बेस, जहां अमेरिका और नाटो के बड़े ऑपरेशन्स चलते हैं।   बेल्जियम और इटली : अमेरिकी परमाणु हथियारों के ठिकाने।   पश्चिमी देशों के लिए चुनौती   रूसी सैन्य विशेषज्ञों का दावा है कि अमेरिका और नाटो के पास "ओरेश्निक" का जवाब नहीं है। इसकी गति और तकनीक इसे रोकने के लिए लगभग असंभव बनाती है। पश्चिमी देशों की मिसाइलें, जैसे "डार्क ईगल," स्पीड और रेंज में इससे काफी पीछे हैं।   कितनी घातक है "ओरेश्निक"? अगर यह मिसाइल रूस के अस्त्राखान से दागी जाती है, तो:   पोलैंड : 8 मिनट में   जर्मनी : 11 मिनट में   बेल्जियम : 14 मिनट में   इंग्लैंड : 19 मिनट में पहुंच सकती है।  recent visitors 71

मुख्यंत्री डॉ. यादव ने कहा- श्री मनोज शर्मा की संकल्पों की सिद्धि और दृढ़ता प्रदेश और देश के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुम्बई में महाराष्ट्र कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री मनोज शर्मा (आईजी) एवं उनकी धर्मपत्नी, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती श्रद्धा शर्मा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री मनोज शर्मा की संकल्पों की सिद्धि और दृढ़ता प्रदेश और देश के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री मनोज शर्मा ने विपरीत परिस्थितयों में चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त कर न केवल मुरैना बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। उललेखनीय है कि मध्यप्रदेश के निवासी श्री मनोज कुमार शर्मा 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं, जिन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित हैं। वे वर्तमान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनका जन्म चंबल संभाग के एक गांव में 3 जुलाई 1975 में हुआ था।   recent visitors 185

भुजबल ने कहा, ‘तीनों दल एक साथ बैठेंगे और तय किया जाएगा कि हमारा नेता कौन होगा, कहा-अजित पवार भी सीएम बन सकते हैं

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद महायुति गठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा गरम है। अभी तक यह साफ नहीं है कि राज्य में सीएम की कुर्सी शिवसेना, भाजपा या एनसीपी नेता को मिलेगी। इस बीच, एनसीपी लीडर छगन भुजबल के बयान ने हलचल फिर बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अजित पवार भी सीएम बन सकते हैं। भुजबल ने कहा, 'तीनों दल एक साथ बैठेंगे और तय किया जाएगा कि हमारा नेता कौन होगा। हम तीनों दल एकसाथ बैठेंगे और तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। अजित पवार भी सीएम बन सकते हैं। उनका स्ट्राइक रेट बहुत अच्छा है।' छगन भुजबल ने कहा कि आज हमारे सभी विधायक बैठक में आए। कई विधान परिषद सदस्य भी आए थे। इस दौरान सभी ने तय किया कि विधानसभा में हमारा नेतृत्व अजित पवार करेंगे, लेकिन सीएम कौन होगा, ये हम तीनों दल मिलकर तय करेंगे। वहीं, एनसीपी के पुणे अध्यक्ष दीपक मानकर ने भी अजित पवार के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा, 'NCP के कार्यकर्ता चाहते हैं कि अगर दादा (अजित पवार) होंगे, तो महाराष्ट्र को एक अच्छी दिशा मिलेगी। दादा में काम करने की क्षमता है। हम जानते हैं कि पिछले 2.5 वर्षों में उन्होंने महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री के रूप में किस तरह का काम किया।' 'पीएम मोदी और अमित शाह लेंगे फैसला' दीपक मानकर ने कहा कि महायुति सबको साथ लेकर चल रही है। पीएम मोदी और अमित शाह फैसला लेंगे, सभी साथ बैठेंगे। फडणवीस, शिंदे और दादा (अजित पवार) तीनों ही सक्षम हैं। वहीं, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महायुति नेता और भाजपा नेतृत्व यह तय करेंगे कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। महायुति गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित किए गए। महायुति गठबंधन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी शामिल है। recent visitors 55

‘महा’ हार पर कांग्रेस नेता का बड़ा आरोप- शरद पवार, उद्धव ठाकरे गुट चुनाव प्रचार में योजनाबद्ध तरीके से सक्रिय नहीं रह पाई

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी (MVA) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन केवल 16 सीटों पर जीत हासिल की, जो पार्टी का राज्य में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है। महाराष्ट्र हार के बाद अब कांग्रेस नेता ने महा विकास अघाड़ी के साथियों पर बड़ा आरोप लगाया है। कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर ने हार की वजहों पर चर्चा करते हुए कहा कि गठबंधन सहयोगी शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) चुनाव प्रचार में "योजनाबद्ध तरीके से" सक्रिय नहीं रह पाई। परमेश्वर महाराष्ट्र चुनाव के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक थे। गठबंधन में तालमेल की कमी और अंतिम समय की घोषणाएं परमेश्वर ने कहा, "हमने विदर्भ क्षेत्र में कम से कम 50 सीटों की उम्मीद की थी। लेकिन गठबंधन सहयोगियों के बीच तालमेल नहीं था और हमने अंतिम समय में टिकटों की घोषणा की, जिससे पार्टी में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।" ईवीएम हैकिंग के आरोप उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा, "हमने महाराष्ट्र में बैठकर चुनाव परिणामों का विश्लेषण किया। हमें ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ क्षेत्रों में ईवीएम को हैक किया गया। यह हर जगह नहीं, लेकिन चुनिंदा क्षेत्रों में हुआ है।" BJP का भारी बहुमत बीजेपी-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सीटों में से 230 पर जीत दर्ज कर सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत की है। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "इस बार महाराष्ट्र में विपक्ष का नेता (LoP) नहीं होगा। यह कांग्रेस और विपक्ष के गलत कार्यों का नतीजा है। लोकसभा चुनावों में इन्होंने फर्जी नैरेटिव फैलाए थे और जनता ने विधानसभा चुनाव में उन्हें जवाब दे दिया।" इतिहास में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बताया कि 1977 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को महाराष्ट्र में 48 में से 20 सीटें मिली थीं, जो अब तक की सबसे कम थीं। लेकिन इस बार का प्रदर्शन उससे भी खराब रहा। इस करारी हार के बाद कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी के नेताओं के बीच आत्ममंथन शुरू हो चुका है। recent visitors 84

आईबीडी कॉलोनी के रोड के अतिक्रमण हटाया जाएगा रहवासियों की मांग पर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने दिए निर्देश

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने आईबीडी कॉलोनी की सड़क से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क को चौड़ा भी किया जाएगा। कॉलोनी के रहवासियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को रायसेन रोड पटेलनगर से आईबीडी कॉलोनी को जोड़ने वाले रोड पर ओरिएंटल कॉलेज, एनआरआई कॉलेज के अतिक्रमण से कॉलोनी की ढाई हजार से अधिक आबादी को आवागमन में हो रही समस्या के समाधान का ज्ञापन दिया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम श्री एल.के. खरे को सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि संबंधित सभी पक्षों और अधिकारियों के साथ मीटिंग में चर्चा कर रहवासियों की समस्या का समाधान करेंगी। उन्होंने कहा कि ओरिएंटल कॉलेज के द्वारा अपनी बसों को सड़क पर पार्क करने से आवागमन बाधित करना गंभीर बात है। ओरिएंटल कॉलेज प्रबंधन सड़क किनारे बसों की पार्किंग करना तुरंत बंद करे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि रायसेन रोड से प्रारंभ होकर आईबीडी कॉलोनी होते हुए खजूरी कलां को जोड़ने वाले रोड की चौड़ाई 18 मीटर है। यह सड़क मास्टर प्लान में शामिल है। सड़क पर किसी को भी अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।   recent visitors 78

संभल जामा मस्जिद बवाल, बवाल को संभालने के लिए आसपास के जिलों से भी फोर्स मंगाई गई, दो और युवकों की मौत

संभल संभल की जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए बवाल में दो और युवकों की मौत हो गई है। इससे मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए हैं। कई पुलिस के जवान भी घायल हुए हैं। मरने वाले तीनों युवकों को गोली लगी है। तीनों की पहचान नईम, रोमान और विलाल के रूप में हुई है। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है। इनमें ज्यादातर वाहन पुलिस वालों के हैं। बवाल को संभालने के लिए आसपास के जिलों से भी फोर्स मंगाई गई है। मुरादाबाद के कमिश्नर आज्नेय सिंह भी पहुंचे हैंं। उन्होंने कहा कि फायरिंग पुलिस ने नहीं की है। पुलिस ने केवल आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। दावा किया जा रहा है कि छतों से फायरिंग हुई है। अदालत के आदेश पर रविवार को दोबारा सर्वेक्षण शुरू हुआ था। इसी बीच अराजकतत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हल्का बल प्रयोग किया। स्थानीय अदालत में एक याचिका दाखिल करके दावा किया गया है कि उस स्थान पर हरिहर मंदिर था। इसी याचिका पर अदालत के आदेश पर पिछले मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था। इसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त था। अदालत के आदेश के तहत ही ''एडवोकेट कमिश्नर'' रविवार को दूसरी बार सर्वेक्षण कार्य शुरू करने सुबह सात बजे के आसपास पहुंचे थे। इसी दौरान मौके पर भीड़ जमा होने लगी। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि घटनास्थल के पास एकत्रित भीड़ में से कुछ उपद्रवी बाहर आए और उन्होंने पुलिस दल पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। पथराव करने वालों और उन्हें उकसाने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि इसी दौरान छतों से फायरिंग की गई। इसी फायरिंग की गोलियां तीनों युवकों को लगी हैं। जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेसिया ने कहा कि कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया लेकिन स्थिति अब शांतिपूर्ण है और सर्वेक्षण कार्य जारी है। संभल में सर्वेक्षण स्थल के पास कथित तौर पर पुलिस पर पथराव करते युवाओं के वीडियो सार्वजनिक हुए हैं। उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं मामले में याचिकाकर्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया था कि दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिये 'एडवोकेट कमीशन' गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया था कि अदालत ने कहा है कि वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी सर्वेक्षण कराकर कमीशन के माध्यम से अदालत में रिपोर्ट दाखिल की जाए। जैन ने पिछले मंगलवार को कहा था कि मस्जिद से संबंधित याचिका में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार, मस्जिद समिति और संभल के जिला मजिस्ट्रेट को पक्षकार बनाया गया है। विष्णु शंकर जैन और उनके पिता हरि शंकर जैन ने ज्ञानवापी मस्जिद-काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद सहित पूजा स्थलों से संबंधित कई मामलों में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है। हिंदू पक्ष के स्थानीय वकील गोपाल शर्मा ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि अदालत में दाखिल उनकी याचिका में कहा गया है कि बाबरनामा और आइन-ए-अकबरी किताब में इस बात का उल्लेख है कि जिस जगह पर आज जामा मस्जिद है वहां कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर को मुगल सम्राट बाबर ने 1529 में ध्वस्त कराया था। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि संभल की जामा मस्जिद ऐतिहासिक और बहुत पुरानी है। उच्चतम न्यायालय ने 1991 में एक आदेश में कहा था कि 1947 से जो भी धार्मिक स्थल जिस भी स्थिति में हैं, वे अपने स्थान पर बने रहेंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। recent visitors 69