बावनकुले ने पार्टी के सदस्यता अभियान के लिए आज बैठक की अध्यक्षता की, कहा-‘महाराष्ट्र में विपक्ष का नेता तक नहीं होगा’

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की है। भाजपा के प्रदर्शन से उत्साहित पार्टी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आलम यह है कि राज्य विधानमंडल में कोई विपक्ष का नेता तक नहीं होगा।' बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता का नहीं होना कांग्रेस और विपक्षी दलों के गलत कार्यों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में फर्जी बातें फैलाईं और मतदाताओं को धोखा दिया। विधानसभा चुनाव आते ही लोगों को इसके बारे में पता चल गया और मतदाताओं ने उन्हें बाहर कर दिया, जैसे कि हरियाणा में किया था। भाजपा के सीनियर नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने पार्टी के सदस्यता अभियान के लिए आज बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में चुनाव के कारण हमारा सदस्यता अभियान रोक दिया गया था। अब हमने महाराष्ट्र में 1.5 करोड़ नए सदस्य बनाने के लक्ष्य के साथ इसे फिर से शुरू किया है। मुंबई में सुनील राणे, पश्चिमी महाराष्ट्र में राजेश पांडे और अन्य नेता सदस्यता अभियान का नेतृत्व करेंगे।' उन्होंने कहा कि हमने आज 1.51 करोड़ नए सदस्य बनाने का अभियान शुरू किया है, कल हमारी एक और बैठक होगी। अगले कुछ दिनों में संगठनात्मक कार्यों के लिए हमारी कई बैठकें होंगी। हम अपनी पार्टी में नए मतदाताओं को जोड़ना चाहते हैं, नए सदस्यता अभियान का यही हमारा मुख्य उद्देश्य है। नाना पटोले मात्र 200 मतों के अंतर से चुनाव जीते चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने कांग्रेस को खारिज कर दिया है। इसकी प्रदेश इकाई के प्रमुख नाना पटोले मात्र 200 मतों के अंतर से चुनाव जीते हैं। बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में समाज के सभी वर्गों ने भाजपा का समर्थन किया। राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर उन्होंने कहा कि महायुति नेता और भाजपा नेतृत्व इस पर फैसला करेगा। महायुति गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित किए गए। महायुति गठबंधन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल है। विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) सिर्फ 46 सीट ही जीत सका। एमवीए में कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और शिवसेना(यूबीटी) शामिल हैं। recent visitors 60

कांग्रेस को भी जनता ने मजबूत जवाब दिया है, यह देश कई लोगों के बलिदान से बना है, ‘दैत्यों के साथ जो होता है वही हुआ’: कंगना

नई दिल्ली भाजपा सांसद कंगना रनौत ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर महायुति गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'ये हमारी पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक जीत है। हम सब कार्यकर्ता बहुत ही ज्यादा उत्साहित हैं और हम महाराष्ट्र व पूरे भारत की जनता के धन्यवादी हैं।' कंगना से पूछा गया कि उद्धव ठाकरे की इतनी बुरी हार होगी, क्या आपको इसकी उम्मीद थी? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे इसकी उम्मीद थी। इतिहास गवाह है और मेरे कई रील्स भी वायरल हुए हैं। आखिर हम दैत्यों और देवताओं को कैसे पहचानते हैं। जो महिलाओं की इज्जत उतारते हैं, वे दैत्य श्रेणी के ही होते हैं। हमारी पार्टी ने महिलाओं को आरक्षण, अनाज, गैस सिलेंडर और शौचालय आदि दिया है। इससे पता चल जाता है कि कौन दैत्य है और कौन देवता है। दैत्यों का वही हुआ जो हमेशा होता है। उनकी हार हुई है।' कंगना रनौत ने कहा कि महाभारत में एक ही परिवार था। फिर भी, उनमें फर्क कितना ज्यादा था। उन्होंने कहा, 'आप देखिए कि मेरा घर तोड़ा गया। मुझे गंदी-गंदी गालियां दी गईं। उन लोगों की बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी। कांग्रेस को भी जनता ने मजबूत जवाब दिया है। यह देश कई लोगों के बलिदान से बना है। कुछ मुर्खों के इकट्ठे हो जाने से देश के टुकड़े नहीं हो सकते हैं।' कंगना से पूछा गया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर आप किसे देखती हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी आलाकमान को लेना है। हमारे पास नेतृत्व के लिए एक से बढ़कर एक लोग हैं। संभल में पथराव की घटना पर कंगना ने क्या कहा उत्तर प्रदेश के संभल में पथराव की घटना पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, 'यह बात किसी से छिपी नहीं है कि सिर्फ संभल ही नहीं बल्कि हमारे देश में बहुत सी ऐसी जगहें हैं जहां हिंदू प्रवेश नहीं कर सकते। ऐसे इलाकों में लोग शरिया कानून लागू करने की कोशिश कर रहे हैं और शरणार्थियों को फर्जी पहचान पत्र दिए जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि हमारा जो 'एक हैं तो सेफ हैं' और 'बटेंगे तो कटेंगे' का मंत्र हैं, उसका महत्व हमें साफ-साफ दिखता है। हमें अपने देश में एकजुट रहना होगा। recent visitors 74

इंदौर-दाहोद रेल लाइन ने पकड़ी रफ्तार, गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा,आधे हिस्से में बिछाया गया ट्रैक

इंदौर इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा है। रतलाम मंडल द्वारा प्रोजेक्ट के इस हिस्से को मार्च-2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इस सेक्शन में बन रहे आरओबी निर्माण में हो रही देरी से मई-2025 तक यह सेक्शन ट्रेन संचालन के लिहाज से तैयार हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि साल 2008 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगाव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) अलग-अगल सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है। इंदौर-टिही और दाहोद-कतवारा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे टिही-गुणावद-नौगांव (धार) सेक्शन पर तेजी से काम कर रहा है। इस सेक्शन में नौ आरओबी बनने हैं। वर्तमान में टिही के पास टनल का काम तकरीबन पूरा होने को है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी भी बिछाई जा चुकी है। मार्च 2025 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य गुणावद रेलवे स्टेशन, यार्ड आदि का काम भी शुरू हो चुका है। वहीं गुणावद से नौगांव के बीच अर्थवर्क का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। रतलाम मंडल ने पूर्व में इंदौर-नौगांव के बीच मार्च-2025 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह काम मई-2025 तक पूरा होगा। इधर दाहोद के पास कतवारा से झाबुआ के बीच भी पटरी बिछाने का काम हो रहा है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करना है इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। इस लिहाज से यह परियोजना रेलवे के साथ गुजरात और मप्र राज्य के लिए भी काफी अहम है। इसलिए इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम किया जा रहा है। परियोजना में सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। recent visitors 52

कन्या महाविद्यालय में एनसीसी दिवस पर प्रेरक और जीवंत कार्यक्रमों का आयोजन हुआ

विदिशा एनसीसी दिवस के अवसर पर आज राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा में एक प्रेरक और जीवंत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।कार्यक्रम में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विकास गुप्ता सौर्य चक्र 14 एमपी बटालियन एनसीसी विदिशा के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में यह उत्सव, सीखने और सौहार्द का दिन है जिसमें सोच-समझकर नियोजित गतिविधियों की एक श्रृंखला थी। जिसने उपस्थित सभी लोगों पर एक स्थायी छाप छोड़ी।   कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत पारंपरिक सरस्वती पूजा के साथ हुई, जिसमें ज्ञान और शिक्षा की देवी का आशीर्वाद लिया गया जिसमें महाविद्यालय स्टाफ और कैडेटों ने पूर्ण तन्मयता से सहभागिता निभाई है। कार्यक्रम में  जीवंत सांस्कृतिक प्रदर्शनों का एक क्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों की प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। कैडेट्स द्वारा लोक नृत्य, मधुर गीत की प्रस्तुति दी गई।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता पांडे ने कैडेट्स से कहा कि आत्मविश्वासी नागरिकों को आकार देने में एनसीसी के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। उन्होंने जीवन में समय का सब काम हो इसके लिए पाबंद किया है।      एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने कैडेट्स की उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही प्रोफेसर रवि रंजन (राजनीति विज्ञान विभाग) द्वारा विशेष सशक्त भाषण के साथ सभा को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। हवलदार गणेश घाडगे ने अपनी व्यावहारिक अंतर्दृष्टि और उपाख्यानों के साथ कैडेटों को अपने जीवन में अनुशासन और दृढ़ संकल्प को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।    कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स के साथ-साथ महाविद्यालय की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिन्होंने अनुशासन और उत्साह का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के बीच एकता और नेतृत्व की भावना पैदा करने के लिए इंटरैक्टिव सत्र और टीम-निर्माण गतिविधियां आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। recent visitors 41

मालवा में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने से किसानों ने गेहूं की बोवनी को प्राथमिकता दी, गेहूं के रेट में 150 रुपये की आई मंदी

उज्जैन इस वर्ष उज्जैन जिले में गेहूं को बोवनी का रकबा बढ़ गया है। करीब 4.50 लाख हेक्टेयर में बोवनी की गई है। 90 फीसद खेतों में बीज बो दिया गया है। बोवनी के बाद गेहूं में करीब 150 रुपये क्विंटल की मंदी आ गई। मालवा में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने से किसानों ने गेहूं की बोवनी को प्राथमिकता दी है। चने को बोवनी मात्र 10 हजार हेक्टेयर में की गई है। गेहूं का रकबा 4.50 लाख हेक्टेयर हो गया है। बीते सप्ताह तक गेहूं-बीज की मांग जबरदस्त होने से भाव काफी तेज थे। चमक वाला गेहूं 3500 रुपया क्विंटल बिक रहा था, लेकिन बीज के गेहूं की मांग समाप्त होते ही भाव में करीब 150 रुपया की मंदी आ गई। क्योंकि देशावर में मांग कमजोर है। मिल क्वालिटी के भाव भी कम हो गए हैं। आटा मिल वालों के उत्पाद आटा, रवाई, मैदा में भी बिक्री कम हो गई है। इस वर्ष सीजन से अब तक गेहूं में 500 से 600 रुपये क्विंटल की तेजी रही। स्टाकिस्टों को गेहूं का स्टॉक फलीभूत हो गया। अधिक उत्पादन वाले गेहूं की बोवनी अधिक किसानों की माने तो इस बार अधिक उत्पादन वाली किस्म के गेहूं की बोवनी ज्यादा की गई। हालांकि यह गेहूं उत्पादन वाले गेहूं लोकवन, पूर्णा, शरबती किस्म से काफी कम भाव में बिकता है। किसानों के अनुसार अब हर क्षेत्र में पानी की उपलब्धता पर्याप्त होने से पोषक, मालवराज, तेजस, 513 किस्म की बोवनी काफी की गई है। बनिस्बत अन्य किस्म के। इस बार भी इस क्वालिटी के गेहूं बीज की मांग काफी रही। तेजी भी सीजन से ऑफ सीजन तक इस गेहूं में ही जबदस्त आई है। स्टॉक के डर ने मंदी ला दी बता दे केंद्र सरकार के पास गेहूं का कम स्टॉक है। ऐसे में बीते 6 माह ओपन सेल स्कीम के तहत इन लाइन गेहूं नहीं बेच पा रही है। गरीब उपभोक्ताओं को भी गेहूं की जगह चावल खिला रही है। ऐसे में बीते महीने तक गेहूं के भाव में काफी तेजी रही, लेकिन सरकार ने स्टाक सीमा लागू कर रखी है। इस डर से आटा प्लाट व बड़े स्टॉकिस्टों ने अपना स्टॉक बेचना शुरू कर दिया, जबकि लेवाली कमजोर है। नतीजतन इस सप्ताह मंदी आ गई। recent visitors 83

मन की बात कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के लिए इन्दौर की हुई प्रशंसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मध्यप्रदेशवासियों द्वारा सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। यह निश्चित रूप से सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के "मन की बात" कार्यक्रम से सदैव कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम के 116 वां संस्करण सुनने के बाद यह विचार व्यक्त किए। इंदौर की रेवती हिल्स इलाके में हुए पौधरोपण का हुआ उल्लेख रविवार 24 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान अंतर्गत इंदौर में पेड़ लगाने के बने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में अभियान अंतर्गत 24 घंटे में 12 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए। अभियान में हुई जन-सहभागिता से इंदौर की रेवती हिल्स का बंजर इलाका अब ग्रीन जोन में बदल जाएगा। डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल क्रांति में बुजुर्गों को भागीदार बनाने के लिए युवाओं द्वारा की जा रही पहल के अंतर्गत भोपाल के महेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मोहल्ले के कई बुजुर्गों को मोबाइल के माध्यम से पेमेंट करना सिखाया है। इन बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन तो था, लेकिन उसका सही उपयोग बताने वाला कोई नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आहवान किया कि बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट के खतरे से बचाने के लिए भी युवा आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बार-बार लोगों को समझना होगा कि डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं है। यह सरासर झूठ है, लोगों को फसाने का एक षड्यंत्र है। यह प्रसन्नता का विषय है कि देश के युवा जागरूकता के इस काम में पूरी संवेदनशीलता से हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। 11-12 जनवरी को दिल्ली में होगा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 'मन की बात' देश के सामूहिक प्रयासों,  उपलब्धियों, जन-जन के सामर्थ्य,  युवा सपनों और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं की बात है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में एनसीसी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी भी कैरियर के लिए व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि 11-12 जनवरी को दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आय़ोजन हो रहा है। इसमें गांव, ब्लॉक, जिलों, राज्यों से लगभग दो हजार युवा भाग लेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को भी किताबों से दोस्ती करने के लिए पहल करना चाहिए। उन्होंने ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट के संबंध में भी चर्चा की। पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता जरूरी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बायोडायवरसिटी बनाए रखने में गौरेया (स्पेरो) पक्षी का विशेष महत्व है। इस पक्षी की वापसी के लिए विभिन्न राज्यों में अनोखे प्रयास हो रहे हैं। अपने आसपास और सभी के ऐसे प्रयास करने से गौरेया फिर से हमारे जीवन का हिस्सा बन सकती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरकारी दफ्तरों में पुरानी फाइलों और स्क्रेप को हटाने के लिए चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान का उल्लेख भी किया तथा प्लास्टिक वेस्ट और अनुपयोगी समझीं जाने वाली चीजों को री-साईकल कर कचरे से कंचन बनाने के विचार को अमल में लाने की अपील भी की।   recent visitors 63

दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है, IMD ने 7 राज्यों के लिए जारी किया रेड और ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली इस समय देश में मौसम में बड़ा बदलाव हो रहा है। जहां एक ओर उत्तर भारत में घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं दूसरी ओर दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो रही है, जिससे मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने दो चक्रवाती तूफान आने की चेतावनी दी है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। दो चक्रवाती तूफान आने का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस समय पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर, दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो गया है। इस कारण एक लो प्रेशर एरिया बन गया है, जो धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 25 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक डिप्रेशन के रूप में तेज हो सकता है। इसके बाद यह तूफान तमिलनाडु और श्रीलंका के तट की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा, एक पश्चिमी विक्षोभ भी अफगानिस्तान के पास सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से भी मौसम में बदलाव हो सकता है। इन राज्यों में होगी भारी बारिश मौसम विभाग ने 25-29 नवंबर तक भारी बारिश के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। यह भारी बारिश मुख्य रूप से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में देखने को मिल सकती है। ठंड बढ़ने की संभावना उत्तर भारत में ठंड बढ़ने लगी है। उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान गिर रहा है, जिससे ठंड का असर बढ़ने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 24 और 28-30 नवंबर के दौरान सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। हिमाचल प्रदेश में 27-29 नवंबर तक ठंड बढ़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 28-30 नवंबर के बीच घना कोहरा छा सकता है। दिल्ली, राजस्थान, बिहार, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी धुंध छाने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में गिरावट मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, जैसे हरियाणा के हिसार और राजस्थान के सीकर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। समग्र प्रभाव इस समय का मौसम बहुत ही बदलाव से भरा हुआ है, जिसमें ठंडी और बारिश दोनों का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर जब तूफान और भारी बारिश के कारण परिस्थितियां बदल सकती हैं। recent visitors 103