मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दौरा प्रवासी भारतीयों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश पटल पर स्थापित करने के अपने अभियान को नई ऊंचाई देते हुए आज अपने बहुप्रतीक्षित यूके दौरे की शुरुआत की। इस दौरे का उद्देश्य प्रदेश में विदेशी निवेश को आकर्षित करना, वैश्विक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना और प्रवासी भारतीयों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को सुबह 10 (GMT) बजे ब्रिटिश संसद के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां उनका स्वागत ब्रिटिश सांसद बैरोनेस (संदीप के वर्मा) करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सांसद बैरोनेस वर्मा के साथ ब्रिटिश संसद का भ्रमण करेंगे। संसद भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्लियामेंट्री स्क्वायर, वेस्टमिंस्टर में प्रतिष्ठित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पहुंच कर उन्हें आदरांजलि समर्पित करेंगे। दोहपर में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सेंट जेम्स कोर्ट, ताज होटल, एडवर्डियन में आयोजित भोज की मेजबानी करेंगे। दोपहर भोज में ब्रिटिश सांसद सुश्री बैरोनेस वर्मा, श्री अशोक वर्मा, लॉर्ड कुलवीर सिंह, श्री बॉब ब्लैकमैन और श्री वीरेंद्र शर्मा के साथ ही ब्रिटिश प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टेबल स्ट्रीट, लंदन स्थित किंग्स क्रॉस साइट का दौरा करेंगे। यहां प्रदेश के प्रशासनिक एवं व्यापार प्रतिनिधियों और फिक्की के डॉ. परम शाह और किंग्स क्रॉस प्रबंधनके सीईओ श्री टॉम गुडॉल के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के संबंध में चर्चा करेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव शाम को टेम्स नदी में क्रूज से नौका विहार करेंगे। शाम 6 बजे बेडफोर्ड-वे, लंदन स्थित रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी भारतीयों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। चर्चा उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेहमानों के लिए आयोजित रात्रि भोज की मेजबानी करेंगे।   recent visitors 56

भिलाई के एक भक्त ने गुप्त दान में बाबा महाकाल को चांदी की पालकी भेंट की

उज्जैन बाबा महाकाल के दरबार में छत्तीसगढ़ के एक शख्स ने रजत पालकी भेंट की। इसकी कीमत करीब 22 लाख रुपए बताई जा रही है। हालांकि, इसे दान करने वाले भक्त ने अपना नाम गुप्त रखा है। 100 दिन में बनकर तैयार हुई पालकी जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के भिलाई के एक भक्त ने गुप्त दान में बाबा महाकाल को चांदी की पालकी भेंट की। धर्मास्त्र पुजारी भावेश व्यास, लोकेंद्र व्यास की प्रेरणा से लगभग 100 दिनों में यह पालकी लगभग 20 किलो 600 ग्राम तैयार हुई है। पालकी पूजन में मंदिर समिति के सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी, राम जी पुजारी समिति सदस्य रामनाथ जी महाराज भरतरीगुफा, प्रशांत त्रिपाठी विशेष सबसे उपस्थित थे।   सुंदर तरीके से तैयारी की गई पालकी पुजारी भावेश व्यास ने बताया कि आज मार्गशीष मास की कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को छत्तीसगढ़ के भिलाई से आए जजमान ने महाकालेश्वर मंदिर समिति को रजत पालकी दान की है। उनकी काफी समय से इच्छा थी कि बाबा महाकाल को कुछ भेंट की जाए। भगवान महाकाल की पालकी बहुत सुंदर तरीके से तैयार की गई है। रजत पालकी में क्या है खास? पुजारी ने आगे बताया कि पालकी में भगवान को सूर्य मंडित किया गया है। स्वस्तिक अर्पित किया गया है। आगे के भाग में 2 सिंह का अनावरण किया गया है। कमल पुष्प से पालकी को सजाया गया है। इसे उज्जैन में बनवाया गया है। recent visitors 119

केंद्र ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए, 40 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एकरूपता सुनिश्चित हो

नई दिल्ली केंद्र ने कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण और पदों की पहचान सुव्यवस्थित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें ऐसे पदों की समय-समय पर पहचान और उनका मूल्यांकन करने के लिए समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है। दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई पद दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उपयुक्त समझा जाता है, तो उसके बाद के सभी पदोन्नति वाले पद भी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित रहेंगे। ये दिशानिर्देश दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप हैं। यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम, 2016 के कार्यान्वयन में विसंगतियों को चिन्हित करने तथा पदों की पहचान करने में अनधिकृत कार्यों के लिए केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) जैसी संस्थाओं की आलोचना करने के बाद उठाया गया है। उच्च न्यायालय ने इस महीने की शुरुआत में टिप्पणी की थी कि केवीएस ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए स्वतंत्र रूप से पदों की पहचान करके अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है और विभिन्न विभागों के बीच अधिनियम की समझ में विसंगतियों को उजागर किया है। अदालत ने इसके साथ दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) को एक समान दिशानिर्देश स्थापित करने का आदेश दिया। अद्यतन दिशानिर्देशों का उद्देश्य केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में दिव्यांग व्यक्तियों के रोजगार में समावेशिता, निष्पक्षता और एकरूपता सुनिश्चित करना है। नये दिशा-निर्देशों में मंत्रालयों और विभागों से दिव्यांग के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समितियां गठित करने को कहा गया है, ताकि सभी पदों की उपयुक्तता का आकलन किया जा सके। दिशानिर्देश के मुताबिक प्रौद्योगिकीय प्रगति और उभरती नौकरी आवश्यकताओं को शामिल करने के लिए चिह्नित पदों की हर तीन साल में व्यापक समीक्षा आवश्यक है। दिशा-निर्देशों में दृष्टि बाधित, चलने-फिरने में अक्षमता, श्रवण बाधिता और बौद्धिक अक्षमता सहित विभिन्न श्रेणियों में सीधी भर्ती और पदोन्नति में चार प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त दिशानिर्देश लंबित रिक्तियों को समय पर भरने, पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार तथा आरक्षण नीतियों से छूट के लिए तीन वर्ष की वैधता अवधि पर भी जोर देते हैं। राष्ट्रीय दिव्यांगजन रोजगार संवर्धन केन्द्र (एनसीपीईडीपी) के कार्यकारी निदेशक अरमान अली ने कहा कि मानक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त पदों की पहचान करना केवल आरक्षण संबंधी अनिवार्यताओं को पूरा करना नहीं है; यह करियर विकास को सक्षम करने की दिशा में एक कदम है।   recent visitors 75

मंकीपॉक्स संक्रमण कई तरह से स्वास्थ्य को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाने वाला हो सकता है, कई देशों में फिर बढ़ने लगे उसके मामले

नई दिल्ली पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई देशों में संक्रामक बीमारियों के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। साल 2019 के अंत में शुरू हुई कोरोना महामारी के बाद मंकीपॉक्स संक्रमण ने भी लोगों को खूब परेशान किया। मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) संक्रमण कई तरह से स्वास्थ्य को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाने वाला हो सकता है। न सिर्फ इसका संक्रमण दर ज्यादा है, बल्कि संक्रमण की स्थिति में गंभीर जटिलताओं का जोखिम भी अधिक हो सकता है। मंकीपॉक्स के वैश्विक खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसे दो बार 'स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर चुका है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई देशों में एक बार फिर से मंकीपॉक्स के मामले रिपोर्ट होने शुरू हो गए हैं। पब्लिक हेल्थ एजेंसी ऑफ कनाडा (पीएचएसी) ने जानकारी दी है कि देश में पहली बार क्लेड-1बी स्ट्रेन के मामले की पुष्टि की गई है। क्लेड-1 संक्रमण के कारण मृत्युदर और संक्रमण दोनों का खतरा अधिक माना जाता रहा है। इससे संक्रमित लोगों में एन्सेफलाइटिस और निमोनिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है। पीएचएसी ने एक रिपोर्ट में बताया कि संक्रमित व्यक्ति ने हाल ही में एमपॉक्स प्रभावित देश की यात्रा की थी। वहां से लौटते ही उसमें संक्रमण के लक्षण देखे गए। मंकीपॉक्स की पुष्टि के बाद संक्रमित को आइसोलेट किया गया है। इसके साथ संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की भी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। वैसे तो क्लेड II मंकीपॉक्स के मामले 2022 से कनाडा में देखे जाते रहे थे, लेकिन यह देश में क्लेड I मंकीपॉक्स का पहला पुष्ट मामला है। इससे पहले 15 नवंबर कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ ने अमेरिका में भी क्लेड 1 मंकीपॉक्स के पहले की पुष्टि की। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संक्रमण के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए फिर से सभी देशों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। मंकीपॉक्स और इसका जोखिम स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को मंकीपॉक्स के जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है, विशेषतौर पर जिन देशों में इसके मामले इन दिनों रिपोर्ट किए जा रहे हैं। एमपॉक्स (मंकीपॉक्स), मंकीपॉक्स वायरस से होने वाला एक संक्रामक रोग है। इससे दर्दनाक दाने, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स के साथ तेज बुखार हो सकता है। इसका प्रकोप मुख्यरूप से समलैंगिक, बाइसेक्सुअल लोगों में अधिक देखा जाता रहा है। इसके नए स्ट्रेन क्लेड 1 के कारण अपेक्षाकृत अधिक स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को इसके कारण मस्तिष्क में सूजन होने का जोखिम हो सकता है। recent visitors 99

शोपियां के हीर पोरा जंगल में मिली चट्टानों पर पाई गई ये नक्काशी हिंदू देवताओं और प्रतीकों को दर्शाती प्रतीत होती है

शोपियां जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में स्थित हीर पोरा के घने जंगल में प्राचीन नक्काशी और संरचनाएं खोजी गई हैं, जिससे क्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास की झलक मिलती है। पहाड़ की चट्टानों पर पाई गई ये नक्काशी हिंदू देवताओं और प्रतीकों को दर्शाती प्रतीत होती है, हालांकि इस मामले में सटीक जानकारी अभी भी अपेक्षित है। ऊंची-ऊंची पहाड़ियों पर उकेरी गई नक्काशियों में हिंदू देवी-देवताओं की आकृतियां और प्रतीक चिह्न दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इन देवी-देवताओं की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। नक्काशियों में देवी-देवताओं के प्रतीक चिह्न इस बात का संकेत हैं कि यह स्थान प्राचीन समय में धार्मिक गतिविधियों और पूजा-अर्चना का केंद्र रहा होगा। ये नक्काशियां स्थानीय ग्रामीणों और वन पथों की खोज करने वाले पर्वतारोहियों को मिली। उनमें देवताओं की छवियां, प्रतीक और प्राचीन लेखन के धुंधले निशान शामिल हैं। यह स्थल हीर पोरा में मुगल रोड से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां केवल पैदल ही पहुंचा जा सकता है। इस खोज तक पहुंचने के लिए कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। आगे की खोज से इन प्राचीन नक्काशियों के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। ऐसी खोज न केवल स्थानीय इतिहास को समझने में मदद करती हैं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होती हैं। स्थानीय इतिहासकारों और पुरातत्वविदों को साइट की जांच करने और इसकी महत्व की पुष्टि करने के लिए कहा गया है। एक स्थानीय प्रबुद्ध ने कहा, "यह खोज हमें क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद कर सकती है।" ग्रामीणों को इस खोज पर गर्व है और उम्मीद है कि यह शोपियां के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करेगी। उन्होंने नक्काशी को क्षति और क्षरण से बचाने की भी अपील की। इस खोज ने इतिहासकारों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों के बीच रुचि जगा दी है, जो इस स्थल को संरक्षित करने के लिए तत्काल प्रयास करने का आग्रह कर रहे हैं। यह खोज हमें कश्मीर में छिपे समृद्ध इतिहास की याद दिलाती है, जिसे तलाशने और समझने की जरूरत है। recent visitors 76

राष्ट्रीय युवा महोत्सवल: विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग की थीम पर केन्द्रित चार स्टेज में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा

भोपाल हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रीय युवा महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है, जो बेहद खास और अलग होगा। विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग की थीम पर केन्द्रित चार स्टेज में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें युवाओं द्वारा मायभारत पोर्टल पर 25 नवंबर से 5 दिसंबर 2024 तक सहभागिता की जा सकेगी। इसमें 15 से 29 वर्ष के युवा हिस्सा ले सकते हैं। पहले चरण में विकसित भारत की थीम पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन मायभारत पोर्टल पर होगा। इसमें से चुने गए प्रतिभागी दूसरे चरण में ऑनलाइन निबंध लेखन में भाग लेंगे। तीसरे लेवल पर स्टेट चैंपियनशिप भोपाल में और चौथी और आखिरी चरण में नेशनल चैंपियनशिप नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की जायेगी। नेहरू युवा केन्द्र भोपाल की अधिकारी सुश्री मोनिका चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा यंग माइंड को अपने देश की संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से जोड़ना होगा और साथ ही युवाओं से संवाद कर उनके विचार को प्रमुखता के साथ राष्ट्रीय स्तर पर साझा करना होगा। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग" राष्ट्रीय युवा महोत्सव के दौरान 11 और 12 जनवरी 2025 को आयोजित होगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में 3000 युवा नेताओं के साथ संवाद करेंगे। इन युवा नेताओं में से 1500 प्रतिभागियों का चयन "विकसित भारत चैलेंज" के माध्यम से माय भारत प्लेटफ़ॉर्म पर किया जाएगा। राष्ट्रीय युवा महोत्सव – "विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग" का उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को पहचानना और उसे प्रोत्साहित करना है, जिससे उन्हें "विकसित भारत" के लिए अपने विचार साझा करने का एक मंच मिल सके। आयोजन का मुख्य आकर्षण यह होगा कि युवा सीधे प्रधानमंत्री के साथ संवाद कर सकेंगे और भारत के भविष्य के लिए अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे राजनीति और सामाजिक जीवन में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।   recent visitors 159

उत्तर कोरिया पर यूक्रेन ने किया सबसे बड़ा मिसाइल हमला, इस हमले में 500 सैनिकों की मौत, दहल उठा रूस

सियोल रूस के पश्चिमी कु‌र्स्क क्षेत्र में कीव की ओर से किए गए मिसाइल हमले में 500 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए। ग्लोबल डिफेंस कार्प का हवाला देते हुए योनहाप समाचार एजेंसी ने दावा किया कि कु‌र्स्क क्षेत्र पर स्टार्म शैडो मिसाइल से यूक्रेन ने हमला बोला था। उत्तर कोरिया ने रूस में 10,000 से अधिक सैनिक भेजे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि कु‌र्स्क में युद्ध में शामिल उत्तर कोरियाई सैनिक हताहत हुए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, रूस ने कु‌र्स्क क्षेत्र में सैन्य अभियान तेज कर दिया है। वह यूक्रेनी सेना को पीछे धकेलने में कामयाब भी हो रही है। इस अभियान के कारण यूक्रेन ने कु‌र्स्क में कब्जा किए गए क्षेत्र का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खो दिया है। अगस्त में हमले के बाद लगभग 1,376 वर्ग किलोमीटर पर यूक्रेनी सेना ने नियंत्रण कर लिया था। अब यह लगभग 800 वर्ग किलोमीटर बचा है।   आगे बढ़ रही है रूसी सेना कु‌र्स्क में हमले का कीव का उद्देश्य पूर्वी और उत्तर पूर्वी यूक्रेन में रूसी हमलों को रोकना था। इसका शुरुआत में लाभ भी दिखा, लेकिन अब रूसी सेना यूक्रेन के पूर्वी डोनेट्स्क में आगे बढ़ रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उनका मानना है कि रूसी राष्ट्रपति का मुख्य उद्देश्य पूरे डोनबास पर कब्जा करना था, जिसमें डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्र शामिल हैं। पुतिन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात हमें कु‌र्स्क क्षेत्र से बाहर धकेलना है। वह हमें 20 जनवरी तक क्षेत्र से बाहर धकेलना चाहते हैं, जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। रूस ने कीव पर ड्रोन से बोला हमला यूक्रेन ने कीव पर ड्रोन से हमला बोला। यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली की ओर से कीव क्षेत्र को निशाना बनाने का प्रयास करने वाले 10 ड्रोनों को नष्ट कर दिया गया। रात भर के दौरान यूक्रेन ने 73 ड्रोन गिराने का दावा किया है। किसी तरह के नुकसान की अब तक सूचना नहीं है। वहीं यूक्रेन ने भी कु‌र्स्क क्षेत्र में ड्रोन से हमला बोला है। रूस ने इनमें से 27 ड्रोन को मार गिराया है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध पिछले एक हजार दिनों से जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि वह सत्ता में आने के बाद यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को रुकवा देंगे। अब पूरी दुनिया की निगाहें इसी पर टिकीं हैं। recent visitors 77