अब RBI के कस्टमर केयर सेंटर को मिली धमकी, खुद को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख बताया

नई दिल्ली हाल के दिनों में देश के एयरपोर्ट को धमकी भरे फोन कॉल आए थे। अब रिजर्व बैंक इंडिया के कस्टमर केयर में कॉल करके धमकी दी गई है। मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कस्टमर केयर सेंटर को रविवार को एक धमकी कॉल मिली, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख बताया। अधिकारियों के अनुसार, कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को "लश्कर-ए-तैयबा का सीईओ" बताते हुए अधिकारियों से कहा कि वे बैंक के पीछे वाले रास्ते को ब्लॉक कर दें क्योंकि एक इलेक्ट्रिक कार खराब हो गई है। इस कॉल के बाद आरबीआई अधिकारियों ने मामले को तुरंत मुंबई पुलिस को सूचित किया और पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी ली, लेकिन किसी भी संदिग्ध वस्तु या घटना का कोई पता नहीं चला। अधिकारियों ने कहा कि इस धमकी कॉल की जांच शुरू कर दी गई है और कॉलर की पहचान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले की छानबीन के लिए साइबर ट्रैकिंग तकनीकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, ताकि कॉल करने वाले व्यक्ति को पकड़ा जा सके। यह घटना एक गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में सामने आई है, क्योंकि ऐसे धमकी कॉल आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हो सकते हैं। पुलिस और आरबीआई अधिकारियों ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। recent visitors 107

नेतन्याहू के घर हिजबुल्लाह ने दागे 2 रॉकेट, एक बार फिर हुआ हुआ हमला, अब इजरायल ने दी अंजाम भुगतने की धमकी

इजरायल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के घर को एक बार फिर हमला झेलना पड़ा। हिजबुल्लाह द्वारा दागे गए दो रॉकेट उनके घर के पास स्थित कैसरिया क्षेत्र में गिरे। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला शुक्रवार को हुआ, जब हिजबुल्लाह ने लेबनान से इजरायल की ओर दो रॉकेट दागे। दोनों रॉकेट नेतन्याहू के घर के बगीचे में गिरे, हालांकि किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। इजरायल की सेना ने घटना के बाद तुरंत इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी और हमले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीमा पर कई झड़पें हो चुकी हैं। यह हमले की नई कड़ी है। इजरायल ने इस हमले को गंभीर चेतावनी के रूप में लिया है और हिजबुल्लाह को परिणाम भुगतने की धमकी दी है। हमले के वक्त नेतन्याहू और उनके परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे। इससे कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। शिन बेत ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हमले के बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच शुरू कर दी है। ईरान का संकल्प इससे पहले ईरान के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने बीते गुरुवार को संकल्प लिया कि ईरान निश्चित रूप से अपने क्षेत्र पर हुए हालिया हमले के लिए इजरायल को कुचलने वाला जवाब देगा। यह जानकारी आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना के मुख्य कमांडर अब्दुलरहीम मौसवी ने पिछले महीने के अंत में ईरान में सैन्य स्थलों पर हुए इजरायली हमले में मारे गए ईरानी वायु सेना के एक सदस्य के परिवार के साथ मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की। उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि "हम प्रतिक्रिया का समय और तरीका निर्धारित कर रहे हैं और जब आवश्यक होगा, हम कोई हिचकिचाहट नहीं करेंगे। हमारी प्रतिक्रिया निश्चित रूप से कुचलने वाली होगी।" इजरायल रक्षा बलों ने 26 अक्टूबर को घोषणा किया था कि उसने ईरान द्वारा हाल में किए गए हमलों के जवाब में ईरान में लक्ष्य पर सटीक और लक्षित हवाई हमले किए। ईरान के वायु रक्षा मुख्यालय ने दावा किया कि उसने इजरायल के हमले का सफलतापूर्वक मुकाबला किया, जिसके परिणामस्वरूप केवल सीमित क्षति हुई। recent visitors 72

चैंपियंस ट्रॉफी जनवरी के महीने में भारत आएगी, आईसीसी ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर लगातार रिपोर्ट्स पर रिपोर्ट्स आ रही हैं। इस बीच इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड यानी आईसीसी ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि चैंपियंस ट्रॉफी जनवरी के महीने में भारत आएगी। इसका मेजबानी से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि बड़े टूर्नामेंट से पहले आईसीसी एक ट्रॉफी टूर आयोजित करती है। इसी के तहत पाकिस्तान से आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भारत आने वाली है। इसी का ऐलान आईसीसी ने आधिकारिक तौर पर किया है। आईसीसी ने मीडिया रिलीज में बताया है कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का ट्रॉफी टूर 16 नवंबर से शुरू हो गया है, जो 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। सबसे आखिर में चैंपियंस ट्रॉफी भारत आएगी। 16 से 25 नवंबर तक पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में ट्रॉफी टूर होगा, जबकि अगले दिन ट्रॉफी अफगानिस्तान पहुंच जाएगी। अफगानिस्तान में 26 से 28 नवंबर तक ट्रॉफी टूर होगा और फिर 10 से 13 दिसंबर तक ट्रॉफी बांग्लादेश में रहेगी। वहीं, 15 से 22 दिसंबर तक चैंपियंस ट्रॉफी का टूर साउथ अफ्रीका में होगा। साउथ अफ्रीका के बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का ट्रॉफी टूर ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगा, जहां 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ट्रॉफी देश के अलग-अलग शहरों में जाएगी। वहीं, 6 जनवी से 11 जनवरी तक ट्रॉफी न्यूजीलैंड में रहेगी और फिर 12 से 14 जनवरी तक इंग्लैंड में ट्रॉफी घूमेगी। इसके बाद आएगा भारत का नंबर। भारत में चैंपियंस ट्रॉफी 15 से 26 जनवरी तक रहेगी। इसके बाद ट्रॉफी पाकिस्तान जाएगी। पाकिस्तान में 27 जनवरी को एक इवेंट रखा गया है। इसके बाद टूर्नामेंट की बाकी तैयारियां शुरू हो जाएंगी। फरवरी-मार्च में ये टूर्नामेंट खेला जाना है। हालांकि, अभी तक जो रिपोर्ट सामने आ रही हैं कि उनके मुताबिक पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल पर इस टूर्नामेंट को आयोजित करना पड़ेगा। भारत के तीन लीग मैच, एक सेमीफाइनल और फाइनल मैच दुबई में खेले जा सकते हैं। recent visitors 108

वास्तविक मूल्य पर मिल सकेगा बैंक लोन, गाइड लाइन मूल्य पर ही लगेगा रजिस्ट्री शुल्क

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति खरीदने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। अब किसी भी प्रापर्टी की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर से सौदे की रकम अधिक होने पर भी रजिस्ट्री शुल्क गाइड लाइन दर के अनुसार ही लिया जाएगा। इससे बैंक लोन पर निर्भर मध्यम वर्गीय परिवार को वास्तविक मूल्य के आधार पर ऋण मिल सकेगा।   उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले से विशेषकर उन नागरिकों को लाभ होगा, जो बैंक ऋण के माध्यम से संपत्ति खरीदते हैं। पूर्व में संपत्ति की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर और सौदे की राशि में जो भी अधिक होता था, उस पर रजिस्ट्री शुल्क देना आवश्यक था। उदाहरण के लिए यदि किसी संपत्ति का गाइड लाइन मूल्य 10 लाख रुपये है और उसका सौदा 15 लाख में हुआ, तो रजिस्ट्री शुल्क 15 लाख पर 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये देना पड़ता था। इस नियम में संशोधन के बाद संपत्ति खरीदने वाले अब सौदे की रकम गाइड लाइन दर से अधिक होने पर भी वास्तविक मूल्य को अंकित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई रजिस्ट्री शुल्क नहीं देना होगा। 10 लाख रुपये की गाइड लाइन मूल्य वाली प्रॉपर्टी का सौदा 15 लाख में होता है, तो भी रजिस्ट्री शुल्क 10 लाख के 4 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये देय होगा। इस तरह 20 हजार रुपये की बचत होगी। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस संशोधन से मध्यम वर्गीय परिवारों को वास्तविक मूल्य के आधार पर अधिक बैंक ऋण प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इसके अलावा यह निर्णय संपत्ति बाजार में पारदर्शिता व स्पष्टता को बढ़ाने में भी सहायक होगा और इससे वास्तविक मूल्य दर्शाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।    देश के अन्य राज्यों में जमीन की गाइडलाइन कीमत या सौदा मूल्य दोनों में से जो ज्यादा हो उस पर पंजीयन शुल्क लगता है। केवल मध्य प्रदेश में गाइडलाइन कीमत से अधिक सौदा मूल्य दर्शाने पर उसमें पंजीयन शुल्क में छूट दी गई है। इसके कारण वहां लोगों में वास्तविक सौदा मूल्य को रजिस्ट्री पेपर में लिखने की प्रवृत्ति में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।   वर्तमान में किसी संपत्ति का सौदा मूल्य सामान्यतः गाइडलाइन मूल्य से बहुत ज्यादा होता है। लेकिन लोग गाइडलाइन मूल्य या इसके आसपास का ही सौदा मूल्य अंकित करते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि अगर वास्तविक सौदा राशि अंकित कर देंगे, तो पंजीयन शुल्क गाइडलाइन मूल्य या वास्तविक सौदा राशि दोनों में से जो ज्यादा हो उस पर लगेगा। अधिक पंजीयन शुल्क से बचने के लिए लोग गाइडलाइन कीमत या इसके आसपास पूर्णांकित करते हुए सौदा मूल्य डाल देते हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल का सीधा लाभ राज्य के सभी मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा क्योंकि अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार संपत्ति खरीदने के लिए बैंक लोन पर निर्भर रहते हैं। बैंक लोन रजिस्ट्री पेपर में दिखाए गए सौदे के रकम के आधार पर मिलता है, लोग पंजीयन शुल्क से बचने के लिए गाइडलाइन कीमत के बराबर सौदा मूल्य दिखाते हैं।कम सौदा कीमत दिखाएं जाने से बैंक लोन भी कम मिलता है।इस नीति से आमजनों को न्यायिक प्रकरणों में भी संपत्ति का वास्तविक मूल्य प्राप्त होगा। यदि कभी संपत्ति में कुछ धोखाधड़ी पायी गई तो व्यक्ति विक्रेता से वही मुआवजा पाने का हकदार होता है, जो रजिस्ट्री पेपर में लिखा हुआ। संपत्ति का सही मूल्य रजिस्ट्री में अंकित होने से प्रभावित व्यक्ति को उसका सही मुआवजा प्राप्त हो पायेगा। recent visitors 57

साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध बस्तर के धुड़मारास गांव की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई स्थापित

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के छोटे से गांव धुड़मारास ने देश और दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाई है। बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धुड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है।   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग की टीम के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुड़मारास की सफलता का मुख्य श्रेय यहां के स्थानीय निवासियों को जाता है, जिन्होंने अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक पर्यटक स्थल में बदल दिया है। धुड़मारास प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर के अदभुत आदिवासी जीवनशैली, पारम्परिक व्यंजन, हरियाली और जैव विविधता से समृद्ध यह गांव पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ही नहीं बल्कि रोमांचक स्थल है। धुड़मारास गांव दुनिया भर के उन 20 गांवों में से एक है जिसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुना गया है। धुड़मारास को इसकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संुदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण चुना गया है। उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होने से गांव को उन संसाधनों तक पहंुंच प्राप्त होगी जो इसके पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सांस्कृतिक संपत्तियों को बढ़ावा देने और ग्रामवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में मदद करेंगे। विश्व स्तर पर पर्यटन गांव के रूप में इस गांव की पहचान स्थापित होने का तात्पर्य यह भी है कि लंबे समय के बाद बस्तर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय है कि धुड़मारास तथा बस्तर के ही चित्रकोट गांव को इस वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला था।       प्रकृति की गोद में बसा धुड़मारास गांव घने जंगलों से घिरा हुआ है। गांव के बीच से बहती कांगेर नदी इसे मनमोहक बना देती है। बस्तर के लोग मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा रहे हैं, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाने से उन्हें रोजगार मिल रहा है। गांव के युवा पर्यटकों को आसपास के क्षेत्रों की सैर कराते हैं। स्थानीय खानपान के अंतर्गत पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक व्यंजन परोसे जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए ट्रैकिंग ट्रेल और कैंपिंग साइट विकसित करने सहित होम-स्टे की सुलभता हेतु पहल कर रही है। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है, जिससे ईलाके के रहवासी ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता होने के साथ आय संवृद्धि हो सके। राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु क्षेत्र में सड़कों और परिवहन सुविधाओं का विकास पर भी ध्यान दे रही है। बस्तर के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में देश के पर्यटकों सहित अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। वहीं स्थानीय हस्तशिल्प और कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।     छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं पर्यटन विभाग ने धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जिले के नागलसर और नेतानार में भी स्थानीय युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति द्वारा गांव में बहने वाली शबरी एवं कांगेर नदी में कयाकिंग एवं बम्बू राफ्टिंग की सुविधा पर्यटकों को मुहैया कराई जा रही है। साथ ही स्थानीय व्यंजन से पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक खान-पान का स्वाद मिल रहा है। गांव के युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति कांगेर नदी में कयाकिंग और बम्बू राफ्टिंग की सुविधाएं पर्यटकों को उपलब्ध करवाती है, जिससे इस समिति को अच्छी आमदनी हो रही है। यह पर्यटन समिति अब अपनी आय से गांव में पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।           बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास की कहानी यह साबित करती है कि जब सामुदायिक भागीदारी और शासन का सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक और सांस्कृतिक विकास संभव है। यह गांव अब बस्तर के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया है। यही वजह है कि कांगेर घाटी नेशनल पार्क के नागलसर और नेतानार में भी ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। recent visitors 98

हरियाणा टीईटी परीक्षा फॉर्म में सुधार करने आज अंतिम मौका, इसके बाद विंडो हो जाएगी बंद, परीक्षा 7 और 8 दिसंबर को होगी

नई दिल्ली हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा फॉर्म में सुधार करने का कल आखिरी मौका है। बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा की ओर से आज टीईटी करेक्शन विंडो को बंद कर दिया जाएगा। इसलिए, परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट https://bseh.org.in/home पर जाकर आवेदन पत्र में सुधार कर लें। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि हरियाणा बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि सुधार करने की अंतिम तिथि बीतने के बाद दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा। इसलिए समय पर अपनी गलती को सुधार लें। हरियाणा बोर्ड की ओर से हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमे टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को एक दिन के लिए बढ़ाया दिया गया था। नई तिथि के मुताबिक, कैंडिडेट्स को 15 नवंबर, 2024 तक का समय दिया गया था, जबकि पहले यह 14 नवंबर, 2024 थी। साथ ही यह जानकारी भी दी गई थी कि 17 नवंबर, 2024 तक करेक्शन विंडो ओपन रहेगी। इसके बाद किसी भी अनुरोध को पर विचार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए नीचे आसान स्टेप्स दिए जा रहे हैं, जिनको फाॅलो करके अभ्यर्थी आसानी से परीक्षा फॉर्म में करेक्शन कर सकते हैं।   सबसे पहले कैंडिडेट्स को बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जाना होगा। अब, होम पेज पर उपलब्ध हरियाणा टीईटी सुधार विंडो लिंक पर क्लिक करें। एक नया पेज खुलेगा, जहां उम्मीदवारों को लॉगिन विवरण दर्ज करना होगा। सबमिट पर क्लिक करें और आवेदन पत्र खुल जाएगा। आवेदन पत्र में बदलाव करें और सबमिट पर क्लिक करें। एक बार हो जाने पर, पुष्टिकरण पृष्ठ डाउनलोड करें। आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।   हरियारणा, एचटीईटी परीक्षा का आयोजन 7 दिसंबर और 8 दिसंबर को किया जाएगा। यह एग्जाम विभिन्न पालियों में कंडक्ट कराया जाएगा। जारी शेड्यूल के मुताबिक 7 दिसंबर 2024 को लेवल-III की परीक्षा शाम 3 बजे से 5.30 बजे तक ली जाएगी। लेवल-I की परीक्षा 8 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से 5.30 बजे तक ली जाएगी। इसी तारीख को लेवल-II की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक कंडक्ट कराई जाएगी। recent visitors 125

ईपीएफओ ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया: डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया है। राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में अपने मुख्य भाषण में डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ की परिवर्तनकारी यात्रा की सराहना की। उन्होंने ईपीएफओ द्वारा अपने सदस्यों के विशाल कोष का प्रबंधन करने को भी सराहा और पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों को बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म, शिकायत प्रबंधन के लिए कुशल प्रणाली और सेवा वितरण के सदस्य केंद्रित मॉडल के कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया। डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ कर्मचारियों से संगठन के नारे “हम हैं ना” को अपनाने का आग्रह किया और उन्हें लोगों की सेवा करने के उनके कर्तव्य की प्रतिदिन याद दिलाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सेवा का पैमाना कर्मचारियों द्वारा जरूरतमंद की समयानुसार मदद होती है। केंद्रीय मंत्री ने सेवाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेंशन कवरेज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ईपीएफओ के अधिकारियों और कर्मचारियों से सदस्यों की सेवा में ईमानदारी, समर्पण, सहानुभूति और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “संगठन के भीतर निरंतर कौशल वृद्धि और क्षमता निर्माण के प्रयास उभरती चुनौतियों के अनुकूल होने और सेवा वितरण में सुधार के लिए सर्वोपरि हैं।” इस बीच, ईपीएफओ में योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या 202-2023 में 6.85 करोड़ से 7.6 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 7.37 करोड़ हो गई है, जबकि इस अवधि के दौरान संगठन में योगदान देने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या 6.6 प्रतिशत बढ़कर 7.66 लाख हो गई है। ईपीएफओ ने पिछले वर्ष के 3,390 करोड़ रुपये के इसी आंकड़े की तुलना में बकाया राशि की वसूली में 55.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी, जो 5,268 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में निपटाए गए दावों की संख्या में भी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कार्यकारी समिति ने रिपोर्ट को केंद्रीय बोर्ड द्वारा अपनाने की सिफारिश की।   recent visitors 141