बुधनी सीट पर उपचुनाव में वोटिंग जारी, केंद्रीय मंत्री शिवराज ने जैत में डाला वोट

सीहोर  सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा उपचुनाव के लिए आज सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। मतदान से पहले सभी बूथों पर मॉक पोल हुआ। उप निर्वाचन के लिए बुधनी विधानसभा क्षेत्र में कुल 363 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर मतदान हो रहा है। निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधनी विधानसभा सीट पर सुबह 9 बजे तक 16.90% मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे। 17 नवंबर 2023 में बुधनी विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान में सुबह 9 बजे तक 14.33 प्रतिशत मतदान हुआ था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा में अपने गृहग्राम जैत में पहुंचकर मतदान किया। कलेक्टर, एसपी ने लिया जायजा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह एवं एसपी दीपक कुमार शुक्ला निरंतर मतदान केंद्रों का भ्रमण कर चल रहे मतदान की कार्रवाई का जायजा ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने मतदान केन्द्रों पर आए मतदाताओं से चर्चा भी की। इस दौरान उन्होंने मतदान सम्पन्न कराने वाले अधिकारी कर्मचारियों को व्यवस्थित ढंग से कार्रवाई संपादित करने के निर्देश दिए। महिला मतदाता भी उत्साहित मतदाताओं में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतार नजर आ रही है। सुबह से बड़ी संख्या में महिलाएं भी वोट डालने पहुंच रही हैं। इसी बीच सुबह कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल ने बकतरा के बूथ क्रमांक 9 पर पत्नी के साथ पहुंचकर मतदान किया।वहीं भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव ने मतदान केंद्र क्रमांक 54 पर पहुंचकर वोट डाला। भेरूंदा में मतदाताओं ने की शिकायत उधर, भेरूंदां के बूथ क्रमांक 260 जनपद पंचायत में मतदान की गोपनीयता भंग होने की शिकायत कुछ मतदाताओं द्वारा की गई। मतदाताओं ने कहा कि ईवीएम मशीन के पीछे कांच लगा है। इससे मतदान की गोपनीयता भंग हो रही है। बुधनी विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 1597 मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही 45 सेक्टर ऑफिसर-कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, 45 सेक्टर अधिकारी पुलिस तथा पांच फ्लाइंग स्क्वाड दल बनाए गए हैं। पैदल मतदान करने पहुंचीं बुजुर्ग कांताबाई 80 वर्ष की कांताबाई ने छिंदगांव काछी मतदान केंद्र क्रमांक 245 में मतदान किया। वह पैदल चलकर ही मतदान करने पहुंचीं। उनका कहना है कि सुबह पांच बजे ही उठकर मतदान करने के लिए तैयार हो गई थी। सबसे पहले मैं मतदान करने आई हूं। इधर युवा भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। 38 शतायु मतदाता करेंगे मतदाता बुधनी विधानसभा में कुल दो लाख 76 हजार 397 मतदाता हैं, जिनमें एक लाख 43 हजार 111 पुरुष मतदाता, एक लाख 33 हजार 280 महिला मतदाता तथा छह अन्य मतदाता तथा 194 सर्विस मतदाता हैं। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में 18-19 वर्ष आयु के 4048 मतदाता हैं। इसी प्रकार 20-29 वर्ष आयु के 67 हजार 562 मतदाता, 30-39 वर्ष आयु के 73 हजार 300 मतदाता, 40-49 वर्ष आयु के 55 हजार 64, 50-59 वर्ष आयु के 38 हजार 572 मतदाता, 60-69 वर्ष आयु के 23 हजार 76 मतदाता, 70-79 वर्ष आयु के 10 हजार 809 मतदाता, 80-89 वर्ष आयु के 3491 मतदाता, 90-99 वर्ष आयु के 644 मतदाता तथा 100-109 वर्ष आयु के 38 मतदाता हैं। जो अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक भी दिखाकर मतदाता कर सकेंगे मतदान मतदाता का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, परंतु उसके पास किसी वजह से मतदाता परिचय पत्र उपलब्ध नहीं है। तो भी वह मताधिकार का उपयोग कर सकेगा। मतदाता परिचय पत्र के अलावा 12 वैकल्पिक फोटो युक्त दस्तावेज दिखाकर मतदान कर सकेंगे। इसी प्रकार यदि किसी कारण से किसी नागरिक को मतदाता सूचना पर्ची प्राप्त नहीं होती है, लेकिन उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है तो भी वह मतदान कर सकेगा। मतदाता 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो सहित पेंशन दस्तावेज, केंद्र, राज्य सरकार, पीएसयू, सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक, डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक। स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड भी दिखा सकते हैं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी शामिल है। अप्रवासी भारतीय मतदाताओं को केवल पहचान के लिए अपना मूल पासपोर्ट दिखाना होगा। ईपिक में किसी मतदाता के फोटोग्राफ आदि का मिलान न हो पाने के कारण मतदाता की पहचान करना संभव नहीं है। recent visitors 87

19 मार्च को रंगपंचमी 10वीं के विज्ञान और 12वीं के शारीरिक शिक्षा विषय की, परीक्षार्थी, अभिभावक और स्कूल परेशान परीक्षा

भोपाल  मध्य प्रदेश बोर्ड ने 10वीं-12वीं के परीक्षार्थियों का त्योहार फीका करने की तैयारी कर ली है। बोर्ड ने वार्षिक परीक्षा का जो कार्यक्रम जारी किया है, उसमें 13 मार्च को 10वीं के सामाजिक विज्ञान की परीक्षा है। वहीं 19 मार्च को 10वीं के विज्ञान और 12वीं के शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा है। 13 मार्च को होलिका दहन होना है और 19 मार्च को रंगपंचमी है। मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में होली रंग पंचमी के दिन खेली जाती है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा 25 फरवरी और 10वीं की 27 फरवरी से शुरू हो रही है। 10वीं की परीक्षा 19 मार्च को खत्म होनी है और 12वीं की परीक्षा 25 मार्च तक चलेगी। मंडल ने अगस्त महीने में परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया था, लेकिन किसी ने स्थानीय त्यौहारों का ध्यान नहीं रखा। अब जाकर कुछ लोगों का ध्यान इस गलती की ओर गया है तो परीक्षार्थी, उनके अभिभावक और स्कूल सभी परेशान हैं। रंग पंचमी मालवा-निमाड़ अंचलों का प्रमुख त्यौहार है। यहां होली का रंग उसी दिन जमता है। इंदौर की प्रसिद्ध गेर रंग पंचमी पर ही निकाली जाती है। भोपाल संभाग के जिलों में भी रंग पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। त्योहार वाले जिलों में रंग पंचमी पर स्थानीय अवकाश होता है। यानी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और दूसरे प्रतिष्ठानों में छुट्टी होती है। सार्वजनिक परिवहन के साधन नहीं चलते। अभिभावकों की चिंता है कि त्यौहार का दिन होने की वजह से बच्चों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में दिक्कत होगी। वहीं त्यौहार पर परीक्षा देने का उनका मन भी नहीं करेगा। हाइस्कूल के लाखों परीक्षार्थी होंगे 19 मार्च 2025 को 10वीं के विज्ञान विषय की परीक्षा है। वहीं 12वीं का शारीरिक शिक्षा और नेशनल स्किल्स कवालिफिकेशन फ्रेमवर्क का प्रश्नपत्र होना है। 10वीं में इस साल नौ लाख 43 हजार से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। 12वीं के परीक्षार्थियों की संख्या सात लाख है, लेकिन शारीरिक शिक्षा की परीक्षा में कम ही लोग होंगे। महत्वपूर्ण विषयों के बीच कम अंतराल 10वीं की परीक्षा में कई महत्वपूर्ण विषयों में गैप कम दिया गया है। इसमें छह मार्च को संस्कृत का पेपर है तो तीन दिन बाद 10 मार्च को गणित विषय का पेपर है। इसके दो दिन बाद13 मार्च सामाजिक विज्ञान का पेपर है। recent visitors 67

मुख्यमंत्री ने ॐ का उच्चारण कर महाआरती का किया शुभारंभ, गंगा आरती दरहाघाट का किया लोकार्पण

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में हुए शामिल  मुख्यमंत्री साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने ॐ का उच्चारण कर महाआरती का किया शुभारंभ, गंगा आरती दरहाघाट का किया लोकार्पण महाआरती में मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सक्ती जिले के चंद्रपुर में महानदी के दरहाघाट तट पर आयोजित मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर सीएसआर मद से निर्मित गंगा आरती दरहाघाट का लोकार्पण किया। महाआरती में मातृशक्ति महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने गंगा आरती के अवसर पर सभी को देवउठनी एकादशी की बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक दशक पहले इस भव्य आयोजन के शुभारंभ का सौभाग्य मुझे मिला था। आज पुनः यहां आने का मौका मिला है। महानदी छत्तीसगढ़ के लिए जीवनदायिनी है। इससे जनजीवन को जल तो मिल रहा है, इसके साथ ही यह प्रदेश में ऋषि परम्परा की साक्षी भी है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है। प्रभु राम का ननिहाल है। अब अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बन चुका है। प्राण प्रतिष्ठा के हम सब साक्षी बने हैं। छत्तीसगढ़ से भी लोग अयोध्या में सेवा दे रहे हैं। यहां के डॉक्टर अभी भी वहां निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। राम लला दर्शन योजना से प्रदेश के श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि तीर्थ यात्रा योजना को पुनः शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर बनाने का भी काम कर रहे है। नदियां हमारी अमूल्य विरासत है, आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सहेजें – मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नदियां किसी भी संस्कृति की जीवंत प्रतीक होती हैं। नदियां केवल बहता पानी नहीं बल्कि इसके साथ बसे समाज के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की पहचान होती हैं। भारतीय संस्कृति में नदियों को जीवनदायिनी कहा गया है। मानव सभ्यता को पीढ़ी दर पीढ़ी सींचती संवारती हमारी इस अमूल्य विरासत रूपी नदियों को सहेजने का भाव हम सभी के अंदर एक कर्तव्य के रूप में पल्लवित हो, इसमें यह आयोजन महती भूमिका निभाएगा। साध्वी प्रज्ञा देवी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद जांजगीर चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, गोकुलानंद पटनायक, संतराम यादव, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, मातृशक्ति महिलाएं, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। recent visitors 82

छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल : समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की 6 साल से लंबित मांग 24 घंटे के अंदर हुई पूरी’ छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त समितियों के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में हुई बढ़ोत्तरी   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री साय की पहल पर समिति कर्मचारियों की 6 वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि की मांग को पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा 24 घंटे के भीतर पूर्ण करते हुए समिति कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। इसके साथ ही अन्य 2 मांगों के संबंध में शासन स्तर पर अंतर्विभागीय समिति का गठन कर उचित कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री साय के पहल पर वर्ष 2018 के बाद पहली बार सहकारी समितियों के लगभग 13 हजार कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारियों की मांगों पर स्वयं संज्ञान लेकर इनके निराकरण के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये थे, इस संबंध में मुख्यमंत्री साय के समक्ष 10 नवम्बर को विभागीय अधिकारियों के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों के शीघ्र निराकरण के संबंध में निर्देश दिये। समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियम में संशोधन किये जाने के आदेश 11 नवम्बर 2024 को जारी कर दिये गए। इसमें समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि स्वीकृत कर दी गई है, जिसमें सभी कर्मचारियों में हर्ष एवं उल्लास व्याप्त है। खाद्य विभाग द्वारा इस आशय का पत्र भी जारी कर दिया गया है कि धान उपार्जन समाप्त होने के एक माह के अंदर धान का उठाव राइस मिलर्स एवं विपणन संघ द्वारा किया जाएगा, यदि इसके पश्चात् भी उपार्जन केन्द्रों में धान शेष रहता है तो खाद्य विभाग द्वारा सहकारी समितियों को धान की सूखत दिये जाने संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया जाएगा। कर्मचारियों की अन्य मांग के निराकरण के संबंध में खाद्य विभाग, वित्त विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं विपणन संघ को शामिल करते हुए एक अंर्तविभागीय समिति का गठन किया गया है, जो कर्मचारी संघ की मांग पर विचार कर निराकरण हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित करेगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा संवेदनशीलता के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों के निराकरण करने पर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में कार्य में वापस लौटे सभी कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में कार्य में वापस आ गए हैं तथा 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की समुचित व्यवस्था में लग गए हैं। कर्मचारियों द्वारा यह भी आश्वस्त किया गया है कि किसानों को धान उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की कोई कठिनाई नही होगी। धान उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक तैयारी 13 नवम्बर 2024 तक पूर्ण कर ली जाएगी। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं कुलदीप शर्मा द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ धान उपार्जन सुगमतापूर्वक किये जाने के निर्देश सभी विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों को दिये गये हैं। धान उपार्जन के दौरान उपार्जन केन्द्रों का सतत् निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिये हैं। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ द्वारा 4 नवम्बर 2024 से की जा रही  हड़ताल आज समाप्त घोषित कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरेन्द्र साहू ने समिति कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त घोषित करते हुए कहा है कि समस्त समिति कर्मचारी शासन की समस्त योजनाओं का समिति स्तर से क्रियान्वयन किए जाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। कर्मचारी महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव बसव राजू एस., सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ कुलदीप शर्मा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के.एन काण्डेय सहित अन्य अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। recent visitors 88

प्रयागराज में छात्रों का आक्रोश जारी, प्रोटेस्ट कर रहे 12 छात्रों पर FIR, अराजकता फैलाने का आरोप

प्रयागराज प्रयागराज में यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर चल रहे प्रोटेस्ट के दौरान सरकारी बैरियर व नामी कोचिंग का बोर्ड तोड़ने के आरोप में 12 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें दो नामजद और अन्य अज्ञात आरोपी हैं. इसके अलावा माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने पर 10 को हिरासत में लिया गया है. देर रात तक उनसे पूछताछ की जाती रही. फिलहाल, छात्रों का धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है. दरअसल, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission) ने पीसीएस प्रीलिम्स 2024 और आरओ/एआरओ प्रीलिम्स 2023 परीक्षाओं को दो दिनों में, दो शिफ्ट में आयोजित करने का निर्णय लिया है. इस निर्णय का अभ्यर्थी पहले से विरोध कर रहे हैं. 11 नवंबर को फिर से इस फैसले के खिलाफ द‍िल्ली से लेकर यूपी तक अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए. वे 'वन डे वन एग्जाम' की मांग के साथ प्रोटेस्ट कर रहे हैं. इस बीच प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट की सिविल लाइंस थाने में यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नामी प्राइवेट कोचिंग की होर्डिंग पोल पर चढ़कर फाड़ने के आरोप में दो नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. खुद सिविल लाइंस थाने के एसआई कृष्णा मुरारी ने मुकदमा दर्ज कराया है. कोचिंग की होर्डिंग को फाड़ने और तोड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने ये एफआईआर दर्ज की है. नामजद दोनों अभियुक्त अभिषेक शुक्ला और राघवेंद्र सहित 10 अज्ञात के खिलाफ तोड़फोड़ करने, सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है. पुलिस अब वायरल वीडियो और CCTV के आधार पर अज्ञात युवकों की पहचान करने में जुटी है. FIR के मुताबिक, इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है. कुछ लोग तोड़फोड़ और उपद्रव जैसी गतिविधियों में शामिल होकर  प्रतियोगी छात्रों के बीच अराजकता फैला रहे हैं. गौरतलब हो कि प्रतियोगी छात्र 'वनडे वन शिफ्ट एग्जाम' और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया खत्म करने की मांग कर रहे हैं. प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि जब तक आयोग लिखित आश्वासन नहीं देता है, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा एक दिन और एक शिफ्ट में कराई जाए.   वहीं, आयोग का कहना है कि हमारे पास इतने केंद्र (सेंटर) उपलब्ध नहीं हैं, जिसमें एक साथ 6 लाख अभ्यर्थ‍ियों का पेपर करवा सकें. सरकार एवं आयोग की मंशा छात्र हितों को संरक्षित करना एवं मेरिट के आधार पर चयन सुनिश्चित करना है. चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और स्टूडेंट्स  हितों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है. जबकि, छात्रों का तर्क है कि इससे पहले आयोग इससे ज्यादा छात्रों की परीक्षाएं करवाता आया है.   recent visitors 86

सेंसेक्स 444 अंक टूटकर 78230 पर आ गया , निफ्टी ने 172 अंकों का गोता लगाया

मुंबई  शेयर मार्केट में गिरावट बढ़ गई है। सेंसेक्स 444 अंक टूटकर 78230 पर आ गया है। जबकि, निफ्टी ने 172 अंकों का गोता लगाया है। अब यह 23709 पर आ गया है। इससे पहले यह 23675 तक गिर चुका था। निफ्टी टॉप लूजर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.43 पर्सेंट लुढ़क गया है। बीईएल में 3.24 पर्सेंट की गिरावट है। हिन्डाल्को में 2.81 पर्सेंट का नुकसान है। आयशर मोटर्स और ओएनजीसी भी 2 फीसद से अधिक नुकसान में हैं। शेयर मार्केट में गिरावट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही। आज आईसीआईसीआई, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड जैसे प्राइवेट बैंकों के शेयर नुकसान के साथ खुले, जिससे बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 179 अंकों के नुकसान के साथ 78495 के स्तर पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 61 अंक नीचे 23822 पर खुला।  शेयर मार्केट की गिरावट पर क्या आज ब्रेक लगेगा या और गिरेगा? सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर खुलेंगे या आपेनिंग होगी मजबूत? इन सवालों का जवाब तो बाजार के खुलने के बाद मिलेगा, लेकिन ग्लोबल संकेत कुछ अच्छे नहीं दिख रहे। क्योंकि, एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी घरेलू शेयर मार्केट की तरह मंगलवार को नुकसान के साथ बंद हुए। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों बेंचमार्क इंडेक्स एक-एक प्रतिशत से अधिक गिर गए। सेंसेक्स 820.97 अंक या 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,675.18 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 257.85 अंक या 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,883.45 पर बंद हुआ। वॉल स्ट्रीट का हाल दूसरी ओर अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में भी गिरावट रही। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 382.15 अंक या 0.86 प्रतिशत टूटकर 43,910.98 पर बंद हुआ। जबकि एसएंडपी, 500 17.36 अंक या 0.29 प्रतिशत गिरकर 5,983.99 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट में भी 17.36 अंक की गिरावट रही। यह 19,281.40 पर बंद कर दिया हुआ। एशियाई बाजार का हाल वॉल स्ट्रीट पर रातोंरात नुकसान के चलते एशियाई बाजारों में बुधवार को गिरावट के साथ कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.5 प्रतिशत गिर गया, जबकि टॉपिक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.1 प्रतिशत और कोस्डैक इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 23,890 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 70 अंक नीचे है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। recent visitors 126

मिलर्स नीति और उपार्जन नीति की खाद्य मंत्री राजपूत ने मंत्रालय में समीक्षा

भोपाल अच्छा कार्य करने वाले मिलर्स को प्रोत्साहित करें और नियमानुसार कार्य नहीं करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह निर्देश मिलर्स नीति और धान, ज्वार, बाजरा की उपार्जन नीति की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि मिलर्स द्वारा लापरवाही करने पर उनकी अमानत राशि राजसात करने की कार्रवाई करें। राजपूत ने मिलर्स से समय पर धान की मिलिंग कर एजेंसियों के पास चावल जमा कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उपार्जन केन्द्र पर हों सभी सुविधाएं खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुविधायुक्त उपार्जन केन्द्रों की फोटो बुलवाएं। क्वालिटी कंट्रोल पर पूरा ध्यान दें। क्वालिटी चेक करने वाले सर्वेयर पर भी नजर रखें। मंत्री राजपूत ने कहा कि सर्वेयर का नया कैडर बनाने का प्रस्ताव तैयार करें। उपार्जन केन्द्रों पड़ोसी राज्यों से लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के समुचित प्रबंध करें। उच्च गुणवत्ता के बारदाने उपयोग में लाये जायें। सभी मंडियों, उपार्जन केन्द्रों एवं भण्डारण केन्द्रों के नापतौल उपकरणों एवं धर्मकाटों का सत्यापन एवं प्रमाणीकरण कराएं। केन्द्र सरकार की संस्थाएं, नेशनल कन्ज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन (एनसीसीएफ) और केन्द्रीय भण्डार को उपार्जन कार्य से जोड़ने के संबंध में भी चर्चा हुई। खाद्य मंत्री राजपूत ने निर्देश दिये कि वर्ष 2024-25 की मिलिंग नीति को जारी करने से पहले छोटे तथा बड़े मिलर्स एवं उपार्जन कार्य में पहली बार शामिल हो रही केन्द्र सरकार की संस्था एनसीसीएफ एवं केन्द्रीय भण्डार के लिये प्रदेश में अनुकूल और सहयोगात्मक वातावरण बनाया जाये। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य को सरल एवं सुविधायुक्त बनाने के लिये वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन तथा नागरिक आपूर्ति निगम से एक-एक अधिकारी नोडल ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाये। इससे उपार्जन कार्य में शामिल एजेंसी की किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत निराकरण हो सकेगा। बैठक में बताया गया कि उपार्जन केन्द्र से मिलर्स अथवा गोदाम तक मैपिंग कराई जायेगी, इससे उपार्जित अनाज के परिवहन की सटीक जानकारी मिल सकेगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मंडला में अनाज की सफाई मशीनों द्वारा कराने का निर्णय लिया गया है। यहां पर प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा। बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त खाद्य सिबि चक्रवर्ती, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम पी.एन. यादव, एडिशनल एमडी वेयरहाउसिंग ओ.पी. सनोड़िया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 96