प्रधानमंत्री Modi ने रतन टाटा के लिये लिखा भावुक ब्लॉग, कहा- इस पीड़ा को भुला पाना आसान नहीं

नई दिल्ली देश के दिग्‍गज उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) के निधन को लगभग एक महीना बीत चुका है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें याद करते हुए एक लेख लिखा है. उन्‍होंने लिखा कि रतन टाटा जी के हमसे दूर चले जाने की वेदना अभी मन में है. इस पीड़ा को भुला पाना आसान नहीं है. उन्‍होंने अपनी लेख में कहाकि रतन टाटा के रूप में देश ने एक महान सपूत को खो दिया है… एक अमूल्‍य रत्‍न को खोया है.  आज भी शहरों, कस्बों से लेकर गांवों तक, लोग उनकी कमी को गहराई से महसूस कर रहे हैं. चाहे कोई उद्योगपति हो, उभरता हुआ उद्यमी हो या कोई प्रोफेशनल हो, हर किसी को उनके निधन से दुख हुआ है. पर्यावरण रक्षा से जुड़े लोग…समाज सेवा से जुड़े लोग भी उनके निधन से उतने ही दुखी हैं और ये दुख हम सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया महसूस कर रही है.  'कोई लक्ष्‍य नहीं जो हासिल ना हो सके' अपनी लेख में प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रतन टाटा एक प्रेरणास्रोत थे. उनका जीवन, उनका व्यक्तित्व हमें याद दिलाता है कि कोई सपना ऐसा नहीं जिसे पूरा ना किया जा सके, कोई लक्ष्य ऐसा नहीं जिसे हासिल नहीं किया जा सके. रतन टाटा जी ने सबको सिखाया है कि विनम्र स्वभाव के साथ, दूसरों की मदद करते हुए भी सफलता पाई जा सकती है.  ईमानदारी का प्रतीक बना टाटा ग्रुप  रतन टाटा जी, भारतीय उद्यमशीलता की बेहतरीन परंपराओं के प्रतीक थे. वो विश्वसनीयता, उत्कृष्टता और बेहतरीन सेवा जैसे मूल्यों के अडिग प्रतिनिधि भी थे. उनके लीडरशिप में टाटा समूह दुनिया भर में सम्मान, ईमानदारी और विश्वसनीयता का प्रतीक बनकर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा. इसके बावजूद, उन्होंने अपनी उपलब्धियों को पूरी विनम्रता और सहजता के साथ स्वीकार किया.  दूसरों के सपनों के लिए जीते थे रतन टाटा पीएम ने अपनी लेख में आगे लिखा कि रतन टाटा जी दूसरों के सपनों का खुलकर समर्थन करते थे, दूसरों के सपने पूरा करने में सहयोग करना, ये रतन टाटा के सबसे शानदार गुणों में से एक था. हाल के समय में वो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का मार्गदर्शन करने और भविष्य की संभावनाओं से भरे उद्यमों में निवेश करने के लिए जाने लगे. उन्होंने युवा आंत्रप्रेन्योर की उम्‍मीदों और आकांक्षाओं को समझा, साथ ही भारत के भविष्य को आकार देने की उनकी क्षमता को पहचाना.  युवा पीढ़ी को दिया हौसला  भारत के युवाओं के प्रयासों का सपोर्ट करके, उन्होंने नए सपने देखने वाली नई पीढ़ी को जोखिम लेने और सीमाओं से परे जाने का हौसला दिया. उनके इस कदम ने भारत में इनोवेशन और आंत्रप्रेन्योरशिप के कल्‍चर को विकसित करने में बड़ी मदद की है. आने वाले दशकों में हम भारत पर इसका सकारात्मक प्रभाव जरूर देखेंगे.  बेहतरीन क्‍वालिटी के प्रोडक्‍ट पर जोर  पीएम मोदी आगे लिखते हैं कि रतन टाटा जी ने हमेशा बेहतरीन क्वालिटी के प्रॉडक्ट…बेहतरीन क्वालिटी की सर्विस पर जोर दिया और भारतीय उद्यमों को ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने का रास्ता दिखाया. आज जब भारत 2047 तक विकसित होने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो हम ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करते हुए ही दुनिया में अपना परचम लहरा सकते हैं. मुझे आशा है कि उनका ये विजन हमारे देश की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और भारत वर्ल्ड क्लास क्वालिटी के लिए अपनी पहचान मजबूत करेगा.  जीव-जंतुओं के प्रति करुणा  रतन टाटा की महानता बोर्डरूम या सहयोगियों की मदद करने तक ही सीमित नहीं थी. सभी जीव-जंतुओं के प्रति उनके मन में करुणा थी. जानवरों के प्रति उनका गहरा प्रेम जगजाहिर था और वे पशुओं के कल्याण पर फोकस हर प्रयास को बढ़ावा देते थे. वो अक्सर अपने डॉग्स की तस्वीरें साझा करते थे, जो उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा थे. मुझे याद है, जब रतन टाटा जी को लोग आखिरी विदाई देने के लिए उमड़ रहे थे…तो उनका डॉग ‘गोवा’ भी वहां नम आंखों के साथ पहुंचा था.  रतन टाटा जी का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि लीडरशिप का आकलन केवल उपलब्धियों से ही नहीं किया जाता है, बल्कि सबसे कमजोर लोगों की देखभाल करने की उसकी क्षमता से भी किया जाता है.  जब गुजरात में साथ मिलकर किया काम  नरेंद्र मोदी ने बताया कि व्‍यक्तिगत तौर पर मुझे प‍िछले कुछ दशकों में उन्‍हें बेहद करीब से जानने का सौभाग्‍य मिला. हमने गुजरात में साथ मिलकर काम किया. वहां बड़े पैमाने पर निवेश किया गया. इनमें कई ऐसे प्रोजेक्‍ट्स भी शामिल थें, जिसे लेकर वे बेहद  भावुक थे. पीएम ने कहा कि जब वे केंद्र में आए तो ये  घनिष्ठ बातचीत जारी रही और वो हमारे राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों में एक प्रतिबद्ध भागीदार बने रहे. स्वच्छ भारत मिशन के प्रति रतन टाटा का उत्साह विशेष रूप से मेरे दिल को छू गया था. अक्टूबर की शुरुआत में स्वच्छ भारत मिशन की दसवीं वर्षगांठ के लिए उनका वीडियो संदेश मुझे अभी भी याद है. यह वीडियो संदेश एक तरह से उनकी अंतिम सार्वजनिक उपस्थितियों में से एक रहा है.  कैंसर के खिलाफ लड़ाई एक और ऐसा लक्ष्य था, जो उनके दिल के करीब था. मुझे दो साल पहले असम का वो कार्यक्रम याद आता है, जहां हमने संयुक्त रूप से राज्य में विभिन्न कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन किया था. उस अवसर पर अपने संबोधन में, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वो अपने जीवन के आखिरी वर्षों को हेल्थ सेक्टर को समर्पित करना चाहते हैं. स्वास्थ्य सेवा एवं कैंसर संबंधी देखभाल को सुलभ और किफायती बनाने के उनके प्रयास इस बात के प्रमाण हैं कि वो बीमारियों से जूझ रहे लोगों के प्रति कितनी गहरी संवेदना रखते थे. मैं रतन टाटा जी को एक विद्वान व्यक्ति के रूप में भी याद करता हूं – वह अक्सर मुझे विभिन्न मुद्दों पर लिखा करते थे, चाहे वह शासन से जुड़े मामले हों, किसी काम की सराहना करना हो या फिर चुनाव में जीत के बाद बधाई संदेश भेजना हो.  'मुझे जब रतन टाटा जी की आई बहुत याद'  अभी कुछ सप्ताह पहले, मैं स्पेन सरकार के राष्ट्रपति पेड्रो सान्चेज के साथ वडोदरा में था और हमने संयुक्त रूप से एक विमान फैक्ट्री का उद्घाटन किया. इस फैक्ट्री में सी-295 विमान भारत में … Read more

MP के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, नवम्बर में खाते में आयेगी बढ़ी हुई सैलरी

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियो के लिए खुशखबरी है। मोहन सरकार ने सातवें वेतन आयोग के कर्मचारियों के बाद अब छठवें वेतन आयोग के कर्मचारियों को तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की है। वित्त विभाग ने इन कर्मचारियो के 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी किया है, इस वृद्धि के साथ है अब महंगाई भत्ता 230% से बढ़कर 239% हो गया है, बढ़ी हुई राशि नवम्बर के महीने की सैलरी के साथ आयेगी। मध्य प्रदेश शासन वित्त विभाग द्वार जारी आदेश के मुताबिक राज्य शासन के छठवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 01 जुलाई, 2023 से 230% की दर से मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है जिसे अब 9 प्रतिशत की दर से बढ़ाया गया है और अब ये बढ़कर 239% हो गया है, आदेश के मुताबिक ये वृद्दि 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होगी और अब तक की अवधि की राशि एरियर के रूप में कर्मचारियों को मिलेगी। चार समान किस्तों में होगा एरियर का भुगतान आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ 01अक्टूबर, 2024 (भुगतान माह नवम्बर, 2024) से किया जायेगा एवं दिनांक 01 जनवरी, 2024 से 30 सितम्बर, 2024 तक की अवधि के एरियर राशि का भुगतान चार समान किस्तों में क्रमशः माह दिसम्बर, 2024, जनवरी, फरवरी एवं मार्च 2025 में किया जायेगा। रिटायर होने वाले कर्मचारियों और मृत कर्मचारी के नॉमिनी को एकमुश्त मिलेगी एरियर की राशि वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के कर्मचारी जो दिनांक 01 जनवरी 2024 से 30 सितम्बर 2024 की अवधि में सेवानिवृत हो गए हैं फिर मृत हो गये हैं, उन्हें अथवा उनके नॉमिनी को एरियर की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा। मंहगाई भत्ते में 50 पैसे अथवा उससे अधिक पैसे को अगले उच्चतर रुपये में पूर्णांकित किया जायेगा और 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि दिवाली से पहले तोहफा देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 4% बढ़ा दिया जो बढ़कर 46% से 50% हो गया है, पिछले दिनों पेंशनर्स की महंगाई राहत मेभी वृद्धि की गई है अब दिवाली बाद छठवें वेतन आयोग वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 9 प्रतिशत की वृद्धि मोहन सरकार ने की है। recent visitors 104

मध्यप्रदेश: जनपद पंचायत के लेखापाल को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

Madhya Pradesh: Lokayukta caught the Accountant of District Panchayat red handed taking bribe in Dhar district धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के गंधवानी जनपद पंचायत के लेखापाल मनोज कुमार बैरागी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ग्राम पंचायत बलवारी कला के सरपंच प्रतिनिधि गुलाब सिंह अजनारे की शिकायत पर कार्रवाई हुई है। ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये की राशि से सीसी रोड का निर्माण के लिए ₹3 लाख की पहली किस्त पंचायत के खाते में जारी हो चुकी थी। शेष राशि को जारी करने लेखापाल की ओर से एक मांग पत्र जिला पंचायत कार्यालय को भेजा जाना था। आवेदक गुलाब सिंह का आरोप है कि उक्त मांग पत्र को जिला पंचायत कार्यालय भेजने के एवज में लेखापाल मनोज बैरागी ने ₹50,000 की रिश्वत मांगी। इस राशि की मांग से परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय को शिकायत की। लोकायुक्त द्वारा शिकायत की सत्यता की जांच में सही पाया गया। लोकायुक्त इंदौर इकाई ने आज 9 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत कार्यालय गंधवानी में आवेदक गुलाब सिंह ने तय राशि में से ₹40,000 की राशि लेखापाल को दी, जिसे मनोज बैरागी ने जैसे ही लिया, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके खिलाफ धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कानूनी कार्यवाही जारी है। लोकायुक्त टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है, और आरोपी से अन्य संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की भी पूछताछ की जा रही है। recent visitors 185

मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेज घोटाला: सीबीआई जांच में 500 कॉलेजों के संचालन योग्य न होने का खुलासा

Madhya Pradesh Nursing College Scam: CBI investigation reveals that 500 colleges are not fit for operation. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर हुई CBI जांच में खुलासा हुआ है कि सूबे में चल रहे 700 में से 500 नर्सिंग कॉलेज संचालन योग्य ही नहीं है। ग्वालियर कोर्ट में चल रहे मामे भी जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर होंगे। मध्य प्रदेश में संचालित बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेजेस के घोटाले के मामलों में चल रही सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नर्सिंग कॉलेजों को लेकर सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में पता चला है कि प्रदेशभर में चल रहे 700 नर्सिंग कॉलेजेस में से 500 कॉलेज संचालन योग्य ही नहीं हैं। आपको बता दें कि, इसके पहले हुई सीबीआई जांच में सामने आया था कि, प्रदेश में संचालित सभी कॉलेजों में से महज 169 नर्सिंग कॉलेज ही योग्य थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा कराई उस जांच को एक बार फिर से बारीकी के साथ जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में 73 कॉलेज ही योग्य माने गए है। ग्वालियर बेंच से भी जबलपुर ट्रांसफर होंगे केस नर्सिंग कॉलेजेस से संबंधित चल रहे मामले ग्वालियर बेंच से भी जबलपुर हाईकोर्ट ही ट्रांसफर किए जाएंगे। जिन नर्सिंग कॉलेजों की सीबीआई जांच पर सवाल उठे हैं, उनमें एक और नया खुलासा हुआ है। जिन कॉलेजों में नर्सिंग काउंसिल की तरफ से पत्र भेजा गया है, उसमें से 8 डिफिशिएंट की सूची में हैं, जबकि 8 अनसूटेबल कैटेगरी में आ रहे हैं। नर्सिंग काउंसिल ने सभी 66 अनसूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेज की सभी सत्रों और पाठ्यक्रमों की मान्यता निरस्त कर दिया है। recent visitors 166

खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मुद्दे पर जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा

Jitu Patwari cornered Mohan government on fertilizer crisis and nursing college issue भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश में किसानों को हो रहे खाद संकट पर पटवारी ने कहा कि बुधनी जो केंद्रीय कृषि मंत्री का क्षेत्र है वहां भी लोगों को खाद की परेशानी हो रही है। बीजेपी के लोग बार-बार खाद की समस्या न होने की बात करते हैं, जबकि स्थितियां सबके सामने है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बीजेपी के नेता बताएं रवि और खरीफ के लिए कितना खाद चाहिए था, सरकार ने कितनी मांग की है और उसके एवज में कितनी आपूर्ति हुई है। यदि बुधनी में पर्याप्त खाद किसानों को मिला होगा तो पिछली बार एक लाख आठ हजार से बीजेपी जीती थी, इस बार 1 लाख 9000 से चुनाव जीतना चाहिए। नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी साधा निशाना पीसीसी चीफ ने नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि लंबी जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रदेश में केवल 200 कॉलेज ही ऐसे हैं, जो नियमों की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार भ्रष्टाचार की बात उठा रहे थे, वह सच साबित हुई। ऐसे में अब जिन लोगों ने इन कॉलेजों को मान्यता दी चाहे वह अधिकारी हो मंत्री हो या कर्मचारी हो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर इन सब पर कार्रवाई की मांग करता हूं और मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटवारी ने कहा कि बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है। लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस लूट के खिलाफ शासन प्रशासन और बीजेपी नेताओं से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने कहा मैं खुद 11 तारीख तक विजयपुर में रहूंगा उसके बाद विजयपुर के आसपास सबलगढ़ शिवपुरी और श्योपुर में डेरा डालूंगा। ताकि विजयपुर में जनमत के साथ लूट ना हो सके। उमंग सिंगार के आरोपों पर पटवारी ने कहा उमंग सिंगार के आरोपों पर जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद पर है। यदि उन्होंने कोई बात कही है तो बिल्कुल प्रमाणिक होगी। रही बात बीजेपी को प्रमाण देने की तो बीजेपी बताएं कि रामनिवास रावत क्या फ्री फोकट में बीजेपी गए हैं। 2020 में जो बड़ी संख्या में विधायक जॉइन कराए, क्या वह मुफ्त में बीजेपी ज्वाइन किया और समय आने पर प्रमाण भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीजेपी के नेता तो खुद ही इस बात को स्वीकारते हैं कि भाजपा नेता खरीद फरोख्त करते हैं। लाड़ली बहनों से की वादाखिलाफी लाड़ली बहन की किस्त जारी करने पर जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 3000 रुपए देने का वादा किया था। लेकिन केवल 1250 रुपए दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर महिलाओं के साथ छलावा है। महिलाएं भी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रही है। इन दोनों उप चुनाव में महिलाएं इसका जवाब देंगी। पीएम मोदी के “एक रहोगे सेफ रहोगे” के बयान पर किया पलटवार पीएम मोदी के एक रहोगे सेफ रहोगे वाले बयान पर भी पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की भी यही भावना है कि सब भारत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहे। लेकिन बीजेपी के लोग मंच से तो सबके एकजुटता होने की बात करते हैं। लेकिन पीछे के रास्ते समाज में बांटने का काम करते हैं। काम, संविधान को कमजोर करने का मोदी प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी भी यही कहते हैं कि भारत की अखंडता बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह नारा भी लगाना चाहिए कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम आपस में भाई-भाई। भारत की संस्कृति में सबको एकजुट रहने की बात कही गई है। recent visitors 143

अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा: अमित शाह

सतारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, विरोधी दल एक दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं।  गृह मंत्री अमित शाह ने सतारा जिले के कराड में रैली की और महाविकास अघाड़ी गढबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वक्फ कानून में बदलाव किए जिससे कि वक्फ बोर्ड किसी की भी जमीन पर कब्जा करने लगा। कर्नाटक की सरकार ने पूरा का पूरा गांव वक्फ को दे दिया। उन्होंने कहा, अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा। पवार और राहुल गांधी नहीं चाहते कि वक्फ कानून में संशोधन किया जाए। हमने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आने वाले सेशन में इसे पास करवाएंगे। अमित शाह ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें उन लोगों के साथ गठबंधन करने के लिए शर्म आनी चाहिए जो हिंदुत्व को पाखंड कहते हैं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं और आतंकवादी अजमल कसाब को बिरयानी खिलाते हैं। शाह ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा शरद पवार) प्रमुख शरद पवार पर यह झूठ बोलने का आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। शाह ने पवार पर पलटवार करते हुए कहा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) के शासन के दौरान विकास के मामले में राज्य की ‘रैंकिंग’ गिर गई थी लेकिन अब महायुति सरकार के तहत यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर रहा है। शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘झूठ की फैक्टरी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि वह अग्निपथ योजना के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुत्व को ‘पाखंड’ कहते हैं। उन्होंने कहा, ‘आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने अफजल खान और औरंगजेब की कब्रों की रक्षा की। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने (26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दोषी) अजमल कसाब को बिरयानी खिलाई। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। आपको शर्म आनी चाहिए।’’ महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिला लिया था। शाह ने कहा, ‘शरद पवार इस उम्र में भी झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे। वह कहते हैं कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि उद्धव जी के साथ आपकी सरकार के दौरान महाराष्ट्र की विकास रैंकिंग गिर गई थी लेकिन (देवेंद्र) फडणवीस और (एकनाथ) शिंदे के नेतृत्व वाली हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र में एफडीआई आ रहा है।’ शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फडणवीस और शिंदे के माध्यम से महाराष्ट्र में सड़क संपर्क, समृद्धि एक्सप्रेसवे, मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतु, मुंबई और पुणे में मेट्रो ट्रेनें, सिंचाई परियोजनाओं जैसी कई परियोजनाएं शुरू की हैं। सातारा को वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के हजारों युवा सेना में सेवारत हैं। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा गांधी ने ‘एक रैंक एक पेंशन’ का वादा किया था लेकिन कांग्रेस के 40 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया गया। मोदी ने इसे पूरा किया।’ recent visitors 79

HC में नर्मदा के किनारे की जमीन पर वक्फ बोर्ड के दावे-आपत्ति पर उठे सवाल

जबलपुर  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) हाई कोर्ट (MP High Court) में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें नर्मदा नदी (Narmada River) के किनारे की सरकारी जमीन पर वक्फ का दावा किए जाने पर सवाल उठाया गया है. मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की पीठ ने मामले की प्राथमिक सुनवाई के बाद स्थिति को बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया है. साथ ही, राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा गया है. याचिकाकर्ता ने क्या कहा? नर्मदापुरम के समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा ने अदालत में अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने नर्मदा किनारे की जमीन पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया था, जिससे वहां हरियाली बढ़ी और मृदा क्षरण की समस्या में कमी आयी है. वहीं इससे नर्मदा के तटबंधों को भी स्थिरता मिली है. याचिका में दावा किया गया कि मोहम्मद मकसूद नामक व्यक्ति ने इस जमीन को वक्फ की बता कर शरद सिंह के नाम पर पंजीकृत करा दिया है. इस विवाद के चलते वहां के पेड़ काटकर निर्माण कार्य की तैयारी की जा रही है. वक्फ बोर्ड की है ये आपत्ति सुनवाई के दौरान कोर्ट को सूचित किया गया कि जब जमीन के नामांतरण का आवेदन किया गया, तब वक्फ बोर्ड ने इस पर आपत्ति जताई थी. इससे पहले भी कोर्ट ने एक जनहित याचिका के दौरान यह निर्देश दिया था कि नर्मदा के किनारे 300 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता. ऐसे में, यह सवाल उठता है कि नजूल सीट नंबर-46 पर स्थित सरकारी जमीन, जिसे दस्तावेजों में 'बंगला' के रूप में दर्ज किया गया है, वक्फ बोर्ड की जमीन कैसे मानी जा सकती है. अगली सुनवाई कब होगी? इस मामले की अगली सुनवाई के लिए संबंधित पक्षों से उनके जवाब आने के बाद कोर्ट अगला कदम तय करेगा. recent visitors 61