माइनिंग विभाग का बड़ा एक्शन, अवैध तरीके से जम्मू कश्मीर से पंजाब में रेत-बजरी लेकर आ रहे ट्रकों को विभाग द्वारा पकड़ा

बमियाल/दीनानगर सरहदी क्षेत्र में अवैध माइनिंग के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत बीती रात अवैध तरीके से जम्मू कश्मीर से पंजाब में रेत-बजरी लेकर आ रहे ट्रकों को विभाग द्वारा पकड़ लिया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया। दरअसल, माइनिंग विभाग और तारागढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि जम्मू कश्मीर से अवैध तरीके से रेत-बजरी पंजाब में लाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी की और तारागढ़ थाना के तहत कथलोर पुल पर दो ट्रकों को पकड़ा, जो जम्मू कश्मीर से अवैध तरीके से रेत-बजरी लेकर पंजाब आ रहे थे। अधिकारियों द्वारा जब ट्रक चालकों से सामग्री के दस्तावेज मांगे गए, तो वे कुछ भी नहीं दिखा सके। इसके बाद माइनिंग विभाग के एसडीओ संदीप सम्याल ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और उन्हें जुर्माना किया। इस संबंध में माइनिंग विभाग के एसडीओ संदीप सम्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि ये ट्रक जम्मू कश्मीर से अवैध तरीके से रेत-बजरी लेकर पंजाब आ रहे थे और उनके पास कोई भी दस्तावेज नहीं थे। इस कारण उन पर कार्रवाई कर जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में लगातार चेकिंग अभियान जारी रहेगा। recent visitors 69

अनुच्छेद 370 कभी पुनर्स्थापित नहीं होगा, भारत को विभाजित करने का उनका प्रयास कामयाब नहीं होगा : स्मृति ईरानी

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 को लेकर मचे बवाल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीकों से चुनी गई सरकार विकास के मुद्दों पर काम करने की बजाय भारत को जोड़ने की बजाय तोड़ने का प्रमाण दे रही है। मैं कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं से कहना चाहती हूं कि अनुच्छेद 370 कभी पुनर्स्थापित नहीं होगा, भारत को विभाजित करने का उनका प्रयास कामयाब नहीं होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, ” जहां तक अनुच्छेद 370 की बहाली के मुद्दे का सवाल है, मुझे नहीं पता कि उमर अब्दुल्ला ने क्या बयान दिया है। लेकिन, अगर उनमें हिम्मत है, तो मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वह झारखंड और महाराष्ट्र में जाकर किसी भी मंच से यह बात बोल दें।” भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, “  इंडी गठबंधन ने जो प्रस्ताव पारित किया है, उसके तहत वह जम्मू-कश्मीर में भारत के संविधान के खिलाफ एक नई जंग लड़ते दिख रहे हैं। आज मैं इंडी गठबंधन के नेताओं से पूछना चाहती हूं कि भारत की संसद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले जो सबको स्वीकार्य हैं, उसके निर्णय का अपमान और अवहेलना करने का अधिकार कांग्रेस और एनसी को देश में किसने दिया? मैं कांग्रेस, एनसी और इंडी गठबंधन के सभी नेताओं से पूछना चाहती हूं कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आदिवासी समाज को जो अधिकार मिले हैं, क्या कांग्रेस-एनसी सरकार उसके खिलाफ खड़ी होगी? दलितों और पिछड़े समाज को जो अधिकार मिले हैं, क्या उसके खिलाफ कांग्रेस-एनसी सरकार खड़ी होगी? कल का प्रस्ताव उग्रवाद और आतंकवाद के समर्थन में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं के रणनीतिक समर्थन को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत में हर नागरिक को ज्ञात है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद नागरिकों की मृत्यु में 80 प्रतिशत की कमी आई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी हुई है। लोकतांत्रिक तरीकों से चुनी गई सरकार विकास के मुद्दों पर काम करने की बजाय भारत को जोड़ने की बजाय तोड़ने का प्रमाण दे रही है। मैं कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं से कहना चाहती हूं कि अनुच्छेद 370 कभी पुनर्स्थापित नहीं होगा, भारत को विभाजित करने का उनका प्रयास कामयाब नहीं होगा। दरअसल जम्मू-कश्मीर विधानसभा में इंजीनियर राशिद के भाई और लेंगेट से विधायक खुर्शीद अहमद शेख द्वारा अनुच्छेद 370 पर बैनर दिखाए जाने के बाद हंगामा हुआ था। जिसके बाद भाजपा नेताओं और उनके बीच नोकझोंक हो गई। इतना ही नहीं नौबत हाथापाई तक आ गई। जिसके चलते मार्शलों को बीच-बचाव करने के लिए आना पड़ा। जिस वक्त सदन में हंगामा हो रहा था उस दौरान खुद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला वहां मौजूद थे।     recent visitors 75

चतुर्थ श्रेणी कर्मी को महिला अधिकारी और उसकी सहयोगी ने जड़े थप्पड़, पूरे सिविल अस्पताल में हड़कंप का माहौल

सोनीपत सोनीपत सिविल अस्पताल के एक्स रे रूम में कार्यरत दीपक नाम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को महिला अधिकारी आशा सहरावत ने अपनी सहयोगी स्टाफ नर्स राजेश के साथ थप्पड़ जड़ दिए। उसके बाद पूरे सिविल अस्पताल में हड़कंप का माहौल देखने को मिला और एक के बाद एक सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर इक्कठा हो गए और दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ जयंत आहुजा ने सभी को उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया तो दीपक की तरफ से शिकायत सिविल अस्पताल प्रबंधन को दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार सोनीपत के खरखौदा में कई माह पहले तत्कालीन एसएमओ आशा सहरावत और स्टाफ नर्स राजेश के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद दोनों का वहां से तबादला भी कर दिया गया था लेकिन आज आशा सहरावत और स्टाफ नर्स ने सोनीपत सिविल अस्पताल के एक्स रे रूम में कार्यरत दीपक नाम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पहले रूम से बाहर बुलाया और फिर वहां उस पर कई थप्पड़ जड़ दिए। इस दौरान रेडियोलॉजिस्ट राजेश दहिया भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि आशा सहरावत और स्टाफ नर्स राजेश ने दीपक को थप्पड़ मारे है, तो दीपक ने बताया कि बिना बेवजह डॉक्टर आशा सहरावत और स्टाफ नर्स ने उसके साथ मारपीट की है। इस थप्पड़ कांड की गूंज पूरे अस्पताल में सुनने को मिली और अधिकारियों और डॉक्टरों के बीच में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। वहीं इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ जयंत आहुजा ने बताया कि ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों की बात को सुना गया है और मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही मामले जांच की जाएगी। ये मामला मनमुटाव का है और खरखौदा से मामला चला आ रहा है। जांच में ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिरकार मामला क्या है। recent visitors 75

पेसा मित्रों की पहल से ग्राम पंचायतों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा

भोपाल मध्यप्रदेश में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम-2022 लागू हैं। यह नियम प्रदेश में निवासरत जनजातीय समुदायों के प्राकृतिक रहन-सहन को केन्द्र में रखकर उनकी स्व-शासन की भावना को मान्यता प्रदान करते हैं। प्रदेश की सभी पेसा ग्राम पंचायतों में इन दिनों एक नई सकारात्मक लहर देखने को मिल रही है। पेसा मित्रों या कहें पेसा मोबलाईजर्स का योगदान ग्रामीणों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। राज्य की 5 हजार 133 पेसा ग्राम पंचायतों में 4 हजार 665 पेसा मित्र कार्यरत हैं, जो अपनी भूमिका को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। ये पेसा मित्र न केवल ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी कर रहे हैं। इस दिशा में शहडोल जिले का काम विशेष रूप से सराहनीय रहा है। यहां पेसा मित्रों ने ग्राम पंचायतों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया, जिससे ग्रामीणों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि और रोजगार जैसी योजनाओं के प्रति रूचि बढ़ी है। पेसा मित्रों ने ग्रामीण (विशेषकर जनजातीय) समुदायों को सरकार की योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में एक सशक्त सोशल नेटवर्क तैयार किया है, जो ग्राम स्तर पर सबके स्वावलंबन को बढ़ावा दे रहा है। पेसा मित्रों की इस पहल से ग्राम पंचायतों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। ग्रामीण, जो पहले सरकारी योजनाओं से अनजान थे, अब न केवल इनसे परिचित हो रहे हैं बल्कि योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वे स्वयं के जीवन को बेहतर बना पा रहे हैं। प्रदेश में पेसा मित्रों का यह कार्य न केवल ग्रामीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है बल्कि समाज में सामूहिक जागरूकता और सहभागिता की भावना भी विकसित कर रहा है।  पेसा मित्र बन रहे सच्चे मददगार शहडोल जिले की पेसा ग्राम पंचायतों में नियुक्त पेसा मित्र (मोबलाईजर) महती भूमिका निभा रहे हैं। पेसा मित्रों द्वारा पेसा एक्ट में उल्लेखित हितग्राहीमूलक विकास कार्यों, समग्र ई-केवाईसी, जनजातीय समुदायों को मछली पालन के लिए प्रोत्साहित करना, खनिज समिति व मादक पदार्थ नियंत्रण समिति के तहत आर्थिक दंड वसूल करना जैसे अन्य विभिन्न कार्य प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। जिले के जयसिंहनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ठेंगरहा के पेसा मित्र (मोबलाईजर) अजय सिंह परस्ते द्वारा इस ग्राम पंचायत क्षेत्र में जल समिति द्वारा मछली पालन, मादक पदार्थ समिति द्वारा लोगों को मादक पदार्थ का सेवन न करने के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही बाजार समिति के जरिये ग्राम पंचायत द्वारा बाजार कर लेने का प्रस्ताव पारित करने में भी महती भूमिका का निर्वहन किया गया। साथ ही समग्र आई-डी, ई-केवाईसी, समग्र सत्यापन, समग्र में नाम जोड़ना, समग्र परिवार विभाजन, आवास रजिस्ट्रेशन, राशन पोर्टल में पात्र परिवारों की फीडिंग, पीएम जन-मन पक्का आवास रजिस्ट्रेशन, मनरेगा सबन्धित कार्यों का मस्टर रोल जारी करने, शांति एवं विवाद निवारण समिति के अंतर्गत समन्वय कार्य, पीएम जन-मन पक्का आवास का जियो-टैग जैसे कार्य किये गये। इसी प्रकार जयसिंहनगर ब्लॉक की पेसा मित्र (मोबलाईजर) सुमुस्कान गुप्ता, सुवेदकली पटेल, सुकल्पना तिवारी,  कुलदीप सिंह व अन्य पेसा मित्रों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित हितग्राहीमूल एवं समुदायमूलक योजनाओं का संबंधितों को लाभ दिलाने के लिए स्व-प्रेरणा से सेवा कार्य किये गये। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 ग्राम पेसा क्षेत्र में आते हैं। अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूर्ण पेसा जिलों में रूप में चिन्हित हैं। जबकि बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, नर्मदापुरम, खरगोन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी उमरिया एवं रतलाम आंशिक पेसा जिले हैं। प्रदेश में ग्राम स्तर, पंचायत स्तर, विकासखंड, जिला एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये पेसा एक्ट के क्रियान्वयन में तेजी से प्रगति आई है। पेसा मित्र इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।   recent visitors 59

जंगल में नर्स से रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार

चित्रकूट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक निजी अस्पताल की 22 वर्षीय नर्स से दुष्कर्म के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पीड़िता ने गैंगरेप का आरोप लगाया था लेकिन पुलिस जांच में रेप की पुष्टि हुई, जिसके बाद आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है। बता दें कि घटना के 12 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है, अभी हालांकि एक ही आरोपी पकड़ा गया है। जंगल में नर्स से रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार मिली जानकारी के मुताबिक, चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में शंकरगढ़ के रहने वाले शुभम मिश्रा को पुलिस ने सुबह 5.30 बजे अरवारी मोड़ से गिरफ्तार किया गया। ये घटना 26 अक्टूबर को बरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़िता के पिता ने तीन-चार अज्ञात युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। घटना के 12 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की थी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले में केवल एक आरोपी शामिल है। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जो कि आदतन अपराधी है। recent visitors 78

प्रदेश भर में डेंगू अपने पंख पसार रहा है, अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं

अंबाला प्रदेश भर में डेंगू अपने पंख पसार रहा है। अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच अंबाला छावनी के कई इलाकों का रियलटी चेक किया तो पाया कि कॉलोनियों में ना तो सफाई व्यवस्था दरुस्त है और ना ही खाली पड़े प्लॉटों से अब तक बरसाती पानी की निकासी हो पाई है। जिन प्लाटों में पानी खड़ा है उनमें काई जमी है। मच्छर और अन्य कीटाणु इन प्लॉटों पर मंडरा रहे हैं जिससे कभी भी डेंगू जैसी घातक बीमारी फैलने का खतरा स्थानीय निवासियों के सिर पर मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। लिहाजा गणेश विहार एक्सटेंशन और आजाद नगर के लोगों को हमेशा बीमारी फैलने का खतरा सताता रहता है, क्यूंकि इन इलाकों में मक्खियों और मच्छरों की भरमार है। डेंगू से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग का साफ कहना है कि उनकी तैयारियां पूरी है। किसी भी तरीके की कोई दिक्कत उनकी तरफ से नहीं है। जिले में 82 केस डेंगू के रिपोर्ट हो चुके हैं। संबंधित विभाग को फॉगिंग के लिए पत्र लिखे गए हैं। अभी तक 8500 से ज्यादा लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। करनाल में अब तक डेंगू के 327 मामले आए, सामने स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हरियाणा में बदलते मौसम की वजह से डेंगू के केस बढ़ते जा रहे हैं। करनाल जिले में भी 1 जनवरी से अब तक 327 मामले सामने आए हैं। जो कि पिछले साल के मुकाबले कम हैं। बावजूद इसके जिले में रोजाना डेंगू से जुड़े मामले सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में आते रहते हैं। करनाल में आए दिन मामले सामने आ रहे हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर रेनू चावला ने कहा है कि अलग-अलग जगह टीमें जाकर फॉगिंग कर रही हैं। लार्वा को काला तेल या दवाई डालकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। कोई व्यक्ति ज्यादा लापरवाही बरत रहा है तो उसे नोटिस भेजा जा रहा है। ताकि डेंगू से बचाव किया जा सके। प्राइवेट अस्पतालों को भी सख्त निर्देश दिए गऐ हैं कि किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न की जाऐ। मच्छरों का लार्वा न पनपे इसलिए एहतियाद बरते जा रहे हैं। recent visitors 65

Amazon-Flipkart पर ED की बड़ी कार्रवाई, 16 ठिकानों पर मारी रेड

नई दिल्ली  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों को लेकर अमेज़न और फ्लिपकार्ट सहित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े देश भर के कई विक्रेताओं के यहां छापे मारे। केंद्रीय एजेंसी ने इन विक्रेताओं से संबंधित कम से कम 15 से 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) जांच के तहत अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनियों पर कारोबार करने वाले कुछ विक्रेताओं के खिलाफ छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई कुछ पसंदीदा विक्रेताओं के वित्तीय लेन-देन से संबंधित है, जो अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापार करते हैं। फेमा के तहत की जा रही इस जांच के संबंध में दिल्ली, गुरुग्राम (हरियाणा), हैदराबाद (तेलंगाना) और बेंगलुरु (कर्नाटक) में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। दरअसल, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की एंटीट्रस्ट जांच में पाया गया है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट ने चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीह देकर, कुछ लिस्टिंग को प्राथमिकता देकर और उत्पादों पर भारी छूट देकर स्थानीय प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया, जिससे अन्य कंपनियों को नुकसान हुआ। ईडी अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के संभावित दुरुपयोग की जांच कर रहा है, जो अवैध वित्तीय प्रथाओं में शामिल हो सकते हैं। अवैध वित्तीय गतिविधियों मं  भी लिप्त होने की सबसे अधिक संभावना है।   recent visitors 58