औचक छापेमारी कर देह व्यापार के धंधे का पर्दाफाश करते हुए 10 लड़के-लड़कियों को आपत्तिजनक हालत में किया गिरफ्तार

रूपनगर रूपनगर में देह व्यापार के धंधे पर्दाफाश हुआ है। सदर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर औचक छापेमारी कर देह व्यापार के धंधे का पर्दाफाश करते हुए 2 होटलों से 10 लड़के-लड़कियों को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया है। सदर पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है और बाकी के खिलाफ जांच जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपनगर के ख्यासपुरा गांव के पास हाईवे पर सदर पुलिस ने एक गुप्त सूचना मिलने पर 2 होटलों में औचक छापेमारी की, जहां से 10 लड़के-लड़कियों को आपत्तिजनक हालत में बरामद किया गया। SHO थाना सदर सिमरनजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने अब तक 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि लड़कियों को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल रूपनगर भेज दिया गया है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस को लंबे समय से रूपनगर-नंगल हाईवे पर चल रहे कुछ होटलों में देह व्यापार के धंधे की शिकायत मिल रही थी, लेकिन कल पुख्ता सूचना के बाद पुलिस टीमों ने मौके पर जाकर छापेमारी की और सफलता हासिल की है। recent visitors 63

सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई घर के खाने की लागत, शाकाहारी थाली महंगी

Rising prices of vegetables increase the cost of home food, vegetarian thali becomes expensive अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण घर में बना शाकाहारी और मांसाहारी खाना महंगा हो गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल की तुलना में 20% बढ़कर 33.3 रुपये प्रति प्लेट तक पहुंच गई है, जो सितंबर के 31.3 रुपये प्रति प्लेट से अधिक है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में उछाल है। आइए जानते हैं कि आखिर शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में यह इजाफा क्यों हुआ। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई आलू-प्याज-टमाटर ने बढ़ाई महंगाई रिपोर्ट के अनुसार मासिक ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई और महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल भी प्रभावित हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टमाटर की कीमतें एक साल पहले की समान अवधि के 29 रुपए प्रति किलोग्राम से दोगुनी होकर 64 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं, क्योंकि बारिश के कारण आवक प्रभावित हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आपूर्ति शुरू होने के साथ नवंबर से इस जिंस (टमाटर) की कीमतें स्थिर होने की संभावना है. ये भी है महंगाई का कारण रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जियों की कीमतों का कुल थाली लागत में 40 प्रतिशत भारांश होता है और इसलिए उतार-चढ़ाव ने कुल लागत को प्रभावित किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी थाली में 11 प्रतिशत भार वाली दालों की कीमतों में इस महीने के दौरान 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका कारण शुरुआती स्टॉक में कमी, स्टॉक पाइपलाइन में कमी और त्योहारी मांग का होना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई आवक के कारण दिसंबर से कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की लागत में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की गिरावट ने भोजन की लागत में उछाल को रोकने में मदद की. मांसाहारी थाली में मामूली इजाफा वहीं दूसरी ओर मांसाहारी थाली की महंगाई को लेकर भी रिपोर्ट में ज्यादा चिंता व्यक्त नहीं की गई है. मांसाहारी थाली के मामले में, ब्रॉयलर की कीमतों में 9 प्रतिशत की गिरावट, जो कि थाली की लागत का आधा हिस्सा है, ने लागत में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि की. रिपोर्ट के अनुसार घर में बनी मांसाहारी थाली की कीमत अक्टूबर में 61.6 रुपये रही, जबकि एक महीने पहले इसी अवधि में यह 59.3 रुपये और एक साल पहले इसी अवधि में 58.6 रुपए थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारी थाली की लागत में 22 प्रतिशत हिस्सा सब्जियों की कीमतों का भी रहा. recent visitors 196

यासीन मलिक की पत्नी का राहुल गांधी को पत्र – ‘उसे जेल से निकालिए, वो जम्‍मू में शांति..

नई दिल्ली  जेल में बंद जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मुलिक ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक चिट्टी लिखी है। उन्होंने पत्र लिखकर कांग्रेस नेता से संसद में उनके पति के लिए बहस शुरू कराने की अपील की। मुशैल हुसैन के मुताबिक केवल उनके पति ही जम्मू एवं कश्मीर में शांति ला सकते हैं। मुशैल हुसैन का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में चल रही शांति प्रक्रिया में यासीन मलिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसकी दुर्दशा का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। मानवाधिकार और महिला सशक्तिकरण पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पूर्व सहायक मुशैल ने लिखा, “राहुल जी, यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए एक ताकत बन सकते हैं, बशर्ते उन्हें उचित मौका दिया जाए।” मुशैल ने पत्र में कहा, “मेरे पति के साथ चल रहा व्यवहार किसी यातना से कम नहीं है और मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि उन्हें न्याय दिलाने में हमारी मदद करें।” राहुल गांधी को लिखे पत्र में मुशैल ने अपने पति के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई का जिक्र किया, विशेष रूप से दशकों पुराने राजद्रोह के मामले का, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब मृत्युदंड की मांग की है। कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक ने टेटर फंडिंग के एक केस में मृत्युदंड की एनआईए की अपील को चुनौती दी है। एनआईए के आरोप 2017 में टेरर फाइनेंसिंग इन्वेस्टिगेशन से जुड़े हैं, जिसमें मलिक के साथ कई अन्य लोग शामिल थे। 2022 में मलिक को दोषी पाए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, मुशैल के अनुसार, मलिक की नजरबंदी और उसकी मौत की सजा की मांग ‘एक व्यापक राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।’ मुशैल ने दावा किया कि 2019 से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मलिक के साथ ‘अमानवीय’ व्यवहार कर रही है और उनके खिलाफ मुकदमे ‘राजनीति से प्रेरित’ हैं। मुशैल ने पत्र में आरोप लगाया कि ‘मलिक पर 35 साल पुराने मामले में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मुकदमा चल रहा है और अब, उन्हें फांसी की सजा देने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।’ मुशैल ने आगे कहा कि उनके पति, जो कभी सशस्त्र संघर्ष की वकालत करते थे, ने सालों पहले हिंसा का त्याग कर दिया था फिर अहिंसा और शांति का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा, ‘यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में वास्तविक शांति का साधन बन सकते हैं, न कि दिखावटी शांति जिसका वादा किया गया है।’ मुशैल ने यह भी बताया कि 2 नवंबर से मलिक जेल में अपने साथ हुए कठोर व्यवहार के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मुशैल ने मलिक के स्वास्थ्य के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। कांग्रेस क्यों निशाने पर आ सकती है? ताज्जुब होता है न कि मिशाल मलिक ने अपने पति के लिए रहन की भीख भी किससे मांग रही है, कांग्रेस से। कांग्रेस पहले ही उसके पति की मनमोहन सिंह से 2006 वाली मुलाकात के बाद से बैकफुट पर रहती है, ऊपर से यह पत्र उसके लिए और मुसीबात बढ़ाने का काम करेगा। हालांकि न तो कांग्रेस और न ही राहुल गांधी ने इसका जवाब दिया है,लेकिन यह लेटर पार्टी का बीपी हाई करने वाला है। यासीन मलिक को किस मामले में सजा हुई है? यासीन मलिक इस समय दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। कश्मीरी अलगाववादी नेता और पूर्व उग्रवादी यासीन मलिक कश्मीर को भारत से काटने की बात करता था। 1990 के कश्मीर नरसंहार में उसका भी बड़ा हाथ है। यासीन मलिक को 25 मई 2022 को एनआईए कोर्ट ने टेरर फंडिंग के केस में उम्रकैद की सजा सनाई थी। एनआईए ने 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में कई व्यक्तियों के खिलाफ आरोप दायर किए थे, जिनमें मलिक भी शामिल था। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष रहे यासीन मलिक पर 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर के रावलपोरा में भारतीय वायु सेना के 40 कर्मियों पर हमले का बी आरोप है। उस हमले में 4 वायुसेना कर्मियों की जान चली गई थी। यासीन मलिक पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बहन रुबैया सईद के अपहरण और उसके बाद पांच आतंकवादियों को छोड़ने की घटना में भी आरोपी है। इसके अलावा तीन दशक पुराने राजद्रोह मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसके लिए मौत की सजा की मांग की है।   2006 की वो फोटो जो नहीं छोड़ती पीछा अब बात उस तस्वीर की जो 18 साल बाद भी कांग्रेस का पीछा नहीं छोड़ रही है। यह मुलाकात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आतंकी यासीन मलिक के बीच हुई थी। यासीन की पत्नी मिशाल ने अपने पत्र में इस मुलाकात का भी जिक्र किया है। मिशाल मलिक ने लिखा कि यासीन मलिक विविधता में एकता के सच्चे शिष्य हैं, कश्मीरियत की आत्मा हैं। यह उनकी निर्मल अहिंसक विचारधारा थी, जिसने तत्कालीन भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को 17 फरवरी, 2006 को भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच संवाद शुरू करने के लिए आमंत्रित किया था। यासीन ने शांति प्रक्रिया में अपना पूर्ण समर्थन देने का वादा किया था। 17 फरवरी 2006 को तब के पीएम मनमोहन सिंह ने यासीन मलिक को आमंत्रित किया था। दोनों की मुलाकात नई दिल्‍ली स्थित प्रधानमंत्री आवास में हुई थी। यह मुलाकात जम्‍मू-कश्‍मीर के नेताओं, अलगाववादियों और अन्‍य संगठनों के साथ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत हुई थी। इस मुलाकात के दौरान कहीं से भी यासीन मलिक के चेहरे पर अपराधबोध नहीं था। उसने बड़ी गर्मजोशी से मनमोहन सिंह से मुसाकात की थी। हाथ मिलाया और फोटो भी खिंचवाई थी। जिस ठाठ बाट के साथ उसने यह मुलाकात की, उसी तरह वह मुलाकात के बाद भी था, बिल्कुल नवाबों की तरह अपनी कार में बैठा और चला गया। तब का दिन था और आज का दिन है, बीजेपी सहित कई पार्टियां इस फोटो को लेकर हमेशा कांग्रेस पर सवाल खड़ी करती आई हैं।     recent visitors 69

संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें- CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला कल्याण विभाग ने बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में 10 नए बाल संरक्षण गृहों का निर्माण और संचालन किया जाएगा। इन संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। महिला कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना के अनुसार, प्रदेश के मथुरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, आजमगढ़, झांसी, अमेठी, फैजाबाद, देवरिया, सुल्तानपुर तथा ललितपुर में इन संरक्षण गृहों की स्थापना की जाएगी। हर संरक्षण गृह में 100-100 बच्चों को रखने की क्षमता होगी, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। इनमें 1 राजकीय बाल गृह (बालिका), 1 राजकीय बाल गृह (बालक), 7 राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), किशोर न्याय बोर्ड सहित 1 प्लेस ऑफ सेफ्टी गृह शामिल है। इन संरक्षण गृहों में बच्चों को न केवल रहने की सुविधाएं दी जाएगी, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग इन संरक्षण गृहों की स्थापना से असहाय और संवेदनशील बच्चों को एक नया जीवन देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इन गृहों में बच्चों को एक संरक्षित वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जीवन कौशल जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बाल संरक्षण गृहों के निर्माण के लिए आवश्यक फंड भी निर्धारित किए हैं। सभी गृहों का निर्माण योगी सरकार अपने बजट से करेगी। वहीं इन गृहों के संचालन में केंद्र सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों के केंद्रांश-60 प्रतिशत और राज्यांश-40 प्रतिशत के अनुसार राज्य सरकार पर 7.96 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना’ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन गृहों का निर्माण और प्रबंधन गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंसल्टेंट्स का चयन भी किया है, ताकि इन बाल संरक्षण गृहों में दी जाने वाली सेवाओं का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या उपेक्षित महसूस न करे। सीएम योगी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि वे समाज के भविष्य हैं। इस योजना के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो उनकी सुरक्षा और कल्याण के प्रति संजीदा होंगे। इन बाल संरक्षण गृहों में बच्चों को उनकी उम्र और जरूरतों के हिसाब से सेवाएं दी जाएंगी, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।   recent visitors 57

महाकाल की नगरी में 9 नवंबर से स्काईडाइविंग फेस्ट शुरू होने जा रहा, चलेगा- 9 फरवरी 2025 तक

 उज्जैन मध्य प्रदेश टूरिज्म लगातार चौथे स्काईडाइविंग फेस्ट को होस्ट कर रहा है। इस फेस्ट का उद्देश्य पूरे राज्य में एडवेंचरस टूरिज्म को बढ़ावा देना और पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करना है। इसमें शामिल होने वालों को महाकाल की नगरी उज्जैन के ऊपर 10,000 फीट से छलांग लगाने का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। तीन महीने चलेगा आयोजन सीएम मोहन यादव की इच्छानुसार ही इस फेस्ट का आयोजन किया गया है। यह आयोजन 9 नवंबर से 9 फरवरी तक चलेगा। मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि राज्य को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए सीएम मोहन यादव के मार्गदर्शन में कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। सेफ्टी का रखा गया है विशेष ध्यान एमपी पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि पिछले संस्करणों की सफलता और पर्यटकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद, चौथा स्काईडाइविंग महोत्सव तीन महीने तक उज्जैन में होगा। रोमांच चाहने वाले लोग सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच उज्जैन में दताना हवाई पट्टी पर हवाई रोमांच का अनुभव कर सकते हैं। महोत्सव में सभी प्रतिभागियों के लिए उनकी डाइविंग से पहले सेफ्टी ब्रीफिंग और ट्रेनिंग सेशन होंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को अत्याधुनिक सुरक्षा गियर से लैस किया जाएगा, जिसमें स्वचालित तैनाती प्रणाली और बैकअप पैराशूट शामिल हैं। स्काई डाइव करते हुए होंगे महाकाल मंदिर के दर्शन इंटरनेशनल और व्यापक अनुभव वाले प्रशिक्षक हर उड़ान से पहले उपकरणों की गहन जांच करेंगे। स्काईडाइविंग का अनुभव करते हुए आसमान से प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर और पवित्र शिप्रा नदी के हवाई दृश्य दिखाई देंगे। फेस्टिवल आयोजकों ने दताना हवाई पट्टी पर एक समर्पित लैंडिंग ज़ोन बनाया है, जिसमें ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। इस विमान का होगा यूज यही नहीं पूरे दिन मौसम की निगरानी भी की जाएगी। आयोजक एक रीवाइज्ड सेसना 182P विमान का उपयोग करेंगे, जिसमें छह व्यक्ति बैठ सकते हैं। एक बार में 02 प्रतिभागी, 02 ट्रेनर के साथ स्‍काई डाइविंग कर सकेंगे। स्काई डाइविंग में उपयोग किए जाने वाला एयरक्राफ्ट नागरिक विमानन निदेशालय से पंजीकृत है। तीन माह में 1000 से अधिक प्रतिभागियों के सम्मिलित होने की संभावना है। recent visitors 163

वह ऋषभ पंत जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के लिए खास प्लान तैयार कर रही है: पैट कमिंस

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का आगाज 22 नवंबर से होने जा रहा है। इस सीरीज से पहले टीम इंडिया का आत्मविश्वास पूरी तरह से डगमगाया हुआ है। घर पर भारत न्यूजीलैंड से 0-3 से सीरीज हार चुका है और इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों की फॉर्म ने भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में सवाल यह है कि भारत इस बार ऑस्ट्रेलिया में जीत की हैट्रिक लगाकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी रिटेन करने में कामयाब रहेगा या नहीं। वहीं दूसरी ओर वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया भारत की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। पैट कमिंस ने खुलासा किया है कि वह ऋषभ पंत जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के लिए खास प्लान तैयार कर रही है। वहीं इसके अलावा उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म पर भी बड़ी बात कही है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पैट कमिंस ने ऋषभ पंत को लेकर कहा, “हाँ, वह हमेशा खेल को बहुत तेजr से आगे बढ़ाता है, इसलिए कुछ खिलाड़ियों के लिए, आपके पास कुछ ठोस योजनाएं भी होनी चाहिए। उसने अच्छा खेला है, उसने पिछली बार ऑस्ट्रेलिया में एक अच्छी सीरीज खेली थी। तो हां, हम जानते हैं कि जब वह आगे बढ़ता है तो वह खतरनाक हो सकता है, इसलिए [हम] कोशिश करेंगे और कुछ अच्छी योजनाएं बनाएंगे और उम्मीद करेंगे कि वे सफल हों।” विराट कोहली और रोहित शर्मा की फॉर्म भारत के लिए चिंता का विषय है, पिछली 10 पारियों में दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 350 रन तक नहीं बनाए हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन कैसा रहता है ये देखने वाली बात होगी। कमिंस ने कोहली और रोहित की फॉर्म को लेकर कहा, “वास्तव में यह जानना मुश्किल है। हर खिलाड़ी अच्छे और बुरे फॉर्म से गुजरता है। अगर आपका टेस्ट करियर लंबा है, तो आपको कुछ छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। हमारा काम स्पष्ट रूप से भारतीय बल्लेबाजों को जितना हो सके उतना शांत रखना है, इसलिए हम इंतजार करेंगे और देखेंगे। वे दोनों निश्चित रूप से भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से हैं, इसलिए हम देखेंगे कि क्या होता है।” recent visitors 69

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की रहस्मयी मौत? जल्द आएगी फॉरेंसिक रिपोर्ट

 उमरिया मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मरे दस हाथियों के नमूनों की फोरेंसिक लैब रिपोर्ट जल्द ही आएगी. इससे मौत के कारणों की साफ वजह सामने आ जाएगी. अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल कृष्णमूर्ति ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि नमूने सागर स्थित राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और जबलपुर व नागपुर की प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं. एपीसीसीएफ ने कहा, "हमें भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली की रिपोर्ट पहले ही मिल चुकी है. एफएसएल सागर, जबलपुर और नागपुर की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी और इससे मौत के कारणों के बारे में और जानकारी मिलेगी." कृष्णमूर्ति हाथियों की मौत की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित पैनल के प्रमुख हैं. बता दें कि 29 अक्टूबर को उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार हाथी मृत पाए गए थे. बाद में मरने वालों की संख्या बढ़कर दस हो गई थी. आईवीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, विसरा में न्यूरोटॉक्सिन साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड पाया गया था, लेकिन कोई कीटनाशक या कीटनाशक नहीं था. इससे साफ पता चलता है कि कोई जहर नहीं था, बल्कि जहर बड़ी मात्रा में खराब हो चुके कोदो बाजरे के पौधों के खाने से हुआ था. रिजर्व में बचे हुए तीन हाथियों के बारे में पूछे जाने पर कृष्णमूर्ति ने कहा कि वन विभाग की टीमें उनकी गतिविधियों पर नज़र रख रही हैं. एक बच्चा हाथी कटनी की ओर बढ़ गया था और उस पर नज़र रखी जा रही थी.   recent visitors 79