CM शिंदे ने संविधान पर कांग्रेस को घेरा, कहा- ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबासाहेब का संविधान रहेगा’

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी पार्टियों के नेता प्रचार अभियान में जी जान से जुटे हैं. इस बीच शिवसेना प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं. सीएम शिंदे ने बुधवार (6 नवंबर) को चेंबूर विधानसभा क्षेत्र में अपने उम्मीदवार तुकाराम काते के लिए प्रचार किया. इस दौरान उन्होंने संविधान के मसले पर कांग्रेस को घेरा. चेंबूर विधानसभा क्षेत्र में अपने उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए उन्होंने संविधान को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, ''जब तक सूरज-चांद रहेगा तब तक बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान रहेगा.'' आज सुबह देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी को लेकर संविधान के बारे में बयान दिया था. इस बयान को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर आंदोलन भी किया. देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के शोर के बीच राज्य के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाते हुए कहा, ''हमारा संविधान नीले रंग का है, लेकिन राहुल गांधी के पास लाल रंग का संविधान है. राहुल गांधी अर्बन नक्सलियों से घिरे हुए हैं.'' वहीं, महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी बुधवार (6 नवंबर) को आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बाबासाहेब आंबेडकर की विचारधारा के विरोधी हैं और संविधान की रक्षा का नाटक करते हैं. राहुल गांधी ने संविधान को लेकर बीजेपी पर बोला हमला? राहुल गांधी ने बुधवार (6 नवंबर) को नागपुर में संविधान सम्मान सम्मेलन में कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ओर से तैयार किया गया हमारा संविधान सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब आरएसएस और बीजेपी संविधान पर हमला करते हैं तो वे देश की आवाज पर हमला कर रहे होते हैं.बता दें कि महाराष्ट्र में सभी 288 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 20 नवंबर को मतदान है. जबकि 23 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. recent visitors 147

बुधनी और विजयपुर उपचुनाव भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण, मोहन यादव सरकार की बड़ी परीक्षा

भोपाल मध्य प्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव मोहन यादव सरकार के लिए बड़ी परीक्षा की तरह हैं। अमरवाड़ा विधानसभा सीट के उपचुनाव के बाद हो रहे इन दो सीटों के उपचुनाव की अलग-अलग चुनौतियां हैं। बुधनी में वर्ष 2003 से लगातार जीत रही भाजपा के सामने जीत का अंतर बरकरार रखने की चुनौती है। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बुधनी सीट पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे से रिक्त हो गई। वहीं, विजयपुर में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए रामनिवास रावत के इस्तीफे से उपचुनाव की स्थिति बनी। अब रामनिवास रावत भाजपा प्रत्याशी हैं और उन्हें विजयी बनाना भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस की परंपरागत सीट कांग्रेस ने रामनिवास रावत के विरुद्ध आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाकर चुनाव को रोचक बना दिया है। दूसरी वजह यह है कि विजयपुर कांग्रेस की ही परंपरागत सीट रही है। यहां से रामनिवास रावत ही कांग्रेस के टिकट पर छह बार विधायक रहे हैं। इसी कारण कांग्रेस के दिग्गज नेता भी यहां जोर लगा रहे हैं। रामनिवास रावत के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न सीट निकालना रामनिवास रावत के लिए इस कारण भी प्रतिष्ठा का प्रश्न हैं क्योंकि वह विधानसभा का सदस्य निर्वाचित हुए बिना मंत्री बने हुए हैं। यहां भाजपा को जीत नहीं बल्कि वोटों के अंतर की चिंता है। इन दोनों विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए भाजपा संगठन और सरकार दोनों ने ही ताकत झोंक दी है। कार्तिकेय संभाल रहे कमान बुधनी से भले ही भाजपा ने रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है लेकिन परंपरागत सीट पर जीत का अंतर बरकरार रखने की जिम्मेदारी तो शिवराज सिंह चौहान पर ही है। शिवराज सिंह इन दिनों झारखंड के चुनाव प्रभारी हैं। वे पूरा समय झारखंड को ही दे रहे हैं। बुधनी में उनके बेटे कार्तिकेय रमाकांत भार्गव के पक्ष में वोट मांग रहे हैं। प्रतिष्ठा बचाने के लिए संगठन और सरकार जुटे कांग्रेस ने यहां से अपने पुराने नेता राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है। राजकुमार पटेल इस सीट से 1993 में विधायक चुने गए थे। उनके जातिगत वोट भी यहां बड़ी संख्या में है इसलिए भाजपा के सामने जीत का पिछला रिकार्ड बरकरार रखने की चुनौती है। वहीं श्योपुर की विजयपुर सीट पर वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत की प्रतिष्ठा बचाने के लिए संगठन और सरकार जुट गए हैं। दोनों सीटों पर मुख्यमंत्री का खास ध्यान मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधनी में सैकड़ों करोड़ रुपये के कार्यों के शुभारंभ के साथ और नौ अक्टूबर को विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में वन समितियों का सम्मेलन कर चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी। दोनों सीटों पर उनका विशेष ध्यान है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी दोनों सीटों पर कार्यकर्ताओं की बैठक से लेकर बूथ प्रबंधन तक जमावट कर ली है। recent visitors 80

महाराष्ट्र की सत्ता का द्वार तो 62 सीटों वाला विदर्भ ही खोलेगा, फडणवीस और नाना पटोले भी इसी क्षेत्र से लड़ेंगे चुनाव

मुंबई महाराष्ट्र के दोनों राजनीतिक गठबंधनों के प्रमुख नेताओं ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भले पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर से की हो, लेकिन महाराष्ट्र की सत्ता का द्वार तो 62 सीटों वाला विदर्भ ही खोलेगा। दो विपरीत विचारधाराओं वाले इस क्षेत्र में अभी तक तो समान लड़ाई देखने को मिल रही है। 62 में से 35 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में आमने-सामने की टक्कर हो रही है। जबकि छह सीटों पर शिवसेना एवं शिवसेना (यूबीटी) तथा सात सीटों पर राकांपा और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। फडणवीस और नाना पटोले भी मैदान में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले सहित कई राजनीतिक दिग्गजों की किस्मत का फैसला इस क्षेत्र से होना है। इन्हीं नेताओं में से कोई मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी हो सकता है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक विवेक भावसार कहते हैं कि विदर्भ का प्रदर्शन ही यह तय करेगा कि अगली सरकार कौन बनाता है। यह युद्ध का ऐसा मैदान है जो फैसले को निर्णायक बना सकता है। recent visitors 113

मोदी और शाह के नेतृत्व में देश की राजनीति का स्तर गिर गया : संजय राउत

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों के नेतृत्व में देश की राजनीति का स्तर नीचे चला गया है। शायद इसी वजह से बीते दिनों शरद पवार ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। लेकिन, हम जैसे लोग जो उन्हें चाहते हैं, उनसे आग्रह करना चाहेंगे कि वह राजनीति से अभी संन्यास ना लें। उन्होंने कहा, “शायद यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि शरद पवार भारतीय राजनीति के सर्वाधिक वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनके जैसा वरिष्ठ नेता भारतीय राजनीति में मौजूदा समय में कोई नहीं है। हम सभी लोगों ने उनसे राजनीति का पाठ सीखा है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान अमिट छाप छोड़ी है। ऐसे में उनकी उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती है। लेकिन, इस बात को भी खारिज करना गवारा नहीं रहेगा कि मौजूदा समय में जिस तरह से राजनीति का स्तर नीचे चला गया है, वो निंदनीय है। शायद इसी वजह से पवार ने बीते दिनों चुनाव ना लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन, हम चाहेंगे कि वो राजनीति में बने रहे।” उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विरोधी हैं। लेकिन, मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि उनका विरोध करने से कुछ होने वाला नहीं है। उद्धव ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि हर जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनेगा। लेकिन, ना जाने क्यों कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।” राउत ने कहा, “जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो सकता है, तो हमारे महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर क्यों नहीं बन सकता है। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनवाकर रहेंगे।” उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज के दौरान भी कई फडणवीस थे, जिन्होंने उनका विरोध किया था। लेकिन, उनके वजूद पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आई थी। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि कोई उनका कितना भी विरोध क्यों ना करें। लेकिन, उनकी अस्मिता पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं लग सकती है।” recent visitors 81

एलन मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका को उनके रूप में एक ‘नया सितारा’ मिला: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप, ने बुधवार को एलन मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका को उनके रूप में एक 'नया सितारा' मिला है। उन्होंने इस दौरान अरबपति बिजनेसमैन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच कन्वेंशन सेंटर में समर्थकों के बीच अपनी विक्ट्री स्पीच में उन्होंने एक्स के मालिक को 'सुपर जीनियस' कहा। बता दें ट्रंप ने जीत की आधिकारिक घोषणा से पहले ही अपनी विक्ट्री स्पीच दी। ट्रंप ने कहा कि मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस ने पिछले महीने दक्षिण-पूर्वी अमेरिका में आए तूफान हेलेन के दौरान 'बहुत से लोगों की जान' बचाने में मदद की। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा, "मैंने एलन से कहा कि उन्हें उत्तरी कैरोलिना में इसकी बहुत, बहुत सख्त जरूरत है, क्या आप इसे उपलब्ध करा सकते हैं? उन्होंने इसे वहां इतनी तेजी से उपलब्ध कराया; जो अविश्वसनीय था। इसने बहुत से लोगों की जान बचाई।" मस्क को 'विशेष व्यक्ति' कहते हुए ट्रंप ने कहा: 'हमें अपने प्रतिभाशाली लोगों की रक्षा करनी होगी, हमारे पास वे बहुत से नहीं हैं।' उन्होंने कहा, "हमारे पास एक नया सितारा है… एक सितारा पैदा हुआ है – एलन!" मस्क पूरे राष्ट्रपति अभियान के दौरान ट्रंप के कट्टर समर्थक रहे हैं। बुधवार को मस्क ने ट्रंप को तब बधाई दी जब वह कुछ महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट्स में जीत के बाद बहुमत के करीब पहुंच गए थे। टेक अरबपति ने अपने प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका के लोगों ने आज रात डोनाल्ड ट्रंप को बदलाव के लिए एकदम स्पष्ट जनादेश दिया है।" उन्होंने आगे लिखा, "अमेरिका बिल्डरों का देश है। जल्द ही, आप निर्माण करने के लिए स्वतंत्र होंगे। भविष्य शानदार होने वाला है।" recent visitors 103

वाशिम विधानसभा क्षेत्र में उमड़ा यह अपार जन सिंधु महाराष्ट्र में भाजपा की विजय गाथा लिखने जा रहा है: सीएम योगी

महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को महाराष्ट्र के वाशिम में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वाशिम विधानसभा क्षेत्र में उमड़ा यह अपार जन सिंधु महाराष्ट्र में भाजपा की विजय गाथा लिखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस दुष्ट अफजल को मार गिराया था उसके नाम पर औरंगाबाद का नाम होना, याद करना इसको हटना ही चाहिए था, इसे संभाजीनगर के रूप में पहचान मिलनी ही थी। छत्रपति शिवाजी महाराज का संघर्ष हो या संभाजी महाराज का, हमें नई प्रेरणा देता है। छत्रपति शिवाजी महाराज हम सबको एकजुट करके लेकर गए थे। हर भारतवासी को अपने साथ जोड़े थे। अपनी सेना का हिस्सा बनाए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में दो महा गठबंधन चुनाव लड़ रहे हैं। एक तरफ महायुति गठबंधन है और दूसरी और महा अघाड़ी के रूप में 'महाअनाड़ी' गठबंधन है। मैं अनाड़ी इसलिए कहता हूं जिसे राष्ट्र की चिंता नहीं हो, वह अनाड़ी ही होगा। एक समय था जब आतंकवादी देश में घुसकर विस्फोट करते थे, आज पीएम मोदी के नेतृत्व में कोई सीमा पर अतिक्रमण करता है तो उसका राम नाम सत्य हो जाता है। सीएम योगी ने वाशिम में शिवाजी बनाम औरंगजेब का वैचारिक मुद्दा उठाकर हिन्दुत्व को तेज धार देने वाली स्पीच दी। योगी ने कहा कि जिस तरह से वाशिम विधानसभा क्षेत्र में लोग उमड़े हैं, यह महाराष्ट्र में भाजपा की विजय गाथा लिखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ताएं तो आएंगी-जाएंगी, लेकिन हमारा 'भारत' रहना चाहिए और 'भारत' दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनना चाहिए। विपक्षी कहते थे राम हुए नहीं, कृष्ण हुए नहीं, आज भले ये चुनाव में कह रहे हो लेकिन इन पर भरोसा मत करिएगा। राम हमारी रग-रग में हैं, कण-कण में हैं। इसके अलावा सीएम योगी ने आगे कहा कि बंटिए मत! क्योंकि जब भी बंटे थे तो कटे थे। एक हैं तो नेक हैं, एक हैं तो सेफ हैं। recent visitors 80

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के गंभीर प्रदूषण का हवाला देते हुए कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया

नई दिल्ली यमुना नदी के तट पर छठ पूजा करने की अनुमति मांगने के लिए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें इस अनुष्ठान पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के गंभीर प्रदूषण का हवाला देते हुए कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को नदी में पूजा करने की अनुमति देने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने हाल ही में हुए एक मामले का हवाला दिया जिसमें एक व्यक्ति प्रदूषित पानी में डुबकी लगाने के बाद बीमार पड़ गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालत ने यह भी बताया कि पूजा के लिए करीब 1,000 वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए थे, तथा उत्सव के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। परिणामस्वरूप, याचिका खारिज कर दी गई। न्यायालय ने कहा कि अन्य घाट और निर्दिष्ट क्षेत्र हैं जहां लोग सुरक्षित रूप से पूजा कर सकते हैं। लोग बीमार पड़ सकते हैं- कोर्ट अदालत ने कहा कि यह प्रतिबंध संभवतः यमुना नदी में प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण लगाया गया है, तथा चेतावनी दी कि ऐसे जहरीले पानी में नहाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। न्यायालय पूर्वांचल नव निर्माण संस्थान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें यमुना नदी के तट पर छठ पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि पहले कोविड-19 महामारी के दौरान अनुमति नहीं दी गई थी और अब प्रतिबंध फिर से लगा दिए गए हैं, जिससे लोगों को दिल्ली में पारंपरिक तरीके से पूजा करने से रोका जा रहा है। दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि लोगों के लिए अन्य स्थानों पर अनुष्ठान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जहरीले झाग ने भक्ति को फीका कर दिया मंगलवार को पारंपरिक 'नहाय खाय' के साथ चार दिवसीय छठ पर्व शुरू हुआ, लेकिन दिल्ली में कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी के तट पर एक भयावह दृश्य ने धार्मिक भावना को बाधित कर दिया। हाल ही में श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे और उन्होंने पूजा-अर्चना की तथा पवित्र स्नान किया, जो सूर्य देव को समर्पित त्यौहार का एक अभिन्न अंग है। हालांकि, नदी की सतह पर तैरते जहरीले झाग के दृश्य ने उनकी भक्ति को फीका कर दिया, जो शहर के चल रहे प्रदूषण संकट की भयावह याद दिलाता है। recent visitors 105