भोपाल में 6 घंटे ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखे गए व्यापारी को साइबर पुलिस ने किया रेस्क्यू

भोपाल  एक व्यापारी की सूझबूझ और पुलिस की तत्काल मदद ने साइबर ठगों के इरादों पर पानी फेर दिया। मध्य प्रदेश पुलिस ने रविवार को एक व्यापारी को साइबर अपराधियों द्वारा लूटे जाने से बचा लिया। ठग व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट करने वाले थे। क्या है मामला एमपी पुलिस साइबर सेल ने एक विज्ञप्ति जारी कर मामले के बारे में विस्तार से बताया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शहर के अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक ओबेरॉय को शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक व्यक्ति का कॉल आया। उस व्यक्ति ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का अधिकारी बताकर फोन किया। सीबीआई और क्राइम ब्रांच का दिया हवाला विज्ञप्ति में बताया गया है कि घोटालेबाजों ने ओबेरॉय को ऐसे लोगों से कनेक्ट कराया, जो खुद को सीबीआई और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहे थे। ठग दावा कर रहे थे कि ओबेरॉय के आधार कार्ड का उपयोग करके कई फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं। ठगों ने ओबेरॉय को कहा कि उनके आधार से ट्रांजैक्शन के लिए कई सिम कार्ड भी खरीदे गए हैं। स्काइप एप डाउनलोड करने का कहा साइबर बदमाशों ने ओबेरॉय को स्काइप वीडियो ऐप डाउनलोड करने को कहा और एक कमरे में रुकने को कहा। इसी बीच मौके का फायदा उठाते हुए व्यवसायी ने सूझबूझ से काम लिया। उसने एमपी साइबर पुलिस को कॉल कर सतर्क कर दिया और पुलिस उसकी 'डिजिटल गिरफ्तारी' के बीच उसके घर पहुंच गई। जब पहुंची असली पुलिस जब असली पुलिस ने फर्जी कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के आईडी वेरिफिकेशन की मांग की, तो जालसाजों ने वीडियो कॉल काट दिया। ठग को व्यवसायी की 'डिजिटल गिरफ्तारी' के दौरान उसके बैंक डिटेल तो मिल गए थे, लेकिन उसने पैसे का कोई लेनदेन नहीं किया। ओबेरॉय की आधार डिटेल और मार्केटिंग कनेक्शन के साथ खोले गए फर्जी बैंक खातों के दावों का उपयोग करते हुए, उन्होंने उन्हें स्काइप ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई। इस दौरान, जालसाजों ने उनसे संवेदनशील व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करते हुए एक फर्जी पूछताछ भी की। उन्होंने उन्हें चेतावनी दी कि वे अपने परिवार को इस स्थिति के बारे में न बताएं, और ऐसा न करने पर उन्हें गिरफ्तार करने और नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। जैसे-जैसे स्कैम आगे बढ़ा, साइबर पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और वीडियो कॉल में हस्तक्षेप किया। पुलिस ने अपना परिचय दिया और धोखेबाजों से उनकी पहचान का सबूत दिखाने को कहा। धोखेबाजों ने तुरंत कॉल काट दिया, जिससे डिजिटल अरेस्ट खत्म हो गई। इसके बाद, पुलिस ने ओबेरॉय को बताया कि घोटालेबाजों द्वारा दिखाए गए सभी नोटिस और आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत थे। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते पुलिस नहीं आती तो उनसे करोड़ों रुपए की ठगी हो जाती। क्या होता है डिजिटल अरेस्ट डिजिटल अरेस्ट के मामले में साइबर ठग आपको अनजान नंबर से कॉल करते हैं। अगर आप कॉल उठाते हैं, तो सामने वाला शख्स अपना परिचय किसी उच्च अधिकारी के रूप में दे सकता है। उदाहरण के लिए वह कह सकता है कि आपके नाम से पार्सल विदेश जा रहा था जिसमें ड्रग्स था। ऐसे में जाहिर सी बात है कि इंसान घबरा जाता है। इसके बाद ये फर्जी अधिकारी आपके नाम का फेक अरेस्ट वॉरेंट तक दिखाते हैं। आपको कैमरे के सामने रहने की हिदायत दी जाती है। यही डिजिटल अरेस्ट होता है। recent visitors 111

हर घर जल से बदलती गांवों की तस्वीर

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन ने न केवल गांव के लोगों को पानी के स्रोत से जोड़ा है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर को भी सुधारा है। ग्रामीण अब शुद्ध पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। इसके अलावा, बच्चों और महिलाओं को अब पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। वह समय का उपयोग अन्य कार्यों में करने लगे हैं। यह मिशन केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण ग्रामीण समाज के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) में सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी गई है, जहां हर घर जल का सपना अब हकीकत बन गया है। हाल ही में इस गांव में ‘हर घर जल उत्सव’ का आयोजन हुआ। यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन सभी ग्रामीणों के लिए गर्व का क्षण था, जिन्होंने जल जीवन मिशन के इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनकर अपने गांव में एक नया अध्याय लिखा। गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 260 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे अब हर घर में शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस काम को अंजाम देने के लिए 3305 मीटर की पाइप लाइन बिछाई गई है, जो गांव के हर कोने तक पानी पहुंचाने का काम करती है। इसके साथ ही, गांव में एक पानी की टंकी का निर्माण भी किया गया है जो जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। यह टंकी न केवल गांव के सभी घरों में पानी पहुंचाती है बल्कि यह जल संग्रहण का भी एक बड़ा साधन है, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। गांव की महिलाएं, विशेष रूप से श्रीमति धन्ना बाई मानिकपुरी और श्रीमति पुष्पा साहू, अत्यंत प्रसन्न हैं। पहले उन्हें पानी के लिए गांव के कुओं या हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें न केवल मेहनत करनी पड़ती थी बल्कि अधिक समय भी खर्च करना पड़ता था। घर के अन्य कामकाज में उनकी यह व्यस्तता एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब, जब उनके घर के आंगन में ही नल से पानी उपलब्ध है, तो यह उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। अब उन्हें पानी भरने के लिए समय और ऊर्जा की चिंता नहीं करनी पड़ती। उन्होंने इसके लिए सरकार को धन्यवाद दिया । ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) का यह कदम अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण है। जल जीवन मिशन की यह सफलता बताती है कि जब सामूहिक प्रयास और सरकार की योजनाओं का समन्वय होता है, तो किसी भी समस्या का हल संभव है। इस गांव के लोगों ने दिखा दिया कि छोटी-छोटी मुश्किलों को पार करके एक बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। हर घर जल उत्सव के आयोजन के साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि जल संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके। recent visitors 96

10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे

डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भाग के रूप में पदयात्रा करेंगे भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए पदयात्रा 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे रायपुर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे। पदयात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी। इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा। पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं: सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्‍सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत। आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन। जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी। कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं। युवाओं के योगदान का उत्सव: माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना। आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे। आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना। आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना।   मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।   recent visitors 75

महाराष्ट्र चुनाव के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम , 28 बागी उम्मीदवारों को किया पार्टी से निष्कासित

 मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2024) से पहले कांग्रेस ने बागियों के खिलाफ सख्ती की शुरुआत कर दी है. पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले 22 नेताओं को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया है. इन नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने के चलते 6 साल के लिये निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले बागी उम्मीदवार कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी करते दिख रहे हैं. जिन 22 नेताओं को पार्टी से निकाला गया है, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवारों के खिलाफ ही ताल ठोंक रखी है. पार्टी से निकाल दिये गए ये दिग्गज कांग्रेस से निकाले गए नेताओं में कई दिग्गज भी शामिल हैं. इनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक (रामटेक निर्वाचन क्षेत्र), याज्ञवल्क जिचकर (काटोल), कमल व्यवहारे (कसबा), मनोज शिंदे (कोपरी पचपखाड़ी) और आबा बागुल (पार्वती) शामिल हैं. बागियों पर एक्शन के बाद कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है. कब है महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी. महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. महाराष्ट्र में इस समय दो मुख्य गठबंधन के बीच मुकाबला है जिसमें MVA और महायुति शामिल हैं. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे)और NCP (अजित पवार) शामिल हैं. इन्हें भी किया पार्टी से बाहर जिन बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें सिंदखेडा से बागी शामकांत सनेर, श्रीवर्धन से राजेंद्र ठाकूर, पर्वती से आबा बागुल, शिवाजीनगर से मनीष आनंद, परतूर से सुरेश कुमार जेथलीया और  कल्याण बोराडे, रामटेक सीट से चंद्रपाल चौकसे, सोनल कोवे, मनोज सिंधे, अविनाश लाड, आनंदराव गेदाम, शब्बीर खान, हंसकुमार पांडे, मंगल भुजबल, अभिलाषा गावतुरे, कमल व्यवहारे, मोहनराव दांडेकर, प्रेमसागर गणवीर, याज्ञवल्क्य जिचकर, अजय लांजेवार, राजेंद्र मुलक, विजय खडसे और विलास पाटिल का नाम शामिल हैं. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है. 20 नवंबर को वोटिंग के होगी और 23 नवंबर को काउंटिंग होगी. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी के सामने लोकसभा चुनाव परिणाम को दोहराने की चुनौती है तो वहीं महायुति को दोबारा सत्ता में आने के लिए 145 सीटें हासिल करनी होंगी. दोनों पार्टियां अपना दम-खम दिखाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.   recent visitors 90

श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कृष्ण जन्म महोत्सव मनाया गया 

Krishna Janma Mahotsav celebrated on the fourth day of Shrimad Bhagwat Katha सुशील दामले (विशेष संवाददाता)  भोपाल । श्रीमद् भागवत कथा ब्रम्हचित्र समाज कल्याण संस्थान के द्वारा आयोजन किया जा रहा हैं,वहीं श्री कृष्ण नंद महोत्सव में मुख्य अतिथि ब्यावर से पधारी भागवत प्रवक्ता आशा दीदी एवं उनके सहयोगी का समिति के द्वारा माल्यार्पण कर एवं दुपट्टा पहना कर स्वागत किया गया, वहीं हम आपको बतादे की,सवाई माधोपुर से पधारे आचार्य पंडित श्री कैलाश चंद्र तेहरिया ने चतुर्थ दिवस की कथा का वाचन करते हुए, गजेंद्र मोक्ष,समुद्र मंथन,वामन अवतार,राम जन्म,सीताराम विवाह एवं कृष्ण जन्म की कथा का वर्णन किया,गजेंद्र मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि,यह जीव इस संसार में गजेंद्र के रूप में आता है,और काम, क्रोध, मद,लोभ इत्यादि जो विकार है,वह सब ग्राह के रूप में इस जीव को जकड़े हुए हैं,और यह संघर्ष निरंतर चलता ही रहता है,जो प्रभु की भक्ति में लीन रहता है,वह इन ग्राह रूपी विकारों से बचकर अपने जीवन को धन्य बनाता है,एवं अंत में मोक्ष प्राप्त कर लेता है, इस अवसर पर वामन अवतार राम लक्ष्मण सीता की सजीव झांकी बनाई गई,परीक्षित के रूप में मुख्य यजमान मोहन सिंह सरसिया ने सपत्नी ने वामन भगवान एवं सीताराम,लक्ष्मण की झांकी का पूजन किया,कथा के अंत में कृष्ण जन्म के पश्चात कृष्ण नंद महोत्सव मनाया गया,इस अवसर पर बधाइयां गाई गई, और श्रोताओं के द्वारा जमकर ठुमके लगाए गए recent visitors 174

आज CJI की शपथ लेंगे जस्टिस संजीव खन्ना , EVM समेत ये फैसले रहे चर्चा में

नई दिल्ली. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 11 नवंबर को 51वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे। संजीव खन्ना, जो चुनावी बांड योजना को खत्म करने और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे सुप्रीम कोर्ट के कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। सोमवार को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी।  बता दें कि न्यायमूर्ति खन्ना न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लेंगे, जो रविवार को सेवानिवृत्त हुए और उनका कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा। कैसे हुई नियुक्ति? 16 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की सिफारिश के बाद केंद्र ने 24 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर न्यायमूर्ति खन्ना की नियुक्ति को अधिसूचित किया। शुक्रवार को सीजेआई के रूप में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का आखिरी कार्य दिवस था और उन्हें शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों द्वारा जोरदार विदाई दी गई। न्यायमूर्ति खन्ना ने जनवरी 2019 से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है, कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं जैसे कि ईवीएम की पवित्रता को बरकरार रखना, चुनावी बांड योजना को खत्म करना, अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और पूर्व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना। पूर्व जज के भतीजे हैं नए जज दिल्ली स्थित एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले, न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के बेटे और टॉप अदालत के प्रमुख पूर्व न्यायाधीश एच आर खान के भतीजे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, को 18 जनवरी, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट किया गया था, हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने से पहले तीसरी पीढ़ी के वकील थे। वह लंबित मामलों को कम करने और न्याय बांटने में तेजी लाने के उत्साह से प्रेरित हैं। कैसे आए चर्चा में? न्यायमूर्ति खन्ना के चाचा न्यायमूर्ति एच आर खन्ना 1976 में आपातकाल के दौरान कुख्यात एडीएम जबलपुर मामले में असहमतिपूर्ण फैसला लिखने के बाद इस्तीफा देकर सुर्खियों में आये थे। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन को बरकरार रखने वाले संविधान पीठ के बहुमत के फैसले को न्यायपालिका पर "काला धब्बा" माना गया। recent visitors 127

गुजरात के भावनगर में एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड पर छपा सीएम योगी का ‘बंटोगे तो कटोगे’ नारा

भावनगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारा 'बंटोगे तो कटोगे' चर्चा का विषय बना हुआ है। अब गुजरात के भावनगर में एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड पर इस नारे को छपवाया है और उसके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी छपवाई है। पूरा मामला गुजरात के भावनगर जिले की महुवा तहसील के वांगर गांव का है। जहां पर एक भाजपा कार्यकर्ता के घर 23 नवंबर को शादी होनी है। शादी के लिए तैयार किए गए निमंत्रण कार्ड पर सीएम योगी का चर्चित नारा 'बंटोगे तो कटोगे' छपवाया गया है, जिसमें हिंदू समुदाय को एकजुट करने की बात कही गई है। पूरे प्रदेशभर में इस कार्ड की चर्चा की जा रही है। बता दें कि हाल ही में हरियाणा के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'बंटोगे तो कटोगे' का नारा दिया था। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में इस नारे की चर्चा लगातार हो रही है। चुनावी राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में भी योगी के इस नारे पर राजनीतिक पार्टियां आमने-सामने हैं। उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भी इस नारे का असर देखने को मिल सकता है। भाजपा कार्यकर्ता ने बताया कि उसने लोगों को जागरूक करने और पीएम मोदी के संदेश को फैलाने के मकसद से ये नारा छपवाया है। कार्ड में पीएम मोदी, सीएम योगी और राम मंदिर का डिजाइन भी बनवाया गया है। साथ ही कार्ड में स्वच्छता अभियान और स्वदेशी अपनाने की बात पर भी जोर दिया गया है। गौरतलब है कि झारखंड में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा था, "अपनी ताकत का एहसास कराएं, जातियों में बंटना नहीं है। जाति के नाम पर कुछ लोग आपको बांटेंगे, कांग्रेस और विपक्ष यही काम करती है। ये लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों, रोहिंग्या को बुला रहे हैं। एक दिन ये लोग आपके घर के अंदर घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो कहता हूं कि देश का इतिहास गवाह है जब भी बंटे हैं, निर्ममता से कटे हैं।' recent visitors 83