जीतू पटवारी की कार्यकारिणी की हो रही प्रशंसा, चयन में दिखा लंबी पारी का इरादा

Jeetu Patwari’s executive is being praised, the selection shows the intention of a long innings भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी आख़िर घोषित हो ही गई। तरह तरह की अटकलों और कियासों के बाद जो लिस्ट सामने आई, उसने सब का मुँह बंद कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकारिणी में युवाओं को शामिल कर अग्रेसन, अनुभवी नेताओं को शामिल कर विजन, हर क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देकर संतुलन और पीढ़ी परिवर्तन को ध्यान में रखकर भविष्य के नेतृत्व के विकल्पों की भी झलक दिखाई है।  कहा जा रहा है कि जीतू पटवारी की कार्यकारिणी अब तक की मध्यप्रदेश कांग्रेस की सबसे छोटी कार्यकारिणी है। कार्यकारिणी में पदों की बंदरबाँट की जगह सख्त चयन मापदंड की कोशिश स्पष्ट दिखाई दे रही है। ऐसा पहली बार हुआ है जब कार्यकारिणी घोषित होने के बाद मीडिया में भी इसकी खुलकर तारीफ़ ही हो रही है। वरिष्ठों को जगह देने के साथ साथ अनुभव को वरीयता देने की पटवारी की रणनीति काम कर गई है। विरोधी भी ख़ामोश हैं, क्योंकि वृहद् स्वरूप में सभी को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश में कोई कमी नहीं नज़र आ रही है। जीतू पटवारी ने बतौर प्रदेश अध्यक्ष अपनी टीम निर्विवाद घोषित कर एक बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रभार देकर जीतू पटवारी ज़मीन पर कई बड़े अभियानों के साथ नज़र आयेंगे। जीतू पटवारी की तैयारी लंबी दूरी और लंबे लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सामने आ रही है। लंबे समय बात जीतू पटवारी कांग्रेस के सभी गुटों को ख़त्म कर एकजुटता के प्रयास में भी सफल होते नज़र आ रहे हैं। recent visitors 205

इस बार धनतेरस पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा: श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

नई दिल्ली दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, पंच दशनाम जूना अखाड़ा के प्रवक्ता दूधेश्वरनाथ के श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा है कि इस बार धनतेरस पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। श्रीमहंत ने धनतेरस को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि धनतेरस का पर्व हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि धनतेरस इस बार 29 अक्टूबर को है। इस दिन बर्तन, आभूषण और वाहन खरीदना शुभ होता है, इसलिए धनतेरस पर लोग सोने और चांदी के आभूषण, बर्तन तथा वाहनों की खरीदारी करते हैं। धनतेरस के दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है ताकि जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि रहे। श्रीमहंत ने कहा कि इसी दिन देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरी प्रकट हुए थे इसलिए इस दिन धन्वंतरि जयंती भी मनाई जाती है। आरोग्यता के लिए भगवान धन्वंतरि की इस दिन पूजा-अर्चना भी की जाती है। उन्होंने कहा कि धनतेरस पर इस बार कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे पर्व का महत्व और भी बढ गया है। धनतेरस के इस बार बुध के गोचर से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। इस योग में भगवान नारायण यानि विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ एवं लाभकारी होता है। त्रिग्रही योग, त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, वैधृति योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का महासंयोग भी बनने जा रहा है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि धनतेरस के दिन सोना, चांदी, कांसा, पीतल या तांबा से बनी वस्तुओं को ही खरीदें। इनकी खरीदारी उन्नतिदायक साबित होती है। धातु के बर्तन जरूर खरीदने चाहिए, क्योंकि इस दिन जब समुद्र मंथन हुआ था तो भगवान धन्वंतरि कलश में अमृत लेकर निकले थे। इसी कारण इस दिन धातु के बर्तन खरीदना सबसे अधिक शुभ माना जाता है।   recent visitors 127

दिल्ली कैपिटल्स अब ऋषभ को कप्तान के तौर पर रिटेन नहीं करना चाहती, मेगा नीलामी में उतर सकते हैं

नई दिल्ली आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के आईपीएल 2025 के लिए मेगा नीलामी में उतरने की संभावनाएं हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली कैपिटल्स अब ऋषभ को कप्तान के तौर पर रिटेन नहीं करना चाहती है। सभी 10 टीमों को आने वाले दिनों में अपनी रिटेंशन लिस्ट जमा करनी हैं। ऐसे में सभी  फ्रेंचाइजी अपनी सूची को अंतिम रुप देना चाहती हैं। प्राप्त जानाकरी के अनुसार ऋषभ को प्रबंधन एक बार फिर कप्तान बनाने को लेकर स्पष्ट नहीं है। प्रबंधन इस मामले पर संशय में है। ऋषभ साल 2016 से दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़े हुए हैं, लेकिन अब उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रिटेंशन लिस्ट जमा करने की समय सीमा के करीब आने के साथ, यह अटकलें तेज हो गई हैं कि उन्हें रिटेन नहीं किया जाएगा। वह हालांकि आईपीएल में सबसे चर्चित नामों में से एक हैं और उनकी टीम में भूमिका हमेशा अहम रही है। दिल्ली कैपिटल्स के प्रबंधन के लिए उनकाभविष्य तय करना एक बड़ा निर्णय होगा। इसका कारण है कि ये विकेटकीपर बल्लेबाज एक मैच विजेता खिलाड़ी हैं। पंत के आईपीएल में प्रदर्शन को देखते हुए, कई फ्रेंचाइजी उनकी नीलामी में रुचि दिखा सकती हैं, खासकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), जो एक नए कप्तान की तलाश में हैं। इसके अलावा, पंत के पूर्व कोच रिकी पोंटिंग के साथ उनके अच्छे संबंध भी चर्चा का विषय हैं हालांकि, पोंटिंग अब दिल्ली कैपिटल्स की जगह पर पंजाब किंग्स के कोच बन गए हैं, जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि पंजाब भी इस क्रिकेटर को खरीदने के लिए बड़ी बोली लगा सकती है। ऐसे में ऋषभ को लेकर आने वाले दिनों में स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स के प्रशंसक बेसब्री से इस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जो टीम के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।   recent visitors 80

राहुल गांधी ने सलून वाले की मदद की: कहा- गरीब की मुस्कान लौटाऊंगा

Rahul Gandhi helped the saloon owner: said- I will return the smile of the poor राहुल गांधी ने सलून वाले को मदद पहुंचाई: पोस्ट में लिखा- गरीब की मुस्कान वापस लाऊंगा, कुछ दिन पहले उसकी शॉप पर गए थे राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली में सलून चलाने वाले अजीत को उनकी दुकान के लिए जरूरी सामान मुहैया कराया। राहुल ने अपने वॉट्सऐप चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अजीत सामान खरीदने जा रहे हैं। राहुल ने पोस्ट में लिखा, ‘मेरा भारत के हर गरीब और मिडिल क्लास के व्यक्ति से वादा है कि उनके चेहरों पर मुस्कान वापस लाऊंगा।’ वहीं, राहुल को धन्यवाद देते हुए अजीत ने कहा, ‘मैंने नहीं सोचा था कि राहुल गांधी मुझसे मिलेंगे और मेरी मदद करेंगे। मुझे सभी जरूरी सामान मिला, कोई कमी नहीं रही।’ राहुल 25 अक्टूबर को दिल्ली के उत्तम नगर में अजीत के सलून पर गए थे। वहां उन्होंने दाढ़ी बनवाने के दौरान अजीत से बातचीत की थी। राहुल ने उसका वीडियो भी X पर शेयर किया था। अजीत ने राहुल से कहा- कांग्रेस के राज में सुकून था अजीत राहुल से कह रहे हैं- पहले सोचा था आगे भविष्य हमारा अच्छा होगा, लेकिन यहीं के यहीं रह गए। हम क्या करें, हम दिव्यांग हैं। जिंदगी ऐसे ही कट रही है। बच्चों का भविष्य अधर में है। आपके राज में हम बहुत खुश थे। कांग्रेस के राज में सुकून था। हम जैसे गरीबों को सहारा देने वाला कोई तो है। मुझे राहुल जी से मिलकर बहुत सुकून मिला। राहुल ने लिखा- बढ़ती महंगाई ने मेहनतकश के अरमान छीन लिए राहुल ने लिखा- नाई से लेकर मोची, कुम्हार से लेकर बढ़ई, घटती आमदनी और बढ़ती महंगाई ने हाथ से काम करने वालों से अपनी दुकान, अपना मकान और स्वाभिमान तक के अरमान छीन लिए हैं। आज की जरूरत है ऐसे आधुनिक उपाय और नई योजनाएं, जो आमदनी में बढ़त और घरों में बचत वापस लाएं। और एक ऐसा समाज जहां हुनर को हक मिले और मेहनत का हर कदम आपको तरक्की की सीढ़ियां चढ़ाए। recent visitors 170

आरपीएफ का समस्त पोस्ट प्रभारियों को निर्देश, ट्रेनों में कोई न ले जा सके पटाखा, रखें सतर्कता, दोषियों पर होगी सख्ती

जबलपुर दीपावली से पहले ट्रेनों में चोरी-छिपे पटाखों के परिवहन को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सतर्क हो गया है। आरपीफ की ओर से पश्चिम मध्य रेल के समस्त पोस्ट प्रभारियों को सुरक्षा गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने कहा है। संदिग्धों पर दृष्टि रखने और रेलवे स्टेशन के साथ ही ट्रेनों में निरंतर जांच करने का आदेश दिया है। पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय से जारी आदेश के बाद आरपीएफ सीसीटीवी कैमरे से चौकसी की सीमा का विस्तार किया है। स्टेशन और प्लेटफार्म पर प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है। ज्वलनशील सामग्री की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड का उपयोग किया जा रहा है। ट्रेनों में ज्वलनशील सामग्री या पटाखे लेकर यात्रा करना रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत एक गंभीर अपराध है। ऐसे करते पाए जाने पर तीन वर्ष का कारावास या एक हजार रुपये अर्थदंड का प्रावधान है। इसे बताते हुए यात्रियों को अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ या पटाखे लेकर नहीं चलने की चेतावनी दी जा रही है।   यात्रियों को किया जा रहा जागरूक सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को अपने सामान की सुरक्षा, अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पानी की सामग्री का सेवन नहीं करने जागरूक किया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध की गतिविधि पर आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे सहायता दूरभाष क्रमांक 139 पर सूचित करने की अपील भी यात्रियों से की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर बढ़ी निगरानी दीपावली का त्योहार की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आरपीएफ और जीआरपी की निगरानी भी बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन परिसर में जो लोग बैठे हुए नजर आते हैं, उनसे आरपीएफ के जवान पूछताछ भी कर रहे हैं। उनके बैग आदि की चेकिंग की जा रही है। आरपीएफ के जवानों को साफ निर्देश है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आने की दृष्टि में आला अधिकारियों को सूचना दी जाए। recent visitors 54

मिठाई विक्रेताओं के कारखानों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाई बनाने का कार्य युद्ध स्तर, अधिकारी अलर्ट

कैथल दीवाली का त्यौहार नजदीक आ चुका है। उससे पहले ही मिठाई विक्रेताओं के कारखानों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाई बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। कुछ दुकानदार मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालांकि इसे रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा व स्वास्थ्य विभाग बड़े-बड़े दावे कर करते हों, लेकिन जिस तरह पूरे जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है, इसे रोक पाना विभाग व जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। जिस अधिकारी पर मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी है, उसके पास कैथल के साथ-साथ पंचकूला व हिसार जिले का भी चार्ज है। इस कारण एक हफ्ते में जिलेभर से केवल 27 सैम्पल ही लिए गए हैं, जिनका रिजल्ट आने में भी लगभग 2 सप्ताह का समय लगेगा, तब तक सभी त्यौहार जा चुके होंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्या इस तरह मिलावटखोरों पर रोक लग पाएगी? बता दें कि शहर में प्रतिवर्ष मिलावटी मिठाइयों के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अधिकतर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उस समय जांच अभियान चलाते हैं जब दुकानदार बड़े पैमाने पर मिठाइयों को बेच चुके होते हैं। ऐसे में मिलावटी मिठाइयों से लाखों-करोड़ों कमाने वाले मिलावटखोर विभाग को 10-20 हजार रुपए जुर्माना देकर साफ बच निकलते हैं और फिर से उसी धंधे में जुट जाते हैं। डॉक्टरों की राय मानें तो ज्यादातर खाद्य एवं रंगों से बनी मिठाइयां गंभीर किस्म के रोग का कारण बन सकती है। मिठाई बनाने के लिए शुद्ध दूध की कमी है। कई जगह कैमिकल्स से मिठाई बनाने के मामले भी सामने आ चुके हैं। यही कारण है कि पर्व के बाद अस्पतालों में पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सामने आई कई मामले बता दें कि पिछले सालों में कैथल में मिलावटी खाद्य पदार्थों के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। कैथल में जहां मिलावटी पनीर तथा निम्न स्तर के रसगुल्ले पाए गए हैं, वहीं सी.एम. फ्लाइंग ने मिलावटी अचार की फैक्टरी भी पकड़ी थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक लिए गए 186 सैम्पलों में से 32 सब-स्टैंडर्ड तथा 5 अनसेफ पाए गए हैं, जिनमें से अब तक किसी को सजा नहीं हुई है।   ट्रे पर लिखनी होती है तिथि यदि मिठाई विक्रेताओं से संबंधित नियमों की बात करें तो दुकानदार मिठाई अधिक दिनों की नहीं बेच पाएं, इसके लिए सभी मिठाई के ट्रे पर तिथि अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन मजे की बात है कि शहर में अधिकतर दुकानदारों की ट्रे पर कोई तिथि दर्ज नहीं है। मजे की बात यह भी है कि रसगुल्लों को ट्रे नहीं, बल्कि टब में रखा जा रहा है। दीवाली को लेकर मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए मिठाइयों में चीनी का अधिक इस्तेमाल तो होता ही है, इसमें इस्तेमाल रंग भी सेहत के लिए नुक्सानदायक है। मिठाइयों में ऐसे मिलावट करते हैं दुकानदार दीवाली पर बनने वाली मिठाइयों में घटिया किस्म के मावे में उबला हुआ आलू, मैदा की भारी मात्रा में मिलावट कर मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। कुछ मिठाइयों में अवधि पार ग्लूकोज पाऊडर, बेसन, सूजी, मैदा एवं रंग-बिरंगे कलर डालकर रंग-बिरंगी बर्फी आदि कई तरह की मिठाई बनाकर मार्कीट में खपाने की तैयारी चल रही है। अधिकांश मिठाइयां सेहत को नुक्सान पहुंचाने वाली है। हद तो यह है कि मिठाइयों को रंग-बिरंगी बनाने में घातक रसायन का उपयोग भी खुलेआम हो रहा है। recent visitors 55

बाजारों में बिक रहे चाइनीज सामान और फैंसी आइटमों की वजह से मिट्टी के दीये की बिक्री पर भी असर

चरखी दादरी दिवाली का त्यौहार नजदीक आते ही कुम्हारों द्वारा अपने चाक की रफ्तार तेज करते हुए दीये बनाने का काम तेजी से कर दिया है। उम्मीद के साथ मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कुम्हार दिन-रात काम करने लगे हैं। वहीं बाजारों में बिक रहे चाइनीज सामान और फैंसी आइटमों की वजह से मिट्टी के दीये और अन्य सामान की बिक्री पर भी असर हो रहा है। हालांकि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में लोगों की डिमांड रंग-बिरंगे मिट्टी के दीये ही हैं। बाजारों में पारंपरिक वस्तुएं सजनी शुरू हो गई हैं। इस बार दीयों के अलावा फ्लावर पाट व पानी वाले दीये भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। मिट्‌टी के दीये बनाने वाले कारीगर बिट्‌ट प्रजापति का दर्द भी सामने आया। उन्होंने कहा कि बाजारों में चाइनीज सामान और फैंसी आइटमों की वजह से मिट्टी के दीये की बिक्री पर असर पड़ रहा है। जिस तरह सरकार व प्रशासन द्वारा पटाखों पर रोक लगाई है, उसी अनुसार चाइनीज आइटमों पर रोक लगानी चाहिए। recent visitors 50