लोगों की सहूलियत के लिए चलाई गईं ट्रेनें, दिवाली और छठ पूजा पर बढ़ जाती है भीड़, आज से शुरू हुआ रिजर्वेशन

नईदिल्ली /लखनऊ  दीपावली और छठ पूजा के चलते रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए कुछ स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। इनमें आज (सोमवार) से रिजर्वेशन शुरू हो गया है। इन ट्रेनों में सभी श्रेणी में टिकट उपलब्ध हैं। आज शुरू हो रहे रिजर्वेशन वाली ट्रेनें जयनगर, पुणे, मुंबई, सूरत, पटना, सिकंदराबाद, भागलपुर से चलाई जाएंगी। दीपावली और छठ पूजा पर बड़ी संख्या में लोग घरों को जाते हैं। इसको देखते हुए यह फैसला रेलवे ने लिया है।     07175 सिकंदराबाद-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन: यह ट्रेन सिकंदराबाद से 29 अक्टूबर, 5 और 12 नवंबर को 21:00 बजे से चलेगी। दूसरे दिन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 23:15 बजे पहुंचेगी। सुबह 6:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।     07176 गोरखपुर-सिकंदराबाद स्पेशल ट्रेन: यह ट्रेन 31 अक्टूबर, 7 और 14 नवंबर को गोरखपुर से सुबह 8:10 बजे चलेगी। कानपुर सेंट्रल स्टेशन 15:05 बजे पहुंचेगी।     04036 नई दिल्ली-भागलपुर स्पेशल ट्रेन:यह ट्रेन 30 अक्टूबर, 2 और 5 नवंबर को 12 बजे चलेगी। उसी दिन 18:50 बजे कानपुर पहुंचेगी। दूसरे दिन 10 बजे भागलपुर पहुंचेगी।     04035 भागलपुर-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन: 31 अक्टूबर, 3 और 6 नवंबर को 13:00 बजे भागलपुर से चलेगी। 18:35 पर पटना पहुंचेगी। 5:35 बजे दूसरे दिन कानपुर सेंट्रल ट्रेन पहुंचेगी। नई दिल्ली 11:40 बजे पहुंचेगी।     01019 स्पेशल ट्रेन सीएसटीएम मुंबई से 28 अक्टूबर से 28 अक्टूबर को 14:30 बजे चलकर दूसरे दिन 14:50 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। 23:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।     01020 स्पेशल ट्रेन गोरखपुर से 30 अक्टूबर की रात 00:45 बजे से चलकर 8:10 बजे कानपुर पहुंचेगी। 31 अक्टूबर को 10:35 बजे मुंबई पहुंचेगी।     04034 स्पेशल ट्रेन दिल्ली से 30 अक्टूबर, 2 और 5 नवंबर को जयनगर के लिए चलेगी। यह 23:45 बजे दिल्ली से चलेगी। दूसरे दिन कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 6:05 बजे पहुंचेगी। रात 23:00 बजे जयनगर पहुंचेगी।     04033 स्पेशल ट्रेन जयनगर से 1, 4 और 7 नवंबर को सुबह 4:00 बजे चलेगी। यह कानपुर सेंट्रल स्टेशन 19:30 बजे और दूसरे दिन दिल्ली 3 बजे पहुंचेगी। recent visitors 79

सॉफ्टवेयर इंजीनियर को 30 घंटे से ज्यादा डिजिटल अरेस्ट करके होटल के कमरे में रखा, कॉल ड्रॉप से बचा

हैदराबाद  फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी देकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को 24 घंटे से ज्यादा डिजिटल अरेस्ट रखा गया। 44 साल के इंजीनियर से लाखों की ठगी हो जाती लेकिन उसकी सूझबूछ से वह बच गया। उसने पुलिस की मदद मांगी और रविवार की सुबह बिना कोई पैसा गंवाए साइबर अपराधियों के चंगुल से भागने में सफल रहा। इन 24 घंटे पर एक लॉज में कैद भी रहा। जालसाजों ने उसे कहा था कि जब तक मामला सुलझ न जाए, तब तक वह घर से चला जाए, ताकि उसके परिवार को इसमें शामिल न किया जाए। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने मियापुर में अपने घर से 15 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय की और अमीरपेट में एक लॉज में गया, जबकि धोखेबाजों के निर्देशानुसार वह लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर था। शुक्रवार देर रात से यूं शुरू हुई परेशानी शुक्रवार देर रात को तकनीकी विशेषज्ञ की परेशानी टेक्स्ट मैसेज से शुरू हुई, जिसे उसने पहले स्पैम समझकर अनदेखा कर दिया। लेकिन शनिवार को सुबह करीब 3 बजे उसे फेडएक्स कूरियर एजेंट और फिर मुंबई पुलिस के रूप में धोखेबाजों की ओर से पहला कॉल आया, जिन्होंने उसे बताया कि उसका आधार नंबर मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा हुआ है। होटल में बॉस संग मीटिंग की बात कहकर निकला जालसाज कॉलर्स ने इंजीनियर के खिलाफ केस और गिरफ्तारी की धमकी दी। उसे अपने खाते के सत्यापित होने तक वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए कहा। एक साइबर क्राइम अधिकारी के अनुसार, जालसाजों के निर्देशों का पालन करते हुए, वह सुबह 4 बजे के आसपास मियापुर में अपने घर से निकले और अपनी पत्नी और छोटे बेटे से कहा कि उन्हें एक होटल में अपने बॉस के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग करनी है और अगले कुछ घंटों तक वह बिजी रहेगा। परिवार को फंसाने की दी धमकी पुलिस ने कहा कि जालसाजों ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके परिवार को कानूनी परेशानी में डाल दिया जाएगा। पुलिस ने कहा, 'उन्होंने उनसे कहा कि यह प्रक्रिया सोमवार तक जारी रहेगी जब बैंक परिचालन के लिए खुलेंगे। फिर वह सत्यापन के लिए अपने खाते से RTGS भुगतान कर सकते हैं और रिहा हो सकते हैं।' 30 घंटे तक लगातार न सोया ना कुछ खाया यह रविवार सुबह करीब 4 बजे तक जारी रहा, जब अचानक कॉल ड्रॉप हो गई और वह हैदराबाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन 8712665171 पर कॉल करने में कामयाब रहा। कॉन्स्टेबल मोकथला गणेश ने कॉल रिसीव की। उन्होंने उन्हें एक घंटे से ज़्यादा समय तक फ़ोन पर व्यस्त रखा, जब तक कि उनके परिवार के लोग लॉज नहीं पहुंच गए और उन्हें बचा नहीं लिया। कॉन्स्टेबल ने इस तरह की मदद कॉन्स्टेबल गणेश ने बताया, 'जब मैंने उनकी आवाज़ सुनी तो मुझे एहसास हुआ कि वह साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए हैं। वह बहुत डरे हुए थे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह टूट न जाएं या कोई चरम कदम न उठा लें, मैं उनसे अपने निजी मोबाइल पर बात करता रहा। मैंने उनके पड़ोसी का नंबर भी लिया और सुनिश्चित किया कि कोई उनके परिवार से संपर्क करे। मैंने तभी कॉल काटा जब उनके परिवार के लोग लॉज पहुंच गए और उन्हें ले गए।' लगातार फोन चार्जिंग पर भी लगा रहा बाद में, कॉन्स्टेबल का शुक्रिया अदा करते हुए पीड़ित ने पुलिस को बताया कि यह सिर्फ़ उनकी (गणेश) मदद और मार्गदर्शन की वजह से ही संभव हुआ कि उन्हें पैसे नहीं गंवाने पड़े। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसका फोन लगातार चार्जर से लगा रहता था और उसे एक सेकंड के लिए भी वीडियो डिस्कनेक्ट करने की अनुमति नहीं थी, यहां तक कि जब वह टॉइलट गया, तब भी वह लगातार लाइन पर रहा। 'हालांकि कॉल दो बार डिस्कनेक्ट हो गई, लेकिन धोखेबाजों ने वापस कॉल किया। रविवार की सुबह ही मैं साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क कर पाया,' उन्होंने कहा। साइबर क्राइम एसीपी आरजी सिवा मारुति और शहर के अन्य पुलिसकर्मियों ने समय पर हस्तक्षेप करने के लिए गणेश की सराहना की। सिवा मारुति ने कहा, 'हम ऐसी घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं और पीड़ितों की सहायता करते हैं। हम लोगों से भी आग्रह करते हैं कि वे ऐसे धोखेबाजों की मांगों के आगे न झुकें और सतर्क रहें।' डिजिटल गिरफ्तारी के हालिया मामले अक्टूबर 2024– बेगमपेट का एक पायलट, जो एक निजी एयरलाइन में कार्यरत था, डिजिटल गिरफ्तारी योजना का शिकार हो गया, जिससे उसे ₹7 लाख का नुकसान हुआ। मई 2024– एक महिला आर्किटेक्ट को डिजिटल गिरफ्तारी के तहत रखा गया था, लेकिन घोटालेबाजों को ₹60 लाख का भुगतान करने के बाद उसे रिहा कर दिया गया। मार्च 2024- आईआईटी हैदराबाद के एक पीएचडी स्कॉलर को डिजिटल गिरफ्तारी के बाद 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। recent visitors 92

डॉ. ज़ीशान अहमद : अनियमित खानपान बन रहा हृदय गति के लिए घातक नियमित जांच अवश्य कराएं

Dr. Zeeshan Ahmed: Irregular eating habits are becoming fatal for heart rhythm. Be sure to get regular checkups done. भोपाल। अचानक हृदय गति रुकने से होने वाली मौतों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवा लोगों में। इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं? इस संदर्भ में डॉ. ज़ीशान अहमद ने कई चौकाने वाले बिंदु बताए हैं। डॉ. ज़ीशान अहमद से, जो हृदय रोग विशेषज्ञ और भोपाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लालघाटी के निदेशक हैं। डॉ. ज़ीशान को हृदय रोगों और आंतरिक चिकित्सा के क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से कई जटिल मामलों को सफलतापूर्वक हल किया है। आज के इस साक्षात्कार में हम उनसे अचानक हृदय गति रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) के बढ़ते मामलों, खासकर युवाओं में, और COVID-19 वैक्सीन के प्रभावों के बारे में चर्चा करेंगे। सवाल :- डॉ. ज़ीशान, हाल के दिनों में अचानक हृदय गति रुकने से होने वाली मौतों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवा लोगों में। इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं? जवाब :- जी हां, यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। अचानक हृदय गति रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें सबसे प्रमुख है हृदय की न्यूरल सर्किट में गड़बड़ी, जिससे हृदय की धड़कन असामान्य रूप से तेज या धीमी हो जाती है। इसके अलावा, हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज (कोरोनरी आर्टरी डिजीज), हाइपरटेंशन और हृदय की मांसपेशियों की कमजोरी (कार्डियोमायोपैथी) भी मुख्य कारण हो सकते हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि अब युवा लोगों में यह मामले बढ़ते जा रहे हैं। सवाल :- क्या यह वृद्धि युवा पीढ़ी की जीवनशैली से जुड़ी है? जवाब :- आजकल की जीवनशैली में अत्यधिक तनाव, जंक फूड का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, और धूम्रपान व शराब का अधिक सेवन युवा लोगों में दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही, नींद की कमी और मोटापा भी इन रोगों में योगदान कर रहे हैं। आधुनिक जीवनशैली में कई युवा अत्यधिक व्यस्त रहते हैं और अपने स्वास्थ्य पर उतना ध्यान नहीं देते। सवाल :- क्या COVID-19 महामारी और उसके बाद दिए गए टीकों का इससे कोई संबंध हो सकता है? जवाब :- इस बारे में कई अध्ययन किए जा रहे हैं। हालांकि, COVID-19 संक्रमण ने निश्चित रूप से हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जो लोग गंभीर रूप से संक्रमित हुए, उनमें मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशियों की सूजन) और हृदय की क्षति के मामलों में वृद्धि देखी गई है। जहां तक टीकों का सवाल है, कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि कुछ मामलों में COVID-19 टीकों से भी मायोकार्डिटिस के हल्के मामले हो सकते हैं, खासकर युवा पुरुषों में। लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि टीकाकरण से होने वाले लाभ कहीं ज्यादा हैं। टीकाकरण से गंभीर COVID-19 संक्रमण और उससे जुड़ी जटिलताओं से बचाव होता है, जो खुद हृदय के लिए हानिकारक हो सकते हैं। सवाल :- फिर युवा लोग टीकाकरण को लेकर चिंतित क्यों हैं? जवाब :- यह स्वाभाविक है कि किसी भी नए टीके के बारे में चिंताएं हों। शुरुआती कुछ मामलों में, कुछ युवा पुरुषों में हल्के मायोकार्डिटिस की रिपोर्ट की गई थी। लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि यह समस्या बेहद दुर्लभ है और अधिकतर मामलों में यह पूरी तरह से ठीक हो जाती है। टीकाकरण के बाद के लाभ, विशेष रूप से गंभीर COVID-19 संक्रमण से बचाव, कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, हृदय संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण अब भी COVID-19 संक्रमण ही है, न कि टीका। सवाल :- आखिर युवा लोग विशेष रूप से इस स्थिति से क्यों प्रभावित हो रहे हैं? जवाब :- यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। युवा लोग आमतौर पर स्वस्थ माने जाते हैं, इसलिए जब उनके साथ ऐसा कुछ होता है, तो यह अधिक चिंताजनक हो जाता है। अचानक हृदय गति रुकने का एक प्रमुख कारण है अनुवांशिक कारक। कई बार युवाओं में हृदय की संरचनात्मक समस्याएं या विधुत प्रणाली की अनियमितताएं होती हैं, जो आमतौर पर बिना लक्षणों के होती हैं। इसके अलावा, मायोकार्डिटिस या कोविड-19 के प्रभाव जैसी स्थितियों ने भी हाल के वर्षों में युवाओं को प्रभावित किया है। तीव्र शारीरिक गतिविधियां, खासकर बिना उचित प्रशिक्षण या मेडिकल जांच के, हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। सवाल :- इस समस्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं? जवाब :- सबसे महत्वपूर्ण है नियमित स्वास्थ्य जांच। विशेष रूप से अगर परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो नियमित ईसीजी और अन्य हृदय जांचें कराना आवश्यक है। इसके साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है – जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना। अगर कोई शारीरिक गतिविधि या खेल शुरू कर रहा है, तो उसे पहले हृदय संबंधी जांच जरूर करानी चाहिए। सवाल :- क्या आपको लगता है कि COVID-19 संक्रमण के बाद कार्डियक जांच आवश्यक है? जवाब :- COVID-19 के बाद हृदय स्वास्थ्य की जांच करवाना जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो गंभीर संक्रमण का सामना कर चुके हैं। संक्रमण के बाद, अगर किसी को थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या अनियमित धड़कन जैसी शिकायतें हो रही हैं, तो उन्हें तुरंत हृदय विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। यह जरूरी है कि लोग संक्रमण के बाद भी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें। सवाल :- बहुत-बहुत धन्यवाद, डॉ. ज़ीशान, इतनी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए। जवाब :- आपका धन्यवाद। यह विषय महत्वपूर्ण है और हमें इस पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है ताकि हृदय स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखा जा सके और युवाओं को इस गंभीर समस्या से बचाया जा सके। recent visitors 108

रोमांचक हुई WTC फाइनल की जंग, भारत की बादशाहत बरकरार!जानें बाकी टीमों का हाल

मुंबई भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पुणे टेस्ट मैच में 113 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ ही रोहित ब्रिगेड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी गंवा दी. पुणे टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) की अंकतालिका में भी झटका लगा. पुणे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के 68.06 प्रतिशत अंक थे. जबकि पुणे में हार के बाद उसके अंकों का प्रतिशत 62.82 रह गया. WTC टेबल में भारत अब भी पहले और ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर है. हालांकि कौन सी दो टीमें फाइनल में पहुंचेगी, ये कहना अभी थोड़ी जल्दबाजी होगी क्योंकि 5 टीमें गणितीय रूप से फाइनल की रेस में अब भी बनी हुई हैं. केवल वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और बांग्लादेश ही फाइनल की रेस से आउट हुए हैं. यदि कोई टीम 60 प्रतिशत अंकों पर अपना अभियान समाप्त करती है तो उसके फाइनल में पहुंचने के आसार रहेंगे. भारत ने पिछली बार 58.8 प्रतिशत अंकों के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था. तब फाइनल मुकाबले में भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 209 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. टॉप पर काबिज भारतीय टीम के अब तक 13 मैचों में 8 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ से 98 अंक हैं. वहीं दूसरे नंबर पर काबिज कंगारू टीम के 12 मैच में 8 जीत, तीन हार एवं एक ड्रॉ से 90 अंक हैं. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (2023-25) के मौजूदा ​​चक्र में अब सिर्फ 20 टेस्ट मैच बचे हैं, ऐसे में हार या जीत से टीमों के समीकरण बदलते नजर आएंगे. आइए सभी 9 टीमों की मौजूदा स्थिति पर एक नजर डालते हैं… 1. भारत (62.82 प्रतिशत): भारतीय टीम के लिए समीकरण साफ है. भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच जीतना होगा. फिर ऑस्ट्रेलिया को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-2 से जरूर हराना होगा. यानी उसे छह में चार मैच जीतने होंगे. इससे उसके 64.04% अंक हो जाएंगे. अगर भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट हार जाती है तो उसे ऑस्ट्रेलियाई धरती पर चार जीत और एक ड्रॉ की आवश्कयता होगी. यदि भारत अपने बाकी छह में से तीन ही मैच जीत पाता है और तीन में उसे हार मिलती है तो उसका अंक प्रतिशत 58.77 होगा, जो क्वालिफिकिशेन की पूरी गारंटी नहीं देगा. ऐसी स्थिति में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, साउथ और न्यूजीलैंड का अंक प्रतिशत भारत से ज्यादा हो सकता है. 2. ऑस्ट्रेलिया (62.50 प्रतिशत): न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की सीरीज हार ने ऑस्ट्रेलिया के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को बढ़ा दिया है. भारत के खिलाफ 3-2 से सीरीज जीतने और श्रीलंका में 1-0 की जीत से उसका स्कोर 62.28% होगा, जो उसे भारत से आगे रखेगा. दूसरे परिणामों पर निर्भर रहे बिना फाइनल में जगह बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया को अपने बाकी सात मैचों में से पांच में जीत की आवश्यकता होगी. ऑस्ट्रेलिया को अपनी धरती पर भारत के खिलाफ 5 टेस्ट मैच खेलने हैं, वहीं श्रीलंका टूर पर उसे दो टेस्ट मैच खेलने हैं. 3. श्रीलंका (55.56 प्रतिशत): श्रीलंकाई टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज जीत हासिल की थी, जिसके चलते वह फाइनल की रेस में बनी हुई है. श्रीलंका को चार मैच और खेलने हैं. यदि वे उन सभी मैचों में जीत हासिल करते हैं तो 69.23% पर समाप्त होंगे और फाइनल में अपनी जगह पक्की करेंगे. यदि श्रीलंकाई टीम एक मैच हार जाती है और तीन में जीत हासिल करती है, तो वह 61.54% पर समाप्त होगी. ऐसे में उसे बाकी परिणामों पर निर्भर रहना होगा. श्रीलंका को साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से दो-दो टेस्ट मैच खेलने हैं. 4. न्यूजीलैंड (50.00 प्रतिशत): भारत के खिलाफ लगातार दो जीत से न्यूजीलैंड की उम्मीदें भी परवान चढ़ गई हैं. अगर कीवी टीम बाकी के चारों टेस्ट में जीत हासिल करती है, तो वह 64.29% पर समाप्त करेगी. हालांकि ये 4 जीतें उसे क्वालिफिकेशन की गारंटी नहीं देगी, लेकिन निश्चित रूप से उसे रेस में बनाए रखेगी. हालांकि अगर न्यूजीलैंड की टीम एक भी मैच हार जाती है तो उसका प्रतिशत गिरकर 57.14 हो जाएगा. न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेलना है. फिर उसे अपने घर पर इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की मेजबानी करनी है. 5. साउथ अफ्रीका (47.62 प्रतिशत): अगर साउथ अफ्रीका बाकी के पांचों टेस्ट जीत जाता है तो 69.44% पर खत्म करेगा, जो फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा. चार जीत और एक ड्रॉ की स्थिति में साउथ अफ्रीका 63.89% पर समाप्त करेगा, जबकि पांच जीत और एक हार की स्थिति में उसके अंकों का प्रतिशत 61.11 रह जाएगा. इस स्थिति में उसे दूसरे परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा. बता दें कि अफ्रीकी टीम को बांग्लादेश के खिलाफ उसके घर में एक और टेस्ट मैच खेलना है. जबकि वह श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ अपने घर पर दो-दो टेस्ट मैचों की मेजबानी करेगी. 6. इंग्लैंड (40.79 प्रतिशत): पाकिस्तान के खिलाफ 1-2 से सीरीज हार के चलते इंग्लैंड फाइनल की रेस से पूरी तरह बाहर हो गया. इंग्लैंड अगर अपनी आखिरी सीरीज में न्यूजीलैंड को 3-0 से हरा भी देता है, तो भी वह अधिकतम 48.86% अंक हासिल कर सकता है. इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीनों मुकाबले उसके घर पर खेलने हैं. 7. पाकिस्तान (33.33 प्रतिशत): पाकिस्तान ने इंग्लैंड को अपने घर पर टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराया. देखा जाए तो पाकिस्तान गणितीय रूप से अब भी रेस में है, लेकिन उसकी फाइनल खेलने की संभावनाएं काफी कम है. पाकिस्तान यदि अपने बाकी के चारों मैच जीत लेता है, तो भी वह 52.38 प्रतिशत तक ही पहुंच पाएगा. ऐसे में उसे बहुत सारे दूसरे परिणामों पर निर्भर रहना होगा, जिसमें कुछ ड्रॉ भी शामिल हैं जो कई टीमों को अंक हासिल करने से वंचित कर सकते हैं. पाकिस्तान को साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ दो-दो टेस्ट मैच खेलने हैं.   8. बांग्लादेश (30.56 प्रतिशत): बांग्लादेशी टीम फाइनल की रेस से बाहर चुकी है. भारत के खिलाफ 2-0 और साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट की हार से बांग्लादेश को बहुत नुकसान हुआ. एक समय बांग्लादेश का अंक प्रतिशत 45.83 था, जो अब 30.56 हो चुका है. अगर वे अपने बचे हुए तीन टेस्ट जीत भी जाते हैं, तो वह 47.92% तक ही पहुंच पाएंगे. बांग्लादेश को साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक और वेस्टइंडीज के विरुद्ध दो टेस्ट मैच खेलने हैं. 9. वेस्टइंडीज (18.52 प्रतिशत): वेस्टइंडीज की टीम ने पहले ही चार सीरीज खेल ली है और उसके महज 18.52 प्रतिशत अंक हैं. अगर वह अपने अंतिम चार टेस्ट जीत लेता है, तो भी वह 43.59% अंकों पर ही समाप्त … Read more

अफगानिस्तान ने रचा इतिहास, फाइनल में श्रीलंका टीम को हराकर पहलीबार जीता इमर्जिंग एशिया कप

अल अमीरात अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है. यह सीनियर टीम ने नहीं, बल्कि ए टीम ने उपलब्धि हासिल की है. अफगानिस्तान की ए टीम ने ACC इमर्जिंग एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया. उसने पहली बार यह खिताब जीता है. अफगानिस्तान ने फाइनल में श्रीलंका की ए टीम को 7 विकेट से हराया. अफगानिस्तान ने सेमीफाइनल में इंडिया ए को हराया था. जबकि श्रीलंका ए ने सेमीफाइनल 1 में पाकिस्तान ए को हराया था. बता दें कि 2023 में पाकिस्तान टीम ने खिताब जीता था. तब भारतीय-ए टीम रनरअप रही थी. जबकि भारतीय टीम ने 2013 का खिताब जीता था. इनके अलावा श्रीलंका 2017 और 2018 का खिताब जीत चुकी है. 18.1 ओवरों में ही फाइनल अपने नाम किया अफगानिस्तान ए टीम को 134 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन टीम ने 3 विकेट गंवाकर यह लक्ष्य 18.1 ओवरों में ही हासिल कर लिया. अफगानिस्तान की तरफ से जीत के हीरो सेदिकुल्लाह अटल रहे जिन्होंने 55 गेंद पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 55 रन ठोके. सेदिकुल्लाह अटल वही बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में लगातार 5 मैचों में 50+ स्कोर बनाया है. अफगानिस्तान ए की टीम जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तब टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. जुबैद अकबरी बिना खाता खोले आउट हो गए. हालांकि इसके बाद क्रीज पर टीम के कप्तान दरविश रसूली आए. श्रीलंका ए का टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया उन्होंने अटल के साथ मिलकर टीम के स्कोर को 43 रन पहुंचाया, लेकिन तभी उन्हें हेमंथा ने 24 रन पर आउट कर दिया. इसके बाद करीम जनत ने कमाल दिखाया और 3 छक्के ठोक 27 गेंद पर 33 रन ठोक दिए. हालांकि इशान मलिंगा ने उन्हें आउट कर दिया. दूसरे छोर से सेदिकुल्लाह डटे रहे. आखिर में आए विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद इशाक डटे रहे औऱ टीम के जीत दिलाई. मैच में श्रीलंका ए ने पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवरों में 7 विकेट गंवा कुल 133 रन ठोके थे. श्रीलंका ए का टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था और 15 रन पर ही टीम के 4 विकेट गिर गए थे. लेकिन पवन रत्नायके, सहन अरचिगे, निमेष विमुक्ति के 20, 64 और 23 रन की बदौलत टीम 133 रन बनाने में कामयाब रही. अफगानिस्तान की तरफ से अल्लाह मोहम्मद घजनफर ने 2, बिलाल समी ने 3 विकेट लिए.   recent visitors 73

जयपुर रेंज में तड़के एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत 729 ठिकानों पर छापे मारे गए.

 जयपुर राजस्थान (Rajasthan) में दीपावली से पहले पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए बड़ा कैंपेन चलाया है. पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था के साथ उन सक्रिय बदमाशों पर भी नकेल कस दी है, जिनकी वजह से लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ता है. इसके लिए जयपुर पुलिस ने  तीन दिन का अभियान चलाकर आयुक्तालय के सभी थाना क्षेत्रों के करीब 500 सक्रिय हिस्ट्रीशीटर और हथियार तस्कर  को पकड़ा है. दरअसल, दीवाली पर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ  चेन स्नेचिंग और पर्स स्नैचिंग की बढ़ती वारदातों को देखते हुए जयपुर रेंज में रविवार तड़के एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत 729 ठिकानों पर छापे मारे गए. इस कार्रवाई के लिए 1031 पुलिसकर्मियों की 185 टीमों ने तड़के 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 500 संदिग्ध बदमाशों को पकड़ा गया, जिनमें 37 हथियार और 24 मादक पदार्थ तस्कर भी शामिल हैं. इनके अलावा 30 स्थायी वारंटी और एक इनामी बदमाश पकड़ा गया. पुलिस ने क्या कहा? अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रथम कुवंर राष्ट्रदीप ने बताया, "पुलिस का ध्येय वाक्य 'आमजन में विश्वास-अपराधियों में भय' की भावना जनता में साकार हो और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिए जयपुर पुलिस लगातार कोशिशों में लगी हुई है. इसी सिलसिले में जयपुर पुलिस द्वारा आयुक्तालय के सभी थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों की पकड़ने के लिए दीपावली पर तीन दिन का अभियान चलाया है, जिसके तहत सक्रिय अपराधियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया." अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने आगे बताया कि अपराधियों के खिलाफ कानून के मुताबिक अग्रिम कार्रवाई कर उन पर पाबंदी लगाई जाएगी.   recent visitors 108

Stock Market में जारी गिरावट का सिलसिला थमा, Sensex में जोरदार उछला

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में जारी गिरावट का सिलसिला थम गया है.  सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जोरदार शुरुआत के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) करीब 400 अंक की उछाल के साथ 79,864.74 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 80 अंक से ज्यादा चढ़कर 24,292 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. गौरतलब है कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई थी और एक झटके में निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए थे.   शुक्रवार को मची थी बाजार में तबाही बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. Stock Market Crash होने से कारोबार के दौरान BSE Sensex 900 अंक तक फिसला था और निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा था. हालांकि, मार्केट क्लोज होते-होते ये गिरावट कुछ थमी थी, लेकिन इसके बावजूज सेंसेक्स 662.87 अंक या 0.83 फीसदी गिरकर 79,402.29 के लेवल पर क्लोज हुआ था. NSE Nifty की बात करें, तो शुक्रवार को इसमें 300 अंकों के आसपास की बड़ी गिरावट आई थी और ये 24200 के नीचे कारोबार आ गया था. शेयर मार्केट में कारोबार खत्म होने पर ये इंडेक्स 218.60 अंक टूटकर 24,180.80 के लेवल पर बंद हुआ था. आज इन शेयरों में आई तेजी कई दिनों तक गिरावट देखने वाले शेयर बाजार में तेजी के बीच सोमवार को BSE लार्जकैप में शामिल 30 में से 21 शेयर ग्रीन जोन में ओपन हुए. सबसे ज्यादा तेजी वाले शेयरों की बात करें, तो इस सेगमेंट में शामिल ICICI Bank Share 2.72% की जोरदार उछाल के साथ 1289.65 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा SBI Share 2.04% की तेजी लेकर 796.50 रुपये पर, जबकि NTPC Share 1.55% उछलकर 405 रुपये पर ट्रे़ड कर रहा था.   मिडकैप और स्मालकैप में ये गेनर बात करें मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों की, तो जोरदार तिमाही नतीजों के बाज सोमवार को Yes Bank Share 9.38% की जबर्दस्त उछाल के साथ 21.22 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया. इसके अलावा Bandhan Bank Share 7.66% चढ़कर 181.20 रुपये, Hindustan Petrolium 5.02% उछलकर 291.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा तेजी Orient Eletric के शेयरों में आई और ये 14.29% की बढ़त लेकर 240.35 रुपये पर था. ACI Share 12.42%, Syrma Share 9.08% और Timex Share 5.32% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. recent visitors 95