कैंसर रोगियों के जीवन में प्रसन्नता का संचार करता बिराट हॉस्पिटल

भोपाल साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का जबलपुर में स्थापित विराट हॉस्पिटल ‘स्वालम्बी नारी, सशक्त राष्ट्र’ की अवधारणा को साकार कर रहा है। कैंसर की जंग हार चुके रोगियों के उपचार और उनकी सेवा के लिए इस हॉस्पिटल का समर्पण सराहनीय है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने विराट हॉस्पिटल को प्रारंभ से ही कैंसर रोगियों के लिये सेवा और उपचार के आदर्श केन्द्र की स्थापना के संकल्प की सिद्धि की साधना स्थली बनाया। इस समर्पण भाव के कारण विराट हॉस्पिटल कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान औऱ सम्मान अर्जित कर सका है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का यह प्रकल्प असाध्य रोगों के उपचार और सेवा सुश्रूषा की प्रेरणा स्थली बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को जबलपुर प्रवास के दौरान इस अस्पताल का अवलोकन करेंगे। कैंसर रोगियों के जीवन में प्रसन्नता का संचार करता बिराट हॉस्पिटल कैंसर मरीजों की जीवन के अंतिम समय में विराट हॉस्पिटल में की जा रही देखभाल की ऐसे ही तारीफ नहीं की जाती, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान यहां भेजा जाना इसका प्रमाण है। कैंसर रोगियों के चेहरे पर यहां सेवाभाव से की जा रही देखभाल को लेकर संतोष देखा जा सकता है। ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि शुरूआत में लगता था कि ऐसे कैंसर मरीजों की देखभाल कैसे की जा सकेगी, जिनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है, डॉक्टर भी जबाब दे चुके हैं और परिवार भी उनका साथ छोड़ चुका है, लेकिन लोगों, दानदाताओं और कॉरपोरेट कंपनियों के सहयोग से धीरे-धीरे सारी व्यवस्थाएं होती गई और पिछले करीब बारह वर्षों में ढाई हजार से अधिक कैंसर मरीजों की सेवा की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि विराट हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों को चाय, दूध, नास्ता और दोनों समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मरीज के परिवार के एक सदस्य को भी यहॉं रहने की अनुमति है उनके भोजन आदि की व्यवस्था भी हॉस्पिटल की ओर से की जाती है। भोजन पौष्टिक हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। भोजन पकाने में बायो गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिसर में उगाई गई आर्गेनिक सब्जियां ही भोजन में परोसी जाती हैं। परिसर स्थित गौशाला की गायों का दूध मरीजों को दिया जाता है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि करीब सवा तीन एकड़ में फैले विराट हॉस्पिटल का पूरा परिसर इको फ्रेंडली है। यहाँ सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। हॉस्पिटल परिसर से निकला प्रदूषित पानी माँ नर्मदा में न मिले इसके लिये यहाँ दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाये गये हैं। इनसे साफ किया गया पानी परिसर में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई और निस्तार में इस्तेमाल किया जाता है। अब उपचारात्मक सुविधाएं देने की तैयारी, बनेगा कैंसर अस्पताल कैंसर से जंग हार चुके मरीजों की जीवन के अंतिम समय में देखभाल करने वाले विराट हॉस्पिटल परिसर में अब कैंसर के नये मरीजों को उपचारात्मक सेवाएं देने 75 बिस्तरों का तीन मंजिला अस्पताल भी बनाया जा रहा है। विराट हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ अखिलेश गुमास्ता ने बताया कि अस्पताल का भूतल बनकर तैयार हो चुका है। दान दाताओं और कार्पोरेट्स के सहयोग से यहाँ ब्रेकी थेरेपी जैसी अत्याधुनिक मशीन लगाई गई है इससे कैंसर मरीजों का उपचार शुरू भी कर दिया गया है। भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर से अनुमति मिलते ही यहाँ स्थापित कोबाल्ट मशीन से भी कैंसर मरीजों की रेडियो थेरेपी शुरू की जाएगी। सर्जरी की जरूरत वाले कैंसर मरीजों के लिये इस नये भवन में सर्जिकल वार्ड भी बनाया जा रहा है। विराट हॉस्पिटल की संस्थापक ज्ञानेश्वरी दीदी मूल रूप से हरियाणा के पिंजौर की रहने वाली हैं। अपने गुरु ब्रह्मर्षि विश्वात्मा बावराजी महाराज से दीक्षा लेने के बाद साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने समाजसेवा के लिए अलग-अलग शहरों में भ्रमण किया। नर्मदा नदी के किनारे बसा जबलपुर शहर पसंद आया और इसे ही उन्होंने अपना कर्मक्षेत्र बना लिया। साध्‍वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि उनकी इच्छा एक ऐसा परिसर बनाने की थी, जहां जीवन के अंतिम समय में कैंसर मरीजों को पारिवारिक माहौल में रखकर इलाज और सेवा की जा सके।   recent visitors 70

आज से 28 मई तक नरसिंहपुर समागम में नवाचार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के खुलेंगे द्वार

भोपाल मध्यप्रदेश में "उद्योग एवं रोजगार वर्ष" के अंतर्गत "कृषि उद्योग समागम 2025" प्रदेश के कृषि क्षेत्र को उद्योग, नवाचार और निवेश से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल बनकर सामने आया है। त्रि-दिवसीय समागम का शुभारंभ आज नरसिंहपुर में कृषि उपज मंडी के समीप उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवसहित किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म,लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, स्थानीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि, कृषि उद्यमी, निर्यातक समूह के प्रतिनिधि, कृषि नवाचार कंपनियां, एफपीओ, किसान संगठन और बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहेंगे। समागम 28 मई तक चलेगा। समागम से खुलेंगे रोजगार के नये द्वार ‘कृषि उद्योग समागम 2025’ का उद्देश्य प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से जोड़ते हुए निवेश, नवाचार और नौकरियों के नए द्वार खोलना है। मध्यप्रदेश अब गेहूं, दलहन, तिलहन, दुग्ध उत्पादन से लेकर एग्री-टेक तक कृषि से जुड़ी संभावनाओं का राष्ट्रीय केंद्र बनता जा रहा है। नरसिंहपुर की तुअर दाल को "वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट" योजना के तहत राज्य की पहचान के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है, जो स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में सार्थक कदम है। यह समागम नीतिगत घोषणाओं को जमीनी क्रियान्वयन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में बदलने का सशक्त उदाहरण बनेगा। शुगर उद्यमियों से मुख्यमंत्री करेंगे संवाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गन्ना उत्पादक किसानों के हित में शुगर इंडस्ट्री निवेशकों से संवाद करेंगे। निवेशकों को नरसिंहपुर अंचल में शुगर इंडस्ट्रीज की स्थापना और उसके संबंध में राज्य शासन की प्रोत्साहन नीतियों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितलाभ प्रदान करेंगे और कृषि निवेश से जुड़े समूहों से भी संवाद करेंगे। नरसिंहपुर अंचल को चीनी उद्योग का केंद्र बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा। तकनीक व नवाचार का प्रदर्शन समागम स्थल पर एग्री-हॉर्टी एक्सपो के तहत आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन, एआई आधारित उपकरण, पॉलीहाउस, जैविक व नैनो उर्वरक, दुग्ध एवं गौशाला उत्पाद, और जल कृषि मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। प्राकृतिक व जैविक खेती के लाइव मॉडल भी लगाए जाएंगे। खेती, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए जायेंगे। इसके अलावा समागम में विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को तकनीकी ज्ञान व परामर्श प्रदान करने के लिये औषधीय फसलों, एफपीओ और निर्यातकों के लिए विशेष नेटवर्किंग सेशन व संगोष्ठियाँ आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तरीय 90 स्टॉल समागम में आठ विभागों द्वारा कृषि नवाचारों पर आधारित 90 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जो किसानों को आधुनिक तकनीक व सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।नरसिंहपुर जिले के किसानों के नवाचारों को वीडियो क्लिप्स के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाएगा।   recent visitors 63

अब नहीं होगी UPI से ठगी, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने FRI नाम से एक नया सिक्योरिटी सिस्टम किया लॉन्च

नई दिल्ली आज के समय में डिजिटल पेमेंट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। Paytm, Google Pay, PhonePe जैसे UPI ऐप्स के जरिए हम रोजाना कई लेनदेन करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ज्यादा सिक्योर हो सकेगा। सरकार की नई पहल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने Financial Fraud Risk Indicator (FRI) नाम से एक नया सिक्योरिटी सिस्टम लॉन्च किया है। इसका मकसद है – ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं पर समय रहते रोक लगाना। इस सिस्टम की मदद से ऐसे मोबाइल नंबरों की पहचान की जाएगी जो किसी साइबर अपराध या धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं। कैसे काम करता है FRI सिस्टम? FRI एक डिजिटल निगरानी प्रणाली है जो रियल टाइम में संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान करता है। जैसे ही कोई ऐसा नंबर बैंकिंग या UPI लेनदेन में शामिल होता है जो पहले से धोखाधड़ी में लिप्त हो सकता है, तो यह सिस्टम उस नंबर को तुरंत फ्लैग कर देता है। इसके बाद संबंधित बैंक या डिजिटल पेमेंट ऐप को अलर्ट भेज दिया जाता है ताकि उस नंबर से आगे किसी तरह का फ्रॉड न हो पाए। बैंक और UPI ऐप्स को मिलेगा सीधा फायदा इस नए सिस्टम का फायदा सिर्फ बैंकों तक सीमित नहीं है। Paytm, PhonePe, Google Pay और BHIM जैसे नॉन-बैंकिंग UPI ऐप्स को भी इससे मदद मिलेगी। ये ऐप्स अब उन मोबाइल नंबरों को पहले ही पहचान पाएंगे जो फ्रॉड में शामिल हो सकते हैं, जिससे लाखों यूजर्स सुरक्षित रहेंगे। FRI किन नंबरों को फ्लैग करेगा? FRI सिस्टम खासतौर पर उन मोबाइल नंबरों पर नजर रखेगा जिनमें निम्नलिखित गतिविधियां होंगी: जिन नंबरों का KYC पूरा नहीं हुआ है जो पहले से किसी धोखाधड़ी या फ्रॉड में इस्तेमाल हो चुके हैं जिन पर बार-बार नियमों का उल्लंघन हो रहा है जिन नंबरों से फर्जी कॉल या लिंक भेजे जा रहे हैं ऐसे नंबरों को पहचानकर या तो सतर्क किया जाएगा या जरूरत पड़ने पर ब्लॉक कर दिया जाएगा। FRI सिस्टम क्यों है जरूरी? पिछले कुछ वर्षों में UPI के जरिए फ्रॉड के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। कहीं किसी बुजुर्ग से OTP पूछकर पैसे उड़ा लिए जाते हैं, तो कहीं किसी फेक लिंक पर क्लिक कर यूजर्स का खाता खाली कर दिया जाता है। FRI जैसी प्रणाली की मदद से अब ऐसे मामलों में पहले से सतर्कता बरती जा सकेगी, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। यूजर्स के लिए जरूरी सलाह सरकार ने यह तो सुनिश्चित किया है कि सिस्टम लेवल पर सुरक्षा मजबूत की जाए, लेकिन आपकी सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। नीचे दिए गए सुझावों को अपनाकर आप भी सुरक्षित रह सकते हैं:     हमेशा अपने मोबाइल नंबर और UPI ऐप्स को वेरिफाई करें     अनजान नंबरों से आए कॉल या SMS पर यकीन न करें     किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें और जांचें     कोई भी संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत अपने बैंक या ऐप कस्टमर केयर से संपर्क करें     ऐप्स को हमेशा अपडेटेड वर्जन में रखें     फर्जी ऑफर्स और इनाम जैसी बातों से सावधान रहें DoT की यह पहल डिजिटल इंडिया को एक सुरक्षित इकोसिस्टम की ओर ले जा रही है। इससे जहां आम लोगों का भरोसा डिजिटल लेनदेन पर बढ़ेगा, वहीं धोखेबाजों की गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। अगर आप भी UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह जरूरी है कि आप खुद भी जागरूक और सतर्क रहें।   recent visitors 77

आज सोमवार 26 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि– आप अपने काम के प्रति काफी कमिटेड भी रहेंगे। आप अपने हर लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। आज आपको अपने करियर में उन्नति देखने को मिलेगी। काम के दबाव के कारण आपके शेड्यूल में थोड़ा बदलाव हो सकता है। वृषभ राशि- आज का दिन भाई-बहनों के साथ अच्छी नेटवर्किंग और मौज-मस्ती लेकर आएगा। आपको नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा, जिससे आपका करियर विकसित होगा। आप दूसरों के बारे में अपने विचार आसानी से जाहिर कर पाएंगे। मिथुन राशि- आज आर्थिक तौर पर आप कुछ जोखिम भरे निवेश करने से बचें, खासकर शेयर मार्केट में। निजी जीवन में आज का दिन आपके लिए बेहद रोमांटिक रहेगा। आप अपना काफी समय प्यार और रोमांस में बिताएंगे। कर्क राशि- आपकी रचनात्मकता बढ़ेगी और आप कला, संगीत और कविता के माध्यम से नाम कमाएंगे। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े लोग मनोरंजक गतिविधियों में भी भाग ले सकते हैं। यह आपके काम के तनाव से मुक्ति दिला सकता है। सिंह राशि- आज का दिन अच्छा आर्थिक लाभ और रोमांस की इच्छा लेकर आएगा। कार्यस्थल पर आप अपने नए और रचनात्मक विचारों की मदद से सभी मुश्किल मुद्दों का सोल्यूशन खोजने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही कलाकारों और रचनात्मक क्षेत्र के लोगों के लिए दिन काफी अच्छा रहने वाला है। कन्या राशि- आज के दिन कारोबार आपका बेहतरीन रहने वाला है। अगर आप अपने कैजुअल रिश्ते को लंबे समय तक बनाए रखना चाहते हैं तो आपको इसके लिए प्रयास करना चाहिए। आप अपने सामाजिक जीवन, करियर और निवेश में रिस्क लेने के बारे में सोच सकते हैं। तुला राशि- आज व्यापार से जुड़े लोग कुछ अच्छी स्ट्रेटेजी बना सकते हैं और अपनी योजनाओं को अपने पार्टनर्स के साथ शेयर कर सकते हैं। ग्राहक आपके काम से खुश रहेंगे और आपके ग्राहक भी बढ़ेंगे। वृश्चिक राशि- आज आप लोगों की नजरों में मददगार इंसान बन सकते हैं। ऑफिस में आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की आवश्यकता होगी। वे आपकी प्रतिष्ठा और कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। धनु राशि- आज अपने पर्सनल जीवन और व्यावसायिक पार्टनरशिप में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। आपका व्यक्तित्व और अधिक आकर्षक बनेगा। लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। आप अपने सहकर्मियों की स्किल्स की प्रशंसा करेंगे। मकर राशि- आज ऑफिस में आपकी किस्मत हर काम में आपका साथ देगी। प्रोजेक्ट को सफलता के साथ पूरा करेंगे। कोई भी दुश्मन आपको किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। व्यापार से जुड़े जातकों को कोई नया लाभदायक सौदा मिल सकता है। कुंभ राशि- आप आज अब तक जिस पर भी विश्वास करते आए हैं, उस पर सवाल उठाना शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आप आध्यात्मिक चीजों पर भी ध्यान देंगे ताकि आपको अपने सवालों के जवाब मिल सकें। आप अपनी जीवनशैली और व्यक्तित्व में जरूरी बदलाव लाएंगे। मीन राशि– आज के दिन विचारों में बदलाव लाएगा। आपकी रुचि कुछ सामाजिक मुद्दों में रहेगी। इसके साथ ही समाज को बेहतर बनाने के लिए दान और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेंगे। आप किसी दूसरी संस्कृति के फैशन से मोटिवेट होंगे।   recent visitors 109

राज्यपाल पटेल ने कहा- परिवार एवं समाज के उत्थान के लिए बालिका शिक्षा है जरूरी

भोपाल वर्तमान समय में मौसम कुछ ऐसा चल रहा है कि सुबह ठंड लगती है, दोपहर में तेज गर्मी एवं शाम होने तक बारिश होने लगती है। यह सब जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है। जलवायु परिवर्तन के लिए हम मनुष्य ही दोषी हैं, क्योंकि हमने वनों को काटकर उन्हें समाप्त कर दिया है। प्रकृति ने हर मौसम के लिए चार माह का समय निर्धारित किया है, परन्तु मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए वनों को समाप्त कर प्रकृति के चक्र में अवरोध उत्पन्न किया है। वर्तमान में मौसम का जो स्वरूप है उसके लिए यह आवश्यक है कि हम सभी अधिक से अधिक पेड़ लगाकर प्रकृति का पुनः श्रृंगार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने उक्त बातें रविवार को बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के ग्राम पंचायत इंदरपुर के ग्राम लोटनदेव में गुजराती चारण समाज न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, परन्तु मनुष्य ने तो सिर्फ लिया ही लिया है। प्रकृति में मनुष्य की हर राशि, नक्षत्र के हिसाब से भी पेड़ निर्धारित हैं। अगर हर व्यक्ति वर्षाकाल में मात्र दो ही पेड़ लगाकर उन्हें बड़ा करे तो जलवायु परिवर्तन की स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है, अन्यथा इसी तरह वनों का दोहन होता रहा तो आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की भयावह स्थिति हमारे समक्ष होगी और हम उसका सामना भी नहीं कर पायेंगे। बालिका शिक्षा पर दिया जोर राज्यपाल श्री पटेल ने अपने उद्बोधन में बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि परिवार एवं समाज के उत्थान के लिए सभी लोग अपनी बेटियों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करें क्योंकि बेटी जब शिक्षित होगी तो वह अपने मायके एवं ससुराल दोनों का नाम रोशन करेगी। शिक्षा के कारण उसकी शादी अच्छे परिवार में होगी, जहां वह अपने बच्चों को भी शिक्षा देकर उनका भी जीवन संवारेगी। शिक्षित माता ही बच्चों में वे सभी संस्कारों को डाल सकती है जो आगे चलकर समाज और देश की उन्नति के लिए आवश्यक है, एक शिक्षित मां 100 शिक्षकों के बराबर है । आवड़ माता जी का किया पूजन अर्चन ग्राम लोटनदेव पहुंचकर महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने सबसे पहले ग्राम में स्थित श्री आवड़ माताजी के मंदिर में पहुंचकर माताजी का पूजन अर्चन कर ग्रामवासियों के सुख एवं समृद्धि की कामना की। साथ ही मंदिर में उनके स्वागत में खड़ी चारण समुदाय की बालिकाओं के सिर पर हाथ रखकर उन्हे आर्शीवाद भी दिया। साथ ही महामहिम राज्यपाल ने मंदिर के समीप ही त्रिवेणी (पीपल, बरगद, नीम) पौधों का भी रोपण किया। चारण समुदाय ने पारंपरिक पगड़ी, जैकेट एवं तीर कमान भेंटकर किया स्वागत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत चारण समुदाय की पारंपरिक पगड़ी एवं जैकेट पहनाकर ग्राम के श्री हुकुमनाथा चारण , भूरारामजी चारण, जीवाजी चारण एवं शिवाजी चारण ने किया। इस दौरान ग्राम के सरपंच एवं उप सरपंच ने महामहिम राज्यपाल को स्मृति स्वरूप तीर कमान भी भेंट किया। शहीद की पत्नी को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल, चारण समुदाय के अध्यक्ष श्री वल्लभ भाई पटेल एवं श्री हीरालाल पाटीदार ने ग्राम नरावला के शहीद श्री नायक बघेल की धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी बघेल को पटेल मोटर्स की तरफ से चेक एवं साड़ी देकर सम्मानित किया। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाली बालिकाओं को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान बनाने वाली जिले की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री राधिका सोनी एवं 10वी की छात्रा लीना यादव को प्रशस्ति पत्र एवं चेक देकर सम्मानित किया। टीबी मरीजों को किया पोषण आहार किट का वितरण कार्यक्रम के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने अतिथियों के साथ सुशीला देवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान खरगोन-बड़वानी के सौजन्य से 2 टीबी मरीजों को प्रतीकात्मक रूप से पोषण आहार का किट का वितरण किया। साथ ही एक सिकलसेल पॉजिटिव बालक को दिव्यांगता प्रमाण पत्र का वितरण किया। 50 करोड़ की लागत से क्षेत्र में बनेगा विशेष स्वास्थ्य केन्द्र कार्यक्रम के दौरान चारण समुदाय के अध्यक्ष श्री वल्लभ भाई पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि वे हमेशा से ही अपने क्षेत्र एवं समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्हें हमेशा ही अपने समाज के युवा वर्ग की फिक्र रहती है, उनका हमेशा से ही यही फोकस रहता था कि उनके समाज का युवा कही भटक न जाये। इसे ध्यान में रखते हुए श्री वल्लभ भाई एवं कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री हीरालाल पाटीदार ने मंच से यह घोषणा की, कि 50 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में एक विशेष स्वास्थ्य केन्द्र बनेगा जो कि आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से संबंद्ध रहेगा। साथ ही समाज के युवा वर्ग के लिए एक स्किल डेवलपमेंट केन्द्र खोला जायेगा। यहाँ पर उन्हें शिक्षित कर एवं हुनर सिखाकर रोजगार भी दिया जायेगा। इन्द्रपुर से लोटनदेव मार्ग निर्माण में भी सरकार को उनके द्वारा विशेष सहयोग दिया जायेगा। लोकसभा सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, पेयजल एवं सड़क हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी देकर जन समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया। साथ ही क्षेत्र में किये जा रहे सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत किये जा रहे सराहनीय कार्यों का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।   recent visitors 97

शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में आतंकवाद से लड़ने के भारतीय संकल्प को दोहराया

न्यूयॉर्क कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में प्रमुख थिंक टैंक, अकादमिक नेताओं और मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी। इस बातचीत में प्रतिनिधिमंडल ने दृढ़ता के साथ भारत के आतंकवाद से लड़ने के संकल्प को रेखांकित किया। इसकी पुष्टि न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर की। वाणिज्य दूतावास के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, "शशि थरूर के नेतृत्व में राजनयिक आउटरीच यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।" भारतीय प्रतिनिधियों ने "आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता और एकीकृत राष्ट्रीय संकल्प का दृढ़ संदेश दिया और आतंकवाद का मुकाबला करने, इसके नेटवर्क को समाप्त करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय तंत्र की वकालत की।" इसके साथ ही भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 9/11 के आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिनिधिमंडल के बयान में कहा गया है कि, "एकजुटता के प्रतीक रूप में 'राष्ट्रीय सितंबर 11 स्मारक और संग्रहालय' का दौरा किया गया और 9/11 हमलों में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। भारत वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से पीड़ितों के साथ एकजुट है। यह यात्रा 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत की व्यापक कूटनीतिक वैश्विक पहुंच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद से उत्पन्न जटिल और उभरते खतरों से निपटने के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय देशों के बीच आम सहमति बनाना है। शशि थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शांभवी चौधरी (लोक जनशक्ति पार्टी), सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा), जीएम हरीश बलयागी (तेलुगु देशम पार्टी), शशांक मणि त्रिपाठी (भाजपा), तेजस्वी सूर्या (भाजपा), भुवनेश्वर के लता (भाजपा), मिलिंद देवरा (शिवसेना) और अमेरिका में पूर्व भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू शामिल हैं। recent visitors 72

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आशा व्यक्त, नारी सशक्तिकरण मिशन’ से प्रदेश की नारी शक्ति आत्मनिर्भर बनेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नारी सशक्तिकरण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में जुटा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमने पुण्य-श्लोका लोकमाता अहिल्यबाई होल्कर के 300वें जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गरीब, युवा, किसान और नारी (GYAN) पर ध्यान के ध्येय मंत्र पर चलते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम से महिला सशक्तिकरण के मिशन को लॉन्च किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मंत्र में शामिल चौथे स्तंभ नारी के समग्र विकास के लिए ‘देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन’ बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि इस मिशन’ से प्रदेश की नारी शक्ति आत्मनिर्भर बनेगी। मिशन के क्रियान्वयन से आने वाले वर्षों में महिलाओं की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा और वह राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी गतिशील बनाएंगी। नारी सशक्तिकरण से ही प्रदेश और देश आज सशक्त और समृद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महिलाओं को अधिकार देने से समाज में सकारात्मक बदलाव आते हैं इसीलिये भारत में अनादिकाल से ही मातृ-शक्ति के सम्मान की परंपरा है। सनातन संस्कृति में शक्ति, धन आदि सभी महत्वपूर्ण मानवीय उत्थान के कारकों को देवियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य में क्रांतिकारी योजनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महिलाओं को अधिकार और अवसर देना सामाजिक दायित्व के साथ ही देश को सशक्त और समृद्ध बनाने का मूल आधार है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की योजनाएं राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन गई हैं। इसी उद्देश्य से बने ‘देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन’ के लक्ष्यों में जन्म के समय लिंगानुपात में 5 प्रति हज़ार की वृद्धि, बालिका शिक्षा में 5% की वृद्धि, मातृ मृत्यु दर में 10 प्रति हजार की कमी, महिला अपराधों में 5 प्रतिशत की कमी, बाल विवाह रोकने और श्रम-बल भागीदारी दर में महिलाओं की भागीदारी में 3 प्रतिशत तक वृद्धि करना प्रमुख हैं। महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस प्रदेश के सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनसे अब तक 1.27 लाख से अधिक संकटग्रस्त महिलाओं को मदद मिली है। अब तक 1.57 लाख से अधिक महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नं. 181 से सहायता मिली है। इस सेवा में सहायता, पुलिस और बाल हेल्पलाइन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 6.3 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना’ योजना में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना में 11 हजार बालिकाओं को प्रतियोगी प्रशिक्षण और 2.6 लाख से अधिक को प्रतिभागी संवेदनशीलता अभियानों में शामिल किया गया है। महिला श्रमिकों को फैक्ट्रियों में 24×7 कार्य की अनुमति— सुरक्षा, सुविधा और समान अवसर सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से वूमेन एटरप्रन्योर के लिए डेडिकेटेड इंडस्ट्री पार्क की स्थापना की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए सुरक्षा-सुलभ आवासीय सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स,टेक्सटाइल और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कामकाजी महिला हॉस्टल्स का निर्माण किया जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाएं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1.27 करोड़ महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,552 करोड़ की सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में अब तक 50 लाख से अधिक बालिकाएं पंजीकृत हुई हैं। इन्हें डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। महिला वित्त एवं विकास निगम से 30 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक ₹648 लाख से अधिक का ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश भर में 169 दीदी कैफे और 219 ई-एक्सप्रेस वाहनों से महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से परिवार की महिला सदस्यों के नाम से पंजीकरण को प्रोत्साहित किया जाता है। योजना अंतर्गत प्रदेश में अब तक 729162 से अधिक आवास परिवार की महिला सदस्यों के नाम से स्वीकृत किये गए हैं। इसके साथ ही 1956988 से अधिक आवास परिवार के पुरुषों के साथ संयुक्त रूप से पंजीकृत कराए गए हैं। इस तरह परिवार की महिला सदस्यों को अब तक 49.08 लाख आवासों में 26.86 लाख (54.72%) आवास अवंटित किये गए हैं। स्वरोजगार और कौशल विकास दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में 54 हजार से अधिक युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आरसेटी के माध्यम से 2.8 लाख से अधिक ग्रामीण युवतियों को स्वरोजगार प्रशिक्षण दिलाया गया है। एमएसएमई नीति 2025 में महिला उद्यमियों को 50% तक पूंजी अनुदान का प्रावधान किया गया है। अब तक 2.8 लाख से अधिक महिला उद्यमों की स्थापना कराई गई है, सभी को पूंजी अनुदान उपलब्ध कराया गया है। मध्यप्रदेश उद्योग संवर्धन नीति-2025 के अंतर्गत राज्य महिलाओं के रोजगार को प्राथमिकता दे रहा है। परिधान और अन्य श्रम-प्रधान उद्योग इकाइयों के महिला कार्यबल पर आधाररत होने पर विशेष सहायता के रूप में प्रति कर्मचारी ₹5,000 तक मासिक रोजगार सृजन सहायता प्रदान की जाती है। ऐसे महिला श्रमिक आधारित उद्योगों को आकर्षित करने के लिए, परिधान, फुटवियर, खिलौने और एसेसरीजी जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए 200% तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।   recent visitors 64