उप राष्ट्रपति धनखड़ के 26 मई को नरसिंहपुर प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का मंत्री पटेल ने लिया जायजा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी के पास होने वाले कृषि उद्योग समागम के कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 26 मई को कृषि उद्योग समागम में शामिल होंगे। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड स्थल, पौधरोपण स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ग्रीन रूम, मंच, इन्वेस्टर्स मीट, बैठक व्यवस्था आदि का मुआयना किया। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये। नरसिंहपुर में 26 मई को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि एशिया महाद्वीप की सबसे ज्यादा उपजाऊ जमीन नरसिंहपुर जिले में है और यहां खेती भी अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि हमारा अगला कदम प्रोसेसिंग की तरफ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीन दिवसीय कृषि उद्योग समागम के आयोजन के लिए नरसिंहपुर जिले को चुना, मैं उनका आभारी हूं। इस मेले में किसान भाईयों को उन्नत खेती करने के तरीके, नई तकनीक एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा। 26 से 28 मई तक समागम के तीन दिवसों में इन्वेस्टर्स और जो अतिथि होंगे और आपस में बातचीत करेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री महेन्द्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, सहित अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 66

उत्तर प्रदेश में कैच द रेन कार्यक्रम के तहत अमृत वर्षा की बूंद बूंद को सहेज कर भूजल स्तर में सुधार की

लखनऊ भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल मानसून औसत से अधिक रहने के आसार जताए हैं। इसे देखते हुये घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कैच द रेन कार्यक्रम के तहत अमृत वर्षा की बूंद बूंद को सहेज कर भूजल स्तर में सुधार की तैयारी कर ली गयी है। केरल और पश्चिमी बंगाल में हो रही मानसून की सक्रियता से यह भी पूर्वानुमान है कि इस बार यह समय से पहले या समय से आकर पूरे देश को तर करेगा। उल्लेखनीय है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक के मानसून के सीजन में कुल बारिश के औसत का 70 से 80 फीसदी प्राप्त होता है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्ययालय गोरखपुर के पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष रहे प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, बारिश लिहाज से भारत इंद्र देव से मिलने वाले इस प्रसाद के लिहाज से दुनियां के कई देशों से संपन्न है। यहां चार महीने के दौरान करीब 870 मिलीमीटर बारिश होती है। उत्तर प्रदेश खासकर तराई के एक बड़े इलाके में तो इससे भी अधिक। मसलन अपने देश में पानी की नहीं इसके प्रबंधन की कमी है। हाल ही में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पूरी ने भी इस बात को स्वीकार किया। उनके मुताबिक भारत में जल संकट जल संसाधनों की कमी के नहीं उपलब्ध पानी के कुप्रबंधन के कारण है। डबल इंजन की सरकार (मोदी और योगी) का फोकस इसीलिए बारिश के हर बूंद को सहेजने का है। 2019 अटल भूजल योजना के तहत 'कैच द रेन' का कार्यक्रम इसके लिए ही चलाया गया था। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निजी रुचि के कारण उत्तर प्रदेश जल संरक्षण के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। खेत, तालाब, अमृत सरोवर, लुप्त प्राय हो रही नदियों का पुरुद्धार, नदियों के किनारे बहुउद्देशीय तालाब खासकर गंगा नदी के किनारों पर और केन बेतवा लिंक जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं इसका जरिया बन रही हैं। सरकार ने हाल ही में शहरों में बनने वाले आवासीय इकाइयों के लिए जल संरक्षण अनिवार्य कर दिया है। योगी सरकार शहरी स्थानीय निकायों से यह सुनश्चिति करने के लिए कहती है कि सभी भवन नर्मिाण अनुमतियों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं शामिल हों। बता दें कि तृतीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। इसी क्रम में खेत तालाब योजना की सफलता को देखते हुए योगी सरकार ने इस योजना के तहत 8500 तालाब के निर्माण का लक्ष्य रखा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे अधिकतम समय तक पानी की उपलब्धता के नाते कुल उत्पादन में लगभग 12 फीसद से अधिक की वृद्धि होगी। विशेषकर धान और मक्का के क्षेत्रफल और उपज में। इसी मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2023 में अमृत सरोवर योजना शुरू गई थी। योगी सरकार ने इस योजना के तहत हर जिले में 75 तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा था। फिलहाल इस योजना में उत्तर प्रदेश नंबर एक है। ग्लोबल वार्मिंग से परेशानी ग्लोबल वार्मिंग की वजह से मौसम की अप्रत्याशिता बढ़ी है। कम दिन में अधिक बारिश, उसके बाद सूखे का लंबा दौर हाल के कुछ दशकों में आम बात हो गई है। इससे एक साथ बारी बारी से बाढ़ और सूखे दोनों का सामना करना होता है। एक साथ दोनों संकटों के कारण सरकार द्वारा अधिक संसाधन खर्च करने बाद भी फसलों की पैदावार अच्छी न होने से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, पानी की कमी के कारण जिन आठ देशों के फसल उत्पादन में सर्वाधिक गिरावट (28.8 प्रतिशत) संभव है, उसमें भारत सर्वाधिक है। स्वाभाविक है कि उत्तर प्रदेश इससे सर्वाधिक प्रभावित होगा। बाकी देश जिनके उत्पादन में गिरावट संभव है वे हैं मेक्सिको 25.7, ऑस्ट्रेलिया 15.6 संयुक्त राज्य अमेरिका आठ, रूस 6.2,अर्जेंटीना 2.2,दक्षिण पूर्वी एशियाई देश में 18 प्रतिशत हैं। बारिश की ये टेंडेंसी भी बदल रही है। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में करीब 77 वर्षों के दौरान औसत बारिश में 320 मिलीमीटर की कमी आई है। मसलन सालाना 4.2 मिलीमीटर की कमी। यह पहले के सालाना औसत 1068.4 मिलीमीटर से घटकर 800 से 900 मिलीमीटर तक आ गई है। शायद यही वजह है कि हर संभव तरीके से बुंदेलखंड में जल संरक्षण पर योगी सरकार का सर्वाधिक फोकस भी है। खेत तालाब योजना की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। सिंचाई और जलसंरक्षण की छोटी बड़ी कई परियोजनाओं से बुंदेलखंड को आच्छादित किया जा रहा है। सिंचाई के दौरान अपेक्षाकृत दक्ष विधाओं ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के उपयोग के लिए भी यहां के किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। केन बेतवा लिंक के पूरा होने पर यह इस लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी।   recent visitors 61

पड़ोसी देश 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नजरअंदाज न करे: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के रोज-रोज के नए पैंतरों पर स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि उसका जन्म कैसे हुआ है और उसके निर्माण में भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) की क्या भूमिका थी। उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि पड़ोसी देश 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नजरअंदाज न करे। बांग्लादेश के निर्माण में भारत के ऐतिहासिक सहयोग की याद दिलाते हुए शाह ने BSF की महत्वपूर्ण भागीदारी पर भी जोर दिया। शाह ने ये बातें 22वें सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मारक व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश को अपने निर्माण में बीएसएफ द्वारा निभाई गई बड़ी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए।” इसके साथ ही शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों पर भारत की सैन्य कार्रवाई के विरोध में और आतंकवादियों के समर्थन में भारत पर जवाबी कार्रवाई करने से दुनिया भर में पाकिस्तान की पहचान आंतकवाद का समर्थन करने वाले देश की बन गयी है और वह पूरी तरह बेनकाब हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर से बेनकाब हुआ पाकिस्तान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद को समर्थन नहीं देता है लेकिन ऑपरेशन सिन्दूर के बाद के घटनाक्रमों ने उसे दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिन्दूर में भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में केवल नौ आतंकवादी अड्डों को तबाह किया था और सैन्य तथा असैनिक अड्डों को निशाना नहीं बनाया था लेकिन पाकिस्तान ने बौखलाहट में आकर भारतीय सैन्य ठिकानों और असैनिक ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की नाकाम कोशिशों ने साबित कर दिया है कि वह आतंकवाद का समर्थन करता है और आतंकवादियों को शह दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के बाद के घटनाक्रम से पाकिस्तान का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है कि वह आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा है। पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह पाकिस्तान सेना के अफसरों ने आतंकवादियों के जनाजों में नमाज पढ़ी। भारतीय सेनाओं की सराहना की जानी चाहिए: शाह उन्होंने कहा कि दूसरी ओर भारतीय सेनाओं की सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के केवल सैन्य अड्डों को ही निशाना बनाया और असैनिक क्षेत्रों में हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी अपनी वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने बांग्लादेश के साथ लगती सीमा सहित अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश को अपने निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए जान कुर्बान करने के लिए तैयार रहने की भावना के साथ अपने कर्तव्य पथ पर 1965 से 2025 तक निडरता से चलते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 2,000 से अधिक सीमा प्रहरियों को पूरे देश की ओर से नमन करते हैं। बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी के एफ रुस्तमजी बीएसएफ के संस्थापक और पहले महानिदेशक थे। बीएसएफ दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है, जिसमें लगभग 2.75 लाख कर्मी हैं। ये कर्मी पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी उठाते हैं। बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी। recent visitors 61

भारतीय डेलिगेशन के मॉस्को पहंचने से पहले भी यही स्थिति बनी रही, यहां घंटों ड्रोन अटैक की कोशिश की गई

रूस रूस ने बताया कि उसे पिछले तीन दिनों में देश भर में कम से कम 485 ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा है। अकेले मॉस्को और इसके आसपास के इलाके में 63 ड्रोन अटैक की कोशिश की गई। आज भारतीय डेलिगेशन के मॉस्को पहंचने से पहले भी यही स्थिति बनी रही। यहां घंटों ड्रोन अटैक की कोशिश की गई। एयरपोर्ट को बंद करना पड़ गया। इसके कारण भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर रूस यात्रा पर निकली फ्लाइट को घंटों तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। ऐसा कहा जा रहा है कि ड्रोन हमले के कारण एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई डीएमके सांसद कनिमोझी कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमले के कारण कई घंटों तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों का संचालन स्थगित रहा। इसके कारण सांसद कनिमोझी के नेतृत्व वाले डेलिगेशन को उतरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके कारण फ्लाइट हवा में ही चक्कर लगाती रही। काफी देरी के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। रूस में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित रूप से उनके होटल तक पहुंचाया। कनिमोझी रूस, स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया और लातविया में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। यह डेलिगेशन इन देशों को 22 अप्रैल के पहलगाम हमलों के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देगा। साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भारत का रुख भी स्पष्ट करेगा।   recent visitors 65

पार्वती नर्मदा लिक योजना से इच्छावर के 11 ग्रामों का हुआ पत्ता साफ ग्रामीण किसान हुए आक्रोशीत, निकाली पैदल रैली

इछावर सीहोर जिले के इछावर में नर्मदा लिंक परियोजना में 11 छूटे हुए गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र इछावर में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे, जिनकी लंबी कतारें दूर-दूर तक दिखाई दीं. इछावर में 11 गांवों के किसानों ने नर्मदा लिंक परियोजना में अपने गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर पैदल रैली निकाली. किसान बड़ी संख्या में एकत्र हुए और रैली के रूप में तहसील कार्यालय तक पहुंचे. उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. किसानों का कहना है कि उनके 11 गांवों को नर्मदा लिंक परियोजना में शामिल नहीं किया गया है, जिसके कारण वे इस महत्वपूर्ण परियोजना के लाभ से वंचित हैं. उन्होंने सभी छूटे हुए गांवों को परियोजना से जोड़ने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मौजूदगी ने किसानों के आंदोलन की ताकत को दर्शाया. किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी नहीं होने तक वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे.   recent visitors 54

टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ पहुंची अदालत

पंजाब पंजाब किंग्स की स्वामित्व वाली कंपनी केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड में नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है। PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया है। उन्होंने 21 अप्रैल को कंपनी की अहम मीटिंग को अवैध ठहराने की मांग की है। पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े।   recent visitors 65

छत्तीसगढ़ को मिली 5 अमृत स्टेशनों की सौगात, 6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया अम्बिकापुर में अमृत स्टेशन

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े। गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, राम कुमार टोप्पो, प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजूषा भगत मुख्य सचिव अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर  दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा। रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक बड़ा तिरंगा झंडा लगाया गया है साथ ही स्टेशन में यात्रियों के लिए सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। recent visitors 49