BJP नेता मनोहर के डर्टी पिक्चर कांड में पुलिस ने , अश्लील वीडियो वायरल करने पर चार टोल कर्मचारियों पर FIR

BJP नेता मनोहर के डर्टी पिक्चर कांड में पुलिस ने , अश्लील वीडियो वायरल करने पर चार टोल कर्मचारियों पर FIR

In BJP leader Manohar’s dirty picture case, police filed FIR against four toll employees for making obscene video viral दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ का अश्लील वीडियो वायरल के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने अब चार टोल कर्मचारियों केस दर्ज किया है। कर्मचारियों पर वीडियो लीक करने और ब्लैकमेलिंग कर 25 हजार रुपए वसूलने का आरोप है। Manohar Dhakad Viral Video Case update: मंदसौर जिले में बीजेपी नेता मनोहर लाल धाकड़ का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में है। वीडियो में धाकड़ को एक महिला के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर महिला के साथ यौन संबंध बनाते देखा गया था। इस मामले में धाकर की गिरफ्तारी हुई थी लेकिन उन्हें जमानत मिल गई थी। अब मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ के अश्लील वायरल वीडियो में पुलिस ने कार्रवाई की है। हाई सिक्योरिटी कैमरे में रिकॉर्ड वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने चार टोल कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन कर्मचारियों पर ब्लैकमेलिंग और वीडियो लीक करने का आरोप है। ये सभी 13 मई की रात ड्यूटी पर थे। इस मामले में कंपनी ने इन कर्मचारियों को पहले ही काम से बर्खास्त कर दिया था। इस कंपनी के पास एनएचएआई के लिए कंट्रोल रूम ऑपरेशन का ठेका दिया गया था। 4 टोल कर्मचारियों के खिलाफ केस13 मई की रात ड्यूटी पर मौजूद एमकेआई कंपनी के चार कर्मचारी अजय मीणा (27), कमलेश मेघवाल (32), रोहित नागर (27) और बन्ने सिंह चौहान (32) पर वीडियो लीक करने का आरोप है। कंपनी ने पहले ही चारों को बर्खास्त कर दिया था, अब पुलिस ने इन चारों के खिलाफ IT एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस की पूछताछ में मनोहर लाल धाकड़ ने ब्लैकमेलिंग का जिक्र किया था। जिसके बाद पुलिस ने इसको लेकर जांच की। ब्लैकमेलिंग कर लिए गए थे 25 हजारएसपी अभिषेक आनंद के अनुसार, बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ ने पूछताछ में बताया कि वीडियो वायरल न करने की एवज में उसने 20 हजार रुपए नकद और 5 हजार रुपए यूपीआई से बन्ने सिंह को ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने चारों कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 309, 294 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। ये सभी एनएचएआई के लिए कंट्रोल रूम ऑपरेट कर रही कंपनी के कर्मचारी थे। मामले में एनएचएआई, एमकेसी और एमकेआई कंपनी के अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है। महिला अब भी फरार, धाकड़ को जमानतअश्लील वीडियो के मामले में बीजेपी मनोहर धाकड़ के खिलाफ पहले ही IPC की धारा 296, 285, 3(5) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज है। नेता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके एक दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन वीडियो में दिख रही महिला अब भी फरार है। धाकड़ के वकील ने की फोरेंसिक जांच की मांगबीजेपी नेता धाकड़ के वकील संजय सोनी ने कहा कि वीडियो के साथ एआई तकनीक से छेड़छाड़ की गई हो सकती है, इसलिए इसकी फोरेंसिक जांच जरूरी है। यह वीडियो एआई से एडिट किया हुआ भी हो सकता है। इसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है। recent visitors 107

जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप लगी आग में दो एम्बुलेंश जली

जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप लगी आग में दो एम्बुलेंश जली

Two ambulances were burnt in a fire near the oxygen plant in the district hospital premises सीधी । जिला अस्पताल के एम्बुलेंशों में फिर आग लगने का मामला सामने आया। आक्सीजन प्लांट के समीप आग की चपेट में दो एम्बुलेंशों के आने से हडक़म्प मच गया। सूचना मिलते ही तत्काल नगर पालिका का फायर बिग्रेड मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया गया।मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप कुछ बिगड़ी हालत में एम्बुलेंश खड़ी हुई थीं। कल शाम करीब 5:30 बजे अचानक एक एम्बुलेंश से आग की तेज लपटें तथा धुआं निकलना शुरू हो गया। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ.एस.बी.खरे स्वयं मौके पर पहुंचे और फायर बिग्रेड से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू हुआ। करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। बताते चलें कि कुछ माह पूर्व ही जिला अस्पताल परिसर से लगे पुराने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे खड़ी कण्डम एम्बुलेंशों में आग लगने की घटना रात में सामने आयी थी। उस दौरान यह माना गया कि रात में किसी नशेड़ी द्वारा बीड़ी या सिंगरेट फेंकने से आग लगने की घटना हुई थी। इससे पूर्व भी पुरानी एम्बुलेंशों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। आज जिस स्थान पर बिगड़ी एम्बुलेंशों को खड़ा किया गया था वहां से बिजली का तार भी गुजरता है। फिर भी लापरवाही पूर्वक आक्सीजन प्लांट के समीप ऐसे जोखिम भरे स्थान में पुरानी एम्बुलेंशों को खड़ा किया गया था। जिला अस्पताल की बिगड़ी एम्बुलेंशों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पुरानी एम्बुलेंशों की सुरक्षा को लेकर कोई माकूल इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं। पुरानी कण्डम एम्बुलेंशों की नीलामी की स्वीकृति न मिलने के कारण अस्पताल परिसर में पुराने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे दर्जनों एम्बुलेंश खड़ी हुई हैं। नीलामी न होने के कारण अधिकांश एम्बुलेंश पूरी तरह से कण्डम हो चुकी हैं। इनका कहना हैजिला अस्पताल परिसर में जहां एम्बुलेंश खड़ी थीं। उसके ऊपर से बिजली के तार के गुजरने से शार्ट सर्किट के चलते आग लगने से प्रथम दृष्टया जानकारी सामने आयी है। अस्पताल परिसर में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी रहती है। इस मामले में जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी।डॉ.एस.बी.खरे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीधी recent visitors 124

बाबा साहब की मूर्ति लगाने का विरोध संघ समर्थक कर रहे हैंः गोविंद सिंह

बाबा साहब की मूर्ति लगाने का विरोध संघ समर्थक कर रहे हैंः गोविंद सिंह

Sangh supporters are opposing the installation of Baba Saheb’s statue: Govind Singh ग्वालियर। हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाये जाने का विरोध आरएसएस के समर्थक लोग कर रहे है। जिस कारण प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट परिसर से मूर्ति को हटा दिया गया। यह समस्त देश की जनता का अपमान है। कुछ अलग विचारधारा के लोगों ने संविधान की प्रतियां जलाई एवं अंबेडकर के पुतले जलाये। आज वही विचारधारा के लोग खुलेआम मूर्ति स्थापना का विरोध कर रहे है। कांग्रेस पार्टी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहीं।डा. सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित किये जाने की प्रक्रिया पूरी तरह से न्यायालय की अनुमति और विधि सम्मत कार्रवाई के अनुरूप पूरी हो चुकी है। इसके बाबजूद यदि किसी विशेष मानसिकता या राजनीतिक दबाब में आकर यह प्रक्रिया रोकी गई है तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिये हम सामाजिक जनजागरण और राजनीतिक आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन शीघ्र ही मूर्ति स्थापना की तारीख तय करें। पत्रकारवार्ता में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार, विधायक साहब सिंह गुर्जर, डबरा विधायक सुरेश राजे, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. देवेन्द्र शर्मा, प्रवक्ता राम पाण्डे भी उपस्थित थे। recent visitors 90

विमान दुर्घटना के दिवंगत यात्रियों की आत्मा की शांति के लिए भगवान चक्रधर से की प्रार्थना

विमान दुर्घटना के दिवंगत यात्रियों की आत्मा की शांति के लिए भगवान चक्रधर से की प्रार्थना

Prayers were offered to Lord Chakradhar for the peace of the souls of the deceased passengers of the plane crash ग्वालियर। श्री सनातन धर्म मंडल में आज अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया की भीषण दुर्घटना में दिवंगत यात्रियों की आत्मा की शांति हेतु भगवान श्री चक्रधर के चरणों में प्रार्थना की गई। मण्डल के अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेश चंद्र गोयल लल्ला, कोषाध्यक्ष राकेश बंसल, धर्म मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अहमदाबाद में घटित भीषण हृदयविदारक विमान हादसे से सभी स्तब्ध, निःशब्द और दुखित है। ऐसे हादसों पर विश्लेषण से ज्यादा विलाप स्वीकार्य होता है। आधुनिकीकरण और वैज्ञानिक अनुसंधान भी ईश्वरीय प्राकृतिक प्रकोप के आगे निस्सहाय साबित हुए। ईश्वर मृतको को सद्गति और परिजनों को संबल प्रदान करें। ऐसे दुःखद घटनाक्रम पर अभिव्यक्ति के लिए शब्द एवं भाव भी अपर्याप्त हो जाते है। मृत्यु शाश्वत सत्य है परंतु इस तरह जाना या जाते हुए अपनों को देखना अकल्पनीय है। गोयल ने कहा कि सनातन धर्म मंडल परिवार की संवेदनाएं इस दुख की घड़ी में सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। recent visitors 109

बेबस मां, कलयुगी पुत्र-बहू ने हड़पा मकान, पुलिस को सुनाई फरियाद

बेबस मां, कलयुगी पुत्र-बहू ने हड़पा मकान, पुलिस को सुनाई फरियाद

Kaliyuga’s son and daughter-in-law usurped the house जबलपुर। बच्चे माता-पिता का अरमान, उम्मीद होते हैं, लेकिन कलयुगी दौर में जिस माता पिता ने उन्हें उंगलियां पकडक़र चलना सिखाया, खून पसीने की कमाई से उन्हें पाला पोसा, ताकि वे बुढ़ापे का सहारा बने लेकिन वे उन्हें रामभरोसे छोड़ रहे हैं। ताजा मामला शांति नगर का सामने आया। बेटा बहू ने मां के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उसे घर से निकाल दिया और उसके मकान को हड़प लिया अब वृद्धा दर-दर भटक रही है। मंगलवार को 75 वर्षीय वृद्धा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। रोते-बिलखते हुए फरियाद सुनाई। रेवती बाई सोनी निवासी शांति नगर ने बताया कि उनका छोटा बेटा चन्द्रेश सोनी और बहू प्रीति सोनी ने उनके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। राशन कार्ड छीन लिया। उनके मकान को भी हड़प लिया है, वे दरदर भटक रही है, बड़ा बेटा इंदौर में रहता है जो फोन तक नहीं उठाता है। recent visitors 116

कई दुकानों में पहुंचा बेहद खराब क्वालिटी का खाद्यान्न, पीडीएस के जिम्मेदार अधिकारी अनजान

कई दुकानों में पहुंचा बेहद खराब क्वालिटी का खाद्यान्न, पीडीएस के जिम्मेदार अधिकारी अनजान

Very poor quality food grains reached many shops, PDS officials are unaware सिंगरौली । सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ती कीमतों पर गरीबों को मिलने वाले खाद्यान्न वितरण की क्वालिटी भी सवालों के घेरे में आ गई है। बैढ़न ब्लॉक के कई शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तीन महीने के लिए पहुंचा खाद्यान्न बेहद खराब है। जहां हितग्राही खाद्यान्न लेने में आनाकानी कर रहे हैं। वही जिम्मेदार अधिकारी उक्त मामले में अनजान हैं।गौरतलब है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को सस्ते दर पर राशन देने का निर्देश है। जिसमें जमकर भर्रेशाही मची हुई है। आरोप है कि जिला खाद्य अमला इस निरंकुश व्यवस्थाओं पर अंकुश लगाने में अब तक नाकाम रहा है। एक ओर जहां आये दिन शिकायते मिलती रहती हैं कि गरीबों को खाद्यान्न दो-दो, तीन-तीन महीने का वितरण विके्रताओं के द्वारा नही किया जाता है और ई-केवाईसी समेत आवंटन न मिलने का बहाना बताकर गरीब परिवारों को वैरंग लौटा दिया जाता है। जबकि गोदाम एवं स्टॉक पंजी में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध भी रहता है। यह तो कहानी विके्रताओं की है। वही अब राशन दुकानों में बेहद खराब क्वालिटी के गेहूॅ-चावल का परिवहन राशन दुकानों में किया गया है। बताया जाता है कि बैढ़न इलाके के कई दुकानों में अत्यंत घटिया किस्म के चावल-गेहूं का भण्डारण किया गया है। जिसे लेने में उपभोक्ता लेने में आनाकानी कर तरह-तरह के सवाल खड़े करते हुये यह कहते नजर आ रहे हैं कि जब पीडीएस का खाद्यान्न गुणवत्ता युक्त देने का निर्देश है, फिर यह घटिया चावल-गेहूं कहां से आ गया। सरकार एवं प्रशासन खाद्यान्न वितरण के नाम पर केवल कोरम पूर्ति कर अपनी पीठ थपथपाने में लगा हुआ है। गरीबों को किस तरह का खाद्यान्न मिल रहा है उसको देखने एवं सुनने वाला कोई नही है।तीन महीने का दुकानों के गोदामों में पहुंचा है राशनजानकारी के मुताबिक कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला का निर्देश है बरसात सीजन को देखते हुये तीन महीने का एक साथ राशन दुकानों के गोदामों में भण्डारण का जून से अगस्त महीने तक वितरण कराया जाना है। जहां खाद्यान्नों का वितरण भी शुरू हो गया है। लेकिन खाद्यान्न गेहूं-चावल की क्वालिटी को देखकर हर कोई सक्श कोस रहा है। बैढ़न कस्बे के आसपास के उपभोक्ताओं ने यहां तक कहा कि उक्त खाद्यान्न को अधिकारी चख कर देखे तो पता चल जायेगा। यह खाद्यान्न इतना घटिया है कि देखते ही मन उचट जाता है। इतना घटिया खाद्यान्न मिलों में कैसे पहुंचा, इसकी जवाबदेही किसकी है और क्या ऐसे लापरवाहों पर कार्रवाई होगी?विंध्या एग्रो इण्ड्रस्ट्रीज के मिल से पहुंचा है खाद्यान्नजानकारी के मुताबिक बैढ़न मुख्यालय के आसपास के शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गेहूं विंध्या एग्रो इण्ड्रस्ट्रीज उद्योग दीप बैढ़न के मिल से परिवहन किया गया है। जिसमें एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड सिंगरौली के मद 2024-25 के प्रत्येक बोरिया में टैग भी लगा हुआ है और टैग में राइस की स्थिति क्या है, उसमें एनर्जी, सूगर, बिटामिन की मात्रा कितनी है, उसका विधिवत जिक्र है। अब सवाल उठता है कि उचित मूल्य दुकानों में सिर्फ गुणवत्ता विहीन जिसे देखने लायक भी नही है, वह दुकानों में कैसे पहुंचा। अब चर्चा यह है कि केवल टैग लगाकर राइस के बेहतर क्वालिटी बताया जा रहा है। जबकि मामला कुछ और है। इनका कहना:-अभी मैं अवकाश पर हू। ऐसी कोई शिकायत मेरे पास नही आई है और ऐसा हो भी नही सकता है कि गुणवताविहीन खाद्यान्न वितरण के लिए दिया जाये। अवकाश से आने के बाद देखता हॅू।पीसी चन्द्रवंशीजिला खाद्य अधिकारी, सिंगरौली recent visitors 218

क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है? सोशल मीडिया, सरकार और निगरानी की सच्चाई

क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है? सोशल मीडिया, सरकार और निगरानी की सच्चाई

Is your privacy at risk? The truth about social media, government and surveillance Is your privacy at risk आज हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ सूचना ही शक्ति है — लेकिन ये शक्ति अब आम नागरिकों के हाथ से निकलकर सरकारों, कॉर्पोरेशनों और डेटा एग्रीगेटिंग प्लेटफॉर्म्स के पास चली गई है। हमने अपनी मर्जी से, बिना कुछ समझे, सोशल मीडिया पर वह सब साझा कर दिया जो कभी सिर्फ घर की चारदीवारी में सुरक्षित था। फोटो, लोकेशन, पसंद-नापसंद, रिश्ते, विचार—हर चीज़ हमने पोस्ट की, लाइक की, शेयर की। शुरू में ये एक आज़ादी जैसी लगी, लेकिन यह आज़ादी धीरे-धीरे एक जाल में बदल गई। Is your privacy at risk जब हम अपनी निजी ज़िंदगी का डिजिटल खाका खुद ही खींच रहे थे, तब न सरकारें दिखती थीं और न ही राजनीतिक एजेंडा। पर जैसे ही यह डेटा बढ़ा, सरकारें चौकन्नी हुईं, निगरानी शुरू हुई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इसे मॉनेटाइज करना शुरू कर दिया। अब यह डेटा हमारे खिलाफ हथियार बन चुका है। Read more: भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि वेब स्टोरी आज का यथार्थ यही है कि सोशल मीडिया पर दी गई हर जानकारी का इस्तेमाल हमारी मानसिकता को प्रभावित करने, हमें उपभोक्ता में बदलने और कभी-कभी राजनीतिक टूल बनाने तक में हो रहा है। यह न केवल व्यक्ति की निजता, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा के लिए भी खतरा है। हमें यह समझना होगा कि Is your privacy at risk प्राइवेसी कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक मूलभूत अधिकार है। जब तक हम इसके महत्व को नहीं समझेंगे, तब तक हम और हमारा समाज लगातार नियंत्रण में आता जाएगा। हमें खुद तय करना होगा कि हम तकनीक का इस्तेमाल करेंगे या तकनीक हमारा इस्तेमाल करेगी। प्राइवेसी ही पावर है। यही वह शक्ति है जो हमें सवाल पूछने, सोचने और चुनने की आज़ादी देती है। इसे समझना, इसकी रक्षा करना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। यदि आप इस विषय में जागरूकता फैलाना चाहते हैं, तो इस लेख को अधिक से अधिक साझा करें — क्योंकि सोच तभी बचेगी जब निजता बचेगी। recent visitors 129