ईडी ने मुडा कार्यालय पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की, जब्त पासपोर्ट किए जाएं: कर्नाटक भाजपा

बेंगलुरु कर्नाटक भाजपा ने शनिवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) मामले में शामिल सभी लोगों के पासपोर्ट जब्त करने की मांग की है। विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) आर अशोक ने कहा, “प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच कर रहा है। ईडी के अधिकारियों ने मैसूर में मुडा कार्यालय और तालुक कार्यालय पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की है।” उन्होंने कहा, “ईडी की जांच तेज होने के साथ ही मामला एक और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। सत्ता के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग, उनके परिवार के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल हैं, इसलिए यह मामला गंभीर और संवेदनशील दोनों है।” भाजपा नेता ने मांग की, “निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए, मैं ईडी के निदेशक और कर्नाटक के डीजीपी से अपील करता हूं कि वे मामले में शामिल सभी अधिकारियों, आरोपियों और संभावित गवाहों के पासपोर्ट तुरंत जब्त करें।” कर्नाटक लोकायुक्त और ईडी इस घोटाले की जांच कर रही है। याचिकाकर्ता स्नेहमयी कृष्णा पहले ही सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोकायुक्त अधिकारी नियुक्त किए हैं और वे मुख्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। ईडी अधिकारियों ने शुक्रवार को रात 11 बजे तक मुडा कार्यालय में तलाशी और जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने आयुक्त रघुनंदन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भूमि स्वामित्व और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की पत्नी पार्वती को आवंटन से संबंधित मूल दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की।   recent visitors 71

साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए डिजिटल रेप के मामले में अभिभावकों का गुस्सा जमकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूटा

नोएडा नोएडा के एक नामी स्कूल के जूनियर विंग में एक साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए डिजिटल रेप के मामले में शनिवार को अभिभावकों का गुस्सा जमकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूटा है। बड़ी संख्या में अभिभावक सुबह से ही स्कूल कैंपस में पहुंच गए थे और यहां पर उन्होंने स्कूल प्रशासन से मिलने की कोशिश की। जिसके बाद अभिभावकों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस मामले को लेकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी से भी मुलाकात की है। डीएम ने एक कमेटी बनाकर इस पूरी घटना के जांच के आदेश दिए हैं। नोएडा के निजी स्कूल में बच्ची के साथ डिजिटल रेप के मामले में अब पैरेंट्स स्कूल प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। आज भारी संख्या में अभिभावक स्कूल के गेट पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दरअसल कुछ दिन पहले नोएडा के सेक्टर 27 स्थित एक स्कूल में आरोपी ने एक बच्ची के साथ डिजिटल रेप की घटना को अंजाम दिया था। बच्ची के परिजनों ने घटना की शिकायत थाना सेक्टर 20 पुलिस को दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी स्कूल में ही स्वीपर का काम करने वाले नित्यानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद घटना के बारे में जानकारी छुपाने के आरोप में पुलिस ने क्लास टीचर और सिक्योरिटी इंचार्ज को भी गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद दोनों को शुक्रवार को बेल मिल गई। इसके बाद से अभिभावकों के अंदर रोष दिखाई दे रहा था। अब इस मामले में स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावक भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। स्कूल प्रशासन से मुलाकात न हो पाने पर अभिभावक डीएम से मुलाकात करने के लिए आवास पर पहुंच गए। अभिभावकों ने डीएम के सामने कुछ मांगे रखी है। जिसके बाद डीएम ने एक टीम का गठन किया है जो पैरेंट्स और अधिकारियों से बात करेगा। डीएम ने पेरेंट्स को आश्वासन दिया है कि अगर पेरेंट्स की बात स्कूल मैनेजमेंट नहीं मानेगा तो कार्रवाई की जाएगी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले को लेकर एक टीम का गठन किया है। जिसके बीएसए, डीआईओएस, सिटी मजिस्ट्रेट और जिला प्रोविजन अधिकारी शामिल हैं। वो इस मामले की जांच करेंगे। पैरेंट्स और स्कूल से बात करेंगे। इस तरह की घटनाओं के लिए पहले से गाइडलाइन है। कोई भी उसका पालन नहीं करेगा तो उसपर करवाई की जायेगी।   recent visitors 78

दिल्ली हाफ मैराथन के आगामी संस्करण में कल कुछ विश्व स्तरीय धावक भाग लेंगे

नई दिल्ली विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस, दिल्ली हाफ मैराथन के आगामी संस्करण में रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष सम्मान के लिए कुछ विश्व स्तरीय धावक भाग लेंगे। युगांडा के जोशुआ चेप्टेगी, जो दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं, का सामना इथियोपिया के दो बार के 5000 मीटर विश्व चैंपियन मुक्तार एड्रिस से होने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि एड्रिस ने हाल ही में टिलबर्ग में 10 मील की दौड़ में चेप्टेगी को हराया था। शुक्रवार शाम को यहां रेस से पहले प्रेस मीट में शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया। युगांडा पुलिस बल में कार्यरत चेप्टेगी ने बताया कि कैसे भारत में उनकी पहली रेस ने उनके करियर के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया। उन्होंने कहा, "भारत ने मेरे लिए एक बड़ी भूमिका निभाई, खासकर इसलिए क्योंकि यह मेरी सफलता की कहानी का एक बड़ा हिस्सा था। इसने मुझे एक वास्तविक अवसर दिया, और दस साल बाद भी, मेरी प्रबंधन टीम ने कहा, 'यदि आप अपने करियर के और 10 साल सड़कों पर बिताना चाहते हैं, तो आपको भारत वापस जाना होगा। इसलिए मैं लोगों को कुछ वापस देने के लिए भारत वापस आया हूं।" दिल्ली हाफ मैराथन में अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त चेप्टेगी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि रविवार की दौड़ मेरे लिए अच्छी रहेगी। मेरी प्राथमिकता दिल्ली हाफ मैराथन के माध्यम से अपने अगले अध्याय की ओर बढ़ना है।" हाल ही में लगी चोट से उबरने को लेकर एड्रिस ने कहा, "मेरी चोट अब लगभग 95% ठीक हो गई है, हालांकि एक छोटी सी समस्या आई है। लेकिन यह प्रबंधनीय है। मैं वर्तमान में अपने पिछले फॉर्म के 70-80% पर हूं और लगातार सुधार कर रहा हूं। मेरा लक्ष्य पूरी ताकत से वापसी करना है, खासकर लंबी दौड़ के लिए। मेरे परिवार ने पूरे समय मेरा बहुत साथ दिया।" 2019 में एक चुनौतीपूर्ण दौड़ को याद करते हुए, एथलीट ने बताया कि कैसे चोटों के कारण उन्हें शुरुआत में मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "दोहा में 5000 मीटर की फ़ाइनल के दौरान, गर्मी और उमस बहुत ज़्यादा थी। यह कठिन था, लेकिन इसने मेरे पक्ष में काम किया। मैं अंतिम 400 मीटर तक समूह के साथ रहा और अंतिम चरण में, मैं अन्य एथलीटों और खुद को आश्चर्यचकित करने में कामयाब रहा। किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि मैं उस दिन जीत जाऊंगा।" महिलाओं के वर्ग में 10,000 मीटर में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन, इलिश मैककोलगन शामिल हैं। हालांकि, केन्या की सिंथिया लिमो, 2016 विश्व हाफ मैराथन की रजत पदक विजेता, आगामी दौड़ में ब्रिटिश धावक को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं। दिल्ली हाफ मैराथन से पहले अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करने वाली मैककोलगन ने कहा, "इतने लंबे समय तक खेल से बाहर रहना कठिन है। वापसी में लगभग छह महीने लगते हैं और फिर फिटनेस को फिर से बनाने में और समय लगता है। मैं अभी तक ब्रिटिश रिकॉर्ड या अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हूं, लेकिन चीजें अच्छी तरह से हो रही हैं। मैंने हाल ही में लगातार सप्ताहांत में दो हाफ मैराथन की, जो मैं आमतौर पर नहीं करती। एक करना मुश्किल है, दो तो छोड़िए, लेकिन इसने मुझे विश्वास दिलाया है कि मेरा शरीर ठीक है और अच्छी तरह से ठीक हो रहा है।" वह 2008 के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता के लिए भारत लौट रही हैं और दिल्ली हाफ मैराथन में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, "मेरी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत में 2008 के राष्ट्रमंडल युवा खेलों में थी, इसलिए मैं यहाँ फिर से दौड़ने के लिए उत्साहित हूँ। दिल्ली हाफ मैराथन मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, जो पेशेवर दौड़ में मेरी वापसी का प्रतीक है। मैं अपना पीबी नहीं बना पाई, लेकिन मैं इस इवेंट से पहले अपनी प्रगति से खुश हूँ।" अपने करियर के कठिन समय को लेकर, जब उन्हें अपने पहले बच्चे को खोना पड़ा, लिमो ने कहा, "आपको खुद को प्रोत्साहित करना होगा और चीजों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। जो कुछ भी हुआ है, उसके बावजूद यह मेरे लिए कठिन रहा है, लेकिन मैंने हमेशा खुद को प्रोत्साहित किया। मेरे अंदर वह भावना थी और इसी ने मुझे हर चीज में आगे बढ़ने और अपनी ताकत बनाए रखने में मदद की।" लिमो 2015 के बाद पहली बार दिल्ली लौटी हैं, उस समय उन्होंने रेस जीती थी। रोड रेस के बारे में उन्होंने कहा, "मैं वास्तव में सम्मानित महसूस कर रही हूँ कि आयोजकों ने मुझे दिल्ली हाफ मैराथन के लिए भारत वापस आमंत्रित किया है। यह मेरा दूसरा भाग है; मैंने 2015 में मैराथन में भाग लिया था, और यह मेरे लिए एक बेहतरीन वर्ष था। मैंने तब अच्छा प्रदर्शन किया था। फिर से दौड़ना मेरे लिए सौभाग्य की भावना से भर देता है। रविवार के लिए मेरी आशा है कि मैं नौ साल पहले 2015 की तरह ही अच्छा प्रदर्शन करूँ। यही मेरा लक्ष्य है। मुझे इस देश से गहरा लगाव है… मैं प्रशंसकों की बेहद आभारी हूँ। यहाँ के लोग अद्भुत हैं, और मैं इस अनुभव के बारे में सब कुछ की सराहना करती हूँ।" 20 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होने वाली दिल्ली हाफ मैराथन में 260,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि है।   recent visitors 91

मुंबई पुलिस ने कुछ नए खुलासे किए, यूपी और हरियाणा के शूटरों को महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हैसियत के बारे में पता नहीं होगा

नई दिल्ली बाबा सिद्दीकी हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने कुछ नए खुलासे किए हैं। बताया गया कि इस मामले में हाल में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों ने हत्या के लिए 50 लाख रुपये मांगे थे। मगर, भुगतान को लेकर असहमति और एनसीपी नेता के रसूख को देखते हुए उन्होंने हत्या को अंजाम देने से बाद में मना कर दिया। ऐसे में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शुभम लोंकर ने नए शूटर हायर करने का फैसला लिया। वह जानता था कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शूटरों को महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हैसियत के बारे में पता नहीं होगा। उसका यह प्लान काम कर गया और उससे कम रकम में ही बाहरी शूटर्स हत्या के लिए सहमत हो गए। इस तरह, हरियाणा के निवासी गुरमेल बलजीत सिंह, उत्तर प्रदेश के धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। मुंबई पुलिस ने सिद्दीकी की हत्या मामले में शुक्रवार को 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने पूर्व विधायक की हत्या में शामिल लोगों को आवश्यक सामग्री और अन्य प्रकार की मदद दी थी। अब इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या अब 9 हो गई है, जबकि तीन लोग फरार हैं। पुलिस ने बताया कि हाल में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन गौतम सप्रे (32), संभाजी किसान पारधी (44), प्रदीप दत्तू थोम्ब्रे (37), चेतन दिलीप पारधी और राम फूलचंद कनौजिया (43) के रूप में की गई है। गौतम सप्रे डोंबिवली से है। संभाजी किसान पारधी, थोम्ब्रे और चेतन दिलीप पारधी ठाणे जिले के अंबरनाथ से हैं। कनौजिया रायगढ़ के पनवेल का रहने वाला है। पैसों को लेकर नहीं बन पाई बात सीनियर अधिकारी ने शनिवार को कहा, 'पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि गौतम सप्रे के नेतृत्व वाले गिरोह ने एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए मध्यस्थ से 50 लाख रुपये की मांग की थी। लेकिन, सौदे पर असहमति के कारण यह बात नहीं बन पाई।’ उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सप्रे को पता था कि सिद्दीकी एक प्रभावशाली नेता हैं। इसलिए उन्हें मारना उसके गिरोह के लिए बड़ी समस्या पैदा कर सकता था। ऐसे में आरोपियों ने आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा, 'यह जरूर है कि आरोपी व्यक्तियों ने नए शूटरों को आवश्यक सामग्री देने और अन्य सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया।' लोंकर के संपर्क में था सप्रे गिरोह अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं ने पाया है कि गौतम सप्रे के नेतृत्व वाला गिरोह गोलीबारी किए जाने तक साजिशकर्ता शुभम लोंकर और मुख्य षड्यंत्रकर्ता मोहम्मद जीशान अख्तर के संपर्क में था। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी की 12 अक्टूबर की रात को उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के मुंबई के बांद्रा स्थित कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम, शुभम लोंकर और मोहम्मद जीशान अख्तर फिलहाल फरार हैं। इनकी तलाशी महाराष्ट्र के अलावा दूसरे राज्यों में भी चल रही है। हालांकि, अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है। recent visitors 107

धर्मपरिवर्तन के लिए दबाब बना रही 3 महिलाओं को सतना पुलिस ने किया गिरफ्तार

सतना  सतना जिले में गरीब लोगों को ईसाई धर्म में कनवर्ट करने के लिए लालच देने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. कोलगवां पुलिस थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने कहा कि एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, एक धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था. सतना के बैंक कॉलोनी निवासी आदर्श त्रिपाठी ने शिकायत की कि तीन महिलाएं उनसे मिलीं और उनके परिवार के बारे में जानकारी मांगी. उन्होंने कहा, इसके बाद तीनों ने उसे अपने बीमार पिता को ठीक करने के लिए ईसाई धर्म अपनाने के लिए राजी किया. अधिकारी ने कहा, शिकायतकर्ता ने कहा कि इन महिलाओं ने हिंदू धर्म के बारे में भी घटिया कमेंट भी किए. उन्होंने कहा, शिकायत के बाद, तीन महिलाओं, जिनकी पहचान सोनू साकेत, पार्वती साकेत और अर्चना साकेत के रूप में हुई, पर मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा कि लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए लुभाने के उद्देश्य से गलत कंटेंट वाले पर्चे भी उनके कब्जे से जब्त किए गए. हाल ही में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ईसाई धर्म के प्रति प्रेरित करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां गरीब और असहाय लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. हिंदू महासंघ और राष्ट्रीय गौरक्षा समिति के पदाधिकारियों की सूचना पर पुलिस पहुंची. इसके बाद धर्म परिवर्तन करा रहे दो पादरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ईसाई धर्म के प्रति प्रेरित का मामला सामने आया है. आरोप है कि गरीब और असहाय लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. हिंदू महासंघ और राष्ट्रीय गौरक्षा समिति के पदाधिकारियों की सूचना पर पुलिस पहुंची. इसके बाद धर्म परिवर्तन करा रहे दो पादरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. दरअसल, यह मामला नगर कोतवाली के मुहरिया इलाके का है. इस मोहल्ले में एक घर में दर्जनों गरीब, असहाय व दलित महिलाएं इकट्ठी थीं. जहां दो पादरियों द्वारा उन्हें धर्म सभा के माध्यम से संबोधित कर ईसाई धर्म के प्रति प्रेरित किया जा रहा था. इसकी जानकारी जब हिंदू महासंघ व राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों को हुई तो वे मौके पर पहुंच गए. recent visitors 106

गुजरात के मुस्लिम धर्मगुरु को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, हिरासत को किया रद्द, तुरंत रिहा करो

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती मोहम्मद सलमान अजहरी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गुजरात असामाजिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (पीएएसए), 1985 के तहत उनकी हिरासत को रद्द कर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा, 'रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को देखने के बाद हमें लगता है कि हिरासत के आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह सजेक्ट करे कि अपीलकर्ता द्वारा दिए गए भाषण से किसी भी तरह से सार्वजनिक व्यवस्था बाधित हुई है।' 29 जुलाई 2024 को, गुजरात हाईकोर्ट ने जूनागढ़ जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी 16 फरवरी, 2024 के अजहरी के हिरासत आदेश को बरकरार रखते हुए कहा था कि 'वर्तमान मामले में रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री यह मानने के लिए पर्याप्त है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की कथित पूर्वाग्रही गतिविधियों ने अधिनियम की धारा 4(3) के अंदर सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव को या तो प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है या उसके प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने की संभावना है।' इस आदेश के खिलाफ मौलवी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अजहरी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील हुजेफा ए अहमदी ने कहा कि हिरासत में लेने वाले अधिकारी द्वारा जिस सामग्री पर भरोसा किया गया है, वह यह निष्कर्ष निकालने के लिए अपर्याप्त है कि उनकी गतिविधियां सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए हानिकारक थीं। गुजरात की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और वकील स्वाति घिल्डियाल ने हिरासत को उचित ठहराने की मांग की। अपील को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत पर हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अजहरी को 'तुरंत रिहा किया जाए।' हिरासत में लेने वाले अधिकारी ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर और उक्त अपराधों के संबंध में पेश सामग्री पर विचार किया और वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि याचिकाकर्ता की गतिविधियां पूर्वाग्रहपूर्ण थीं। recent visitors 52

सीट बंटवारा पर देरी को लेकर निराशा, दावा किया कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेता फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं: संजय राउत

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है लेकिन महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग को लेकर बात बन ही नहीं रही है। अब गठबंधन के घटक दलों ने एक दूसरे पर आरोप लगाने भी शुरू कर दिए हैं। 20 नवंबर को ही चुनाव होने हैं और ऐसे में सीटों का बंटवारा होने का दबाव सभी पार्टियों पर है। इसी बीच उद्धव ठाकरे के एक बयान ने गठबंधन में सबकुछ ठीक ना होने के कयासों को और बल दे दिया है। उन्होंने कहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन टूटना नहीं चाहिए। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। ठाकरे ने यह भी उम्मीद जताई है कि शनिवार तक सीट बंटवारा हो जाएगा। संजय राउत ने महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (MVA) में सीट बंटवारा वार्ता पर देरी को लेकर  निराशा जताई और दावा किया कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेता “फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं।” मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत में राउत ने कहा कि एमवीए के घटक दलों में महाराष्ट्र विधानसभा की कुल 288 सीट में से 200 पर आम सहमति कायम हो गई है। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं। राज्यसभा सांसद राउत ने बताया कि उन्होंने सीट बंटवारे पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और मुकुल वासनिक तथा महाराष्ट्र के लिए पार्टी प्रभारी रमेश चेन्निथला से शुक्रवार सुबह बात की। उन्होंने कहा कि दिन में वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी बात करेंगे। राउत ने कहा, “लंबित फैसला जल्द लिया जाना चाहिए। बहुत कम समय बचा है। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें बार-बार सूची दिल्ली भेजनी पड़ती है और फिर चर्चा होती है। जल्द से जल्द निर्णय लेना होगा।” क्या बोली कांग्रेस कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने शुक्रवार को कहा कि घटकों के बीच 25 से 30 सीट को लेकर गतिरोध है और पार्टी इकाई इस मुद्दे पर आलाकमान के किसी भी फैसले को स्वीकार करेगी। पटोले ने संवाददाताओं से कहा कि एमवीए में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत गुरुवार को समाप्त हो गई। ठाकरे ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है और लोगों ने 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी एमवीए को सत्ता में लाने का फैसला किया है। र्व मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए दलों के बीच बातचीत लंबा खिंचने के मद्देनजर आगाह करते हुए कहा, ‘‘सहयोगियों के बीच सौदेबाजी को बातचीत टूटने के कगार तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’ recent visitors 78