त्योहार से सप्ताह पूर्व से दिल्ली, इंदौर, रायपुर से आने वाली फुल, जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी अब कन्फर्म सीटें नहीं बची

जबलपुर दीपावली से ठीक एक दिन पूर्व 30 अक्टूबर को हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में प्रतीक्षा सूची 130, थर्ड एसी इकोनोमी में 65, थर्ड एसी में 85, सेकेंड एसी में 52 एवं फस्र्ट एसी में 17 है। वहीं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मण्डल पर ब्रिजों के अनुरक्षण कार्य के कारण कई गाड़ियों को रद्द किया गया है। मुंबई से प्रतिदिन 14-16 ट्रेनों का संचालन होता है सीएसटीएम-जबलपुर के मध्य सीधी चलने वाली एक मात्र गरीबरथ एक्सप्रेस में 27 अक्टूबर को टिकट की प्रतीक्षा सूची 299 पर पहुंच गई है। मुंबई से प्रतिदिन 14-16 ट्रेनों का संचालन होता है, जो जबलपुर से होकर गुजरती हैं। जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी अब कन्फर्म सीटें नहीं बची हैं जबलपुर से प्रयागराज, बनारस, गोरखपुर, पटना, भागलपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें तो दीपावली के पहले से लेकर छठ तक फुल हैं। दिल्ली, इंदौर, रायपुर, जयपुर से जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी अब कन्फर्म सीटें नहीं बची हैं। इनमें प्रतीक्षा सूची लंबी होना आरंभ हो गया है। मुंबई से आने वाली ट्रेनों में स्थिति….     24 अक्टूबर : 14 में से पांच ट्रेन में थर्ड एसी में नोरूम।     24 अक्टूबर : गरीबरथ एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची 152।     25 अक्टूबर : 16 में से दो ट्रेन में नोरूम।     25 अक्टूबर : अन्य छह के थर्ड एसी व सात ट्रेन के सेकेंड एसी में नोरूम।     26 अक्टूबर : 14 में से पांच ट्रेन में नोरूम।     26 अक्टूबर : अन्य छह के थर्ड एसी, चार ट्रेन के सेकेंड एसी में नोरूम।     27 अक्टूबर : 15 ट्रेन में से चार ट्रेन में नोरूम।     27 अक्टूबर : कुछ अन्य ट्रेनों के स्लीपर और एसी में भी नोरूम।     28 अक्टूबर : 16 में नौ ट्रेन में नोरूम।     29 अक्टूबर : 16 में से आठ ट्रेन में नोरूम।     30 अक्टूबर : 14 में से 11 ट्रेन में नोरूम।     31 अक्टूबर : 16 में से पांच ट्रेन में नोरूम। जबलपुर आने वाली यह ट्रेने भी फुल….     दिल्ली से : तीन-चार ट्रेन प्रतिदिन। 25-30 अक्टूबर तक।     जयपुर से : एकमात्र ट्रेन संचालित। 23-30 अक्टूबर तक।     रायपुर से : दो ट्रेन का संचालन। 23-30 अक्टूबर तक। नोट: रेलवे टिकट आरक्षण प्रणाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार विवरण। तत्काल टिकट लेने की तैयारी महानगरों में रहकर नौकरी, पढ़ाई करने वाले आसपास के जिलों के लोग भी जबलपुर तक रेल यात्रा करके पहुंचते हैं। जो लोग पहले टिकट आरक्षित कराने से चूक गए हैं, वह अब तत्काल टिकट लेने की तैयारी कर है। तत्काल टिकट के लिए भी सबसे अधिक मांग गरीबरथ, महानगरी, काशी, पवन, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, हावड़ा मेल, मप्र संपर्क क्रांति, दयोदय जैसी ट्रेनों में है। महंगे किराये वाली गाड़ी भी खाली नहीं त्योहार पर घर पहुंचने के लिए यात्री महंगा किराया भी चुका रहे है। रेलवे की ओर से कुछ विशेष गाड़ियां आरंभ की है। अधिक किराया वाली यह ट्रेनें अभी से फुल हो गई है। एलटीटी-समस्तीपुर विशेष ट्रेन के स्लीपर श्रेणी की प्रतीक्षा सूची 150 पर पहुंच गई है। रायपुर, जयपुर जैसे नगरों से रेल यातायात के सीमित विकल्प भी त्योहार पर आने वाले लोगों के लिए समस्या बन रहे है। मनमाड़ से जबलपुर के लिए रवाना हुई गरीब रथ मुंबई रेल मंडल के कसारा स्टेशन पर पटरी की मरम्मत के चलते गरीबरथ एक्सप्रेस को मुंबई ले जाया सका। शनिवार शाम को जबलपुर से रवाना हुई गरीब रथ ट्रेन को रविवार सुबह मनमाड़ स्टेशन पर ही रोक दिया गया। ट्रेन यहां से वापस जबलपुर के लिए रवाना हुई। जबलपुर से मुंबई जाने वाले यात्री परेशान हुए गाड़ी संख्या 12188 सीएसएमटी- जबलपुर गरीबरथ एक्सप्रेस को रविवार शाम 5:55 मिनट पर जबलपुर के लिए रवाना किया गया। यह ट्रेन सीएसएमटी-मनमाड के बीच आंशिक निरस्त थी। हालांकि इस दौरान जबलपुर से मुंबई जाने वाले यात्री परेशान हुए। यात्री मानवाड़ से ट्रेन और टैक्सी के जरिए मुंबई पहुंचे इसके लिए भी उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। यात्रियों को ट्रेन में आरक्षण नहीं मिला तो वे अन्य ट्रेनों में जनरल टिकट लेकर मुंबई पहुंचे। वहीं टैक्सी में उन्हें ज्यादा किराया देकर गंतव्य तक जाना पड़ा। आज रद्द रहेगी इतवारी-रीवा एक्सप्रेस रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मण्डल पर ब्रिजों के अनुरक्षण कार्य के कारण कई गाड़ियों को रद्द किया गया है। गाड़ी संख्या 11755 इतवारी से रीवा एक्सप्रेस 21 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। गाड़ी संख्या 11756 रीवा से इतवारी एक्सप्रेस अपने प्रारम्भिक स्टेशन रीवा से रविवार को रद्द रही। recent visitors 94

ग्रामीण चिकित्सकीय सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

Strengthening rural medical services is the government’s top priority: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय व्यवस्था की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान न आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने के उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिये। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे। recent visitors 124

अदार पूनावाला ने 1000 करोड़ में खरीदी करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन की हिस्सेदारी

मुंबई  कोविड वैक्सीन बनाने वाली बहुचर्चित कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला अब फिल्म इंडस्ट्री के जाने-जाने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर के साथ हाथ मिला रहे हैं. खबर है कि अदार पूनावाला की कंपनी सीरीन प्रोडक्शन्स 1000 करोड़ रुपये में धर्मा प्रोडक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सा खरीदने वाली है. आर्थिक पोर्टल मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर आई है और इसमें बताया गया है कि फिल्ममेकर करण जौहर के पास धर्मा प्रोडक्शन्स की बाकी 50 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी और वो कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे. इसके साथ ही अपूर्वा मेहता कंपनी की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर बनी रहेंगी.   कौन हैं अदार पूनावाला? अदार पूनावाला को सबसे ज्यादा सीरम इंस्टीट्यूट के जरिए भारत में कोविड वैक्सीन के निर्माण के लिए जाना जाता है. कोविड के संकटकाल में जब देश में कोविशील्ड के जरिए सभी को वैक्सीन दी गई, उस समय से अदार पूनावाला पूरी तरह लाइमलाइट में आ गए. 1997 में शुरू हुआ था धर्मा प्रोडक्शन धर्मा प्रोडक्शन्स को साल 1997 में यश जौहर ने शुरू किया था और उनके निधन के बाद उनके बेटे करण जौहर ने साल 2004 में कंपनी की बागडोर संभाली. इस फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ने कभी खुशी कभी गम, माई नेम इज खान, केसरी, सिंबा, धड़क, ये जवानी है दीवानी, स्टूडेंट ऑफ द ईयर जैसी कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया है जिनमें से कई फिल्में ब्लॉकबस्टर हिट रही हैं. करण जौहर अदार पूनावाला के दोस्त हैं अदार पूनावाला द्वारा संचालित सिरीन प्रोडक्शन और धर्मा प्रोडक्शन्स अब अलग-अलग तरह के कंटेट का निर्माण साझा रूप से करेंगे. अदार पूनावाला के सिरीन प्रोडक्शन्स के आकलन के मुताबिक धर्मा प्रोडक्शंस का वैल्यूएशन 2000 करोड़ रुपये है. इस लिहाज़ से अदर पूनावाला ने 1000 करोड़ रुपये में धर्मा प्रोडक्शन के 50 फ़ीसदी हिस्से को खरीदा है. करण जौहर अदार पूनावाला और उनकी पत्नी नताशा पूनावाला के काफी करीबी दोस्त हैं. recent visitors 109

करवा चौथ पर पति ने पत्नी को दिया जीवन किडनी का अनमोल उपहार

जबलपुर किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रही पत्नी को करवा चौथ पर अपनी किडनी उपहार में दिया। करवा चौथ के पल काे अपने जीवन में विशेष बनाते हुए दूसरे के लिए एक उदाहरण बन गए। विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल ने सर्जरी की दंपती अब स्वस्थ्य है पति की किडनी की पत्नी में सफल प्रत्यारोहपण की प्रक्रिया बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल में हुई। जहां, विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल ने सर्जरी की। यह दंपती अब स्वस्थ्य है। दो वर्ष से गंभीर पीड़ा और शारीरिक समस्या से जूझ रही थी लालमाटी निवासी नीना प्रमानिक किडनी रोग से पीड़ित थी। दो वर्ष से गंभीर पीड़ा और शारीरिक समस्या से जूझ रही थी। डायलिसिस पर थी। पति ज्ञानदीप प्रमानिक, पत्नी को पीड़ा में नहीं देख पा रहे थे किडनी प्रत्यारोपण से उनका जीवन बेहतर हो सकता था। पति ज्ञानदीप प्रमानिक, पत्नी को पीड़ा में नहीं देख पा रहे थे। उन्होंने उसे अपनी किडनी देने का निर्णय किया। सपने को अस्पताल के कुशल चिकित्सकों ने पूरा कर दिया प्रत्यारोपण के लिए दिन चुना करवा चौथ का, ताकि अपनी पत्नी को एक अनमोल उपहार दे सकें। उसकी पीड़ा को हर सकें। बेहतर जीवन प्रदान कर सकें। उनके सपने को अस्पताल के कुशल चिकित्सकों ने पूरा कर दिया। करवा चौथ के दिन दंपती के चेहरे पर खुली लौटाई नेफ्रोलाजिस्ट डा. विशाल बडेरा, सर्जन डा. राजेश पटेल की टीम ने सफल सर्जरी की। करवा चौथ के दिन दंपती के चेहरे पर खुली लौटाई। पूनम की रात में चांद से खिल उठे चेहरे रविवार करवाचौथ के दिन महिलाओं ने सुबह सरगी से दिन की शुरुआत की। तो वहीं शाम को सामूहिक पूजन में महिलाएं शामिल हुई। जहां एक ओर पत्नी ने करवाचौथ का व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की कामना की, तो वहीं हसबैंड ने वाइफ को सरप्राइज गिफ्ट दिए। पारंपरिक परिधानों में सज-संवरकर व्रत किया करवाचौथ के अवसर पर कालोनी, सोसाइटी में चहल-पहल रहीं। होटल में हसबैंड ने वाइफ को डिनर कराया। महिलाओं ने रात को चांद का दीदार करके व्रत खोला। करवाचौथ का पूजन ग्रुप में किया मदनमहल निवासी जसमीत कौर ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी करवाचौथ का पूजन ग्रुप में किया। करवाचौथ स्पेशल अंदाज में मनाया। करवाचौथ पर पारंपरिक परिधान पहनें। मैंने शादी का लहंगा, हसबैंड ने शेरवानी पहनी थी हसबैंड और मैने मैचिंग के कपड़े पहनें, मैंने शादी का लहंगा पहना, वहीं हसबैंड ने शेरवानी पहनी थी। करवाचौथ पर्व पर सोलह-श्रृंगार खास होता है। हाथ में मेहंदी लगाई थी। जिसमें हसबैंड का नाम भी लिखा है। पहले करवाचौथ को लेकर रहा उत्साह सोनाली ने बताया कि पहले करवाचौथ को लेकर बहुत उत्साह रहा। दिन में ही पूजा की तैयारी कर ली थी। करवाचौथ के लिए घर पर ही पकवान बनाए। रात में चांद का दीदार किया। चांद निकलते ही चंद्रमा को अध्र्य दिया, और पतिदेव ने पानी पिलाया। पति ने मुझे सुंदर ड्रेस गिफ्ट में दी। इसके बाद हम दोनों ने फोटोसेशन किए। सभी फोटो इंटरनेट मीडिया में अपलोड भी किए। माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने मनाया पर्व सुख,समृद्धि,आनंद और श्रृंगार के साथ माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने करवाचौथ पर्व मनाया। जिसमें अनीता जेठा, नेहा जेठा, दीप्ति दरक, पूजा माहेश्वरी, दीप्ति जेठा, प्रियंका माहेश्वरी, गीता जेठा, शीतल, तारा, चंचल, रूचि, जेठा, निधि भट्टर, खुशबू जेठा, मान्या दरक, दिया माहेश्वरी सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे। recent visitors 92

भोपाल के वीआईपी रोड से युवक गमले में पेशाब करते हुए वीडियो सामने आया

 भोपाल वीआईपी रोड पर गमले में पेशाब करते हुए एक युवक का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से बहु प्रसारित हुआ । इस वीडियो में युवक को गमले के पास पेशाब करते साफ देखा जा सकता है। यह घटना राहगीरों द्वारा कैमरे में कैद की गई और कुछ ही समय में वीडियो इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्मों पर बहु प्रसारित हो गया । घटना के वीडियो के वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई । कोहेफिजा थाना पुलिस अब वीडियो के आधार पर युवक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी बृजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि घटना के वीडियो में एक मोटरसाइकिल भी देखी गई है, जिसका नंबर छत्तीसगढ़ का है। मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर सीजी 12 एएल 8896 है । पुलिस फिलहाल इस नंबर के आधार पर युवक की तलाश में जुटी है। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि इसी तरह की घटना 26 सितंबर को भी सामने आई थी, जब एक युवक का वीडियो इंटरनेट मीडिया में बहु प्रसारित हुआ था, जिसमें वह बड़े तालाब में पेशाब कर रहा था । उस घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने युवक की पहचान उसकी कार के नंबर से की और कार मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। नगर निगम भोपाल के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने बताया कि तालाब या सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। निगम वीडियो के आधार पर युवक के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई करेगा। recent visitors 109

रतलाम : महालक्ष्मी मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खुला, श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा-अर्चना की

रतलाम रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सूतक में पंडित संजय पुजारी के पूजा-पाठ करने के बाद श्रीमाली समाज के लोगों ने विरोध जताया था। इसके बाद रविवार रात को प्रशासन ने मंदिर में ताला लगाया दिया था। प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक खुलने वाले मंदिर के ताले सोमवार सुबह 8 बजे तक भी नहीं खुले। मंदिर के बाहर श्रीमाली समाज के लोग दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। इसके बाद नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खुला। इसके पहले श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा-अर्चना की। पंडित संजय दवे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा कराई। रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सूतक में पंडित संजय पुजारी द्वारा पूजा-पाठ करने का विवाद गहराता जा रहा है। विवाद के बीच प्रशासन ने संजय पुजारी के स्थान पर सत्यनारायण पिता दुर्गाशंकर व्यास को मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक नियुक्त किया है। पंडित संजय पुजारी से भी मंदिर में सजावट के लिए आने वाले रुपयों और आभूषणों की प्रतिदिन की जानकारी मांगी है। वहीं प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक खुलने वाले मंदिर के ताले सोमवार सुबह 8 बजे तक भी नहीं खुले। मंदिर के बाहर श्रीमाली समाज लोग आकर एकत्र हो गए। सुबह जल्दी ताला नहीं खुलने से कई श्रद्धालुओं को बाहर से दर्शन कर जाना पड़ा। 8:15 बजे खुले ताले इसके बाद नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खोला गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा की। पूजा-पाठ करने के बाद गंगाजल और गो मूत्र से वैदिक मंत्रोचार के साथ मंदिर का शुद्धिकरण किया गया। नायब तहसीलदार उपाध्याय ने बताया कि पूर्व पुजारी की शिकायत को लेकर उन्हें हटाया गया है। उनके स्थान पर अभी एक नए पंडित की अस्थाई रूप से नियुक्ति की गई है। सजावट को लेकर 10:30 बजे मीटिंग होगी, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मंदिर खोल दिया गया है। श्रीमाली ब्राह्मण समाज अध्यक्ष नयन व्यास ने बताया कि महालक्ष्मी मंदिर हमारा है। समाज की सती मां का भी मंदिर में स्थान है। पुजारी को पूर्व में निवेदन किया था कि सूतक में मंदिर में ना जाएं, लेकिन वह नहीं माने। पुजारी के बड़े भाई के निधन से सूतक संजय पुजारी के बड़े भाई का इंदौर में निधन हो गया है। परिवार में सूतक होने के बावजूद वह मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। इसको लेकर शहर के श्रीमाली ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। रविवार रात को भी समाजजन मंदिर पहुंचे। संजय पुजारी को देखकर उन्होंने हंगामा कर दिया। दो दिन पहले भी समाजजनों ने प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया था। समाजजनों का कहना था कि महालक्ष्मी मां हमारी कुल देवी हैं। विवाद के बाद तहसीलदार ने संजय पुजारी के स्थान पर पूजा पाठ करने के लिए एक अन्य पंडित को अस्थाई रूप से नियुक्त कर दिया है। समाजजनों को कहना था कि नए पंडित को मंदिर में पूजा पाठ नहीं करने दिया जा रहा है। मंदिर में संजय पुजारी लगातार आ रहे हैं। इस पर समाजजनों ने आक्रोश जताया। आखिरकार प्रशासन को बीच में आकर मंदिर में रविवार रात ताला लगाना पड़ा। सजावट की जिम्मेदारी अब कौन लेगा मंदिर में दीपावली पर्व पर नोटों और आभूषणों से सजावट का कार्य भी जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुपए और आभूषण लेकर आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि रविवार रात को प्रशासन ने मंदिर में ताला लगा दिया, जिससे सजावट का कार्य भी रुक गया। पुजारी भी बदल दिया। ऐसे में अब मंदिर में सजावट की जिम्मेदारी कौन लेगा। वहीं अब तक जिन लोगों ने रुपए और आभूषण दिए हैं, उनकी देखरेख कौन करेगा। हालांकि तहसीलदार ने संजय पुजारी को पत्र जारी कर सजावट के लिए प्रतिदिन आने वाले रुपयों और आभूषणों की जानकारी मांगी है। मंदिर में सुरक्षा को लेकर पुलिस जवान भी तैनात किए हैं।   recent visitors 165

कूनो में दीपावली तक गूंजेगी चीता शावकों की किलकारी, नेशनल पार्क से आई खुशखबरी

श्योपुर  श्योपुर कूनो नेशनल पार्क से एक रोमांचक खबर आ रही है। बाड़े में एक मादा चीता प्रेग्नेंट है! यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सोशल मीडिया पेज पर की गई है। पार्क से जल्द ही और अच्छी खबरें आ सकती हैं। कूनो में वर्तमान में 12 शावकों सहित 24 चीते हैं। दक्षिण अफ्रीका से लाए गए वीरा, जो लगभग 5 वर्ष का है और नर चीता पवन के साथ काफी समय बिता चुका है। चिता प्रोजेक्ट के निदेशक उत्तम शर्मा ने कहा कि वीरा के आने वाले दिनों में बच्चे पैदा करने की उम्मीद है। सीएम ने दी खुशखबरी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कूनो में आने वाली हैं खुशियां। देश के 'चीता स्टेट' मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में जल्द ही मादा चीता नए शावकों को जन्म देने वाली है। यह खबर 'चीता प्रोजेक्ट' की बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू किया गया ये प्रोजेक्ट पारिस्थितिक संतुलन को निरन्तर बेहतर बनाने वाला सिद्ध हो रहा है। शहर के करीब पहुंच गई थी वीरा बता दें कि मई में वीरा कूनो की सीमाओं से बाहर निकल गई थी। मुरैना के जौरा और पहाड़गढ़ होते हुए ग्वालियर के बागवाला गांव में पहुंच गई थी। यह पहली बार था जब वह किसी शहर के इतने करीब पहुंची थी। पार्क के बाहर उसने बकरियों के झुंड पर हमला किया, जिसमें एक चरवाहे के सामने तीन बकरियों को मार डाला। वन्यजीव अधिकारियों ने उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी और उसे सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क में वापस ले आए। 6 बकरियों का किया था शिकार वीरा और एक अन्य चीता पवन, दोनों पार्क के बाहर घूमते देखे गए हैं। पवन को हाल ही में राजस्थान के करोली से वापस लाया गया था। इस साल की शुरुआत में अप्रैल में वीरा को मुरैना के जौरा, पहाड़गढ़ और कैलारस इलाकों में घूमने के बाद बचाया गया था। बाहर रहने के दौरान उसने एक नीलगाय का शिकार किया और लगभग छह बकरियों का शिकार किया। वीरा चीता गर्भवती बता दें, इस समय कूनो नेशनल पार्क में 12 वयस्क और 12 चीता शावक हैं। अगस्त महीने में प्रजनन के लिए मादा चीता वीरा के साथ बाड़े में एक नर चीता को रखा गया था। हालांकि उसका नाम स्पष्ट नहीं किया गया है। अब वीरा में गर्भ के पूरे लक्षण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पार्क में अभी तक वीरा, निर्भा और धीरा तीन मादा चीता ऐसी हैं जो अब तक मां नहीं बनी हैं। आशा और ज्वाला बन चुकी हैं मां आशा और ज्वाला शावकों को जन्म दे चुकी हैं। ज्वाला ने तो जनवरी, 2024 में दूसरी बार शावकों को जन्म दिया था। डीएफओ थिरूकुराल आर का कहना है कि कूनो पार्क में एक मादा चीता जल्द ही मां बनने वाली है। गाइडलाइन के अनुसार हम मादा चीता का नाम स्पष्ट नहीं कर सकते। चीता प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी पर जवाब तलब नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथाेरिटी, भारत सरकार ने वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की शिकायत पर मप्र सरकार वन विभाग से चीता प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी पर जवाब तलब किया है। कूनो नेशनल पार्क में हुई चीतों की मौत और चीता प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी के विषय को लेकर वन्य जीव जंतु एवं पर्यावरण प्रेमियों ने 7 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट का घेराव कर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नाम ज्ञापन भी दिया गया था। वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट की शिकायत पर पांच बिंदुओं पर जांच शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में चीता प्रोजेक्ट के नियमों का उलंघन कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ और सिंह परियोजना के डायरेक्टर उत्तम शर्मा पर लगाया था। एमपी के लिए मील का पत्थर वन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वह अब सुरक्षित रूप से कूनो नेशनल पार्क में वापस आ गई है, जहां उसकी गर्भावस्था चीता आबादी के लिए नई आशा लेकर आई है। नए शावकों के आगमन की प्रत्याशा के साथ, यह खबर मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। recent visitors 88