मुरैना जिले में बड़ा हादसा, पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, कई लोगों के दबे होने की आशंका

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री पूरी तरह से धराशाई हो गई। वहीं आस-पास के 4 से 5 मकानों में भी दरारें आ गई। बताया जा रहा है कि धमाका सिलेंडर फटने से हुआ है। हादसे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। अभी तक मलबे में से दो शव बरामद किए जा चुके हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। फिलहाल, राहत कार्य जारी है और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। धमाके के समय गजराज राठौर के मकान में हुआ विस्फोट इतना तेज था कि पूरा मोहल्ला कांप गया और कई मकानों में दरारें आ गईं। विस्फोट के बाद मलबे में एक महिला और बच्चे सहित अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक मलबे से किसी को भी बाहर नहीं निकाला जा सका है, और प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को बुलाया है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया जा सके। इस्लामपुरा में पहले भी ऐसे विस्फोट हो चुके हैं, खासकर आतिशबाजी के काम से जुड़े हादसों में। इसके बावजूद इलाके में पटाखे बनाने का काम जारी रहा, जिससे इस तरह के हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं। recent visitors 85

बारिश और ओलावृष्टि से कई हेक्टेयर की केला फसल खेतों में गिर गई, किसानों को बड़ी क्षति पहुंचाई, लाखों का नुकसान

बुरहानपुर जिले में हुई ओलावृष्टि और वर्षा के साथ आए आंधी तूफान ने एक बार फिर केला उत्पादक किसानों को बड़ी क्षति पहुंचाई है। खकनार क्षेत्र में लगी कई हेक्टेयर की केला फसल खेतों में गिर गई है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आसपास वर्षा शुरू हुई थी, जो देर रात तक जारी रही। अधीक्षक भू अभिलेख के अनुसार बुरहानपुर में 8.4 मिलीमीटर और खकनार में चार मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में 891.4 मिमी वर्षा हो चुकी है। जिले के औसत वर्षा 823.6 मिमी है। बीते साल इसी अवधि तक 1076.2 मिमी वर्षा हुई थी। किसानों ने बताया कि बारिश के कारण पहले खेतों की मिट्टी गीली हो गई और उसके बाद चली तेज हवा से केले के पौधों को जमींदोज कर दिया। इससे पहले भी वर्षा के कारण फसल को नुकसान हुआ था। वर्षा काल की विदाई होने के बाद किसानों को असमय वर्षा के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोयाबीन व कपास को भी नुकसान इससे पहले बीते सप्ताह भी जिले में हल्की वर्षा हुई थी, जिससे खेतों में रखी सोयाबीन व कपास फसल को नुकसान हुआ था। तब हवा नहीं चलने के कारण केला फसल बच गई थी। सोयाबीन की खरीदी के लिए जिले में दस केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन आर्द्रता ज्यादा होने और दाना काला पड़ जाने से किसानों को इस बार दाम कम मिलने की आशंका है। उप संचालक कृषि एमएस देवके के अनुसार गांवों में चौपाल लगा कर किसानों को सोयाबीन खरीदी के संबंध में जारी निर्देशों की जानकारी दी जा रही है। जिससे उन्हें खरीदी केंद्रों से वापस नहीं लौटना पड़े। अब तक शुरू नहीं हुआ सर्वे कार्य सोयाबीन, कपास और मक्का के बाद केला फसल को हुए नुकसान का अब तक जिला प्रशासन ने सर्वे शुरू नहीं कराया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान बेहद कम हुआ है जबकि किसानों का कहना है कि बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है। विधायक ने खेतों में जाकर लिया जायजा आंधी तूफान व ओलावृष्टि से फसलों के हुए नुकसान का शनिवार को नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। खकनार क्षेत्र के शेखापुर व आस-पास के गांवों में केला फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। विधायक मंजू दादू ने ग्राम शेखापुर, रंगई, निमंदड, मोहनगढ़ में प्रभावित हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्टर भव्या मित्तल सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से चर्चा के साथ मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को भी अवगत करा मुआवजे की मांग की है। recent visitors 66

बस्‍तर में नक्‍सली लगातार राजनीतिक दल के नेताओं को अपना निशाना बना रहे, अब बीजापुर में कांग्रेस नेता की हत्या

बीजापुर छत्‍तीसगढ़ के बस्‍तर में नक्‍सली लगातार राजनीतिक दल के नेताओं को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी क्रम में नक्‍सलियों ने बीजापुर के उसूर में कांग्रेस नेता और पूर्व उप सरपंच तिरुपति भंडारी की हत्‍या कर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में भय का माहौल पैदा कर दिया है। यह वारदात शनिवार को लगभग चार बजे उसूर के एक राशन दुकान में हुई। तिरुपति भंडारी उसूर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रह चुके हैं। उनके मारे जाने से उसूर में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, तिरुपति भंडारी को पहले भी नक्सलियों से धमकियां मिल चुकी थीं, जिसके कारण उन्होंने अपना गांव छोड़कर बीजापुर में रहने का निर्णय लिया था। तिरुपति भंडारी मारुड़बाका गांव के निवासी थे। घटना की जानकारी मिलते ही उसूर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक तिरुपति भंडारी के शव को अपने कब्जे में लिया। बीजापुर एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, तिरुपति भंडारी की धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि हुई है। हालांकि, इस वारदात के पीछे के वास्तविक कारणों और नक्सलियों की संलिप्तता की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। हालांकि पुलिस ने इस घटना को नक्सलियों द्वारा अंजाम दिए जाने की संभावना से इनकार भी नहीं किया है। स्थानीय लोग इस हत्या को लेकर दहशत में हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय नेताओं और समाज के अन्य सदस्यों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और राज्य सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। recent visitors 69

मैहर की रहने वाली सृष्टि शर्मा रूस में एक हादसे का हुई शिकार, शव दिल्ली पहुंचा

भोपाल रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही मध्य प्रदेश के मैहर की रहने वाली सृष्टि शर्मा रूस में एक हादसे का शिकार हो गई थी। राज्य सरकार की पहल पर सृष्टि का शव भारत लाया गया है और वह दिल्ली पहंच गया है। ज्ञात हो कि मैहर की रहने वाली सृष्टि शर्मा रूस के उफा में बश्किर स्टेट यूनिवर्सिटी में चौथे वर्ष की मेडिकल छात्रा थी जिसकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बताया गया है कि सृष्टि छुट्टियों में अपने दोस्तों के साथ यात्रा कर रही थी, तभी उनकी कार का एक पहिया निकल गया था और कार का दरवाजा खुल गया, जिससे सृष्टि सड़क पर गिर गई। इस हादसे में सृष्टि की मौत हो गई थी, मैहर की उसकी एक सहपाठी जोया के माध्यम से इस हादसे की जानकारी उसके परिवार तक पहुंची। सृष्टि के शव को भारत लाने के लिए परिजनों ने प्रयास किए, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। यह प्रयास सफल हुआ है और मुख्यमंत्री डाॅ यादव ने एक्स पर सृष्टि का शव दिल्ली पहुंचने की बात बताई है। मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने बताया है कि, रूस में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के मैहर जिले की रहने वाली एमबीबीएस की छात्रा सृष्टि शर्मा पुत्री डॉ. राम कुमार शर्मा की कुछ दिनो पूर्व सड़क दुर्घटना में मृत्यु का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ था।मध्यप्रदेश सरकार बेटी के पार्थिव शरीर को यथाशीघ्र परिवार तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार की सहायता से प्रयासरत थी। आज सृष्टि बिटिया का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच गया है जहां से म.प्र. शासन की ओर से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से सतना हवाई पट्टी लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मै गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत पुण्ययात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें, शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।”   recent visitors 48

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में जूनियर डॉक्टरों की भूख हड़ताल 15वें दिन भी जारी

कोलकाता कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अपनी सहकर्मी के साथ हुए बलात्कार और हत्या के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों का आमरण अनशन 15वें दिन भी जारी है। इस बीच, शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी स्थित पीड़ित जूनियर डॉक्टर के आवास से जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन स्थल एस्प्लेनेड तक एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। आरजी कर बलात्कार और हत्या के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे जूनियर डॉक्टरों के संगठन पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट (डब्ल्यूबीजेडीएफ) ने आम लोगों को रैली में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है। साथ ही कहा है कि उनकी मांगों के समर्थन में राज्य के हर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, चाहे वह सरकारी हो या निजी, में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूबीजेडीएफ ने शुक्रवार रात राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि 21 अक्टूबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो हम अपना काम बंद कर देंगे और विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करेंगे।। डब्ल्यूबीजेडीएफ ने दावा किया है कि यह फैसला उनके वरिष्ठ सहयोगियों के साथ बातचीत के बाद लिया गया है। अब यह देखना है कि राज्य सरकार शनिवार को प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के साथ नए सिरे से बातचीत के लिए कोई पहल करती है या नहीं, ताकि जारी गतिरोध का कोई समाधान निकाला जा सके। इस बीच, राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राज्य सरकार के विभिन्न नौकरशाहों, विशेषकर राज्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बुनियादी ढांचे के अपग्रेडिंग कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी ली। सीएम ने निर्देश दिए कि लंबित कार्य 25 अक्टूबर तक पूरे किए जाएं। दिवाली की छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है, इस दौरान राज्य सरकार द्वारा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के उन्नयन (अपग्रेडिंग) कार्य पर एक रिपोर्ट देने की उम्मीद है।   recent visitors 72

2047 तक भारतीय रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर से होगा बेहतर : केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़कों तथा अधोसंरचना के निर्माण में प्रयुक्त हो रही नवीन तकनीक और विधाओं पर विचार-विमर्श के दौरान प्राचीन काल में हुए निर्माण कार्यों में प्रयुक्त प्रभावी तकनीक पर गौर करना तथा उनसे प्रेरणा लेना भी आवश्यक है। राजा भोज द्वारा एक हजार साल पहले बनाया गया भोपाल का बड़ा ताल मितव्ययता के साथ प्रभावी जल प्रबंधन का अनूठा उदाहरण है। सम्राट अशोक और सम्राट विक्रमादित्य के काल के सिक्कों पर बनी मार्गों के चिन्ह उस काल में सड़कों की महत्ता को दर्शाते हैं। यह तथ्य बताते हैं कि जब भी नवीन तकनीक की बात होगी तो प्राचीन विधा उसकी नींव का आधार बनकर बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश और इंडियन रोड काउंसिल नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में “सड़क और पुल निर्माण में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों’’ पर केंद्रित दो दिवसीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर सेमीनार का शुभारंभ किया। सेमिनार से अधोसंरचना निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप नवीनतम तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के साथ व्यवहारिक परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कौशल व दक्षताओं को महत्व देना आवश्यक है। यह सेमिनार मितव्ययता से संसाधनों का उपयोग करते हुए गुणवत्ता के साथ सड़क और अधोसंरचना निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि सड़क तथा अन्य अधोसंरचना निर्माण में प्रयुक्त नवीनतम प्रौद्योगिकी, तकनीक और नवाचारों पर विचार-विमर्श के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार भोपाल में आयोजित हुआ और प्रधानमंत्री श्री मोदी के मंत्री-मंडल के सक्रिय ऊर्जावान और नेतृत्व क्षमता के धनी केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी का मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3,589 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोपाल-कानपुर फोर लेन को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी शीघ्र ही अधोसंरचना निर्माण के लिए प्रदेश को 25 हजार करोड़ रुपए की सौगात देने वाले हैं। यह सभी प्रदेशवासियों के लिए प्रसन्नता का विषय है। प्रदेश में विकसित रोड नेटवर्क औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को देगा गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के समान रूप से विस्तार के लिए क्षेत्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव किए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न उद्योग समूह निवेश के लिए रूचि प्रदर्शित कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में हो रहे गुणवत्तायुक्त सड़क नेटवर्क के विकास से आवागमन सुगम होगा। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों और निवेश के साथ ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी। उज्जैन रहा है सेंटर पांइट, सिक्के है इसका प्रमाण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यहाँ सिक्कों की एक पूरानी तकनीक है। सिक्कों का अपना शास्त्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिक्कों की थ्योरी से बताया कि प्राचीन काल में उज्जैन प्रत्येक मार्ग का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि 1000 साल पहले राजा भोज, 2000 साल पहले सम्राट विक्रमादित्य और 2250 साल पहले सम्राट अशोक (उज्जैन के तत्कालीन गवर्नर) के शासन काल में एक जैसी समानता है। सिक्कों पर एक ओर उज्जैन के राजा का चिन्ह और दूसरी ओर चार मार्गों का संकेतक (चौराहा) बना होता था। यह इस बात का प्रमाण है कि उज्जैन समस्त मार्गों का सेंटर पांइट था। किसी भी देश के विकास में जल,ऊर्जा, यातायात और संचार की भूमिका महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारतीय रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिकन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से बेहतर होगा। यह लक्ष्य हम देश के इंजीनियरों और जनसामान्य के सहयोग से प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वॉटर, पॉवर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन की होती है। इन 4 फेक्टर पर ही व्यापार-व्यवसाय और उद्योग विकसित होता है। साथ ही रोजगार के अवसरों का सृजन भी होता है। इस उद्देश्य से ही प्रधानमंत्री श्री मोदी अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।   recent visitors 85

यमुना नदी को साफ करने के लिए जो पैसे थे वह दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए: शहजाद पूनावाला

नई दिल्ली भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शनिवार को दिल्ली मं  बढ़ते प्रदूषण, यमुना नदी में बढ़ते जहरीली झाग को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “मुझे अरविंद केजरीवाल का वह पुराना वादा याद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2025 तक यमुना नदी पूर्ण रूप से स्वच्छ हो जाएगी और दिल्ली के निवासी यमुना में नहा सकेंगे। आज मैं अपने घर से निकलकर यमुना घाट पर आया हूं। मैंने यमुना नदी से एक गिलास पानी लिया है। जिसमें सिर्फ झाग ही है।” भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, यमुना नदी को साफ करने के लिए जो पैसे थे वह दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। जिसकी वजह से आज यमुना की यह स्थिति है। छठ पूजा नजदीक है और यमुना की स्थिति यह है कि चारों तरफ सिर्फ जहरीली झाग ही दिखाई पड़ रही है। यह सनातन का अपमान है। यमुना जी का अपमान है। दिल्ली आज गैस चैंबर बन चुकी है। लोगों को मास्क लगाकर निकलना पड़ रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 के पार है। दिल्ली सरकार पहले पंजाब की सरकार को दोष देती थी। लेकिन, अब चुप है क्योंकि वहां उनकी सरकार है।” शहजाद पूनावाला ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के मूल कारणों पर दिल्ली सरकार ने बीते 10 साल में कुछ काम नहीं किया है। दिल्ली के स्मॉग टावर बंद हैं। लेकिन, दिल्ली सरकार का आरोप लगाने का खेल चालू है। हरियाणा, यूपी, राजस्थान को दोष दिया जा रहा है। यमुना नदी में प्रदूषण के बीच छठ पूजा भी नजदीक आ रही है। इस पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “भारत में आस्था के महापर्व छठ पूजा को हम सभी लोग मिलजुल कर मनाते हैं। लेकिन, केजरीवाल की वजह से इस पर भी प्रतिबंध लग गया है। हवा प्रदूषण को लेकर हिन्दुओं को जोखिम उठाना पड़ता है, पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। अब यमुना नदी में प्रदूषण की वजह से छठ पूजा को लेकर हिंदुओं को जोखिम उठाना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार ने यहां की हवा को जहरीली बनाकर सनातन का अपमान किया है।”   recent visitors 83