सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने लुका मोड्रिक, रिकॉर्ड धारक फेरेंक पुस्कास को पीछे छोड़ दिया

पोंटेवेद्रा (स्पेन) रियल मैड्रिड के कप्तान लुका मोड्रिक ने क्लब के इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनकर नया रिकॉर्ड बनाया। 39 साल और 40 दिन की उम्र में उन्होंने सेल्टा विगो के खिलाफ मैच खेला, जिससे उन्होंने पहले के रिकॉर्ड धारक फेरेंक पुस्कास को पीछे छोड़ दिया। पुस्कास ने 1966 में 39 साल और 36 दिन की उम्र में अपना आखिरी मैच खेला था। इसके अलावा, इस मैच में लुका ने ला लिगा में अपनी 250वीं जीत भी हासिल की। उन्होंने रियल मैड्रिड के लिए अपनी 369वीं ला लीगा मैच में यह मुकाम हासिल किया। लुका 2012 में क्लब से जुड़े थे और तब से उन्होंने 28 गोल किए हैं, जिससे क्लब ने चार बार ला लीगा का खिताब जीता है (2017, 2020, 2022 और 2024)। लुका ने सबसे ज्यादा जीत सेल्टा टीम के खिलाफ हासिल की है, जिनके खिलाफ उन्होंने 19 बार जीत दर्ज की है। मोड्रिक रियल मैड्रिड के सबसे सफल खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने क्लब के लिए 547 मैचों में 27 खिताब जीते हैं, जिनमें 6 यूरोपियन कप, 5 क्लब वर्ल्ड कप, 5 यूरोपियन सुपर कप, 4 स्पेनिश लीग खिताब, 2 स्पेनिश कप और 5 स्पेनिश सुपर कप शामिल हैं। रियल मैड्रिड के मैनेजर कार्लो एंचेलोटी (65) ने भी मिडफील्डर लुका मोड्रिक की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, “मोड्रिक के साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह उनकी कड़ी मेहनत और बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म का नतीजा है।” मोड्रिक का रिकॉर्ड काफी शानदार है, लेकिन चैंपियंस लीग के इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होने का खिताब इटली के गोलकीपर मार्को बालोट्टा के पास है, जिन्होंने 43 साल और 252 दिन की उम्र में खेला था। ला लीगा में, सबसे उम्रदराज खिलाड़ी इंग्लैंड के हैरी लोव हैं, जो 1935 में रियल सोसिएदाद टीम के लिए खेलते समय 48 साल के थे।   recent visitors 102

कीवी टीम ने भारत को भारत में आखिरी बार 24 नवंबर 1988 को हराया था, टीम इंडिया की शर्मनाक हार के साथ खत्म हुआ सूखा

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने बेंगलुरु टेस्ट में टीम इंडिया को 8 विकेट से हराकर ना सिर्फ तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई है, बल्कि 1988 के बाद भारत में पहली जीत भी दर्ज की है। जी हां, कीवी टीम ने भारत को भारत में आखिरी बार 24 नवंबर 1988 को हराया था। इसके बाद टीम 10 टेस्ट हारी और 9 मुकाबले ड्रॉ रहे। 19 मैचों के बाद न्यूजीलैंड को अब भारत में एक बार फिर जीत नसीब हुई है। वहीं न्यूजीलैंड की यह टीम इंडिया के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर 37 मैचों में मात्र तीसरी जीत है। 2024 और 1988 से पहले टीम ने पहला टेस्ट 1969 में जीता था। भारत ने बेंगलुरु टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया था। पहला दिन बारिश की भेंट चढ़ने के बावजूद रोहित का यह फैसला क्रिकेट पंडितों की समझ के परे था। रोहित के इस गलत फैसले का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा और टीम इंडिया मात्र 46 के स्कोर पर सिमट गई। भारत का यह घर पर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम स्कोर है। न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को इतने कम स्कोर पर समेट पहली पारी में 402 रन बनाए और 356 रनों की बढ़त हासिल की। कीवी टीम के लिए डेवोन कॉन्वे ने 91 तो रचिन रविंद्र ने शतक जड़ते हुए 134 रनों की पारी खेली। रचिन ने इस दौरान पूर्व कप्तान टिम साउदी के साथ 8वें विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी की जो टीम इंडिया पर काफी भारी पड़ी। साउदी ने इस दौरान 65 रनों की शानदार पारी खेली। टीम इंडिया ने दूसरी पारी में शानदार कमबैक किया और बोर्ड पर 462 रन लगाए। सरफराज खान ने इस दौरान इंटरनेशनल मंच पर पहला शतक जड़ते हुए 150 रनों की पारी खेली, वहीं ऋषभ पंत ने 99 रन बनाए। पंत मात्र 1 रन से अपने शतक से चूके। टीम इंडिया दूसरी पारी में 462 रनों के साथ पारी से तो हार टालने में कामयाब रही, मगर जीत के लिए भारत न्यूजीलैंड के सामने 107 रनों का टारगेट रखने में कामयाब हुआ। कीवी टीम ने इस स्कोर को 8 विकेट शेष रहते हासिल किया और सीरीज में बढ़त बनाई। recent visitors 160

मप्र बोर्ड अब अब पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची करेगी हाइटेक, डिजिटल प्रिटिंग अंकसूची प्रदान की जाएगी

भोपाल अभी तक मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा की अंकसूची डिजिटल प्रिंटिंग होती थी।साथ ही उसपर हालमार्क भी रहता था। अब पांचवीं व आठवीं वार्षिक परीक्षा के 25 लाख विद्यार्थियों को डिजिटल प्रिटिंग अंकसूची प्रदान की जाएगी। साथ ही डुप्लीकेट अंकसूची से बचने के लिए अंकसूची पर हालमार्क भी लगा होगा। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम जारी होने के चार से पांच दिन बाद ही सुरक्षा मापदंडों के साथ अंकसूची प्रदान कर दी जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2024-25 से पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची को डिजिटल प्रिंटिंग की पूरी तैयारी कर ली है। अभी तक राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से अंकसूची जिलों के स्कूलों में भेजी जाती थी। इससे विद्यार्थियों को अंकसूची एक या दो साल की देरी से मिल रही थी।   यही कारण है कि स्कूल शिक्षा विभाग इस सत्र से अंकसूची डिजिटल प्रिंटिंग कर देगा, ताकि विद्यार्थियों को अंकसूची जल्द मिल सकेगा। बता दें, कि अभी तक राज्य शिक्षा केंद्र पिछले साल के 25 लाख विद्यार्थियों की अंकसूची तैयार नहीं कर पाया है। डा.संजय गोयल, सचिव, मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि इस बार से पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा की डिजिटल प्रिंटिंग और सुरक्षा मापदंडों सहित हालमार्क अंकसूची प्रदान की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अकसूची जल्द मिल जाएगी और इसका डूप्लीकेट अंकसूची की संभावना भी खत्म हो जाएगी। जिलों के स्कूलों में अंकसूची का प्रोफार्मा भेजा जाता था अभी तक राज्य शिक्षा केंद्र जिलों के स्कूलों में अंकसूची का प्रोफार्मा तैयार कर जिलों के स्कूलों में भेजता था।जिससे स्कूल में प्रोफार्मा पर अंक भरकर स्कूल प्राचार्य के हस्ताक्षर के बाद विद्यार्थियों को अंकसूची दी जाती थी।इससे कई जिलों में डुप्लीकेट अंकसूची का मामला भी सामने आया है।साथ ही अंकसूची एक-दो साल की देरी से मिलती थी। अंकसूची पर हालमार्क रहेगा पांचवीं व आठवीं क अंकसूची पर दो जगहों पर हालमार्क रहेगा। एक जहां पर कक्षा का नाम लिखा होगा और दूसरा जहां पर पूरी बाउंड्री बनी होगी। इससे डुप्लीकेट अंकसूची क संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। recent visitors 71

BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे PM मोदी, क्या है BRICS शिखर सम्मेलन ?

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 22-23 अक्टूबर 2024 को रूस की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दी। यह BRICS शिखर सम्मेलन की 16वीं बैठक होगी, जो रूस के कजान शहर में आयोजित की जाएगी। इस सम्मेलन में विभिन्न विकासशील देशों के नेताओं के बीच आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जो वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होगा। क्या है BRICS शिखर सम्मेलन ? BRICS एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका। इस समूह का उद्देश्य आर्थिक विकास, राजनीतिक सहयोग, और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना है। वहीं ईरान, मिस्र, इथियोपिया, और संयुक्त अरब अमीरात इसी साल जनवरी से BRICS के नए सदस्य देश बने हैं। ये देश समूह के साथ अपने आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। हालांकि, सऊदी अरब अभी तक BRICS का पूर्णकालिक सदस्य नहीं बना है। वह केवल आमंत्रित सदस्य के रूप में इसमें भाग ले रहा है। यह स्थिति BRICS के विस्तार और इसके सदस्यों की विविधता को दर्शाती है, जो वैश्विक स्तर पर प्रभाव बढ़ाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।   BRICS शिखर सम्मेलन का महत्व BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हर साल किया जाता है, जिसमें सदस्य देशों के नेता एकत्रित होकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय नीतियों, व्यापार, निवेश, और सुरक्षा के विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है। BRICS शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है, जो विकासशील देशों के लिए वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करता है। यह आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे BRICS देशों की आवाज वैश्विक स्तर पर सुनी जा सके।   शिखर सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं आर्थिक सहयोग: BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलें की जाती हैं। राजनीतिक संवाद: सदस्य देश वैश्विक मुद्दों, जैसे जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, और वैश्विक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हैं। विकास संबंधी मुद्दे: शिखर सम्मेलन में विकासशील देशों के मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे का विकास। संस्थानिक सहयोग: BRICS एक न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना कर चुका है, जिसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। शिखर सम्मेलन के परिणाम हर शिखर सम्मेलन के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाता है, जिसमें सभी सदस्यों द्वारा सहमति से लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों का उल्लेख होता है। यह घोषणापत्र वैश्विक समुदाय के सामने BRICS का दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। BRICS संगठन औचारिक तौर पर किसी देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे विकासशील देशों की सशक्त आवाज के रूप में देखा जाता है। यह संगठन वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने और सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। संगठन की प्रभावशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संयुक्त रूप से, BRICS सदस्य देशों के पास विश्व की भूमि का लगभग 30 फीसदी और वैश्विक जनसंख्या का 45 फीसदी हिस्सा है। यह संख्या इस बात को दर्शाती है कि BRICS केवल एक आर्थिक समूह नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक बल भी है, जो विकासशील देशों के हितों को प्राथमिकता देने का प्रयास करता है। BRICS शिखर सम्मेलन का इतिहास BRICS का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में युजेन, रूस में आयोजित किया गया था। इसके बाद से यह सम्मेलन हर साल आयोजित होता है, और इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। दक्षिण अफ्रीका का समावेश 2010 में हुआ, जिसके बाद समूह का नाम BRICS हो गया।   2024 का BRICS शिखर सम्मेलन आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 और 23 अक्टूबर को रूस के कजान में आयोजित होने वाली BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है। इस बैठक के दौरान, मोदी सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। recent visitors 80

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ट्रूडो का भारत से पंगा कनाडा की अर्थव्यवस्था पड़ेगा भारी !

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच  कूटनीतिक विवाद का असर  अब आर्थिक मोर्चे पर भी असर डालने लगा है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से शुरू हुए इस विवाद के चलते उन कनाडाई कंपनियों और फंड्स की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिन्होंने भारतीय कंपनियों में भारी निवेश किया है। खासकर कनाडाई पेंशन फंड (CPPIB) ने भारत के बैंकिंग से लेकर टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़ा इन्वेस्टमेंट किया हुआ है। जानकारी के अनुसार  भारत और कनाडा के बीच करीब 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर का वार्षिक व्यापार होता है (वित्त वर्ष 2023-24), जिसमें ज्वेलरी, फार्मास्युटिकल्स, केमिकल्स, पेपर और मिनरल्स जैसी वस्तुओं का लेन-देन शामिल है। इस विवाद से 600 से अधिक कनाडाई कंपनियां जो भारत में व्यापार कर रही हैं, और 30+ भारतीय कंपनियां जो कनाडा में मौजूद हैं, सीधे प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार में शामिल कई कंपनियां भी इस तनाव का शिकार हो सकती हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.3 अरब डॉलर का था, जो 2023-24 में बढ़कर 8.4 अरब डॉलर हो गया। इसमें भारत का कनाडा से आयात 4.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जबकि निर्यात 3.8 अरब डॉलर पर आ गया है। कनाडाई पेंशन फंड का भारत में निवेश कनाडाई पेंशन फंड CPPIB (Canada Pension Plan Investment Board) ने भारत की कई बड़ी कंपनियों में निवेश कर रखा है। इसमें कोटक महिंद्रा बैंक (6141.6 करोड़ रुपये), जोमैटो (2778.1 करोड़ रुपये) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। जोमैटो में CPPIB की हिस्सेदारी करीब 1.15% है। इसके अलावा Delhivery, FSN E-Commerce Ventures (Nykaa), और Paytm जैसी कंपनियों में भी भारी निवेश किया गया है। अन्य प्रमुख सेक्टर्स में निवेश कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ी पूंजी लगाई है। रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी फंड का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। 2013 से 2023 तक, कनाडाई फंड्स ने भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में लगभग 3.8 अरब कैनेडियन डॉलर और फाइनेंशियल सर्विसेज में 3 अरब कैनेडियन डॉलर का निवेश किया। इसी प्रकार, इंडस्ट्रियल ट्रांसपोर्टेशन में 2.6 अरब कैनेडियन डॉलर का निवेश किया गया है। कंपनियों पर क्या होगा असर? कनाडाई फंड्स फिलहाल भारत में करीब 1.98 लाख करोड़ रुपए के मूल्य की घरेलू इक्विटी के मालिक हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में आई खटास के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि कनाडाई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में कोई बड़ा बदलाव करेंगे या नहीं। बीते एक साल में, CPPIB ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी कुछ हद तक कम की है, लेकिन अब तक वे भारत से पूरी तरह से बाहर निकलने की जल्दी में नहीं दिख रहे। भारतीय कंपनियों का भी कनाडा में महत्वपूर्ण निवेश लगभग 600 कनाडाई कंपनियां भारत में अपने व्यवसाय चला रही हैं। इनमें मुख्य रूप से रिन्यूएबल एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके साथ ही, 30 से अधिक भारतीय कंपनियों का भी कनाडा में महत्वपूर्ण निवेश है, जिसका कुल मूल्य करीब 40,446 करोड़ रुपए है। इन कंपनियों के माध्यम से कनाडा में लगभग 17,000 लोगों को रोजगार मिला है। भारत से कनाडा को मुख्य रूप से रत्न, ज्वेलरी, फार्मास्युटिकल्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, रेडीमेड गार्मेंट्स और मेकैनिकल अप्लायंसेस का निर्यात किया जाता है। वहीं, कनाडा से भारत कागज, लकड़ी का गूदा, पोटाश, आयरन स्क्रैप, कॉपर और इंडस्ट्रियल केमिकल्स का आयात करता है। recent visitors 71

दीपावली से पहले पुलिस-प्रशासन ने लोगों से सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील की

चित्तौड़गढ़ दीपावली का पर्व नजदीक आने के साथ ही राजस्थान में जिला प्रशासन ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेज कर दी है। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने लोगों से सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील की। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन ने मिलकर नगर में दुकानों के बाहर और सड़कों के आसपास के अतिक्रमण को हटाने के लिए एक अपील की। इसके साथ ही, भविष्य में इस तरह के अतिक्रमण को रोकने के लिए चेतावनी भी दी गई है। पुलिस उप अधीक्षक विनय चौधरी ने बताया कि जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देश पर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार से कार्रवाई की शुरुआत की, जिसमें शहरी क्षेत्र के बाजारों में दुकानों के बाहर पड़े सामान को हटाया गया। इसके अलावा, सड़कों के आसपास ठेला गाड़ियों और अवैध तरीके से खड़े वाहनों को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त टीम ने जिला कलेक्ट्रेट चौराहे से लेकर शास्त्री नगर चौराहे तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। दुकानदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी दुकान की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का सामान नहीं रखें, अन्यथा उसे जब्त कर लिया जाएगा। इस अभियान के दौरान, प्रशासन ने आम जन और दुकानदारों से अपील की है कि चित्तौड़गढ़ शहर सभी का है और इसे स्वच्छ और साफ बनाने के लिए सभी को पहल करनी होगी। साथ ही, वाहन चालकों से भी अनुरोध किया गया है कि वह अपने वाहनों को पार्किंग स्थल या सुरक्षित स्थलों पर खड़ा करें, ताकि अन्य लोगों को परेशानी न हो। प्रशासन की यह कोशिश है कि दीपावली के पर्व पर शहर को साफ-सुथरा रखा जाए और नागरिकों को कोई परेशानी न हो। बता दें कि प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई व्यापार की ओर से जिला प्रशासन पर लगातार बनाए गए दबाव के बाद की गई है।   recent visitors 80

20 अक्टूबर को वाराणसी जाएंगे PM मोदी, 1400 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं की देंगे सौगात

काशी हरियाणा विजय और जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 20 अक्टूबर को काशी आ रहे हैं। वैसे उनका यह दौरा पहले से तय है। वह काशी में करीब साढ़े पांच घंटे के प्रवास के दौरान दो सभा को संबोधित करेंगे। इसे लेकर प्रशासन व भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सारनाथ में हुए अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा. प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम नए निर्माण के साथ-साथ अपने सुनहरे अतीत को भी सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को प्रधानमंत्री 1,300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान दो जनसभाओं को भी संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है. वाराणसी में क्या है पीएम का कार्यक्रम? प्रधानमंत्री मोदी रविवार को वाराणसी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे. बीजेपी की काशी इकाई के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि संभावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां उतरने के बाद रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और करीब 1,000 लोगों को संबोधित करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सिगरा स्थित सम्पूर्णनानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंच कर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे. पीएम ने इस स्टेडियम का उद्घाटन जुलाई 2023 को किया था. प्रधानमंत्री यहां कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे दिल्ली वापसी करेंगे. शंकरा नेत्र अस्पताल से सबको मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के संबंध में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल के शुरू होने से वाराणसी सहित पूर्वांचल और बिहार के लोगों को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर बाबतपुर हवाई अड्डा टर्मिनल और अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं सहित करीब 1,400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होना है. पीएम मोदी की यात्रा पर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं. व्यवस्था ऐसी की जा रही है जिससे आम जनता को तकलीफ ना हो और सुरक्षा भी दुरुस्त हो. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुख्ता योजना बनाई गई है. इस दौरान 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी. इस दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं. recent visitors 83