स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है विशेष रूप से तब, जब त्योहार का मौसम नजदीक आ गया है, यमुना नदी पर फैली सफेद झाग की मोटी परत

नई दिल्ली दिल्ली में यमुना नदी में शुक्रवार को सफेद झाग की मोटी परत देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है विशेष रूप से तब, जब त्योहार का मौसम नजदीक आ गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो में नदी का ज्यादातार हिस्सा झाग की परत से ढका दिख रहा है मानो जैसे नदी की सतह पर बादल छा गए हों। हालांकि बाद में ये झाग धीरे धीरे छंट गया। साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रीवर्स एंड पीपुल (एसएएनडीआरपी) के सहायक समन्वयक भीम सिंह रावत ने कहा, ‘‘आम तौर पर ऊपरी यमुना के हिस्से में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर होती है, लेकिन इस साल 2024 के हाल में समाप्त हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कोई बाढ़ नहीं आई।'' रावत ने कहा, ‘‘यह असामान्य है, क्योंकि नदी में आम तौर पर हर साल इस खंड में कम से कम दो बार कम या मध्यम स्तर की बाढ़ आती है।''   उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नदी में प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय है, जो मानव स्वास्थ्य और नदी के पास के वन्य जीवन को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि नदी में स्वाभाविक रूप से सफाई करने की क्षमता है, लेकिन प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस साल मानसून के दौरान जो सफेद झाग देखा गया था, वह त्योहारों के समय ज्यादा नजर आ रहा है। विशेषज्ञों ने सरकार से यमुना में प्रदूषण के स्तर को कम करने का आग्रह किया है, खासकर तब जब छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक आ रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस झाग में अमोनिया और फॉस्फेट की उच्च मात्रा होती है जिससे श्वसन और त्वचा संबंधी समस्याओं सहित स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा होता है। एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा, ‘‘इस प्रकार का झाग तब बनता है जब सड़ते हुए पौधों से निकलने वाली वसा और प्रदूषक तत्व पानी में मिल जाते हैं, लेकिन मानसून के दौरान इसकी उपस्थिति आश्चर्यजनक है।'' उन्होंने झाग बनने का कारण बाढ़ की अनुपस्थिति को बताया, जो आमतौर पर प्रदूषकों को बहा ले जाती है।  recent visitors 97

भारतीय मौसम विभाग ने दी चेतावनी, साउथ इंडिया में चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिलेगा, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली देश के कुछ हिस्सों में जहां ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून के लौटने से मूसलाधार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि साउथ इंडिया में चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिलेगा, जिससे अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। चक्रवाती तूफान का असर बंगाल की खाड़ी में 22 अक्टूबर के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इसका असर दक्षिण भारत के कई राज्यों पर पड़ेगा, जहां 3-4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। चक्रवातीय हवाओं का दबाव 20 अक्टूबर को उत्तरी अंडमान सागर पर बनेगा, जो कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर असर डालेगा। 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में होगी भारी बारिश तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में 18 से 24 अक्टूबर के बीच जमकर बारिश होगी। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 23-24 अक्टूबर को भारी बारिश के आसार हैं। मैदानी इलाकों में सूखा उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, साउथ में हो रही बारिश की वजह से उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के आसार हैं, जिससे ठंड का प्रभाव तेज़ होगा। तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट बता दें कि, देश में कुछ हिस्सों में ठंड शुरू हो गई है, लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों में अब भी भारी बारिश हो रही है। 22 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने से साउथ इंडिया में तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट जारी किया है। recent visitors 145

पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने मामले में कई बड़े खुलासे किए, गुरप्रीत सिंह हत्याकांड के तार जुड़े पंजाब के सांसद के साथ

पंजाब फरीदकोट में बीते दिनों गोलियां मारकर हत्या किए गए दीप सिद्धू के करीबी गुरप्रीत सिंह हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा किया गया है। आज पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने प्रैस कॉन्फैंस करके इस मामले में कई बड़े खुलासे किए  हैं। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड में ड्रिबूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह का नाम सामने आ रहा है। यही नहीं इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड अर्श डल्ला है। डीजीपी ने बताया कि इस मामले में विदेश में बैठे गैंगस्टरों का पूरा प्लान है। इस मामले शूटरों की पहचान कर ली गई और 3 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में जो भी सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी की जांच की जा रही है। इस मामले में पहले सिद्धू मूसेवाला की तरह रेकी गई और फिर वारदातो को अंजाम दिया गया है। गुरप्रीत की हत्या करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सबूतों के आधार पर इस मामले में गरहाई से जांच की जा रही है। डीजीपी ने बताया कि काबू किए गए आरोपियों से पूछताछ दौरान पता चला कि गुरप्रीत सिंह के रेकी करने वाले कोई और थे और हत्या करने वाले कोई ओर हैं। 159 नंबर एफआईआर दर्ज की गई है।  सबूतों के आधार पर इस मामले में गरहाई से जांच की जा रही है। डीजीपी का कहना है कि इस मामले में और भी कई खुलासे होने की संभावना है। आपको बता दें कि फरीदकोट के हरि नौ के रहने वाले गुरप्रीत सिंह (32) अपने समर्थकों के साथ सरपंच पदके प्रत्याशी के हक में प्रचार करके घर वापसा लौट रहे थे। इसी बीच मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके मौत के घाट उतार दिया। recent visitors 201

भारतीय मूल के चुनिंदा सांसदों से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने मुलाकात की, ब्रिटेन की संसद का किया दौरा

जयपुर/लंदन यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में निवेशकों से सफल संपर्क के बाद, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और राजस्थान सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने गुरुवार को ब्रिटेन सरकार की मंत्री (इंडो-पैसिफिक क्षेत्र) सुश्री कैथरीन वेस्ट के साथ मुलाकात की। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने  लंदन के पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर में स्थित ब्रिटेन की संसद का दौरा किया और भारतीय मूल के चुनिंदा सांसदों के साथ बैठक की। इन बैठकों के दौरान, मुख्यमंत्री ने राजस्थान में इंग्लैंड की कंपनियों द्वारा निवेश के लिए ब्रिटने सरकार से सहयोग की अपील की और 9-10-11 दिसंबर को जयपुर में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 में भाग लेने के लिए उन्हें आमंत्रित किया। इसके बाद, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), हीरा निर्माण, और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों की यूके स्थित फर्मों से मुलाकात की और उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इन बैठकों में एलीमेंट सिक्स (डी बीयर्स ग्रुप की कंपनी जो सिंथेटिक डायमंड, प्रोसेसिंग टूल्स आदि का कारोबार करती है), स्यानकॉनोड (नैरोबैंड आरएफ मेश नेटवर्क विकसित करने में दुनिया की अग्रणी कंपनी), जेसीबी (जो कंस्ट्रक्शन और इंडिस्ट्रियल उपयोग वाले वाहन बनाती है और जिसकी राजस्थान में मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट है) और ट्रायम्फ मोटरसाइकिल्स (ब्रिटेन की सबसे बड़ी मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात शामिल है। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने वांडरलस्ट (जो इंग्लैंड की एक प्रमुख ट्रैवल पत्रिका और वेबसाइट है) के अधिकारियों के साथ भी मुलाकात की और उनसे राजस्थान को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया। इस बैठक के दौरान प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जीवंत परिदृश्य और वैश्विक यात्रियों को प्रेरित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे विविध कदमों पर भी चर्चा की गयी। इन बैठकों के बाद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा, “भारत और ब्रिटेन के बीच कई शताब्दियों पुराने संबंध हैं। हमने ब्रिटेन सरकार के अधिकारियों और सांसदों के साथ आज बहुत ही उपयोगी और व्यापक बातचीत की और इस दौरान, प्रदेश में निवेश लाने के प्रयासों में उनसे सहयोग करने की अपील की। इसके अलावा, प्रदेश में कारोबार स्थापित करने और नए निवेश  के लिए वहां की कई कंपनियों के साथ हमलोगों ने चर्चा की और उनसे राजस्थान के अंदर मौजूद व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।” इससे पहले अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी और जर्मनी को ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के ‘पार्टनर कंट्री’ के रूप भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अल्बाट्रॉस प्रोजेक्ट्स, फ्लिक्सबस, पार्टेक्स एनवी, वेउली टेक्निक्स जीएमबीएच और इंगो श्मिट्ज जैसी कई जर्मन कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके मद्देनजर ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के बैनर तले अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा इंग्लैंड दौरे पर गए इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल, उद्योग विभाग और ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट्स (बीआईपी) के आयुक्त रोहित गुप्ता और राजस्थान सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। वही आपको बता दें कि ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का आयोजन इस साल 9, 10 और 11 दिसंबर को राजधानी जयपुर में होगा। इसका आयोजन राजस्थान सरकार के तत्वावधान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन (बीआईपी) और राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसका नोडल विभाग बीआईपी है। recent visitors 96

ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने भोपाल स्थित श्रमोदय आदर्श आईटीआई का दौरा किया

भोपाल मध्यप्रदेश के श्रम, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को भोपाल स्थित श्रमोदय आदर्श आईटीआई का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के विभिन्न ट्रेड्स की कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्रों के साथ बातचीत भी की। श्रमोदय मॉडल आईटीआई में छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान की जा रही है। ‘श्रमोदय आईटीआई’ मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, श्रम विभाग, सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) और तकनीकी शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के सहयोगात्मक प्रयास से स्थापित एक अग्रणी संस्थान है। मंत्री श्री पटेल की इस विजिट में क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल, क्रिस्प के संचालक, श्री अमोल वैद्य, श्रमोदय आईटीआई के प्रिंसिपल श्री एस. एस. मिश्रा के साथ अन्य स्टॉफ भी मौजूद था। इस दौरान श्रमोदय आईटीआई के विकास कार्यों, गतिविधियों पर आधारित एक लघु-फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। डॉ. श्रीकांत पाटिल ने माननीय मंत्री जी को आईटीआई के बारे में जानकारी देते हुए संस्थान में संचालित सभी ट्रेड्स की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान को लेकर भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया व उन्होंने गोकलदास एक्स्पोर्ट्स अचारपुरा और मारुती जैसे संस्थान में छात्रों के प्लेसमेंट की जानकारी भी साझा की। श्रमोदय आईटीआई में विभिन्न ट्रेड्स जैसे टेक्निशियन (मेकाट्रॉनिक्स), इलेक्ट्रिशियन, एडवांस सीएनसी मशीनिंग, फैशन डिजाइन और टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), वेल्डर, इंटीरियर डिजाइन और डेकोरेशन और सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेंट उपलब्ध हैं। इन कोर्सेज़ में छात्रों को इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कंप्यूटराइज्ड कंट्रोल सिस्टम्स, फैशन ट्रेंड्स, स्मार्ट डिवाइसेस, वेल्डिंग तकनीकों, और इंटीरियर डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण छात्रों को आधुनिक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावसायिक कौशल और विशेषज्ञता प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनने में सक्षम बनाता है। श्री पटेल ने विजिट के दौरान आईटीआई में प्रदेश के विभिन्न जिलों (बलाघाट, छतरपुर, छिंदवाडा, बैतूल, भिंड ग्वालियर, पन्ना व अन्य) से आए अध्ययनरत छात्रों से बातचीत की, जहां उन्होंने छात्रों से उनके ट्रेड्स के अध्ययन और तकनीकी प्रशिक्षण के अनुभव के बारे में विस्तार से चर्चा की। श्री पटेल ने छात्रों से उनके विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे, जैसे कि वे किस प्रकार के उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, वे किस तकनीक पर काम कर रहे हैं, और उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जाना। उन्होंने यह भी जानने का प्रयास किया कि उद्योग जगत में अपनी योग्यता को लेकर छात्र कितने आश्वस्त महसूस करते हैं। छात्रों के साथ संवाद करते समय उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वे अपने कौशल और ज्ञान को कैसे और बेहतर बना सकते हैं और उन्हें सफलता की दिशा में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने इस दौरान छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद मंत्री श्री पटेल ने संस्थान की अत्याधुनिक और उन्नत सुविधाओं का निरीक्षण किया और उसकी सराहना की। उन्होंने संस्थान में मौजूद उच्च गुणवत्ता के उपकरणों, तकनीकी प्रयोगशालाओं, और प्रशिक्षण सुविधाओं की प्रशंसा की, जो छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उन्नत तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की आधुनिक सुविधाएं छात्रों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं और उन्हें एक प्रतिस्पर्धी माहौल में सफल होने के लिए सशक्त बनाती हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कैंपस में छात्रों के साथ "अशोक" का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। मंत्री श्री पटेल ने संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें निरंतर सीखने और अपने कौशल को सुधारने की प्रेरणा दी। उन्होंने शिक्षकों की भी सराहना की, जो छात्रों को नवीनतम तकनीकों और ज्ञान से परिचित कराने के लिए मेहनत कर रहे हैं।   recent visitors 149

18 टन टमाटर लेकर जा रहा ट्रक हाइवे पर पलटा, चोरी के डर से रातभर पुलिस ने की पहरेदारी

नई दिल्ली अब तक आपने सूना होगा कि पुलिस को किसी कीमती सामान के चोरी के डर से रात भर पहरेदारी करनी पड़ी। लेकिन उत्तर प्रदेश एक झांसी में पुलिस वालों को टमाटर चोरी को लेकर लेकर पहरेदारी करनी पड़ी।  क्योंकि बाजारों में टमाटर 80 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा है। दरअसल, यूपी के झांसी में हाइवे पर टमाटर से भरा ट्रक बेकाबू होकर पलट गया। ट्रक पलटने के बाद उसमें भरे टमाटर रोड पर बिखर गए। बाजार में 100 रुपये किलो तक बिक रहे टमाटर की लूट हो, इसके पहले ही थाना सीपरी बाजार की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसवालों ने ट्रक के इर्द-गिर्द घेराबंदी कर दी। देर रात तक पुलिस टमाटर की पहरेदारी करती रही। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। ट्रक में करीब  1800 किलों टमाटर लगा हुआ था। ट्रक के पलट जाने के बाद सभी टमाटर रोड पर बिखर गए। महंगे टमाटर को रात में ग्रामीण लूटकर ना लेकर चले जाए। पुलसी को पूरी रात उसे रखाने के लियए पहरेदारी करनी पड़ी। ट्रक को अर्जुन नाम का ड्राइवर चला रहा था। ट्रक जैसे ही रात करीब दस बजे झांसी-कानपुर हाईवे पर सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में पहुंचा। तभी ट्रक के सामने एक गाय आ गई। गाय को बचाने के चक्कर में ट्रक बेकाबू होकर पलट गया और ट्रक में लदा टमाटर पूरे रोड पर बिखर गया। टमाटर बिखरने की खबर मिलते ही आसपास के लोगों को लगी। ग्रामीण वहां पर पहुंचते। इससे पहले सीपरी बाजार पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी। पूरी रात जागकर पुलिस वालों ने टमाटर की पहरेदारी की। इस बीच पीछे से आ रही एक स्कूटी सवार महिला की भी टक्कर हो गई। जिससे वह घायल हो गई। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। recent visitors 80

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री गड़करी करेंगे दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी शनिवार को रवीन्द्र भवन भोपाल में “सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों’’ पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ करेंगे। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नवीनतम तकनीकों, सामग्रियों और अनुबंध निष्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। सेमिनार का आयोजन भारतीय सड़क कांग्रेस और मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग के सहयोग से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्यप्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। सेमिनार के पहले दिन 19 अक्टूबर को प्रमुख चर्चाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग, और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। सरकारी और निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश की अवसंरचना परियोजनाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सकेगी।   recent visitors 67