कप्तान कमिंस ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में चौथे नंबर पर वापस भेजने का फैसला किया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया पुरुष टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने खुलासा किया कि उन्होंने और कप्तान पैट कमिंस ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में चौथे नंबर पर वापस भेजने का फैसला किया है, जबकि कुछ समय तक उन्होंने ओपनिंग की थी। डेविड वार्नर के संन्यास के बाद स्मिथ चौथे नंबर से ओपनिंग करने के लिए टेस्ट में आए, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली, उन्होंने वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ मैचों में 28.50 की औसत से 171 रन बनाए। मैकडोनाल्ड ने एबीसी रेडियो के समर ग्रैंडस्टैंड शो में कहा, “यह पैटी और मेरे ऊपर है और हम इस अंतिम निर्णय को लेते हैं। हमें सामूहिक रूप से लगा कि नेतृत्व समूह के रूप में, टीम के लिए यह सबसे अच्छा था कि वह ओपनिंग से हट जाए। स्पष्ट रूप से, पिछले साल के चरण में हमें लगा कि टीम के लिए यह सबसे अच्छा था कि वह ओपनिंग करे।” कोच ने कहा, “इससे हमें कैमरून (ग्रीन) को नंबर 4 स्लॉट पर लाने में मदद मिली। जैसे-जैसे समय बीतता है, आप भविष्य के बारे में सोचते हैं और इस गर्मी में हमारे सामने अलग-अलग चुनौतियाँ हैं। यह सामूहिक निर्णय था। आखिरकार, यह ऐसा निर्णय है जो स्टीव नहीं लेते।” उस्मान ख्वाजा के टेस्ट में ओपनिंग करने के साथ, शीर्ष पर उनके साथ कौन होगा, इस दौड़ पर रविवार से नज़र रहेगी, जब मार्कस हैरिस, कैमरून बैनक्रॉफ्ट, मैथ्यू रेनशॉ और युवा खिलाड़ी सैम कोंस्टास शेफ़ील्ड शील्ड के अगले दौर में अपनी-अपनी टीमों के लिए खेलेंगे। हैरिस, बैनक्रॉफ्ट और कोंस्टास के साथ ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ टीम में भारत ‘ए’ के खिलाफ़ दो चार दिवसीय मैचों के लिए, जो इस महीने के अंत में मैके और मेलबर्न में खेले जाने हैं, मैकडोनाल्ड ने कहा कि ऊपर बताए गए सभी नाम 22 नवंबर को पर्थ में शुरू होने वाली महत्वपूर्ण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज़ के लिए दावेदारी में हैं। उन्होंने कहा, “पहले शील्ड गेम में सैम कोंस्टास ने जो काम किया, उससे उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए सेट-अप में मौका मिला है और साथ ही उन्हें अपना काम करने का मौका भी मिला है। हम ऑस्ट्रेलिया ए के कुछ चयनों में भविष्य को लेकर थोड़ी-बहुत नजर रखते हैं और कुछ हद तक यहां और अभी को लेकर भी।” मैकडोनाल्ड ने निष्कर्ष निकाला, “इसके बजाय, सामान्य उम्मीदवारों के बारे में बात की जा रही है: बैनक्रॉफ्ट, हैरिस, रेनशॉ, साथ ही कोंस्टास। लेकिन यह कोई बैट-ऑफ नहीं है, सभी कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। हमारे पास कुछ बाएं हाथ के विकल्प हैं, कुछ दाएं हाथ के विकल्प हैं।हमारे पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने समय-समय पर रन बनाए हैं, इसलिए हम उस समय उन्हें पुरस्कृत करते हैं। लेकिन वे सभी इस समय चर्चा में हैं।”   recent visitors 92

जायसवाल से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें : ज्वाला

बेंगलुरु  भारतीय क्रिकेट टीम को युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल से अगले माह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह का मानना है कि यश्स्वी की सबसे बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलिया दौरे में होगी पर जिस एकाग्रता से वह खेलते हैं उससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी। कोच ने कहा इस स्तर पर पहुंचकर ये अहम होता है कि आप दबाव को कैसे संभालते हैं। आप हमेशा तकनीक पर काम कर सकते हैं पर अगर आपके पास सही रवैया और मानसिकता नहीं है, तो आप सफल नहीं हो सकते। यशस्वी काफी परिपक्व हैं और इसका लाभ उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में हालात अलग होते हैं। इसका कारण है कि वे वहां काफी कठिन क्रिकेट खेलते हैं और विपक्ष पर बेहद दबाव डालते हैं। पूर्व कोच के अनुसार टेस्ट पदार्पण के बाद से ही एक बल्लेबाज के रूप में विकास किया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहने से उन्हें काफी सहायता मिली है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से यशस्वी ने 11 टेस्ट मैचों में 64.05 की औसत से 1217 रन बनाए हैं और तीन लंबी पारियां खेली हैं जिसमें 171,209 और 214 रन शामिल हैं। साथ ही कहा कि वह हमेशा एक बल्लेबाज के रूप में आक्रामक रहा है। पहले, वह लगभग हर गेंद पर प्रहार करने जाता था पर अब वह हालात के अनुसार ऐसा करता है। वह अब अपने खेल के बारे में अधिक जानकारी रखता है। उसे इस बारे में बेहतर जानकारी है कि किस गेंद पर आक्रमण करना है और किस को छोड़ना है। इसके साथ ही उसकी फील्डिंग भी बेहतर होती है। इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ यशस्वी ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। वहीं भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा को भी यशस्वी के कौशल स्तर और अनुकूलन क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, उनके पास हर तरह की परिस्थितियों में खेलने के लिए मैच है। आप उन पर दांव लगा सकते हैं और उनसे टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर सकते हैं। recent visitors 85

इंटरनेशनल मास्टर्स लीग के मैच लखनऊ और रायपुर में आयोजित होंगे, समापन मैच की मेजबानी रायपुर करेगा

मुंबई इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (आईएमएल) ने अपनी गवर्निंग काउंसिल के गठन की घोषणा की है, जिसमें तीन महान क्रिकेट खिलाड़ी और मास्टर्स शामिल होंगे – लीग कमिश्नर सुनील गावस्कर, सर विवियन रिचर्ड्स और शॉन पोलक। यह त्रिमूर्ति आईएमएल की रणनीतिक दिशा, नियमों और संचालन की देखरेख करेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लीग खेल प्रेमियों के लिए एक प्रमुख मंच बनी रहे, जहां खेल की विरासत और मनोरंजन का संगम हो, और दुनिया भर के प्रशंसकों को दिग्गजों के खेल का अद्वितीय रोमांच मिल सके। इंटरनेशनल मास्टर्स लीग का उद्घाटन संस्करण 17 नवंबर से 8 दिसंबर 2024 तक आयोजित हो रहा है। नवी मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में उद्घाटन मैच खेला जाएगा। इसके अलावा लखनऊ और रायपुर में भी मैच आयोजित होंगे। समापन मैच की मेजबानी रायपुर करेगा। टेस्ट क्रिकेट में 10, 000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज और क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक सुनील गावस्कर अपनी उत्कृष्ट क्रिकेट समझ और खेल की शुचिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि इंटरनेशनल मास्टर्स लीग क्रिकेट की भावना के प्रति सच्ची रहे, जबकि दुनिया भर के प्रशंसकों को मनोरंजन प्रदान करे। आईएमएल न केवल खेल के दिग्गजों को सम्मान देने का मंच है, बल्कि उन प्रशंसकों के लिए भी एक उत्सव है, जो आज भी अपने नायकों का सम्मान करते हैं।“ सर विवियन रिचर्ड्स, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं, 1970 और 1980 के दशक में वेस्टइंडीज टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसने उस समय क्रिकेट जगत पर अपना दबदबा कायम रखा। सीमित ओवरों के खेल में अपने समय से आगे माने जाने वाले सर विवियन रिचर्ड्स की कप्तानी में वेस्टइंडीज ने एक भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी। आईएमएल की गवर्निंग काउंसिल में शामिल होने पर सर विवियन रिचर्ड्स ने कहा, “आईएमएल एक अद्भुत मंच है, जहां खेल के पूर्व दिग्गजों को एक बार फिर से एक्शन में देखने का अनोखा रोमांच खेल प्रशंसकों को मिलेगा। मैं गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा बनकर और इस नवाचारी लीग को सफल बनाने में मदद करने के लिए उत्साहित हूं।“ शॉन पोलक, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान और सर्वकालिक सफल ऑलराउंडर्स में से एक, आईएमएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में अपने अनुभव और बहुमुखी प्रतिभा को सामने लाएंगे। उन्होंने कहा, “क्रिकेट के महान खिलाड़ियों के साथ गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा बनना शानदार है। आईएमएल उन मास्टर्स के कौशल और क्लास का आनंद लेने का एक अवसर है, जिन्होंने वर्षों तक अपने लाखों- करोड़ों प्रशंसकों का मनोरंजन किया है। वे एक नई पीढ़ी को भी प्रेरित करेंगे। मैं इस लीग को सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनाने में अपनी भूमिका निभाऊंगा।”     recent visitors 84

साइबर सेल में शिकायत कर ब्लैकमेलर को आप दिला सकते हैं सजा

नई दिल्ली  सोशल मीडिया के इस दौर में अपनी जानकारी बचा के रख पाना काफी मुश्किल काम हो जाता है. लोग न चाहते हुए भी कई बार इस तरह की गलतियों कर देते हैं. जो उनके लिए काफी मुश्किल खड़ी कर देती है. कई बार लोग अपनी इस प्राइवेट तस्वीर खींच कर अपने फोन में रख लेते हैं. या फिर किसी को भेज देते हैं. लेकिन फिर कई बार लोगों की प्राइवेच तस्वीरों का गलत इस्तेमाल हो जाता है. कई लोग ऐसे में प्राइवेट तस्वीर दिखाकर लोगों से पैसे मांगते हैं. उन्हें ब्लैकमेल करते हैं. ऐसे में बहुत से लोग अपनी इज्जत बचाने के लिए ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते है. लेकिन आपको इस तरह की सिचुएशन में घबराना नहीं चाहिए और न ही खुद को ब्लैकमेल होने देना चाहिए. आप ब्लैकमेलर की शिकायत कर सकते हैं.  उसे कानून के हाथों सजा दिलवा सकते हैं. साइबर सेल में कर सकते हैं शिकायत अगर कोई आपके प्राइवेट फोटो इस्तेमाल करके आपको ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है. तो ऐसी स्थिति में आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आपको सबसे पहले तुरंत साइबर सेल में ब्लैकमेलिंग के बारे में शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए आप चाहें तो ऑनलाइन  https://cybercrime.gov.in/  पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है. या फिर आप चाहें तो ऑफलाइन साइबर सेल की ऑफिस जाकर के भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. वहां जाकर आपको घटना की पूरी जानकारी देनी होती है. जिसमें काॅल डिटेल्स, मैसेज, और भी जो चीजें ब्लैकमेलर को ट्रेस करने में सहायक हो सकें. पुलिस करेगी कार्रवाई भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 384 के तहत ब्लैकमेलिंग एक सीरियस ऑफेंस है. यानी अगर कोई आपको प्राइवेट फोटो का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है. ऐसे में आप साइबर सेल में शिकायत करते हैं. तो फिर पुलिस अपराधी को ट्रेस करने की कोशिश करती है. और फिर उस पर कार्रवाई करती है. इस मामले में IPC की धारा 384 के तहत 3 साल तक की सजा हो सकती है. वहीं इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 503 के तगत भी इसके अलावा धारा 503 के तहत 2 साल तक की सजा हो सकता है. recent visitors 55

महिला हॉकी लीग में रानी पंजाब और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सूरमा हॉकी क्लब की कोच होंगी

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान रानी रामपाल अब महिला हॉकी लीग में अब मेंटोर और कोच की भूमिका में नजर आयेंगी। महिला हॉकी लीग के इस पहले सीज़न में रानी पंजाब और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सूरमा हॉकी क्लब की कोच होंगी। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समग्र रूप से भारतीय महिला हॉकी के लिए एक कदम आगे है। रानी ने कहा कि इससे उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरु होगा। रानी कई सालों तक भारतीय महिला हॉकी का चेहरा रहीं। इस दौरान उनका नेतृत्व कौशल और जुनून प्रेरणादायक रहा।  रानी टोक्यो ओलंपिक 2021 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम की कप्तान रही थीं। रानी ने कहा, ‘‘हॉकी मेरा जुनून है। मैने जितने समय खेला, जुनून के साथ खेला। मेरे दिमाग में हमेशा से यह था कि भारतीय हॉकी से जुड़ने के लिये जो भी मौका मिलेगा, उसे मैं स्वीकार जरूर करूंगी। हॉकी मेरे दिमाग में हमेशा चलती रहती थी।’’ रानी ने भारत के लिये 212 मैचों में 134 गोल कर किये हैं और इस प्रकार उन्हें खेल का लंबा अनुभव है। इस खिलाड़ी ने कहा कि पहली बार शुरु हो रही इस महिला लीग से उभरती हई खिलाड़ियों को एक मंच मिलेगा। रानी ने कहा कि मैं एक महिला खिलाड़ी हूं और मैने बहुत संघर्ष झेला है। एक खिलाड़ी हमेशा खिलाड़ी होता है। खेलने की इच्छा कभी खत्म नहीं होती। कई बार आपको कठिन फैसला लेना होता है और इसी लिए लीग में न खेलते हुए ही मैने कोचिंग स्टाफ के साथ जुड़ने का फैसला किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संन्यास के बारे में बोलना अभी मुश्किल है। अभी लीग में नई चुनौती का सामना करूंगी और उसके बाद कोई अंतिम फैसला लूंगी।’’ साथ ही कहा कि भारतीय हॉकी टीम को अब 2026 एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारी करनी चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास हरेंद्र सिंह के रूप में एक बेहतरीन कोच है जो पोडियम फिनिश का सपना पूरा कर सकते हैं। इस महान स्ट्राइकर ने कहा, ‘‘कोई भी टीम हारना नहीं चाहती। हम अतीत को बदल नहीं सकते लेकिन अब 2028 के लिये देखना है। पहला लक्ष्य 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करना होना चाहिये। साथ ही कहा कि महिला लीग खिलाड़ियों का पूल तैयार करने में काफी सहायक हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हरेंद्र सर कोच के तौर पर लौटे हैं जिनके साथ मैंने काफी हॉकी खेली है। उनके साथ सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह हमारी संस्कृति और जानते हैं। हमें भरोसा है कि हरेंद्र सर के साथ टीम 2028 में टीम अच्छा करेगी।’’रानी ने स्वीकार किया कि महिला लीग के पहले सत्र में नीलामी के लिये पर्स छोटा है लेकिन उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अधिक फ्रेंचाइजी लीग से जुड़ेंगी और पैसा भी बढेगा। उन्होंने कहा, ‘‘नीलामी के लिये पर्स कम जरूर है लेकिन कोई भी चीज शुरू करना कठिन होता है। हॉकी इंडिया के लिये भी यही है लेकिन लीग का प्रभाव अच्छा रहता है तो उम्मीद है कि और टीमें आगे आयेंगी और पर्स भी बढेगा। हमारे खिलाड़ी बहुत साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं तो आर्थिक तौर पर यह लीग बहुत मदद करेगी।’’     recent visitors 141

400 पुलिसकर्मियों पर रेलवे ने लगाया फाइन, चेतावनी के बावजूद कर रहे थे बिना टिकट यात्रा, लगा मोटा जुर्माना

गाजियाबाद प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने पिछले डेढ़ महीने में गाजियाबाद और कानपुर के बीच विभिन्न स्थानों पर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले 400 से अधिक पुलिसकर्मियों का जुर्माना किया है। विशेष अभियानों का संचालन कर रहे यातायात अधिकारियों ने पाया कि अधिकतर पुलिसकर्मी वातानुकूलित डिब्बों और पेंट्रीकार में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी। त्रिपाठी ने कहा, ‘बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों से न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि रेलवे को भी वित्तीय नुकसान होता है। इसलिए, हमने अनधिकृत यात्रा की जांच के लिए सख्त कदम उठाए हैं और हम अपने प्रयासों में काफी सफल रहे हैं।’ भारतीय रेलवे टिकट निरीक्षण कर्मचारी संगठन (एनसीआर जोन) के सचिव संतोष कुमार ने कहा कि कई पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करते हैं, वातानुकूलित कोचों में घुस जाते हैं और खाली सीटों पर लेट जाते हैं। कुमार ने कहा, ‘वे अधिकृत यात्रियों के लिए सीट खाली नहीं करते हैं और यहां तक कि उन्हें और रेलवे अधिकारियों को भी धमकाते हैं।’ रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कई पुलिसकर्मियों ने यातायात अधिकारियों और टिकट निरीक्षकों को धमकी दी कि अगर उन पर जुर्माना लगाया गया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने चेतावनी भरे पत्र और परिपत्र जारी किए हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों से बिना टिकट के ट्रेनों में यात्रा न करने को कहा गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि इन पत्रों का उन पर कोई खास असर नहीं हुआ है।’ recent visitors 91

सुप्रीम कोर्ट ने आम जनता के हित में बड़ा और सार्थक कदम उठाया, कोर्ट की सुनवाई को लाइव देख सकेगें

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आम जनता के हित में बड़ा और सार्थक कदम उठाया है। अब कोई भी आम आदमी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लाइव देख सकेगा। इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। अब से, आप सभी अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर देख पाएंगे। इससे पहले तक, सुप्रीम कोर्ट सिर्फ संविधान पीठ और राष्ट्रीय महत्व के अन्य मामलों की सुनवाई को ही यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करता था। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में स्वप्निल त्रिपाठी मामले में अपने फैसले में महत्वपूर्ण मामलों में कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का समर्थन किया था।  इसके बाद, देश के कोने-कोने के नागरिकों को शीर्ष अदालत की कार्यवाही देखने का मौका मिले, इसलिए पूरे न्यायालय ने संविधान पीठों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का फैसला किया। इसके अलावा, महत्वपूर्ण सुनवाई का लाइव ट्रांसक्रिप्शन तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग तकनीक का भी उपयोग किया जाता है। हाल ही में, नीट-यूजी मामले और आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लोगों ने काफ़ी संख्या में ऑनलाइन देखा। पिछले साल अगस्त में, संविधान के अनुच्छेद 370 पर संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी।वाई। चंद्रचूड़ ने कहा था कि शीर्ष अदालत देश भर की सभी निचली अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को सक्षम बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए अपना खुद का क्लाउड सॉफ्टवेयर स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा था कि ईकोर्ट्स (प्रोजेक्ट) के तीसरे चरण में, हमारे पास एक बड़ा बजट है, इसलिए हम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए अपना खुद का क्लाउड सॉफ्टवेयर स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। मुख्य न्यायाधीश ने बताया था कि महामारी के दौरान, भारत भर की अदालतों ने वर्चुअल माध्यम से 43 मिलियन सुनवाई कीं। औपनिवेशिक छाप और पारंपरिक विशेषताओं को त्यागते हुए एक अन्य पहल में, सीजेआई चंद्रचूड़ के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के जजों के पुस्तकालय में लेडी जस्टिस की मूर्ति अब एक तलवार के बजाय भारतीय संविधान की एक प्रति रखी है, और उसकी आंखों से पट्टी हटा दी गई है। परंपरागत रूप से, आंखों पर बंधी पट्टी कानून के समक्ष समानता का सुझाव देती थी, जिसका अर्थ है कि न्याय का वितरण पक्षकारों की स्थिति, धन या शक्ति से प्रभावित नहीं होना चाहिए। तलवार ऐतिहासिक रूप से अधिकार और अन्याय को दंडित करने की क्षमता का प्रतीक थी। हालांकि, लेडी जस्टिस के दाहिने हाथ में न्याय के तराजू को बरकरार रखा गया है, जो सामाजिक संतुलन और फैसला सुनाने से पहले दोनों पक्षों के तथ्यों और तर्कों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के महत्व का प्रतीक है।   recent visitors 90