उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ हिंदुओं पर हमले को लेकर बरसे, महिलाओं पर बर्बरता, धार्मिक स्थलों का किया अपमान

नई दिल्ली उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को पड़ोसी देशों में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और इस पर "कथित नैतिक उपदेशकों" की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का व्यवहार मानवाधिकारों के विरुद्ध है। धनखड़ ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा, "हम अत्यधिक सहिष्णु हैं, और इस तरह के अतिक्रमणों के प्रति अधिक सहिष्णुता ठीक नहीं है। सोचिए अगर आप उनमें से एक होते तो।" उप-राष्ट्रपति ने आगे कहा, "लड़कों, लड़कियों और महिलाओं के साथ की गई बर्बरता, यातना और भयावह अनुभवों को देखिए। हमारे धार्मिक स्थलों का अपमान किया जा रहा है।" हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी यह टिप्पणी बांग्लादेश में हाल ही में हिंदुओं पर हुए हमलों से जुड़ी मानी जा रही है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त में सत्ता से बाहर होने के बाद से वहां हिंदुओं पर हमलों की खबरें बढ़ी हैं। दुर्गा पूजा के दौरान हुई हिंसा के चलते 17 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है और कई मामले दर्ज किए गए हैं। बांग्लादेश की 17 करोड़ की आबादी में हिंदुओं की संख्या केवल 8 प्रतिशत है। धनखड़ ने कहा कि इस तरह के मामलों पर चुप्पी साधे रखना उचित नहीं है और मानवाधिकारों के समर्थकों को इस पर ध्यान देना चाहिए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि कुछ हानिकारक ताकतें भारत की ‘‘खराब छवि’’ पेश करने की कोशिश कर रही हैं और उन्होंने ऐसे प्रयासों को बेअसर करने के लिए ‘‘प्रतिघात’’ करने का आह्वान किया। धनखड़ ने साथ ही कहा कि भारत को दूसरों से मानवाधिकारों पर उपदेश या व्याख्यान सुनना पसंद नहीं है। उन्होंने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए विभाजन, आपातकाल लागू किए जाने और 1984 के सिख विरोधी दंगों को ऐसी दर्दनाक घटनाएं बताया, जो ‘‘याद दिलाती हैं कि आजादी कितनी नाजुक होती है।’’ धनखड़ ने कहा, ‘‘कुछ ऐसी हानिकारक ताकतें हैं जो एक सुनियोजित रूप से हमें अनुचित तरीके से कलंकित करना चाहती हैं।’’ उन्होंने कहा कि इन ताकतों का अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल कर ‘‘हमारे मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल उठाने’’ का ‘‘दुष्ट इरादा’’ है। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों को बेअसर करने की जरूरत है और भारतीय संदर्भ में वे इसके लिए ‘‘प्रतिघात’’ शब्द का इस्तेमाल करेंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन ताकतों ने सूचकांक तैयार किए हैं और ये दुनिया में हर किसी को ‘रैंक’ दे रही हैं ताकि ‘‘हमारे देश की खराब छवि’’ पेश की जा सके। उन्होंने भुखमरी सूचकांक पर भी निशाना साधा, जिसकी सूची में भारत की रैंकिंग खराब है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान सरकार ने जाति और पंथ की परवाह किए बिना 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया। recent visitors 84

सेबी के जुर्माने वाले आदेश पर लगी रोक, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी

नई दिल्ली सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी है। दरअसल, सैट ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) से फंड के हेरफेर के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा अनिल अंबानी पर लगाए गए ₹25 करोड़ के जुर्माने पर सशर्त रोक लगा दी। सैट की शर्त के तहत अनिल अंबानी को चार सप्ताह के भीतर ₹25 करोड़ जुर्माने का 50% जमा करना होगा। बता दें कि सेबी ने अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस के पूर्व प्रमुख अधिकारियों सहित 24 अन्य संस्थाओं को आरएचएफएल से फंड के डायवर्जन के लिए पांच साल के लिए सिक्योरिटी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। रिलायंस होम फाइनेंस के शेयर रिलायंस होम फाइनेंस के शेयरों की ट्रेडिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। अंतिम ट्रेडिंग कीमत 4.75 रुपये है। कंपनी के शेयर 14 अक्टूबर को ट्रेड किए थे। बता दें कि पिछले छह महीने में यह शेयर 50% और महीनेभर में 20% चढ़ गए हैं। हालांकि, सालभर में यह शेयर 105% चढ़ गया है। 18 अक्टूबर 2023 को इस शेयर की कीमत 2.35 रुपये थी। कंपनी का मार्केट कैप 230.17 करोड़ रुपये है। अंबानी ने की थी सेबी के आदेश की समीक्षा बता दें कि उद्योगपति अनिल अंबानी ने सेबी के एक्शन के बाद कहा था कि वह आदेश की समीक्षा कर रहे हैं। वे कानूनी सलाह के आधार पर उचित कदम उठाएंगे। बता दें कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े एक मामले में सेबी के 11 अगस्त, 2022 के अंतरिम आदेश का पालन करने के लिए अंबानी ने रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था। recent visitors 92

पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा मानस भवन में समारोह का हुआ आयोजन, राज्यपाल श्री पटेल हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है। प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल श्री पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पी.जी. निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया।       राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे।   कोविड के बाद आयुर्वेद के हॉलिस्टिक विजन की ओर लौट रहा विश्व       राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आयुर्वेद वेलनेस को प्रमोट करता है। वह उसी व्यक्ति को स्वस्थ मानता है जिसका शरीर संतुलन में हो। जिसकी सभी क्रियाएँ संतुलित हों और मन प्रसन्न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद, सम्पूर्ण विश्व आयुर्वेदिक ज्ञान के हॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को विश्व भर में नई पहचान मिल रही हैं। केन्द्र सरकार ने आयुष मंत्रालय बनाने और ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की पहल की है। जामनगर गुजरात में विश्व का पहला और इकलौता ग्लोबल सेन्टर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिंन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा खोला गया है। सेन्टर फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन, एम्स द्वारा योग और आयुर्वेद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिसर्च हो रही है। आयुष रिसर्च पोर्टल पर 40 हजार से अधिक स्टडीज का डेटा भी उपलब्ध हो गया है।      आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है। आयुर्वेद का भारतीय ज्ञान परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से प्रदेश में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि स्मृति न्यास के अंतर्गत आयुर्वेद लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी। इस लाईब्रेरी का स्वरूप डिजिटल भी होगा ताकि विश्व भर के आयुर्वेद चिकित्सकों, छात्रों, शोधार्थियों और आमजनों को भी लाभ मिल सके। सांसद श्री आलोक शर्मा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी। आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के विभिन्न आयोजनों के लिए स्मृति न्यास को साधुवाद दिया। भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधायक श्री भगवान दास सबनानी ने आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार में पं. उद्धवदास मेहता के योगदान को याद किया।       राज्यपाल श्री पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास के अध्यक्ष श्री उमाशंकर गुप्ता ने पं. मेहता के व्यक्तित्व और कृत्तिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यास के उद्देश्यों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। सम्मान समारोह में झन्डु ईमामी के श्री संजय भट्ट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, विजेता प्रतिभागी, आयुर्वेद छात्र-छात्राएं, उनके परिजन, विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।   recent visitors 104

30 मई 2022 को गिरफ्तार किए गए आप नेता को 873 दिनों बाद नियमित जमानत मिली, ED केस में राहत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत मिल गई है। आप नेता को करीब ढाई साल बाद राहत मिली है। शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। 30 मई 2022 को गिरफ्तार किए गए आप नेता को 873 दिनों बाद नियमित जमानत मिली है। इससे पहले वह कुछ महीनों तक अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे। कोर्ट ने तब उन्हें स्वास्थ्य कारणों से राहत दी थी। आम आदमी पार्टी ने जैन को मिली नियमित जमानत को सत्य की जीत बताया है। जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर जुड़ी चार कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोप में गिरफ्तार किया था। स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा, 'मुकदमे में देरी और 18 महीने की लंबी कैद के मद्देनजर और इस तथ्य को देखते हुए कि मुकदमा शुरू होने में लंबा समय लगेगा आरोपी राहत के लिए पात्र है।' जज ने 50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड भरने और इतनी ही राशि के दो मुचलकों पर राहत देने का फैसला सुनाया। जैन के वकील ने अदालत से कहा था कि उन्हें आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। ईडी ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि यदि जैन को रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी का मामला 2017 में सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जैन के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से सामने आया है। सत्येंद्र जैन के वकील विवेक जैन ने कहा, 'राउज एवेन्यू ट्रायल कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जेल में रहकर कष्ट झेला है। अभी ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। ट्रायल कोर्ट ने मनीष सिसोदिया जजमेंट को फॉलो किया है। कोर्ट ने आर्टिकल 21 को तरजीह देते हुए उन्हें जमानत का हकदार माना है।' आम आदमी पार्टी ने सत्येंद्र जैन की जमानत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘सत्यमेव जयते। शानदार मोहल्ला क्लिनिक बनाकर दिल्ली में स्वास्थ्य क्रांति लाने वाले सत्येंद्र जैन जी को कोर्ट से जमानत मिलने से BJP की एक और साजिश नाकाम हो गई है। आज फिर भाजपा का असल चेहरा पूरे देश के सामने बेनकाब हो गया है।’ पिता को जमानत मिलने पर जैन की बेटी श्रेया ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'हमें हमेशा से पता था कि ऐसा होगा, यह बस समय की बात है। हम बहुत खुश हैं कि अदालत ने हमें न्याय दिया है…लेकिन मुझे लगता है कि इस साल दिवाली हमारे लिए जल्दी आ गई। हम खुश हैं और हम उनका बड़े उत्साह से स्वागत करेंगे।' दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले सत्येंद्र जैन को मिली जमानत को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। सत्येंद्र जैन को मनीष सिसोदिया की तरह के पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता है। इससे पहले पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह को कथित शराब घोटाले में महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है। recent visitors 86

जेल में सांस्कृतिक कार्यक्रम, सभी कैदियों के साथ डिप्टी जेलर सीएल प्रजापति ने बुंदेली गीत गाते हुए बरेदी नृत्य किया

दमोह जिला जेल में महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जेल के सभी कैदियों के साथ डिप्टी जेलर सीएल प्रजापति ने बुंदेली गीत गाते हुए बरेदी नृत्य किया। इतना ही नहीं उन्होंने दिवारी गीत भी गाए, जिसका विडियो भी वायरल हुआ है। कार्यक्रम के दौरान कैदी भी भूल गए की वह जेल में हैं और उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दिवाली पर्व पर जिस तरह यादव समाज के लोग दिवारी गीत गाते हुए नृत्य करते हैं उसी तरह का नृत्य इन कैदियों के द्वारा भी किया गया। जिला जेल में वैसे तो विधिक साक्षरता से जुड़े कार्यक्रम आए दिन आयोजित होते रहते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं, लेकिन इस बार जिला जेल के सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़े हुए वीडियो सोशल मीडिया पर है। बुंदेली गीतों की प्रस्तुति डिप्टी जेल अधीक्षक सीएल प्रजापति ने बताया कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर जिला जेल में पूजन, अर्चन किया गया और उसके बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जेल के सभी बंदियों ने अपनी सहभागिता निभाई। यहां पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर बुंदेली गीतों की प्रस्तुति की गई जिसमें सभी ने नृत्य किया और गीत भी गाए। इस कार्यक्रम के दौरान महर्षि वाल्मीकि को याद करते हुए जेल के सभी बंदियों को बताया कि श्रीराम से महान राम का नाम है। स्वच्छता पर जागरूकता सीएल प्रजापति ने इसके बाद उन्होंने स्वच्छता पर बात की। प्रजापति ने कहा कि हमें स्वच्छता बनाए रखना चाहिए। समाज को स्वच्छ रखने की जवाबदारी केवल वाल्मीकि समाज की नहीं है हम सभी को भी अपनी सहभागिता निभानी चाहिए। हम भी इस साफ सफाई में बराबर के भागीदार बनेंगे तभी हमारा समाज स्वच्छ रहेगा और हम बीमारियों से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि सब एक जुट होकर एक विचारधारा के साथ काम करेंगे, तो हमारे समाज में भाईचारा बढ़ेगा। recent visitors 58

दीपावली नजदीक होने के कारण अनाज मंडी में दाल-बेसन की मांग ने पकड़ा जोर, चने के भाव में उछाल

इंदौर दीपावली नजदीक होने के कारण चने से बने उत्पाद बेसन और चना दाल में उपभोक्ता और नमकीन निर्माताओं की जोरदार पूछताछ देखने को मिली है। बीते दिनों से मांग सुस्त थी इस बीच चने के दाम काफी नीचे भी आ गए थे। दाम कम होने से मंडियों में आवक घट गई थी। ऐसे में चने की कीमतों में फिर से तेजी का वातावरण बनने लगा है। चना कांटा दो दिन में करीब 100 रुपये उछल गया। चना कांटा नीचे में 7400 ऊपर में 7450 रुपये प्रति क्विंटल तक बोला गया। मंडी में काबुली चना करीब 100 रुपये तक टूट गया जबकि कंटेनर में काबुली चना 200 रुपये तक सस्ता बोला गया। दूसरी ओर मसूर में भी लोकल के साथ ही बाहरी मांग जोरदार रहने और आवक कमजोर होने के कारण भाव मजबूती पर टिके हुए हैं। शुक्रवार को मसूर 6300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। आगे मांग बढ़ने पर मसूर में सुधार की स्थिति बन सकती है। मंडी में काबुली चने की आवक 3000 बोरी की रही। मंडी में काबुली चना मीडियम 8500-11300 बेस्ट 11300-12300 सुपर 12300-13300 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। कंटेनर में डालर चना 42/44 15000, 44/46 14700, 58/60 11700, 60/62 11600, 62/64 11500 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया। दलहन- चना कांटा 7400-7450 विशाल 7250-7300 डंकी चना 6700-6900 मसूर 6300 तुवर महाराष्ट्र सफेद 9700-9900 कर्नाटक 9800-10000 निमाड़ी तुवर 8500-9200 मूंग 8000-8100 एवरेज 7200-7700 मूंग बोल्ड 7800-8300 उड़द बेस्ट बोल्ड नया 8000-8200 मीडियम 6500-7500 हलका उड़द 3000-5000 रुपये क्विंटल के भाव रहे। दालों के दाम- चना दाल 8400-8500 मीडियम 8600-8700 बेस्ट 8800-8900 मसूर दाल 7500-7600 बेस्ट 7700-7800 मूंग दाल 9600-9700 बेस्ट 9800-9900 मूंग मोगर 10100-10200 बेस्ट 10300-10400 तुवर दाल 10800-10900 मीडियम 11800-11900 बेस्ट 14300-14500 ए. बेस्ट 15300-15400 ब्रांडेड तुवर दाल नई 15400 उड़द दाल 10800-10900 बेस्ट 11000-11100 उड़द मोगर 11200-11300 बेस्ट 11500-11600 रु. प्रति क्विंटल के भाव रहे। चावल भाव- दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11000-12000, तिबार 9500-10500, बासमती दुबार पोनिया 8000-9000, मिनी दुबार 7000-7500, मोगरा 4500-7000, बासमती सेला 7000-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5000, परमल 3500-3700, हंसा सेला 3700-3800, हंसा सफेद 3000-3200, पोहा 4700-5100 रु. क्विंटल बिका।   recent visitors 79

यदि हमास हथियार डाल दे और सभी यहूदी बंधकों को रिहा कर दे तो जंग समाप्त हो सकती है: इजरायली पीएम

तेल अवीव इजरायल ने हमास के सुप्रीम कमांडर याह्य सिनवार की गुरुवार को हत्या कर दी। ड्रोन अटैक के जरिए सिनवार को इजरायल ने मार गिराया। यही नहीं मौत के बाद की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें दिखता है कि किस तरह से सिनवार को मारा गया। कुछ वीडियो भी इसके वायरल हो रहे हैं। इस बीच इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा ऐलान किया है और कहा कि यदि हमास हथियार डाल दे और सभी यहूदी बंधकों को रिहा कर दे तो जंग समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि हमास हमारी इस पेशकश को मान ले तो जंग कल ही खत्म हो जाएगी। इजरायल दोहराता रहा है कि बीते साल 7 अक्टूबर को उसके यहां हुए भीषण हमले का मास्टरमाइंड याह्य सिनवार ही था। उसकी मौत का वीडियो शेयर करते हुए नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, ‘याह्य सिनवार मर चुका है। उसे हमारे बहादुर सैनिकों ने राफा में मार गिराया। अभी यह गाजा की युद्ध खत्म होने का टाइम नहीं है बल्कि हमास के खात्मे की शुरुआत है। गाजा के लोगों के लिए मेरा एक सिंपल सा संदेश है- यह जंग तो कल ही खत्म हो सकती है। यदि हमास हथियार डाल दे और बंधक बनाए गए हमारे लोगों को छोड़ दे।’ सिनवार को मार गिराने के साथ ही इजरायल ने दावा किया है कि दो और आतंकी मारे गए हैं। पीएम नेतन्याहू ने दावा किया कि हमास ने अब भी गाजा में 101 इजरायली लोगों को बंधक बना रखा है। इनमें से कई नागरिक 23 अलग-अलग देशों के हैं। नेतन्याहू ने कहा, 'हमास ने गाजा में 101 लोगों को बंधक बना रखा है। ये कुल 23 देशों के रहने वाले हैं। इजरायल इन लोगों को घर वापस लाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। हम सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई की गारंटी देते हैं।' उन्होंने हमास आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल न्याय करने में यकीन रखता है। हम ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं छोड़ेंगे, जिसने हमारे लोगों पर अत्याचार किए हैं। recent visitors 58