शहडोल के ऐतिहासिक विराट मंदिर में मरम्मत के लिए ASI ने लगाया ताला, लोहे का गेट लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही हुई बंद

शहडोल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई ) ने शहडोल के ऐतिहासिक विराट मंदिर में ताला लगा दिया है। बाहर लोहे का गेट लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद की गई है। इसकी कोई सूचना पहले से नहीं दिए जाने से श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी है। किवदंतियों में इस मंदिर को महाभारत कालीन, पांडवों के अज्ञातवास का प्रतीक माना जाता रहा है। मंदिर के गर्भगृह के द्वार पर ताला लगा दिए जाने से पूजन में व्यवधान होने लगा है। मंदिर की दीवार जर्जर एएसआई , जबलपुर के अधीक्षक डा. शिवकांत वाजपेयी का कहना है कि मंदिर की दीवार का एक हिस्सा जर्जर हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से गर्भगृह में ताला लगाया गया है। इंजीनियर सर्वे करेंगे और जल्द ही मंदिर की मरम्मत कराई जाएगी। इसके बाद गर्भगृह का ताला खोल दिया जाएगा। स्थानीय कर्मचारियों को कहा गया था कि इस संदर्भ में नोटिस चस्पा कर दें, ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने। यदि नोटिस नहीं लगा है तो लगवाया जाएगा। इसके अलावा सुबह पूजा के लिए गर्भगृह में पुजारी को जाने दिया जाएगा। बता दें, विराटेश्वर मंदिर सदियों से स्थानीय नागरिकों की आस्था का केंद्र रहा है। गर्भगृह बंद किए जाने का विरोध इधर, हिंदूवादी संगठन गर्भगृह बंद किए जाने के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत महाकोशल महामंत्री शक्ति सिंह ने कहा कि मंदिर में ताला बंद करना उचित नहीं है। विराट मंदिर में दूर-दूर से लोग भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं, लेकिन ताला लगा होने से वे बिना दर्शन व पूजा के वापस हो रहे है। इसका विरोध किया जाएगा। यदि इस ओर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगा। गोलकाकी मठ के आचार्य को भेंट की निशानी भगवान शिव को समर्पित विराट मंदिर को कलचुरी राजा युवराज देव द्वितीय ने बनवाया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और कलचुरी राजवंश की बेहतरीन वास्तुकलाओं में से एक है। इस मंदिर को खजुराहो के शिव मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। 70 फीट ऊंचे मंदिर को गोलकाकी मठ के आचार्य को भेंट के तौर पर बनवाया गया था। एएसआई की देखरेख में मंदिर मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई ) के संरक्षण में रखा गया है। गर्भगृह में एक छोटा शिवलिंग है। स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना: मंदिर के बाहर की दीवारों पर दिग्पाल वसु, शिव के विविध रूप, शिव परिवार, विष्णु अवतार, मिथुन दृश्य, और गजशार्दुल की मूर्तियां हैं। मंदिर में नृत्य मुद्रा में महावीर, शिव, और पार्वती की मूर्ति, सरस्वती, गणेश, विष्णु, नृसिंह, व्याल, कांटा निकालती सुंदर युवती, युद्धरत कलाकृतियां देखी जा सकती हैं। recent visitors 68

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया, निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी

चंडीगढ़़ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आज नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सीएम का पदभार ग्रहर कर लिया। इस दौरान  सीएम नायब सैनी ने ट्वीट कर लिखा "हरियाणा प्रदेश के अपने 2.80 करोड़ परिवारजनों की अनथक सेवा का व्रत लेकर प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मैं भावुक और नतमस्तक हूं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का संकल्प सर्वोपरि है। हरियाणा प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ,समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी पूर्ण बहुमत की ये सरकार सेवा, सुशासन,समानता,समृद्धि और गरीब कल्याण के लिए समर्पित होगी।" इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी मंडियों को उनके कमरे में बैठाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह का पहला बड़ा फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में क्रोनिक किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध रहेगी। भविष्य में सभी मेडिकल कॉलेज में भी निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी। कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में हमने अनुसूचित जाति के वर्गीकरण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है। हमने फैसला किया है कि हम एससी के वर्गीकरण के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उसे लागू करेंगे। अपराधियों को सीएम की चेतावनी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार नारी शक्ति को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने उन लोगों को चेतावनी देते हुआ कहा जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं या तो राज्य छोड़ दें या फिर सुधर जाएं। नहीं तो हम सुधार करेंगे। ‘जनता ने कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने घोषणापत्र में वादा किया था कि हम किडनी के मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराएंगे। हमने उससे संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हरियाणा सरकार किडनी डायलिसिस का खर्च वहन करेगी। मैं हरियाणा की जनता को तीसरी बार भारी जनादेश देने और पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद देता हूं। हरियाणा की जनता ने विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया। कांग्रेस ने किसानों को भड़काने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं में संदेह पैदा किया। उन्होंने हरियाणा के एथलीटों का इस्तेमाल किया। एथलीट हमारे देश का गौरव हैं। पीएम मोदी ने पिछले 10 सालों में किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। हरियाणा की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी दी है और कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है। हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट कर दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री आरती राव को कमरा नंबर 43सी मिला है। रणबीर गंगवा को कमरा नंबर 43ए मिला है। राव नरबीर को कमरा नंबर 39 मिला है। कृष्ण लाल पंवार को कमरा नंबर 34 मिला है। अनिल विज को कमरा नंबर 32 यानी पुराना कमरा ही मिला है। कृष्ण बेदी को कमरा नंबर 24 मिला है। श्रुति चौधरी को कमरा नंबर 31 मिला है। विपुल गोयल को कमरा नंबर 49 मिला है। श्याम सिंह राणा कमरा नंबर 47 मिला है। recent visitors 54

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई, दो सरकारी बंगले पर कब्जा करना चाहती हैं : विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) पर शीशमहल को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) ने आतिशी को शीश महल का अलॉटमेंट लेटर जारी किया था। 14 अक्टूबर को आतिशी ने इसे स्वीकार कर लिया और 16 अक्टूबर को पीडब्‍ल्यूडी ने उन्हें शीश महल पर कब्ज़े की स्लिप भी दे दी। लेकिन अब, आतिशी द्वारा दिए गए बयान में यह कहा जा रहा है कि उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर कब्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आतिशी दोनों सरकारी बंगलों, एबी-17 मथुरा रोड और 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर एक साथ कब्जा करना चाहती हैं। उनकी इस नीति से स्पष्ट होता है कि उनका इरादा सत्ता का दुरुपयोग करना है। आतिशी ने पहले ही पीडब्‍ल्यूडी से सभी आवश्यक दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। उन्होंने पीडब्‍ल्यूडी से मांग की है कि आतिशी से एबी-17 बंगला तुरंत खाली कराया जाए। क्योंकि, जब उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड का अलॉटमेंट मिल गया है, तो एबी-17 बंगले पर उनके कब्जे का कोई अर्थ नहीं है। बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी थी कि सीएम आतिशी को 6 फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित बंगले के आवंटन के संबंध में लोक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) से एक पत्र प्राप्त हुआ है। हालांकि, अभी तक उन्हें इस बंगले का कब्जा नहीं मिला है। बयान में यह भी कहा गया है कि आतिशी अभी भी एबी-17, मथुरा रोड आवास में रह रही हैं, जिसे उन्हें पिछले साल दिल्ली सरकार में मंत्री नियुक्त होने पर आवंटित किया गया था। recent visitors 90

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बाल विवाह रोकथाम कानून जरूरी है, कोई और मजहब का पर्सनल लॉ इस कानून के आड़े नहीं आ सकता

नई दिल्ली बाल विवाह रोकथाम अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कानून जरूरी है। इसके अलावा किसी भी मजहब का पर्सनल लॉ इस कानून के आड़े नहीं आ सकता। अदालत ने कहा कि बाल विवाह गलत है और इससे किसी के भी मनपसंद जीवनसाथी चुनने का अधिकार प्रभावित होता है। कोर्ट ने कहा कि बचपन में कराए गए विवाह अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का विकल्प छीन लेते हैं। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने देश में बाल विवाह रोकथाम कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई दिशानिर्देश भी जारी किए। प्रधान न्यायाधीश ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के कानून को ‘पर्सनल लॉ’ के जरिए प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की शादियां नाबालिगों की जीवन साथी चुनने की स्वतंत्र इच्छा का उल्लंघन हैं। पीठ ने कहा कि अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम और नाबालिगों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उल्लंघनकर्ताओं को अंतिम उपाय के रूप में दंडित करना चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि बाल विवाह निषेध कानून में कुछ खामियां हैं। इसे दूर करने की जरूरत है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 बाल विवाह को रोकने और इसका उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था। इस अधिनियम ने 1929 के बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का स्थान लिया। पीठ ने कहा, 'बाल विवाह पर रोकथाम की रणनीति अलग-अलग समुदायों के हिसाब से बनाई जानी चाहिए। यह कानून तभी सफल होगा जब बहु-क्षेत्रीय समन्वय होगा। कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। हम इस बात पर जोर देते हैं कि इस मामले में समुदाय आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।’ कोर्ट का कहना था कि इन मामलों की रोक के लिए कानून के पालन के साथ ही जागरूकता और शिक्षा की भी जरूरत है। recent visitors 94

जम्मू-कश्मीर में नए मंत्रियों में हुआ विभागों का बंटवारा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के पहले प्रस्ताव में राज्य का दर्जा बहाल करने का आह्वान किया गया।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि  पहली बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह किया गया। जानकारी मिली है कि कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री को प्रस्ताव का मसौदा सौपेंगे और उनसे चार अगस्त, 2019 से पहले की तरह राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह करेंगे। कैबिनेट की ओर से पारित प्रस्ताव पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कल की कैबिनेट बैठक में किसी भी फैसले के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी खुलासा नहीं किया। जम्मू-कश्मीर में नए मंत्रियों में हुआ विभागों का बंटवारा  जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रदेश में सरकार गठन के बाद नये मंत्रियों को विभाग सौंप दिये हैं। उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को लोक निर्माण (आर एंड बी), उद्योग एवं वाणिज्य, खनन, श्रम एवं रोजगार और कौशल विकास विभाग सौंपे गए हैं। सुसकीना इटू स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और समाज कल्याण का प्रबंधन करेंगी। इसी तरह जावेद अहमद राणा को जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण और जनजातीय मामलों का प्रभार दिया गया है। जावीद अहमद डार को कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सहकारिता और चुनाव की जिम्मेदार दी गयी है। सतीश शर्मा खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, परिवहन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा सेवा और खेल तथा एआरआई और प्रशिक्षण विभाग संभालेंगे। उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के लेन-देन नियम, 2019 के नियम 4 (2) के अनुसार मंत्रियों को प्रभार सौंपा। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन मंत्रियों को आवंटित नहीं किए गए कोई भी अन्य विभाग या विषय मुख्यमंत्री के पास रहेंगे। गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के लिए पांच मंत्रियों को चुना- दो कश्मीर से और तीन जम्मू से। उमर ने पहले 2008 से 2014 तक जम्मू-कश्मीर सरकार का नेतृत्व किया था, जब यह क्षेत्र पूर्ण राज्य था और इसे अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा प्राप्त था।     recent visitors 98

पुलिस का ऐक्शन बाबा सिद्दीकी मामले में पांच और आरोपियों को किया गिरफ्तार, फडणवीस से मिले बेटे जीशान

मुंबई मुंबई में एनसीपी के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच ने पांच और आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई पुलिस ने यह जानकारी दी है। बाबा सिद्दीकी की उनके विधायक बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर पिछले दिनों गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से भी सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली गई है। मामले में पुलिस ने घटना के तुरंत बाद ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि बाद में भी कई को अरेस्ट किया है। इस मामले में बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की। इस दौरान डिप्टी सीएम अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल व सीनियर पुलिस ऑफिसर भी मौजूद थे। पुलिस ने जीशान और उनके परिवार को मामले की जांच के बारे में जानकारी दी है। डिप्टी सीएम के दफ्तर ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य परिवार को जांच के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाना था। इससे पहले गुरुवार को मुंबई पुलिस ने मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम समेत तीन आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया, ताकि उन्हें देश से भागने से रोका जा सके। एलओसी में नामित अन्य दो आरोपी सह-साजिशकर्ता शुभम लोनकर और संदिग्ध हैंडलर मोहम्मद जीशान अख्तर हैं। अधिकारी ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की टीमों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया है। एलओसी इसलिए जारी किया गया है क्योंकि आरोपी देश से भागने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सर्कुलर के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए सभी बंदरगाहों और हवाईअड्डों को अलर्ट पर रखा गया है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी (66) की 12 अक्टूबर की रात मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा में उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा निवासी गुरमेल बलजीत सिंह (23) हरीशकुमार बालकराम निसाद (23), और सह-साजिशकर्ता तथा शुभम लोनकर का भाई प्रवीण लोनकर, जो पुणे का रहने वाला है। recent visitors 67

पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा, “मैंने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार संभाला”

चंडीगढ़  हरियाणा के नए मुख्यमंत्री के रूप में अपने 13 कैबिनेट सहयोगियों के साथ शपथ लेने के बाद नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण किया और प्रदेश के 2.80 करोड़ लोगों की सेवा करने का वादा किया। मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार संभाला।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका विकास’ संदेश को दोहराते हुए कहा कि मैं भावुक और नतमस्तक हूं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का संकल्प सर्वोपरि है। हरियाणा को सर्वश्रेष्ठ, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार सेवा, सुशासन, समानता, समृद्धि और गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित रहेगी। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने 10 वर्षों की एंटी-इनकंबेंसी को दरकिनार करते हुए राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल कर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए के कई नेताओं की उपस्थिति में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंत्रिपरिषद ने भी पंचकूला में 45 मिनट चले समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मंत्रिपरिषद में 11 कैबिनेट मंत्री और दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं। पंचकूला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 11 कैबिनेट मंत्रियों और दो स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों सहित मंत्रिपरिषद ने गुरुवार को शपथ ली राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सैनी और उनके मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। दो महिला कैबिनेट मंत्री आरती राव और श्रुति चौधरी पहली बार विधायक बनी हैं। आरती राव केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी हैं और श्रुति चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पोती हैं। श्रुति चौधरी ने अपनी मां किरण चौधरी के साथ हाल ही में भाजपा का दामन थामा था। किरण चौधरी अब राज्यसभा सदस्य हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के साथ अनबन होने के बाद किरण चौधरी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई थीं।   recent visitors 99