उज्जैन में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन, 90 अवैध मकानों को किया ध्वस्त

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ, नगर निगम और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी गई है. शहर में 90 अवैध मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई.  इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया. अधिकारियों का कहना है कि कई बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे मगर उन्होंने अवैध अतिक्रमण नहीं हटाए. उज्जैन के एडीएम अनुकूल जैन ने बताया कि जूना सोमवारिया क्षेत्र में सिंहस्थ 2016 के बाद से लगातार कई लोगों ने अतिक्रमण करने की कोशिश शुरू कर दी थी. जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा कई बार लोगों को हटाने और सिंहस्थ की जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए समझाइए दी गई. इसके बावजूद लोगों ने अतिक्रमण किया. बड़ी संख्या में पुलिस को किया तैनात उज्जैन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ-साथ नगर निगम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ के लिए जूना सोमवारिया क्षेत्र की उक्त जमीन काफी कीमती है. यहां पर कई प्रकार की योजना को अमली जामा पहनाया जा सकता है. एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी प्रकार की कोई विपरीत परिस्थिति निर्मित ना हो, इसके लिए 120 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है. अतिक्रमण हटाओं कार्रवाई के दौरान कई लोग बेहोश जिला प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त अभियान के तहत 90 मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है. इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जहां पर व्यावसायिक कार्य किया जाता था. इस दौरान कई लोग बेहोश गए. इलाके की रहने वाली शाहनवाज बी का मकान भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया. उनके मकान पर भी बुलडोजर चला दिया गया. इस दौरान वे बेहोश हो गई. इसी क्षेत्र में रहने वाले रहीम भाई ने बताया कि उन्होंने 5 साल पहले मकान बनाया था. अब उनका मकान टूटने के बाद उनके पास कोई आसरा नहीं है, जिसकी वजह से वे काफी परेशान है. recent visitors 85

बीयू के छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरों से निकालने हुई समिति का गठित

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के छात्रावास में पासआउट हो चुके विद्यार्थी अपने कमरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे नव प्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ऐसे अनाधिकृत विद्यार्थियों को छात्रावास से बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन ने समिति का गठन किया है। अब समिति विद्यार्थियों से कमरे खाली कराने की कार्रवाई करेगी। बीयू के जवाहर और मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। वर्तमान सत्र में उन्हें किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं मिल सका है। इसके कारण बीयू के छात्रावास में रहने की पात्रता नहीं रखते हैं। बीयू प्रबंधन को उन्हें छात्रावास के कमरों से बाहर करने में परेशानी आ रही है। इस संबंध में छात्रावास के चीफ वार्डन ने बीयू प्रबंधन से शिकायत की है। बीयू प्रबंधन ने छात्रावास में रहने वाले अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए समिति का गठन किया है। यह समिति छात्रावास के एक-एक कमरे में जाकर विद्यार्थियों का परीक्षण करेगी। जहां अनाधिकृत तौर पर रह रहे विद्यार्थियों से कमरों को खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विवि पुलिस की भी मदद ली जाएगी। हालांकि विवि ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को फीस भरने के लिए 21 अक्टूबर तक का समय दिया है। अगर इसके बाद भी जो विद्यार्थी फीस जमा नहीं करेंगे, उन्हें अनाधिकृत माना जाएगा। समिति में ये शामिल समिति का अध्यक्ष चीफ वार्डन हेमंत खंडई को बनाया गया है। उनके साथ सात सदस्यों में डॉ. अच्छेलाल, डॉ. सुनील स्नेही, डॉ. सीएस गर्ग, प्राक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्य, अनुशासन समिति के सभी सदस्य, सुरक्षा प्रभारी कपिल सोनी और सुरक्षा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शर्मा को शामिल किया गया है। नए विद्यार्थी हो रहे परेशान बीयू के विभागों में बाहर से आए नए विद्यार्थियों ने यूजी के प्रथम वर्ष और पीजी के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले लिया है, लेकिन पासआउस विद्यार्थियों द्वारा छात्रावास के कमरे खाली नहीं करने के कारण नए विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ये छात्र कमरे के लिए परेशान हो रहे हैं। पाठ्यक्रम पूरा कर चुके पुराने विद्यार्थियों और अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन द्वारा समिति गठित की गई है। इसके तहत कार्रवाई की जाएगी। चीफ वार्डन से अनाधिकृत विद्यार्थियों की संख्या मांगी गई है। – पवन मिश्रा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण समिति, बीयू recent visitors 72

भारत ने तीसरे दिन दूसरी पारी में 231 रन बना लिए, भारतीय बल्लेबाजों ने दिखाया दम, रोहित-कोहली, सरफराज की फिफ्टी

नई दिल्ली बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। पहले दिन बारिश की वजह से खेल नहीं हो सका, लेकिन दूसरे दिन टीम इंडिया ने 46 रनों पर घुटने टेक दिए थे और न्यूजीलैंड ने 130 रनों से ज्यादा की बढ़त हासिल कर ली थी। वहीं, तीसरे दिन न्यूजीलैंड ने फिर से दमदार खेल दिखाया और रचिन रविंद्र के शतक, टिम साउदी और डेवन कॉनवे के अर्धशतकों की बदौलत टीम ने 402 का स्कोर हासिल किया और 356 रनों की विशाल बढ़त हासिल की। इसके जवाब में भारत ने तीसरे दिन 49 ओवर में तीन विकेट खोकर 231 रन बना लिए हैं। विराट कोहली आखिरी गेंद पर आउट हुए। तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर सरफराज (70) क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने दूसरी पारी में अच्छी शुरुआत की। रोहित और यशस्वी के बीच पहले विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी हुई। यशस्वी 52 गेंद में 35 रन बनाकर आउट हुए। वहीं कप्तान रोहित शर्मा 63 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विराट कोहली और सरफराज के बीच शतकीय साझेदारी हुई। कोहली 102 गेंद में 70 रन बनाकर पवेलियन लौटे। सरफराज 78 गेंद में 70 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने बनाए 231 रन सरफराज खान और विराट कोहली की अर्धशतकीय पारियों और दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी से भारत ने अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट 231 रन बनाकर मैच में अच्छी वापसी की। पहली पारी में 356 रन से पिछड़ने वाली भारतीय टीम अब भी न्यूजीलैंड से 125 रन से पीछे है और उसके सात विकेट शेष है। विराट कोहली आखिरी गेंद पर हुए आउट भारत को पहले टेस्ट के तीसरे दिन आखिरी ओवर में बड़ा झटका लगा। टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली 102 गेंद में 70 रन बनाकर पवेलियन लौटे। फिलिप ने उन्हें आउट किया। recent visitors 131

हाइ कोर्ट ने मासूम से ज्यादती फिर सिर काटने वाले की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की युगलपीठ ने सागर अंतर्गत बंडा में मासूम बहन से दुष्कर्म के बाद सिर काटकर जघन्य हत्या के बहुचर्चित मामले में सत्र न्यायालय के फैसले को पलट दिया। मामला दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं आता है हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि यह मामला दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं आता है, जहां अपीलकर्ता को केवल मृत्युदंड ही दिया जाना उचित है। आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था ऐसा इसलिए भी क्योंकि घटना के बाद आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। वह समाज के वंचित श्रमिक वर्ग से आता है, अतएव उसकी सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि, शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए सजा बदली। एक बेहतर नागरिक बनने के लिए अवसर मिले इस आधार पर हाई कोर्ट का सुविचारित मत है कि मृत्युदंड के स्थान पर पश्चाताप से ग्रस्त एक युवा को सुधार करने और एक बेहतर नागरिक बनने के लिए इसी जीवन में अवसर मिलना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता ने पक्ष रखा इस मामले की सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता सागर, बंडा निवासी राम प्रसाद अहिरवार सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त व दिलीप सिंह परिहार ने पक्ष रखा। पेशेवर हत्यारा नहीं , उसका पहला अपराध था अधिवक्ता ने दलील दी कि सत्र न्यायालय ने इस मामले को विरल से विरलतम श्रेणी में रखकर मृत्युदंड जैसा अपेक्षाकृत कठोर फैसला सुना दिया। बावजूद इसके कि अपीलकर्ता राम प्रसाद अहिरवार एक पेशेवर हत्यारा नहीं है। यह उसका पहला अपराध था। मृतिका की वास्तविक आयु सिद्ध करने में भी विफल अभियोजन पक्ष मृतिका की वास्तविक आयु सिद्ध करने में भी विफल रहा है। आरोपित व्यक्ति समाज के वंचित वर्ग अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उसके माता-पिता की मजदूर पृष्ठभूमि से आते हैं। सामाजिक परिवेश के संदर्भ में देखा जाना चाहिए उनके लिए उपलब्ध शिक्षा और सामाजिक संपर्क का स्तर जातिगत गतिशीलता और हमारे समाज में मौजूद ग्रामीण शहरी विभाजन के सामाजिक परिवेश के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यद्यपि हत्या करना क्रूरता है लेकिन राम प्रसाद अहिरवार की आयु और उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने को भी ध्यान में रखना चाहिए। क्या था मामला नाबालिग 13 मार्च, 2019 को घर से स्कूल परीक्षा देने निकली थी। जब घर वापस नहीं लौटी तो 14 मार्च, 2019 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। गन्नी नामक युवक ने पुलिस को बताया कि वह रामभगत के खेत की ओर गया था, जहां एक बालिका का सिर कटा शव देखा है। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। इसी के साथ अपराध पंजीबद्ध किया गया। recent visitors 91

विराट कोहली टेस्ट में 9000 रन बनाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बने, सचिन-द्रविड़ और गावस्कर के क्लब में मारी एंट्री

बेंगलोरे भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी के अर्धशतकीय पारी खेलकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 9,000 रन पूरे कर लिए हैं। इस मैच से पहले उन्हें इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 53 रनों की जरूरत थी, पहली पारी में वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे। लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने संभलकर शुरुआत की और 15वीं गेंद पर पहला रन लिया। कोहली ने 70 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। विराट कोहली टेस्ट में 9000 रन बनाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। भारत के लिए सचिन, द्रविड़ और सुनील गावस्कर ये कारनामा कर चुके हैं। हालांकि कोहली सबसे ज्यादा पारियां खेलने के बाद इस उपलब्धि तक पहुंचे हैं। उन्होंने 197वीं पारी में ये कारनामा किया। वह टेस्ट में नौ हजार या उससे अधिक रन बनाने वाले 18वें बल्लेबाज भी बन गए हैं। इससे पहले विराट कोहली ने 2023 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अर्धशतक लगाया था। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अब तक अपने टेस्ट करियर में 116 मैच खेलते हुए 9000 से ज्यादा रन बनाए है जिसमें 29 शतक और सात दोहरा शतक शामिल है। उन्होंने 31 अर्धशतक भी लगाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 254 है। recent visitors 176

सीतारमण ने मैक्सिको के ग्वाडलजारा में टेक लीडर्स राउंडटेबल की अध्यक्षता की, बोली सभी के लिए अवसर पैदा करने की भी चुनौती है

मैक्सिको सिटी केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए, चुनौतियाँ केवल विकास के आसपास ही नहीं हैं, बल्कि अंतर को पाटना और सभी के लिए अवसर पैदा करना भी है, और इसके लिए जिम्मेदार पूंजीवाद की जरूरत है। श्रीमती सीतारमण ने आज ग्वाडलजारा के चैंबर ऑफ कॉमर्स में टेक लीडर्स राउंडटेबल की अध्यक्षता की, जिसमें 'भारत और मैक्सिको के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करना' पर चर्चा की गई। उन्होंने समान स्थिति वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसर और जिम्मेदारियों के बारे में बात की और बताया कि कैसे भारत मैक्सिको एक दूसरे के साथ लाभ उठा सकते हैं और सहयोग कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि मैक्सिको निकटवर्ती क्षेत्र के माध्यम से फल-फूल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच सहयोग हुआ है और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ जोखिम न्यूनीकरण के लिए संयुक्त प्रयास संभव हुए हैं। वित्त मंत्री ने 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करते हुए भारत में हो रहे तेजी से बदलाव पर प्रकाश डाला। भारत मैक्सिको के बीच विकास और सहयोग के नए क्षेत्रों का हवाला देते हुए श्रीमती सीतारमण ने उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के संबंध में की गई प्रमुख बजट घोषणा का उल्लेख किया और स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवा, कृषि और टिकाऊ शहरों में ए आई के क्षेत्रों में काम करने के लिए भारत में हाल ही में पहचाने गए और घोषित उत्कृष्टता केंद्र के बारे में जानकारी साझा की। वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं जो मैक्सिको के लिए भी प्रासंगिक हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत मैक्सिको भी स्टार्टअप के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग के माध्यम से इन क्षेत्रों में एक साथ काम करने का पता लगा सकता है। इस गोलमेज सम्मेलन का आयोजन मैक्सिकन एसोसिएशन ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री और टीसीएस द्वारा मैक्सिको में भारतीय दूतावास और आर्थिक मामलों के विभाग के सहयोग से किया गया था। इस बीच श्रीमती सीतारमण ने यहां स्थित टीसीएस के कार्यालय का भ्रमण किया और टाटा संस के मानद अध्यक्ष रतन टाटा को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। recent visitors 82

गुरुग्रंथ साहिब बेअदबी मामले में हाईकोर्ट की रोक हटी, शुरू होगा ट्रायल, सुप्रीम कोर्ट से गुरमीत राम रहीम को बड़ा झटका

नई दिल्ली डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और बलात्कार के दोषी बाबा राम रहीम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में राम रहीम के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर लगी रोक को हटा दिया है. इस फैसले से अब राम रहीम के खिलाफ इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी. सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन शामिल थे, ने हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे को खत्म कर दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने राम रहीम को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब देने को कहा है. यह मामला बरगाड़ी में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित है, जिसमें राम रहीम पर गंभीर आरोप लगे हैं. मार्च में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में तीन मुकदमों की जांच पर रोक लगा दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है. पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. गौरतलब है कि राम रहीम को हर चुनाव से पहले फरलो पर रिहा किया जाता रहा है, जिससे उसे थोड़ी राहत मिलती थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं, और अब निचली अदालत में उसके खिलाफ ट्रायल जारी रहेगा. पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि इस संवेदनशील मामले में न्याय होना जरूरी है, क्योंकि यह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है. सरकार ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जांच पर रोक लगाने से मामले की सुनवाई बाधित हो रही है और इससे न्याय प्रक्रिया में देरी हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलीलों को स्वीकारते हुए हाईकोर्ट की रोक को हटा दिया और राम रहीम के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर ट्रायल फिर से शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब निचली अदालत में राम रहीम के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यह मामला बेहद संवेदनशील है और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, राम रहीम पहले से ही अन्य मामलों में दोषी हैं, और इस नए ट्रायल से उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं.   recent visitors 174