मोटिवेशनल स्पीकर मुंबई के लोकप्रिय इंफ्लूएंसर मुनव्वर जमा और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया

सिकंदराबाद सिकंदराबाद के कुम्मारिगुडा में मुथ्यालम्मा मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद हैदराबाद पुलिस ने मुंबई के लोकप्रिय इंफ्लूएंसर मुनव्वर जमा और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन लोगों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और नफरत फैलाने का आरोप लगा है। दो अन्य लोगों में अब्दुल रशीद बशीर अहमद और रहमान का नाम शामिल है। ये दोनों रेजिमेंटल बाजार में मेट्रोपोलिस होटल के मालिक और प्रबंधक हैं। पुलिस ने कहा कि वे एक महीने तक चलने वाले इस कार्यशाला के आयोजन की आड़ में हिंदुओं के प्रति नफरत भड़काया गया। पुलिस के अनुसार भारत के विभिन्न हिस्सों से 151 लोग आए थे। उनमें सलमान सलीम ठाकुर उर्फ ​​सलमान भी शामिल था, जिसने 14 अक्टूबर को मंदिर में घुसकर एक स्थानीय देवता की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। उसे स्थानीय लोगों ने ऐसा करते हुए पकड़ लिया और पुलिस को सौंपने से पहले उसकी पिटाई कर दी। उसका वर्तमान में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अब इसमें शामिल होने वाले अन्य व्यक्तियों और जमा के पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रही है। मुनव्वर ज़मा ने न केवल धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया, बल्कि उन्होंने प्रतिभागियों को दंगे भड़काने के लिए उकसाया। गोपालपुरम पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर एल सुरेश ने कहा, "उन्होंने सलमान को मुथ्यालम्मा मंदिर में देवी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए भी उकसाया।" जमा ने कार्यशाला आयोजित करने की अनुमति नहीं ली थी। बशीर और रहमान ने आयोजित करने में उनकी मदद की। पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। तीनों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उन पर धारा 299 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं का अपमान या अपमान), 192 (दंगा भड़काने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण या बेवजह उकसावा), 196 (विभिन्न आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी और घृणा को बढ़ावा देना), 223 (लोक सेवकों के आदेशों की अवहेलना करना जिससे बाधा या खतरा हो सकता है) और बीएनएस की धारा 49 (अपराध करने के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम सम्मेलन की रिकॉर्डिंग, प्रतिभागियों को वितरित की गई सामग्री और कई अन्य विवरणों की भी जांच कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों को होटल के 49 कमरों में ठहराया गया था। पुलिस ने अब तक पाया है कि ज़ामा इंग्लिश हाउस अकादमी का संस्थापक है और खुद को एक प्रेरक वक्ता और व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक के रूप में पहचानता है। recent visitors 189

नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली तो अरविंद शर्मा को भी मंत्री बनाया गया, यहां की जलेबी हुई थी मशहूर

गोहाना गोहाना की विशाल जलेबी और हरियाणा चुनावों के बीच एक मीठा संबंध बन गया था। पूरे चुनाव के दौरान इसकी खूब चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी भाषणों में इसका जिक्र किया था। हलांकि जिस दिन नतीजे सामने आए उस दिन यह सीट भाजपा की झोली में गई। अरविंद शर्मा यहां से विधायक बने। आज जब नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली तो अरविंद शर्मा को भी मंत्री बनाया गया। डॉ. अरविंद शर्मा 1996 में सोनीपत लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर सियासी दिग्गजों को चौंका दिया था। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए और करनाल से 2004 और 2009 में फिर सांसद बने। 2014 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में चले गए। हालांकि वह विधानसभा चुनाव भी हार गए। 2019 में वह भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने रोहतक लोकसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा को 7503 मतों से हराया। 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें गोहाना से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने तीन बार के कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक को चुनाव हराया। गोहाना की मशहूर जलेबी को 1958 में मातू राम गोहाना में लेकर आए थे। अब इसे मातू राम की तीसरी पीढ़ी चला रही है। जलेबी शुद्ध देसी घी से बनाई जाती है। ये कुरकुरी और रसभरी होती है और हर का वजन लगभग 250 ग्राम होता है। यह मिठाई एक हफ्ते से अधिक समय तक रखी जा सकती है। चुनावों के दौरान नेताओं की ओर से भारी ऑर्डर आते हैं, जबकि उनमें से कुछ लोग मिठाई खाने के लिए गोहाना की दुकान पर जाना पसंद करते हैं। राहुल ने किया था जिक्र गोहाना में एक चुनावी रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रसिद्ध जलेबी निर्माता मातू राम हलवाई का डिब्बा दिखाते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी जलेबी पूरे देश में बेची जानी चाहिए और निर्यात की जानी चाहिए। इससे अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लोकसभा चुनाव में PM ने साधा था निशाना इससे पहले, मई में गोहाना में लोकसभा चुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए मातू राम की जलेबी का जिक्र किया था। विपक्षी इंडिया गठबंधन पर हमला करते हुए मोदी ने तब कहा था कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो उनके पास पांच साल में पांच प्रधानमंत्री बनाने का फॉर्मूला है। उन्होंने कहा, उनसे पूछो क्या प्रधानमंत्री का पद हमारी मातू राम की जलेबी है? चौधरी देवीलाल भी जलेबियों के शौकीन रहे पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल भी मातू राम की जलेबियों के शौकीन थे। हरियाणा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी और कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा कुछ देर के लिए इस दुकान पर रुके थे। recent visitors 153

SGPC ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा किया रद्द

अमृतसर SGPC  ने तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार पद से ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा दिया इस्तीफा रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरप्रीत सिंह की सेवाओं की बहुत जरूरत है। वह ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा रद्द करते है। उन्होंने हरप्रीत सिंह से अनुरोध किया गया कि वह उनका नेतृत्व करते रहें।         एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कई वर्षों से एस.जी.पी.सी. सिख मुद्दों का प्रतिनिधित्व करती आ रही है। वहीं एस.जी.पी.सी. सभी तख्त साहिबानों के जत्थेदारों का दिल से सम्मान करती है। उनका कहना है कि सिखों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और सभी को मिल कर एस.जी.पी.सी. को बचाना होगा।   एसजीपीसी ने की प्रेस कांफ्रेंस एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने आज प्रेस कान्फ्रेंस की और उसमें कहा कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सेवाओं की अभी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को बहुत जरुरत है। वह अलग अलग पदों के लिए सलाह भी करते हैं और उनकी अगुवाई भी करते हैं। इसीलिए वह उनके अपील करते हैं कि जैसे पांच सिंह साहिबान अगुवाई करते हैं वैसे आपको भी करनी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में जो भी श्री अकाल तख्त साहिब आता है तो एक चिट्ठी पकड़ा जाता है और फिर खुद ही इसका अपने तरीके से व्याख्यान कर जाते हैं। खुद ही कंप्लेंटेंट और खुद ही जज बन जाते हैं। लोग पंथ के पास आकर सियासी रोटियां सेक रहे हैं। इसीलिए पंथ के ओहदेदारों से अपील है कि वह सार्थक रोल अदा करें। हरजिंदर सिंह ने बताया कि कल रात को भी फोन कर ज्ञानी हरप्रीत सिंह को बता दिया गया था कि उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाना है। उनकी सेवाएं बहुमूल्य हैं। उन्होंने कहा कि बतौर पोलिटिशन बोलते रहो, लेकिन तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सत्कार योग्य हैं, तो कोई भी बात करनी है तो फिर पब्लिकली ना की जाए। उन्होंने कहा कि सिंह साहिब के आदेशों के अनुसार, अंदर रहकर बात की जाए और पब्लिकी ना की जाए। क्योंकि पब्लिक तक बात जाती है तो वह भयंकर रुप धारण कर लेती है। । उन्होंने कहा कि जत्थेदार कौम की अगुवाई करते हैं। बड़ी सेवाओं को मुख्य रखते हुए अगुवाई करने वाले सारे सम्मानीय है और इनकी मर्यादा भी है। उन्होंने अंत में कहा कि ववह सीधे तौर पर कहना चाहते हैं कि वह विश्वास दिलवाते हैं कि वह ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ हैं और उन्हें अगुवाई करते रहने के लिए अपील करते हैं। भावुक हो गए थे हरप्रीत सिंह आपको बता दें कि, ज्ञानी हरप्रीत सिंह बेहद भावुक होकर कहा था कि कि बीते दिन विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से आदेश दिए गए थे। लेकिन उसके बाद भी लगातार हर घंटे उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और उसके परिवार को नंगा करने के बारे में कहा जा रहा है और उनकी बेटियों के बारे में भी बोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह विरसा सिंह वल्टोहा से डरने वाले नहीं है लेकिन विरसा सिंह वल्टोहा का साथ शिरोमणि अकाली दल का सोशल मीडिया विंग कर रहा है और अकाली दल के नए लीडर कर रहे हैं जिनका पंथक परम्पराओं से कोई लेना देना नहीं हो वह उनका साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरसा वल्टोहा से वो डरने वाले नहीं है लेकिन अकाली दल के थर्ड क्लास नेताओं का उसका साथ देना उन्हें बेहद दुखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह बेटियों के पिता भी हैं, इसीलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एसजीपीसी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने उनका साथ दिया, वह सोच भी नहीं सकते थे कि विरसा सिंह वल्टोहा इतना ज्यादा गिर जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के एजेंट होने का आरोप लगाने की जो कोशिश उनकी असफल रही उसके बाद अब वह घटिया हरकतों पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि वह पंथ के लोगों को जानकारी देना चाहते थे और अपनी संस्था का हमेशा सम्मान करते रहे हैं और करते रहेंगे। अकाल तख्त ने दिए थे इस्तीफा नामंजूर करने के आदेश इसके बाद कल देर शाम ही श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसजीपीसी को आदेश दिए थे कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा नामंजूर कर दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनका इस्तीफा मंजूर किया गया तो पांचों सिंह साहिबान इस्तीफा देने के लिए मजबूर होंगे। गौरतलब है कि तख्त श्री दमदमा साहिब से ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जत्थेदार के पद से अपना इस्तीफा दे दिया था। ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर लगातार विरसा सिंह वल्टोहा द्वारा सवार उठाए जा रहे थे। इसके बाद ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भावुक होते हुए बयान दिया और वीडियो जारी कर अपना इस्तीफा देने की पुष्टि की। उन्होंने विरसा सिंह वल्टोहा द्वारा निचले स्तर की बयानबाजी को अपने इस्तीफे का कारण बताया। इसके साथ ही कहा कि वल्टोहा द्वारा उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। यहां तक की उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं।       recent visitors 115

धान की खरीद न होने के विरोध में भाकियू उगराहां ने फ्री करवाया दप्पर टोल प्लाजा

सिद्धपुर  भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने पूरे पंजाब में धान की उचित खरीद व भुगतान न होने पर गुरुवार को सभी टोल फ्री करवा दिए। लालड़ू में  ब्लाक प्रधान लखविंदर सिंह हैप्पी मलकपुर के नेतृत्व में किसानों ने दप्पर टोल प्लाजा पर धरना लगा दिया। इस दौरान किसानों ने टोल के सभी लेन मुक्त कर दिए। यूनियन के किसान नेता लखविंदर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों किसान सुबह करीब दस बजे दप्पर टोल प्लाजा पर पहुंचे। किसानों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दरियां बिछाकर बैठ गए। किसानों ने पंचकूला में शपथ ग्रहण समारोह में जा रहे बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने भी नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। वाहन चालक इस दौरान बिना टोल दिए निकलते रहे। किसानों ने बताया कि धान की उचित खरीद व भुगतान न होने के कारण किसान मंडियों मे बेहद परेशान हैं। किसानों ने लालडू मार्केट कमेटी के गेट को लगाया ताला भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर ब्लॉक डेराबस्सी के किसानों ने धान की खरीद, उठाने और भुगतान न होने को लेकर मार्केट कमेटी लालडू को ताला लगा दिया है। इस मौके पर किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेता जसविंदर सिंह टिवाणा ने बताया कि पिछले कई दिनों से स्थानीय अनाज मंडियों में धान की खरीद, उठान और भुगतान न होने को लेकर किसान बहुत परेशान हैं। जिसके चलते उन्होंने आज मार्केट कमेटी लालडू दफ्तर को ताला लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्या का हल नहीं होता वे अपना रोष प्रदर्शन जारी रखेंगे। इस मौके पर काफी संख्या में किसान मौजूद थे।   recent visitors 76

फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए भेजा गया आईईडी बम बरामद हुआ

फाजिल्का फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए भेजा गया आईईडी बम बरामद हुआ है। आरडीएक्स से भरी इस खेप में बम के साथ बैटरियां और टाइमर भी हैं। बम जब बीएसएफ को मिला तो उसे बरामद करने के बाद स्टेट स्पेशल सेल को सौंप दिया गया है। इसके बाद वे मामले की जांच कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार फाजिल्का के अबोहर सेक्टर के भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र बहादुर के पास ड्रोन की मूवमेंट देखी गई। इसकी जानकारी बीएसएफ को मिली तो बीएसएफ ने इलाके की तलाशी ली। तलाशी के दौरान इलाके से एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बम बरामद हुआ है। टिन के डिब्बे में मिला एक किलो आरडीएक्स दरअसल एक टिन का डिब्बा मिला है जिसमें करीब एक किलो आरडीएक्स भरा हुआ है। जिसके साथ बैटरियां और टाइमर भी हैं। बीएसएफ द्वारा इसकी बरामदगी के बाद इसे फाजिल्का के स्टेट स्पेशल सेल थाने को सौंप दिया गया है। वे मामले की आगे की जांच कर रहे हैं कि आखिर यह बम पाकिस्तान से भारत क्यों भेजा गया था। पहले भी बरामद हो चुके हैं टिफिन बम उल्लेखनीय है कि इससे पहले फिरोजपुर के गांव चांदीवाला से टिफिन बम और जलालाबाद के सीमावर्ती गांव से टिफिन बम पकड़े जा चुके हैं।  जलालाबाद में टिफिन बम से सब्जी मंडी में विस्फोट भी किया गया था लेकिन वह विस्फोट सफल न हो सका और बम रखने वाला ही जान गंवा बैठा था। फिरोजपुर के गोबर मंडी में भी टिफिन बम से विस्फोट किया गया था लेकिन इसमें कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ था recent visitors 73

आज मथुरा में दर्दनांक सड़क हादसा, चार मजदूरों की मौत, पांच लोग घायल, सीएम योगी ने तुरंत लिया संज्ञान

लखनऊ यूपी के मथुरा में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। सीएम योगी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बता दें कि मथुरा में गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई और 5 लोग घायल हुए। मृतकों में दो महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं। सभी मृतक और घायल बिहार के गया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार ये मजदूर अलीगढ़ से कोसी होकर मजदूरी करने पिकअप में सवार होकर हरियाणा को जा रहे थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब पांच बजे वाहन चालक को नींद की झपकी लगी और पिकअप बिजली के खंभे से जा टकराई और यह हादसा हुआ। खंभे में टकराते ही गाड़ी में करंट दौड़ गया, इसके बाद लोग डरकर लोग इधर-उधर कूदने लगे। इसी बीच, करंट से बचने के लिए पिकअप चालक ने गाड़ी बैक किया और सड़क पर गिरे लोगों को कुचल दिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं, घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।   recent visitors 80

राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने पर NC विधायक के खिलाफ जांच के आदेश

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक हिलाल अकबर लोन (Hilal Akbar Lone) पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं होने का आरोप लगा है। इस मामले की वीडियो सामने आने के बाद कश्मीर प्रशासन ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। लोन पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने का आरोप लगा है। शीर्ष खुफिया सूत्रों ने न्यूज 18को बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोनावारी से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हिलाल अकबर लोन के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। लोन बुधवार (16 अक्टूबर) को राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए थे। बताया जा रहा है कि श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कुछ लोग राष्ट्रगान बजने के दौरान खड़े नहीं हुए थे। लोन उनमें से एक थे। रिपोर्ट की सत्यता का पता लगाने के लिए घटना के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया। पूछताछ करने पर लोन ने बताया कि वह मेडिकल कंडीशन की वजह से नहीं उठा। हालांकि, न्यूज18 को सूत्रों ने बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले ही वह मीडिया को इंटरव्यू देते हुए खड़ा होकर बात कर रहे थे। सूत्रों ने यह भी कहा कि कार्यक्रम की पूरी फुटेज खंगाली जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि राष्ट्रगान के दौरान कौन-कौन लोग खड़े नहीं हुए। CNN-न्यूज18 ने SKICC में औपचारिक सपथ ग्रहण समारोह से ठीक 30 मिनट पहले टेलीविजन इंटरव्यू को एक्सेस किया है। इसमें लोन कह रहे थे कि यह एक शानदार शुरुआत है और उन्हें जम्मू-कश्मीर के विकास, आर्टिकल 370 और पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में यह पहली चुनी हुई सरकार है। 54 वर्षीय अब्दुल्ला ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली जिनमें से तीन मंत्री जम्मू क्षेत्र के और दो कश्मीर घाटी के हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में सुरेंद्र चौधरी का चयन हुआ है। NC के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस ने फिलहाल नई सरकार में कोई मंत्री पद नहीं लेने का फैसला किया है। छह साल के प्रत्यक्ष केंद्रीय शासन को समाप्त करने वाली नई जम्मू-कश्मीर सरकार में अधिकतम नौ मंत्री हो सकते हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डल झील के किनारे शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में अब्दुल्ला और उनके मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दूसरी बार मुख्यमंत्री बने उमर अपने दादा शेख अब्दुल्ला और पिता फारूक अब्दुल्ला के बाद इस पद पर आसीन होने वाले अब्दुल्ला परिवार की तीसरी पीढ़ी के नेता हैं। वह इससे पहले 2009 से 2014 के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे, जब यह पूर्ण राज्य हुआ करता था। recent visitors 100