एशेज सीरीज का जारी हुआ शेड्यूल, 43 साल में पहली बार होगा ऐसा, ऑस्ट्रेलिया ने चली बड़ी चाल

 मेलबर्न क्रिकेट की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी टेस्ट सीरीज यानी एशेज सीरीज के शेड्यूल का ऐलान हो गया है. क्रिकेट की दो चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों ऑस्ट्रेल‍िया-इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज अगले साल नवंबर के अंत में पर्थ में शुरू होगी. खास बात यह है कि 43 साल में पहली बार पर्थ किसी एशेज सीरीज के पहले मैच की मेजबानी करने जा रहा है. पांच मैचों की सीरीज 21 नवंबर को पर्थ में शुरू होगी, जबकि शेष चार टेस्ट मैच ब्रिस्बेन (दिन-रात्रि टेस्ट), एडिलेड, मेलबर्न और सिडनी में खेले जाएंगे. इंग्लैंड ने 2010-11 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में कोई सीरीज नहीं जीती है, दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बीच सबसे हालिया सीरीज इंग्लैंड की धरती पर खेली गई थी. जो 2-2 से बराबरी पर छूटी थी. यह सीरीज अगले आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप अवधि (2025-27) का हिस्सा होगी. वहीं इस सीरीज में इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट पर भी सभी निगाहें होंगी, क्योंकि दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में 35 बार शतक तक पहुंचने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अभी तक शतक नहीं बनाया है. इंग्लैंड ने 2015 में पूर्व सलामी बल्लेबाज एल‍िएस्टर कुक की कप्तानी में घरेलू धरती पर जीत हासिल करने के बाद से एशेज पर कब्जा नहीं किया है. वैसे इस साल भारतीय टीम ऑस्ट्रेल‍िया का दौरा करने जा रही है. इस दौरान वह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 टेस्ट मैच खेलेगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि 22 नवंबर से ही पहला टेस्ट मैच पर्थ में ही होगा. ऑस्ट्रेलिया में एशेज अभियान पिछली बार ब्रिस्बेन के अलावा किसी अन्य शहर में 1982-83 में शुरू हुआ था। पर्थ के वाका स्टेडियम में मैच खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में खेले गए पिछले आठ एशेज टेस्ट जीते हैं। इनमें से दो में उसे पारी से जीत मिली थी। 2013-14 में इंग्लैंड की 150 रन की हार थी, जब ऑस्ट्रेलिया ने फिर से एशेज ट्रॉफी जीती थी। गाबा में दूसरा टेस्ट ब्रिस्बेन का तीसरा डे-नाइट मेंस टेस्ट होगा, इससे पहले उसने पाकिस्तान (2016) और श्रीलंका (2019) के खिलाफ मैच खेले थे। एशेज सीरीज 2025-26 का शेड्यूल पहला टेस्ट: पर्थ स्टेडियम, 21-25 नवंबर दूसरा टेस्ट: गाबा, 4-8 दिसंबर तीसरा टेस्ट: एडिलेड ओवल, 17-21 दिसंबर चौथा टेस्ट: मेलबर्न (एमसीजी), 26-30 दिसंबर पांचवां टेस्ट: स‍िडनी (एससीजी), 4-8 जनवरी recent visitors 132

सरकार ने ले लिया बड़ा फैसला, अब ऐसे होगा स्पेक्ट्रम आवंटन, नीलामी नहीं होगी

नई दिल्ली भारत में सैटेलाइट इंटरनेट और कम्युनिकेशन को लेकर बीते दिनों मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो और अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के बीच स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया को लेकर भिड़त देखने को मिली। इसके बाद सरकार की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। एलन मस्क ने मौजूदा नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी और अब टेलिकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की है कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए कोई ऑक्शन नहीं होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने स्पेक्ट्रम नीलामी को सही ठहराया था लेकिन अमेरिकी अरबपति एलन मस्क ने इस प्रक्रिया को गलत बताते हुए सिरे से नकार दिया था। मस्क ने भारत में नीलामी की इस प्रक्रिया की आलोचना की थी और कहा था कि भारत को ग्लोबल नियमों का पालन करना चाहिए। दरअसल, एलन मस्क भी भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में अपनी कंपनी स्टारलिंक के साथ एंट्री की कोशिश में लगे हैं। नीलामी के बजाय अब ऐसे होगा आवंटन भारतीय टेलिकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एलन मस्क और भारत की टेलिकॉम कंपनियों के बीच खींचतान के बीच एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन किसी नीलामी के जरिए नहीं, बल्कि एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से किया जाएगा। यानी कंपनियों के अपने पसंदीदा स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए ज्यादा से ज्यादा बोली लगाने का विकल्प नहीं मिलेगा और सरकार निर्धारित करेगी कि स्पेक्ट्रम कैसे शेयर किए जाने हैं। इस आधार पर मस्क ने जताई थी नाराजगी एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक स्पेक्ट्रम के एडमिनिस्ट्रेटिव आवंटन का समर्थन शुरू से ही करती रही है और अमेजन कूपन जैसी कई कंपनियां भी इसी ग्लोबल तरीके का पक्ष लेती हैं। हालांकि, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल लगातार नीलामी से जुड़ी प्रक्रिया का समर्थन कर रहे थे। मस्क ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि यूनाइटेड नेशंस की एजेंसी इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को शेयर करते हुए नॉमिनेट करने की बात कही है। भारत भी ITU का सदस्य है, ऐसे में स्पेक्ट्रम की नीलामी का कोई मतलब नहीं बनता। नीलामी के पक्ष में इसलिए है रिलायंस जियो मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो का कहना है कि वह सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना चाहता है और इसीलिए नीलामी की प्रक्रिया का पक्षधर है। भारती एयरटेल चेयरमैन ने भी कहा था कि नीलामी की प्रक्रिया बेहतर है क्योंकि जो सैटेलाइट कंपनियां शहरी क्षेत्रों में आने की तैयारी कर रही हैं, उन्हें भी दूसरी की तरह टेलिकॉम स्पेक्ट्रम खरीदने की जरूरत है। मस्क लगातार माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर नीलामी के प्रक्रिया पर कटाक्ष कर रहे थे और इसकी आलोचना कर रहे थे। बता दें, सरकार ने साफ कर दिया है कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से आवंटित होंगे और नीलामी नहीं की जाएगी। साफ है कि सरकार भी इस मामले में ग्लोबल ट्रेंड फॉलो करने जा रही है। recent visitors 79

निर्मला सप्रे का स्पष्टीकरण: विधानसभा अध्यक्ष को लिखित जवाब, कहा- ‘न मैंने कांग्रेस छोड़ी, न बीजेपी जॉइन की

Nirmala Sapre’s clarification: Written reply to the Assembly Speaker, said- ‘Neither I left Congress, nor joined BJP’ भोपाल। मध्य प्रदेश की विधायक Nirmala Sapre’s clarification के दलबदल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में जवाब दिया है। निर्मला ने कहा कि न मैंने कांग्रेस छोड़ी है और न बीजेपी ज्वाइन की है। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान Nirmala Sapre’s clarification ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुई थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसे लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा में आवेदन दिया था। विधानसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया था। लिखित जवाब में क्या कहा? विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अपने लिखित जवाब में सप्रे ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी के प्रति हमेशा रही है और रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कुछ तत्व भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, “कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए मेरे नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैं इसे पूरी तरह से खारिज करती हूं और कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी और समर्पण को दोहराती हूं।” राजनीतिक हलकों में हलचल निर्मला सप्रे की इस प्रतिक्रिया के बाद, राज्य की राजनीति में कई अटकलों पर विराम लग गया है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर राहत की सांस ली है, क्योंकि सप्रे पार्टी की एक वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता मानी जाती हैं। बीजेपी खेमे में भी इस खबर को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन अब सप्रे के इस बयान से यह साफ हो गया है कि उन्होंने कोई दल नहीं बदला है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का दो बार जवाब नहीं दिया था। नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एक सप्ताह का समय दिया था। निर्मला ने 10 अक्टूबर को बंद लिफाफे में उत्तर भेजा। नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे ने जवाब देते हुए कहा था कि मैंने दलबदल नहीं किया है। इस मामले की सुनवाई अब विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर 21 अक्टूबर को कर सकते हैं। स्पीकर कांग्रेस से दलबदल के सबूत पेश करने को कह सकते हैं। Read More : https://mysecretnews.com/mining-department-running-with-half-staff/ recent visitors 145

Ayodhya:रामलला के दरबार में इजरायली राजदूत रियुवेन ने लगाई हाजिरी

 अयोध्या इजरायल में भारत के राजदूत रियुवेन अजार बुधवार सुबह ही अयोध्या पहुंचे और राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए। वह अपनी पत्नी के साथ रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद कई श्रद्धालुओं से भी बात की। उन्होंने कहा कि इस इजरायल हमेशा से भारत की संस्कृति का सम्मान करता रहा है और यह लोगों के आपस में जुड़े का एक बड़ा माध्यम भी है। रियुवेन अजार ने कहा कि मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन का सौभाग्य मिला है। मैं यहां आकर श्रद्धालुओं को देखकर भी अभिभूत हूं, जो हर दिन इतनी बड़ी संख्या में आते हैं। उन्होंने कहा, 'इजरायल और भारत के लोग प्राचीन काल से ही साथ हैं। उनकी संस्कृति, विरासत और परंपरा प्राचीन हैं। जैसे हमें अपनी विरासत पर गर्व है, उसी तरह आपको भी अपनी विरासत पर प्राउड है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि समर्पण और गर्व का भाव ही आपको शक्ति प्रदान करता है। इसीलिए मैं यहां आया हूं और देखा कि लोगों का कैसे भाव भगवान राम की भक्ति को लेकर है।' उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण को लेकर हुए संघर्ष पर भी संकेतों में ही बात की। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलते इजरायली राजदूत इजरायली राजदूत ने कहा, 'जैसा कि हम कहते हैं कि स्थान का बहुत महत्व होता है। ऐसा इसलिए कि यह कोई कल्पना की बात नहीं है। इतिहास में यहां चीजें हुईं हैं और लोग उसे हर दिन याद करते हैं। साल दर साल वह परंपरा चलती जाती है और हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाती है। इजरायल के राजदूत के तौर पर यह अहम है कि हम यहां आए और भगवान के दर्शन किए। इसके अलावा लोगों से मुलाकात की। मैं यहां अपनी पत्नी के साथ आया हूं और भारतीय संस्कृति को गहराई से समझने का प्रयास किया है।' इजरायली अधिकारी ने मंगलवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। recent visitors 102

प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को योजना के तहत पक्के मकान बनाने का सपना साकार हो रहा

कोडरमा प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को काफी फायदा हो रहा है। इस योजना के तहत लोगों को पक्के मकान बनाने का सपना साकार हो रहा है। योजना से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें अपना पक्का मकान मिलेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सपनों को पूरा करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना वर्टिकल 3 के तहत भूमिहीनों को पक्का मकान मुहैया कराया जा रहा है। कोडरमा में 120 आवास और झुमरी तिलैया में 80 आवास इस योजना के अंतर्गत बनाए गए हैं। इन आवासों में 333 वर्ग फुट में 1 बीएचके का फ्लैट बनाया गया है, जिसकी लागत लगभग 5.5 लाख रुपये है। घर बनाने के लिए लाभार्थियों को लोन दिया जाता है, जिसे वो किस्तों में चुकाते हैं। योजना से लाभान्वित एक लाभार्थी ने बताया कि हमने खपड़े के बने ऐसे ठिकानों में गुजारा किया, जहां बारिश के मौसम में घर चूने लगता था। हमें हमेशा डर लगा रहता था कि आंधी-तूफान में हमारा घर गिर जाएगा, लेकिन अब हमें पक्का मकान मिल गया है। बारिश और तूफान में अब हम बेफिक्र हैं। एक अन्य लाभार्थी ने बताया कि उनकी कमाई सीमित थी और वह जो भी कमाते थे वह परिवार के भरण-पोषण में ही खत्म हो जाता था। लेकिन, पीएम आवास योजना के तहत उन्हें 2 लाख 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली, जिससे उन्होंने अपने सपनों का आशियाना बनाया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए काफी लाभकारी है और इसके माध्यम से उन्हें पक्का मकान बनाने का सपना पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले हर परिवार को आवास प्रदान करना है। ताकि, उन्हें किराये का घर में नहीं रहना पड़े।   recent visitors 65

बिजली चोरी : 3 लाख 95 हजार का बिल जारी, राशि जमा नहीं करने पर होगी जेल

भोपाल शहर में बिजली चोरी पर कंपनी ने की कड़ी कार्यवाही रिलायबल पैथ लैब में डायरेक्ट तार डालकर की जा रही थी बिजली चोरी, हुई कड़ी कार्यवाही बिजली चोरी  : 3 लाख 95 हजार का बिल जारी, राशि जमा नहीं करने पर होगी जेल भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मंगलवार को सघन चैकिंग अभियान के दौरान भोपाल शहर में डायरेक्ट तार डालकर बिजली का अनधिकृत उपयोग करने वालों पर कार्रवाई की गई। लालघाटी क्षेत्र के जैन नगर स्थित रिलायबल पैथ लैब के संचालक रामस्वरूप राजपूत के विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर 3 लाख 95 हजार का बिल जारी किया गया है। गौरतलब है कि इन दिनों मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में बिजली चोरों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाकर विद्युत चोरी, अनधिकृत टैरिफ उपयोग एवं मीटर बायपास के प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में कंपनी ने शहर वृत्त भोपाल के उत्तर संभाग अंतर्गत इमामीगेट जोन के अतंर्गत जैन नगर, लालघाटी, म.नं.234 स्थित रिलायबल पैथ लैब बिल्डिंग के बेसमेंट में चेकिंग के दौरान गैर घरेलू उपयोग के लिये डायरेक्ट तार डालकर अनधिकृत रूप से विद्युत की चोरी की जा रही थी। कंपनी द्वारा प्रतीक बडकुल के परिसर में किरायेदार रामस्वरूप राजपूत द्वारा 7.745 किलो वॉट विधुत भार का अनधिकृत उपयोग गैर घरेलू उद्देश्य (पेथ लैब) में किया जा रहा था। कंपनी के सहायक प्रबंधक अरूण शर्मा एवं जांच टीम द्वारा मौके पर ही विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत डायरेक्ट विद्युत चोरी का प्रकरण दर्ज कर विद्युत सप्लाई विच्छेदित की गई एवं प्रकरण में लैब संचालक को मौके पर ही 3 लाख 95 हजार रूपये का बिल जारी किया गया। उल्लेखनीय है कि बिजली कंपनी द्वारा चोरी के विरूद्ध लैब संचालक को जारी की गई क्षतिपूर्ति की राशि जमा नहीं की जाती है तो प्रकरण को विशेष विद्युत न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा। विद्युत चोरी के प्रकरणों में राशि जमा न करने पर 3 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी आम लोगों से आग्रह किया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत या अवैध रूप से बिजली का उपयोग न करें। बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।   recent visitors 83

अन्नदाता किसान भाई-बहनों को ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर हार्दिक अभिनंदन: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 'विश्व खाद्य दिवस' पर किसानों का अभिनंदन किया है। डॉ यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, 'भारतीय संस्कृति में हमारे ऋषियों-पूर्वजों ने प्राणीमात्र को सम्मानपूर्वक भोजन कराने से परमात्मा की सेवा हो जाने की विराट दृष्टि दी है। 'सबको भोजन' की सुनिश्चितता हेतु दिन-रात परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले अन्नदाता किसान भाई-बहनों और समाजसेवी बंधुओं का 'विश्व खाद्य दिवस' पर हार्दिक अभिनंदन करता हूं।' उन्होंने कहा कि हम सभी 'बेहतर जीवन और भविष्य के लिए भोजन का अधिकार' के मंत्र के साथ भूख व कुपोषण से मुक्त भारत बनाने का प्रण लें।   recent visitors 58