अब हरियाणा का मौसम तेजी से बदल रहा है, लगातार शीतलहर का दौर जारी, ठंड ने दस्तक दे दी

हिसार हरियाणा में ठंड ने दस्तक दे दी है। लगातार हरियाणा में शीतलहर का दौर जारी है। आपको बता दें, अब हरियाणा का मौसम तेजी से बदल रहा है। बिना बारिश के भी न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके चलते सुबह सवेरे और रात के समय ठंड का अहसास होने लगा है।   बता दें, बीते सोमवार हरियाणा में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम रहा। वहीं आर बात करें न्यूनतम तापमान की तो वो हरियाणा में 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हैरान कर देने वाली बात तो यह भी है कि हरियाणा में शीतलहर के दौर में बारिश की भी संभावनाएं हैं। जिसके चलते हरियाणा के तापमान में और भी अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विभोक्ष सक्रिय होता नजर आ रहा है। ये असरदार साबित हो सकता है।जिसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा में बारिश और बूंदाबांदी के भी आसार हैं। जिससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। recent visitors 84

मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में 22 जिलों से बसों में आवागमन करने वाले लोगों को मिलेगा भोजन पैक्ड, पानी मिले

चंडीगढ़(धरणी) हरियाणा में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में जाने वाले लोगों को फुल खाना मिलेगा। इसको लेकर जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि 22 जिलों से 17 अक्तूबर को बसों में आवागमन करने वाले लोगों को मिले पैक्ड भोजन,पानी मिले। गौर रहे कि हरियाणा में 17 अक्टूबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के माध्यम से एनडीए अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी करेगी। यही कारण है कि बीजेपी के इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा 11 भाजपा शासित राज्यों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, NDA घटक दलों के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ विपक्ष के नेताओं को भी न्योता दिया गया है। इस संबंध में सीएम के पूर्व मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय ने बताया कि समारोह में ड्रोन दीदी, प्रगतिशील किसान, सफाई कर्मचारी, उद्योगपतियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही सरकार की योजनाओं के लाभार्थी और प्रमुख खिलाड़ियों को भी निमंत्रण भेजा गया है। recent visitors 107

आगामी विधानसभा चुनाव में कमलनाथ को दी जा सकती है बड़ी जिम्मेदारी, राहुल गांधी ने की कमल नाथ से मुलाकात

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की मंगलवार को नई दिल्ली उनके आवास पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लंबी चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव के बाद से कमल नाथ के पास संगठन का कोई दायित्व नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाने का दायित्व दिया जा सकता है। राहुल गांधी, कमल नाथ से मिले प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी, कमल नाथ से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे। दोपहर भोज पर दोनों के बीच आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अलावा प्रदेश में संगठन की सक्रियता बढ़ाने सहित अन्य विषयों पर लंबी चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव के बाद कमल नाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाकर जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया था। लोकसभा चुनाव में भी कमल नाथ छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहे। हालांकि, उनकी पहल पर ही यहां के ब्लाक कांग्रेस और विधानसभा अध्यक्षों को बदला गया है। उमंग सिंघार को बनाया विदर्भ का वरिष्ठ समन्वयक उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के वरिष्ठ समन्वयक नियुक्त किए हैं। इसमें मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को विदर्भ (अमरावती और नागपुर) क्षेत्र का समन्वयक बनाया है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कुणाल चौधरी को राष्ट्रीय सचिव बनाकर महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया है। प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने नौ जिला अध्यक्ष बदले मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 11 ब्लाक अध्यक्ष बदलने के बाद अब सेवादल ने नौ जिला अध्यक्षों को बदल दिया है। इसके साथ ही छह प्रदेश सचिव और इतने ही सह सचिव बनाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष योगेश यादव ने बताया कि संगठन द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों में जो पदाधिकारी सक्रिय भागीदारी नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर नए नियुक्तियां की गई हैं। इनमें सीधी जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, उज्जैन शहर कुलदीप जाट, दतिया मोहनसिंह कुशवाहा, दमोह संजय चौरसिया, आगर देवकरण पाटीदार, धार जितेन्द्र जोशी, सतना शहर आनंद सेन, सतना ग्रामीण बरमेन्द्र सिंह परिहार और मैहर जिला अध्यक्ष अरुण तनय मिश्रा को बनाया है। रकीब खान को इंदौर, ओमप्रकाश सिकरवार ग्वालियर, ब्रजकिशोर उपाध्याय मुरैना, अजय नागेश्वर नर्मदापुरम, दिनेश कलोसिया इंदौर और चन्द्रशेखर राज बबलू सागर को प्रदेश सचिव बनाया गया है। अनिल कुमार शर्मा उज्जैन, बीके नामदेव दतिया, मनीष गोमे उज्जैन, इमरान अंसारी अनूपपुर, रामनिवास शर्मा दतिया और वीरेन्द्र ठाकुर दमोह को सह सचिव का दायित्व दिया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बदले जाएंगे सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद कुछ जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बदल जाएंगे। नए और ऐसे चेहरों को आगे लाया जाएगा, जो सभी नेताओं से सामंजस्य बनाकर संगठन की गतिविधियों का विस्तार कर सकें। recent visitors 73

हरियाणा के चुनाव नतीजों के बाद चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मचा हुआ, BJP ने कर दिया खेला

हरियाणा लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद जबरदस्त उत्साह से लबरेज नजर आ रही कांग्रेस को हरियाणा के चुनाव नतीजों ने सिर के बल खड़ा कर दिया है। पार्टी इस अप्रत्याशित हार को पचा नहीं पा रही। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। पूरे चुनाव अभियान में ड्राइविंग सीट पर नजर आने वाला हुड्डा खेमा जहां ईवीएम का राग अलापने में जुटा है। वहीं विरोधी सैलजा खेमा हार की हैट्रिक के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेवार ठहरा रहा है। हरियाणा में जिस तरह कांग्रेस ने अपना पूरा प्रचार हुड्डा बाप-बेटे के ईद-गिर्द समेटे रखा। नतीजे के बाद अब दोनों की भूमिका सवालों के घेरे में है। पिछले दिनों दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की हुई बैठक में राहुल गांधी ने भी इस और संकेत करते हुए कहा था कि हरियाणा में लोगों ने निजी हित को पार्टी हित से ऊपर रखा। साफ है चुनाव से पहले जिन भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा की मीडिया में जमकर वाहवाही हो रही थी और एक नायक के रूप में उन्हें पेश किया जा रहा था, अब उनके किरदार को खलनायक की तरह देखा जाने लगा है। चुनाव नतीजों का गहनता से विश्लेषण करने पर भी पता चलता है कि दोनों कुछ ज्यादा ही अति आत्मविश्वास से लबरेज थे, जो दीपेंद्र हुड्डा बीजेपी के जीटी रोड बेल्ट में सेंध लगाने की रणनीति के तहत राहुल-प्रियंका गांधी के रोड शो कराए। उन्हीं देशवाली बेल्ट में बीजेपी ने खेल कर दिया और ऐसा तगड़ा नुकसान पहुंचाया जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं होगी, तो चलिए आंकड़ों में समझते हैं कि पूरे हरियाणा में कांग्रेस का माहौल बनाने निकले हुड्डा बाप-बेटे के गढ़ में ही बीजेपी ने कैसे खेल कर दिया। हरियाणा में रोहतक, झज्जर और सोनीपत को देशवाली बेल्ट कहा जाता है। इन तीनों जिलों में हुड्डा परिवार का जबरदस्त प्रभाव माना जाता है। इन तीनों जिलों में कुल 14 विधानसभा सीटें आती हैं, जहां इस बार कांग्रेस महज 8 सीटें ही हासिल कर पाई। 2019 में कांग्रेस के पास यहां 12 सीटें हुआ करती थी। देशवाली बेल्ट के तीन जिलों में अगर जाट बाहुल्य जींद, दादरी और भिवानी जिलों को जोड़ दें तो ये पूरा इलाका जाटलैंड के तौर जाना जाता है। जहां कुल 25 सीटें आती हैं। इस बेल्ट में कांग्रेस पारंपरिक रूप से मजबूत रही है और उसे जमकर वोट मिलते रहे हैं। अगर आप 2014 के चुनाव का ही उदाहरण लें तो इस चुनाव में 10 साल से सत्ता में बैठी कांग्रेस महज 15 सीटें पाकर तीसरे नंबर पर खिसक गई थी, यानी कि उसके पास मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलने लायक सीटें भी नहीं मिल पाई थी। दिलचस्प ये है कि पूरे हरियाणा में 15 सीटें जीतने वाली कांग्रेस को अकेले 11 सीटें इसी जाटलैंड इलाके से मिली थी। 2019 में पार्टी यहां अपने खाते में एक और सीट जोड़ने में कामयाब रही। वहीं 2024 में जब प्रदेश में कांग्रेस की हवा चलने के दावे किए जा रहे थे। पार्टी के नेता यहां तक दावा करने में जुटे थे कि हुड्डा के सीएम फेस होने के कारण इस बार पार्टी यहां क्लीन स्वीप करेगी, लेकिन जब नतीजे आए तो दावे करने वालों की पैरों तले की जमीन खिसक गई। कांग्रेस पिछले दो चुनावों में हासिल की गई सीटें भी बरकरार नहीं रख सकी और उसे तगड़ा नुकसान हुआ। वहीं पारंपरिक रूप से इस इलाके में कमजोर मानी जाने वाली बीजेपी ने अब तक का शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 सीटें हासिल कर ली, जबकि दो निर्दलीयों के खाते में गई। इनमें से एक कांग्रेस तो दूसरा बीजेपी के बागी था। दोनों भाजपा को अपना समर्थन दे चुके हैं। बीजेपी ने 2014 में यहां 8 और 2019 में महज सात सीट ही हासिल कर पाई थी। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सबसे मजबूत इलाका माने जाने वाले जाटलैंड में खराब प्रदर्शन ने सबसे तगड़ी ठेस हुड्डा परिवार के सियासी प्रतिष्ठा पर पहुंचाई है। नतीजे के बाद से भारी फजीहत का सामना कर रहे भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ईवीएम पर ठीकरा फोड़ अपना चेहरा बचाने की कोशिश में जुटे हैं। बहरहाल हरियाणा में मिली शर्मनाक हार के बाद क्या हुड्डा पिता-पुत्र का वैसा ही वर्चस्व बरकरार रहता है या फिर हाईकमान लंबे समय से किनारे चल रहे सैलजा-सुरजेवाला के गुट को आगे करता है या फिर शीर्ष नेतृत्व किसी तीसरे चेहरे के हाथों में जिम्मेदारी सौंपता है। इसके अलावा देखना ये भी दिलचस्प होगा कि चुनाव में पार्टी के पोस्टर ब्यॉय रहे भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ हाईकमान कोई कार्रवाई करने की जहमत उठाता है या नहीं। recent visitors 63

हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक18 अक्टूबर को हो सकती है, इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भी बदला जा सकता है

चंडीगढ़ हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक18 अक्टूबर को हो सकती है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भी बदला जा सकता है। इस रेस मे अशोक अरोड़ा,चंद्र मोहन,गीता भुक्कल में से किसी की भी लॉटरी निकल सकती है। एक दशक के लंबे अंतराल के बाद हरियाणा की सत्ता में वापसी का सपना टूट जाने के बाद कांग्रेस हाई कमान भी पार्टी की प्रदेश इकाई में जल्द ही बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में जुट गया है। जल्द होगा हरियाणा इकाई में फेरबदल ! कांग्रेस का 2005 का रिकॉर्ड तोड़ने का दवा करने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में हुए इस चुनाव में कांग्रेस को केवल  37 सीट ही मिलल पाई है। पार्टी हाई कमान की ओर से भी इस बार एक दशक के बाद हरियाणा की सत्ता में वापसी की पूरी उम्मीद जताई जा रही थी। यहीं कारण है कि टिकट वितरण में भी हाई कमान ने भूपेंद्र हुड्डा और उदयभान की पसंद का अधिक ध्यान रखा था। अब हरियाणा की सत्ता हाथ से जाने के बाद कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर कईं प्रकार का बड़ा फेरबदल होने की अटकलें हैं। हुड्डा की बजाए किसी और को मिलेगा नेता प्रतिपक्ष का पद ! राजनीतिक जानकारों और कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की माने तो इस बार कांग्रेस पार्टी की ओर से नेता प्रतिपक्ष का पद भूपेंद्र हुड्डा की बजाए किसी अन्य नेता को दिया जा सकता है। ऐसे में राहुल और प्रियंका गांधी की ओर से कांग्रेस के चुने गए विधायकों में उस नेता की पड़ताल भी शुरू कर दी गई है। चर्चा है कि थानेसर सीट से विधानसभा चुनाव जीते अशोक अरोड़ा को कांग्रेस आने वाले दिनों में नेता प्रतिपक्ष बना सकती है। अशोक अरोड़ा के नाम पर हुड्डा परिवार को भी आपत्ति नहीं होगी। बता दें कि अशोक अरोड़ा जब इनेलो छोड़कर कांग्रेस में आए तो उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नेतृत्व स्वीकार किया और आज तक वह कांग्रेस की गुटबाजी में हुड्डा के साथ हैं। पंजाबी चेहरा होने के कारण अशोक अरोड़ा को यह अहमियत दी जा सकती है। अशोक अरोड़ा अतीत में इनेलो के भी प्रदेशाध्यक्ष रहे है और पूरे हरियाणा मे इनकी पकड़ है। इसके अलावा हरियाणा में पूर्व मंत्री और विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। recent visitors 79

प्रहलाद पटेल ने भोपाल हाट में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही, मातृ-शक्ति का योगदान महत्वपूर्ण

भोपाल मातृ-शक्ति का योगदान ही भारत को दुनिया की तीसरी अर्थव्यस्था बनने में सहयोग करेगा। यह बात पंचायत, ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने भोपाल हाट में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी किसान परिवार से हैं और किसानी में आने वाली परेशानियों से परिचित हैं। महिला सशक्तिकरण के बिना समाज के सर्वांगीण विकास नहीं किया जा सकता। हमें आदिवासी क्षेत्रों से सीख लेते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करना चाहिए। श्री पटेल ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को बधाई देता हूँ की उन्होंने श्रीअन्न को प्रचारित कर दुनिया भर में भारत की जनजातीय परंपरा से उत्पन्न कृषि उत्पाद को पहचान दिलाई। श्रीअन्न की फसलें कम से कम पानी में पैदा होती हैं तथा उनसे किसी प्रकार के रोग भी पैदा नहीं होते है। प्रदेश की मातृ-शक्ति उन्ही परम्पराओं को फिर से जीवित कर रही है। आजीविका समूह की महिलायें का योगदान हमें दुनिया की तीसरी अर्थव्यस्था बनने में सहयोग करेगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सिर्फ उत्पादन ही नहीं, यदि हम उत्पाद की प्रोसेसिंग भी करेंगे तो उत्पाद की कीमत दुगनी हो जाएगी। उन्होंने मार्केटिंग और ब्रांडिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा की हमें अपनी महिलाओं को और उनके द्वारा बनाये गए उत्पादों को ट्राइफेड जैसे मार्केटिंग प्लेटफार्म पर ले जाने के लिए जागरूक करना चाहिए। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से जागरूक करते हुए इनका ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने हाट बाजार का अवलोकन भी किया। संचालक पंचायतराज संचालनालय श्री मनोज पुष्प उपस्थित रहे।   recent visitors 64

मध्यप्रदेश बनेगा कैपिटल ऑफ माइंस, खनन उद्योग में निवेश और विकास की है असीमित संभावनाएँ

भोपाल मध्यप्रदेश में प्रचुर संसाधन, अनुकूल नीतियों और मजबूत बुनियादी ढाँचे के साथ खनन उद्योग में निवेश और विकास की असीमित संभावनाएँ हैं, जो देश की खनिज संपदा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मध्यप्रदेश भारत का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है और कई अन्य खनिजों के उत्पादन में भी अग्रणी है। प्रदेश मैगनीज, कॉपर एवं अयस्क उत्पादन में देश में पहले स्थान पर, जबकि रॉक फॉस्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। ये खनिज उद्योग और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में इसकी महत्ता को रेखांकित करते हैं। भोपाल में इंटरनेशनल कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में 17 अक्टूबर को 2 दिवसीय कॉन्क्लेव होने जा रही है। यह कॉन्क्लेव इण्डस्ट्रियलिस्ट और शिक्षाविदों के दृष्टिकोण पर केन्द्रित होगी। इसमें तकनीकी सत्र भी होंगे, जिसमें डिजिटलाइजेशन और खनन प्रौद्योगिकी में प्रगति, विशेष रूप से ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) पर चर्चा होगी। प्रतिभागियों को खनन स्टार्ट-अप्स द्वारा आगामी तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में कोयला और ऊर्जा, अन्वेषण में प्रगति, चूना पत्थर और सीमेंट, महत्वपूर्ण खनिजों के अवसर, खनिज संवर्धन और ऊर्जा तथा हाइड्रो-कार्बन शामिल है, जो नई ऊर्जा संभावनाओं को उजागर करेंगे। कॉन्क्लेव के दूसरे दिन 18 अक्टूबर को खनिज आधारित उद्योगों कोयला, ऊर्जा और हाइड्रो-कॉर्बन पर केन्द्रित राउण्ड टेबल बैठक होगी, जो हितधारकों के बीच सहयोग और चर्चा के लिये एक मंच प्रदान करेगी। पन्ना में है हीरे का भण्डार मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में देश का एकमात्र हीरे का भण्डार है। यहाँ की मझगाँन हीरा खदान का संचालन भी शुरू हो गया है। हीरा खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है। साथ ही बुंदर हीरा ब्लॉक में 32.2 मिलियन कैरेट हीरे का भण्डार है। प्रदेश में मलाज़खण्ड कॉपर खदान भारत की सबसे बड़ी तांबा खदान है। यहाँ से प्रतिदिन 5 से 10 हजार टन तांबा निकाला जाता है। भारत के कुल तांबा भण्डार का 70 प्रतिशत तांबा मध्यप्रदेश में है। इसी प्रकार राज्य में स्थित सासन कोयला खदान भी अपने विशाल खनन उपकरणों के लिये प्रसिद्ध है। यहाँ पर चलने वाली ड्रेग लाइन का उपयोग होता है, जिसकी बाल्टी 61 घन मीटर की है, जो भारत में अब तक सबसे बड़ी है। यह देश का सबसे बड़ा निजी कोयला उत्पादक ब्लॉक है, जो मध्यप्रदेश को खनन क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाता है। मध्यप्रदेश में चूना पत्थर का 9 प्रतिशत भण्डार होने के बावजूद चूना पत्थर उत्पादन में देश में 15 प्रतिशत का योगदान देता है। यहाँ के प्रचुर मात्रा में कोयले एवं आवश्यक संसाधनों के कारण राज्य भारत की सीमेंट उत्पादन क्षमता का 7 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जिसमें हर साल बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रदेश में कोलबेड मिथेन (सीबीएम) के बड़े भण्डार हैं। देश में यह संसाधन में छठवें स्थान पर है, लेकिन उत्पादन में यह दूसरे स्थान पर है। यह दर्शाता है कि राज्य अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने के लिये न केवल खनिज सम्पदा, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का भी काफी बेहतर उपयोग कर रहा है, जिससे यह नेट जीरो मिशन में भी योगदान दे रहा है। मध्यप्रदेश के सोहागपुर ईस्ट और वेस्ट सीवीएम ब्लॉक रिलायंस इण्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा संचालित है। इससे निकाली गई गैस को बाजार तक पहुँचाने के लिये शहडोल से फूलपुर तक एक गैस पाइप-लाइन निर्माण की योजना बनाई गई है, जो हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर पाइप-लाइन नेटवर्क से जुड़ेगी। यह परियोजना राज्य को राष्ट्रीय गैस प्रणाली से जोड़कर ऊर्जा के क्षेत्र में उसकी भूमिका को और सशक्त बनायेगी। लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में प्रदेश बेहतरीन स्थिति में है। यहाँ 5.1 लाख किलोमीटर लम्बी सड़कें, 6 इनलेण्ड कंटेनर डिपो (आईसीडी) और 7 हवाई अड्डे हैं, जो राज्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ते हैं और व्यवसाय की सुगमता को बढ़ाते हैं। मध्यप्रदेश खनिज सम्पदा के साथ अन्य औद्योगिक आवश्यकताओं को भी पूरा करता है। बिजली की पर्याप्त व्यवस्था, जल-संसाधन और कुशल श्रमिक उपलब्ध हैं, जो औद्योगिक संचालन के लिये एक अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। राज्य निवेशकों और खनन ऑपरेटर्स को व्यापक सहायता प्रदान करेगा। प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने के लिये बीडर के साथ को-ऑर्डिनेशन किया जाता है, जिससे आवश्यक क्लियरेंस और अनुमोदन प्राप्त करने में आसानी होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच को साकार करने के लिये वर्ष 2015 में खनिज कानून संशोधन के साथ जिला खनिज निधि (डीएमएफ) की स्थापना की गई है, जिसमें अब तक 7 हजार 531 से अधिक परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जो राज्य के खनन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन को बेहतर बना रही हैं। मध्यप्रदेश का खनिज संसाधन विभाग (एमआरडी) खनिज ब्लॉक नीलामी में देश में अग्रणी रहा है। मध्यप्रदेश द्वारा 78 खनिज ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये। प्रदेश को फरवरी 2022-23 में खनिज ब्लॉक नीलामी में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश को जुलाई-2022 में भारत सरकार द्वारा मुख्य और गौण खनिज नीलामी के लिये भी प्रथम पुरस्कार मिला है, जो राज्य के खनिज संसाधन एवं प्रबंधन में उत्कृष्टता का प्रमाण है।   recent visitors 69