बलूचिस्तान में खदान में काम करते मजदूरों पर ग्रेनेड और रॉकेट से हमला, 20 की मौत

बलूचिस्तान  पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को एक छोटी निजी कोयला खदान पर हथियारबंद लोगों द्वारा किए गए हमले में कम से कम 20 खनिकों की मौत हो गई जबकि अन्य सात घायल हो गए। यह जानकारी स्थानीय पुलिस ने दी। डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, डुकी स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) हुमायूं खान ने कहा कि “हथियारबंद लोगों के एक समूह ने आज तड़के डुकी इलाके में जुनैद कोयला कंपनी की खदानों पर भारी हथियारों से हमला किया। उन्होंने खदानों पर रॉकेट और ग्रेनेड भी दागे।” डुकी जिला अस्पताल के एक डॉक्टर जौहर खान शादीजई ने कहा कि “हमें जिला अस्पताल में अब तक 20 शव और छह घायल मिले हैं।” हमले की किसी गुट ने नहीं ली है जिम्मेदारी इस हमले की फिलहाल किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह प्रांत अलगाववादी समूहों का गढ़ है, जो आजादी चाहते हैं। वे इस्लामाबाद की संघीय सरकार पर स्थानीय लोगों की कीमत पर तेल एवं खनिज-समृद्ध बलूचिस्तान का अनुचित दोहन करने का आरोप लगाते हैं। सोमवार को बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नामक एक समूह ने कहा कि उसने पाकिस्तान के सबसे बड़े हवाई अड्डे के बाहर चीनी नागरिकों पर हमला किया। देश में चीन के हजारों नागरिक काम कर रहे हैं, उनमें से ज्यादातर बीजिंग की अरबों डॉलर की बेल्ट एंड रोड पहल में शामिल हैं। बीएलए ने कहा कि यह विस्फोट आत्मघाती हमलावर का काम था। recent visitors 62

बांग्लादेश में यशोरेश्वरी काली मंदिर से देवी का मुकुट हुआ चोरी, पीएम मोदी ने किया था भेंट, घटना पर भारत सख्त

ढाका बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर से मां काली का मुकुट चोरी हो गया है। चांदी का बना सोने की परत वाला यह मुकुट भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने मंदिर को गिफ्ट किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2021 में जब बांग्लादेश गए थे तो उन्होंने जेशोरेश्वरी मंदिर का दौरा भी किया था। इस दौरान उन्होंने ये मुकुट भेंट किया था। उपहार में दिया गया देवी काली का ये मुकुट कथित तौर पर चोरी हो गया है। इस घटना पर भारत ने सख्त रुख दिखाया है। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी करते हुए इस पर चिंता जताई है। उच्चायोग ने मुकुट को बरामद करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, मंदिर के पुजारी और सफाई कर्मचारियों ने पाया कि देवी काली के सिर से मुकुट गायब है। बांग्लादेशी पुलिस ने चोरी की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अपराधी की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और जल्दी ही चोर को पकड़ लिया जाएगा। जेशोरेश्वरी मंदिर की हिन्दुओं में मान्यता पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल कर रहे परिवार की सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि मुकुट चांदी से बना था और उस पर सोने की परत चढ़ी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में जेशोरेश्वरी मंदिर को मुकुट भेंट करते हुए मंदिर में एक बहुउद्देश्यीय सामुदायिक हॉल का निर्माण करने का भी ऐलान किया था। जेशोरेश्वरी मंदिर की बांग्लादेश के अलावा भारत और दूसरे पड़ोसी देशों में भी काफी मान्यता है। ये भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों में फैले 51 शक्तिपीठों में से एक के रूप में प्रतिष्ठित है। यह मंदिर, भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल, ईश्वरीपुर, सतखिरा में स्थित है। माना जाता है कि इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा पर सवाल बांग्लादेश में देवी का मुकुट चोरी होने का ये मामला ऐसे समय हुआ है, जब देश में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। इस साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक श्रंखला देखी गई है। हालांकि मौजूदा चोरी में अभी तक इस तरह के किसी एंगल की बात पुलिस ने नहीं की है। 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है जेशोरेश्वरी मंदिर पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल करने वाले परिवार के सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि यह मुकुट चांदी से बना था और इस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। चोरी हुआ मुकुट भक्तों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में, जेशोरेश्वरी मंदिर को भारत और पड़ोसी देशों में फैली 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।   ऐसा है मंदिर का इतिहास माना जाता है कि सतखीरा के ईश्वरीपुर में स्थित इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अनारी नामक ब्राह्मण ने करवाया था। उन्होंने जशोरेश्वरी पीठ के लिए 100 दरवाजों वाला मंदिर बनवाया था। बाद में 13वीं शताब्दी में लक्ष्मण सेन ने इसका जीर्णोद्धार करवाया और अंततः राजा प्रतापादित्य ने 16वीं शताब्दी में मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मंदिर में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल का निर्माण कराएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों के लिए सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक आयोजनों के लिए उपयोगी होगा और साथ ही, यह चक्रवात जैसी आपदाओं के समय सभी के लिए आश्रय का काम भी करेगा। recent visitors 117

अमेरिका: फ्लोरिडा तट से टकराया मिल्टन तूफान, 32 लाख से अधिक लोग अंधरे में रहने को मजबूर, 10 की मौत

 फ्लोरिडा अमेरिका में तूफान मिल्टन ने कहर मचा दिया है. फ्लोरिडा में इस तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. यहां करीब 20 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर कहीं और चले गये हैं. जबकि, 4,300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है. तूफान मिल्टन फ्लोरिडा के पश्चिमी तट से टकराया है. तूफान की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फ्लोरिडा में कई बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखरी हुई नजर आ रही हैं. तूफान के बाद ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें अमेरिकी घरों की छत पूरी तरह से गायब हो चुकी है और घरों के अंदर का सामान यहां-वहां बिखरा पड़ा है. नजर आ रहे मगरमच्छ और सांप तूफान के बाद भारी बारिश के चलते आई बाढ़ के कारण फ्लोरिडा के कई इलाकों में मगरमच्छ और सांप भी देखे गये हैं. इस बीच फ्लोरिडा की सरकार ने लोगों से बाढ़ वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है. सरकार ने लोगों से खुद को सुरक्षित रखने की गुजारिश की है. एक साल के अंदर तीसरा तूफान अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि तूफान बीतने के बाद भी टूट  चुके बिजली के तारों और मलबे से अभी भी खतरा बना हुआ है. अमेरिका के इतिहास में ऐसा छठी बार हो रहा है, जब एक साल के अंदर ही तीन तूफानों ने फ्लोरिडा में दस्तक दी है. साजिश को लेकर चल रही ये थ्योरी बता दें कि पहले मिल्टन तूफान को तूफानों की सबसे विनाशकारी श्रेणी 5 में रखा गया था. इस श्रेणी के तूफानों से हमेशा ही जान-माल का बड़ा नुकसान होता रहा है. हालांकि, बाद में इसकी कैटेगिरी को कम करके 3 कर दिया गया. अमेरिका में इस तूफान को लेकर कई कंस्पिरेसी थ्योरीज भी चल रही हैं. कहा जा रहा है कि कथित तौर पर मिल्टन कुदरत का कहर नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है ताकि अमेरिकी चुनावों पर असर पड़ सके.     recent visitors 70

राजधानी के अस्पताल में नवजात की मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टर और दो महिलाएं गिरफ्तार

भोपाल  राजधानी भोपाल में सड़क पर लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची की मौत के बाद एक झोलाछाप डॉक्टर और एक अप्रशिक्षित नर्स को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है. महिला ने अपनी 17 साल की पोती के समय से पहले प्रसव कराने के लिए झोलाछाप डॉक्टर और अप्रशिक्षित नर्स की मदद ली थी. महिला की पोती ने ही बच्ची को जन्म दिया था. सहायक पुलिस आयुक्त सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि बीते बुधवार शाम को सड़क किनारे एक बोरे में मिली बच्ची की गुरुवार सुबह सरकारी अस्पताल में मौत हो गई. ऐशबाग थाने के इंस्पेक्टर जितेंद्र गढ़वाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, हमने झोलाछाप डॉक्टर सुरेंद्र नाहर (45), अप्रशिक्षित नर्स फिरदौस (40) और बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग लड़की की दादी को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि तीनों पर 12 साल से कम उम्र की बच्ची को छोड़ने और भारतीय न्याय संहिता की धारा 93 और 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. नाबालिग ने जब बच्ची को जन्म दिया, तब वह गर्भावस्था के सातवें महीने में थी. इंस्पेक्टर गढ़वाल ने कहा कि प्रसूता का इलाज चल रहा है और उसका बयान उचित समय पर दर्ज किया जाएगा. एसीपी श्रीवास्तव ने कहा कि सभी तथ्य सामने आने के बाद आरोपियों पर और आरोप लगाए जा सकते हैं. 40 कैमरों को ट्रेस कर आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान के लिए रोड मैप तैयार किया। बाग उमराव दूल्हा से नवीन नगर तक 40 CCTV कैमरों के फुटेज चेक किए गए। जिससे आरोपी महिला के घर तक पुलिस पहुंचने में कामयाब हो गई। सबसे पहले आसमां को गिरफ्तार किया गया। उसने सहयोगी डॉक्टर सुरेंद्र नाहर का नाम बताया। दोनों की निशानदेही पर नाबालिग मां के घर तक पुलिस पहुंची। दो महीने से नजर नहीं आई पीड़िता नाबालिग पीड़िता के पड़ोसियों ने बताया कि वह दो महीने से दिखाई नहीं दे रही थी। पूछने पर उसकी तबीयत खराब होने की बात बताई जाती थी। पीड़ित किशोरी की मां ने किसी को भी घटना के संबंध में बताने के लिए मना किया था। नानी ने ही नर्स आसमां से संपर्क किया था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रीमैच्योर डिलीवरी होने पर बच्चा मृत पैदा होगा। जिसे आसानी से ठिकाने लगा दिया जाएगा, लेकिन बच्चा स्वस्थ्य पैदा हुआ तो पीड़िता की मां ने उसे बोरी में डालकर आसमां को ही ठिकाने लगाने के लिए दे दिया। 60 हजार रुपए एडवांस भी दे दिए। काउंसिलिंग के बाद होगी नाबालिग की गिरफ्तारी डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि नाबालिग से संबंध बनाने वाला भी बाल अपचारी है। केस में इन दोनों को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि दोनों की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। पुलिस सूत्रों की माने तो दोनों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसके बाद दोनों की गिरफ्तारी की जाएगी। नाबालिग अपनी मां के साथ जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में रहती है। उसके पिता दस साल पहले मां को छोड़ चुके हैं, वह अलग रहते हैं। आरोपी डॉक्टर ने खुद को भाजपा नेता बताया आरोपी डॉक्टर अशोका गार्डन में प्राइवेट क्लीनिक का संचालन करता है। जो पुलिस हिरासत में खुद को भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ का मंडल अध्यक्ष बता रहा है। उसने घर और क्लीनिक पर भी बीजेपी के पद के साथ नेम प्लेट लगा रखी है। recent visitors 70

प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर सजग, उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जा रहे हैं : वन मंत्री रावत

हर समुदाय में शिक्षा के प्रति चेतना बढ़ी है, फलीभूत हो रहे हैं सरकार के प्रयास : वन मंत्री रावत मंत्री रामनिवास रावत ने कहा है कि हर समुदाय में शिक्षा के प्रति चेतना बढ़ी प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर सजग, उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जा रहे हैं : वन मंत्री रावत कराहल में स्कूली बच्चों को बैग वितरित भोपाल वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत ने कहा है कि हर समुदाय में शिक्षा के प्रति चेतना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास फलीभूत हो रहे हैं। आदिवासी विकासखण्ड मुख्यालय कराहल स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित स्कूली बच्चों के बैग वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रावत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर सजग है। प्रदेश में उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में आदिवासी विकासखण्ड मुख्यालय कराहल में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल, आईटीआई, डिग्री कॉलेज और सीएम राइज स्कूल भी बनाये गये हैं। वन मंत्री रावत ने कहा कि शिक्षित समाज से ही देश का भविष्य उज्जवल होता है, शिक्षा हर सफलता की कुंजी है। उन्होंने स्कूली बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा के लिये बेहतर वातावरण, बुनियादी सुविधाएँ राज्य शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही हैं। इसका लाभ लेकर बच्चे अपने जीवन में आगे बढ़ें। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, एकलव्य आवासीय विद्यालय, शासकीय कन्या विद्यालय और मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों को वन विकास निगम द्वारा स्कूल बैग का वितरण किया गया। वन विकास निगम द्वारा सामाजिक दायित्व गतिविधि के अंतर्गत कक्षा-6वीं से 12वीं तक के एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल बैग का वितरण किया गया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण लालजी राम मीणा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, कन्या स्कूल प्राचार्य बी.एल. धाकड़, बीआरसी अजय रावत, प्राचार्य एम.पी. मौर्य, वन विभाग के अधिकारी एवं जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। recent visitors 75

नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व -राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भगवान राम दानवों का वध कर विजयादशमी पर आए थे। उसी तरह नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व है। उन्होंने कहा कि गुजराती समाज खूब प्रगति करे क्योंकि समाज की उन्नति से प्रदेश की और प्रदेश की उन्नति से देश की प्रगति होती है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को गुजराती समाज भोपाल के द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने "एक पेड़ माँ के नाम" के तहत छोटे बच्चों को पौधे वितरित किए। सरदार पटेल भवन के भूतल हॉल का उद्घाटन किया। माँ अम्बे के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले गरबे का अवलोकन किया। इस अवसर पर गुजराती समाज के सदस्य और नागरिकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने इंदौर के गरबा उत्सव में शामिल होने और वहां पर 1100 गरबा आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल में भी माँ अम्बे की झाकियां, गरबे देखे है। पटेल ने कहा कि पिछले 3 साल से वह गुजराती समाज के गरबा महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजराती समुदाय को नवरात्रि के प्रथम दिवस पर राजभवन में गरबे के लिए आमंत्रित करते है। समुदाय के अष्टमी के आयोजन में आकर शामिल होते है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के बच्चों और युवाओं को माँ अम्बे की आराधना और जीवन के नैतिक मूल्यों के संस्कारों से संस्कारित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सराहनीय पहल है। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल पटेल ने माँ अम्बे की आरती की गुजराती समाज भोपाल के अध्यक्ष संजय पटेल सहित समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत अभिनंदन किया।                    recent visitors 77

हरियाणा में नायब सिंह सैनी समेत मंत्रिमंडल में 14 सदस्य होंगे, मंत्रिमंडल में किसकी लगेगी लॉटरी

चंडीगढ़ हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत के बाद अब सबकी निगाहें नई सरकार और कैबिनेट के गठन पर टिकी हैं। हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। इसका मतलब है कि भाजपा को 11 नए चेहरों की तलाश करनी होगी, क्योंकि केवल अनिल विज ही वो सीनियर नेता हैं जिन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी है। अनिल विज को मंत्री पद मिल सकता है। बीजेपी जाटों, ब्राह्मणों, पंजाबी और दलितों सहित राज्य की विभिन्न जातियों को ध्यान में रखकर कैबिनेट का गठन करेगी। जातिगत समीकरणों और समुदायों की मांगों को संतुलित करते हुए सरकार बनाना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन बीजेपी ने हाल के दिनों में सफलतापूर्वक किया है। पिछले साल दिसंबर में, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव जीतने के बाद, पार्टी ने विधायकों और राज्य के नेताओं से परामर्श करने के बाद मुख्यमंत्रियों और मंत्रिमंडलों की घोषणा करने में अपना समय लिया। हरियाणा में भी इसी तरह के कदम उठाने की संभावना है। बीजेपी के पास अब दलित समुदाय से नौ विधायक हैं, आठ पंजाबी मूल के, सात ब्राह्मण और जाटों और यादवों में से प्रत्येक के छह विधायक हैं। पार्टी के पास गुर्जर, राजपूत, वैश्य और एक ओबीसी नेता भी हैं। इन दो दलित नेताओं में से एक मिल सकती है कैबिनेट में जगह इस सरकार में भाजपा के पास नौ दलित विधायक हैं, जिनमें से दो सबसे आगे हैं। एक हैं छह बार के विधायक कृष्ण लाल पंवार और दूसरे हैं दो बार के विधायक कृष्णा बेदी। पंजाबी मूल के आठ लोगों में सात बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज हैं, जो मार्च में मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के बाद नाराज हो गए थे। यह तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद इस्तीफा देने के बाद हुआ था। पिछले महीने अपनी अम्बाला कैंट सीट जीतने वाले शविज ने तीसरी बार उस रिंग में अपनी टोपी फेंकी लेकिन उन्हें फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। और यह पार्टी के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। कृष्ण मिड्ढा को क्या मिलेगी जगह जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा भी इस रेस में हैं, जिन्होंने लगातार तीसरी बार अपनी सीट जीती है। एक और अब तीन बार के विधायक यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति को छोड़ दिया जा सकता है क्योंकि उनकी सीट अम्बाला क्षेत्र के भीतर है। अरोड़ा को हांसी से तीन बार के विधायक विनोद भयाना के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। किस ब्राह्मण चेहरे को मिलेगा मौका फिर नंबर आता है ब्राह्मण को, इनमें बल्लभगढ़ से तीन बार के विधायक मूल चंद शर्मा शामिल हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में बरकरार रखा जा सकता है। एक और संभावित दो बार के लोकसभा सांसद अरविंद शर्मा हैं जिन्होंने गोहाना जीता। राम कुमार गौतम, जिन्होंने सफीदों को जीत दिलाई, जिसे भाजपा ने कभी नहीं जीता था। अहीरवाल बेल्ट से कौन होगा मंत्री भाजपा के लिए अहीरवाल बेल्ट के छह विधायक महत्वपूर्ण हैं जिन्होंने एक बार फिर पार्टी को भारी मतों से वोट दिया। कांग्रेस को हराने के लिए इस बार यह समर्थन महत्वपूर्ण था। इनमें बादशाहपुर से छह बार के विधायक राव नरबीर सिंह हैं। वह पहली सैनी सरकार में नहीं थे, लेकिन 2014 के चुनाव जीतने के बाद श खट्टर की अध्यक्षता वाली सरकार में थे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव ने पहली बार अटेली सीट जीती है, लेकिन उनका नाम शॉर्टलिस्ट में है। साथ ही दो बार के विधायक लक्ष्मण यादव का नाम भी है। इस जाट विधायक को मिल सकती है जगह जाट हरियाणा की सबसे बड़ी उप-आबादी में से एक है। जाट नेता महीपाल ढांडा अब पानीपत (ग्रामीण) से दो बार के विधायक हैं और उनके बरकरार रहने की संभावना है। राई से दूसरी बार चुने गए कृष्ण गहलोत भी इस दौड़ में शामिल हैं। एक संभावित बड़ा नया नाम पार्टी के राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी का है। अन्य संभावित उम्मीदवारों में वैश्य समुदाय के पूर्व मंत्री विपुल गोयल शामिल हैं। हरियाणा में सबसे अमीर महिला और हिसार से निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने औपचारिक रूप से भाजपा को अपना समर्थन दे दिया है। इससे उनके नए मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। recent visitors 76