एक साथ हारी देवीलाल परिवार की तीन पीढ़ियां, राजनीतिक घरानों को मतदाताओं ने नकारा

चंडीगढ़ हरियाणा में लोकसभा की ही तरह 2024 के विधानसभा चुनावों के परिणाम भी आर्श्चय जनक रहे। देवीलाल की राजनीतिक विरासत के वारिस रहे ओमप्रकाश चौटाला के परिवार में 2019 में बिखराव हुआ तथा अजय की अगुवाई में दुष्यंत ने जननायक जनता पार्टी बना ली। दुष्यंत की अगुवाई में 2019 में अलग होने के बाद पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और 10 सीटें जीतकर दुष्यंत मनोहर सरकार में डिप्टी सीएम बने। मार्च में मनोहर की जगह नायब सैनी को प्रदेश की सत्ता सौंपने के साथ भाजपा ने दुष्यंत को भी गठबंधन सरकार से अलग कर दिया। 2019 में उचाना से बांगर के शेर कहे जाने वाले बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को हराकर विधानसभा पहुंचे, दुष्यंत 2024 में उचाना से अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। 2024 के चुनाव में देवीलाल परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ चुनाव हारी, हालांकि दो युवा चेहरे पहली बार विधानसभा पहुंचने में सफल रहे। जिनमें भाजपा छोड़कर इनेलो में आए डबवाली से आदित्य देवीलाल चौटाला व रानिया से अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला ने जीत दर्ज की। जबकि उचाना से दुष्यंत चौटाला अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। अर्जुन चौटाला ने देवीलाल के बेटे व अपने दादा रणजीत चौटाला तो आदित्य ने देवीलाल परिवार के सदस्य अमित सिहाग को हराया। देवीलाल परिवार से चुनाव हारने वालों में दिग्विजय चौटाला, सुनैना चौटाला का नाम भी शामिल है। राजनीतिक घरानों को मतदाताओं ने नकारा 2024 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के बड़े राजनीतिक घरानों को प्रदेश की जनता ने नकार दिया। 2024 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल, भजनलाल, ओमप्रकाश चौटाला, बंसीलाल, राव बीरेंद्र सिंह के परिवार चुनाव लड़ रहे थे, जिनमें से तोशाम से बंसीलाल की पौत्री ने भाजपा की टिकट पर अपने कजिन कांग्रेस उम्मीदवार अनिरुद्ध चौधरी को हराया। पहली बार भाजपा की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी राव बीरेंद्र सिंह की पौत्री एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव चुनाव जीतने में सफल रही। उचाना में बांगड़ के शेर चौ. बीरेंद्र सिंह व देवीलाल परिवार को एक साथ हार का मुंह देखना पड़ा। यहां भाजपा की टिकट पर पहली बार चुनाव मैदान में उतरे देवेंद्र अत्री ने चौ. बीरेंद्र सिंह के बेटे कांग्रेस उम्मीदवार एवं हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को 39 वोटों से हरा दिया। यहां देवीलाल के परिवार से तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे दुष्यंत चौटाला 10 हजार का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का गढ़ आदमपुर भी 2024 में ढह गया तथा भजनलाल के पौत्र एवं भाजपा उम्मीदवार भव्य बिश्नोई पहली बार चुनाव में उतरे कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व आईएएस चंद्रप्रकाश में 565 वोटों से चुनाव हार गए। हालांकि, पंचकूला से भजनलाल के बेटे एवं पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन कांग्रेस की टिकट पर जीतने में सफल रहे। 2024 में पूर्व मुख्यमंत्रियों व बड़े राजनीतिक घरानों के डेढ़ दर्जन से अधिक सदस्य चुनाव लड़ रहे थे। बंसीलाल और राव बीरेंद्र सिंह को छोड़ दे तो सभी को हार का मुंह देखना पड़ा। recent visitors 115

6 साल की प्रवासी बच्ची के साथ 50 साल के व्यक्ति ने किया दुष्कर्म, हालत देख कांप उठे मां-बाप

बटाला बटाला से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दुर्भाग्यपूर्ण खबर सामने आई है, जिसमें 6 साल की प्रवासी बच्ची के साथ  50 वर्षीय दलजीत सिंह  ने बलात्कार किया। इस मामले में पुलिस ने उक्त व्यक्ति को गिरफ्तार करते हुए मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित बच्ची सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है। पीड़िता के पिता ने कहा कि वह काम पर गया था उसकी बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, जब वह घर वापिस आया तो उसकी पत्नी ने बताया कि उसकी बच्ची के साथ पड़ोसी दलजीत द्वारा बलात्कार किया गया। वहीं बच्ची ने सारी घटना के बारे बताया तो वह खून से लथपथ मिली थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में दाखिल करवाकर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस द्वारा उक्त आरोपी को काबू कर लिया गया है। इस दौरान मोहाल्ला निवासियों का कहना था कि इस दरिंदे व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं बटाला सिटी डी.एस.पी. संजीव कुमार ने घटना के बारे बताते हुए कहा कि 50 वर्षीय उक्त आरोपी काबू करते हुए संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया गया है और अगली कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। recent visitors 78

भारत के सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी लगातार पहले पायदान पर बने हुए

नई दिल्ली  भारत के सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी लगातार पहले पायदान पर बने हुए हैं। फोर्ब्स द्वारा जारी देश के 100 सबसे धनी उद्योगपतियों की सूची में दूसरे स्थान पर अडाणी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडाणी का नाम है। फोर्ब्स की इस सूची की जो सबसे अहम बात है, वो ये कि देश के सौ सबसे धनी लोगों की संपत्ति पहली बार कुल मिलाकर एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई है। फोर्ब्स की सूची के अनुसार मुकेश अंबानी कमाई के मामले में दुनिया के दूसरे सबसे लाभ बड़े लाभार्थी बने हैं, जिनकी संपत्ति पिछले 1 साल में 27.5 बिलियन डॉलर बढ़कर 119.5 बिलियन डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। हालांकि शेयर बाजार में आए उतार-चढ़ाव की वजह से उनका मौजूदा नेटवर्थ 108.3 बिलियन डॉलर का है। फोर्ब्स का दावा है कि इस नेटवर्थ के साथ मुकेश अंबानी फिलहाल दुनिया के 13 सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। हालांकि एक अन्य एजेंसी ब्लूमबर्ग के बिलियनरीज इंडेक्स ने मुकेश अंबानी को दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 14वें स्थान पर रखा है। फोर्ब्स के मुताबिक भारत के अमीर उद्योगपतियों की लिस्ट में 116 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ गौतम अडानी परिवार (संयुक्त संपत्ति) दूसरे स्थान पर, 73.7 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ सावित्री जिंदल परिवार तीसरे स्थान पर, 40.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ शिव नाडार चौथे स्थान पर और 32.4 डॉलर बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दिलीप सांघवी परिवार पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा राधाकृष्ण दामानी परिवार, सुनील मित्तल परिवार, कुमार मंगलम बिड़ला, साइरस पूनावाला और बजाज परिवार सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में टॉप 10 में शामिल हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट में विशेष रूप से बताया कि देश में पहली बार सौ सबसे अमीर लोगों की संपत्ति कुल मिलाकर एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई है। फिलहाल इन सौ लोगों की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। उद्योगपतियों की संपत्ति में आई हुई इस बढ़ोतरी के लिए फोर्ब्स ने शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी को प्रमुख वजह बताया है।     recent visitors 207

बलरामपुर में सीएम योगी ने की पाटेश्वरी देवी की पूजा-अर्चना, मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया

बलरामपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बलरामपुर दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। आज सुबह सीएम योगी देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। 'योगी ने सुखी-स्वस्थ व समृद्ध यूपी की कामना की' राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने को बताया कि बलरामपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। उसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज व निर्माणाधीन विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। प्रवक्ता के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि में बृहस्पतिवार की सुबह मां पाटेश्वरी देवी का दर्शन-पूजन किया और सुखी-स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। योगी ने गायों को हरा चारा तथा गुड़ खिलाया जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी मंदिर परिसर में स्थित गौशाला पहुंचकर गायों को हरा चारा तथा गुड़ खिलाया। उन्होंने गायों का प्यार दुलार भी किया। मंदिर परिसर में चल रहे राजकीय मेले का निरीक्षण भी किया। श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था दिए जाने का निर्देश भी दिया। यहां से मुख्यमंत्री और वहां से अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए। इस दौरान शक्तिपीठ के महंत योगी मिथलेश नाथ सहित कई जनप्रतिनिधि पदाधिकारी तथा प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। श्री पाटेश्वरी देव्यै नमः 'शारदीय नवरात्रि' के पावन अवसर पर आज जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर स्थित 'आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ' में माँ भगवती के दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपना आशीर्वाद सम्पूर्ण जगत पर बनाए रखेंः योगी सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, ''श्री पाटेश्वरी देव्यै नमः 'शारदीय नवरात्रि' के पावन अवसर पर आज जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर स्थित 'आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ' में माँ भगवती के दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। जगद्धात्री माँ जगदम्बा से प्रार्थना है कि अपना आशीर्वाद सम्पूर्ण जगत पर बनाए रखें।'' recent visitors 142

सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830 प्रति 10 ग्राम में कारोबार कर रहा

सर्राफा बाजार में गिरावट जारी, 760 रुपये तक सस्ता हुआ सोना, चांदी की भी घटी चमक नवरात्रि के दौरान सर्राफा बाजार में गिरावट लगातार जारी सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830  प्रति 10 ग्राम में कारोबार कर रहा नई दिल्ली नवरात्रि के दौरान घरेलू सर्राफा बाजार में गिरावट लगातार जारी है। आज सोना की कीमत में 700 से 760 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के कारण आज देश के अधिकांश सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830 रुपये से लेकर 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 70,440 रुपये से लेकर 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी आज बड़ी गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 93,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 76,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 70,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं, पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 76,730 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 70,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी गिरावट आने की वजह से सोना सस्ता हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।     recent visitors 119

यूपी में रेल पटरी पर अज्ञात लोगों ने रखे छोटे पत्थर, फिर ट्रेन पलटाने की साजिश

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक बार फिर ट्रेन पलटाने की साजिश की गई है। यहां पर बृहस्पतिवार की सुबह रेल की पटरी पर अज्ञात लोगों ने छोटे पत्थर रख दिए, लेकिन ट्रेन उन पर से सकुशल गुजर गई और एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। अप और डाउन लाइन की रेल पटरी पर लगभग 20 मीटर तक रखे छोटे-छोटे पत्थर तेज आवाज के साथ टूटे तो चालक की सांसें थम गईं। लोको पायलट की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।   छोटे-छोटे पत्थरों को पीसटी हुई निकली ट्रेन बता दें कि रेलवे पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सहारनपुर से मुरादाबाद जा रही मेमू ट्रेन जब गढ़मलपुर क्रासिंग पर पहुंची तो पटरी पर पत्थर टूटने की आवाज आई। हालांकि ट्रेन सकुशल निकल गयी। बाद में चालक ने मुर्शदपुर स्टेशन पहुंच कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर की गयी जांच में पता चला कि पटरी पर किसी ने छोटे-छोटे पत्थर रख दिए थे जिन्हें पीसती हुई ट्रेन आगे निकल गयी। जांच में जुटे पुलिस अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि रेलवे पुलिस जांच पड़ताल कर रही है कि यह बच्चों की शरारत है या साजिश के तहत पटरी पर पत्थर रखे गये। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कानपुर, जौनपुर और बागपत समेत कई जगहों पर पटरी पर रसोई गैस सिलिंडर, खम्बा और लट्ठा आदि रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से कुछ मामलों में ट्रेन को पलटाने की साजिश की आशंका भी जाहिर की गयी है। ​​​​​​​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बलरामपुर दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। आज सुबह सीएम योगी देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।   recent visitors 87

बेटे दीपेंद्र को नहीं बना पाए मुख्यमंत्री, भूपेंद्र हुड्डा का टूटा सपना

चंडीगढ़ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बार हाथ से सत्ता जाने का गम तो है ही, साथ ही अपने सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री नहीं बनवा पाने की कसक भी कम नहीं है। कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में जब भी मुख्यमंत्री के पद की दावेदारी का सवाल आया, हुड्डा ने हर बार यही कहा कि वे अभी ना तो टायर्ड (थके) हुए और ना ही रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) हुए हैं, लेकिन हुड्डा चाहते थे कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह अपने सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए कांग्रेस हाईकमान के समक्ष मुख्यमंत्री के पद की पैरवी करेंगे। सपना रह गया अधूरा मगर राज्य में हवा के बावजूद कांग्रेस सत्ता से चूक गई और हुड्डा का बेटे को मुख्यमंत्री बनवाने का ख्वाब भी अधूरा रह गया।  कांग्रेस को पूरी उम्मीद थी कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, लेकिन भाजपा ने धरातल पर ऐसा गेम पलटा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के दावेदारों के सारे अरमान रखे रह गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस की दलित नेता कुमारी सैलजा ने पूरे चुनाव के दौरान अपनी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को कमजोर नहीं पड़ने दिया। सैलजा की दावेदारी के बीच कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सीएम बनने की इच्छा जताई। दीपेंद्र हुड्डा ने खुद कभी नहीं की दावेदारी हालांकि, रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार भी अपने मुंह से ऐसा नहीं बोला कि वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। अपने भाषणों में दीपेंद्र ने मुख्यमंत्री पद के लिए हमेशा पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की दावेदारी ही पेश की। इसके विपरीत कांग्रेस में चल रही इस कलह के बीच भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की जोड़तोड़ में लगे रहे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने जनसभाओं में दीपेंद्र के कामकाज की दिल खोलकर तारीफ की। इससे हुड्डा को अपने बेटे किए माहौल बनाने में आसानी हो गई। दीपेंद्र हुड्डा के लिए था अच्छा मौका कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, पार्टी पर्यवेक्षक अशोक गहलोत और अजय माकन तथा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल तक अधिकतर वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भरोसेमंद हैं। इसलिए उन्हें बेटे के लिए पैरवी करने में ज्यादा परेशानी नहीं आती, मगर मामला सिरे चढ़ने से पहले ही बिगड़ गया। हुड्डा की उम्र इस समय 77 साल है। भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद अब राज्य में 2029 में चुनाव होंगे। उस समय हुड्डा की उम्र करीब 82 साल होगी। ऐसे में तब की परिस्थिति के अनुमान के हिसाब से इस बार हुड्डा के लिए बेटे की पैरवी करना ज्यादा आसान रह सकता था। हुड्डा के नेतृत्व में लड़े गए 4 चुनाव हरियाणा में कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में अब तक चार चुनाव लड़े हैं, लेकिन किसी भी चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया है। साल 2005 में कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और कांग्रेस को 67 सीटें मिली थी, लेकिन हाईकमान ने हुड्डा को सांसद होते हुए भी मुख्यमंत्री बना दिया था। इसके बाद साल 2009 का पहला चुनाव हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने लड़ा। उस समय कांग्रेस को 40 सीटें मिली, जो कि पूर्ण बहुमत से छह कम थी, राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हुड्डा ने अपने रणनीतिक कौशल के चलते विधायकों का इंतजाम कर लिया था और सरकार बना ली थी। इसी तरह साल 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जबकि साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस की 31 सीटें आई, जो कि बहुमत से 15 सीट कम थी। इस बार साल 2024 के चुनाव में कांग्रेस की 37 सीटें आई हैं, जो कि बहुमत से 11 सीट कम हैं। recent visitors 114