बिल गेट्स बड़ा सुंदर बिजनेस तो कर पा रहे हैं, परिवार नहीं चला पा रहे हैं, पत्नी को खुश नहीं रख पा रहे: अनिरुद्धाचार्य

नई दिल्ली कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और उनकी एक्स वाइप मेलिंडा गेट्स के तलाक पर बयान दिया है। उन्होंने कहा, “आज देखिए बड़े-बड़े डॉक्टर्स हैं, बड़े-बड़े जज हैं, बड़े-बड़े इंजीनियर हैं, बड़े-बड़े एडवोकेट हैं…पढ़ा-लिखा समाज है। ये लोग बड़ा सुंदर व्यापार तो कर पा रहे हैं। बड़ा सुंदर बिजनेस तो कर पा रहे हैं। लेकिन वही लोग अपना परिवार नहीं चला पा रहे हैं, अपनी पत्नी को खुश नहीं रख पा रहे हैं, अपने बच्चों को सही रास्ता नहीं दिखा पा रहे हैं।” दिया बिल गेट्स का उदाहरण अनिरुद्धाचार्य ने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में कहा, “एक छोटा उदाहरण मैं हमेशा देता हूं बिल गेट्स का। बिल गेट्स जैसा सफल व्यापारी धरती पर कौन होगा? सफल बिजनेसमैन कौन होगा? उसने व्यापार चलाना तो सीख लिया पर परिवार चलाना नहीं सीख पाया। इसलिए 27 सालों के बाद बिल गेट्स की पत्नी ने उसे तलाक दे दिया।” बताया परिवार का महत्व अनिरुद्धाचार्य ने अपनी बात को समझाते हुए आगे कहा, “परिवार चलाना अलग है और व्यापार चलाना अलग। आज कल लोग सिर्फ पैसों के पीछे भाग रहे हैं। पैसा होना चाहिए। पैसा बुरा नहीं है। लेकिन पैसे से ज्यादा महत्व परिवार काे देना चाहिए। परिवार को सबसे ऊपर रखना चाहिए। अगर पत्नी, बेटा और मां-बाप खुश रहेंगे न तो पैसा अपने आप आ जाएगा। जरूरत के वक्त पैसा काम आता है, लेकिन जो चीज पैसा भी नहीं कर पाता वो परिवार कर देता है। इसलिए उसका महत्व पैसों से कहीं ज्यादा है।” recent visitors 62

रतन टाटा ने की थी विदेशी कंपनियों को खरीदने की शुरुआत, JLR को खरीदकर टाटा मोटर्स ग्लोबल प्लेयर बन गई

नई दिल्ली दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का 9 अक्टूबर की देर रात देहांत हो गया। यह भारतीय कारोबार जगत के लिए एक स्वर्णिम युग के अंत सरीखा है। रतन टाटा साल 1991 में जेआरडी टाटा की जगह टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने। उन्होंने एक के बाद एक कंपनियों को खरीदकर टाटा ग्रुप के साम्राज्य को बढ़ाया। ये सौदे न सिर्फ देश में हुए, बल्कि रतन टाटा ने कई बड़ी विदेशी कंपनियों को खरीदा। टाटा कंज्यमूर प्रोडक्ट्स पहले टाटा टी नाम से कारोबार करती थी। इसने साल 2000 में दिग्गज ब्रिटिश चाय कंपनी- टेटली (Tetley Tea) को खरीदा। यह डील 45 करोड़ डॉलर में हुई। इस डील ने दुनिया को इसलिए भी हैरान किया, क्योंकि टेटली साइज में टाटा के मुकाबले दोगुनी बड़ी थी। इस डील के बाद टाटा टी दुनिया की सबसे बड़ी चाय कंपनियों में शुमार हो गई। यह पहली दफा था, जब किसी भारतीय कंपनी ने विदेशी कंपनी का अधिग्रहण किया हो। इससे टाटा ग्रुप के वैश्विक विस्तार की शुरुआत भी हो गई। दो बड़े ऑटोमेकर की खरीद टाटा मोटर्स ने दुनिया के दो बड़े ऑटोमेकर को खरीदा। पहली डील साल 2004 में हुई दक्षिण कोरिया की देवू (Daewoo) से। टाटा मोटर्स ने देवू की कमर्शियल व्हीकल यूनिट को 10.2 करोड़ डॉलर में खरीद लिया। इससे टाटा ग्रुप के पास ट्रक बनाने वाली एडवांस तकनीक आ गई। फिर टाटा मोटर्स ने 2008 में अमेरिकी ऑटोमेकर फोर्ड से Jaguar Land Rover (JLR) की खरीदा। इस 230 करोड़ डॉलर की डील ने टाटा मोटर्स को ऑटो सेक्टर की वैश्विक कंपनी बना दिया। दो स्टील कंपनियों से डील टाटा स्टील ने रतन टाटा की अगुआई में दो बड़े सौदे करके अपना दबदबा बढ़ाया। पहली डील2004 में हुई, जब टाटा स्टील ने सिंगापुर की स्टील कंपनी NatSteel को 48.6 करोड़ डॉलर में खरीदा। वहीं, दूसरा सौदा 2007 में हुआ। इस बार टाटा स्टील ने ब्रिटेन की Corus Steel को 1290 करोड़ डॉलर में खरीदा। यह अपने समय की सबसे बड़ी डील थी और इसने टाटा स्टील की दुनिया की टॉप-10 स्टील कंपनियों में शुमार कर दिया। अमेरिकी होटल में भी चेक-इन टाटा ग्रुप की होटल कंपनी- ताज होटल ने साल 2006 में अमेरिका के The Ritz-Carlton Boston Hotel को खरीदा। यह सौदा करीब 17 करोड़ डॉलर में हुआ। इससे ताज लग्जरी ब्रांड को वैश्विक विस्तार का मौका मिला और कंपनी ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में अपना दबदबा मजबूत किया। Brunner Mond को खरीदा टाटा ग्रुप की केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स ने 9 करोड़ पौंड में ब्रिटेन की सोडा ऐश बनाने वाली Brunner Mond को अपना बना लिया। इस अधिग्रहण की बदौलत टाटा केमिकल्स सोडा ऐश बनाने के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो गई। Starbucks के साथ ज्वाइंट वेंचर टाटा ग्लोबल बेवरेजेज ने अमेरिका की Starbucks के साथ फ्रेंचाइजी मॉडल की डील की। यह एक ज्वाइंट वेंचर था। इसकी बदौलत टाटा ग्रुप को भारत में स्टारबक्स आउटलेट्स लॉन्च करने की इजाजत मिल गई और उसने तेजी से बढ़ रहे कॉफी रिटेल मार्केट में एंट्री कर ली। BigBasket का अधिग्रहण रतन टाटा ने साल 2012 में रिटायर हो गए थे, लेकिन वह टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस बने रहे। टाटा ग्रुप ने मई 2021 में बिग बास्केट का अधिग्रहण किया। टाटा डिजिटल ने बिग बास्केट में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदी। इससे टाटा ग्रुप के लिए ई-कॉमर्स सेक्टर में एंट्री का रास्ता साफ हो गया। Air India को फिर अपना बनाया एयर इंडिया के साथ टाटा ग्रुप का भावनात्मक रिश्ता रहा है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में जेआरडी टाटा ने की थी। लेकिन, साल 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। साल 2022 में टाटा सन्स ने 18,000 करोड़ में एयर इंडिया को खरीदा। तब टाटा ग्रुप के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन और चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा थे। recent visitors 186

राहुल गांधी यह दोहराते दिखे 100 में से महज 3 फीसदी ही ओबीसी अधिकारी हैं, अब पार्टी में ही नजरअंदाज करने के आरोप

नई दिल्ली संसद में भाषण से लेकर रैलियों तक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार यह दोहराते दिखे हैं कि आखिर देश के सचिवों में से कितने ओबीसी है। वह कहते रहे हैं कि 100 में से महज 3 फीसदी ही ओबीसी अधिकारी हैं, जबकि उनकी 60 फीसदी से ज्यादा आबादी है। वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ओबीसी, एससी और एसटी की उपेक्षा के आरोप में घेरते रहे हैं। लेकिन अब खुद कांग्रेस में ही इस मुद्दे पर बवाल मचा है और ओबीसी नेताओं को नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं। हरियाणा में हार के बाद राज्य में माहौल ही बदल गया है। अहीरवाल बेल्ट के सीनियर नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने पिछड़ों की उपेक्षा के आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'कांग्रेस को दक्षिण हरियाणा खासतौर पर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में सिर्फ एक सीट मिली है। अहीरवाल का कांग्रेस कार्यसमिति, केंद्रीय चुनाव समिति, कांग्रेस महासचिवों और हरियाणा प्रदेश कमेटी तक में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। ओबीसी कांग्रेस का चेयरमैन जैसे पद के पास तो कोई ताकत नहीं है। यह दंतहीन है।' यही नहीं उनकी पोस्ट पर एक अन्य नेता डॉ. अरुणेश यादव ने भी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि आपने बिलकुल सही कहा है। इसके अलावा यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट चलाने वाले संजय यादव ने भी कहा कि पिछड़ों को उनका अधिकार मिलना ही चाहिए। इस तरह कैप्टन अजय यादव की पोस्ट ने एक तरह से राहुल गांधी को आईना दिखाया है। पार्टी के भीतर ही पिछड़ों की उपेक्षा का आरोप इसलिए खास है क्योंकि राहुल गांधी लगातार आरक्षण की 50 फीसदी सीमा खत्म करने, जातिगत जनगणना कराने और पिछड़ों को नौकरशाही से लेकर राजनीति तक में मौका देने की वकालत करते रहे हैं। ऐसी स्थिति में अब कैप्टन अजय यादव का ही आरोप लगाना चिंता की बात है। दरअसल हरियाणा के नतीजों को लेकर एक राय यह भी सामने आई है कि जाटों की तुलना में कांग्रेस ने यादव, गुर्जर, सैनी, कश्यप जैसी अन्य ओबीसी बिरादरियों को कम महत्व दिया और इससे वे लोग भाजपा के साथ गए। इसके अलावा भाजपा सरकार ने अहीरवाल बेल्ट में नौकरियां भी खूब दी हैं। कैप्टन अजय यादव ने कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण नतीजों से पहले ही सीएम पद को लेकर मची खींचतान को भी माना है। recent visitors 74

पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा सना के पिता का निधन, टूटा दुखों का पहाड़

नई दिल्ली यूएई में खेले जा रहे महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बीच पाकिस्तान क्रिकेट फैंस के लिए दुखद खबर सामने आई है। पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा सना के पिता का निधन हो गया है। इसके चलते उन्हें बीच टूर्नामेंट से वापस घर लौटना पड़ा है। पाकिस्तान के बचे हुए मैच में मुनीबा टीम की कप्तानी कर सकती हैं। पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा के पिता का गुरुवार को कराची में निधन हो गया। पिता के अचानक निधन के कारण फातिमा सना टूर्नामेंट को बीच में ही छोड़कर वापस अपने देश लौट गई हैं। टीम पूर्व कप्तान निदा डार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी जानकारी दी है। उन्हें अपने संदेश में दुख जाते हुए कहा कि पूरी टीम इस दुख की घड़ी में आपके साथ खड़ी है।   महिला टी20 वर्ल्ड कप की हैं सबसे युवा कप्तान गौरतलब हो कि फातिमा सना पहली बार महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम की बागडोर संभाल रही हैं। फातिमा सना इस टी20 वर्ल्ड कप की सभी 10 टीमों में सबसे युवा कप्तान भी हैं। इनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने पहले मैच में श्रीलंका को हराकर शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में हराया था। ग्रुप-ए में तीसरे स्थान पर है पाकिस्तान बता दें क महिला टी20 वर्ल्ड कप के प्वाइंट्स टेबल की बात करें तो ग्रुप-ए में पाकिस्तान 2 अंक के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। इस ग्रुप में पाकिस्तान, भारत, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ है। पाकिस्तान का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ है। इसके बाद उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है। दोनों ही मैच पाकिस्तान के लिए करो या मरो वाले हैं। ऐसा है फातिमा का क्रिकेट करियर अगर बात करें फातिमा सना की तो इस 22 साल की युवा क्रिकेटर ने अब तक 41 वनडे और 45 टी20 इंटरनेशल मैच खेले हैं। फातिमा ने वनडे में 482 रन और टी20I में 359 रन बनाए हैं। वह मीडियम पेसर भी हैं। इस ऑलराउंडर खिलाड़ी ने वनडे में 51 तो टी20I में 35 विकेट लिए हैं। recent visitors 153

सचिन तेंदुलकर ने रतन टाटा साथ बिताए कुछ यादगार पलों को याद किया, दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का बुधवार की देर रात 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत खेल जगत के कई खिलाड़ियों ने इस पर दुख जताया। रतन टाटा खेलों में काफी दिलचस्पी रखते थे और वो हमेशा खिलाड़ियों की हौसला अफजाई किया करते थे। टाटा ग्रुप ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ भारत में खेलों को बढ़ावा देने में भी अहम योगदान दिया है। सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा, वीरेंद्र सहवाग, सूर्यकुमार यादव, एथलीट नीरज चोपड़ा सहित कई खेल सितारों ने उनके निधन की दुखद खबर सुनने के बाद सोशल मीडिया पर रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। एक्स पर सचिन तेंदुलकर ने उनके साथ बिताए कुछ यादगार पलों को याद किया। उनके साथ अपनी आखिरी मुलाकात की तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा, ”अपने जीवन और निधन से, मिस्टर रतन टाटा ने देश को प्रभावित किया। मुझे उनके साथ कुछ समय बिताने का मौका मिला, लेकिन लाखों लोग, जो उनसे कभी नहीं मिले, आज उसी दुख का अनुभव कर रहे हैं। उनकी छाप ऐसी है। जानवरों के प्रति उनके प्यार से लेकर उनकी परोपकारी कार्यों तक, उन्होंने दिखाया कि सच्ची तरक्की तभी हासिल की जा सकती है जब हम उन लोगों की परवाह करें जिनके पास अपनी देखभाल करने के साधन नहीं हैं। आपकी आत्मा को शांति मिले श्री टाटा। आपकी विरासत आपके जरिए बनाए गए संस्थानों और आपके जरिए अपनाए गए मूल्यों के माध्यम से जिंदा रहेगी।” भारत के वनडे और टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने लिखा, ‘एक गोल्डन हार्ट व्यक्ति। सर, आपको हमेशा एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा, जिसने वास्तव में परवाह की और अपना जीवन दूसरों को बेहतर बनाने के लिए जीया।’ टीम इंडिया के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लिखा, ‘एक युग का अंत। दयालु भाव के प्रतीक, सबसे प्रेरणादायक, एक अद्भुत व्यक्ति। सर, आपने बहुत से दिलों को छुआ है। आपका जीवन देश के लिए एक आशीर्वाद रहा है। आपकी जनहित सेवा के लिए धन्यवाद। आपकी विरासत अमर रहेगी। श्रद्धांजलि।’ पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, “हमने भारत के एक सच्चे रतन, श्री रतन टाटा जी को खो दिया है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा रहेगा और वे हमारे दिलों में जीवित रहेंगे। ओम शांति।” पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के रजत पदक विजेता और टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने भी रतन टाटा के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी संवेदना व्यक्त की। नीरज चोपड़ा ने लिखा, ‘श्री रतन टाटा जी के निधन के बारे में सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। वे एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, और मैं उनके साथ हुई बातचीत को कभी नहीं भूल पाऊंगा। उन्होंने पूरे देश को प्रेरित किया। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनके चाहने वालों को शक्ति मिले। ओम शांति।’   recent visitors 76

रतन टाटा की प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों के पुजारी एक साथ आए, सभी धर्मों के लोग नजर आए

नई दिल्ली देश के मशहूर उद्योगपति और टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा का निधन देर रात बुधवार को हो गया। इस खबर ने पूरे देश को झकझोर कर दिया है। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और अक्सर इलाज के लिए अस्पताल जाया करते थे।  9 अक्टूबर को रात 11:30 बजे दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर फैल गई है। जिसके बाद आज उनके पार्थिक शरीर को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) के लॉन में रखा गया। यहां पर लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। विविधता में एकता रतन टाटा की प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों के पुजारी एक साथ आए। इस समारोह में पारसी, मुस्लिम, ईसाई, सिख और हिंदू धर्म के पुजारियों ने मिलकर प्रार्थना की। यह दृश्य सच्चे भारत की झलक पेश करता है, जहां सभी धर्मों के लोग एकत्र होकर एक ही उद्देश्य के लिए प्रार्थना कर रहे थे। इस विविधता में एकता का संदेश समाज को जोड़ने का काम करता है। इस प्रकार की एकजुटता हमें यह सिखाती है कि मानवता और सम्मान का धर्म सभी से बड़ा होता है। रतन टाटा ने जीवन भर इस एकता का संदेश फैलाया, और उनकी याद में आयोजित यह प्रार्थना सभा उस मूल्य को दर्शाती है। recent visitors 65

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी आफ इंडिया नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सौजन्य भेंट की

रायपुर छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका जी से पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी आफ इंडिया नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजीत पाठक जी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पी.आर.एस.आई. के सेक्रेटरी जनरल डा.पी.एल.के.मूर्ति, रायपुर चैप्टर के चैयरमेन डॉ शाहिद अली मौजूद रहे। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजीत पाठक ने पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी के   के महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में जानकारी दी। डॉ पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय हित से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने में पीआरएसआई अपनी सतत् भूमिका निभा रही है। डॉ अजीत पाठक ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि छत्तीसगढ़ में पहली बार पब्लिक रिलेशन्स कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है और इसी वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष का उत्सव मनाया जाना है। आल इण्डिया कांफ्रेंस के अवसर पर पीआरएसआई पूरे देश से आए जनसंपर्क कर्मियों के समक्ष छत्तीसगढ़ राज्य की विकास यात्रा और आने वाले समय के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की स्वर्णिम योजनाओं को प्रस्तुत करेगी। यह कांफ्रेंस छत्तीसगढ़ राज्य की छवि और प्रतिष्ठा के लिए एक नये युग की शुरुआत करेगी। डॉ पाठक ने पीआरएसआई के 65 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा की चर्चा करते हुए संस्था द्वारा जनसंपर्क के प्रमुख प्रकाशनों तथा रायपुर में आगामी 20-22 दिसंबर 2024 के कांफ्रेंस ब्रोशर की पुस्तिका भेंट की। राज्यपाल महोदय ने पीआरएसआई कांफ्रेंस के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रदान की।  उल्लेखनीय है कि कांफ्रेंस की तैयारियों के विषय में डॉ पाठक छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। recent visitors 68