सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” 'होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?' मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

सीएम योगी अफवाह फैलाने वालों और शरारतपूर्ण बयान देने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया

लखनऊ आगामी चैत्र नवरात्रि, रामनवमी, ईद-उल-फितर, बैशाखी जैसे प्रमुख पर्वों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए और कहा कि परंपरा के विपरीत कोई भी कार्य न किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क मार्ग बाधित न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शोभायात्राएं, मेले और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिससे यह समय संवेदनशील हो जाता है. इसलिए सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को चौकसी बढ़ाने और सतत निगरानी रखने की जरूरत है. उन्होंने अफवाह फैलाने वालों और शरारतपूर्ण बयान देने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया. शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने पर जोर न्यूज एजेंसी की मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के नेतृत्व में सभी धर्म-सम्प्रदायों के पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं. इस क्रम को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं. उन्होंने निर्देश दिया कि पर्वों के दौरान जनता को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. विशेष रूप से ईद के अवसर पर साफ-सफाई, स्वच्छता, और पेयजल व्यवस्था की पुख्ता तैयारी करने को कहा. साथ ही, अलविदा की नमाज़ के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए. उन्होंने पुलिस फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, पीआरवी 112 को सक्रिय रखने और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए. किसी भी प्रकार की अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई करने और जनता को सकारात्मक संदेश देने की अपील की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीस कमेटी की बैठकें समय रहते आयोजित करने और मीडिया के सहयोग से शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखने को कहा. उन्होंने कहा कि संवाद और त्वरित कार्यवाही अप्रिय घटनाओं को रोकने में सहायक होती है. धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित लोगों से संवाद करें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन और मंडल स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संवाद स्थापित करें. उन्होंने कहा कि छोटी-सी अफवाह भी माहौल बिगाड़ सकती है, इसलिए पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहना होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामनवमी पर अयोध्या और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मां विंध्यवासिनी धाम, देवीपाटन धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी धाम और सीतापुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में सुशासन और सुव्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए. उन्होंने भीड़ प्रबंधन को लेकर बेहतर योजना बनाने के निर्देश दिए.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया जाए. साथ ही, गर्मी के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया, मैट आदि की विशेष व्यवस्था की जाए. देवी स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती के निर्देश भी दिए गए. उन्होंने सभी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने, एम्बुलेंस को तैयार रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासन और पुलिस विभाग को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा ताकि प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ संपन्न हो सकें.   recent visitors 46

नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा, आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह : CM योगी

बहराइच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच की तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के मुख्य भवन के उद्घाटन कार्यक्रम शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में बहराइच की पहचान को महाराजा सुहेलदेव के शौर्य के साथ जोड़ा. योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी का बिना नाम लिए कहा कि विदेशी आक्रांता को महाराजा सुहेलदेव ने इस बहराइच में धूल धूसरित करने का काम किया था. बहराइच ऋषि बालार्क के नाम पर था. सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव और ऋषि बालार्क को बहराइच की पहचान बताते हुए कहा कि अधिकारी कर्मचारियों को अब अपने पोस्टिंग स्थल पर रात्रि निवास करना होगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा, "भारत की सनातन संस्कृति का गुणगान दुनिया कर रही है. हर नागरिक का दायित्व है कि वो भी ऐसा करे. किसी आक्रांता का महिमामंडन नहीं करना चाहिए. नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा. आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह है. बहराइच में किसके नाम पर विवाद? संभल के बाद सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर बहराइच में भी हलचल बढ़ गई है. दरअसल, 1034 ईस्वी में बहराइच जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली चित्तौरा झील के किनारे महराजा सुहेलदेव ने अपने 21 अन्य छोटे-छोटे राजाओं के साथ मिलकर सालार मसूद गाजी से युद्ध किया था और उसे युद्ध में पराजित कर मार डाला था. उसके शव को बहराइच में ही दफना दिया गया था, जहां सालाना जलसा होता है. जानिए गजनवी के सेना के मुखिया के बारे में जानकारों के मुताबिक, सैयद सालार मसूद गाजी का जन्म 1014 ईस्वी में अजमेर में हुआ था. वह विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी का भांजा होने के साथ उसका सेनापति भी था. तलवार की धार पर अपनी विस्तारवादी सोच के साथ सालार मसूद गाजी 1030-31 के करीब अवध के इलाकों में सतरिख (बाराबंकी ) होते हुए बहराइच, श्रावस्ती पहुंचा था.   recent visitors 53

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए

वाराणसी वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को लेकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, उन्होंने होली पर डीजे की तेज आवाज पर भी सख्त नियंत्रण की बात कही. बता दें कि योगी सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों से अनावश्यक लाउडस्पीकरों को हटाने की मुहिम लगातार जारी है. अप्रैल 2022 से यूपी में व्यापक अभियान चलाकर लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं. लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, वाराणसी, गोरखपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में यह कार्रवाई की गई थी. DJ और तेज ध्वनि पर सख्ती : न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक सीएम योगी ने वाराणसी में बैठक के दौरान होली जैसे त्योहारों पर डीजे के तेज शोर पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए, ताकि किसी को असुविधा न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे. होली पर विशेष सुरक्षा के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान होली और होलिका दहन को लेकर विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शोभायात्राओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए. सीएम योगी ने बेहतर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के भी निर्देश दिए हैं, ताकि होलिकोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. उन्होंने पुलिस प्रशासन से आम जनता, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के साथ शालीन व्यवहार करने को कहा है. गौ तस्करों पर नजर: सीएम ने गौ तस्करों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है. इसकी जवाबदेही तय करने पर भी मुख्यमंत्री का जोर रहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ तस्करी पर पूर्णतया प्रतिबंध है. इसमें जो भी संलिप्त पाया जाय, वह तस्कर हो, वाहन स्वामी या फिर पुलिस प्रशासन का ही व्यक्ति, उस पर कठोर कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया को गौ-तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनपदवार समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय करने को निर्देशित किया. उन्होंने राजस्व से संबंधित वादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय से एक ही पटल पर जमे एवं शिथिलता बरतने वाले कर्मियों को हटाया जाए. सीएम हेल्प लाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का मेरिट के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.   अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए थाना-स्तर पर टॉप-10 अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और फुट पेट्रोलिंग को अनिवार्य करने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस बूथों और पिंक बूथों पर हर समय पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने होलिका दहन, होली के जुलूस की तैयारियों, महाकुंभ के सफल आयोजन और तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और होली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया.   recent visitors 44

बरसाना में रंगोत्सव का शुभारंभ, सीएम योगी ने कहा अब बारी मथुरा-वृंदावन की है

 मथुरा मथुरा के बरसाना में रंगोत्सव का शुभारंभ हो गया है. भगवान श्रीकृष्ण की नगरी रंगों में डूब चुकी है. बरसाना के रंगोत्सव कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए, जहां उन्होंने लड्डू होली का आनंद लिया. इस दौरान सीएम योगी श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर फूलों वाली होली खेलते नजर आए. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जैसे अयोध्या सुंदर नगरी बन गई है, जैसे प्रयागराज तीर्थों का राजा बन गया है, जैसे काशी का कायाकल्प हुआ, वैसे ही अब बारी मथुरा-वृंदावन की है.   वहीं, दिल्ली की यमुना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा की दिल्ली में भी रामभक्तों की सरकार है, अब यमुना मैया और भी ज्यादा निर्मल होंगी. मोदी जी ने 2014 में आने के बाद विरासत और विकास की नई परंपरा को भारतवासियों का प्रदान किया है., जिसका परिणाम महाकुंभ के भव्य आयोजन में देखने को मिला, काशी में देखा है, अयोध्या में देखा है, आज मथुरा और ब्रजभूमि में देखने को मिला है.   आपको बता दें कि ब्रज में 40 दिन रंगोत्सव चलता है. बरसाना में होली को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कल यहां लठमार होली खेली जाएगी. इस बीच आज सीएम योगी मथुरा पहुंचे. बरसाना में राधा रानी के दर्शन के बाद उन्होंने रंगोत्सव का शुभारंभ किया. मथुरा में वह अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए. मथुरा दौरे के दौरान श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज से एक वीडियो सामने आई, जिसमें सीएम योगी श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्पवर्षा कर रहे हैं. वहीं, श्रद्धालु नाचते-गाते-झूमते दिखाई दिए. लोग होली के रंग में सराबोर नजर आए. इस दौरान आसपास भारी पुलिस बल भी तैनात रहा. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद आज मैं होली की शुभकामनाएं देने और राधा रानी के चरणों में नमन करने बरसाना आया हूं. हमारी ब्रजभूमि भारत के सनातन धर्म की अगाध श्रद्धा की भूमि है.   recent visitors 59

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की : सीएम योगी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का जिक्र किया. उन्होंने मजबूत कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन उत्पीड़न/अपराध की एक भी घटना नहीं हुई. कुल 67 करोड़ श्रद्धालु कुंभ आए लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई. वहीं, समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- "आप(समाजवादी पार्टी) भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं.  आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं? हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं… 45 दिनों के आयोजन(महाकुंभ) ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है." प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "महाकुंभ के 45 दिनों में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक लोग मेले में आए. महाकुंभ में आए 66 करोड़ लोगों में से आधी संख्या महिला तीर्थयात्रियों की रही होगी, लेकिन उत्पीड़न, लूट, अपहरण या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई… महाकुंभ में अपेक्षा से अधिक लोग आए और जो लोग आए और पवित्र स्नान किया, वे अभिभूत होकर लौटे. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की." सीएम योगी ने आगे कहा- "आज की समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन उनके आदर्शों से दूर हो गई है. डॉ. लोहिया के आचरण, आदर्शों और सिद्धांतों को सपा भूल गई है. उन्होंने कहा कि विष्णु, शंकर और राम भारत की एकता के आधार हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी इसमें विश्वास नहीं करती. हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं. महाकुंभ में भारत की विरासत और विकास की अनूठी छाप देखने को मिली. महाकुंभ में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखा गया." बकौल सीएम योगी- इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया. ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था.  इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है. दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है. मगर कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ कमियां ही नजर आ रही थीं.     recent visitors 57

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।     recent visitors 62