सफाईकर्मियों को 10 हजार बोनस, अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे… सीएम योगी की घोषणा, 16 हजार रुपये मासिक मिलेंगे…

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के समापन के मौके पर सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को 10,000 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। 1 अप्रैल से हर सफाई कर्मचारी को 16,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। साथ ही, सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को 5,00,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा का भी ऐलान किया। वर्तमान समय में यूपी में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 14 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इस प्रकार इसमें दो हजार रुपये का इजाफा सरकार की ओर से किया गया है। संगम तट पर इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा की आरती की। इसके बाद विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया। महाकुंभ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले स्वच्छता कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हर किसी के सहयोग से यह महाकुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। सीएम योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ में काम कर रहे स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, मंच से ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम स्थल गूंज गया। वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित भव्य और दिव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच है। इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं। जैसा प्रयागराज महाकुंभ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं। आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है। सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है। स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा। आज हमने इसकी शुरुआत की है। अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें। मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है। स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा प्रयागराज सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे। उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत मार्गदर्शन दिया। भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को यूपी सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए जुटे थे। हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया। इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है। आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण किया पेश सीएम योगी ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की। एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की। दूसरी पुलिस के व्यवहार की। ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो। पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो। यही नहीं, प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया। जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया। अपनी परेशानी को भूल कर वे इस आयोजन का हिस्सा बने। सीएम ने कहा कि जिस शहर में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं, वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी? जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं। अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है। यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया। जिस मार्ग से तीर्थयात्री और श्रद्धालु, पूज्य संत गए, उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए प्रदेशवासी वहां नजर आए। प्रदेशवासियों ने आतिथ्य का जो उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसके लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त सीएम योगी ने प्रदेश में टूरिज्म की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं। एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना। जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे। इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे। एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का। सीएम ने … Read more

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को 'सभी जन एक हैं' का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि 'एकता, समता, समरसता का महायज्ञ' महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को 'सभी जन एक हैं' का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव 'वसुधैव कुटुंबकम्' के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, प्रॉपर्टी महिला के नाम पर खरीदने पर स्टांप शुल्क 6%

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा फैसला लेने जा रही है। प्रदेश में महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर बड़ी छूट देने की तैयारी कर ली गई है। अब तक 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर मिलने वाली 1 फीसदी की छूट को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर लागू करने की तैयारी है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने वालों की संख्या में वृद्धि होगी। महिलाओं के हाथें में संपत्ति का अधिकार आने के बाद उनकी परिवार में निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प-न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है। जल्द ही इसे कैबिनेट से पास कराने की तैयारी है। इस फैसले से महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकेगी। उनके नाम पर संपत्ति खरीदने को प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि, अब महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार एक और फैसला लेने वाली है. अब एक करोड़ की संपत्ति पर स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. विभाग के द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में एक करोड़ तक की संपत्ति महिला के नाम पर खरीदने पर स्टांप शुल्क 6% होगा. इससे लगभग एक लाख रुपए तक का फायदा मिलेगा. महिलाओं के नाम पर दर्ज संपत्ति में मिलने वाली नई छूट को लेकर उत्तर प्रदेश के स्टांप शुल्क पंजीयन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है. उच्च स्तर पर सहमति भी बन गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि योगी सरकार की अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुहर भी लग जाएगी. स्टाम्प शुल्क में होगा बदलाव यूपी सरकार की ओर से अभी तक 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर ही महिलाओं को 1 फीसदी की छूट मिल रही थी। नए प्रस्ताव के मुताबिक, 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर 7 फीसदी की जगह 6 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लिया जाएगा। इससे महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक का सीधा लाभ होगा। राज्य सरकार ने इससे पहले भी महिलाओं को संपत्ति हस्तांतरण में प्रोत्साहन देने के लिए गिफ्ट डीड योजना के तहत केवल 5000 रुपये में संपत्ति हस्तांतरण की सुविधा दी थी। इससे महिलाओं के नाम पर करीब 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की गई। योगी सरकार का बड़ा कदम महिलाओं के संपत्ति खरीद पर छूट प्रस्ताव को 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले कैबिनेट में रखा जा सकता है। यूपी सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट 20 फरवरी को पेश किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार से महिला कल्याण के बजटीय आवंटन में से इस छूट की भरपाई हो सकेगी। योगी सरकार के इस फैसले को महिला सशक्तीकरण के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य में महिलाओं की संपत्ति स्वामित्व में वृद्धि होने की संभावना है। यह प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने पर भी असर डालेगा। recent visitors 65

महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों ने किया स्नान, माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि पर टूट सकते हैं पिछले रिकॉर्ड

प्रयागराज जया एकादशी पर रवि योग में अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए शनिवार को आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही संगम जाने वाले रास्तों पर भीड़ तिल-तिल कर आगे बढ़ती रहीं। भक्तों के साथ संतों ने भी शोभायात्रा निकाल कर संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है।   महाकुंभ में शनिवार को तकरीबन सवा करोड़ ( 1.22 करोड़) श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 12 लाख श्रद्धालु और करीब दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। विश्व के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में आयोजन में 27 दिनों में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। श्रद्धा का रेला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माना जा रहा था की वसंत पंचमी के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन स्नानार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति से 7 फरवरी तक महज 25 दिन में 40.68 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। अभी 18 दिन शेष हैं। प्रयागराज महाकुंभ पर प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया था, लेकिन ये संख्या शुक्रवार को ही पार कर गई। स्नान के महत्व और तैयारियों के बीच देश-दुनिया से रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में मकर संक्रांति के पहले शाही स्नान पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर दूसरे शाही स्नान के अवसर पर रिकार्ड 7.64 करोड़ ने अमृत स्नान किया। तीन फरवरी को तीसरा शाही स्नान था, जब 2.57 करोड़ ने स्नान किया। 26 फरवरी तक महाकुंभ है। उम्मीद है कि श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। शनिवार को एक करोड़ 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 18 दिन का मेला बाकी, 50 करोड़ पार कर सकती है स्नानार्थियों की संख्या  मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ के अभी 18 दिन शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्नान करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर जाएगी। शुक्रवार को स्नानार्थियों का आंकड़ा 40 करोड़ पार कर गया। महाकुंभ के तीनों अमृत स्नान यानी मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी बीत चुके हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रेल और रोडवेज को अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वसंत पंचमी के बाद भी यातायात डायवर्जन लागू करना पड़ा। बृहस्पतिवार को शहर में इस कदर श्रद्धालु उमड़े कि एक से आठ तक के स्कूलों को 12 फरवरी तक ऑनलाइन चलाने का आदेश जारी करना पड़ा। क्या प्रतिबंध रहेंगे लागू? > प्रयागराज शहर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में आज शाम 5 बजे के बाद नो व्हीकल जोन लागू हो जाएगा. हालांकि, आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी. > नो व्हीकल जोन के साथ-साथ बाकी प्रतिबंध श्रद्धालुओं के निकासी तक जारी रहेंगे. > प्रयागराज शहर एवं मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश तथा निकासी पर लगे प्रतिबंध कल्पवासियों के वाहनों पर भी लागू रहेंगे. माघ पूर्णिमा पर होने वाले स्नान को देखते हुए एक दिन पहले ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी. मीटिंग में उन्होंने कहा था कि महाकुंभ मार्ग पर यातायात थमने नहीं दिया जाए. पार्किंग स्थलों का भी बराबर इस्तेमाल होना चाहिए. सड़कों पर गाड़ियों की कतार न लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी न बने. सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश मीटिंग में सीएम योगी ने कहा,'बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का सहयोग करें. पार्किंग स्थल से मेला परिसर के लिए शटल बसें बढ़ाएं. मेला परिसर में एक भी अनाधिकृत वाहन का प्रवेश न हो. एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना ही प्राथमिकता हो. नदी हो या मेला परिसर, लगातार सफाई कराई जाए. प्रयागराज के किसी स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ इकट्ठा न हो. ज्यादा से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें लचाई जाएं.' इन जिलों के अधिकारियों के साथ मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशाम्बी, कानपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर, महोबा और लखनऊ आदि जनपदों/जोन/रेंज में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मंडलायुक्तों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष बैठक की. मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। जया एकादशी पर उमड़ा जन ज्वार, संगम पर भक्ति की हिलोर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था के जन समुद्र में शनिवार को अमृत स्नान सरीखा माहौल नजर आया। भक्ति की लहरें उफना गईं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग। हर तरफ से भक्ति का सागर संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। वहीं, भोर में ही रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा। साथ ही निजी वाहनों से लगभग सभी पार्किंग भर गईं। भीड़ को देखते हुए संगम जाने वाले मार्गों पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद भी श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने को बढ़ते रहे। वहीं, मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। भीड़ के मद्देनजर एहतियातन मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। 12 किमी की परिधि में फैले संगम के घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और … Read more

योगी सरकार का आठ लाख करोड़ का हो सकता है यूपी का बजट, फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होने की उम्मीद

लखनऊ यूपी विधानमंडल का बजट सत्र फरवरी के आखिरी सप्ताह में आहूत किया जाएगा। इसमें करीब 8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने की संभावना है। इस बजट में विकास के योगी मॉडल की छाप दिखेगी। मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं बजट के फोकस में होंगी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अभी सत्र की तिथियां फाइनल नहीं हुई हैं। लेकिन, तैयारियां फरवरी के आखिरी सप्ताह को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। सभी विभागों के बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। पेश हो चुका है आम बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में मोदी सरकार 3.0 का दूसरा बजट पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट को ऐतिहासिक करार दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करेगा, ‘विकसित भारत’ के मिशन को आगे ले जाएगा और विकास, निवेश और उपभोग को कई गुणा बढ़ाएगा। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को हल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और बजट को गोली के घाव पर केवल मरहम पट्टी करार दिया। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। देश के बजट का 16 फीसदी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यूपी का बजट भी आठ लाख करोड़ तक होगा। यह केंद्र के बजट का करीब 16 फीसदी होगा। सभी विभागों से पहुंचे प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रदेश सरकार के करीब-करीब सभी विभागों से बजट के लिए प्रस्ताव मिल गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अधिकारी उन प्रस्तावों पर मंथन करेंगे। उसके बाद बजट का प्रारंभिक मसौदा सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा। रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस जानकारों का मानना है कि गत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार की वजह बेरोजगारी को माना गया। सरकार बजट में सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार पर फोकस करेगी। वहीं, एक्सप्रेस वे, स्टेट हाईवे के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस रहेगा। दलितों और महिलाओं पर भी ध्यान विपक्ष की ओर से लगातार भाजपा को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बजट में दलितों को साधने के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। संकल्प पत्र पूरा करने का लक्ष्य भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले संकल्प पत्र पेश किया था। संकल्प पत्र के 131 वादों में से 110 पूरे हो चुके हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, आगामी बजट में शेष 21 वादे पूरे कर सरकार संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करने की योजना बना रही है। किसान से ‘श्रीराम’ तक समर्पित रहा बजट योगी सरकार का हर बजट किसी न किसी वर्ग के लिए समर्पित रहा है। 2017-18 का बजट किसानों की कर्जमाफी के चलते किसानों को समर्पित रहा। वहीं, 2024-25 का बजट ‘श्रीराम’ को समर्पित रहा। recent visitors 46

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में 'हर घर जल गांव' बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह 'गांव' 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां 'जल जीवन मिशन' बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर 'पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान' थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के 'बाल विहट' गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में 'जल मंदिर' भी बनाया जाएगा। 'जल मंदिर' में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। 'जल मंदिर' में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा। recent visitors 101

जिले, प्रदेश आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश भी आत्मनिर्भर बनेगा: मुख्यमंत्री योगी

बस्ती  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है और 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा।कर्मा देवी शिक्षण संस्थान समूह के 15वां स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की ओर निरंतर अग्रसर है भारत को विकसित देश बनाने के लिए हमें आत्मनिर्भर होना पड़ेगा और इसके लिए पहले हमें आधुनिक शिक्षा ग्रहण करनी होगी। जब हमारा गांव ,नगर, जिला,प्रदेश आत्म निर्भर बनेगा तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। भारत पूरी दुनिया में प्रत्येक क्षेत्र में अपना झंडा बुलंद कर रहा है। कोरोना काल में जिस तरीके से चीन ने भारत को दवा देने से मना कर दिया था और धोखा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फार्मेसी उद्योग ने दवा बनाकर पूरे विश्व को एक नया संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1947 से 2014 तक भारत आर्थिक व्यवस्था से ऊपर-नीचे उठकर 11 वे पायदान पर था लेकिन 2014 के बाद से भारत देश की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गई। सकारात्मक सोच हमें बहुत आगे ले जा सकती है सकारात्मक सोच से ही भारत बहुत तेजी से विकासशील हो रहा है। नकारात्मक सोच हमें गड्ढे में गिरा सकती है इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक सोच से आगे बढ़ना चाहिए। भारत की भाषाएं भारत की एकता का प्रतीक है हमें सभी भाषाओं का अध्ययन करना चाहिए। एक भारत नेक भारत के लिए हमें सदैव कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोग 50 साल इसलिए पीछे हो गए हैं क्योंकि पिछली सरकारों ने आधुनिकता, शिक्षा, संसाधन पर ध्यान नहीं दिया था पिछली सरकारों ने समस्या को समस्या समझा उसको निस्तारण करने से पीछे भागते रहे। इसी कारण से यहां के युवा पलायन करने लगे। अगर उस समय फार्मेसी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज,ला कॉलेज होते तो आज यहां के युवा प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अलग छाप छोड़ रहे होते। फार्मेसी क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र है। बुंदेलखंड में फार्मेसी को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग स्थापित किया गया है। पूरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है आप एक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए सही दिशा में सही काम करे। पूरी दुनिया में जो सबसे अच्छी 100 कंपनियां है उनमें से 20 कंपनियों के सीईओ भारत के हैं जो बेहद ही गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करेगी तभी हमारा गांव ,नगर, जिला , प्रदेश विकास की ओर आगे बढ़ेगा। बस्ती में एक कवि आए थे उन्होंने बहुत पहले कहा था बस्ती को ‘बस्ती को बस्ती कहूं , काके कहूं उजाड़’ लेकिन अब बस्ती एक विकसित नगर बन गया है। बस्ती में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। यहां की भूमि भगवान श्री राम के जन्म के लिए महाराज दशरथ जी ने पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए चुना था। बस्ती की भूमि वंदनीय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश संसाधनों के मामले में हमेशा उपेक्षित रहा है लेकिन प्रदेश सरकार ने बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया, महाराजगंज में मेडिकल कॉलेज स्थापित करके स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन मुंडेरवा चीनी मिल में अन्नदाता किसान प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान गोली चलने से तीन किसान शहीद हो गए थे और पिछली सरकार ने मुंडेरवा चीनी मिल को बेच दिया था यहां के जनप्रतिनिधि ने जब मुझे अवगत कराया तो मेरे द्वारा पुनः चीनी मिल का शुभारंभ कराया गया। केंद्र तथा प्रदेश सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक टीम मास्को गई थी जहां पर आम के बाजार में उन्होंने 8 सौ से लेकर 1 हजार रुपया किलो तक के आम बिकने का अध्ययन किया। बस्ती जनपद की भूमि आम्रपाली आम की जननी है अगर यहां बाजार में 60 -70 रुपए किलो आम बिक रहे है और हम मास्को में आम बेचने के लिए अगर 2 सौ रुपया खर्च करके बेचे तो हमारे अन्नदाता को कई गुना मुनाफा होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है गोबर के खाद से हम एक अच्छी , निरोगित फसल को पैदा कर सकते है। जो हम फसल में कीटनाशक दवाएं डाल रहे हैं उससे बचने के लिए देशी खाद का उपयोग बहुत ही जरूरी है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें देश हित में कार्य करना चाहिए। मनुष्य को चाहे जितनी बड़ी यश प्राप्ति हो जाए अगर वह अपनी मां के प्रति, पिता के प्रति,मातृ भूमि के प्रति, गुरु के प्रति,देव के प्रति लगाव नहीं है तो जीवन सफल नहीं है। कर्मा देवी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष ओम नारायण सिंह से प्रेरणा लेकर अपने पूर्वजों को जीवंत रखने के लिए उनके स्मृति में हमें बहुत कुछ करना चाहिए। श्री योगी ने स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षण संस्थान के पूरे परिवार को बधाई देते हुए यहां के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अलग से क्लास संचालित करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर ओम नारायण सिंह, विधायक अजय सिंह, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत संजय चौधरी, पूर्व विधायक रवि सोनकर , अंकुर वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। recent visitors 47