महाकुंभ से पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना होगी

प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य स्वरूप देने के लिए कुंभ नगरी के कोने-कोने में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की स्थापना की जा रही है । शहर की सड़क, चौराहे और शहर की प्रमुख दीवारें सज संवर रही हैं। प्रयागराज का सिविल एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं है। यहां दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना इसी का हिस्सा है। सृष्टि जीवन का क्रमिक विकास है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह 84 लाख योनियों से होकर गुजरता है। प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट में सृष्टि के इसी विकास क्रम को 84 आलोकित स्तंभों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन इसकी कार्यदाई संस्था है। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राना का कहना है कि एयरपोर्ट के बाहर सड़क के दोनो तरफ इन स्तंभों की स्थापना की जा रही है। 21 करोड़ 30 लाख के बजट से ये विशेष आलोकित स्तंभ तैयार हो रहे हैं। इसके लिए 10 करोड़ की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। नवंबर तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ये स्तंभ आकर्षित करेंगे। एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से जाने वाली सड़क में ये 84 स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। ह स्तंभ की लंबाई 6 मीटर होगी और यह खास स्टोन से बनाया जा रहा है । प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक लगभग 525 मीटर की लंबाई में सीधी रेखा में स्थापित होने वाले इन 84 स्तंभों में जीव 84 लाख योनियों का संकेत होगा, जिससे सृष्टि का सार होगा। एक स्तंभ से दूसरे स्तंभ की दूरी 12 मीटर रखी गई है। हर स्तंभ में भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी लिखे जाएंगे। रात के समय इन स्तंभों में स्पेशल लाइटिंग का इंतजाम किया है ताकि अंधेरे में भी ये उतनी ही चमक के साथ आलोकित होते रहें। स्तंभ के पास फूलदार सजावटी पौधे भी रोपित किए जाएंगे। नजदीक बैठने के लिए विशिष्ट बेंच का भी निर्माण किया जायेगा।     recent visitors 74

उत्तर प्रदेश में नये अध्यादेश में खाने पीने की चीजों में थूक मिलाना गैर-जमानती अपराध माना जाएगा

लखनऊ सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल है, जिसके बारे में सुन पाना भी मुश्किल हो रहा है. सड़क किनारे की दुकानों पर खाने की चीजों में थूक लगाने की खबरें तो अक्सर आती रही हैं, लेकिन इस बार घर में काम करने वाली एक मेड की करतूत सामने आई है. मेड आटा गूंथने के लिए पानी की जगह पेशाब का इस्तेमाल कर रही थी. और उसकी करतूत तब मालूम हो सकी जब घरवालों ने खाना बनाने के वक्त चुपके उसका वीडियो बना लिया. गाजियाबाद के इस मामले में आरोपी मेड को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताते हैं कि वो मेड परिवार में पिछले 8 साल से काम कर रही थी. उन लोगों को शक तब हुआ जब परिवार के लोग कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार होने लगे. परिवार के लोग पेट और लीवर की बीमारियों से जूझ रहे थे. पहले तो सामान्य इन्फेक्शन समझकर इलाज चला, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो शक गहराने लगा – और पीछे लगने पर पूरी कहानी सामने आई. जुलाई, 2024 की ही बात है, कांवड़ यात्रा के रास्ते में आने वाली दुकानों के बाहर स्थानीय पुलिस ने मालिकों को नाम लिखने को कहा तो बवाल मच गया. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, और उस पर रोक लगा दी गई – अब खबर आई है कि यूपी सरकार ऐसे मामलों को रोकने के लिए नया अध्यादेश लाने जा रही है. खाने पीने की चीजों में थूक मिलाना गैर-जमानती अपराध होगा खाने-पीने की चीजों में थूक मिलाने की घटना को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी काफी गंभीरता से लिया है – और ऐसे मामलों में डीजीपी को सख्ती से पेश आने का आदेश दिया है. पुष्कर सिंह धामी ने कहते हैं, 'इस तरह के किसी दुष्कृत्य के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है… ऐसी घटनाओं से न सिर्फ खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं, भावनाएं भी आहत होती हैं… इस तरह की घटनाओं पर हम कठोर कार्रवाई करेंगे.' उत्तराखंड सरकार की तरफ से सभी जिलों में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि होटल, ढाबा और बाकी संस्थानों में काम करने वालों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाये, और सीसीटीवी लगाने के साथ ही खुफिया जानकारी इकट्ठा की जाये. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो थूक या कोई भी ह्यूमन वेस्ट मिलाये जाने को लेकर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रहे हैं. इस सिलसिले में दो अध्यादेश – 'छद्म एवं सौहार्द विरोधी क्रियाकलाप निवारण एवं थूक प्रतिषेध अध्यादेश 2024' और 'यूपी प्रिवेंशन ऑफ कॉन्टेमिनेशन इन फूड (कंज्यूमर राइट टू नो) अध्यादेश 2024' लाये जाने हैं. अध्यादेशों के जरिये थूककर खाना खिलाना गैर-जमानती अपराध तो होगा ही, अपराध के लिए सजा के कड़े प्रावधान भी किये जाएंगे. साथ ही, अध्यादेश आ जाने के बाद सभी को अपने खाने के बारे में पूरी जानकारी लेने का अधिकार होगा. दोनो अध्यादेश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. खाना कहां बन रहा है? कौन बना रहा है? और खाना कैसा है? अध्यादेश में उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों के बारे में ,सब कुछ जानने का करीब करीब वैसे ही अधिकार मिलेगा, जैसे RTI में सूचना को लेकर मिला हुआ है. खाने में थूक-पेशाब मिलाने वाले सायकोपैथ नहीं तो क्या हैं? जरा सोचिये, वो मेड उस परिवार में 8 साल से काम कर रही थी. पहले और भी घरों में काम कर चुकी होगी. मालूम नहीं पेशाब मिलाकर खाना बनाने का काम उसी परिवार में कर रही थी, जहां पकड़ी गई या बाकी जगह भी कर चुकी है, ये सब तो पुलिस की जांच-पड़ताल से ही सामने आएगा – और ये भी मालूम हो सकेगा कि ये काम वो कुछ ही दिनों से कर रही थी, या शुरू से ही ऐसा करती आ रही थी? आखिर कैसे होते हैं ये लोग. कैसी होती है इनके दिमाग की बनावट. ऐसे ख्याल इनके मन में आते क्यों हैं? कई मामलों में अपराधियों को सायकोपैथ माना जाता है, जो मजे लेने के लिए अपराध को अंजाम देते हैं. अपनी करतूत में उनको मजा आता है – खाने को लेकर ऐसी करतूत तो इसमें शामिल लोगों के भी सायकोपैथ होने की तरफ ही इशारा कर रही है. ये कितनी गंभीर बात है कि जहां लोग लहसुन प्याज के इस्तेमाल से परहेज करते हों, वहां खाने में थूक और पेशाब मिलाये जाने से रोकने के लिए सरकार को कानून बनाना पड़े – भला इससे बड़े शर्म की बात क्या होगी.   recent visitors 74

मृतक के परिजनों ने की योगी से मुलाकात, जिस तरह से उसने मेरे पति की हत्या की है, उसे भी उसी तरह से सजा मिलनी चाहिए

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मूर्ति विसर्जन बवाल में मारे गए युवक राम गोपाल मिश्रा के परिवार के सदस्य मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात किए। सीएम योगी ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। योगी ने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस बीच, मुलाकात से पहले मारे गए राम गोपाल की पत्नी रोली मिश्रा ने कहा कि जिस तरह से उसने मेरे पति की हत्या की है, उसे भी उसी तरह से सजा मिलनी चाहिए। बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर 22 वर्षीय युवक राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और पथराव और गोलीबारी में लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। सोमवार को परिवार और अन्य लोगों की ओर से न्याय की गुहार के बीच बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जिनमें से कुछ के पास लाठी-डंडे भी थे। हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, दुकानें जला दी गई थीं और गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई थी। मिश्रा का अंतिम संस्कार भारी सुरक्षा के बीच किया गया। एहतियात के तौर पर बहराइच जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। हालांकि दूसरे दिन दोनों समुदायों के लोगों की ओर से घटना को अंजाम दिया गया है। दोपहर दो बजे के बाद मृतक का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। बेकाबू होती स्थिति की खबर पाकर एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश भी कबड़ियन पुरवा पहुंचे थे। पुलिस कर्मियों को आगे बढ़कर हिंसा रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। कहा कि किसी भी हालत में ऐसे लोगों को तत्काल गिरफ्तार करें, जो हिंसा भड़काने में लगे हुए हैं। हरदी पुलिस के मुताबिक महाराजगंज हिंसा मामले में अब तक पुलिस ने 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मुख्य आरोपी हमीद अहमद, सलमान, फहीम अहमद, सादिक अहमद, ननकऊ, सरफराज नामजद किए गए हैं। अन्य कई लोग अज्ञात हैं। इनमें सलमान, शाहिर खांन व उनके पिता अली की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं, जो उनको पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं। recent visitors 72

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है- सीएम योगी

लखनऊ  गोरखनाथ मठ की परंपरा को मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति के जरिये लगातार विस्तार दे रहे हैं। एंटी रोमियो स्क्वाड, पिंक टॉयलेट, पिंक बूथ, पिंक बसें, पीएसी में महिला बटालियन, थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को पहली बार बीट पर तैनाती, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी, सुकन्या योजना, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता के लिए उम्र की सीमा खत्म करने के साथ धनराशि में वृद्धि जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री का यह काम अपनी परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं इतिहास का सम्मान है। फिलहाल योगी सरकार में मिशन शक्ति का पांचवा चरण चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। इसमें से मिशन शक्ति सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। शारदीय नवरात्रि के दिन ही मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के प्रथम चरण की शुरुआत देवीपाटन (देश के प्रमुख शक्तिपीठों में एक) से की थी। समय और स्थान का चयन खुद में एक बड़ा संदेश था। गोरखपुर के लोग मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं, उसमें नारियों का बेहद सम्मान रहा है। हर साल दोनों नवरात्रि में पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्याओं का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। महिलाओं की शिक्षा और स्वावलंबन पर भी गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ का वर्षों से खासा फोकस रहा है। पीठ की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजुकेशन) की व्यवस्था है। करीब दर्जन भर ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं। महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु गोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगीराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पीठ की परंपरा के अनुसार विभिन्न योजनाओं के जरिये अबला कही जाने वाली नारी को वह सबला बनाने में जुटे हैं, वह भी पूरी शिद्दत से।     recent visitors 93

उत्तर प्रदेश को 31 हजार 962 हजार करोड़ टैक्स डिवोल्यूशन मिला

लखनऊ केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को  1,78,173 करोड़ रुपये का टैक्स डिवॉल्यूशन जारी किया है. इसमें सबसे ज्यादा यूपी को 31हजार 962 करोड़ रुपये मिले हैं. सभी राज्यों के संदर्भ में देखें तो इस टैक्स डिवॉल्यूशन में अक्टूबर, 2024 में देय नियमित किस्त के अलावा ₹89,086.50 करोड़ की एक अग्रिम किस्त भी शामिल है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आगामी त्यौहारी सीज़न को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्चे में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी खर्चे को वित्तपोषित करने में सक्षम बनाने के लिए अग्रिम किस्त जारी की गई. केंद्र के इस फैसले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया भी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कर हस्तांतरण के तहत उत्तर प्रदेश को समय पर 31,962 करोड़ रुपये करने के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्रालय का हार्दिक आभार. यह अग्रिम किस्त हमारे त्यौहारी सीजन की तैयारियों को काफी बढ़ावा देगी और पूरे राज्य में विकास और कल्याणकारी पहलों को गति देगी. हम सब मिलकर एक मजबूत और अधिक समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं. बता दें इन रुपयों को राज्य सरकार उन अलग-अलग योजनाओं और स्कीम्स में खर्च करेगी जिनका ऐलान किया गया है. सरकार ने बीते दिनों कर्मचारियों को बोनस देने, बीपीएल श्रेणी वालों को त्यौहारी सीजन में दो सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान किया था. इन योजनाओं में राज्य सरकार का करोड़ों रुपया खर्च होता है. ऐसे में केंद्र से टैक्स डिवॉल्यूशन का रुपया मिलने पर राज्य सरकार को काफी राहत मिलेगी.   recent visitors 91

हरियाणा-जम्मू में चला योगी का जादू, जहां-जहां किया प्रचार, खिल गया कमल

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा चुनाव के कुछ महीनों पहले तक दुष्यंत डिप्टी सीएम पद पर काबिज थे, लेकिन भाजपा में हुई हलचल ने सारे समीकरण बदल दिए। जेजेपी और भाजपा का गठबंधन टूटा। इसके बाद उनकी पार्टी के कई विधायक भी टूट गए। उनकी वापसी की उम्मीद कहे जा रहे 2024 विधानसभा चुनाव भी बड़ा जेजेपी और दुष्यंत के लिए बड़े झटके की तरह रहे। हरियाणा की उचाना कलां सीट से मैदान में उतरे दुष्यंत 5वें स्थान पर रहे। उन्हें 5 फीसदी से भी कम वोट मिले। वह दल के उन नेताओं में शामिल थे, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी। सीट पर भाजपा के देवेंद्र चतुर्भुज अत्तरी ने महज 32 वोट के अंतर से कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह को हराया है। दुष्यंत इस सीट पर दो निर्दलीय उम्मीदवारों विकास और वीरेंद्र घोघारियां से भी पिछड़ गए। उन्होंने सीट 41 हजार से ज्यादा वोट से गंवाई।विधानसभा चुनाव में जेजेपी का एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका। यहां तक कि पार्टी का वोट शेयर भी 15 प्रतिशत से घटकर 1 फीसदी से भी कम पर आ गया था। दुष्यंत पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला के पोते और पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के परपोता हैं। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री देवी लाल, बंसी लाल और भजन लाल के परिवार के सदस्य जीतने में कामयाब रहे। पूर्व सीएम भजन लाल के बेटे चंद्र मोहन पंचकूला से जीते, पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के पोते आदित्य देवी लाल डबवाली से जीते, अर्जुन चौटाला रनिया से विजयी रहे। पूर्व सीएम बंसी लाल की परपोती श्रुति चौधरी तोषाम से जीतीं। हालांकि, भजन लाल के परिवार से भव्य बिश्नोई बड़ा झटका साबित हुआ। शुरुआती राउंड्स में आदमपुर सीट से आगे चल रहे भव्य को हार का सामना करना पड़ा। खास बात है कि आदमपुर सीट पर 50 सालों से ज्यादा समय तक भजन लाल परिवार का कब्जा रहा। हरियाणा-जम्मू में चला योगी का जादू, जहां-जहां किया प्रचार, खिल गया कमल  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हालिया विधानसभा चुनावों में भी अपना प्रभाव दिखाया है। उनकी रैलियों की मांग हमेशा बनी रही और उम्मीदवारों के बीच उनकी उपस्थिति जीत की पक्की गारंटी मानी जाती है। योगी ने हरियाणा में 14 रैलियां और जम्मू में 4 रैलियां की थी। जम्मू में उन्होंने जिन विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, वहां बीजेपी ने जीत हासिल की। हरियाणा में भी एंटी-इन्कंबेंसी माहौल के बावजूद योगी की रैलियों ने बीजेपी को 14 में से 9 सीटें जीतने में मदद की। क्योंकि पार्टी को पिछले दस सालों में सत्ता के खिलाफ जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। योगी की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ और उनका बोलने का अंदाज चुनावी नतीजों में सीधे तौर पर परिवर्तित होता है। उनकी लोकप्रियता के चलते बीजेपी ने दोनों राज्यों में उनकी रैलियों को एक प्रमुख रणनीति का हिस्सा बनाया था। इन चुनावों के परिणाम ने यह साबित कर दिया कि सीएम योगी, पीएम मोदी के बाद, बीजेपी के सबसे लोकप्रिय चेहरे हैं। उनके प्रभावी प्रचार से न केवल बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई, बल्कि उन्होंने पार्टी की जीत तय करने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस प्रकार योगी की रैलियों की सफलता ने साबित किया है कि उनकी रणनीतियां अन्य राज्यों के चुनावों में भी बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।     recent visitors 95

कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे -CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज का एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा. मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'हिंदू धर्म किसी का अंत नहीं चाहता है. वह अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही धर्म हिंसा तथैव च की भी बात करता है. यानी सेवा के कार्य से जुड़ें. दीन-दुखियों की सेवा के लिए जीवन समर्पित करें, लेकिन राष्ट्र-धर्म की रक्षा और निर्दोषों को बचाने के लिए हिंसा करनी पड़े तो यह धर्म सम्मत है.' उन्होंने जोर देकर कहा, 'यही आह्वान भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना के समय प्रखर राष्‍ट्रवादी व सिद्ध संत स्वामी प्रणवानंद ने भी किया था. स्वामी प्रणवानंद ने साधना से सिद्धि प्राप्‍त की थी, लेकिन ध्‍येय राष्‍ट्रवाद का था.' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ में दुर्गा पूजा समारोह में अपने भाषण के दौरान यह टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में, जहां देवी की पूजा की परंपरा शुरू हुई, सनातन धर्म आज 'असहाय और असुरक्षित' दिखाई देता है. योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना, प्रतिष्ठित हस्तियों का अपमान करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने कहा, 'अक्सर जब कोई नफरत व्यक्त करता है तो अशांति पैदा करने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश की जाती है.' योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी, 'कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे. कानून अव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगा.'     हमारा हिंदू धर्म स्पष्ट कहता है कि 'अहिंसा परमो धर्म:'    उन्होंने कहा कि हर धर्म, संप्रदाय और समुदाय की आस्था का सम्मान होना ही चाहिए, लेकिन अराजकता अस्वीकार्य है और गड़बड़ी पैदा करने वालों को परिणाम भुगतना होगा. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मां दुर्गा की पूजा की और महिलाओं को 100 सिलाई मशीनें वितरित कीं. उन्होंने सभी आगंतुकों, अतिथियों और जनता को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'अहिंसा परमो धर्मः' का सिद्धांत गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपना जीवन समर्पित करने पर जोर देता है. उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि अगर देश की एकता और अखंडता को चुनौती दी जाती है या इसकी सीमाओं पर अतिक्रमण किया जाता है, तो धर्म हिंसा तथैव च का सिद्धांत देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आवश्यक कार्रवाई का समर्थन करता है.' सभी जातियों, पंथों और धर्मों के महान व्यक्तियों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर कोई किसी महान व्यक्ति या संन्यासी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, तो ऐसे लोग दंड के भागी होंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. हालांकि , विरोध का मतलब बर्बरता या लूटपाट करना नहीं है…ऐसी कार्रवाइयां पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.' मुख्यमंत्री योगी की यह टिप्पणी गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी के बाद समुदाय विशेष द्वारा किए गए उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है. योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा, 'बंगाल वह भूमि है जिसने हमें राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत दिए और भारत की बौद्धिक नींव रखी. स्वतंत्रता के संघर्ष में बंगाल की कई महान हस्तियों का योगदान रहा है.' उन्होंने आगे कहा, 'बंगाल ने भारत माता को जगदीश चंद्र बोस, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, स्वामी प्रणवानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे सपूत दिए हैं. लेकिन, आज बंगाल में क्या हो रहा है? वहां के लोगों को त्योहार मनाने से पहले दो बार सोचना पड़ता है. जबकि उत्तर प्रदेश में त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, बाधा उत्पन्न करने के किसी भी प्रयास पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. लेकिन जिस बंगाल से जगतजननी मां भगवती के अनुष्ठान का शुभारंभ होता है, उस बंगाल में आज सनातन धर्म असहाय व असुरक्षित दिखता है.'   recent visitors 114