CM योगी आदित्यनाथ मृतक मोहित पांडेय के परिजनों से मिले , मिला आर्थिक मदद के साथ सख्त कार्रवाई का भरोसा

लखनऊ.  राजधानी लखनऊ के चिनहट थाने में पुलिस लॉकअप में मोहित पांडेय की मौत के बाद सोमवार को परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की. मुलाकात के दौरान परिवार के साथ बीजेपी विधायक योगेश शुक्ला और सभासद शैलेंद्र वर्मा भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने पूरे मामले में परिवार को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. साथ ही परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद, सरकार की तरफ आवास, बच्चों की मुफ्त शिक्षा और सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ देने का भी भरोसा दिया है. मुख्यमंत्री से मिलने के बाद परिवार संतुष्ट नजर आया. मृतक मोहित की पत्नी ने कहा कि मुख्यमंत्री की से मुलाक़ात हुई. उन पर भरोसा है. अभी तक जो कार्रवाई हुई है उससे संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने आर्थिक मदद और बच्चों की पढ़ाई का भी आश्वासन दिया है. साथ ही सख्त कार्रवाई का भी भरोसा दिया है. पुलिस हिरासत में हुई थी मौत गौरतलब है कि थाना चिनहट पुलिस की हिरासत में 32 साल के मोहित पांडे की मौत हुई थी. शनिवार रात मोहित और उसके भाई शोभाराम में मारपीट हुई थी. शांति भंग की आशंका में मोहित और शोभाराम को पकड़ कर चिनहट थाने में लाया गया था. रविवार सुबह थाने में मोहित की हालत बिगड़ने पर उसे लोहिया अस्पताल में एडमिट कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई. जिसके बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर पीट-पीटकर मार डालने का आरोप लगाया. मृतक मोहित चिनहट के देवा रोड इलाके में नई बस्ती जैनाबाद गांव का रहने वाला था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ़ नहीं लखनऊ पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित की मौत की वजह साफ़ नहीं हुई. आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया. इस मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर चिनहट अश्विनी चतुर्वेदी को निलंबित किया गया. साथ ही मोहित की हत्या के मामले की जांच इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार को सौंपी गई है. रविवार को ही मोहित का कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार करवाया गया. recent visitors 130

रोइंग सेंटर के लिए वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आरएफआई को देंगे जगह: मुख्यमंत्री

गोरखपुर में बनेगा विश्वस्तरीय रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर : योगी रोइंग सेंटर के लिए वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आरएफआई को देंगे जगह: मुख्यमंत्री -25वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ऐलान से गोरखपुर में रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि रामगढ़ताल के समीप विश्व स्तरीय रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर बनाने के लिए सरकार रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएफआई) को वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जगह उपलब्ध कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की सभी बड़ी झीलों में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।  रामगढ़ताल में आयोजित 25वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह में खिलाड़ियों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोइंग के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। जरूरत है प्रतिभाओं को तराशने की। हमारे रोइंग खिलाड़ी ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग कर मेडल जीत सकते हैं। रोइंग में प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुरोध पर रोइंग स्पोर्ट्स सेंटर खोलने के लिए रामगढ़ताल के पास बने वर्ल्ड क्लास वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्पेस देगी। साथ ही सेंटर को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रदेश सरकार हर प्रकार का सहयोग देगी। प्रदेश की अन्य बड़ी झीलों में भी तलाशेंगे रोइंग की संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में कई प्राकृतिक झीलें हैं, वहां भी रोइंग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। सीएम योगी ने एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अन्य रोइंग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों लक्ष्मण अवार्डी और देवरिया के युवा कल्याण अधिकारी पुनीत बालियान, लक्ष्मण अवॉर्डी कुदरत अली, बुलंदशहर निवासी अरविंद सिंह, सुल्तानपुर निवासी मोहम्मद आजाद, हापुड़ निवासी लोकेश कुमार और संतकबीरनगर निवासी राजेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि रोइंग के इन खिलाड़ियों ने प्रदेश का मान देश और दुनिया में बढ़ाया है। शानदार करियर बनाने का भी सशक्त माध्यम है खेल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ अब शानदार करियर बनाने का भी सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने खेल नीति बनाकर ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं में सीधी नौकरी देने का शासनादेश जारी कर रखा है। टोक्यो ओलंपिक में पदक विजेता हॉकी टीम के खिलाड़ी ललित उपाध्याय को यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी की नौकरी दी गई है। इस बार के ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी राजकुमार पाल को भी नौकरी देने की घोषणा की आज चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं से जोड़ा जा चुका है। खेलों और खिलाड़ियों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही डबल इंजन सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार खेलों को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया, सांसद खेल स्पर्धा, फिट इंडिया मूवमेंट आदि से देश में खेलों का बेहतरीन माहौल बना है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत युद्ध स्तर पर प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश के पहले और विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता यूपी के खिलाड़ी को 6 करोड़ रुपये देने की व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये देने की व्यवस्था तय की गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में यह राशि क्रमशः 3, 2 व 1 करोड़ रुपये है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत पदक विजेता को 1.5 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। कामनवेल्थ खेल तथा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता को 1.5 करोड़, रजत पदक विजेता को 75 लाख व कांस्य पदक विजेता को 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह सैफ और नेशनल गेम्स में भी विजेताओं को नकद राशि से पुरस्कृत किया जाता है। खिलाड़ियों को भरपूर आर्थिक मदद दे रही सरकार सीएम योगी ने कहा कि पुराने खिलाड़ियों को सरकार कोच के रूप में नियुक्त कर उन्हें प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये मानदेय दे रही है। पदम् पुरस्कार करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए सरकार की तरफ से प्रतिमाह 20 हजार रुपये वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही अशक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 6 हजार तथा राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 140 खिलाड़ियों को एकलव्य क्रीड़ा कोष से आर्थिक सहायता दी गई है। प्रभु राम की कृपा से आकर्षण और प्रतियोगिता का गढ़ बन गया रामगढ़ताल रामगढ़ताल में दूसरी बार रोइंग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन से प्रसन्न मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनके लिए अतिरिक्त प्रसन्नता का क्षण है। 10 वर्ष पूर्व जो रामगढ़ताल पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपराध का गढ़ था वह आज प्रभु राम की कृपा से आकर्षण और जल क्रीड़ा की प्रतियोगिताओं का गढ़ बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही वास्तविक परिवर्तन होता है। रामगढ़ताल पर्यटन के साथ खेल का भी बेहतरीन डेस्टिनेशन बन गया है।इसके आसपास कई होटल खुल चुके हैं, ताल में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को दीपावली की बधाई देते हुए कहा कि जब हम … Read more

योगी सरकार ने प्रति पशु दुग्ध उत्पादन के राष्ट्रीय औसत को बढ़ाने के लिए ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ की शुरुआत की

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने एवं गौ पालकों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें बड़ी सौगात दी है। योगी सरकार ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ लॉन्च कर योजना के तहत प्रदेश में आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना करेगी। इससे दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा। इसके लिए योगी सरकार 1,015 लाख रुपये खर्च करेगी। योगी सरकार ने प्रति पशु दुग्ध उत्पादन के राष्ट्रीय औसत को बढ़ाने के लिए ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ की शुरुआत की है। दरअसल, उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में से एक है, लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से राज्य राष्ट्रीय औसत से पीछे है। राज्य में वर्तमान में प्रति गाय औसतन 3.78 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। वहीं, योजना के तहत योगी सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों की गायों का चयन कर हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना का निर्णय लिया है। योजना के जरिये 10 गायों की क्षमता वाली हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी। हर इकाई पर लगभग 23.60 लाख का खर्च आएगा, जिसमें सरकार और लाभार्थी दोनों का योगदान होगा। इन इकाइयों में केवल गिर, थारपारकर और साहीवाल जैसी उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्लों की गाय खरीदी जाएंगी, जिनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता अधिक होती है। योजना के तहत चुनी गई गायों की नस्ल का मूल्यांकन उनकी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता के आधार पर किया जाएगा, जिससे अधिक दुग्ध उत्पादन सुनिश्चित हो सके। योजना के तहत कैटल शेड और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इन संरचनाओं में पफ पैनल का उपयोग किया जाएगा, जिससे मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से पशुओं की सुरक्षा हो सकेगी और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। इसके अलावा, गौ पालकों को आधुनिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे नए तकनीकी साधनों का उपयोग कर अपने पशुओं की देखभाल और प्रबंधन कर सकें। गौ पालन में तीन वर्ष का अनुभव रखने वाले योग्य किसानों का चयन किया जाएगा ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ होगा। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। इससे कम लागत में अधिक उत्पादन की संभावना बढ़ेगी। यह योजना सिर्फ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाना है। योजना के जरिए पशुपालकों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।     recent visitors 210

युवा शक्ति को सशक्त बनाने में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है

लखनऊ उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला राज्य है। ऐसे में, प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने और उसे वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। इस कड़ी में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सीएम योगी के विजन अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2021 से 2023 के बीच 19.84 लाख टैब व 26.91 लाख स्मार्टफोन समेत कुल 46.75 लाख गैजेट वितरित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, 13.14 लाख गैजेट (जिनमें 12.94 लाख स्मार्टफोन व 20 हजार से ज्यादा टैबलेट शामिल हैं) को पात्र विद्यार्थियों को आवंटित करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। ऐसे में, प्रदेश में पात्र विद्यार्थियों को गैजेट्स के वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने वाले जिलों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 8 जिलों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण की दिशा में 6 जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा आवंटन की दर रही है और 10 टॉप जिलों में 69 प्रतिशत से ज्यादा सफलतापूर्वक आवंटन हो चुका है। प्रदेश में युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए न केवल स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण हो रहा है, बल्कि डिजी शक्ति पोर्टल के जरिए सरकार की योजनाओं और कौशल विकास के विभिन्न कोर्सेस का एक्सेस व एंड टू एंड मॉनिटरिंग उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना को प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष 2022-23 में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को प्रदेश में 5 वर्षों के लिए लागू किया गया। ऐसे में, परियोजना के जरिए उच्च व उच्चतर शिक्षण संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा कोर्स, कौशल विकास के प्रशिक्षणार्थी तथा पैरामेडिकल व नर्सिंग जैसे कोर्सेस के विद्यार्थियों को टैब व स्मार्टफोन वितरण के जरिए लाभान्वित किया जाता है। सीएम योगी के युवा सशक्तीकरण के विजन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद सार्थक कदम बनकर उभरा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, पात्र विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैब वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के 8 जिलों में स्मार्टफोन वितरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। वहीं, दो जिलों में यह 99.99 प्रतिशत रहा है। इनमें हरदोई, जालौन, कन्नौज, कासगंज, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रामपुर, उन्नाव, ऐटा व मीरजापुर प्रमुख हैं। इसी प्रकार, टैब वितरण के लक्ष्यों की प्राप्ति में 79.31 प्रतिशत के साथ संभल प्रथम है। वहीं, 74.88 प्रतिशत के साथ मुरादाबाद दूसरे, 74.05 प्रतिशत के साथ बरेली तीसरे, 72.47 प्रतिशत के साथ शामली चौथे तथा 71.25 प्रतिशत के साथ सहारनपुर पांचवें पायदान पर है। लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर 70.34 प्रतिशत के साथ गाजियाबाद छठे, 69.85 प्रतिशत के साथ प्रतापगढ़ सातवें, 69.67 प्रतिशत के साथ गोरखपुर आठवें, 69.58 प्रतिशत के साथ हाथरस नौवें व 69.18 प्रतिशत के साथ बिजनौर दसवें पायदान पर स्थित है। इसी प्रकार, कम टैब व स्मार्टफोन वितरण वाले जनपदों को भी चिन्हित करके उनमें वितरण की प्रक्रिया को गति देने पर योगी सरकार द्वारा फोकस किया जा रहा है।     recent visitors 94

सीएम ने कहा हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, UP जल्द ही देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है। जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं। हमारे पास संभावना और संसाधन भी है। काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडीमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश और भारत ले सकता है। इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। वह समय जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले सिल्क एक्सपो का  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्घाटन किया। सीएम ने रेशम मित्र पत्रिका का विमोचन किया और 16 कृषकों,उद्यमियों, संस्थाओं व डिजाइनरों को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई। 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया। यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है, जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा। ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ। यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है। यह संभावना यूपी में हैं। वाराणसी, भदोही और मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है। सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है। जीव सृष्टि और किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है। कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है। रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है। पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है। यहां अत्यंत संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि सभी को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अंदर क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी में वाराणसी, भदोही, आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक, चाहे वह मुबारकपुर की साड़ी हो या वाराणसी की। सिल्क कलस्टर विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाया है। वाराणसी की सिल्क साड़ियां पूरे देश में हर मांगलिक कार्यक्रम के लिए पसंद बनती हैं। काशी विश्वनाथ धाम बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी संख्या ने इस व्यापार को नई ऊंचाई दी है। वाराणसी में एक्सपो मार्ट के माध्यम से ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर बनने के उपरांत इसमें काफी वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बॉर्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) आने जा रहा है। एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। यह यूपी की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा। किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं। विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े। केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग कृषि उत्पादों को विकसित करने और आगे बढ़ाने का अवसर होता है। यूपी के अंदर यह संभावनाएं बहुत अच्छी बन सकती हैं। वाराणसी-आजमगढ़ प्राचीन काल से ही रेशम उद्योग का कलस्टर रहा है। लोकल स्तर पर रेशम का उत्पादन, प्रोसेसिंग, आगे की प्रक्रिया के साथ वस्त्र उत्पादन से जोड़ें। रॉ मटेरियल सस्ता मिलता है तो स्वाभाविक रूप से लागत भी सस्ती आएगी। समाज-मार्केट की डिमांड के अनुरूप उत्पाद आसानी से लोगों को उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार इस दिशा में प्रशिक्षण से जोड़ने, रॉ मटेरियल-प्रोसेसिंग के लिए सहयोग, मार्केटिंग और डिजाइनिंग के साथ जोड़ने में मदद करेगी। सीएम योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही यूपी का किसान-उद्यमी इससे जुड़ा रहा है, लेकिन उन्हें पिछली सरकार का दंश झेलना पड़ा था। समय के अनुरूप उचित प्रोत्साहन, डिजाइनिंग, पैकेजिंग के साथ उन्हें नहीं जोड़ा गया। यह केवल सिल्क ही नहीं, बल्कि परंपरागत उत्पाद के प्रत्येक क्षेत्र में ऐसा होता था। भदोही में कॉरपेट, गोरखपुर में टेराकोटा उत्पाद मिलेगा। सबसे अधिक जीआई प्रोडक्ट वाराणसी में हैं। आगरा और कानपुर में चमड़ा उत्पाद, मुरादाबाद में पीतल उत्पाद, फिरोजाबाद में ग्लास, मेरठ में स्पोर्ट्स आइटम है यानी अलग-अलग जनपद के अलग-अलग उत्पाद यूपी के पोटेंशियल को देश-दुनिया के सामने रखता है। इसके माध्यम से यूपी परंपरागत उत्पादों के माध्यम से युवाओं-उद्यमियों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी के अंदर सिल्क के कलस्टर जिन क्षेत्रों में विकसित हो सकते हैं या जहां संभावनाएं बनी हुई हैं, वहां भी उसे तेजी के साथ बढ़ाने के लिए प्रयास प्रारंभ करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग को अलग से भी ऐसे किसान, जो रेशम मित्र के … Read more

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी, योगी आदित्यनाथ का नारा बंटेंगे तो कटेंगे सुपर हिट

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने रविवार को 99 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस लिस्ट के आने के बाद से महायुति में अनबन की खबरें सामने आ रही हैं। कल्याण-पूर्व विधानसभा क्षेत्र और ठाणे समेत कई सीटों पर टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। वहीं इसी बीच शहर में योगी आदित्यनाथ की एक लाइन के पोस्टर्स लगाए गए हैं। कहा जा रहा है कि ये पोस्टर्स महायुति के उन नेताओं को संदेश देने के लिए लगाए गए हैं, जो टिकट न मिलने के बाद बगावत कर सकते हैं। पोस्टर्स में लिखा है, 'बटेंगे तो कटेंगे।' पोस्टर्स मुंबई ईस्टर्न हाइवे और ठाणे के इलाकों में लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स में उत्तर प्रदेश के मुख्मयमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छपी है। के इनमें लिखा है, योगी संदेश, 'बटेंगे तो कटेंगे।' इसके आगे लिखा है, 'एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे।' इन बैनर्स को किसने लगाया है, फिलहाल सामने नहीं आया है। लेकिन इसमें सबसे नीचे लिखा है विश्ववंधु राय। क्यों लगाए गए पोस्टर्स-बैनर्स इस संदेश वाले बैनर लगाने वाले विश्ववंधु राय बीजेपी के ही नेता हैं। उन्होंने कहा, 'विपक्ष बांटने की राजनीति कर रहा है, तृष्टिकरण की राजनीति कर रहा है। इन पोस्टर्स से हम बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।' बीजेपी नेता ने कहा कि मुंबई में उत्तर भारत के लोग काफी संख्या में हैं। वे योगी के फैन हैं और योगी के संदेश को उन तक पहुंचाने के लिए बैनर्स लगाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी बीजेपी नेता ने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ का नारा बंटेंगे तो कटेंगे सुपर हिट है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी इस नारे ने काम किया और बीजेपी को प्रचंड जीत मिली। अब योगी के इस नारे को मुंबई के जन-जन तक पहुंचाकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने के की तैयारी है। महायुति के नेताओं को भी संदेश वहीं सूत्रों ने कहा कि महायुति के नेताओं को भी इससे एक संदेश देने की कोशिश की गई है, जो बीजेपी की पहली लिस्ट आने के बाद विवाद कर रहे हैं। कई ने अंदरुनी बकावत शुरू कर दी है, उन्हें भी इससे संदेश जाएगा। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में योगी का मंत्र आएगा काम! अब माना जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के 'बंटेंगे तो कटेंगे' के मंत्र को चुनावी मैदान की प्रयोग किया जाएगा। हरियाणा विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का 'बंटेंगे तो कटेंगे' का नारा काफी प्रभावी रहा था। योगी के इस मंत्र से विपक्षी इंडिया गठबंधन की जातीय पॉकेट्स को साधकर सत्ता हासिल करने की रणनीति को फेल कर दिया गया। अब महाराष्ट्र में भी इसी मंत्र से हिंदू वोटों को छिटकने से रोकने का प्रयास होगा। recent visitors 113

उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी, बीजेपी डोर टू डोर अभियान चलाकर वोटरों से संपर्क करने की तैयारी

मथुरा  उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। 13 नवंबर को यहां वोटिंग होगी। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट आ सकती है। इस बीच, मंगलवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ मथुरा दौरे पर आ रहे हैं। वह यहां 10 दिनों का प्रवास कर रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शाम छह बजे दोनों की मुलाकात हो सकती है। इस दौरान उपुचनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की जा सकती है। गौरतलब है कि मथुरा के परखम में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ संघ के सभी प्रमुख प्रचारक भी मौजूद रहेंगे। संघ की यह बैठक भविष्य की योजनाओं का खाका खींचने के लिए हो रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत से उत्‍साहित आरएसएस यूपी उपचुनाव में भी ऐसी ही रणनीति तैयार करने में जुटा है। संघ हरियाणा के तरह यूपी में भी नुक्‍कड़ सभाओं और डोर टू डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। 5 हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बताया जा रहा है कि हरियाणा चुनाव में जिस तरह बीजेपी ने ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में किया, उसी तरह यूपी में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए पांच से सात लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएंगे जो अपने इलाकों में लोगों के घर-घर जाकर वोटरों से संवाद करेंगे। संघ ने उन इलाकों की पहचान की है, जहां बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्‍मीदों के अनुसार वोट नहीं मिले। सभी 10 विधानसभाओं में संघ ने करीब पांच हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बनाया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में आएंगे योगी गौरतलब है कि मंगलवार को मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक होनी है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आ रहे है। वह विकास परिषद के अध्‍यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे परिषद की बैठक शुरू होगी। इस दौरान डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा के प्रस्‍ताव रखे जाएंगे। करोड़ों रुपयों के इन प्रस्‍ताव पर मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में मुहर लगाई जाएगी। recent visitors 67