मंत्री पद की रेस से वीडी बाहर, कैलाश और प्रह्लाद की अटकलों पर भी विराम; BJP की नई टीम ने क्या संदेश दिया?

VD out of the race for a ministerial post; speculation regarding Kailash and Prahlad also put to rest—what message has the BJP’s new team conveyed?

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया। राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। नई टीम के गठन के साथ ही प्रदेश के कई नेताओं को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है। खासतौर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा (वीडी शर्मा) के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा पर फिलहाल विराम लग गया हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह मोहन यादव सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल को राष्ट्रीय संगठन में भेजे जाने की अटकलें भी फिलहाल खत्म हो गई हैं। दोनों नेता प्रदेश में ही मंत्री पद पर बने रहेंगे।

वीडी शर्मा को संगठन में मिली जिम्मेदारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री, कविता पाटीदार को राष्ट्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा भी प्रदेश के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारियां मिली हैं। वीडी शर्मा को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। हाल ही में उनके नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें चल रही थीं।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद तेज हुई थी चर्चा
वीडी शर्मा की हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इसके बाद उनके केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा तेज हो गई थी। माना जा रहा था कि मध्य प्रदेश से केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की स्थिति में वीडी शर्मा का नाम प्रमुख दावेदारों में हो सकता है।

कैलाश और प्रह्लाद की भूमिका भी साफ
मोहन कैबिनेट के दो वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल को लेकर भी लंबे समय से अलग-अलग चर्चाएं चल रही थीं। माना जा रहा था कि दोनों को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। कैलाश विजयवर्गीय पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हाल ही में उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद उनकी नई भूमिका को लेकर चर्चा और तेज हुई थी। वहीं, प्रह्लाद पटेल केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। मध्य प्रदेश में वे भाजपा के बड़े ओबीसी और लोधी समाज के नेताओं में गिने जाते हैं। महाकौशल और बुंदेलखंड में भी उनका प्रभाव माना जाता है। लेकिन नई राष्ट्रीय टीम में दोनों नेताओं को जगह नहीं मिली है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट है कि कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल मोहन यादव सरकार में मंत्री के रूप में ही अपनी भूमिका निभाएंगे।

नई टीम में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश से युवा और अपेक्षाकृत नए चेहरों को मिली जिम्मेदारियों को पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री और कविता पाटीदार को राष्ट्रीय मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना इसका उदाहरण है। वहीं, अनुभवी नेताओं को संगठन और प्रदेश की जिम्मेदारियों में बनाए रखने का संदेश भी नजर आता है।

मध्य प्रदेश से इन नेताओं को मिली जिम्मेदारियां
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश से आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। सौदान सिंह को राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बनाया गया है। वे विदिशा के रहने वाले हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी, लाल सिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। वहीं, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार को राष्ट्रीय मंत्री, सांसद गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी नई लीडरशिप को आगे बढ़ा रही
वरिष्ठ पत्रकार गणेश साकल्ले ने कहा कि नितिन नवीन की नई टीम से साफ संकेत मिल रहा है कि भाजपा मध्य प्रदेश में नई लीडरशिप को आगे बढ़ा रही है। आने वाले समय में केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में भी किसी नए चेहरे, जैसे सुधीर गुप्ता, को मौका मिल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मोहन कैबिनेट में प्रह्लाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय और सीएम की पटरी नहीं बैठने की भी चर्चा है। ऐसे में पार्टी का संकेत माना जा सकता है कि दोनों नेता फिलहाल सरकार में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। आगे चलकर पार्टी में अनुभवी नेताओं की भूमिका मार्गदर्शक के तौर पर तय हो सकती है।

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