युवक का गला घोंटकर हत्या का प्रयास, मरा समझकर जिंदा दफना, कुत्तों ने गड्ढे को खोद निकला

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक युवक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या का प्रयास किया गया। उसे मरा समझकर जिंदा ही जमीन में दफना दिया गया। आधी रात को कुत्तों ने जमीन खोंदना शुरू कर दी। युवक को नोंचकर खाने लगे, तभी उसे होश आया और वो वहां से भाग निकला। पीड़ित का अस्पताल में उपचार चल रहा है। सिकंदरा के अरतौनी में दबंगों ने मामूली विवाद में युवक रूपकिशोर को घर से बुलाया। मारपीट के बाद रस्सी से गला घोंट दिया। आरोपियों ने उसे मरा समझ कर गड्ढे में दफना दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। आधी रात को कुत्तों ने जमीन खोदकर रूपकिशोर को नोंच कर खाने का प्रयास किया, तभी उसे होश आ गया और वो वहां से किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला। पीड़ित ने घरवालों को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक की मां रामवती ने मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता की मां ने बताया कि 18 जुलाई को क्षेत्र में दो पक्षों में विवाद हुआ था। जिसमें 24 वर्षीय बेटे रूपकिशोर ने एक युवक से गाली देने का विरोध किया था। इसी बात पर आरोपी रंजिश मान बैठे थे।  उसने बताया कि 18 जुलाई की रात को ही अंकित, गौरव, करन और आकाश घर आए और बेटे को साथ ले गए। गांव के बाहर खेतों की ओर ले जाकर बुरी तरह पीटा। रस्सी गले में डालकर बेटे का गला घोंट दिया। उसे मरा हुआ समझकर जमीन में गड्ढा खोद कर गाढ़ दिया। कुत्तों ने खून सूंघ कर गड्ढा खोद दिया। वो बेहोश था, लेकिन कुत्तों ने जैसे ही उसे नोंचना शुरू किया तो उसे होश आ गया। वो वहां से भागा और आसपास के लोगों से मदद लेकर घरवालों से संपर्क किया। इसके बाद बेटे को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 135

एससी/एसटी श्रेणियों को सब-कैटेगरी में दिया जा सकता है आरक्षण- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा फैसला सुनाया है। इस फैसले के मुताबिक अनुसूचित जाति और जनजातियों में सब-केटेगरी बनाई जा सकती है। फैसला सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने 6/1 के मत से सुनाया है। यह सुनवाई CJI डीवाई चंद्रचूड़ कर रहे थे। उनके साथ 6 जजों ने इस पर सहमति जताई जबकि जस्टिस बेला त्रिवेदी इससे सहमत नहीं थीं। कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए 2004 में दिए गए 5 जजों के फैसले को पलट दिया है। यह सुनवाई चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ,जस्टिस बेला एम त्रिवेदी, जस्टिस पंकज मिथल, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा कर रहे थे। कोर्ट ने 2004 के फैसले को पलटा सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने 2004 में ईवी चिन्नैया मामले में पांच जजों के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें संविधान पीठ ने कहा कि केवल राष्ट्रपति ही यह अधिसूचित कर सकते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 341 के अनुसार कौन से समुदाय आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं, और राज्यों को इससे छेड़छाड़ करने का अधिकार नहीं है। अब सुप्रीम कोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा था कि क्या राज्य कोटा के अंदर कोटा देने के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को उप-वर्गीकृत कर सकते हैं?  सुप्रीम कोर्ट ने अब समीक्षा के बाद यह फैसला सुना दिया है। क्या है पूरा मामला…. दरअसल, 1975 में पंजाब सरकार ने आरक्षित सीटों को दो श्रेणियों में विभाजित करके अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण नीति पेश की थी. एक बाल्मीकि और मजहबी सिखों के लिए और दूसरी बाकी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए. 30 साल तक ये नियम लागू रहा. उसके बाद 2006 में ये मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा और ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले का हवाला दिया गया. पंजाब सरकार को झटका लगा और इस नीति को रद्द कर दिया गया. चिन्नैया फैसले में कहा गया था कि एससी श्रेणी के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति नहीं है. क्योंकि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है. बाद में पंजाब सरकार ने 2006 में बाल्मीकि और मजहबी सिखों को फिर से कोटा दिए जाने को लेकर एक नया कानून बनाया, जिसे 2010 में फिर से हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. हाई कोर्ट ने इस नीति को भी रद्द कर दिया. ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट के 1992 के फैसले के तहत यह स्वीकार्य था, जिसने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति दी थी. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि अनुसूचित जाति के भीतर भी इसकी अनुमति दी जानी चाहिए. 2020 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने पाया कि ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य के फैसले पर एक बड़ी बेंच द्वारा फिर से विचार किया जाना चाहिए, जिसमें कहा गया था कि एससी श्रेणी के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति नहीं है. उसके बाद सीजेआई के नेतृत्व में सात जजों की बेंच का गठन किया गया, जिसने जनवरी 2024 में तीन दिनों तक मामले में दलीलें सुनीं और उसके बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. संविधान में क्या प्रावधान है? संविधान ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को विशेष दर्जा देते समय जाति का वर्णन नहीं किया है कि कौन सी जातियां इसमें आएंगी. ये अधिकार केंद्र के पास है. अनुच्छेद 341 के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित जातियों को एससी और एसटी कहा जाता है. एक राज्य में SC के रूप में अधिसूचित जाति दूसरे राज्य में SC नहीं भी हो सकती है. देश में कितनी अनुसूचित जाति? एक रिपोर्ट के मुताबिक, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 में देश में 1,263 एससी जातियां थीं. अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान और निकोबार एवं लक्षद्वीप में कोई समुदाय अनुसूचित जाति के रूप में चिह्नित नहीं किया गया. सिर्फ राष्ट्रपति को अधिकार 2005 में ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अनुसूचित जाति की सूची में जातियों को हटाने और जोड़ने का अधिकार सिर्फ राष्ट्रपति को है. संविधान सभी अनुसूचित जातियों को एकल सजातीय समूह मानता है. अगर सभी अनुसूचित जातियों को एक ग्रुप माना गया है तो उप वर्गीकरण कैसे हो सकता है. सामाजिक असमानता के आधार पर अनुसूचित जातियों को विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है, क्योंकि इन जातियों के खिलाफ छुआछूत की भावना थी. आरक्षण का लाभ आरक्षित जातियों के जरूरतमंद यानी सबसे कमजोर तबके तक पहुंचे, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर की अवधारणा को लागू किया. इसे 2018 में जरनैल सिंह बनाम लक्ष्मी नारायण गुप्ता केस के फैसले में लागू किया गया था. क्रीमी लेयर का नियम ओबीसी (अदर बैकवर्ड क्लास) में लागू होता है. जबकि यह अनुसूचित जाति पर 2018 में प्रमोशन के केस में लागू किया गया. केंद्र सरकार ने 2018 के इस फैसले पर रिव्यू करने की गुहार लगाई और इस पर फैसला अभी आना बाकी है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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निर्माणाधीन इंदौर-बैतूल फोरलेन पर तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर पुलिया के नीचे गिरी, एक की मौत, पांच युवक घायल

हरदा  निर्माणाधीन इंदौर-बैतूल फोरलेन पर जिला जेल के ठीक सामने बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर पुलिया के नीचे गिर गई। इस हादसे में कार में सवार एक युवक की जान चली गई तथा पांच अन्य घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को हादसे के बाद एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। मृतक युवक के शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया है। पुलिस ने बताया कि बैतूल जिले के चिचोली शहर के नजदीक ढाबा संचालित करने वाले मोंटी जयप्रकाश आर्य उम्र 32 साल के साथ हरीश पिता भगवत राव बाघमारे, दादा पिता नाथू यादव सहित दो अन्य युवक कार में सवार होकर उज्जैन जा रहे थे। इसी दौरान हरदा में शहर के बाहर निकलते से ही जिला जेल के पास कार अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे गड्ढे में गिर गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में मृत युवक का नाम मोंटू बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मृतक के स्वजन से संपर्क कर हादसे की जानकारी दी गई है। घायलों में कुछ शराब के नशे में थे, जो स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे थे। वह उज्जैन महाकाल के दर्शन करने के लिए बुधवार रात को घर से निकले थे। एक घायल का कहना था कि वह चिचोली के पास ही स्थित एक बाजार में जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि घायल अलग-अलग बयान दे रहे हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 214

खतरे में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की सांसदी!, HC ने इस मामले में जारी किया नोटिस

खंडवा मध्य प्रदेश के लोकसभा चुनावों में 29 सीटे जीतने वाली बीजेपी की क्या मुश्किल बढ़ सकती है. क्या बीजेपी के एक सांसद मध्य प्रदेश में कम हो सकते हैं? क्या खंडवा से बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की सांसदी जा सकती है. ये सवाल आजकल मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में काफी गूंज रहे हैं. वजह है एक याचिका जो जबलपुर हाई कोर्ट में लगी है. क्या है पूरा मामला जानें इस रिपोर्ट में… आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में बीजेपी ने इस बार इतिहास रचा है. और 29 की 29 लोकसभा सीटों पर काबिज हो गई. कांग्रेस के हाथों एक भी सीट नहीं आई. लेकिन, अब खंडवा से बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं. नौबत यह है कि उनकी सांसदी पर खतरा मंडराने लगा है. सांसद पाटिल को जारी हुआ नोटिस दरअसल मध्य प्रदेश की खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की सांसदी को चुनौती देते हुए जबलपुर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका के दायर होने के बाद सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने सांसद पाटिल समेत रिटर्निंग ऑफिसर और दूसरे ऑफिसर्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि ज्ञानेश्वर पाटिल ने कुछ जानकारियां अपने नामांकन पत्र में छुपाई थी. क्या बोले अधिवक्ता कुमार? अधिवक्ता मनोज कुमान ने बताया "आज माननीय उच्च न्यायालय ने रेस्पोंडेंट श्री ज्ञानेश्वर पाटिल और रिटर्निंग ऑफिसर सहित अन्य रेस्पोंडेंट को को नोटिस के आदेश कर दिए हैं.  मूल रूप से यह याचिका मैंने उनका चुनाव निरस्त करने और द्वितीय नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी श्री नरेंद्र पटेल जी को विजय बनाने के घोषित करने के लिए यह याचिका प्रस्तुत की थी. इसके अलावा रिटर्निंग ऑफिसर और ज्ञानेश्वर पाटिल के खिलाफ कारवाई की भी मांग की है. और स्पेशली मैं इसमें अपनी पैरवी मैं स्वयं कर रहा हूं. 4 सितंबर को होगी अगली सुनवाई आपको बता दें कि यह याचिका बुरहानपुर जिले के अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल की ओर से हाई कोर्ट में दायर की गई है. खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की सांसदी रद्द करने की मांग इस याचिका में की गई है, साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर पर कारवाई करने का भी आग्रह किया गया है. वहीं याचिकाकर्ता मनोज कुमार अग्रवाल खुद ही अपने मामले की पैरवी कर रहे हैं. इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी ऐसे में याचिकाकर्ता के पक्ष में अगर फैसला आता है. तो खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की की सांसद सदस्यता समाप्त हो सकती है. उनकी जगह पर कांग्रेस के नरेंद्र पटेल को सांसद बनाया जा सकता है. फिलहाल. आपको बता दें कि बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की सांसदी खतरे में है. यह पूरा मामला हाई कोर्ट में चल रहा है. आने वाले सितंबर को अगली पेशी है. जिसमें यह फैसला होगा कि आखिर उनकी सांसद रहती है या नहीं रहती है. लेकिन, फिलहाल इस याचिका के बाद से बीजेपी में खलबली मची हुई है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 126

Luvkesh Kataria ने बिग बॉस OTT 3 से एविक्शन के बाद फूट-फूट कर रोया

'बिग बॉस ओटीटी सीजन 3' के फिनाले से ठीक एक दिन पहले, दो सबसे मजबूत कंटेस्टेंट्स लवकेश कटारिया और अरमान मलिक शो से बाहर हो गए, जिससे फैंस और दर्शकों को बहुत बड़ा शॉक लगा। लवकेश और अरमान के एविक्शन के साथ, शो को रणवीर शौरी, सना मकबुल, कृतिका मलिक, साई केतन राव और नेजी के रूप में टॉप 5 कंटेस्टेंट्स मिल गए। अपने एविक्शन के बाद, लवकेश अपने फैंस के साथ बातचीत करने के लिए इंस्टाग्राम पर लाइव हुए और उन्हें उनके जबरदस्त सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया। लाइव सेशन के दौरान Luvkesh Kataria ने खुलासा किया कि जब उनके नाम की घोषणा की गई तो उनके दिमाग में क्या चल रहा था। उन्होंने शेयर किया कि जब वह ट्रॉफी नहीं छू सके तो उन्हें कितना टूटा हुआ महसूस हुआ। एविक्ट होकर रो पड़े लवकेश लवकेश ने शेयर किया, 'मैंने अपने जीवन में कभी इतना प्यार अनुभव नहीं किया जितना मैं अब कर रहा हूं। जब मैं बाहर हो रहा था, तो मैं टूटा हुआ महसूस कर रहा था। मैं अपने सामने ट्रॉफी देख सकता था, लेकिन मैं उसे छू नहीं सका। जब मेरे नाम की घोषणा की गई, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए, लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल करने के लिए ऊपर देखा और अपने आंसुओं को निगलते हुए सोचा कि मैं केवल तभी रोऊंगा जब मैं अपने परिवार के किसी व्यक्ति से बात करूंगा।' बाहर आकर फूटकर रोए लवकेश उन्होंने आगे कहा, 'जैसे ही मैं बाहर आया, मैंने अपनी मां को फोन किया। मैंने ड्राइवर भैया का फोन इस्तेमाल किया, जो हमें हमारे होटल तक छोड़ रहे थे। मैं खुद को रोक नहीं सका और पांच मिनट तक रोता रहा और मेरे अंदर जमा सारी भावनाओं को बाहर निकालता रहा। मेरी मां को बहुत गर्व था और उन्होंने मुझसे कहा कि, उनके लिए, मैं बेस्ट और विनर हूं।' लवकेश से मिलने पहुंचीं मुनीषा लवकेश ने लाइव सेशन के दौरान 'बिग बॉस ओटीटी 3' से अपने बीएफएफ, विशाल पांडे को ऐड किया और उन्होंने फैंस को धन्यवाद दिया। इतना ही नहीं लवकेश की करीबी मुनीषा खटवानी भी उनसे मिलने पहुंचीं। उन्होंने लवकेश की तारीफ की और कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह खेल में आगे बढ़ेंगे और वह वाकई एक अच्छे इंसान हैं। लवकेश अपने सभी दोस्तों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने उनकी बिग बॉस ओटीटी 3 यात्रा के दौरान उनका सपोर्ट करने के लिए दिन-रात काम किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 118

एक सितंबर को करेंगे शक्ति प्रदर्शन, राजस्थान-दौसा विधानसभा उपचुनाव से पहले होगा ब्राह्मण महाकुंभ

दौसा. ब्राह्मण समाज ने विधानसभा उपचुनाव से पहले एक सितंबर को दौसा में ब्राह्मण महाकुंभ के आयोजन का एलान किया है। समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के लिए समस्त ब्राह्मण समाज एकजुट होगा। ब्राह्मण नेताओं ने बताया कि नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने के लिए समाज में सदैव सजकता की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखकर ब्राह्मण महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज में बढ़ने वाली कुरीतियां विराट रूप धारण करें उससे पहले ही उन्हें रोका जा सके। समाज में कुरीतियों को एक व्यक्ति द्वारा रोका नहीं जा सकता, इसके लिए सामाजिक स्तर पर सतत प्रयास करने की जरूरत होती है। सामयिक निर्णय, सामूहिक सुझाव, सामूहिक प्रयासों के द्वारा ही कुरीतियों पर विजय पाया जा सकता है। भ्रूण हत्या, नशीले मादक, द्रव्य पदार्थों का बढ़ता दुष्प्रभाव, विधवा महिला का सामाजिक सम्मान, बाल विवाह पर रोक, बालिका शिक्षा पर बल, दहेज लेना देना सामाजिक अभिशाप, मृत्यु भोज, पगड़ी अपव्य, आपराधिक प्रवृत्तियोंत्तियों से सावधान करना, साइबर क्राइम के प्रति सजक और सावधान युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सहित अनेक ऐसी कुरीतियां व बुराइयां हैं जो धीरे-धीरे बढ़ती जाती हैं। जिनका समय-समय पर निस्तारण, समाधान होना अत्यंत आवश्यक होता है। इसी को ध्यान में रखकर ब्राह्मण महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ब्राह्मण समाज शामिल होगा। इस दारौन तय किया जाएगा कि इन बुराइयों से किस स्तर से कैसे निपटा जाए। साथ ही बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार किस तरह दिया जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। लेकिन, सियासी गलियारों में इस महाकुंभ को दौसा विधानसभा उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उपचुनाव से पहले इसे ब्राह्मण समाज का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 114