सलूंबर से बीजेपी विधायक अमृतलाल मीणा का निधन, कांग्रेस पर जीत की बनाई थी हैट्रिक

उदयपुर  राजस्थान के उदयपुर ज़िले की सलूंबर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अमृतलाल मीणा का निधन हो गया है। 65 साल के मीणा को बुधवार रात हार्ट अटैक आया था। मीणा तीन बार विधायक रहे थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है।अमृतलाल मीणा का जन्म 1959 में सलूंबर के लालपुरिया गांव में हुआ था। उनका राजनीतिक सफर लगभग 20 साल लंबा रहा। 2004 में पंचायत समिति सदस्य के तौर पर उन्होंने अपने सफ़र की शुरुआत की थी। 2007 से 2010 तक वे जिला परिषद उदयपुर के सदस्य भी रहे। 2010 में वे पंचायत समिति सराड़ा में विपक्ष के नेता बने। अमृतलाल मीणा 2013 से कांग्रेस को झकाते रहे, विधानसभा में जीतते रहे 2013 के विधानसभा चुनाव में BJP ने अमृतलाल मीणा को सलूंबर से टिकट दिया। उन्होंने कांग्रेस की बसंती देवी मीणा को हराकर पहली बार विधानसभा में जगह बनाई। इसके बाद 2018 और 2023 में भी उन्होंने जीत हासिल की। दोनों बार उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता रघुवीर सिंह मीणा को मात दी थी। सलूंबर में अमृतलाल मीणा ने पिछले तीन विधानसभा चुनाव में जीत के साथ कांग्रेस को शिकस्त देने की हैट्रिक बनाई थी। समाज के विकास के लिए शिक्षा को दिया हमेशा महत्व, खुद ने भी डबल एमए किया अमृतलाल ने समाज के लोगों को विकास के लिए हमेशा शिक्षा का रास्ता अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। वो समाज के निचले तबके और मुख्य धारा से वंचितों के बीच पढ़ाई-लिखाई यानी शिक्षा को खास महत्व देते थे। उनका मानना था कि परिवार, समाज और देश काे आगे बढ़ना है तो बच्चों को स्कूल भेजना होगा। दिवंगत अमृतलाल के जीवन में शिक्षा के महत्व का इस बात से अंदाज लगया जा सकता है कि वो 40 की उम्र पार करने के बाद भी स्नातकोतर डिग्री के लिए पढ़ रहे थें। उन्होंने 1992 में समाज शास्त्र और 2000 में राजनैतिक शास्त्र में स्नातकोतर यानी एमए की डिग्री हासिल की। सीएम और पूर्व सीएम ने जताया दुख अमृतलाल मीणा राजस्थान विधानसभा की कई समितियों के सदस्य भी रहे। इनमें प्राक्कलन समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, विशेषाधिकार समिति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति शामिल हैं। BJP नेता के निधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, अत्यन्त दुःखद! सलूंबर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक श्री अमृत लाल जी मीणा का ह्रदयघात से निधन के समाचार से स्तब्ध हूं। यह भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणो में स्थान एवं परिवारजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें। ॐ शांति! इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने लिखा,सलूंबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री अमृत लाल मीणा का आकस्मिक निधन बेहद दुखद है। पंचायतीराज से राजनीतिक सफर शुरू कर विधानसभा में 3 बार सलूंबर का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री अमृत लाल मीणा अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रतिबद्धता से काम करते थे। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को इस दुख की घड़ी में हौसला प्रदान करें।   recent visitors 146

विनेश फोगाट को रजत पदक विजेता को मिलने वाले लाभ देने की सीएम सैनी की घोषणा

चंडीगढ़ भारत की स्टार रेसलर विनेश फोगाट को देश में सभी लाभ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी वाले मिलेंगे। हरियाणा सरकार ने गुरुवार को ऐलान कर दिया है। इसपर फोगाट के परिवार ने भी खुशी जताई है और कहा है कि इससे अन्य खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के चलते फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। बुधवार को उनका फाइनल मैच होना था। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि विनेश फोगाट को वो सारे लाभ मिलेंगे, जो रजत पदक विजेता को मिलते हैं। उन्होंने लिखा, 'हरियाणा की हमारी बहादुर बेटी विनेश फोगाट ने जबरदस्त प्रदर्शन करके ओलंपिक में फाइनल में प्रवेश किया था। किन्हीं भी कारणों से वो भले ही ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल पाई हो लेकिन हम सबके लिए वो एक चैंपियन हैं।' उन्होंने आगे लिखा, 'हमारी सरकार ने ये फैसला किया है कि विनेश फोगाट का स्वागत और अभिनंदन एक मेडलिस्ट की तरह ही किया जाएगा। हरियाणा सरकार ओलंपिक रजत पदक विजेता को जो सम्मान, ईनाम और सुविधाएं देती है वे सभी विनेश फोगाट को भी कृतज्ञता पूर्वक दी जाएंगी। हमें आप पर गर्व है विनेश।' क्या बोला परिवार हरियाणा के मुख्यमंत्री की तरफ से विनेश फोगट को रजत पदक विजेता को मिलने वाले सभी लाभ देने की घोषणा पर उनके चाचा महावीर फोगट ने कहा, 'यह मुख्यमंत्री की अच्छी पहल है। उन्होंने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि विनेश को रजत पदक मिला है। यह एक अच्छा कदम है और मैं इसका समर्थन करता हूं। मैं हरियाणा सरकार को धन्यवाद देता हूं, अगर कभी अन्य एथलीटों के साथ ऐसा होता है तो इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा…।' एक दिन में पछाड़े तीन पहलवान मंगलवार को जब फोगाट मैदान में उतरीं, तो उन्होंने दिन में सबसे जापान की रिकॉर्ड धारी युई सुसाकी को हराया। बाद में उन्होंने फाइनल में एंट्री के लिए क्यूबा की यूसनेलिस गुजमान को पटखनी दी। यहां से फोगाट का सिल्वर मेडल हासिल करने का रास्ता साफ हो गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि वह बुधवार को फाइनल में अमेरिकी पहलवान सारा हिल्डब्रांट को हराकर स्वर्ण पदक भी जीत सकती थीं। इतिहास में पहली बार भारतीय महिला पहलवान ने ओलंपिक फाइनल में जगह बनाई थी। recent visitors 123

महिला तैराक को खूबसूरत होना पड़ा भारी, पैराग्वे की तैराक को पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया …

एसनशिओन पेरिस ओलंपिक से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। हाल में खबर आई थी कि पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो को खराब रवैये के चलते पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने स्विमिंग से रिटायरमेंट भी ले लिया। लेकिन सच कुछ और ही है। फ्रांस में आयोजित पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन हो रहा है। ओलंपिक खेल 26 जुलाई से शुरू हुए हैं और 11 अगस्त तक चलेंगे। इस दौरान होने वाले हर खेल और उसमें जीत-हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। इस समय हर दिन अलग-अलग देशों से अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं। हाल में खबर आई थी कि पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो को खराब रवैये के चलते पेरिस ओलंपिक से वापस घर भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने स्विमिंग से रिटायरमेंट भी ले लिया। लेकिन अब आई जानकारी कुछ और ही कहती है। Economic Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुआना को घर इसलिए भेजा गया है क्योंकि उनकी बेशुमार खूबसूरती टीम के बाकी खिलाड़ियों को भटका रही है। ब्लास्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुआना ने अपनी सुंदरता के कारण पेरिस ओलंपिक में कई लोगों का दिल जीता था, ज्यादातर पेरिस ओलंपिक के एथलीटों का, और यह उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ। क्योंकि उनके साथी उनकी सुंदरता को संभाल नहीं सके। वहीं पैराग्वे लौटने के बाद, लुआना ने तैराकी से संन्यास की घोषणा करके सभी को चौंका दिया है। हालांकि, आगे उनका क्या प्लान है, इसका उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है। भले ही लुआना कंपटीशन के फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं थीं, लेकिन फिर भी एथलीटों को पेरिस खेलों की आधिकारिक क्लोजिंग तक ओलंपिक विलेज में रहने की अनुमति होती है, जो कि 11 अगस्त को होनी है। लेकिन, लुआना को कथित तौर पर ओलंपिक विलेज के अंदर अपना आवास खाली करने के लिए कह दिया गया था और अलोंसो को अपने घर लौटना पड़ा था। कथित तौर पर उनकी राष्ट्रीय टीम के प्रबंधक ने दावा किया था कि उनकी उपस्थिति से पैराग्वे की पूरी टीम पर गलत प्रभाव पड़ रहा था। हालांकि, लुआना ने खुद अभी तक ओलंपिक विलेज छोड़ने को कहे जाने वाले मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बताते चलें कि पेरिस ओलंपिक में भारत ने अब तक 3 मेडल जीत लिए हैं। यह तीनों ब्रॉन्ज हैं, जो शूटिंग में आए हैं। सबसे पहले मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज दिलाया। फिर दूसरा ब्रॉन्ज भी मनु भाकर ने मिक्स्ड टीम इवेंट में दिलाया। उनके साथ सरबजोत सिंह भी टीम में थे। तीसरा ब्रॉन्ज मेडल स्वप्निल कुसाले ने शूटिंग की मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में दिलाया। recent visitors 78

ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज FIR को HC ने रद्द किया, ड्रग्स केस में बड़ी राहत

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के खिलाफ दर्ज साल 2016 में दर्ज किए गए ड्रग्स मामले को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली थी और इसे जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा. न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने 22 जुलाई को पारित एक आदेश में कहा कि यह 'स्पष्ट राय' है कि ममता कुलकर्णी के खिलाफ एकत्र की गई सामग्री प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाती है. पीटीआई के मुताबिक, हाई कोर्ट के इस आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई. पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'हम संतुष्ट हैं कि याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) के खिलाफ अभियोजन जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा होगा.' अदालत ने कहा कि वह संतुष्ट है कि यह एफआईआर को रद्द करने के लिए अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक उपयुक्त मामला है क्योंकि कार्यवाही स्पष्ट रूप से तुच्छ और परेशान करने वाली है. ममता कुलकर्णी ने साल 2016 में ठाणे पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी. जिसमें ममता ने दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और वह केवल एक सह-आरोपी विक्की गोस्वामी से परिचित थी. असल में पुलिस ने अप्रैल 2016 में एक किलोग्राम इफेड्रिन नामक मादक पदार्थ के कथित कब्जे के लिए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था. प्रारंभिक जांच के बाद कुलकर्णी सहित 10 और व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि कुलकर्णी ने विक्की गोस्वामी सहित अन्य सह-आरोपियों के साथ जनवरी 2016 में केन्या के एक होटल में मादक पदार्थों की बिक्री और खरीद के लिए एक साजिश बैठक की थी. पीठ ने आरोपपत्र में प्रस्तुत गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया और पाया कि कथित साजिश के लिए एक बैठक केन्या के होटल के डाइनिंग हॉल में हुई थी और जहां ममता डाइनिंग टेबल के बगल में सोफे पर बैठी थी. अदालत ने कहा कि उसका मानना ​​है कि आरोपपत्र में प्रस्तुत सामग्री एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ममता कुलकर्णी के खिलाफ लगाए गए आरोप को कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं है. खंडपीठ ने कहा, 'याचिकाकर्ता (ममता कुलकर्णी) की केवल एक बैठक में उपस्थिति, यहां तक ​​कि आरोपपत्र में दर्शाई गई सामग्री को स्वीकार करने पर भी, आरोपपत्र में लगाए गए प्रावधानों के तहत दोषसिद्धि को कायम रखने के लिए निश्चित रूप से पर्याप्त नहीं होगी.'   recent visitors 104

चमकती और उज्ज्वल त्वचा के लिए प्राचीन महिलाओं के सौंदर्य रहस्य

महिलाओं की खूबसूरती पर तो हर कोई दिवाना हुआ जाता है और ये कोई आज की बात नहीं है बल्कि प्राचीन काल में भी औरतें अपनी खूबसूरती से राजा-महाराजाओं के दिलों पर राज करती थीं। दिखने में अप्सरा सी ये महिलाएं आखिर लगाती क्या थीं कि उनकी त्वचा एकदम बेदाग और निखरी हुई नजर आती थी? उनकी खूबसूरती का ये राज छिपा है आपके किचन में, जिसपर शायद आपकी दिन में कई दफा नजर पड़ती है। हम किसकी बात कर रहे है? हम बात कर रहे हैं कच्चे दूध, हल्दी, चंदन, और शहद की। जिन्हें को अलग-अलग तरीकों से अपने चेहरे और शरीर पर लगाती थीं और सूरज सी चमकदार त्वचा पाती थीं। अगर आप भी वैसा ही निखार पाना चाहती हैं तो इन चीजों को हमारे बताए तरीकों से इस्तेमाल कर सकती हैं। प्राचीन काल की महिलाओं की सुंदरता का राज बता दें कि पहले के जमाने में जहां साबुन नहीं हुआ करता था, तब भी महिलाएं अपने शरीर को साफ रखती थीं। जैसा कि हमने बताया कि इसके लिए वो कच्चे दूध, हल्दी, चंदन, और शहद का इस्तेमाल करती थी। लेकिन प्राचीन काल की महिलाएं इन्हें एक नहीं बल्कि अलग-अलग तरीकों से मिक्स करके लगाया करती थीं। कैसे? आइए आपको बताते हैं। इन दो चीजों से पाती थीं चेहरे पर निखार प्राचीन काल की महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिए रोज सुबह उठकर कच्चे दूध में हल्दी भिगोकर लगाती थीं। बता दें कि आज भी कई मांएं अपनी बेटियों को इस नुस्खे के बारे में बताती हैं। कच्चे दूध को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे कम होते हैं और गंदगी साफ होती है। साथ ही हल्दी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो कील-मुंहासों को कम करने, सूजन, जलन और रेडनेस के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी कम करने में फायदेमंद होता है। नहाने के लिए करती थीं इस लेप का इस्तेमाल चेहरे की चमक तो हर कोई ले आता है लेकिन शरीर को भी उसी तरह साफ करना अलग बात होती है, जिसके लिए प्राचीन काल की महिलाएं चंदन, पानी और शहद से बने लेप का इस्तेमाल करती थी। जिसे वो नहाने के लिए उपयोग करती थीं। ये लेप बॉडी स्क्रब का भी काम करता है इसलिए आप भी इसका इस्तेमाल करके अपने शरीर की गंदगी को साफ कर सकते हैं। रात को लगाती थीं चंदन का फेस पैक प्राचीन काल में महिलाएं राज को सोने से पहले अपने चेहरे पर चंदन का फेस पैक लगाया करती थीं, जिसमें कच्चा दूध, और शहद भी मिलाया जाता था। इससे दिनभर चेहरे पर जमी गंदगी तो साफ होती ही थी, साथ ही सुबह उन्हें चमकदार त्वचा मिलती थी। आप भी इस फेस पैक को रात को सोने से पहले लगा सकती हैं और सोने से पहले फेस वॉश करके निखार पा सकती हैं। recent visitors 127

ब्लिंकन ने कहा कि US ने ईरान और इजरायल को संघर्ष न बढ़ाने की जरूरत

पेंटागन मिडिल ईस्ट में जंग के हालात बने हुए हैं. ईरान और इजरायल के बीच जहां भारी तनाव देखा जा रहा है, वहीं लेबनान के हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच कभी भी लड़ाई छिड़ सकती है. ऐसे में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के लेकर चेतावानी दी है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि ईरान और इजरायल को सूचित किया गया है कि उनके बीच संघर्ष नहीं बढ़ना चाहिए ये किसी के भी हित में नहीं हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ''हम मध्य पूर्व में तनाव कम करने और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में हम इस क्षेत्र के भागीदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं. उनसे बातचीत में हमने एक आम सहमति सुनी है. किसी को भी इस संघर्ष को नहीं बढ़ाना चाहिए. हम सहयोगियों और भागीदारों के साथ गहन कूटनीति में लगे हुए हैं. ईरान और इजराइल को संघर्ष रोकने का संदेश दिया है.'' एंटनी ब्लिंकन ने गाजा में जल्द युद्धविराम की भी बात कही है. उन्होंने कहा कि गाजा में युद्धविराम के लिए चल रही बातचीत अंतिम दौर में हैं. जल्द ही संघर्ष विराम हो सकता है. उन्होंने कहा, यह बात सच है कि हम गाजा में युद्ध विराम के निर्णायक दौर में हैं. राष्ट्रपति बाइडेन ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह और कतर के अमीर तमीम से बात की है. ये दोनों देश अमेरिका के साथ मध्यस्थता कर रहे हैं.'' बताते चलें कि इजरायल और ईरान के बीत जंग की आशंका को देखते हुए अमेरिका ने जबरदस्त तैयारी शुरू कर दी है. अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एहतियात के तौर पर इस इलाके में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यानी विमान वाहक पोत तैनात किया है. इसके साथ ही फाइटर जेट स्क्वाड्रन, क्रूजर और डेस्ट्रॉयर को भी मोर्चे पर लगाया गया है. यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप को भेजा गया है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट में पहले से मौजूद यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को वापस बुलाया गया है. ये तैनाती इस बात का सबूत है कि ईरान और इज़रायल के बीच जंग का खतरा किस कदर बढ़ता जा रहा है. 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले और गाजा पर चल रही इजरायल की जवाबी कार्रवाई के बाद ये पहला मौका है, जब इतने बड़े स्तर पर इलके में फौजी लामबंदी चल रही है. पेंटागन ने शुरू में इस इलाके में हमास, हूती और हिज्बुल्लाह सरीखे संगठनों को जवाब देने और उन्हें काबू में रखने के लिए दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए थे, लेकिन अब इसके अलावा भी तैनाती चल रही है. इसके अलावा अमेरिका ने मिडिल ईस्ट और भूमध्य सागर में बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस डिस्ट्रॉयर और क्रूजर भेजे हैं. दो अमेरिकी डिस्ट्रॉयर इजरायल के खिलाफ ईरानी मिसाइल हमले को रोकने में शामिल रहे थे. पेंटागन ने ये भी साफ किया है कि मिसाइल डिफेंस फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है. ये फैसला इस बात का सबूत है कि अमेरिका हर हाल में इजरायल की मदद के लिए तैयार है. अमेरिका का कहना है कि वो मिडिल ईस्ट में जंग को बढ़ावा नहीं देना चाहता, लेकिन लेकिन इजरायल की मदद करने के मामले में वो कमी भी नहीं करना चाहता. यही वजह है कि अमेरिका लगातार इजरायल को अपने समर्थन की बात दोहरा रहा है.   recent visitors 84

आन की खातिर हत्या: भाई ने बहन को बीच सड़क पर पीटा, फिर गला दबाकर कर दी हत्या, तमाशा देखती रही भीड़

मेरठ मेरठ में एक भाई ने अपनी नाबालिग बहन की गला दबाकर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वो अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी. ऐसा नहीं है कि आरोपी ने इस वारदात को घर में अंजाम दिया हो. उसने बीच सड़क पर पहले 16 साल की बहन को पटक दिया और फिर गला दबाकर मार डाला. इस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे, जो इसका वीडियो बना रहे थे, लेकिन किसी ने उस किशोरी की जान नहीं बचाई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह घटना इंचौली थाना इलाके के नंगला शेखू गांव की है, जहां हसीन (26) नाम के युवक ने अपनी छोटी बहन अमरीशा (16) को सरेआम बीच चौराहे पर गला दबाकर मार डाला. अमरीशा ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वो भाई की मजबूत पकड़ से निकल नहीं सकी. भाई के ऊपर खून का ऐसा भूत सवार था कि उसने रिश्तों को ताक पर रखकर छोटी बहन को खत्म करने का ठान लिया था. इस दौरान किशोरी अपने हाथ-पैर झटपटाते हुए मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में कोई ऐसा नहीं निकला, जो उस मासूम की जान बचा सकता. इससे ज्यादा शर्मनाक तो ये रहा कि कुछ लोग हत्या का वीडियो बनाने में लगे रहे.   दूसरे समुदाय के युवक से था किशोरी का प्रेम-प्रसंग न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दरअसल नंगला शेखू गांव के रहने वे जुम्मन उर्फ शहजाद की 16 साल की बेटी अमरीशा का दूसरे समुदाय के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. यहां तक कि वो कुछ दिनों पहले उस युवक के साथ भाग भी गई थी, जिसके बाद अमरीशा के घर वालों ने युवक पर अपहरण का केस लगाकर जेल भी भिजवाया था, लेकिन हाल ही में वह जमानत पर छूटकर आया था. उसके बाद से ही अमरीशा अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी. इस बात को लेकर बीते कुछ दिनों से घर पर लगातार विवाद चल रहा था.   घर के लोग काम पर गए थे तभी दोनों के बीच हुई थी लड़ाई बुधवार की सुबह जब मां और पिता समेत पूरा परिवार काम पर चला गया तो किशोरी की मांग पर बड़े भाई हसीन का पारा चढ़ गया. इसके बाद दोनों के बीच मारपीट भी हो गई. गुस्साई अमरीशा घर छोड़कर जाने लगी तो हसीन ने उसे बीच रास्ते दबोच लिया. उसे सड़क पर गिराकर गला दबाकर मार डाला. दर्जनों लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी, लेकिन किसी ने अमरीशा को नहीं बचाया. कत्ल करने के बाद आरोपी भाई हसीन वहीं लाश के पास बैठकर रोता रहा. मां की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का केस इंचौली पुलिस ने मृतक किशोरी की मां की तहरीर पर बेटे हसीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मृतका का पिता बैंड की दुकान पर काम करता है. उसके आठ बच्चे हैं. सबसे बड़ा लड़का हसीन गाजियाबाद की किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है. हत्यारोपी भाई के परिवार मं पत्नी और दो बच्चे हैं.   पुलिस ने इस मामले में क्या बताया? एसपी (ग्रामीण) कमलेश बहादुर ने बताया कि हमने एक हसीन नाम को गिरफ्तार किया है, जिसने इंचौली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक तर्क के बाद अपनी नाबालिग बहन का गला घोंट दिया था. पीड़िता का अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति के साथ संबंध था और कुछ महीने पहले वह उसके साथ भाग भी गई थी. recent visitors 134