Wednesday, July 1, 2026 10:04 pm

पूर्व CM बुद्धदेव भट्टाचार्य का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कोलकाता पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य का निधन हो गया है। बुद्धदेब भट्टाचार्य ने लंबे समय तक बंगाल में शासन किया था। वह 80 साल के थे और बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने पूर्व मुख्यमंत्री की मौत की पुष्टि की है। बुद्धदेब भट्टाचार्य का कोलकाता के बालीगंज स्थित उनके पाम एवेन्यू आवास पर हुआ। वह बीते कई सालों से बीमार चल रहे थे और वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। बीमारी के चलते ही कई सालों से वह सक्रिय राजनीति से दूर थे और वामपंथी दल सीपीएम के कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आते थे। बुद्धदेब भट्टाचार्य ने वर्ष 2000 से 2011 तक बंगाल की कमान संभाली थी। उनसे पहले 23 सालों तक ज्योति बसु मुख्यमंत्री रहे थे। इस तरह कुल 34 सालों के वामपंथी शासन में बुद्धदेब भट्टाचार्य की भी अहम भूमिका थी। बुद्धदेब भट्टाचार्य को वामपंथी नेता होने के बाद भी कारोबार को लेकर उदारवादी नीतियां अपनाने के लिए जाना जाता है। आमतौर पर वामपंथी दल आर्थिक उदारीकरण के खिलाफ रहे हैं, लेकिन बुद्धदेब भट्टाचार्य ने औद्योगिकीकरण के प्रयास किए थे। हालांकि सिंगूर में भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। माना जाता है कि इस विवाद के ही बहुत बढ़ने के चलते नैरेटिव वामपंथी सरकार के खिलाफ चला गया और फिर 34 साल के शासन का अंत हो गया। भारत के किसी भी राज्य में यह सबसे लंबे समय तक चलने वाली वामपंथी सरकार थी। 5 दशकों के अपने राजनीतिक करियर में बुद्धदेब भट्टाचार्य का वामपंथी दल में कद बहुत बड़ा था। उनका जन्म 1 मार्च 1944 को उत्तर कोलकाता के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके दादा कृष्णचंद्र स्मृतितीर्थ वर्तमान बांग्लादेश के मदारीपुर से आए थे। वह संस्कृत के बड़े विद्वान और लेखक थे। इसके अलावा वह पुजारी भी थे और उन्हें पुरोहित दर्पण कहा जाता था। हालांकि बुद्धदेब भट्टाचार्य के पिता ने पुजारी न बनने का फैसला लिया और अपना एक प्रकाशन समूह शुरू किया था। राजनीति में आने से पहले बुद्धदेब भट्टाचार्य एक अध्यापक थे।   recent visitors 79

रोहित शर्मा ने की सचिन-अजहर के अनचाहे क्लब में एंट्री, भारत ने 27 साल बाद श्रीलंका के हाथों वनडे सीरीज गंवाई

नई दिल्ली रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा है। भारत ने 27 साल बाद श्रीलंका के हाथों वनडे सीरीज गंवाई है। श्रीलंका ने बुधवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आखिरी मैच 110 से अपने नाम किया। मेजबान श्रीलंका ने दूसरे वनडे में भारत को 32 रन से मात दी थी। वहीं, पहला मुकाबला टाई हो गया था। श्रीलंका के 2-0 से सीरीज जीतने के बाद रोहित ने एक अनचाहे क्लब में एंट्री कर ली है। इस क्लब में रोहित से पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन हैं। दरअसल, रोहित श्रीलंका के विरुद्ध वनडे सीरीज हारने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। श्रीलंका ने पिछले 31 सालों में भारत से सिर्फ तीन वनडे सीरीज जीती हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहली सीरीज 1993 में गंवाई थी। तब अजहरुद्दीन भारत के कप्तान थे। श्रीलंका ने अपने घर पर तीन मैचों की यह सीरीज 2-1 से जीती थी। भारत को केवल पहले वनडे में विजय नसीब हुई थी। उसके बाद श्रीलंका ने 1997 में सीरीज पर कब्जा जमाया। उस वक्त भारत की बागडोर सचिन के पास थी। भारत तीनों वनडे मैच हार गया था। दिलचस्प बात यह है कि श्रीलंका ने तीनों सीरीज घर में जीतीं। श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज हारने वाले भारतीय कप्तान 1993 – मोहम्मद अजहरुद्दीन 1997 – सचिन तेंदुलकर 2024 – रोहित शर्मा मैच की बात करें तो श्रीलंका ने टॉस जीतकर 248/7 का स्कोर खड़ा किया। अविष्का फर्नांडो ने 102 गेंदों में 96 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो सिक्स शामिल हैं। पथुम निसांका ने 45 और कुसल मेंडिस ने 59 रन का योगदान दिया। जवाब में टीम इंडिया महज 26.1 ओवर में 138 रन पर ऑलआउट हो गई। रोहित ने भारत की ओर से सबसे ज्यादा 35 रन बनाए। वॉशिगंटन सुंदर ने 30 और विराट कोहली ने 20 रन जुटाए। भारत ने 73 रन जोड़कर पांच विकेट गंवा दिए थे। श्रीलंका के लिए दुनिथ वेलालागे के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की। उन्होंने 5.1 ओवर में 27 रन देकर 5 विकेट हासिल किए।   recent visitors 86

सनी देओल-अमीर खान प्रोडक्शन फिल्म ‘लाहौर 1947’ की शूटिंग में ट्रेन यात्रा का दृश्य शामिल

सनी देओल स्टारर अपकमिंग मेगा प्रोजेक्ट फिल्म 'लाहौर 1947' के क्लाइमैक्स को लेकर एक नई खबर है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ये फिल्म सनी देओल, राजकुमार संतोषी और आमिर खान को पहली बार एक साथ ला रही है। अब एक रोमांचक खबर आई है कि फिल्म की एंडिंग एक ट्रेन सीक्वेंस के साथ होने वाली है। इस समय 'लाहौर 1947' के लिए एक अहम सीन को शूट किया जा रहा है। इस सीन में भारत और पाकिस्तान के बीच रेल यात्रा को दिखाया गया है। फिल्म का क्लाइमैक्स एक विजुअल ट्रीट होने वाला है हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, 'लाहौर 1947 की शूटिंग पार्टीशन के समय के एक बड़े रेल सीक्वेंस के साथ खत्म होगी, जिसमें ऐसे सीन्स दिखाए जाएंगे, जिन्हें पहले कभी नहीं देखा गया है। फिल्म का क्लाइमैक्स एक विजुअल ट्रीट होने वाला है, जिसे पार्टीशन के समय की उथल-पुथल और भावनाओं को दर्शाने के लिए तैयार किया गया है। इस सीक्वेंस की शूटिंग कई हफ्तों तक बड़े कास्ट और क्रू के साथ होने वाली है, ताकि दर्शकों को नया अनुभव का एहसास कराया जा सके।' सनी देओल और प्रीति जिंटा को लीड रोल्स में 'लाहौर 1947' के बारे में बात करें तो आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत इसे प्रड्यूस करेंगे, जबकि राजकुमार संतोषी इस प्रोजेक्ट को डायरेक्ट करेंगे। वहीं, सनी देओल और प्रीति जिंटा को लीड रोल्स में नजर आएंगे। recent visitors 134

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले मात्र तीन वनडे खेलना भारत के लिए चिंता का विषय, वसीम जाफर ने श्रीलंका से मिली हार के बाद जताई चिंता

नई दिल्ली श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-0 से मिली हार के बाद टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा एक्सपर्ट वसीम जाफर ने चिंता जताई है। उन्होंने यह चिंता सीरीज गंवाने के चलते नहीं, बल्कि अगले साल पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारतीय टीम की तैयारियों को लेकर जताई है। उनका कहना है कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले मात्र तीन वनडे खेलना भारत के लिए चिंता का विषय है। दरअसल, अगले साल फरवरी-मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना है और श्रीलंका दौरे के बाद भारत के पास इस टूर्नामेंट की तैयारी के लिए सिर्फ तीन ही वनडे मैच होंगे जो इंग्लैंड के खिलाफ 2025 में हैं। वसीम जाफर ने एक्स पर लिखा, 'श्रीलंका ने बेहतर क्रिकेट खेला और सीरीज जीतने का हकदार है। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि भारत सीरीज हार गया। हार-जीत तो खेल का हिस्सा है। हालांकि, यह चिंता की बात है कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत के पास सिर्फ 3 वनडे मैच बचे हैं।' बता दें, 1997 के बाद श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने में कामयाब रही है। तीन मैच की इस सीरीज का पहला मैच टाई रहा था। वहीं इसके बाद अगले दोनों मुकाबले मेजबान टीम ने अपने स्पिनर्स के दम पर जीते। दूसरे वनडे में जेफरी वैंडर्से चमके, वहीं तीसरे वनडे में डुनिथ वेल्लालागे ने कहर बरपाया। डुनिथ वेल्लालागे को उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। बात तीसरे वनडे की करें तो, पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने आर प्रेमदासा स्टेडियम में 248 रन बोर्ड पर लगाए। अविष्का फर्नांडो ने इस दौरान 96 रनों की शानदार पारी खेली। इस स्कोर का पीछा करने उतरी टीम इंडिया 138 रन पर ही ढेर हो गई। रोहित शर्मा 35 रनो के साथ टीम के हाइएस्ट स्कोरर रहे, वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने 30 रन बनाए। डुनिथ वेल्लालागे ने 5 विकेट हॉल लेकर भारतीय बैटिंग की कमर तोड़ दी।   recent visitors 85

CM मोहन बेंगलुरु में इंटरएक्टिव सेशन में आज, उद्योगपतियों से संवाद करेंगे

बेंगलुरु/भोपाल      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बेंगलुरु में प्रमुख उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं व उद्योगों को बढ़ावा देने को लेकर वन-टू-वन चर्चा की।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बेंगलुरू में तीसरे इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करने पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर निवेशक भी उत्साहित दिख रहे हैं। इससे पहले बेंगलुरु में बुधवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन के लिये बेंगलुरु में आयोजित "राउंड टेबल सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटी इन मध्यप्रदेश" में उद्योगपतियों से संवाद करते हुए कहा कि उद्योगों की स्थापना और उद्यमियों को प्रोत्साहन से मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। इसमें उद्योगों का अहम योगदान रहा है। उद्योगों के सहयोग से ही मध्यप्रदेश और भारत प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना का साकार करेगा। बेंगलुरू में राउंड टेबल सेशन में मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये अवसर, संभावनाओं और नीतियों पर उद्योगपतियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें उद्योगपतियों ने अपने अनुभव साझा किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ नेटवर्किंग डिनर भी किया। राउंड टेबल सेशन में चेयरमैन नैसकॉम और सीईओ कॉग्निजेंट राजेश नांबियार ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। सुकून और शांति के टापू मध्यप्रदेश में उनकी कंपनी निश्चित ही उद्योग स्थापित करेंगी। वहीं इंफोसिस की ग्लोबल डिलीवरी हेड बिंदिया राज ने कहा कि प्रदेश के लोकल टेलेंट को निखारने और रोजगार देने के लिए मध्यप्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। राकुटेन सिंफनी के एमडी राहुल अत्री ने कहा कि इंदौर क्लीनेस्ट सिटी होने के साथ ही उत्पादन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राउंड टेबल सेशन में शामिल उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आश्वस्त किया कि वे सभी मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे हैं। जल्द ही प्रदेश में उनकी कम्पनियाँ विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करेगी। उद्योगपतियों ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वर्तमान में उद्योगों विस्तारित करने, उद्योगों को लगाने में प्रशासनिक तौर पर सहयोग देने, उद्योग लगाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिये सरकार की तत्परता को देखते हुए उद्योग लगाने के लिये मध्यप्रदेश में अनुकूल माहौल बना है। उद्योगपतियों ने राउंड टेबल सेशन में अधोसंरचना, इको सिस्टम, इंजीनियरिंग, रिसर्च, स्किल डेवलेपमेंट आदि विषयों पर विचार रखें और सुझाव भी दिए। आधिकारिक बयान के अनुसार, उद्योगपतियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री निवेश, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के विजन और नवाचारों पर प्रकाश डालेंगे। मुंबई और कोयंबटूर में आयोजित शिखर सम्मेलनों की सफलता को देखते हुए, राज्य सरकार को बेंगलुरु कार्यक्रम से काफी उम्मीदें हैं। बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार पहली बार अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों से निवेश मांगेगी ताकि नई तकनीकों का सहारा लिया जा सके और राज्य में विकास योजनाओं में उनका उपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने हर जिले में आवश्यक अनुमति और मंजूरी में तेजी लाने और 'व्यापार करने में आसानी' को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समर्पित सेल स्थापित करने का फैसला किया है। जिला कलेक्टर सेल के कामकाज की निगरानी करेंगे और सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करेंगे।     recent visitors 83

प्रताड़न के आरोप में 5 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

कबीरधाम. कबीरधाम पुलिस ने बहू को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला सिटी कोतवाली थाना कवर्धा का है। बताया जा रहा है कि ससुराल वाले बहू को दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे। जिस वजह से महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।एडिशनल एसपी पुष्पेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि अंजू दिवाकर पति विश्राम दिवाकर उम्र 23 निवासी ग्राम मगरदा थाना कवर्धा ने 24 जुलाई की रात को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि अंजू दिवाकर की शादी दो वर्ष पूर्व 2022 के जुलाई माह में विश्राम दिवाकर निवासी मगरदा के साथ हुई थी। शादी में अंजू के परिजनों द्वारा अपनी हैसियत अनुसार सामान आदि दिया गया था। शादी के 4-5 माह बाद ही पति विश्राम दिवाकर अंजू के साथ मारपीट करने लगा। उसका कहना था कि वह दहेज में बाइक, सोना-चांदी नहीं लाई। अंजू की सास प्रेमी बाई, ससुर चंद्रीका प्रसाद द्वारा भी उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। अंजू की ननंद आरती व उसका पति रमेश भी विश्राम दिवाकर को मारपीट करने के लिए कहते थे। अंजू ने इस बारे में कई बार अपने माता-पिता व बहन को बताया था। 24 जुलाई की रात में अंजू दिवाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने विश्राम दिवाकर पिता चंद्रिका प्रसाद दिवाकर उम्र 29, चंद्रिका प्रसाद दिवाकर पिता हरीप्रसाद दिवाकर उम्र 53, प्रेमीबाई दिवाकर पति चंद्रिका प्रसाद दिवाकर उम्र 50 तीनों निवासी ग्राम मगरदा व रमेश बघेल पिता टीकाराम बघेल उम्र 35, आरती बघेल पति रमेश बघेल उम्र 33 दोनों निवासी ग्राम रूसे थाना पांडातराई जिला कबीरधाम को गिरफ्तार किया है और सभी को जेल भेज दिया गया है। recent visitors 99