निजी स्कूल में बिना परमिशन चल रहा था मदरसा, मिला इबादत खाना, रविवार की जगह शुक्रवार की छुट्टी

 सागर राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह राजपूत शुक्रवार शाम बाल सरक्षण आयोग, विधि परिवीक्षा अधिकारी, कई और विभागों के सदस्य सहित परसोरिया गांव पहुंचे. जहां पर उन्होंने मौलाना आजाद मिडिल स्कूल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण में स्कूल के साथ मदरसा और मस्जिद भी मिली. ओंकार सिंह का कहना है कि मौलाना आजाद स्कूल परसोरिया में स्कूल के नाम पर अवैध मदरसा चलाया जा रहा है. जबकि मदरसे की उनके पास मान्यता भी नहीं है. स्कूल में मस्जिद और इबादत खाना है, स्कूल के ड्रेस कोड में मुस्लिम परिधान है. स्कूल संचालन के लिए आठवीं तक की मान्यता है. अवासीय स्कूल की मान्यता प्राप्त नहीं है. यहां बच्चे दसवीं क्लास में पढ़ते हुए मिले हैं. स्कूल की मान्यता पर मदरसे का संचालन मध्य प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों ओंकार सिंह राजपूत ने बताया कि, हमारे निरीक्षण में स्कूल परिसर में कुछ चीजें आपत्तिजनक पाई गई हैं. जैसे स्कूल में मदरसा भी चलाया जा रहा है. जबकि उनके पास आठवीं तक स्कूल चलाने की अनुमति है, लेकिन नवमी और दसवीं के बच्चों को भी पढ़ाया जा रहा है. स्कूल के छात्रावास में इबादत खाना है और जहां बच्चे पढ़ते और खाना खाते हैं, वहां पर मस्जिद है. बच्चों की यूनिफॉर्म बिल्कुल मुस्लिम परिधान की तरह है. यहां कुछ बच्चे पगड़ी भी पहनते हैं. स्कूल चलाने की अनुमति के बावजूद यहां पर मदरसा चलाया जा रहा है. कुछ बच्चों ने शिकायत की थी कि, ''4:30 बजे हमें जगा दिया जाता है.'' स्थानीय बच्चों को नहीं दिया एडमिशन आयोग के सदस्यों ओंकार सिंह राजपूत ने बताया कि, ''इसके पहले मदरसे और स्कूल की छुट्टी शुक्रवार को होती थी लेकिन अब मदरसे की छुट्टी शुक्रवार को होती है और स्कूल की छुट्टी रविवार को होती है.यहां पर बहुत सारी अनियमिताएं हैं, यहां स्थानीय बच्चों को एडमिशन नहीं दिया गया है, सभी बच्चे बाहर से आए हैं. कई बच्चे ऐसे हैं जिनके बारे में जानकारी भी नहीं है कि वह कहां से आए हैं. कई बच्चे ऐसे हैं जिनका नाम मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में होना चाहिए था लेकिन नहीं है. हमने ऐसे बच्चों की सूची बनाई है और उन्हें इसका लाभ दिलवाएंगे.''   आयोग के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत भी की आयोग के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत भी की। यहां पर आयोग को कई अनियमितताएं देखने को मिली। पढ़ाई के नाम पर यहां पढ़ने वाले बच्चों को प्रताड़ित करने की भी बात सामने आई है। मप्र बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि परसोरिया में संचालित मौलाना आजाद स्कूल के नाम पर अवैध मदरसा चलाया जा रहा है। अन्य स्थानों की शासकीय शाला के बच्चे मिले उन्होंने बताया कि जब टीम ने बच्चों से बात की तो कुछ ने रोते हुए बताया कि उन्हें सुबह 4.30 बजे जबरन उठाकर मदरसे में पढ़ाया जाता है। वहीं मदरसा संचालित करने की स्कूल के पास मान्यता ही नहीं है। इस स्कूल में स्थानीय बच्चों की जगह दूसरी अन्य स्थानों की शासकीय शाला के बच्चे मिले। स्कूल में मस्जिद के साथ इबादत व वजूस्थल भी मिला। सभी बच्चे यहां मुस्लिम वेशभूषा वाले गणवेश में थे। आठ बच्चों के माता-पिता नहीं, यह बाल आशीर्वाद योजना से वंचित आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि आठ बच्चे ऐसे मिले, जिनके माता-पिता नहीं है। इन बच्चों को प्रदेश सरकार की बाल आशीर्वाद योजना का लाभ मिलना चाहिए लेकिन यह योजना से वंचित हैं। चार बच्चे ऐसे भी हैं, जिनके माता या पिता नहीं है। सभी बच्चों की जानकारी एकत्रित की गई है। आवासीय स्कूल की मान्यता नहीं परसोरिया के मौलाना आजाद स्कूल को केवल आठवीं तक की मान्यता है, लेकिन यहां आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई जो अवैध है। छात्रावास में नवमीं व दसवीं तक के छात्र मिले। आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि मदरसे की छुट्टी शुक्रवार को होती है। बच्चों ने बताया कि पहले आजाद स्कूल की भी छुट्टी शुक्रवार को होती थी, लेकिन एक महीने पहले ही स्कूल की छुट्टी रविवार को शुरू की गई। आयोग सदस्य सिंह ने बताया कि इस सभी अनियमितताओं का जांच प्रतिवेदन बनाकर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।   recent visitors 124

बॉयफ्रेंड के चक्कर में विवाद, छत्तीसगढ़-सरगुजा में लड़कियों ने एक-दूसरे के पकड़े बाल

अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल क्षेत्र में आए दिन लड़के-लड़कियों के बीच विवाद होने की बात अब आम सी हो गई। आए दिन लड़कियों के बीच मारपीट की घटनाएं घटित होती रहती है। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। इसी कड़ी में आज शुक्रवार की दोपहर अम्बिकापुर शहर के पीजी कॉलेज मैदान में चार लड़कियां बॉयफ्रेंड की बात को लेकर आपस में भिंड गई। इसमें दो युवतियां एक युवती के बाल पकड़कर खिंचती रहीं। जबकि एक अन्य लड़की उनका बीच बचाव करते हुए नजर आई। वहां मौजूद लड़कों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर खूब सुखियां बटोरी। दरअसल, बताया जा रहा है कि दो युवतियां एक ही लड़के को पसन्द करती है। इसको लेकर शुक्रवार की दोपहर अम्बिकापुर स्थित पीजी कॉलेज मैदान स्थित हैंडबॉल ग्राउंड के पास सड़क पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़कर मारपीट शुरु कर दी। इस बीच देखते ही देखते दो-दो लड़कियों का गुट बन गया और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच दो लड़कियां एक युवती के बाल पकड़कर खींचने लगीं। लड़कों ने मारपीट का वीडियो बनाया लड़कियों के बीच  मारपीट का वीडियो  वहां मौजूद लड़कों ने अपने-अपने मोबाइल में बना लिया। एक-दो लड़के छुड़ाने जाने लगे तो वहां मौजूद अन्य लड़कों ने मना कर दिया। वहीं लड़के बीच-बीच में कमेंट्स भी करते नजर आए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लड़कियां कहां की हैं, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। recent visitors 91

जन्मदिन पर सीएम हेमंत सोरेन का फोटो के साथ भावुक पोस्ट, ‘…वह है यह कैदी का निशान’

CM Hemant Soren's emotional post with photo on his birthday, '…that is the prisoner's mark'

CM Hemant Soren’s emotional post with photo on his birthday, ‘…that is the prisoner’s mark’

जंगल में नरकंकाल मिलने से फैली सनसनी, मृतक की शिनाख्त ग्राम खेजड़ा निवासी 45 वर्षीय सूरज रैकवार के रूप में हुई

भोपाल  छोला मंदिर थाना इलाके में  सुबह मोहाली के जंगली क्षेत्र में एक नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। कंकाल पर मिले कपड़ों के आधार पर मृतक की शिनाख्त ग्राम खेजड़ा निवासी 45 वर्षीय सूरज रैकवार के रूप में हुई। वह 28 जुलाई से लापता था। पुलिस ने मर्ग कायमी के बाद मामले को विवेचना में ले लिया है। कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। इस मामले में सूरज की हत्या किए जाने की भी आशंका है। यह है घटनाक्रम छोला मंदिर थाना प्रभारी सुरेशचंद्र नागर ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे गोवर्धन लोधी नाम के व्यक्ति ने मोहाली के जंगल में नरकंकाल पड़ा रहने की सूचना दी थी। घटना की सूचना मिलने पर डीसीपी सहित जोन-चार के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कंकाल पर मिले कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान ग्राम खेजड़ा निवासी 45 वर्षीय सूरज रैकवार के रूप में हुई। वह 28 जुलाई को अचानक लापता हो गया था। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की थी। कंकाल को जांच के लिए भेजा पुलिस ने घटना स्थल की एफएसएल टीम से जांच कराने के साथ कंकाल को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही सूरज की मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। अभी मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। recent visitors 190

टैंक में डूबने से तीन सगी बहनों की मौत, रीवा में नागपंचमी पर कपड़े की गुड़िया बहाने गई थीं

 रीवा रीवा से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। खेल-खेल में यहां तीन बच्चियों की पानी में डूबने से मौत हो गई। तीनों ​बच्चियां सगी बहनें थीं। दिल दहला देने वाले इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने बच्चियों के शव बरामद कर उनका पोस्टमार्टम कराया। मामले की विस्तृत जांच भी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक ही परिवार की तीन बच्चियों की सेप्टिक टैंक के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से मौत हुई है। यह दुर्घटना शुक्रवार, 9 अगस्त की देर शाम रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम तमरी में हुई। इस तरह हुआ हादसा गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने बताया कि तमरी गांव के राजकुमार रजक की तीन बच्चियां सुहानी (9 साल), तान्वी (7 साल) और जाह्नवी (6 साल) नाग पंचमी के मौके पर खेल रही थीं। तीनों ​ने मिलकर सुंदर गुड़िया बनाई। इसी को पानी में बहाने के लिए बच्चियां जा रही थी। जमीन पर पानी भरा होने की वजह से उन्हें यह पता ही नहीं चला कि नीचे सेप्टिक टैंक का गड्ढा है। तीनों का पैर फिसला और टैंक में समा गईं। खोजबीन की तो पता चला परिवार वालों को जब कुछ देर तक बच्चियों का पता नहीं चला तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। इस बीच बच्चियां टैंक में नजर आईं। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने तीनों बहनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की दूसरे पहलुओं से भी जांच कर रही है। बिना बताए चली गई थीं तीनों बहनें जानकारी के मुताबिक, राजकुमार की 6 बेटियां हैं। सोनाली चौथी कक्षा में पढ़ती थी। जबकि तन्वी और जाह्नवी दूसरी और तीसरी कक्षा में पढ़ती थी। हम हर साल नागपंचमी पर सभी बहनें गुड़िया पानी में बहाने दादी के साथ जाती हैं। इस बार तीन बहनें घर में किसी को बिना बताए चली गईं। तीनों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। ऐसे चला पता गांव के महेश कुमार बुनकर ने बताया कि जब घरवालों ने बच्चियों को आसपास नहीं देखा, तो सभी मिलर उनकी तलाश में जुट गए। टैंक के पास पहुंचने पर उन्हें किनारे पर पुतलियां, चुनरी और पूजा का सामान नजर। महेश ने तुरंत पानी में छलांग लगाई। गहराई में जाने पर एक बच्ची के बाल उसके हाथ में आए, जिसे पकड़कर बाहर निकाला। दूसरी बार पानी में जाने पर उसे एक और बच्ची का फ्रॉक मिला, उसे भी  खींचकर बाहर निकाला। थोड़ी देर बाद तीसरी बच्ची भी मिल गई। हालांकि, तब तक तीनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। recent visitors 73

अदाणी के बाद अब कौन, किस पर गिरने वाली है बिजली? हिंडनबर्ग का दावा- भारत को लेकर जल्द बड़ा खुलासा करेंगे

नई दिल्ली हिंडनबर्ग रिसर्च याद है? अमेरिका की इस शॉर्ट सेलिंग कंपनी ने पिछले साल गौतम अडानी पर ऐसा बम फोड़ा था कि अडानी ग्रुप आज तक उससे उबर नहीं पाया है। हिंडनबर्ग रिसर्च भारत में एक और बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। कंपनी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में जल्दी ही कुछ बड़ा होने वाला है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले साल 24 जनवरी को अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की शेयर बिक्री से ठीक पहले एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमत में हेरफेर समेत कई तरह के आरोप लगाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इस रिपोर्ट के कारण ग्रुप के मार्केट कैप में $150 अरब तक गिर गया था। इससे गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी भारी गिरावट आई थी और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में काफी नीचे खिसक गए थे। हालांकि हाल के महीनों में अडानी ग्रुप के शेयरों ने काफी हद तक अपने नुकसान की भरपाई कर ली है। Hindenburg Research ने अब तक कई कंपनियों में घालमेल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस कंपनी की स्थापना 2017 में नाथन एंडरसन ने की थी। दरअसल यह एक फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स को एनालाइज करती है। इस कंपनी का नाम छह मई, 1937 में हुए हाई प्रोफाइल हिंडनबर्ग एयरशिप हादसे के नाम पर रखा गया है। यह दुर्घटना अमेरिका में न्यू जर्सी के मैनचेस्टर टाउनशिप में हुई थी। हिंडनबर्ग रिसर्च किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाती है और फिर उसके बारे में रिपोर्ट पब्लिश करती है। कंपनी का दावा है कि उसकी नजर मैन-मेड डिजास्टर्स पर रहती है। इनमें अकाउंटिंग में गड़बड़ी, मिसमैनेजमेंट और छिपाकर किए गए लेनदेन शामिल हैं। कंपनी फिर प्रॉफिट कमाने के लिए टारगेट कंपनी के खिलाफ बेट लगाती है। कई कंपनियों का भंडाफोड़ एंडरसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनस में डिग्री लेने के बाद एक डेटा कंपनी FactSet Research Systems Inc में काम किया। वहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़ा हुआ था। साल 2020 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मुझे महसूस हुआ कि कामचलाऊ एनालिसिस हो रहा है।' एंडरसन इजरायल में एंबुलेंस ड्राइवर का काम भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्हें भारी दबाव में काम करने में मजा आता है। वह हैरी मार्कपोलोस को अपना रोल मॉडल मानते हैं। मार्कपोलोस एक एनालिस्ट हैं जिन्होंने बर्नी मेडॉफ की फ्रॉड स्कीम का पर्दाफाश किया था। हिंडनबर्ग का दावा है कि 2017 से अब तक कम से कम 36 कंपनियों में गड़बड़ी का भंडाफोड़ कर चुकी है। अडानी पर बेट से कितने कमाए हिंडनबर्ग रिसर्च का कहना है कि अडानी सिक्योरिटीज की शॉर्टिंग से उसे अपने क्लाइंट के जरिए 4.1 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू मिला। लेकिन यह रकम रिसर्च में लगी उसकी राशि के बराबर भी नहीं है। कंपनी ने कहा कि हमने इनवेस्टर रिलेशनशिप के जरिए अडानी शॉर्ट्स से 4.1 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू अर्जित किया साथ ही कंपनी ने अडानी के अमेरिकी बांड को शॉर्ट करके भी 31,000 डॉलर कमाए। कंपनी का कहना है कि यह बहुत छोटी पोजीशन थी। लीगल और रिसर्च खर्चों को छोड़कर हम अडानी शॉर्ट पर भी ब्रेक-ईवन से आगे निकल सकते हैं। हिंडनबर्ग ने इस मामले में कोटक बैंक को भी लपेटा था। उसने कहा था कि बैंक ने एक विदेश फंड स्ट्रक्चर बनाया जिसे उसके इनवेस्टर पार्टनर ने अडानी ग्रुप के खिलाफ बेट के लिए इस्तेमाल किया। सेबी ने हिंडनबर्ग को जारी किया था नोटिस इस साल जून में हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक बार फिर चर्चा में आया था, जब उसने खुलासा किया कि पूंजी बाजार नियामक सेबी ने उनके खिलाफ भारतीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक नोटिस जारी किया था. यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, क्योंकि हिंडनबर्ग रिसर्च ने पहली बार अपनी रिपोर्ट में कोटक बैंक की स्पष्ट रूप से पहचान की. नतीजतन, इस खुलासे के कारण कोटक बैंक के शेयर मूल्य में उल्लेखनीय गिरावट आई, जो शुरुआती कारोबारी सत्र में जून के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. हिंडेनबर्ग ने कहा कि भारतीय बाजार नियामक की ओर से 27 जून, 2024 को जारी किया गया नोटिस 'बकवास' है. इसे एक पूर्व-निर्धारित उद्देश्य को पूरा करने के लिए तैयार किया गया था. उसने कहा कि भारत में सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने और डराने का प्रयास है. सेबी के नोटिस में हुआ था बड़ा खुलासा सेबी के नोटिस में खुलासा हुआ कि किंगडन कैपिटल ने कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (केएमआईएल) में महत्वपूर्ण निवेश किया है. यह पता चला कि किंगडन कैपिटल ने हाल ही में आई एक रिपोर्ट से बाजार में आई अस्थिरता का फायदा उठाया. फर्म ने रिपोर्ट सामने आने से पहले अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) में शॉर्ट पोजीशन स्थापित करने के लिए $43 मिलियन आवंटित करके एक रणनीतिक कदम उठाया. इसके बाद, किंगडन कैपिटल ने इन पोजीशन को सफलतापूर्वक बंद कर दिया, जिससे $22.25 मिलियन का लाभ हुआ.   recent visitors 83

पंजाब में मजबूत होगा रोड नेटवर्क अगर कानून व्यवस्था सुधरी तो, नहीं प्रोजेक्ट होंगे रद्द – गडकरी

चंडीगढ़  केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक चेतावनी भरा पत्र लिखा है। गडकरी ने कहा है कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरती है तो NHAI आठ और हाईवे प्रोजेक्ट रद्द कर देगा। इन प्रोजेक्ट की कुल लागत 14,288 करोड़ रुपये है। गडकरी ने यह पत्र दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे पर हो रही हिंसक घटनाओं के बाद लिखा है। गडकरी ने अपने पत्र में कहा है कि NHAI पंजाब में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे सहित कई ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड एनएच कॉरिडोर विकसित कर रहा है। उन्होंने NHAI अधिकारियों, ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया है। गडकरी ने मान को भेजे अपने पत्र के साथ हमलों की तस्वीरें भी संलग्न की हैं। प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा गडकरी ने मान से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि मैं अनुरोध करता हूं कि राज्य सरकार तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, FIR दर्ज करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। NHAI अधिकारियों और रियायतग्राहियों के कर्मचारियों का विश्वास बहाल हो सके। गडकरी ने 15 जुलाई को हुई एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि भूमि अधिग्रहण और कानून व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। 'हाईवे प्रोजेक्ट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं'गडकरी ने कहा कि हालांकि, मेरे संज्ञान में लाया गया है कि इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है और स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने के कारण, कई ठेकेदार रियायतग्राहियों ने अनुबंधों को बंद करने का अनुरोध किया है और NHAI के खिलाफ दावे उठाए हैं। गडकरी ने कहा कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरती है तो NHAI के पास आठ और हाईवे प्रोजेक्ट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ये सभी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर हैं और अगर एक पैकेज भी रद्द होता है तो पूरा कॉरिडोर बेकार हो जाएगा। NHAI ने पहले ही 104 किलोमीटर लंबी और 3,263 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राजमार्ग परियोजनाओं को भूमि की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए समाप्त कर दिया है। recent visitors 105